डेंगू के कारण, लक्षण और घरेलू उपाय – Home Remedies For Dengue in Hindi

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छोटी चीजों को कम नहीं आंकना चाहिए। इसका सबसे बड़ा उदाहरण मच्छर है। जी हां, एक छोटा-सा मच्छर कई बीमारियों का कारण बन सकता है और डेंगू फीवर उन्हीं में से एक है। आए दिन न्यूज में डेंगू बुखार से लोगों की मरने की खबरें आती रहती है। ऐसे में जरूरी है कि वक्त रहते डेंगू से बचाव के लिए सावधानी बरती जाए। लक्षण दिखने पर डेंगू बुखार के घरेलू उपचार मददगार साबित हो सकते हैं। इन उपचार के बारे में स्टाइलक्रेज के इस लेख के जरिए आप जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यहां डेंगू के लक्षण और उपाय के साथ ही डेंगू से बचाव के बारे में बताया गया है।

आगे विस्तार से पढ़ें

लेख के पहले भाग में जानिए कि डेंगू फीवर क्या होता है।

डेंगू क्या है? – What is Dengue Fever in Hindi

डेंगू बुखार एक तरह का वायरल संक्रमण है, जो एडीज मच्छर के काटने से होता है (1)। यह संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता यानी यह संक्रामक रोग नहीं है। यह सिर्फ मच्छर के काटने से ही होता है। गर्म और ज्यादा पानी वाले इलाकों में डेंगू होना आम है और यह खासतौर से बारिश के मौसम में फैलता है (2)। डेंगू से लगभग 100 से ज्यादा देश प्रभावित हैं और दुनिया की लगभग 40 प्रतिशत जनता डेंगू के खतरे वाले क्षेत्र में रहती है (1)

नीचे है और जानकारी

अब जानिए डेंगू किन कारणों से हो सकता है।

डेंगू के कारण – Causes of Dengue Hindi

डेंगू बुखार मुख्य रूप से एडीज परिवार के मच्छरों की वजह से फैलता है, जिसमें एडीज एजिप्टी (Aedes Aegypti) मच्छर सबसे आम है। जब यह मच्छर वायरस से संक्रमित व्यक्ति को काटने के बाद किसी अन्य व्यक्ति को काटता है, तो उस अन्य व्यक्ति को डेंगू हो जाता है। डेंगू के वायरस चार प्रकार के होते हैं (3) :

  • डेन (डेंगू वायरस – DEN) – 1
  • डेन – 2
  • डेन  – 3
  • डेन – 4

डेंगू इन चार वायरस के कारण होता है, इसलिए हर व्यक्ति अपने जीवन काल में डेंगू से चार बार प्रभावित हो सकता है (1)। अगर कोई इनमें से एक भी प्रकार के वायरस से संक्रमित होता है, तो उस प्रकार के डेंगू वायरस से वह दोबारा इंफेक्ट नहीं होता है। मतलब व्यक्ति उस वायरस संक्रमण से इम्यून हो जाता है (3)

आगे जानिए इसके लक्षण

डेंगू बुखार के घरेलू उपचार से पहले हम डेंगू बुखार के लक्षण से संबंधित कुछ जानकारियां दे रहे हैं।

डेंगू के लक्षण – Symptoms of Dengue in Hindi

डेंगू का इलाज करने के लिए सिम्पटम्स ऑफ डेंगू मतलब डेंगू के लक्षण जानने जरूरी है। वैसे कई बार सामान्य बुखार और डेंगू बुखार के लक्षण में अंतर करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, क्योंकि डेंगू के लक्षण लगभग सामान्य बुखार जैसे ही होते हैं। फिर भी नीचे हम आपको बता रहे हैं कि डेंगू फीवर के लक्षण क्या हैं (4) :

  • अचानक तेज बुखार का आना। बुखार 105 ° F जितना अधिक हो सकता है।
  • शरीर पर रेशेज होना, जो खसरे के लाल निशान जैसे दिखते हों।
  • थकान।
  • सिरदर्द (खासकर आंखों के पीछे)।
  • जोड़ों में तेज दर्द।
  • मांसपेशियों में तेज दर्द।
  • उल्टी और मतली।
  • लसिका ग्रंथियां (लिम्फ नोड्स) में सूजन
  • खांसी।
  • गले में खराश।
  • नाक में भारीपन का एहसास।

आगे है जरूरी जानकारी

सिम्पटम्स ऑफ डेंगू के बाद अब वह जानकारी देंगे जिसपर यह लेख आधारित है यानी डेंगू के घरेलू उपचार।

डेंगू के घरेलू उपचार – Home Remedies for Dengue in Hindi

नीचे हम डेंगू बुखार के उपचार बता रहे हैं। इनकी मदद से डेंगू के लक्षण को कुछ कम किया जा सकता है। ये घरेलू उपाय डेंगू का इलाज तो नहीं हैं, लेकिन डेंगू की स्थिति को सुधारने में मदद कर सकते हैं। ध्यान दें कि डेंगू के लिए सिर्फ घरेलू उपचार पर ही आश्रित रहने के बजाए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। डॉक्टर की सलाह पर दवाइयों के साथ इन घरेलू उपचार की मदद ली जा सकती है। चलिए, आगे पढ़ते हैं, डेंगू के घरेलू उपचार।

1. मेथी के पत्ते

सामग्री : 

  • एक चम्मच मेथी के सूखे पत्ते
  • एक गिलास पानी

विधि : 

  • मेथी के पत्तों को थोड़ा सा भून लें।
  • अच्छी तरह भूनने के बाद इसका पाउडर बना लें।
  • अब इस पाउडर को पानी में डालकर उबालें।
  • उबालने के बाद मेथी का पानी छान लें और चाय की तरह इसका सेवन करें।

कैसे फायदेमंद है :   

बुखार डेंगू के लक्षण में सबसे आम है। इस लक्षण से आराम पाने के लिए मेथी के पत्ते से बनी चाय का सेवन फायदेमंद बताया गया है। इसकी चाय में शरीर को रिलैक्स करने और अशुद्धियों को बाहर निकालने का प्रभाव होता है। इनकी मदद से डेंगू बुखार कुछ कम हो सकता है (5)। भारत सरकार के हेल्थ पोर्टल ने भी डेंगू बुखार के उपचार के लिए मेथी के पत्तों से बनी चाय को कारगर बताया है (6)

2. पपीते के पत्ते

सामग्री : 

  • एक मुट्ठी पपीते के पत्ते
  • आधा कप पानी
  • आधा चम्मच शहद

विधि : 

  • एक मुट्ठी पपीते के पत्तों को पीस लें।
  • फिर पपीते के पत्तों का अर्क निकाल लें।
  • इस अर्क का सीधे सेवन किया जा सकता है।
  • इसका स्वाद पसंद न हो, तो थोड़ा पानी और शहद मिलाकर पी सकते हैं।

कैसे फायदेमंद है :

डेंगू फीवर का घरेलू इलाज करने के लिए पपीते की पत्तियों का उपयोग पुराने समय से किया जाता रहा है। पपीते की पत्तियों के अर्क में एंटीबायोटिक गुण होता है, जो डेंगू फीवर का कारण बनने वाले बैक्टीरिया को खत्म करके डेंगू बुखार के उपचार में मदद कर सकता है। साथ ही यह अर्क प्लेटलेट्स, सफेद रक्त कोशिकाओं और न्यूट्रोफिल की संख्या बढ़ाकर भी डेंगू की स्थिति को नियंत्रित कर सकता है (7)

3. गिलोय के पत्ते

सामग्री : 

  • 50 से 100 मिलीग्राम गिलोय अर्क
  • एक कप पानी

विधि : 

  • एक कप गर्म पानी में गिलोय का अर्क डालें।
  • अब इसे अच्छी तरह मिलाकर मिश्रण का सेवन करें।
  • डॉक्टर की सलाह पर गिलोय की टैबलेट या कैप्सूल का सेवन भी किया जा सकता है।

कैसे फायदेमंद है :  

डेंगू के घरेलू उपचार के लिए गिलोय के पत्तों का उपयोग कई तरीकों से फायदेमंद हो सकता है। डेंगू के दौरान प्लेटलेट्स और सफेद रक्त कोशिकाओं की संख्या कम हो जाती है, जिस कारण इम्यून सिस्टम कमजोर होने लगता है। ऐसे में, गिलोय के पत्ते का सेवन रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकता है (7)

कुछ मामलों में डेंगू के कारण लिवर पर भी प्रभाव पड़ता है। शरीर में सफेद रक्त कोशिकाओं को बढ़ाकर यह लिवर को स्वस्थ रखने में भी मदद कर सकता है। इसके साथ गिलोय के पत्तों में एंटी-पायरेटिक गुण भी होता है, जो बुखार को कम करने में मदद कर सकता है (7)

4. तुलसी की पत्तियां

सामग्री : 

  • एक मुट्ठी तुलसी के पत्ते

विधि : 

  • तुलसी के पत्तों को पीसकर उनका जूस निकाल लें।
  • अब इस जूस का सेवन कर लें।
  • रोजाना सुबह के समय तुलसी के पत्तों का जूस का सेवन कर सकते हैं।

कैसे फायदेमंद है :  

तुलसी न सिर्फ पूजा के लिए बल्कि अपने औषधीय गुणों के लिए भी जानी जाती है। इसकी पत्तियों में कुछ अद्भुत औषधीय गुण होते हैं, जिनका उपयोग विभिन्न संक्रमणों के उपचार में किया जा जाता है। इससे संबंधित एक शोध में बताया गया है कि डेंगू का इलाज करने के लिए भी तुलसी का उपयोग फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, तुलसी की पत्तियों में एंटी-डेंगू गुण पाए जाते हैं, जो डेंगू का घरेलू उपचार करने में मदद कर सकता है (7)

5. बकरी का दूध

सामग्री : 

  • एक कप बकरी का दूध

विधि : 

  • एक कप बकरी का दूध गर्म करें।
  • थोड़ी देर दूध को ठंडा होने के लिए रख दें।
  • पीने योग्य होने पर दूध का सेवन करें।

कैसे फायदेमंद है : 

डेंगू बुखार के दौरान शरीर में सेलेनियम और प्लेटलेट की कमी होने लगती है। ऐसे में बकरी का दूध एक प्रभावी घरेलू इलाज हो सकता है। यह डेंगू बुखार को ठीक करने के साथ-साथ शरीर में सेलेनियम की पूर्ति और प्लेटलेट काउंट को बढ़ाने का काम कर सकता है (8)

6. नीम के पत्ते

सामग्री : 

  • 15 से 20 नीम के पत्ते
  • एक कप पानी
  • एक चम्मच शहद

विधि : 

  • एक कप पानी में नीम के पत्ते डालकर उबाल लें।
  • अब नीम के पानी को छान लें और ठंडा होने के लिए छोड़ दें।
  • जब नीम का पानी गुनगुना हो जाए, तो उसमें शहद मिलाकर पी लें।

कैसे फायदेमंद है :

नीम का उपयोग कई सालों से प्राकृतिक औषधि के रूप में किया जाता रहा है। यह अपने एंटीवायरल गुणों के लिए जाना जाता है। नीम के क्रूड एक्वियस अर्क यानी पानी से बने नीम के पत्ते का अर्क डेंगू बुखार को कम करने में सहायक हो सकता है (9)। साथ ही नीम सिम्पटम्स ऑफ डेंगू को कम करके रोगी को जल्दी ठीक करने में भी मदद कर सकता है (10)

7. बार्ले ग्रास (जौ का घास)

सामग्री : 

  • एक चम्मच बार्ले ग्रास पाउडर  या ताजा बार्ले ग्रास
  • एक से दो कप गर्म पानी
  • शहद (वैकल्पिक)

विधि : 

  • एक चम्मच बार्ले ग्रास पाउडर में एक गिलास गर्म पानी डालें।
  • पीने योग्य होने पर आवश्यकतानुसार थोड़ा शहद मिलाएं।
  • प्रतिदिन बार्ली ग्रास के घोल का सेवन करें।
  • इसके अलावा, ताजा बार्ले ग्रास का जूस बनाकर भी पी सकते हैं।

कैसे फायदेमंद है :  

डेंगू फीवर के लक्षण में प्लेटलेट्स कम होना सबसे आम है, जिसे ठीक करना जरूरी होता है। इसके लिए बार्ले ग्रास का उपयोग किया जा सकता है। इसमें प्लेटलेट्स बढ़ाने का गुण होता है। इस प्रभाव की मदद से  शरीर को डेंगू से लड़ने में भी मदद मिल सकती है (11)

8. गोल्डन सील

सामग्री : 

  • एक चम्मच गोल्डन सील की जड़
  • एक कप गर्म पानी
  • शहद आवश्यकतानुसार

विधि : 

  • एक कप गर्म पानी में एक चम्मच गोल्डन सील की जड़े मिलाएं।
  • अब जड़ों को 5 से 10 मिनट तक पानी में रहने दें।
  • फिर इसे किसी कप में छान लें और इसमें शहद मिलाकर चाय की तरह पीएं।
  • वैकल्पिक रूप से, आप डॉक्टरी परामर्श पर 350-500 मिलीग्राम गोल्डन सील सप्लिमेंट भी ले सकते हैं।

कैसे फायदेमंद है :  

डेंगू का घरेलू उपचार करने के लिए गोल्डन सील का उपयोग करना भी फायदेमंद हो सकता है। गोल्डन सील डेंगू फीवर के लक्षण जैसे जुखाम, बुखार, मतली, सिरदर्द और उल्टी को कम करने में सहायक हो सकता है (12)। बताया जाता है कि यह इसमें डेंगू वायरस को शरीर से बाहर निकालने का प्रभाव होता है, जिस वजह से यह डेंगू का उपचार कर सकता है (13)

9. अमरूद के पत्ते

सामग्री : 

  • मुट्ठी भर अमरूद के पत्ते
  • एक गिलास पानी

विधि : 

  • पानी में अमरूद के पत्तों को उबाल लें।
  • अब इस पानी को छानकर पिएं।

कैसे फायदेमंद है :  

डेंगू बुखार के दौरान ब्लड प्लेटलेट में तेजी से गिरावट आती है। ऐसे में अगर अमरूद के पत्तों का सेवन किया जाए, तो ब्लड प्लेटलेट बढ़ सकती हैं। प्लेटलेट्स बढ़ने से डेंगू के दौरान होने वाले रक्तस्त्राव से भी बचाव किया जा सकता है। दरअसल, इसमें एंटी-डेंगू प्रभाव होता है, जो डेंगू वायरस को बढ़ने से रोक सकता है (7)

10. गुड़ और प्याज

सामग्री : 

  • गुड़ का एक छोटा टुकड़ा
  • दो से तीन छोटे प्याज

विधि : 

  • गुड़ का एक छोटा टुकड़ा लें और इसे प्याज के साथ कुचल दें।
  • फिर प्याज-गुड़ के इस मिश्रण का सेवन करें।

कैसे फायदेमंद है : 

डेंगू बुखार के दौरान ब्लड प्लेटलेट काउंट्स का कम होना चिंता का विषय है। ऐसे में गुड़ और प्याज का उपयोग कारगर साबित हो सकता है। वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, प्याज और गुड़ का उपयोग ब्लड प्लेटलेट को बढ़ाने के साथ-साथ इम्यूनिटी को बढ़ा सकता है। प्रतिरक्षा को मजबूत करके यह इंफेक्शन से लड़ने में मदद करता है। गुड़ और प्याज संक्रमण से लड़कर शरीर को डेंगू बुखार से भी छुटाकारा दिला सकते हैं (14)

11. अनार का रस

सामग्री : 

  • एक या दो अनार
  • छलनी

विधि : 

  • अनार से दानों को अलग कर लें।
  • फिर अनार के दानों को छलनी में रखकर चम्मच की मदद से रस निकालें।
  • अब इस रस का सेवन करें।
  • चाहें तो रस में थोड़ा पानी मिलाकर भी पी सकते हैं।

कैसे फायदेमंद है : 

अनार पोषक तत्वों से भरपूर होता है। यह डेंगू में होने वाली कमजोरी को दूर करने के साथ ही ब्लड प्लेटलेट काउंट को बढ़ाने में मदद कर सकता है। भारत सरकार की हेल्थ पोर्टल के मुताबिक भी अनार का रस डेंगू बुखार से लड़ने में सहायक हो सकता है (6)

12. हल्दी

सामग्री : 

  • एक चम्मच हल्दी पाउडर
  • एक गिलास गर्म दूध
  • शहद (वैकल्पिक)

विधि : 

  • एक गिलास गर्म दूध में एक चम्मच हल्दी अच्छी तरह मिलाएं।
  • अब इसमें थोड़ा शहद डालें और दूध को गुनगुना पी लें।

कैसे फायदेमंद है :  

सदियों से हल्दी का उपयोग कई शारीरिक समस्याओं से आराम पाने के लिए किया जाता रहा है। डेंगू बुखार के घरेलू उपचार में हल्दी मदद कर सकती है। एनसीबीआई द्वारा प्रकाशित एक शोध में बताया गया है कि हल्दी में मौजूद करक्यूमिन कंपाउंड डेंगू वायरस के संक्रमण के बढ़ने की प्रक्रिया को रोक सकता है (15)। साथ ही हल्दी में एंटी-वायरल प्रभाव भी होता है, जो डेंगू वायरस (DEN) – 2 के कारण होने वाले बुखार से बचा सकता है (16)

पढ़ते रहें लेख

डेंगू के लक्षण और घरेलू उपचार के बाद जानिए इसके लिए डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए।

डेंगू के लिए डॉक्टर की सलाह कब लेनी चाहिए?

डेंगू के लक्षण दिखते ही सतर्कता दिखाते हुए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके अलावा, अगर  डेंगू से प्रभावित किसी क्षेत्र में सफर किया है, तो भी तुरंत चिकित्सक से परामर्श जरूर लें (4)

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लेख के अगले भाग में जानिए कि डेंगू ट्रीटमेंट किस तरह किया जा सकता है।

डेंगू का इलाज – Treatment For Dengue in Hindi

ट्रीटमेंट ऑफ डेंगू की बात करें, तो इसका कोई अलग या खास उपचार नहीं है। सबसे पहले डॉक्टर डेंगू की वजह से होने वाले निर्जलीकरण का उपचार करने के लिए तरल पदार्थ का सेवन करने को कहते हैं। तेज बुखार होने पर डॉक्टर एसिटामिनोफेन (टाइलेनॉल) दवा लेने को कह सकते हैं (4)। इस दौरान बुखार के लिए पेरासिटामोल के साथ फ्लूइड रिप्लेसमेंट थेरेपी भी दी जा सकती है। वहीं, डॉक्टर अन्य नॉनस्टेरॉइडल एंटीइंफ्लेमेटरी दवाओं का उपयोग न करने की भी सलाह देते हैं (17)

अंत तक पढ़ें लेख

ट्रीटमेंट ऑफ डेंगू के बाद जानिए कि डेंगू होने के बाद डाइट में क्या शामिल करना चाहिए।

डेंगू में आहार – Diet for Dengue in Hindi

डेंगू से ग्रस्त होने पर यह बात मन में अक्सर घूमती है कि क्या खाया जाए और क्या नहीं। इसी वजह से हम डेंगू में लेने वाले आहार के चार्ट का नमूना दे रहे हैं। इस डाइट चार्ट सैंपल को अपने चिकित्सक और न्यूट्रीशनिस्ट से परामर्श लेकर फॉलो किया जा सकता है। हां, अगर इसमें कोई ऐसा खाद्य पदार्थ है, जिससे एलर्जी होती है तो उसके जगह किसी विकल्प का इस्तेमाल करें (18) :

समयआहार
सुबह उठकरदूध वाली चाय या लेमन-टी या दूध + चार शुगर फ्री बिस्कुट
नाश्तापोहा, उपमा, इडली, उबला अंडा बिना जर्दी वाला या ग्रिल्ड पनीर सैंडविच+ फल (सेब, केला, नारंगी, अनार, पपीता या कीवी) + दूध
लगभग 11 बजेनारियल पानी या जूस ((सेब, नारंगी, अनार, मिक्स) या फिर सूप (पालक चुकंदर टमाटर, टमाटर)। चाहें तो नींबू पानी पी सकते हैं।
लंचखिचड़ी (चावल और दाल को अच्छी तरह से पकाकर) + हरी पत्तेदार सब्जियां या पनीर की सब्जी + दही
शाम की चायचाय/लेमन टी/दूध + चार शुगर फ्री बिस्कुट
शाम का सूपनारियल पानी/ जूस (सेब, नारंगी, अनार या मिक्स) या सूप (पालक चुकंदर टमाटर)। इन सबमें से किसी को पीने का मन न हो, तो नींबू पानी पी लें।
डिनरखिचड़ी (चावल और दाल को अच्छी तरह से पकाकर) + हरी पत्तेदार सब्जियां / पनीर की सब्जी + दही
रात को सोने से पहलेएक गिलास दूध

लेख में बने रहिए

आगे जानिए डेंगू से बचाव से जुड़ी जानकारी।

डेंगू से बचाव – Prevention Tips for Dengue in Hindi

डेंगू के लक्षण और उपाय जानने के साथ इससे बचने के उपाय के बारे में जानना भी जरूरी है। इस बारे में नीचे विस्तार से बताया गया है (4) :

  • डेंगू से बचाव के लिए अपने घर और घर के आस-पास सफाई रखें।
  • मच्छर भगाने वाले लिक्विड स्प्रे का उपयोग करें।
  • घर से बाहर निकलने पर मच्छर भगाने वाली क्रीम लगाकर निकले।
  • पूरी आस्तीन वाले कपड़े पहनें।
  • कूलर, फूलदान या किसी अन्य जगह जहां पानी इकट्ठा होता हो, वहां रोजाना पानी बदलें। ऐसा करने से डेंगू के मच्छर नहीं पनपेंगे।
  • खिड़की-दरवाजे बंद रखें और हो तो खिड़कियों पर जाली लगवा लें, ताकि मच्छर अंदर न आएं।

डेंगू बुखार कभी भी और किसी को भी हो सकता है। ऐसे में ऊपर बताए गए डेंगू के घरेलू उपचार फायदेमंद हो सकते हैं। अगर ऊपर दिए गए डेंगू बुखार के घरेलू उपचार से राहत न मिले, तो समझ जाएं कि डॉक्टर के पास जाने की जरूरत है। अगर वक्त रहते डेंगू का इलाज न किया जाए, तो यह और खतरनाक रूप ले सकता है। इसी कारण हम यही सलाह देते हैं कि इसके लक्षण दिखते ही तुरंत डेंगू ट्रीटमेंट करवाएं। डेंगू से संबंधित यह लेख अपने दोस्तों और प्रियजनों संग साझा करके, उन्हें भी डेंगू के घरेलू इलाज और अन्य जरूरी बातों से जागरूक करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

डेंगू वायरस शरीर में कब तक रहता है?

डेंगू का वायरस शरीर में 4-10 दिन तक खून के माध्यम से सर्कूलेट होता है। इसी दौरान डेंगू के लक्षण दिखते हैं। डेंगू के लक्षण दिखने के बाद यह वायरस शरीर में कम-से-कम 4 से 5 दिन और अधिकतर 12 दिनों तक रह सकते हैं (19)

कौन-सा मच्छर डेंगू बुखार का कारण बनता है?

डेंगू बुखार मुख्य रूप से एडीस परिवार से जुड़े मच्छरों की वजह से होता है, जिसमें एडीज एजिप्टी (Aedes Aegypti) मच्छर सबसे आम है (1)

डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया में क्या अंतर है?

डेंगू और चिकनगुनिया कीट जनित (Insect-borne) वायरल रोग हैं।  दूसरी ओर मलेरिया प्लास्मोडियम नामक एक पेरासाइट के कारण होता है (20)

डेंगू बुखार की पुष्टि करने के लिए क्या परीक्षण किए जाते हैं?

हां, डेंगू का परिक्षण करने के लिए चार टेस्ट करवाए जाते हैं (4) :

  • डेंगू वायरस का प्रकार जानने के लिए एंटीबॉडी टिटर
  • पूर्ण रक्त गणना (CBC)
  • डेंगू वायरस के प्रकार के लिए पॉलीमीरेज चेन रिएक्शन (पीसीआर) टेस्ट
  • लिवर फंक्शन परीक्षण

क्या घर में डेंगू ठीक हो सकता है?

हां, घरेलू उपचार की मदद से डेंगू के लक्षण कम किए जा सकते हैं, लेकिन स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टरी इलाज जरूरी है।

क्या डेंगू यौन संचारित हो सकता है?

हां, डेंगू यौन संचारित हो सकता है, लेकिन ऐसा बहुत दुर्लभ परिस्थितियों में होता है (21)।

21 संदर्भ sources:

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और पढ़े:

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Soumya Vyas

सौम्या व्यास ने माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में बीएससी किया है और इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ जर्नलिज्म एंड न्यू मीडिया, बेंगलुरु से टेलीविजन मीडिया में पीजी किया है। सौम्या एक प्रशिक्षित डांसर हैं। साथ ही इन्हें कविताएं लिखने का भी शौक है। इनके सबसे पसंदीदा कवि फैज़ अहमद फैज़, गुलज़ार और रूमी हैं। साथ ही ये हैरी पॉटर की भी बड़ी प्रशंसक हैं। अपने खाली समय में सौम्या पढ़ना और फिल्मे देखना पसंद करती हैं।

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