मधुमेह (डायबिटीज, शुगर) के कारण, लक्षण, इलाज और घरेलू उपचार – All About Diabetes in Hindi

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भागदौड़ भरी जिंदगी और खराब जीवनशैली ने कई गंभीर बीमारियों को आम बनाकर रख दिया है, जिसमें एक नाम डायबिटीज का भी है। माना जाता है कि मधुमेह या शुगर की बीमारी अगर किसी को हो जाए, तो जिंदगी भर उसके साथ रह सकती है। इसके अलावा, अगर वक्त रहते शुगर के लक्षण पर ध्यान न दिया जाए, तो डायबिटीज की समस्या घातक परिणाम भी प्रदर्शित कर सकती है। यही वजह है कि स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम डायबिटीज क्या है? इस सवाल के जवाब के साथ ही डायबिटीज के कारण और इसके लक्षण बताने जा रहे हैं। साथ ही लेख में डायबिटीज का घरेलू उपचार भी बताया गया है, ताकि समय रहते इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सके। वहीं, हमारी सलाह यह भी है कि अगर किसी को यह बीमारी हो गई है, तो इससे जुड़ा डॉक्टरी इलाज भी जरूर करवाएं।

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शुगर कम करने के उपाय जानने से पहले, आइए सबसे पहले जानते हैं डायबिटीज क्या है?

विषय सूची

डायबिटीज क्या है?

रक्त में शुगर की अधिक मात्रा को ही डायबिटीज कहा जाता है। यह समस्या तब उत्पन्न होती है, जब इंसुलिन का काम बाधित हो जाता है। इंसुलिन एक हार्मोन है, जो पैंक्रियाज द्वारा बनाया जाता है। इंसुलिन, ग्लूकोज को एनर्जी में बदलने में मदद करता है। वहीं, जब इसकी कार्यप्रणाली बाधित हो जाती है, तब ग्लूकोज, उर्जा में परिवर्तित होने के बजाय रक्त में ठहर जाता है और जब ग्लूकोज का स्तर रक्त में बढ़ने लगता है, तब मधुमेह की समस्या उत्पन्न होती है (1)। वहीं, समय रहते अगर शुगर कम करने के उपाय न किए गए, तो डायबिटीज के कारण हृदय, किडनी, आंख, नर्व और त्वचा से जुड़ी कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं (2)।

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लेख के इस भाग में जानिए डायबिटीज के प्रकार से जुड़ी जानकारी।

मधुमेह (डायबिटीज, शुगर) के प्रकार – Types of Diabetes in Hindi

मुख्य तौर पर मधुमेह तीन प्रकार के होते हैं। जिनके बारे में नीचे जानकारी दी गई है (1):

टाइप 1 : टाइप 1 डायबिटीज में इम्यून सिस्टम इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं को नष्ट कर देता है। इस वजह से इंसुलिन का निर्माण नहीं हो पाता है। इस स्थिति में मरीज को इंसुलिन के इंजेक्शन दिये जाते हैं।

टाइप 2 : इसमें शरीर में इंसुलिन की मात्रा कम हो जाती है या फिर शरीर सही तरीके से इंसुलिन का इस्तेमाल नहीं कर पाता है। यह मधुमेह का सबसे आम प्रकार है, जो किसी भी उम्र के व्यक्ति को अपनी चपेट में ले सकता है।

गर्भावधि मधुमेह (gestational diabetes) – यह मधुमेह का वो प्रकार है, जो गर्भावस्था के दौरान होता है। कई बार प्रगेनेंसी में टाइप 2 डायबिटीज के मामले ज्यादा दिखाई देते हैं।

नोट : इनके अलावा भी मधुमेह के और भी प्रकार हैं, जैसे मोनोजेनिक मधुमेह (monogenic diabetes – जीन में दोष के कारण होने वाला डायबिटीज) और सिस्टिक फाइब्रोसिस (cystic fibrosis diabetes – यह डायबिटीज उन्हें होता है जिन्हें सिस्टिक फाइब्रोसिस होता है) से संबंधित मधुमेह।

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अब जानते हैं डायबिटीज के लक्षण। इसके बाद डायबिटीज का घरेलू उपचार पर प्रकाश डाला जाएगा।

मधुमेह (डायबिटीज, शुगर) के लक्षण – Diabetes/Sugar Symptoms in Hindi

मधुमेह के लक्षण के विषय में भी जानना जरूरी है। नीचे हम शुगर के लक्षण की जानकारी दे रहे हैं (3) :

  • प्यास लगना
  • बार-बार पेशाब लगना
  • भूख बढ़ना
  • थकान
  • धुंधला दिखाई देना
  • पैरों या हाथों में सुन्नता या झुनझुनी
  • घाव जल्दी न भरना
  • वजन घटना

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शुगर के लक्षण के बाद अब बारी आती है शुगर के कारण से जुड़ी जानकारियों की।

मधुमेह (डायबिटीज, शुगर) के कारण – Causes of Diabetes in Hindi

डायबिटीज का घरेलू उपचार से पहले हम मधुमेह के कारण के बारे में जानकारी दे रहे हैं, जो कुछ इस प्रकार है :

टाइप 1 डायबिटीज के कारण :

नीचे बताई गई स्थितियों में टाइप 1 डायबिटीज हो सकता है (4):

  • जब इम्यून सिस्टम इंसुलिन का निर्माण करने वाली कोशिकाओं को नष्ट कर देता है।
  • संक्रमण के कारण।
  • यह अनुवांशिक भी हो सकता है।

टाइप 2 डायबिटीज के कारण :

यह डायबिटीज का सबसे सामान्य प्रकार होता है, जो नीचे बताए गए कारणों से हो सकता है (3) :

  • मोटापे की वजह से
  • शारीरिक क्रियाओं में कमी।
  • इंसुलिन प्रतिरोध (Insulin resistance) यानी जब इंसुलिन का काम बाधित हो जाता है।
  • टाइप 1 की तरह यह भी अनुवांशिक हो सकता है।

गर्भावधि शुगर के कारण (gestational diabetes)

यह गर्भावस्था के दौरान होने वाला डायबीटीज होता है, इसके कारण कुछ इस प्रकार हैं (5):

  •     गर्भावस्था के दौरान अगर उम्र 25 साल से ज्यादा है।
  •     अगर किसी महिला के परिवार में किसी को मधुमेह रहा हो।
  •     अगर किसी महिला को हाई बीपी की समस्या रही हो।
  •     बहुत अधिक एमनियोटिक द्रव हो।
  •     गर्भावस्था के पहले वजन ज्यादा रहा हो।
  •     पहले कभी गर्भपात हुआ हो।
  •     पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम हो (Polycystic Ovary Syndrome)
  •     अगर 4 किलो से अधिक वजन वाले बच्चे को जन्म दिया हो।
  •     अगर गर्भावस्था के दौरान गर्भवती का वजन अधिक रहा हो।

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शुगर के कारण के बाद अब जानते हैं किन लोगों में मधुमेह होने का जोखिम अधिक होता है।

मधुमेह (डायबिटीज, शुगर) के जोखिम कारक- Risk Factors in Hindi

शुगर के कारण के साथ-साथ इसके जोखिम कारकों पर भी ध्यान देना जरूरी है। तो नीचे जानिए मधुमेह के जोखिम कारक क्या-क्या हो सकते हैं (6) :

टाइप 1 डायबिटीज के जोखिम कारक  

टाइप 1 डायबिटीज के जोखिम कारक कुछ इस प्रकार है :

  • परिवार में किसी को मधुमेह रहा हो।
  • उम्र भी एक कारण हो सकता है। हालांकि, यह किसी भी उम्र में हो सकता है, लेकिन सबसे ज्यादा जोखिम बच्चे, किशोर और युवा वयस्कों में रहता है।

टाइप 2 मधुमेह के जोखिम कारक

टाइप 2 डायबिटीज के जोखिम कारक कुछ इस प्रकार हैं :

  • अगर किसी को प्री-डायबिटीज (prediabetes) हो, यानी खून में शुगर का स्तर पहले से ही अधिक हो, लेकिन उतना नहीं, जिससे इसे मधुमेह कहा सके।
  • अधिक वजन।
  • 40 या 45 साल से अधिक उम्र।
  • परिवार में अगर किसी को टाइप 2 डायबिटीज हो।
  • जो फिजिकल फिट न हो।
  • गर्भावस्था के दौरान अगर किसी महिला को जेस्टेशनल डायबिटीज हुआ हो।

गर्भावधि मधुमेह (gestational diabetes) के जोखिम कारक

देखा जाए तो ये जोखिम कारक गर्भावधि मधुमेह के कारणों से मिलते-जुलते ही हैं। गर्भावधि मधुमेह के जोखिम कारक कुछ इस प्रकार हैं :

  • अगर पहली गर्भावस्था के दौरान गर्भावधि मधुमेह हुआ हो।
  • अगर महिला का वजन अधिक हो।
  • जन्म के वक्त शिशु का वजन 4 किलो से अधिक हो।
  • परिवार में अगर किसी को टाइप 2 डायबिटीज हो।
  • गर्भावस्था के दौरान महिला की उम्र 25 वर्ष से अधिक हो।
  • महिला को पीसीओएस (PCOS) हो।

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अब बारी आती है डायबिटीज का घरेलू उपचार जानने की, जिसके बारे में लेख के इस भाग में हम जानकारी दे रहे हैं।

मधुमेह (डायबिटीज, शुगर) के घरेलू उपचार – Diabetes Home Remedies in Hindi

यहां हम शुगर का घरेलू इलाज बता रहे हैं। वहीं, इस बात का ध्यान रखें कि ये डायबिटीज के घरेलू उपचार समस्या को कुछ हद तक नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। इन्हें किसी भी तरीके से मधुमेह का डॉक्टरी इलाज  न समझा जाए। अब पढ़ें आगे  –

1. डायबिटीज का घरेलू उपचार- करेला

सामग्री :

  • एक करेला
  • चुटकी-भर नमक
  • चुटकी-भर काली मिर्च
  • एक या दो चम्मच नींबू का रस

उपयोग का तरीका :

  • करेले को धोकर उसका जूस निकाल लें।
  • अब इसमें स्वादानुसार नमक, काली मिर्च और नींबू का रस मिला लें।
  • अब इस मिश्रण को पिएं।
  • इसका सेवन हर दूसरे दिन किया जा सकता है।

कैसे फायदेमंद है?

करेले के फायदे कई हैं। यह मधुमेह में भी फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध के अनुसार, करले में एटी-डायबिटीक गुण पाया जाता है, जो ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में सहायक हो सकता है (7)। इसे शुगर का घरेलू इलाज माना जा सकता है।

2. शुगर का घरेलू इलाज – दाल चीनी

सामग्री :

  • आधा चम्मच दालचीनी पाउडर
  • एक गिलास गुनगुना पानी

उपयोग का तरीका :

  • गुनगुने पानी में दालचीनी पाउडर मिलाकर सेवन करें।
  • इस मिश्रण का सेवन हर दूसरे दिन किया जा सकता है।

कैसे फायदेमंद है?

एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार दालचीनी का उपयोग टाइप 2 डायबिटीज में लाभकारी हो सकता है। दरअसल, दालचीनी में एंटीडायबिटीक गुण मौजूद होते हैं, जिससे बढ़ते ब्लड ग्लूकोज को नियंत्रित किया जा सकता है (8)।

3. मेथी से शुगर का घरेलू इलाज

सामग्री :

  • दो चम्मच मेथी दाना
  • दो कप पानी

उपयोग का तरीका :

  • दो चम्मच मेथी दाने में दो कप पानी मिलाएं।
  • अब इसे ढककर रात भर के लिए छोड़ दें।
  • चाहें, तो गुनगुने पानी में भी मेथी को भिगो सकते हैं।
  • अगले दिन पानी को छानकर खाली पेट पिएं।
  • इसका सेवन हर रोज किया जा सकता है।

कैसे फायदेमंद है?

मेथी का उपयोग मधुमेह के लिए लाभकारी हो सकता है। मेथी और मधुमेह को लेकर किए गए कई शोध में मेथी के एंटीडायबिटिक गुण की पुष्टि हुई है। रिसर्च के अनुसार, मेथी के बीज मधुमेह ब्लड ग्लूकोज के स्तर को कम करने में मदद कर सकते हैं (9)। वहीं, एक अन्य स्टडी में यह बात सामने आयी है कि गर्म पानी में भिगोकर रखे गए मेथी दानों का उपयोग डायबिटीज के लिए उपयोगी हो सकता है (10)।

4. मधुमेह का घरेलू उपचार एलोवेरा

सामग्री :

  • एक कप एलोवेरा जूस

 

उपयोग का तरीका :

  • हर रोज दिन में एक से दो बार बिना चीनी के एलोवेरा जूस का सेवन करें।
  • चाहें, तो डॉक्टर से बात करके एलोवेरा के कैप्सूल भी ले सकते हैं।

कैसे फायदेमंद है?

एलोवेरा का उपयोग मधुमेह के लिए लाभकारी हो सकता है। एलोवेरा में एंटीडायबिटिक गुण मौजूद होता है। इसका उपयोग फास्टिंग के दौरान का ब्लड शुगर लेवल और खाने के बाद के ब्लड शुगर को कम करने या नियंत्रित करने में सहायक हो सकता है (11)। वहीं, एक अन्य शोध में यह बात सामने आयी है कि एलोवेरा पल्प टाइप 1 और टाइप 2 मधुमेह के लिए उपयोगी हो सकता है (12)। साथ ही यह प्रीडाइबिटीज मरीजों के लिए भी एलोवेरा का सेवन लाभकारी हो सकता है (13)।

5. मधुमेह का घरेलू उपचार डेयरी उत्पाद

मधुमेह के रोगी डेयरी प्रोडक्ट्स का उपयोग कर सकते हैं। खासतौर पर, लो फैट डेयरी प्रोडक्ट्स। स्टडी में यह बात सामने आयी है कि डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन टाइप 2 डायबिटीज के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकता है (14)। इन्हें भी शुगर का घरेलू उपचार माना जा सकता है।

6. शुगर का घरेलू इलाज जिनसेंग

सामग्री :

  • एक या दो चम्मच जिनसेंग चाय (बाजार या ऑनलाइन उपलब्ध)
  • एक से डेढ़ कप पानी
  • एक सॉस पैन
  • एक कप

उपयोग का तरीका :

  • सबसे पहले एक सॉस पैन में पानी डालें।
  • फिर इसमें एक या दो चम्मच जिनसेंग चाय पत्ती डालें।
  • अब इसे गैस पर चढ़ाएं।
  • थोड़ी देर उबलने दें।
  • जब चाय उबाल जाए, तो गैस बंद कर दें।
  • फिर इसे एक कप में छान लें।
  • थोड़ा ठंडा होने दें फिर इसका सेवन करें।
  • जिनसेंग चाय का सेवन हर रोज एक बार किया जा सकता है।

कैसे फायदेमंद?

जिनसेंग के फायदे की बात करें, तो यह सूजन के कारण होने वाली बीमारी, जिसमें डाइबिटीज भी शामिल है, उसके लिए लाभकारी हो सकता है। दरअसल, जिनसेंग में एंटीडायबिटीक गुण मौजूद होता है। इसी गुण के कारण जिनसेंग के सेवन से ब्लड ग्लूकोज की मात्रा कम हो सकती है (15)। वहीं, एक अन्य शोध में यह बात सामने आयी है कि खाने से दो घंटे पहले जिनसेंग के सेवन से टाइप 2 डायबिटीज मरीजों में शुगर के स्तर में सुधार कर सकता है (16)।

7. डायबिटीज का घरेलू उपचार लहसुन

सामग्री :

  • लहसुन की एक या दो कलिया

उपयोग का तरीका :

  • रोज सुबह लहसुन की एक या दो कली का सेवन कर सकते हैं।
  • अगर कच्चा लहसुन खाना पसंद नहीं, तो अपनी पसंदीदा सब्जी बनाने के समय उसमें थोड़ा लहसुन डाल सकते हैं।

कैसे फायदेमंद है?

लहसुन का उपयोग मधुमेह के मरीजों के लिए लाभकारी हो सकता है। दरअसल, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, कुछ हफ्तों तक लहसुन का सेवन मधुमेह के मरीजों में शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है (17)। वहीं, एक अन्य शोध के अनुसार, लहसुन का अर्क मधुमेह की समस्या में फायदेमंद साबित हो सकता है (18)।

8. मधुमेह का घरेलू उपचार नीम

सामग्री :

  • कुछ नीम की पत्तियां

उपयोग का तरीका :

  • नीम के पत्तों को अच्छे से धोकर सुबह के समय खा सकते हैं।
  • चाहें, तो एक चम्मच नीम के पेस्ट को पानी में मिलाकर सुबह-सुबह पी भी सकते हैं।

कैसे फायदेमंद है?

नीम मधुमेह के लिए फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में नीम में हाइपोग्लाइसेमिक प्रभाव (Hypoglycaemic effect) की बात सामने आई है। हाइपोग्लाइसेमिक प्रभाव ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने का काम कर सकता है। ऐसे में नीम का उपयोग न सिर्फ ब्लड शुगर को संतुलित कर सकता है बल्कि मधुमेह के जोखिम को भी कम कर सकता है (19)

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9. शुगर का देसी इलाज अमरूद

सामग्री :

  • एक अमरूद
  • नमक (वैकल्पिक)

उपयोग का तरीका :

  • हर रोज एक अमरूद का सेवन करें।
  • चाहें, तो अमरूद के छोटे टुकड़े करके नमक के साथ भी सेवन कर सकते हैं।

कैसे फायदेमंद है?

अमरूद का सेवन मधुमेह रोगियों के लिए लाभकारी हो सकता है। रिसर्च के अनुसार, टाइप 2 मधुमेह के लिए अमरूद उपयोगी हो सकता है। अमरूद के पोलिसकराइड (polysaccharides – एक प्रकार का कार्बोहायड्रेट) में मौजूद एंटी-डायबिटिक प्रभाव मधुमेह के लिए लाभकारी हो सकता है (20)। वहीं, एक अन्य स्टडी में बिना छिलके के अमरूद का सेवन ब्लड शुगर की मात्रा को कम करने में प्रभावी पाया गया है (21)।

10. मधुमेह का घरेलू उपचार दलिया

मधुमेह के जोखिम को कम करने के लिए रोजाना एक कटोरा दलिया का सेवन किया जा सकता है। दलिया ब्लड ग्लूकोज को नियंत्रित करने में सहायक हो सकता है। खासतौर पर टाइप 2 मधुमेह रोगियों के लिए हर रोज दलिया का सेवन उपयोगी हो सकता है (22)। दलिया में मौजूद बीटा-ग्लुकोन (Beta-glucans – कार्बोहाइड्रेट) ना सिर्फ ब्लड ग्लूकोज को कम कर सकता है, बल्कि दिल की बीमारी के जोखिम से भी बचाव कर सकता है (23)। हालांकि, यह जरूरी नहीं कि सभी प्रकार के दलिये का प्रभाव एक जैसा हो, इसलिए फ्लेवर्ड या तुरंत बनने वाले दलिये के सेवन से बचें, क्योंकि इनमें शुगर की मात्रा हो सकती है।

11. डायबिटीज का घरेलू उपचार ग्रीन टी

सामग्री :

  • एक ग्रीन टी बैग
  • एक कप पानी
  • एक कप

उपयोग का तरीका :

  • सबसे पहले एक कप पानी गर्म कर लें।
  • फिर उस पानी को कप में डालें।
  • उसके बाद इसमें ग्रीन टी बैग को दो-तीन मिनट डालकर रखें।
  • फिर इस ग्रीन टी का सेवन करें।
  • ग्रीन टी का सेवन हर रोज किया जा सकता है।

कैसे फायदेमंद है?

ग्रीन टी का उपयोग डायबिटीज के लिए लाभकारी हो सकता है। दरअसल, एक शोध में प्रति दिन छः कप या उससे अधिक ग्रीन टी का सेवन करने से व्यक्तियों में 33% टाइप 2 डायबिटीज का जोखिम कम होता पाया गया है (24)।

इसके साथ ही ग्रीन टी का सेवन ग्लूकोज मेटाबॉलिज्म में सुधार कर अचानक ब्लड शुगर लेवल को बढ़ने से रोक सकता है। इस लाभ के पीछे ग्रीन टी में मौजूद कैटेचिन एपिगैलोकैटेचिन-3-गैलेट (EGCG) के एंटी डायबिटिक देखे जा सकते हैं (25)। हालांकि, ग्रीन टी का सेवन संतुलित मात्रा में ही करें, अधिक सेवन से इसका सेवन हानिकारक हो सकता है।

12. डायबिटीज का घरेलू उपचार कॉफी

सामग्री :

  • एक चम्मच कॉफी पाउडर
  • एक कप गर्म पानी

उपयोग का तरीका :

  • एक कप गर्म पानी में एक चम्मच कॉफी पाउडर मिलाएं।
  • फिर इसका सेवन करें।
  • चाहें, तो हर रोज एक कप कॉफी का सेवन कर सकते हैं।

कैसे फायदेमंद है?

कॉफी का उपयोग डायबिटीज से बचाव में मददगार साबित हो सकता है। इससे जुड़े एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि हर रोज बिना चीनी और दूध के कॉफी के सेवन से मधुमेह से बचा जा सकता है। कॉफी में रोगनिरोधी (prophylactic effects) प्रभाव होता है। हर रोज कॉफी का सेवन न सिर्फ ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रख सकता है, बल्कि मधुमेह के जोखिम को भी कम कर सकता है (26)।

13. शुगर का घरेलू इलाज अदरक

सामग्री :

  • आधा से एक चम्मच कद्दूकस किया हुआ अदरक
  • एक कप पानी

उपयोग का तरीका :

  • एक पैन में अदरक को पानी में उबालें।
  • फिर पांच से दस मिनट बाद इस पानी को छान लें।
  • इसके बाद पानी को ठंडा कर तुरंत पी लें।
  • इसे रोज एक या दो बार पी सकते हैं।

कैसे फायदेमंद है?

अदरक का उपयोग मधुमेह रोग के लिए लाभकारी हो सकता है। यहां, अदरक का हाइपोग्लिसेमिक (hypoglycaemic- ब्लड शुगर को कम करना) प्रभाव न सिर्फ डायबिटीज को कम कर सकता है, बल्कि डायबिटीज के कारण होने वाली अन्य जटिलताओं से भी बचाव कर सकता है (27)। टाइप 2 डायबिटीज के लिए अदरक एक प्राकृतिक एंटी डायबिटिक एजेंट की तरह काम कर सकता है।

14. शुगर का घरेलू इलाज – कलौंजी

सामग्री :

  • 5 एमएल कलौंजी तेल
  • एक कप काली चाय (black tea)

उपयोग का तरीका :

  • एक कप ब्लैक टी में 2.5 एमएल कलौंजी तेल मिलाएं।
  • इस मिश्रण का सेवन हर रोज दो बार कर सकते हैं।
  • चाहें, तो कलोंजी का उपयोग खाने में भी कर सकते हैं।

कैसे फायदेमंद है?

कलौंजी या कलौंजी का तेल डायबिटीज में लाभकारी सकता है। यह ब्लड ग्लूकोज लेवल को नियंत्रित कर सकता है (28)। इसमें एंटी डायबिटिक गुण तो है ही, साथ ही साथ यह हानिकारक कोलेस्ट्रॉल को कम कर अच्छे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी बढ़ाने में सहायक हो सकता है (29)।

15. शुगर का देसी इलाज करी पत्ता

सामग्री :

  • 8-10 करी पत्ता

उपयोग का तरीका :

  • हर रोज करी पत्ता को धोकर खा सकते हैं।
  • चाहें, तो करी पत्ता को भोजन बनाते समय उपयोग कर सकते हैं।

कैसे फायदेमंद है?

मधुमेह का आयुर्वेदिक उपचार के तौर पर करी पत्ते का उपयोग किया जा सकता है। आयुर्वेद में करी पत्ता को एक औषधि के रूप में माना जाता है। इसमें कई सारे गुण हैं, जिसमें एंटी डायबिटिक गुण भी शामिल है (30)। ऐसे में करी पत्ते के सेवन से शरीर में इंसुलिन की प्रक्रिया नियंत्रित रह सकती है और ब्लड ग्लूकोज लेवल भी कम हो सकता है। इसके अलावा, करी पत्ता टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी नियंत्रित करने में मदद कर सकता है (31)।

16. ब्लड शुगर के लिए विटामिन

डायबिटीज के मरीजों के लिए पोषक तत्व जरूरी होते हैं (32)। जिन लोगों को मधुमेह है, उन्हें विटामिन ए,बी, सी, डी, ई व के की पर्याप्त मात्रा की आवश्यकता हो सकती है (33)। ऐसे में सप्लीमेंट या किसी तरह की दवा लेने से अच्छा है कि मधुमेह मरीज विटामिन युक्त खाद्य पदार्थों को अपने डाइट में शामिल करें।

नोट: अगर ऊपर दिए गए घरेलू उपचार में उपयोग की गए किसी भी चीज से एलर्जी है, तो उसका सेवन करने से पहले आप अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

लेख अभी बाकी है

मधुमेह के लक्षणों और घरेलू उपचार के बाद अब जानते हैं मधुमेह रोग में डॉक्टरी सलाह कब जरूरी है।

मधुमेह (डायबिटीज, शुगर) के लिए डॉक्टर की सलाह कब लेनी चाहिए?

अगर किसी व्यक्ति को मधुमेह है और साथ में वो बीमार महसूस करे या को नीचे बताए गए लक्षण दिखें, तो डॉक्टरी सलाह लेना आवश्यक है (34) :

  • अगर ब्लड शुगर लेवल बहुत ज्यादा बढ़ जाए।
  • मतली या उल्टी हो।
  • अगर ब्लड शुगर लेवल सामान्य से बहुत कम हो जाए और कुछ खाने से भी न बढ़े।
  • अगर 100 °F या उससे अधिक शरीर का तापमान हो।
  • देखने, बोलने और संतुलन बनाए रखने में समस्या हो।
  • याददाश्त की समस्या हो।
  • सीने में तेज दर्द हो।
  • हाथ-पैर हिलाने में परेशानी हो।

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अब हम जानेंगे मधुमेह का निदान कैसे किया जा सकता है। इसके बाद डायबिटीज का इलाज बताया जाएगा।

मधुमेह (डायबिटीज, शुगर) का परीक्षण – Diagnosis of Diabetes in Hindi

डॉक्टर को मधुमेह का शक तब होता है, जब किसी व्यक्ति का ब्लड शुगर लेवल 200 mg / dL (11.1 mmol / L) से अधिक हो। मधुमेह के निदान में नीचे दिए परीक्षण की सलाह दी जा सकती है (35) :

  1. ग्लूकोज फास्टिंग टेस्ट : यह ब्लड टेस्ट बहुत ही आम है। यह टेस्ट सुबह के समय बिना कुछ खाए-पिए किया जाता है। इससे ब्‍लड शुगर का सही स्तर जानने में मदद मिलती है।
  2. रैंडम ब्लड शुगर टेस्ट : यह तब किया जाता है, जब डॉक्टर को मधुमेह के लक्षण मरीज में दिखें और वो फास्टिंग टेस्ट का इंतजार न करना चाहे। यह ब्लड टेस्ट पूरे दिन में किसी भी समय किया जा सकता है।
  3. 1सी टेस्ट : इस टेस्ट में हर रोज ब्लड शुगर का उतार-चढ़ाव चेक करने की जगह, पिछले तीन से चार महीने के लेवल का पता किया जाता है। इस टेस्ट में मरीज को भूखे रहने की जरूरत नहीं होती और यह दिन में किसी समय किया जा सकता है।
  4. ग्लूकोज चैलेंज टेस्ट : अगर कोई महिला गर्भवती है और डॉक्टर उनमें जेस्टेशनल डायबिटीज का जोखिम दिखे, तो यह टेस्ट करने की सलाह दी जा सकती है। इस टेस्ट के लिए भूखे रहने की जरूरत नहीं होती है। इसमें भी व्यक्ति को मीठा पेय पदार्थ दिया जाता है और उसके सेवन के एक घंटे बाद यह टेस्ट किया जाता है। इसे ग्लूकोज स्क्रीनिंग टेस्ट भी कहते हैं।
  5. ओरल ग्लूकोज टॉलरेंस टेस् : मधुमेह के लक्षण का जांच करने के लिए ओरल ग्‍लूकोज टॉलरेंस टेस्‍ट भी किया जा सकता है। इस टेस्ट के लिए कम से कम रात भर या आठ घंटे कुछ खाना नहीं होता है। टेस्ट के करीब दो घंटे पहले ग्लूकोज का पानी पीना होता है। इसके बाद अगले दो घंटे तक ब्लड शुगर लेवल का नियमित रूप से परीक्षण किया जाता है।
  6. सामान्य पूछताछ : डॉक्टर मरीज से उनके या उनके परिवार के बारे में पूछ सकते हैं। जैसे किसी को डायबिटीज की शिकायत रही है या नहीं। इसके अलावा, वजन चेक कर सकते हैं और कुछ लक्षणों के बारे में पूछ सकते हैं।

जानिए डायबिटीज का इलाज

डायबिटीज के निदान के बाद अब जानते हैं कि मधुमेह के उपचार के क्या-क्या तरीके हो सकते हैं।

मधुमेह (डायबिटीज, शुगर) का इलाज – Diabetes Treatments in Hindi

नीचे पढ़ें कि क्या मधुमेह के उपचार संभव है? अगर हां, तो किन-किन तरीकों से मधुमेह के उपचार हो सकते हैं :

टाइप 1 शुगर का इलाज:

  • अगर कोई पूछे कि ब्लड शुगर कैसे ठीक होता है, तो हम बता दें कि इसका कोई पूर्ण इलाज मौजूद नहीं है (36)। हालांकि, अस्थायी इलाज के तौर पर रोगी को बार-बार इंसुलिन की दवाइयां लेने की जरूरत हो सकती है। इतना ही नहीं, पूरे दिन में मरीज को इंसुलिन पंप के जरिए भी दवा लेने की जरूरत हो सकती है (37)।

टाइप 2 शुगर का इलाज:

टाइप 2 शुगर की बीमारी का इलाज नीचे बताए गए तरीकों से किया जा सकता है (36) (37) :

  • टाइप 2 डायबिटीज का उपचार दवाइयों से किया जा सकता है।
  • टाइप 2 डायबिटीज का इलाज स्वस्थ आहार से किया जा सकता है।
  • टाइप 2 डायबिटीज का उपचार जीवनशैली में बदलाव करके भी किया जा सकता है। जीवनशैली में बदलाव की बात की जाए, तो इसमें व्यायाम और वजन कम करने जैसी चीजें शामिल हैं।

गर्भावधि शुगर की बीमारी का इलाज

अब जानते हैं कि जेस्टेशनल शुगर की बीमारी का इलाज के क्या विकल्प हो सकते हैं (5) :

  • गर्भावधि डायबिटीज का इलाज के तौर पर स्वस्थ आहार के सेवन की सलाह दी जा सकती है।
  • गर्भावधि डायबिटीज का इलाज के लिए फैट और प्रोटीन युक्त आहार का संतुलित सेवन करने की सलाह दी जा सकती है।
  • कार्बोहाइड्रेट युक्त फल और सब्जियों का सेवन करने की सलाह दी जा सकती है।
  • शुगर युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन से परहेज।
  • शारीरिक तौर पर एक्टिव रहने की सलाह दी जा सकती है।
  • अगर ब्लड शुगर बहुत ज्यादा बढ़ जाए, तो डॉक्टर दवा भी दे सकते हैं।

पढ़ते रहें

अब चार्ट के जरिए जानते हैं कि स्वस्थ व्यक्ति का शुगर का लेवल कितना होना चाहिए।

मधुमेह (डायबिटीज, शुगर) चार्ट – Diabetes/Sugar Chart in Hindi

यहां हम टाइप 1 और टाइप 2 मधुमेह में नॉर्मल डायबिटीज ब्लड शुगर चार्ट की जानकारी दे रहे हैं (38)। इन आंकड़ों से पता लगाया जा सकता है कि शुगर का लेवल कितना होना चाहिए। अगर नीचे बताए गए आंकड़ों से ज्यादा या कम शुगर लेवल रहे, तो डॉक्टरी सलाह जरूर लें।

टाइप 1 डायबिटीज चार्ट :

खाली पेट ग्लूकोज (Empty Stomach (GLUCOSE)

MG/DL

खाने के बाद ग्लूकोज (AFTER MEAL TEST GLUCOSE)

MG/DL

सोने से पहले ग्लूकोज (At bedtime GLUCOSE)

MG/DL

90 to 130 mg/dL180 mg/dL से कम90 to 150 mg/dL

टाइप 2 डायबिटीज चार्ट :

खाली पेट ग्लूकोज (Empty Stomach (GLUCOSE)

MG/DL

खाने के बाद ग्लूकोज (AFTER MEAL TEST GLUCOSE)

MG/DL

 70 to 130 mg/dL180 mg/dL से कम

 जानिए डायबिटीज का डाइट

अगर कोई पूछे कि ब्लड शुगर कैसे ठीक होता है, तो इसका जवाब डाइट भी है। लेख के इस भाग में जानिए डायबिटीज से जुड़ी डाइट के बारे में।

मधुमेह (डायबिटीज, शुगर) में क्या खाएं, क्या न खाएं – Diet for Diabetes/Sugar in Hindi

डायबिटीज का उपचार के तौर पर किन चीजों का से सेवन लाभकारी हो सकता है, यह जानना बहुत जरूरी है। नीचे जानें कि मधुमेह में क्या खाना और क्या नहीं खाना चाहिए (39) :

क्या खाएं :

  • हरी सब्जियां जैसे – ब्रोकली, गाजर, मिर्च, टमाटर, आलू, हरे मटर और कॉर्न।
  • फल जैसे – सेब, केला, अंगूर, संतरा और बेरीज।
  • ओट्स, राइस, बार्ली, ब्रेड, पास्ता।
  • मछली
  • चिकन
  • अंडा
  • लो फैट दूध, दही
  • नट्स
  • मूंगफली

क्या खाएं :

  • शुगर में परहेज करें ज्यादा तला-भूना या ज्यादा फैट वाले खाद्य पदार्थों से।
  • शुगर में परहेज करें ज्यादा सोडियम युक्त आहार से ।
  • शुगर में परहेज करें मीठे खाद्य पदार्थ जैसे – आइसक्रीम, कैंडी या बेकरी वाले खाद्य पदार्थ।
  • शुगर में परहेज करें शुगर युक्त पेय पदार्थ जैसे – कोल्ड ड्रिंक, एनर्जी ड्रिंक, सोडा या जूस।

नोट : डायबिटीज के मरीज अपने डॉक्टर से भी मधुमेह के लिए डाइट चार्ट के बारे में जानकारी ले सकते हैं ताकि उन्हें उनकी उम्र और शारीरिक स्थिति के अनुसार पता रहे कि उन्हें क्या खाना है और मधुमेह मे परहेज किन चीजों से करना है।

डायबिटीज के लिए योग

अब जानते हैं कि मधुमेह के उपचार के लिए कौन-कौन से योगासन किए जा सकते हैं।

डायबिटीज (मधुमेह) से बचाव के लिए योग

मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए योगासन किए जा सकते हैं। शोध में यह बात सामने आयी है कि आसन, प्राणायाम और ध्यान से शुगर लेवल नियंत्रित हो सकता है (40) (41)। ऐसे में शुगर कम करने के उपाय के तौर पर नीचे बताए गए डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए योग को करना लाभकारी हो सकता है :

  • कपालभाति
  • अनुलोम–विलोम
  • वक्रासन
  • शवासन
  • अर्धमत्स्येंद्रासन

नोट : कोई भी योग या एक्सरसाइज विशेषज्ञ की देखरेख में ही करें।

बचाव के उपाय

अब जानते हैं कि शुगर से कैसे बचा जाए, यानी मधुमेह न हो इसके लिए किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

मधुमेह (डायबिटीज, शुगर) से बचाव – Diabetes Prevention Tips in Hindi

अगर मन में सवाल आए कि शुगर से कैसे बचा जाए, तो नीचे बताए गए बातों को ध्यान में रखकर व्यक्ति डायबिटीज के जोखिम को कुछ हद तक कम कर सकता है (42) :

  • वजन को नियंत्रित रखें।
  • डाइट में बदलाव करें और स्वस्थ आहार लें।
  • नियमित रूप से योग या व्यायाम करें।
  • अगर घर में किसी को मधुमेह है, तो डॉक्टर से बात करें और सलाह लें।
  • धूम्रपान न करें।

कुछ और टिप्स

डायबिटीज के लक्षण और उपाय के बाद अब लेख के इस भाग में हम कुछ और टिप्स के बारे में जानकारी दे रहे हैं।

मधुमेह (डायबिटीज, शुगर) के लिये कुछ और टिप्स – Other Tips for Diabetes in Hindi

डायबिटीज के लक्षण और निदान के बाद नीचे बताए गए कुछ टिप्स से मधुमेह को कंट्रोल कर सकते हैं (43) (44)।

  • अपने शुगर लेवल की नियमित जांच करते रहें।
  • डॉक्टर द्वारा दी गईं दवाइयों का नियमित तौर पर सेवन करें।
  • सही और स्वस्थ आहार लें और जरूरत पड़े तो डॉक्टर से डाइट चार्ट के बारे में पूछें।
  • नियमित रूप से एक्सरसाइज और योग करें।
  • सही मात्रा में पानी पिएं।

अगर किसी को डायबिटीज नहीं है, तो भी व्यक्ति मधुमेह से बचे रहने के लिए लेख में बताया गया शुगर का घरेलू उपचार अपना सकते हैं। इसके अलावा, जिन्हें यह समस्या है, वे डॉक्टरी परामर्श पर इन घरेलू उपचारों का पालन कर सकते हैं। डायबिटीज का घरेलू उपचारों में से अपनी सुविधा अनुसार शुगर कम करने के उपाय को अपनाकर ब्लड शुगर के स्तर को कम किया जा सकता है। वहीं, अगर घरेलू उपचार के बाद भी सुधार नजर नहीं आता है, तो तुरंत मधुमेह के उपचार के लिए डॉक्टर से संपर्क करें। डायबिटीज का इलाज सही वक्त पर करके अन्य बीमारियों के खतरे को भी टाला जा सकता है। इसलिए, हमारी राय यही है कि ब्लड शुगर के लक्षण दिखने पर सही वक्त पर ध्यान दें और खुद को सुरक्षित रखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या पतले लोगों को डायबिटीज हो सकता है?

जैसे कि हमने लेख में जानकारी दी है कि सिर्फ वजन ही मधुमेह का जोखिम कारक नहीं होता है। मधुमेह अनुवांशिक बीमारी भी है। ऐसे में अगर किसी पतले व्यक्ति के परिवार के किसी सदस्य को डायबिटीज है, तो उसे भी यह बीमारी हो सकती है।

कौन से मधुमेह का इलाज संभव है?

किसी भी प्रकार के मधुमेह का पूर्ण इलाज नहीं हो सकता है (43)। लेकिन, कुछ उपायों और दवाइयों से ब्लड शुगर लेवल को और मधुमेह के लक्षण को मैनेज किया जा सकता है।

क्या तनाव की वजह से डायबिटीज हो सकता है?

हां, जब कोई शारीरिक या मानसिक तनाव में हो, तो रक्त शर्करा के स्तर में अचानक वृद्धि हो सकती है (45)।

बच्चों में डायबिटीज के लक्षण क्या है?

डायबिटीज के लक्षण क्या है, तो इस सवाल का जवाब है कि बच्चों में भी डायबिटीज के लक्षण बड़ों जैसे ही हो सकते हैं, जैसे – वजन बढ़ना, थकान महसूस होना, बार-बार पेशाब जाना या व्यवहार में बदलाव।

मधुमेह के शुरुआती लक्षण क्या हो सकते हैं?

डायबिटीज के लक्षणों से जुड़ी जानकारी हम ऊपर दे चुके हैं। आप डायबिटीज के लक्षण वाले भाग में जाकर इन्हें पढ़ सकते हैं।

डायबिटीज अटैक में कैसा महसूस हो सकता है?

डायबिटीज अटैक की अगर बात की जाए तो हो सकता है, यह व्यक्ति दर व्यक्ति अलग-अलग हो। किसी को थकावट हो सकती है, तो किसी को चक्कर आ सकता है। ऐसे में यह बता पाना कि डायबिटीज अटैक में कैसा महसूस हो सकता है, थोड़ा मुश्किल है।

ब्लड शुगर कैसे ठीक होता है?

नहीं, डायबिटीज ठीक नहीं हो सकता है, लेकिन लेख में दिए नियमों का पालन करके और शुगर का इलाज करके शुगर लेवल को नियंत्रित रखा जा सकता है।

क्या मधुमेह रोगी केले खा सकते हैं?

हां, डायबिटीज के मरीज केले का सेवन कर सकते हैं (39)।

शुगर लेवल जल्दी कैसे कम किया जा सकता है?

शुगर लेवल जल्दी कम करने के लिए लेख में दिए गए शुगर का घरेलू इलाज अपना सकते हैं। साथ ही बताए गए चीजों से मधुमेह मे परहेज कर शुगर लेवल को नियंत्रित कर सकते हैं।

क्या मधुमेह से हृदय रोग का जोखिम हो सकता है?

हां, मधुमेह से हृदय रोग का जोखिम हो सकता है (36)।

शुगर लेवल कम होने से कैसा महसूस हो सकता है?

शुगर लेवल कम होने से कुछ इस प्रकार के लक्षण महसूस हो सकते हैं (46) :

  • सिरदर्द
  • पसीना आना
  • सोने में परेशानी होना
  • घबराहट होना
  • कंपकंपी या थरथराहट होना

क्या बहुत अधिक चीनी खाने से मधुमेह हो सकता है?

किसी भी चीज का अधिक सेवन हानिकारक हो सकता है। अधिक चीनी खाने से मधुमेह हो सकता है या नहीं इस बात के लिए अभी रिसर्च की आवश्यकता है। वहीं, अधिक चीनी के सेवन से वजन बढ़ सकता है, जो आगे चलकर मधुमेह का जोखिम बन सकता है।

क्या बहुत अधिक चीनी खाना शुगर होने के कारण हो सकता है?

जैसा कि हमने ऊपर बताया कि अधिक चीनी का सेवन शुगर होने के कारण हो सकता है या नहीं इस बात के लिए अभी रिसर्च की आवश्यकता है। लेकिन, अधिक चीनी के सेवन से वजन बढ़ सकता है, जो आगे चलकर मधुमेह का जोखिम बन सकता है (47)। हालांकि, सीधे तौर पर अधिक चीनी का सेवन शुगर होने के कारण है या नहीं यह कह पाना मुश्किल है।

शुगर की बीमारी के लक्षण पहचानकर अगर मधुमेह का इलाज न किया जाए, तो क्या हो सकता है?

अगर मधुमेह पर सही वक्त ध्यान देकर इलाज न किया गया, तो आगे चलकर यह अन्य बीमारियों जैसे – हृदय रोग, किडनी की समस्या या ब्लड प्रेशर की परेशानी का जोखिम बढ़ा सकता है (36)।

क्या डायबिटीज से वजन बढ़ने का जोखिम हो सकता है?

इस बारे में कोई वैज्ञानिक तथ्य नहीं है, लेकिन मधुमेह रोगियों को भूख लगने की समस्या होती है। ऐसे में ज्यादा खाने से वजन बढ़ सकता है।

क्या बार-बार मीठा खाने की इच्छा मधुमेह का लक्षण है?

नहीं, मीठा खाने की लालसा डायबिटीज के लक्षणों में से एक नहीं है।

47 संदर्भ (Sources) :

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Arpita Biswas

अर्पिता ने पटना विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में स्नातक किया है। इन्होंने 2014 से अपने लेखन करियर की शुरुआत की थी। इनके अभी तक 1000 से भी ज्यादा आर्टिकल पब्लिश हो चुके हैं। अर्पिता को विभिन्न विषयों पर लिखना पसंद है, लेकिन उनकी विशेष रूचि हेल्थ और घरेलू उपचारों पर लिखना है। उन्हें अपने काम के साथ एक्सपेरिमेंट करना और मल्टी-टास्किंग काम करना पसंद है। इन्हें लेखन के अलावा डांसिंग का भी शौक है। इन्हें खाली समय में मूवी व कार्टून देखना और गाने सुनना पसंद है।

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