धनुरासन करने का तरीका और फायदे – Dhanurasana (Bow Pose) Steps And Benefits in Hindi

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योगासन सिर्फ शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर करने में मदद कर सकता है। यही कारण है कि स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम धनुरासन योग के बारे में बता रहे हैं। यहां हम धनुरासन के लाभ, इसे करने का तरीका और इससे संबंधित सावधानियां विस्तार से बताएंगे। साथ ही सभी के लिए यह जानना भी जरूरी है कि योगासन का स्वास्थ्य लाभ उठाने के लिए इसे किसी विशेषज्ञ की देखरेख में करना जरूरी होता है। इसके अलावा, योगासन का लाभ तभी मिलता है, जब इसे नियमित दिनचर्या में शामिल किया जाए और स्वस्थ खान-पान का पालन किया जाए। पूरी जानकारी के लिए लेख के अंत तक पढ़ें।

शुरू करते हैं लेख

चलिए, सबसे पहले हम बताते हैं कि धनुरासन क्या होता है।

धनुरासन क्या है – What is Dhanurasana in Hindi

इस योग के दौरान शरीर की मुद्रा धनुष की तरह बन जाती है, इसलिए इसे धनुरासन कहा जाता है। धनुरासन दो शब्दों से मिलकर बना है। धनु और आसन। धनु संस्कृत का शब्द है, जिसका अर्थ धनुष है। वहीं, आसन का अर्थ मुद्रा से है। धनुरासन को 12 हठयोग में से एक माना गया है। धनुरासन योग को पेट के बल लेटने के बाद कमर मोड़कर किया जाता है। यह आसन कई तरीके से शरीर के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है, जिसकी जानकारी हम आगे लेख में दे रहे हैं।

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नीचे हम धनुरासन करने के फायदे के बारे में विस्तार से बताएंगे।

धनुरासन करने के फायदे – Benefits of Dhanurasana in Hindi

धनुरासन करने का तरीका जानने के बाद यहां हम क्रमवार तरीके से धनुरासन करने के फायदे के बारे में बता रहे हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं :

1. पीठ को मजबूत करे

धनुरासन कमर व पीठ को मजबूत करने में लाभदायक हो सकता है। इस योग को करने से रीढ़ के लचीलेपन में बढ़ोतरी होने के साथ ही पीठ की मांसपेशियां मजबूत हो सकती हैं (1)। साथ ही वर्तमान में किए गए एक अध्ययन से यह भी स्पष्ट हुआ है कि महिलाओं को होने वाले पीठ दर्द से राहत दिलाने में भी धनुरासन मदद कर सकता है (2)

इस योगासन से पीठ दर्द की तीव्रता में कमी आ सकती है और कमर में लचीलापन यानी फ्लेक्सिबिलिटी भी आ सकती है (3)। ध्यान रखें कि योगासन को लगातार करते रहने से ही फायदा मिल सकता है।

2. पेट की मांसपेशियों को मजबूत करे

धनुरासन के लाभ में पेट की मांसपेशियों को मजबूत करना भी शामिल है। धनुरासन योग पूरी तरह से पीठ को मोड़ने वाला योग है। इसकी वजह से शरीर की सभी मांसपेशियों में खिंचाव बनता है, यानी वो स्ट्रेच होती हैं। इससे संबंधित एक शोध में साफ तौर से इस बात की जानकारी मिलती है कि धनुरासन योग पेट की मांसपेशियों को मजबूत कर सकता है। साथ ही यह भूख भी बढ़ा सकता है (4)

3. चिंता व अवसाद से बचाव

अवसाद और चिंता को दूर करने के लिए योग जैसे धनुरासन लाभदायक हो सकता है। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर ऑफ बायो टेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, अवसाद व चिंता के लक्षणों को कम करने में योग मदद कर सकता है। अध्ययन में इसे चिंता और अवसाद की स्थिति में सुधार करने के लिए प्रभावी तरीका माना गया है। वहीं, शोध में शामिल योगासनों में धनुरासन भी शामिल था।

इस अध्ययन के मुताबिक, कोर्टिसोल हार्मोन का बढ़ता स्तर अवसाद का कारण बन सकता है। वहीं, योग इस कोर्टिसोल हार्मोन के स्तर को कम कर सकता है, जिससे अवसाद के जोखिम से बचा सकता है (5)। हालांकि, इस हार्मोन को नियंत्रित करने में धनुरासन कितना लाभकारी होगा, इससे लेकर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

4. गुर्दे (किडनी) से संबंधित विकार

माना जाता है कि योगासन को नियमित रूप से करने से किडनी संबंधी विकार से भी बचा जा सकता है। एक अध्ययन के मुताबिक, छह महीने का योग कार्यक्रम, जिसमें धनुरासन योग भी शामिल था, उसे रक्तचाप को कम करने और गुर्दे के कार्य में सुधार करने में लाभदायक पाया गया। ऐसे में माना सकता है कि किडनी के लिए योग जैसे धनुरासन फायदेमंद हो सकता है (6)

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि किडनी से संबंधित कुछ गंभीर समस्याएं ऐसी हैं, जिनका इलाज डॉक्टर ही कर सकता है। दरअसल, धनुरासन के लाभ में बीमारी को दूर करना नहीं, बल्कि बीमारी से बचाव व इसके लक्षणों को कम करना शामिल है।

5. पैर और बांह की मांसपेशियों को टोन करने में सहायक

पैर और बांह की मांसपेशियों के टोन को सुधारने में भी धनुरासन योग के फायदे देखे जा सकते हैं। एक अध्ययन में इस बात का जिक्र मिलता है कि धनुरासन मांसपेशियों को टोन करने के साथ-साथ लिगामेंट्स (जोड़ों के चारों ओर मौजूद इलास्टिक टिश्यू) के इलास्टिसिटी (लोच) में सुधार कर सकता है (7)

बता दें कि मांसपेशियों को टोन करने का मतलब होता है, मांशपेशियों में मौजूद तनाव के स्तर को बनाए रखना।  दरअसल, शरीर की सभी मांशपेशियां तनाव के स्तर या खिंचाव से बचाव के स्तर को बनाए रखती हैं। यही तनाव शरीर की सीधी मुद्रा को नियंत्रित और बनाए रखने में मदद करता है। साथ ही मांसपेशियों की त्वरित प्रतिक्रिया और गतिशीलता को भी बनाए रखने में मदद करता है (8)

ऐसे में धनुरासन योग के फायदे देखे जा सकते हैं। इसके अलावा, धड़, एड़ी और कमर की मांसपेशियों में खिंचाव लाने के लिए धनुरासन करने के फायदे देखे जा सकते हैं (9)

6. प्रजनन अंगों को उत्तेजित करे

प्रजनन अंगों को उत्तेजित करने के लिए भी धनुरासन के लाभ देखे जा सकते है। इस पर हुए एक शोध के मुताबिक, धनुरासरन योग गर्भाशय को उत्तेजित कर सकता है। साथ ही यह रक्त प्रवाह को भी बढ़ा सकता है और मासिक धर्म के दौरान होने वाले पीठ दर्द से राहत दे सकता है (9)। वहीं, एक अन्य अध्ययन में इस बात का जिक्र मिलता है कि धनुरासन पेट के अंगों को भी उत्तेजित करता है (10) 

आगे और भी है कुछ

धनुरासन के लाभ के बाद नीचे धनुरासन करने का तरीका बताया गया है। 

धनुरासन योग मुद्रा करने का तरीका – Steps to do Dhanurasana (Bow Pose) in Hindi

अगर किसी भी योग को सही तरीके से न किया जाए, तो योग का लाभ नहीं मिलता है। ऐसे में धनुरासन करने का तरीका जानना बेहद जरूरी है। इसलिए, यहां हम चरण-दर-चरण धनुरासन करने का तरीका बता रहे हैं :

  • सबसे पहले समतल जगह पर योग मैट बिछा लें।
  • अब पेट के बल योग मैट पर लेट जाएं।
  • लेटने के बाद घुटनों को मोड़कर हाथों से टखनों को टाइट से पकड़ लें।
  • इसके बाद सांस लेते हुए अपने सिर, छाती व जांघ को ऊपर की ओर उठाएं।
  • इस मुद्रा के दौरान शरीर का आकार धनुष के समान लगेगा।
  • ध्यान रखें कि इस दौरान शरीर के साथ किसी तरह की जोर-जबरदस्ती न करें।
  • अब अपनी क्षमता के हिसाब से इस मुद्रा में रहे और धीरे-धीरे सांस लेते व छोड़ते रहें।
  • जब प्रारंभिक अवस्था में वापस आना हो, तो लंबी गहरी सांस छोड़ते हुए नीचे आएं।
  • इस आसन को दो से तीन बार किया जा सकता है।

अभी बाकी है लेख

अब हम पहली बार धनुरासन कर रहे लोगों के लिए कुछ खास बातें बता रहे हैं।

शुरुआती लोगों के लिए धनुरासन करने के टिप्स – Beginner’s Tip to do Dhanurasana in Hindi

अगर कोई पहली बार धनुरासन कर रहा है, तो उसे कुछ बातों का ख्याल रखना जरूरी होती है। कुछ जरूरी टिप्स हम नीचे बता रहे हैं :

  • सबसे पहले शरीर में किसी तरह का तनाव नहीं बनाना है।
  • अगर शरीर का ऊपरी और निचला हिस्सा ज्याद न खिंच पाए, तो जबरदस्ती न करें। इससे चोट लग सकती है।
  • शुरुआती दौर में धनुरासन करते समय जांघों को उठाना मुश्किल लगे, तो उसे सपोर्ट दें।
  • जांघों को सहारा देने के लिए एक कंबल को रोल करके जांघों के नीचे रखा जा सकता है। इससे जांघों को ऊपर की ओर उठाने में मदद मिलेगी।
  • साथ ही यह योगासन करने से पहले बॉडी को थोड़ा स्ट्रेच कर लेना भी फायदेमंद हो सकता है।

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लेख के इस हिस्से में हम धनुरासन योग के लिए कुछ सावधानियों का जिक्र कर रहे हैं।

धनुरासन योग के लिए कुछ सावधानियां – Precautions for Dhanurasana in Hindi

धनुरासन योग करने के लिए कुछ सावधानियां बरतनी भी जरूरी हैं। क्या हैं वो सावधानियां, ये हम आपको नीचे बता रहे हैं :

  • दिल की समस्याओं से पीड़ित लोगों को इस आसन से बचना चाहिए।
  • उच्च रक्तचाप वाले रोगी को भी यह आसन न करने की सलाह दी जाती है।
  • हर्निया और पेट के अल्सर से पीड़ित व्यक्ति को यह आसन नहीं करना चाहिए।
  • भोजन के तुरंत बाद इस आसन का अभ्यास न करें।

लेख के माध्यम से यह स्पष्ट हो गया होगा कि धनुरासन करने के फायदे क्या हैं और इसे कैसे किया जाता है। बस अब आप लेख में बताई गई सावधानियों को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य लाभ के लिए इस योग को अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं। योग करते समय इस बात पर भी ध्यान जरूर दें कि किसी भी रोग के इलाज के लिए डॉक्टरी परामर्श जरूरी है। योग पर निर्भर होकर उपचार को टाला नहीं जा सकता है। योग आपको स्वस्थ रखने और शारीरिक समस्याओं और इनके लक्षणों से दूर रखने में जरूर मदद कर सकता है, लेकिन यह किसी बीमारी का इलाज नहीं है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल :

धनुरासन किसे नहीं करना चाहिए?

दिल के मरीज, हर्निया, पेट के अल्सर से पीड़ित और गर्भवती महिलाओं को इस आसन को करने से बचना चाहिए। हालांकि, इस बारे में फिलहाल शोध की कमी है। इसलिए, लेख में बताए गई समस्याओं से जूझ रहे लोगों को धनुरासन करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए। 

क्या धनुरासन पेट की चर्बी कम करता है?

हां, धनुरासन शरीर के वजन के कम करने में मदद कर सकता है। ऐसे में यह माना जा सकता है कि धनुरासन पेट की चर्बी को कम करने में मदद कर सकता है (11) 

धनुरासन कितनी बार कर सकते हैं?

अगर कोई पहली बार धनुरासन योग को अपनी जीवनशैली में शामिल कर रहा है, तो वैसे लोगों को सप्ताह में एक से दो बार ही इसे करना चाहिए। वहीं, धनुरासन से अभ्यस्त हो चुके लोग इसे रोजाना कर सकते हैं।

अर्ध धनुरासन कैसे करते हैं?

अर्ध धनुरासन करने का तरीका –

  • अर्ध धनुरासन करने के लिए सबसे पहले दोनों पैरों के बीच थोड़ा फासला रखकर योग मैट पर पेट के बल लेट जाएं।
  • इसके बाद ठुड्डी और हाथों को जमीन पर लगाएं। हथेलियां जमीन की तरफ होंगी।
  • अब अपने बाएं पैर के घुटने को मोड़ें और बाएं हाथ को पीछे ले जाते हुए एड़ी को पकड़कर ऊपर की ओर उठाएं।
  • फिर गहरी सांस भरते हुए और बाएं पैर समेत शरीर के पूरे बाएं हिस्से को ऊपर की ओर उठाएं।
  • इस दौरान गर्दन को पीठ की दिशा में रखें।
  • इसके बाद दाएं हाथ को जमीन पर रखते हुए आगे की ओर ले जाएं। इस दौरान 2 से 5 बार तक लंबी सांस लें।
  • अब धीरे-धीरे सांस छोड़े और शरीर को नीचे की ओर ले जाएं।
  • इस प्रक्रिया को दाईं ओर भी दोहराएं।

Sources

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आवृति गौतम ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। इन्होंने अपने करियर की शुरूआत डिजिटल मीडिया से ही की थी। इस क्षेत्र में इन्हें काम करते हुए दो वर्ष से ज्यादा हो गए हैं। आवृति को स्वास्थ्य विषयों पर लिखना और अलग-अलग विषयों पर विडियो बनाना खासा पसंद है। साथ ही इन्हें तरह-तरह की किताबें पढ़ने का, नई-नई जगहों पर घूमने का और गाने सुनने का भी शौक है।

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