75+ धोखेबाज शायरी – Dhokebaaz Shayari in Hindi | धोखेबाज शायरी इन हिंदी

Written by , (एमए इन मास कम्युनिकेशन)

इंसान की असली पहचान बुरे वक्त में ही होती है। अधिकतर लोग बुरे समय में ही अपनी असलीयत दिखाते हैं। इस दौरान जिन पर खुद से ज्यादा विश्वास किया होता हो, वो भी धोखा दे जाते हैं। अगर आपके साथ भी किसी अपने या खास दोस्त ने धोखा किया है, तो धोखेबाज शायरी के जरिए अपने दिल की भड़ास निकाल सकते हैं। यहां धोखेबाज दोस्त स्टेटस और धोखेबाज प्यार शायरी का बढ़िया कलेक्शन मौजूद है।

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सीधे पढ़ते हैं धोखेबाज शायरी इन हिंदी।

धोखेबाजों के लिए शायरी | Dhokebaaz Quotes in Hindi | Dhokebaaz Shayari

यहां आपको एकदम नई धोखेबाज शायरी पढ़ने के लिए मिलेंगी। इन धोखेबाज दोस्त की शायरी और धोखेबाज प्यार शायरी का चुनाव कर अपने धोखेबाज दोस्त को या फिर दुश्मन को शायरी भेज सकते हैं।

  1. न जाने कौन-सी साजिश में दिन गुजरा गया,
    मैं दुश्मनों से बच गया, पर दोस्तों में मारा गया।
  1. मेरी यारी का अच्छा सिला दिया उसने,
    मुसीबत में मेरी मुझको ही भुला दिया उसने।
  1. बदलते देखा है किस्मत को मैंने,
    बदलते देखा है मौसम को मैंने,
    देखा है दुश्मनों को दोस्ती निभाते हुए,
    दोस्तों को भी दगाबाजी करते हुए देखा है मैंने।
  1. काम बनते ही दास्तों ने अपना रंग दिखा दिया,
    मुसीबत आने पर हर एक ने मुझे धोखा दिया।
  1. मैंने दोस्ती पर विश्वास रखना छोड़ दिया है,
    जब से दोस्तों ने बुरे समय में धोखा दिया है।
  1. दगाबाजी करना तो हम खुद दोस्तों से सीखे हैं,
    अब दोस्तों के लिए ही हम दगाबाज सरीके हैं।
  1. मौका पड़ने पर दोस्त भी अपना रंग दिखा देते हैं,
    साथ देंगे या धोखा, इस बात का भी ढंग दिखा देते हैं।
  1. पल भर में दोस्ती भी दुश्मनी में बदल जाती है,
    जब अपनी किस्मत दोस्तों से ज्यादा चमक जाती है।
  1. जब भी दोस्तों की जरूरत को महसूस किया,
    तब तब धोखा देकर उसने मुझे मायूस किया।
  1. जो दोस्त मुंह के आगे प्यार दिखाते हैं,
    वही पीठ के पीछे खंजर घोप जाते हैं।

पढ़ते रहें धोखेबाज दोस्त स्टेटस

  1. मुसीबत बता देती है कि कौन यार गद्दार है,
    क्योंकि खुशी में तो हर कोई वफादार है।
  1. कुछ दोस्त जरूरत के समय पहचानते ही नहीं,
    संभालने के लिए हाथ बढ़ाया तो लगा,
    वो मुझे पहचानते ही नहीं।
  1. धोखेबाजी करना आज आम बात हो गई,
    सच्ची दोस्ती भी अब दगाबाज हो गई।
  1. दुश्मन भी अब दोस्ती से सच्चे हो गए,
    दोस्तों से रिश्ते भी जब कच्चे हो गए।
  1. दगाबाज दोस्त को पहचाना जा चुका है,
    अब दोस्ती में धोखा देना बहुत आम हो चुका है।
Dhokebaaz Shayari in Hindi

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  1. जरूरत पड़ने पर गले लगाते देखा है,
    दोस्ती को आजमाते देखा है,
    मौका आया जब दोस्ती निभाने का,
    दोस्तों को दुश्मनी निभाते देखा है।
  1. दोस्ती तो बस अब व्यापार बन गई है,
    दगाबाजी का एक नया औजार बन गई है।
  1. जिसको माना था अपना, उस दोस्त ने ही धोखा दिया,
    तब भी हमने उसे सुधरने का पूरा मौका दिया।
  1. मैंने दुनिया में सिर्फ एक ही यार बनाया,
    उसके लालच ने उसे गद्दार बनाया।
  1. जिसके साथ मेरा खुशनुमा कल और आज था,
    दूसरों से पता चला कि वो यार दगाबाज था।

पढ़ते रहें शायरी धोखेबाज

  1. आजकल दोस्ती को लोग बदनाम करने लगे हैं,
    अपना बनाकर जाने कैसे काम करने लगे हैं।
  1. दोस्त भी दुश्मनी करके कमाल करने लगे हैं,
    धोखेबाजों की अब वो मिसाल बनने लगे हैं।
  1. धोखा देकर ही लोग पछताते हैं,
    नहीं मिलता कोई तो आंसू बहाते हैं।
  1. दोस्ती कर के भी हम अकेले हैं,
    इस दुनिया में धोखेबाजों के मेले हैं।
  1. कोई पूछो उनसे कि क्या दाेस्ती का मतलब जानते हैं,
    या बस सबको धोखा देने को ही वो दोस्ती मानते हैं।
  1. जान छिड़कने वाले दोस्तों को जब मिलता है मौका,
    मतलब निकालने के लिए वो भी दे देते हैं धोखा।
  1. दोस्ती के खातिर मैंने दुनिया को भुला दिया,
    वक्त पड़ने पर उस दोस्त ने मुझे ही रुला दिया।
  1. मैंने लोगों से मिल-मिल कर ही दुनिया दारी देखी,
    दुश्मनों की दोस्ती और दोस्तों की मक्कारी देखी।
  1. लौट आया मैं अपना सब कुछ लुटा कर,
    अपना कहने वाले उन दोस्तों से धोखा खाकर।
  1. आगे बढ़ने का मैंने उसे हमेशा मौका दिया,
    मुसीबत में उसने दोस्त बनकर धोखा दिया।

आगे पढ़ें धोखेबाज स्टेटस

  1. दुश्मन तो दुश्मनी में भी यारी कर गया,
    जरूरत पड़ने पर दोस्त मक्कारी कर गया।
  1. धाेखा देकर एक दिन वो मेरा यार बन गया,
    खंजर घोपा पीठ पर और वो गद्दार बन गया।
  1. भरोसा किया तुम पर यह मेरी लाचारी थी,
    साथ छोड़ दिया दोस्त बनकर यह तेरी मक्कारी थी।
  1. मुझे अपना दोस्त बनाकर उसने रास्ते में छोड़ दिया,
    विश्वास करता था खुद से ज्यादा उसने वो भी तोड़ दिया।
  1. दोस्त शामिल होने लगे हैं दूसरों की चाल में,
    दगा करके फंसा लेते हैं अपनाें को जाल में।
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  1. बुरे वक्त में वो दोस्त कभी काम नहीं आया,
    जिसके खातिर मैंने अपना सब कुछ है लुटाया।
  1. दोस्ती में फंसकर जब अपनों को ही मौका दिया,
    बुरा वक्त आने पर उन अपनों ने ही धोखा दिया।
  1. गले लगाकर जो जिगरी यार बन जाते हैं,
    एक दिन लालच में वो ही गद्दार बन जाते हैं।
  1. दोस्त तोड़कर वो अब सुकून से हैं,
    अरे दगाबाजी तो उसके खून में है।
  1. दुनिया वाले कहते थे कि तेरा दोस्त बुरा है,
    धोखा खाकर पता चला मुझे आखिर वो क्या है।

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  1. अब तो दोस्त भी नहीं किसी एतबार के काबिल,
    पक्की दोस्ती भी तोड़ देते हैं झूठे प्यार की खातिर।
  1. कभी किसी पर खुद से ज्यादा एतबार नहीं करना चाहिए,
    धोखा दे जाते हैं दोस्त उन्हें खुद से ज्यादा प्यार नहीं करना चाहिए।
  1. जब करते थे एतबार दोस्तों पर वो समय बीत गया,
    किस दोस्त से कैसे मिलना है यह मैंने अब सीख लिया।
  1. दिलों में अब दोस्ती के फूल खिलना मुश्किल है,
    मिल जाए सच्चा दोस्त दुनिया में ऐसा अब मुश्किल है।
  1. जो अपने थे उन्होंने ही पीठ पर वार किया,
    धोखा दिया दोस्तों ने जिन्हें खुद से ज्यादा प्यार किया।
  1. जबसे दोस्तों की यारी से दुश्मनी हो गई,
    तब से मैखाने और जाम से दोस्ती हो गई।
  1. हर बार उनने हमें धोखा दिया है,
    गलती उनकी नहीं क्योंकि,
    हमने ही उन्हें मौका दिया है।
  1. दोस्ती पर मुझे विश्वास था खुद से ज्यादा,
    धोखा दिया तूने और तोड़ दिया वादा।
  1. दोस्त भी अब मतलबी हो गए हैं,
    शायद उनके अरमान पूरे हो गए हैं।
  1. मेरे दोस्त अब अपनी करतूतें छुपाते हैं,
    धोखा दिया उसने और मुझे गलत बताते हैं।

नीचे पढ़ें धोखेबाज दोस्त पर शायरी

  1. धोखाबाजों की बस यही निशानी रह जाती है,
    मतलबी हो जाते हैं लोग, यही कहानी रह जाती है।
  1. जब से मेरे दिन औरों से खराब हो गए,
    जिन्दगी में धोखा देने वाले बेहिसाब हो गए।
  1. दोस्ती यारी के सभी सपने बिखर गए,
    धोखा देने वाले दोस्त नजरों से उतर गए।
  1. लोगों को बुरा लगगा लेकिन मुझे सच कहना है,
    जो दोस्त मतलबी हैं उनसे मुझे दूर रहना है।
  1. अब हम भी उनकी आखों में खटकने लगे हैं,
    धोखा खाकर उनसे अब दर-दर भटकने लगे हैं।
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  1. वक्त के साथ अब दोस्त बदल जाते हैं,
    मौका पड़ने पर बिना देखे ही निकल जाते हैं।
  1. फितरत है कुछ दोस्तों की या मजबूरी है,
    सबको धोखा देना उनके लिए बहुत जरूरी है।
  1. धोखेबाज ही काम पर मीठी बात बोलते हैं,
    अब हम भी उन्हें अपनी नजरों में तौलते हैं।
  1. मदद की जिसकी मैंने हमेशा ही मुस्कुराकर,
    खंजर घोपा पीठ पर उसने मुझे दोस्त बनाकर।
  1. मुझे लगा की कोई दोस्त साथ नहीं छोड़ता है,
    नहीं पता था कि दगा देने वाला वक्त पर मुंह मोड़ता है।

बाकी है धोखेबाज की शायरी

  1. जिंदगी में जब-जब बुरा वक्त आ जाता है,
    धोखेबाजों के चेहरे से तब नकाब उठ जाता है।
  1. दुनिया में सच्ची दोस्ती दिखावा हो गई,
    दगा दी उसने झूठा हर वादा कर गई।
  1. हर दोस्त वक्त पड़ने पर पत्थर हो जाता है,
    धोखा खाना दोस्ती में मुकद्दर हो जाता है।
  1. भरोसा कैसे करूं दोस्तों के एतबार पर,
    अपने दोस्त धोखा देते हैं, जिंदगी की मार पर।
  1. जिंदगी को जीने का ऐसा कुछ अंदाज करो,
    मतलबी दोस्तों को हरदम नजरअंदाज करो।
  1. पूछा जब किसी ने कि दोस्ती चलती कब तक है,
    कह दिया मैंने भी कि दोस्त की जरूरत जब तक है।
  1. इस दुनिया में स्वार्थ के दोस्त बहुत मिल जाएंगे,
    मतलब पूरा होते ही सब बीच राह में छोड़ जाएंगे।
  1. दोस्ती के बीच जब मतलब आता है,
    तब धोखा देने का मकसद आ जाता है।
  1. दौर निकल गया वो जब मिल लेते थे बेमतलब ,
    आते हैं दोस्त भी तब घर जब होता है मतलब।
  1. दोस्ती में भी धोखा खा जाते हैं लोग,
    अब मतलब के लिए दोस्ती निभाते हैं लोग।

आगे पढ़ें धोखेबाजों के लिए शायरी

  1. जिंदगी में एक दोस्त ऐसा पाया है,
    जिसे मैंने चाहा जान से ज्यादा है,
    आखिर में उसी दोस्त से धोखा खाया है।
  1. इस जहां में कोई नहीं है, जिसे दोस्त से धोखा नहीं मिला।
    ईमानदार शायद वही है, जिसे धोखा देने का मौका नहीं मिला।
  1. डगमगाते हैं कदम, लेकिन हम संभल जाते हैं,
    धोखा देते हैं, वो दोस्त जिसे दिल से लगाते हैं।
  1. दोस्ती में जब धोखा मिलता है,
    तो वक्त और हालात दोनों ही बदल जाते हैं।
  1. दोस्ती से पहले शख्स वो मासूम था बड़ा,
    दिल में बसते ही पता नहीं क्यों धोखेबाज हो गया।
  1. दोस्ती में हमने अक्सर यह सिला भी देखा,
    वफा की हमने जिस दोस्त से, उसे ही बेवफा देखा।
  1. मतलब जब दोस्त के पूरे सभी हो गए,
    तबसे ही हम उनके लिए अजनबी हो गए।
  1. झूठी थी दोस्ती तेरी और झूठा था तेरा साथ,
    खत्म हुई दोस्ती और दोस्ती के जज्बात।
  1. रहना नहीं था साथ तुम्हें, तो नाता हमसे क्यों जोड़ा,
    दोस्ती में हमें देकर धोखा, तुमने मेरा विश्वास क्यों तोड़ा?
  1. कैसे मान लूं तेरी गलती कि मुझे तूने धोखा दिया,
    गलती तो थी मेरी, जो हर बार तुझे मैंने मौका दिया।

इंसान को दगाबाजी और विश्वासघात से ज्यादा बुरा कुछ नहीं लगता है। अगर कभी कोई आपके साथ धोखेबाजी कर दे, तो खुद को संभाल लें। भरोसा टूटने पर हुई तकलीफ को आप इन धोखेबाज दोस्त शायरी की मदद से कम करें। कुछ नहीं, तो कम-से-कम धोखेबाज दोस्त स्टेटस और धोखेबाज प्यार शायरी से आप अपने दिल के गुस्से को बाहर निकाल सकते हैं। साथ ही इन शायरियों को पढ़कर अपने दिल को हल्का भी किया जा सकता है।

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