Written by , (शिक्षा- एमए इन मास कम्युनिकेशन)

पेप्टिक अल्सर पेट की सतह पर होने वाला एक तरह का घाव है। दरअसल, यह तब होता है, जब भोजन पचाने वाले एसिड पेट की सतह यानी छोटी आंत को नुकसान पहुंचाने लगते हैं। वहीं, अगर सही समय पर इसका इलाज नहीं किया गया तो यह और गंभीर रूप ले सकता है (1)। ऐसे में इसकी रोकथाम के लिए इलाज के साथ-साथ उचित खानपान का ध्यान रखना भी जरूरी माना जाता है। यही वजह है कि स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम बताने वाले हैं कि अल्सर में क्या क्या खाना चाहिए और क्या नहीं। साथ ही यहां अल्सर के लिए हम डाइट चार्ट का एक नमूना भी लेकर आए हैं।

शुरू करते हैं लेख

विषय सूची


    चलिए, सीधे जानते हैं अल्सर में क्या क्या खाना चाहिए।

    पेट के अल्सर में क्या खाएं – Food to Eat for Ulcer in Hindi

    यहां हम उन खाद्य पदार्थों के बारे में बता रहे हैं, जिनका सेवन पेट में अल्सर की समस्या से बचाव या उनके लक्षणों को कम करने में सहायक हो सकता है। साथ ही हम यह स्पष्ट कर देते हैं कि यहां बताए गए खाद्य पदार्थ को किसी भी पेट में अल्सर का डॉक्टरी इलाज न समझें। यह समस्या गंभीर न हो इसलिए डॉक्टरी इलाज को प्राथमिकता दें और उसके साथ यहां बताए गए खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करें।

    1. फूलगोभी

    फूलगोभी का उपयोग अल्सर की समस्या में किया जा सकता है। इस विषय से जुड़े एक शोध में बताया गया है कि फूलगोभी में इंडोल-3-कार्बिनोल नामक फाइटोकेमिकल मौजूद होता है जो एंटी अल्सर गतिविधि प्रदर्शित कर सकता है (2)। इसका यह गुण अल्सर की समस्या में बचाव कर सकता है।

    वहीं, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध की मानें तो पेप्टिक अल्सर की समस्या में फूल गोभी का सेवन कर तो सकते हैं, लेकिन सावधानी के साथ सेवन किया जाना चाहिए (3)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि अल्सर की समस्या में फूलगोभी का सेवन करना फायदेमंद साबित हो सकता है। हालांकि, इसमें सावधानी के बारे में भी कहा गया, इसलिए बेहतर है कि अल्सर के दौरान इसके सेवन से पहले डॉक्टरी सलाह ली जाए। वहीं, अल्सर के जोखिम को कम करने के लिए फूलगोभी को डाइट में शामिल किया जा सकता है।

    2. पत्ता गोभी

    पत्ता गोभी का इस्तेमाल अल्सर की समस्या से बचाव में मदद कर सकता है। दरअसल, पत्ता गोभी के जूस में एंटीपेप्टिक अल्सर गुण मौजूद होते हैं, जो अल्सर के प्रभाव को कम करने में मदद कर सकते हैं। इस बात की पुष्टि के लिए अल्सर की समस्या से पीड़ित जानवरों को पत्ता गोभी के जूस का सेवन कराया गया। फिर पाया गया कि पत्ता गोभी का रस पेप्टिक अल्सर के तेजी से उपचार में मदद कर सकता है (4)।

    वहीं, फूलगोभी की तरह ही पत्ता गोभी को भी अल्सर की समस्या में सावधानी के साथ सेवन करने की सलाह दी जाती है (3)। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि अल्सर से बचाव के लिए पत्ता गोभी का सेवन कर सकते हैं। वहीं, अल्सर की समस्या से पीड़ित व्यक्ति इसके सेवन से पहले इसकी मात्रा से जुड़ी और सावधानियों की जानकारी के बारे में डॉक्टर से सलाह ले लें।

    3. मूली

    अल्सर डाइट चार्ट में मूली को शामिल करना भी फायदेमंद हो सकता है। एक रिसर्च में इस बात की जानकारी मिलती है कि मूली में एंटी अल्सर प्रभाव मौजूद होते हैं, जो शराब के अधिक सेवन से होने वाले गैस्ट्राइटिस और गैस्ट्रिक अल्सर के उपचार में प्रभावी साबित हो सकते हैं (5)। ऐसे में दवा के साथ-साथ अल्सर के लिए आहार में मूली का उपयोग  लाभकारी माना जा सकता है।

    4. सेब

    पेट के अल्सर की समस्या से राहत पाने के लिए सेब का सेवन करना भी फायदेमंद माना जा सकता है। बता दें कि सेब पॉलीफेनॉल्स से समृद्ध होता है, जो एक बेहतरीन एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य कर सकता है। इसके अलावा, सेब में गैस्ट्रो प्रोटेक्टिव प्रभाव भी होता है, जो एस्पिरिन की दवा के वजह से होने वाले गैस्ट्रिक अल्सर को कम कर सकता है।

    यही नहीं,  सेब में एंटी हेलिकोबैक्टर पाइलोरी प्रभाव भी होते हैं, जो हेलिकोबैक्टर पाइलोरी (Helicobacter pylori) नामक बैक्टीरिया से लड़ने में मदद कर सकते हैं। बता दें कि यह बैक्टीरिया पेप्टिक अल्सर का एक कारण माना जाता है (6)।

    5. ब्लूबेरी

    अल्सर के उपचार के लिए ब्लूबेरी का भी सेवन  किया जा सकता है। ‘पेप्टिक अल्सर के घरेलू उपचार’ से जुड़ी एक जानकारी में बताया गया है कि ब्लूबेरी पॉलीफेनोल नामक एंटीऑक्सीडेंट से समृद्ध होता है, जो अल्सर से बचाव करने में और अल्सर की समस्या में होने वाले घाव को भरने या कम करने में मदद कर सकते हैं (7)।

    इसके अलावा, ब्लूबेरी और उसके अर्क में हेलिकोबैक्टर पाइलोरी नामक बैक्टीरिया को पनपने से रोकने की क्षमता होती है (8)। जैसा कि हमने लेख में बताया है कि हेलिकोबैक्टर पाइलोरी नामक बैक्टीरिया को अल्सर का एक जोखिम कारक माना गया है (1)। इस आधार पर अल्सर के लिए आहार में ब्लूबेरी को शामिल करना फायदेमंद हो सकता है।

    6. रास्पबेरी

    एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध की मानें तो रास्पबेरी फल के साथ-साथ उसके रस और अर्क सभी में हेलिकोबैक्टर पाइलोरी बैक्टीरिया के संक्रमण को फैलने से रोकने की क्षमता होती है (8)। ऐसे में यह माना जा सकता है कि अल्सर से बचाव के लिए रास्पबेरी का सेवन करना भी लाभकारी साबित हो सकता है।

    7. ब्लैक बेरी

    स्वास्थ्य के लिहाज से ब्लैक बेरी भी बेहद गुणकारी फल माना जाता है। इसपर हुए एक शोध से जानकारी मिलती है कि ब्लैक बेरी का उपयोग अल्सर की समस्या से बचाव के लिए किया जाता रहा है (9)। दरअसल, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध की मानें तो ब्लैक बेरी और उसके अर्क दोनों में ही हेलिकोबैक्टर पाइलोरी नामक बैक्टीरिया को पनपने से रोकने की क्षमता होती है (8)।

    वहीं, लेख में हम यह बता ही चुके हैं कि हेलिकोबैक्टर पाइलोरी नामक बैक्टीरिया को पेप्टिक अल्सर का एक प्रमुख कारण माना गया है (1)। ऐसे में ब्लैक बेरी का उपयोग अल्सर की समस्या के लिए फायदेमंद माना जा सकता है।

    8. स्ट्रॉबेरी

    स्ट्रॉबेरी खाने में जितनी स्वादिष्ट होती है, स्वास्थ्य के लिए भी उतनी ही लाभकारी मानी जाती है। इन लाभों में अल्सर से बचाव भी शामिल है। दरअसल, स्ट्रॉबेरी में अल्सर का कारण बनने वाले हेलिकोबैक्टर पाइलोरी नामक बैक्टीरिया को पनपने से रोकने की क्षमता होती है। स्ट्रॉबेरी फल के अलावा, उसका रस और अर्क भी इस बैक्टीरिया के प्रसार को रोकने में मदद कर सकता है (8)। यही वजह है कि स्ट्रॉबेरी को अल्सर डाइट में शामिल करना अच्छा विकल्प माना जा सकता है। 

    9. चेरी

    अल्सर की समस्या में चेरी के सेवन की भी सलाह दी जा सकती है। इससे संबंधित एक रिसर्च से जानकारी मिलती है कि चेरी फल में फ्लेवोनोइड्स और एंथोसायनिडिन एवं रेस्वेराट्रोल जैसे एंटीऑक्सिडेंट मौजूद होते हैं, जो अल्सर का कारण बनने वाले हेलिकोबैक्टर पाइलोरी नामक बैक्टीरिया को पनपने से रोकने में मदद कर सकते हैं (10)। इस आधार पर अल्सर डाइट में चेरी को शामिल करना फायदेमंद हो सकता है।

    10.  शिमला मिर्च

    अल्सर डाइट के रूप में शिमला मिर्च का भी सेवन किया जा सकता है। इससे जुड़े एक शोध से जानकारी मिलती है कि शिमला मिर्च में मौजूद कैप्साइसिन एंटी अल्सर प्रभाव प्रदर्शित कर सकता है। साथ ही यह पेट के अल्सर का कारण बनने वाले हेलिकोबैक्टर पाइलोरी नामक बैक्टीरिया के खिलाफ भी प्रभावकारी हो सकता है (11)।

    वहीं, एनसीबीआई की वेबसाइट पर मौजूद एक रिसर्च में लाल शिमला मिर्च को अल्सर की समस्या में सावधानी के साथ खाए जाने वाली खाद्य पदार्थों की लिस्ट में शामिल किया गया है (3)। इन तथ्यों के आधार पर अल्सर में क्या खाना चाहिए, इसके जवाब के रूप में सावधानीपूर्वक शिमला मिर्च के सेवन की सलाह दी जा सकती है। अगर मन में दुविधा हो तो इस बारे में डॉक्टरी सलाह जरूर लें।

    11. गाजर

    मूली की तरह गाजर का सेवन भी अल्सर की समस्या से बचाव में मददगार साबित हो सकता है। बताया जाता है कि शराब के अधिक सेवन से होने वाले गैस्ट्राइटिस और गैस्ट्रिक अल्सर की समस्या में गाजर में मौजूद एंटी अल्सर गुण प्रभावकारी रूप से काम कर सकते हैं (5)। इसके अलावा, एक अन्य शोध में बताया गया है कि गाजर का अर्क भी गैस्ट्रिक अल्सर से बचाव में मददगार साबित हो सकता है (12)।

    12. ब्रोकली

    ब्रोकली का उपयोग कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभों के लिए किया जाता है। इन लाभों में अल्सर से बचाव भी शामिल है। इस बात की जानकारी ब्रोकली के गुणों पर हुए एक शोध से मिलती है। इस शोध में बताया गया है कि ब्रोकली और अंकुरित ब्रोकोली दोनों में ही सल्फोराफेन मौजूद होता है, जो पेट के अल्सर का कारण बनने वाले हेलिकोबैक्टर पाइलोरी नामक बैक्टीरिया को पनपने से रोकने में मदद कर सकता है (13)।

    हालांकि, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में अल्सर की समस्या के दौरान सावधानी के साथ ब्रोकली के सेवन की सलाह भी दी गई है (3)। इस आधार पर गैस्ट्रिक अल्सर में क्या खाना चाहिए, इस सवाल के जवाब के रूप में सावधानी के साथ ब्रोकली के सेवन की सिफारिश की जा सकती है।

    13. हरी पत्तेदार सब्जी

    पेट के अल्सर के लिए डाइट में हरी पत्तेदार सब्जी, जैसे – पालक, केल आदि को शामिल किया जा सकता है (3)। बताया जाता है कि पालक में एंटी अल्सर गुण मौजूद होते हैं, जो अल्सर की समस्या को कम करने में कारगर साबित हो सकते हैं (14)।

    इसके अलावा, केल के पत्ते का सेवन भी अल्सर की समस्या में लाभकारी माना जा सकता है। दरअसल, केल के पत्ते में फ्लेवोनॉयड्स और स्टेरोल्स नामक दो फाइटोकेमिकल्स होते हैं, जो एंटी अल्सर गुण प्रदर्शित करने के लिए जाने जाते हैं (15)।

    14.  प्रोबायोटिक फूड्स

    पेप्टिक अल्सर के लिए प्रोबायोटिक्स को भी लाभकारी माना जा सकता है। बताया जाता है कि प्रोबायोटिक्स एंटीबायोटिक दवाओं के दुष्प्रभावों को कम कर अल्सर के उपचार में सहायक हो सकते हैं (3)। यहां हम कुछ प्रोबायोटिक फूड्स के बारे में बता रहे हैं, जिनका सेवन अल्सर की समस्या में लाभकारी माना जाता है:

    • दही – जैसा कि हमने लेख में बताया कि हेलिकोबैक्टर पाइलोरी बैक्टीरिया को पेप्टिक अल्सर का एक प्रमुख कारण माना जाता है (1)। वहीं, दही में इस बैक्टीरिया के संक्रमण को रोकने की क्षमता होती है (16)। यही वजह है कि अल्सर के लिए आहार में दही के उपयोग की सलाह दी जाती है।
    • केफिर – एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध की मानें तो केफिर में भी हेलिकोबैक्टर पाइलोरी बैक्टीरिया को पनपने से रोकने की क्षमता होती है (15)। बता दें कि केफिर दूध को किण्वित करके बनाया जाता है। यह देखने में दही जैसा ही लगता है।
    • मिसोमिसो, सोयाबीन को किण्वित करके बनाया जाता है। इस पर हुए शोध से पता चलता है कि गैस्ट्रिक अल्सर से बचाव के लिए इसका सेवन करना फायदेमंद साबित हो सकता है (17)। इस आधार पर अल्सर में क्या खाना चाहिए, इस सवाल के जवाब के रूप में मिसो के सेवन की सलाह दी जा सकती है।
    • सॉवरक्रॉट सॉवरक्रॉट (Sauerkraut), पत्ता गोभी को किण्वित करके बनाया जाता है। इससे जुड़े एक रिसर्च से जानकारी मिलती है कि सॉवरक्रॉट में एंटी-हेलिकोबैक्टर गतिविधि मौजूद होती है, जो हेलिकोबैक्टर पाइलोरी बैक्टीरिया को पनपने से रोकने में मदद कर सकता है (15)। इस आधार पर अल्सर डाइट चार्ट में सॉवरक्रॉट को भी शामिल करने की सलाह दी जा सकती है।
    • कोम्बुचा टी : कोम्बुचा चाय की बात करें तो इसमें भी हेलिकोबैक्टर पाइलोरी बैक्टीरिया के विकास को रोकने की क्षमता होती है। वहीं, इसके पीछे इसके एंटी माइक्रोबियल गुण को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। यही नहीं, इस पर हुए शोध में यह भी बताया गया है कि इस चाय में गैस्ट्रिक अल्सरेशन के खिलाफ हीलिंग गुण भी मौजूद होते हैं। यह अल्सर के घाव को भरने में मदद कर सकता है (18)। ऐसे में पेट के अल्सर के लिए डाइट में कोम्बुचा चाय को भी शामिल किया जा सकता है।

    15. ऑलिव ऑयल

    स्वास्थ्य के लिए ऑलिव के इस्तेमाल को भी लाभकारी माना गया है। दरअसल, इसमें ऐसे कई फेनोलिक कंपाउंड होते हैं, जो सेहत के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं। इनमें पेप्टिक अल्सर की समस्या से बचाव भी शामिल है। इस बारे में एनसीबीआई की वेबसाइट पर एक शोध प्रकाशित है, जिसमें बताया गया है कि ऑलिव ऑयल पेप्टिक अल्सर का कारण बनने वाले हेलिकोबैक्टर पाइलोरी बैक्टीरिया के खिलाफ मजबूती से लड़ सकता है (19)। हालांकि, इस विषय में अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

    16. शहद

    अल्सर में क्या खाना चाहिए, इस सवाल की लिस्ट में शहद को भी शामिल किया जा सकता है। बता दें कि शहद में एंटी बैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं, जो पेप्टिक अल्सर का कारण बनने वाले हेलिकोबैक्टर पाइलोरी बैक्टीरिया से लड़ने में मदद कर सकता है (20)।

    इसके अलावा, एक अन्य शोध में मनुका शहद में मौजूद फ्लेवोनोइड को भी एंटी-अल्सरोजेनिक गुण के लिए जिम्मेदार माना गया है, जो अल्सर की समस्या से बचाव कर सकता है (21)। इस आधार पर यह कहना गलत नहीं होगा कि शहद का इस्तेमाल अल्सर डाइट के रूप में किया जा सकता है।

    17. लहसुन

    पेट के अल्सर के लिए लहसुन का सेवन भी फायदेमंद साबित हो सकता है। पेप्टिक अल्सर के उपचार में हर्बल दवाइयों के उपयोग पर हुए एक शोध में बताया गया है कि लहसुन में एंटी बैक्टीरियल और एंटी माइक्रोबियल गुण मौजूद होते हैं, जो हेलिकोबैक्टर पाइलोरी को पनपने से रोकने में मदद कर सकते हैं (22)। वहीं, लेख में हम बता ही चुके हैं कि हेलिकोबैक्टर पाइलोरी बैक्टीरिया को पेप्टिक अल्सर का एक प्रमुख कारण माना गया है।

    18. डिकैफिनेटेड ग्रीन टी

    पेट के अल्सर में क्या खाना चाहिए, इस सवाल के जवाब में ग्रीन टी के सेवन की भी सलाह दी जा सकती है। इस बारे में एनसीबीआई की वेबसाइट पर एक शोध प्रकाशित है, जिसमें यह बताया गया है कि डिकैफिनेटेड ग्रीन टी में एपिगैलोकैटेचिन गैलेट नामक पॉलीफेनोल मौजूद होता है, जो एंटी-अल्सर गुण प्रदर्शित करने के लिए जाना जाता है (23)। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि अल्सर के लिए आहार की लिस्ट में सीमित मात्रा में डिकैफिनेटेड ग्रीन टी को शामिल करना फायदेमंद हो सकता है।

    19. मुलेठी

    एनसीबीआई की वेबसाइट पर पब्लिश रिसर्च की मानें तो मुलेठी का इस्तेमाल भी अल्सर के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। बताया जाता है कि मुलेठी पेट के बलगम के स्राव को बढ़ा सकती है। इससे अल्सर को बनने से रोकने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा, मुलेठी में एंटी हेलिकोबैक्टर पाइलोरी प्रभाव भी पाया गया है, जो अल्सर का कारण बनने वाले बैक्टीरिया से लड़ने में मददगार साबित हो सकता है (24)।

    20. हल्दी

    त्वचा के लिए तो हल्दी के फायदे हैं ही इसके अलावा, स्वास्थ्य के लिए भी यह गुणकारी माना जाता है। वजह है इसमें मौजूद करक्यूमिन नामक कंपाउंड, जो कई प्रकार के औषधीय गुण से समृद्ध होता है। इसमें एंटी-अल्सर प्रभाव भी शामिल है। इस बात की पुष्टि एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध से होती है (25)। इस आधार पर हम यह कह सकते हैं कि गैस्ट्रिक अल्सर में क्या खाना चाहिए, इस सवाल के जवाब में हल्दी के उपयोग की सिफारिश की जा सकती है।

    स्क्रॉल करें

    अल्सर में क्या-क्या खाना चाहिए, जानने के बाद अल्सर में क्या नहीं खाना चाहिए यह भी जान लीजिए।

    पेट के अल्सर में क्या नहीं खाना चाहिए – Foods to Avoid Ulcer in Hindi

    लेख में अब तक आपने जाना पेट के अल्सर में क्या खाना चाहिए। चलिए अब जरा यह भी जान लीजिए कि पेट के अल्सर में क्या नहीं खाना चाहिए (3) (26)।

    • फ्राइड फूड
    • नींबू
    • तीखी मिर्च (जैसे – काली मिर्च, मिर्च)
    • चॉकलेट
    • कॉफी
    • काली चाय
    • फिजी या कोला ड्रिंक्स
    • सरसों के बीज
    • अल्कोहल
    • कैफीन युक्त सोडा
    • वसायुक्त खाद्य पदार्थ,
    • मसालेदार भोजन

    यह भी पढ़ें

    यहां हम पेट के अल्सर के लिए डाइट चार्ट का एक नमूना पेश कर रहे हैं।

    पेट के अल्सर के लिए नमूना आहार चार्ट – Sample Diet Chart for Ulcer in Hindi

    यहां हम अल्सर के लिए डाइट चार्ट का एक नमूना पेश कर रहे हैं। साथ ही हम यह स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि यह डाइट चार्ट केवल उदाहरण के तौर पर है। वहीं, यहां बताई गई खाद्य सामग्री और उसकी मात्रा में व्यक्ति के उम्र और स्वास्थ्य के अनुसार बदलाव किए जा सकते हैं।

    भोजन का समयक्या खाएं
    सुबह-सुबह 7 बजे के करीबएक गिलास पानी और 6 से 8 भीगे हुए बादाम
    नाश्ता (सुबह 8:00 से 8:30 बजे के बीच)एक सेट ब्राउन ब्रेड एग सैंडविच और एक सेब;
    ब्रंच (सुबह 11:00 से 11:30 के बीच)एक नारियल पानी या एक कटोरी खरबूजा
    दोपहर का खाना (1:00 से 2:00 के बीच)दो रोटी और एक कटोरी लौकी या पालक की सब्जी, एक कटोरी सलाद और आधा कटोरी दही या एक कटोरी खिचड़ी
    शाम का नाश्ता (4:00 से 4:30 के बीच)4 से 5 टुकड़े कच्चा पनीर और एक या दो उबले अंडे का केवल सफेद भाग या चाहें तो एक कप डिकैफिनेटेड ग्रीन टी और एक या दो बिस्कुट भी खा सकते हैं।
    रात का खाना (8:00 से 8:30 के बीच) दो रोटी और एक कटोरी लौकी की सब्जी या दो रोटी, एक कटोरी अरहर या तुअर दाल और एक कटोरी लौकी की सब्जी
    सोने से पहलेएक गिलास ठंडा दूध

    नोट : अल्सर में क्या-क्या खाना चाहिए, इस बारे में अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से भी सलाह ले सकते हैं। साथ ही उनसे इस बात की भी जानकारी लें कि अल्सर डाइट में शामिल खाद्य पदार्थों का सेवन कितने दिनों तक करना है।

    नीचे स्क्रॉल करें

    लेख के हिस्से में जानें अल्सर से बचाव के टिप्स

     पेट के अल्सर कम करने के लिए कुछ और डाइट टिप्स – Other Tips for Ulcer Diet in Hindi

    यहां कुछ ऐसे टिप्स बता रहे हैं, जो अल्सर की समस्या को कुछ हद तक कम करने में कारगर साबित हो सकते हैं (26)।

    • अल्सर की समस्या के दौरान उन खाद्य और पेय पदार्थों के सेवन से बचें, जो इसे और अधिक बढ़ा सकता है।
    • रात को अधिक देर से स्नैक्स खाने से परहेज करें।
    • धूम्रपान और तंबाकू से दूरी बनाए रखें। यह अल्सर के उपचार और घाव भरने की गति को धीमा कर सकता है।
    • शराब का सेवन न करें।
    • तनाव से जितना दूर रहें, उतना ही अच्छा है।
    • कुछ दवाइयों, जैसे – एस्पिरिन, इबुप्रोफेन (एडविल, मोट्रिन) या नेप्रोक्सेन (एलेव, नेप्रोक्सेन) के सेवन से बचें।
    • अगर चाहें तो दर्द से निजात पाने के लिए डॉक्टर द्वारा दिए गए दर्द निवारक दवा का इस्तेमाल कर सकते हैं।
    • स्वस्थ एवं संतुलित आहार का सेवन करें।

    हम उम्मीद करते हैं कि इस लेख को पढ़ने के बाद अल्सर में क्या-क्या खाना चाहिए, इस सवाल का जवाब आपको मिल गया होगा। इसके अलावा, यहां हमने अल्सर में क्या नहीं खाना चाहिए, इसका भी जिक्र किया है। यहां बताए गए उपाय अल्सर से बचाव और उसके लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं। वहीं, अगर किसी को अल्सर की समस्या है तो डॉक्टर से इसका इलाज जरूर करवाएं। डॉक्टरी इलाज के साथ-साथ लेख में बताए गए खाद्य पदार्थों का सेवन अल्सर के उपचार में अधिक प्रभावी साबित हो सकते हैं।

    अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    क्या केला अल्सर के लिए अच्छा है?

    हां, केला अल्सर के लिए अच्छा माना जा सकता है। दरअसल, इसमें एंटी बैक्टीरियल कंपाउंड मौजूद होते हैं, जो अल्सर का कारण बनने वाले हेलिकोबैक्टर पाइलोरी बैक्टीरिया को पनपने से रोकने में मदद कर सकता है (22)।

    अल्सर की समस्या में सुबह के समय क्या खा सकते हैं?

    अल्सर की समस्या में सुबह के नाश्ते में फल, जूस और नट्स का सेवन किया जा सकता है (3)। हालांकि, सुबह के वक्त क्या और कितनी मात्रा में खाना है यह व्यक्ति के स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। इसलिए बेहतर है इस बारे में व्यक्ति डॉक्टरी सलाह भी लें।

    क्या पेट के अल्सर के लिए चीज़ हानिकारक है?

    नहीं, पेट के अल्सर के लिए चीज़ हानिकारक नहीं है। इस दौरान लो फैट चीज़ का सेवन सीमित मात्रा में किया जा सकता है  (3)।

    क्या अल्सर के लिए चावल ठीक है?

    नहीं, अल्सर के लिए चावल अच्छा नहीं माना जाता है। चूहों पर किए गए एक शोध की मानें तो चावल में अल्सरोजेनिक यानी अल्सर पैदा करने वाले गुण होते हैं (27)। इसलिए, बेहतर है अल्सर में चावल के सेवन से पहले डॉक्टरी सलाह ली जाए।

    क्या अंडा अल्सर के लिए अच्छा है?

    हां, अंडा अल्सर के लिए अच्छा माना जा सकता है (28)। फिर भी सेवन से पहले एक बार डॉक्टरी सलाह जरूर लें, क्योंकि हर किसी का स्वास्थ्य एक जैसा नहीं होता है। ऐसे में अंडा किसके लिए अल्सर में फायदेमंद हो और किसके लिए नहीं, यह बता पाना थोड़ा मुश्किल है। साथ ही अंडे का सेवन अल्सर की स्थिति और गंभीरता पर भी निर्भर कर सकता है।

    क्या अदरक अल्सर का इलाज कर सकता है?

    अदरक अल्सर  से बचाव कर सकता है। दरअसल, अदरक में एंटी अल्सर गुण होने के साथ-साथ गैस्ट्रोप्रोटेक्टिव प्रभाव भी मौजूद होते हैं, जो इस समस्या के जोखिम को कम करने में मददगार साबित हो सकते हैं (29)। वहीं, अल्सर के दौरान इसके सेवन से पहले डॉक्टरी सलाह जरूर लें।

    पेट के छाले में क्या खाना चाहिए?

    अगर बात करें कि पेट के छाले में क्या खाना चाहिए, तो बता दें कि सेब, पपीता, खरबूजा, केला, हरी पत्तेदार सब्जियां, गाजर, चुकंदर, हरी बीन्स, पालक, केल, मूली, तोरी आदि का सेवन किया जा सकता है (3)।

    29 संदर्भ

    Articles on StyleCraze are backed by verified information from peer-reviewed and academic research papers, reputed organizations, research institutions, and medical associations to ensure accuracy and relevance. Read our editorial policy to learn more.

    1. Peptic Ulcer
      https://medlineplus.gov/pepticulcer.html
    2. Evaluation of antiulcer activity of indole-3-carbinol and/or omeprazole on aspirin-induced gastric ulcer in rats
      https://journals.sagepub.com/doi/abs/10.1177/0748233712457448
    3. Nutritional care in peptic ulcer
      https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4743227/
    4. Juice
      https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC1643665/
    5. Protective Effect of Daucus Carota (Carrot) And Raphanus Sativus (Radish) on Aspirin Induced Gastric Ulcer In Albino Rat Models
      https://www.researchgate.net/publication/320056272_Protective_Effect_of_Daucus_Carota_Carrot_And_Raphanus_Sativus_Radish_on_Aspirin_Induced_Gastric_Ulcer_In_Albino_Rat_Models
    6. Role of dietary polyphenols in the management of peptic ulcer
      https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4458761/
    7. TREATMENT OF PEPTIC ULCER BY HOME REMEDIES
      http://www.iraj.in/journal/journal_file/journal_pdf/6-280-147367133294-97.pdf
    8. Dietary Amelioration of Helicobacter Infection
      https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4465045/
    9. Blackberries
      https://www.sciencedirect.com/topics/agricultural-and-biological-sciences/blackberries
    10. Evaluation of Antiulcer Activity of DGL (Deglycyrrhizinated liquorice)
      https://www.jpsr.pharmainfo.in/Documents/Volumes/vol9Issue11/jpsr09111710.pdf
    11. Efficacy of Capsicum Frutescens in Curing the Peptic Ulcer
      https://www.researchgate.net/publication/265184925_Efficacy_of_Capsicum_Frutescens_in_Curing_the_Peptic_Ulcer
    12. Phytochemical and Pharmacological Review of Carrot (Daucus carota L.)
      https://www.researchgate.net/publication/349006293_Phytochemical_and_Pharmacological_Review_of_Carrot_Daucus_carota_L
    13. Role of Nutraceutical Enriched Broccoli in the Management of Lifestyle Diseases
      http://researchjournal.co.in/upload/assignments/6_69-76.pdf
    14. Anti-Stress and Antidepressant Effects of Spinach Extracts on a Chronic Stress-Induced Depression Mouse Model through Lowering Blood Corticosterone and Increasing Brain Glutamate and Glutamine Levels
      https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6262511/
    15. Anti-Ulcer Activity of Medicinal Plants: A Review
      https://globalresearchonline.net/journalcontents/v54-1/17.pdf
    16. Fermented Foods: Are They Tasty Medicines for Helicobacter pylori Associated Peptic Ulcer and Gastric Cancer?
      https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4958626/
    17. Beneficial Biological Effects of Miso with Reference to Radiation Injury
      https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3695331/
    18. Health
      https://downloads.hindawi.com/journals/jchem/2015/591869.pdf
    19. In vitro activity of olive oil polyphenols against Helicobacter pylori
      https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/17263460/
    20. The Antibacterial Activity of Honey on Helicobacter Pylori
      https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3074916/
    21. Antioxidant
      https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4685122/
    22. Herbal Drugs In Treatment Of Peptic Ulcer
      https://www.researchgate.net/publication/336103097_HERBAL_DRUGS_IN_TREATMENT_OF_PEPTIC_ULCER
    23. Epigallocatechin gallate accelerates healing of indomethacin-induced stomach ulcers in mice
      https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/21602608/
    24. The healing effect of licorice (Glycyrrhiza glabra) on Helicobacter pylori infected peptic ulcers
      https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3818629/
    25. Turmeric (curcumin) remedies gastroprotective action
      https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3731878/
    26. Peptic ulcer disease – discharge
      https://medlineplus.gov/ency/patientinstructions/000380.htm
    27. EFFECT OF RICE
      https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3336730/
    28. Bland diet
      https://medlineplus.gov/ency/patientinstructions/000068.htm
    29. Gastroprotective Effect of Ginger Rhizome (Zingiber officinale) Extract: Role of Gallic Acid and Cinnamic Acid in H+
      https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3136331/
    Was this article helpful?
    thumbsupthumbsdown
    The following two tabs change content below.
    अनुज जोशी ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। अनुज को प्रिंट... more

    ताज़े आलेख