दिमाग तेज करने के लिए योग – Yoga To Improve Memory Power In Hindi

Written by , (शिक्षा- एमए इन मास कम्युनिकेशन)

व्यक्ति के लिए जितना जरूरी खाना है, उतना ही जरूरी योग को भी माना गया है। शायद इसी वजह से तन-मन को स्वस्थ रखने लिए योग करने की सलाह दी जाती है। योग से न सिर्फ शारीरिक समस्याओं से बचा जा सकता है, बल्कि दिमाग की क्षमता भी बढ़ सकती है। योग के इन्हीं फायदों को देखते हुए स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम दिमाग तेज करने के लिए योग की क्या भूमिका है, यह आपको बताएंगे। साथ ही कौन-कौन से योगासन किस तरह से दिमाग तेज करते हैं, इसकी भी जानकारी देंगे।

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आइए, सबसे पहले दिमाग को तेज करने वाले योग पर चर्चा करते हैं।

दिमाग तेज करने के लिए योग – Dimag Tez Karne Ka Yoga in Hindi

दिमाग को स्वस्थ रखने में योग बेहद अहम भूमिका निभाता है। इस दौरान मस्तिष्क में ब्लड फ्लो और ऑक्सीजन लेवल बढ़ता है, जिससे व्यक्ति को रिलैक्स महसूस होता है (1)। साथ ही योग से मन का भटकना कम होता है, जिससे दिमाग की एकाग्रता बढ़ने के साथ ही मस्तिष्क भी तेज हो सकता है। अब आगे समझिए की दिमाग तेज करने के लिए योग करने का फैसला लेने के बाद कौन-कौन से योगासन को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए (1)।

1. पादहस्तासन (Padahastasana)

Padahastasana

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लोगों की एकाग्रता को बढ़ाने के लिए योगासन को लेकर हुए एक शोध में इस बात का जिक्र मिलता है कि पांच हफ्ते तक कुछ योगासन करने से दिमाग तेज हो सकता है। इस दौरान किए गए विभिन्न योगासन में से एक पादहस्तासन भी था। इस दौरान पांच हफ्ते तक लोगों ने योगासन किया और मस्तिष्क पर अच्छा प्रभाव मिला। साथ ही पादहस्तासन से एकाग्रता भी बढ़ सकती है (2)।

कैसे करें :

  • पादहस्तासन योग करने के लिए सबसे पहले साफ और एक समान जगह पर योग मैट बिछाएं।
  • अब अपने पैरों को साथ में जोड़कर एकदम सीधे खड़े हो जाएं।
  • इस दौरान हाथ भी बिल्कुल सीधे होने चाहिए।
  • इतना करने के बाद गहरी सांस लेते हुए हाथों को ऊपर उठाएं।
  • फिर धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए कमर से आगे की ओर झुकें।
  • अब अपनी हथेलियों को पैरों के बगल में जमीन से छूने की कोशिश करें।
  • इस स्थिति में हथेलियां जमीन पर होंगी और घुटना व कमर का निचला हिस्सा सीधा रहेगा।
  • अगर हथेली जमीन पर रखना संभव न हो, तो हाथों से टखनों को या पैरों की उंगलियों को पकड़ लें।
  • इस दौरान माथे को भी घुटनों से सटाने का प्रयास करें।
  • कुछ सेंकड के लिए इस अवस्था में रहें और सामान्य गति से सांस लें व छोड़ें।
  • फिर आराम से सांस लेते हुए प्रारंभिक अवस्था में आ जाएं।
  • इस प्रकार दो से तीन बार पादहस्तासन को दोहरा सकते हैं।

सावधानी :

  • अगर पीठ में दर्द हो, तो इस आसान को बिल्कुल भी न करें।
  • अगर पादहस्तासन को करते वक्त पीठ में तेज दर्द होने लगे, तो डॉक्टर की सलाह लें।
  • पेट में सूजन, दिल संबंधी समस्या, हर्निया हो, तो इस योगासन को करने से बचें।
  • गर्भवतियों को भी पादहस्तासन नहीं करना चाहिए।
  • अगर किसी का हाल ही में पेट या घुटने का ऑपरेशन हुआ हो, तो पादहस्तासन बिल्कुल न करें।

2. हलासन योग (Halasana)

(Halasana)

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स्मरण शक्ति बढ़ाने के योग में हलासन का भी नाम शामिल है। छात्रों पर 48 दिनों तक किए गए एक अध्ययन में भी इस बात का जिक्र है कि पहले के मुकाबले छात्रों की शारीरिक और मानसिक स्थिति में सुधार हुआ है। इससे बच्चों की एकाग्रता बढ़ने के साथ ही उनका दिमाग भी तेज हुआ। इस अध्ययन में कई प्रकार के योग को शामिल किया गया, जिसमें से एक हलासन योग भी था। ऐसे में कहा जा सकता है कि हलासन करने से दिमाग तेज हो सकता है (3)।

कैसे करें :

  • सबसे पहले एक समतल जगह पर योग मैट बिछाएं।
  • अब पीठ वाले हिस्से की मदद से सीधे मैट पर लेट जाएं।
  • इस दौरान शरीर से अपने दोनों हाथ सटाकर रखें।
  • फिर सांस लेते हुए अपने पैरों को ऊपर की ओर उठाएं।
  • अगर पैरों को उठाने में परेशानी हो, तो कमर को हाथों से सहारा दें।
  • इस वक्त पैर सिर के ऊपर से पीछे जाएंगे और पंजे जमीन को छू रहे होंगे व एड़ी हवा में होगी।
  • जब इस मुद्रा में आराम से आ जाएं, तो कमर से हाथों को हटा लें और जमीन पर सीधा रख दें।
  • इस मुद्रा में अपनी क्षमतानुसार बने रहें और सामान्य तरीके से सांस लेते व छोड़ते रहें।
  • इसके बाद धीरे-धीरे योग को विपरीत तरीके से करते हुए प्रारंभिक अवस्था में आ जाएं।
  • इस योगासन को तीन से चार बार तक कर सकते हैं।

सावधानी :

  • गर्दन में दर्द हो या चोट लगी हो, तो हलासन न करें।
  • गर्भवती महिलाएं को इस योगासन को नहीं करना चाहिए।
  • माहवारी और दस्त होने पर भी हलासन करने से परहेज करें।

3. ताड़ासन (Tadasana)

(Tadasana)

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एक अध्ययन में इस बात का जिक्र मिलता है कि शॉर्ट टर्म मेमोरी यानी हाल ही में बीती चीजों को याद रखना मुश्किल हो जाता है, तो ताड़ासन किया जा सकता है। दरअसल, ताड़ासन को याददाश्त बढ़ाने के योग की लिस्ट में रखा जाता है। रिसर्च पेपर के अनुसार, ताड़सन योग करने से याददाश्त को बढ़ाने में मदद मिल सकती है (4)।

कैसे करें :

  • समतल जगह पर दोनों पैरों को आपस में मिलाकर सीधे खड़े हो जाएं।
  • फिर अपने दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में फंसा लें।
  • हाथों की उंगलियों को फंसाने से पहले यह ध्यान दें कि हथेली आसमान की तरफ होनी चाहिए।
  • अब सांसों को भरते हुए शरीर को ऊपर की तरफ खींचें।
  • इस समय शरीर का पूरा भार पंजों पर होगा, क्योंकि पूरी बॉडी पंजों के बल पर ही खड़ी होगी।
  • इसी अवस्था में थोड़ी देर रहने की कोशिश करें और सामान्य रूप से सांस लेते रहें।
  • फिर सांस को छोड़ते हुए सामान्य अवस्था में आकर कुछ देर शरीर को आराम दें।
  • इस प्रक्रिया को कुछ सेकंड बाद फिर से दोहराएं।
  • लगभग 10 मिनट तक इस आसन को किया जा सकता है।

सावधानी :

  • सिर दर्द की समस्या है, तो ताड़ासन योग करने से बचें (5)।
  • अनिद्रा (नींद न आने की समस्या) से पीड़ित व्यक्ति को भी ताड़ासन करने से बचना चाहिए (5)।
  • लो ब्लड प्रेशर वालों को भी ताड़ासन योग से परहेज करना चाहिए (5)।

4. पद्मासन (Padmasana)

(Padmasana)

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पद्मासन को भी स्मरण शक्ति बढ़ाने के योग में गिना जाता है। नियमित तौर पर इस आसन को करने से न सिर्फ रिलैक्सेशन मिलता है, बल्कि एकाग्रता बढ़ती है और दिमाग भी तेज हो सकता है। पद्मासन के दौरान प्राणायाम यानी सांस लेने व छोड़ने की प्रक्रिया करने से मांसपेशियों के तनाव को दूर करने में भी मदद मिल सकती है। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि अगर दिमाग तेज करना है, तो पद्मासन योग करना लाभकारी हो सकता है (6)।

कैसे करें :

  • सबसे पहले अपने पैरों को सामने की ओर फैलाकर बैठ जाएं।
  • इस दौरान गर्दन और कमर को सीधा रखें।
  • इसके बाद दाएं पैर को मोड़कर अपनी एड़ी को बाईं जांघ के ऊपर रख दें।
  • यही प्रक्रिया दूसरे पैर के साथ दोहराएं।
  • अब दोनों हाथों से ज्ञानमुद्रा बनाकर घुटनों पर रखें।
  • इस अवस्था में कोहनियों और कमर व गर्दन को एकदम सीधा रखें।
  • अब इस मुद्रा में कुछ देर सीधे बैठें।
  • इस मुद्रा में सांस लेने और छोड़ने की प्रक्रिया को सामान्य रूप से जारी रखें।
  • इस प्रक्रिया को दिन में दो बार पांच मिनट के लिए दोहरा सकते हैं।

सावधानी :

  • घुटने और जोड़ों में दिक्कत हो, तो पद्मासन को बिल्कुल न करें।
  • डॉक्टर की सलाह पर ही गर्भवतियों को पद्मासन करना चाहिए।

5. पश्चिमोत्तानासन (Paschimottanasana)

(Paschimottanasana)

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पश्चिमोत्तानासन याददाश्त बढ़ाने के योग की लिस्ट में शामिल है। यह आसन दिमाग को शांत रख एकाग्रता बनाए रखने में लाभकारी हो सकता है। साथ ही पश्चिमोत्तानासन करने से दिमाग में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, जो दिमाग में भरपूर ऑक्सीजन की पूर्ति करके दिमाग को केंद्रित करने और तेज बनाने में मदद कर सकता है (6)।

कैसे करें :

  • सबसे पहले किसी साफ जगह में योग मैट बिछाकर उसमें अपने पैरों को सीधा फैलाकर बैठ जाएं।
  • इस दौरान पैरों के बीच दूरी न हो और घुटने सीधे होने चाहिए।
  • अब अपने दोनों हाथ को घुटनों पर रखें। ध्यान दें कि इस मुद्रा में गर्दन, सिर और रीढ़ की हड्डी सीधी रहे।
  • फिर आगे झुक कर पैरों की उंगलियों को पकड़ने का प्रयास करें और माथे से घुटने को छुएं।
  • ध्यान रहे कि आगे झुकने के दौरान भी घुटने मुड़ने नहीं चाहिए।
  • कुछ सेकंड के लिए इसी अवस्था में बने रहें और सामान्य गति से सांस लेते रहें।
  • अंत में एक गहरी सांस लेते हुए प्रारंभिक अवस्था में वापस आ जाएं।

सावधानी :

  • गर्भावस्था में पश्चिमोत्तानासन योग न करें।
  • स्लिप डिस्क, अल्सर और अस्थमा से पीड़ित लोग पश्चिमोत्तानासन बिल्कुल करें।
  • डायरिया की समस्या से पीड़ित लोगों को भी पश्चिमोत्तानासन करने की सलाह नहीं दी जाती है।
  • किसी प्रमाणित योगा ट्रेनर की देखरेख में ही इस आसान को करें।

6. सुखासन (Sukhasana)

(Sukhasana)

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दिमाग को तेज करने वाले योग में सुखासन भी शामिल। बिगनर्स के लिए यह सबसे असान और अच्छा आसन माना जाता है। यह आसन दिमाग को तेज करने और एकाग्रता को बढ़ाने में फायदेमंद होने के साथ ही तनाव से पीड़ित व्यक्ति के लिए भी मददगार साबित हो सकता है (6)। ऐसे में कहा जा सकता है कि याददाश्त बढ़ाने के योग में से एक सुखासन भी है।

कैसे करें :

  • सुखासन करने के लिए किसी स्वच्छ स्थान पर ध्यान मुद्रा में बैठ जाएं।
  • इस दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखें कि रीढ़ की हड्डी सीधी और आंखें बंद हों।
  • अब गहरी सांस लेते हुए पेट को अंदर की ओर खींचें।
  • फिर धीरे-धीरे सांसें छोड़ते हुए पेट को छोड़ दें।
  • ऐसा 15 से 20 बार बिना रुके हुए करना है।

सावधानी :

  • इस आसान को करते वक्त ख्याल रखें कि मुंह से सांस न लें और न ही मुंह से बाहर छोड़ें।
  • आंखों में 5 नंबर से ज्यादा पावर का चश्मा हो, तो योग ट्रेनर की देखरेख में ही इस आसान को करें।

7. सर्वांगासन – (Sarvangasana)

(Sarvangasana)

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स्मरण शक्ति बढ़ाने के योग में सर्वांगासन को भी प्रभावी माना जा सकता है। एक अध्ययन में इस बात का साफ जिक्र मिलता है कि सर्वांगासन करने से दिमाग में खून का प्रवाह बढ़ता है, जिससे याददाश्त बढ़ सकती है। साथ ही शोध में यह भी कहा गया है कि इसे नियमित रूप से ठीक तरीके से करने पर बातों को जल्दी समझने की क्षमता विकसित होती है और दिमाग तेज हो सकता है (6)।

कैसे करें :

  • योग मैट पर पीठ के बल सीधे लेट जाएं और फिर शरीर से सटाकर दोनों हाथों को सीधा कर लें।
  • सांस लेते हुए अब पैरों, कमर और कूल्हे को भी धीरे से ऊपर की ओर उठाएं।
  • फिर हाथों से कमर को सहारा देते हुए अपनी कोहनियों को जमीन से सटा लें।
  • इस दौरान दोनों पैर सीधे और आपस में सटे हुए हों।
  • सर्वांगासन करते वक्त कंधों, कोहनियों और सिर पर शरीर का भार होगा।
  • साथ ही छाती को ठुड्डी स्पर्श करेगी।
  • इसी मुद्रा में कुछ देर बने रहें और फिर सांस को सामान्य रूप से लेते रहें।
  • अब धीरे-धीरे पहले की अवस्था में आ जाएं।

सावधानी :

  • गंभीर हृदय रोग और उच्च रक्तचाप वाले लोग सर्वांगासन न करें।
  • गर्भवती महिलाएं इस योगासन को करने से बचें।
  • इसके साथ ही अगर गर्दन में चोट या दर्द हो, तो इसे करने से बचें।
  • रीढ़ की हड्डी से जुड़ी परेशानी से जूझ रहे लोग सर्वांगासन न करें।

8. प्राणायाम – Pranayama

Pranayama

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प्राणायाम मस्तिष्क के विकास में लाभकारी हो सकता है। एक शोध में इस बात का जिक्र मिलता है कि प्राणायाम व्यक्ति के दिमाग के विकास में लाभकारी होता है (7)। प्राणायाम से जुड़े एक रिसर्च पेपर में बताया गया है कि धीरे-धीरे और लगातार किए गए प्राणायाम से मस्तिष्क संबंधी कार्य बेहतर तरीके से होता है और बौद्धिक क्षमता में भी बढ़ोत्तरी होती है (8)।

कैसे करें :

  • योगा मैट में शांत होकर आंख बंद करके बैठें।
  • इसके बाद अपनी दृष्टि को दोनों आंखों के मध्य केंद्रित करें।
  • इस दौरान अपनी पीठ को सीधा और मन को शांत रखें।
  • इस अवस्था में सांस को धीमी गति से लेते और छोड़ते रहें।
  • यह प्रक्रिया 10 से 20 बार दोहरा सकते हैं।

सावधानी :

  • प्राणायाम करने की जगह शांत, हवादार और साफ होनी चाहिए।
  • उच्च रक्तचाप वाले प्राणायाम डॉक्टर की सलाह पर ही करें।
  • रीढ़ की हड्डी व घुटनों से जुड़ी कोई समस्या हो, तो प्राणायाम की मुद्रा में अधिक समय तक बैठने से बचें।ो

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अब जानते हैं कि दिमाग तेज करने के लिए योग से जुड़ी कुछ अन्य सावधानियां।

दिमाग तेज करने के लिए योग से जुड़ी सावधानियां – Precautions to be taken while doing yoga for memory power in Hindi

योगासान करने के दौरान हर किसी को छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखना चाहिए। इससे योगासन का पूरा लाभ मिलता है। ये बातें कुछ इस प्रकार हैं :

  • दिमाग को तेज करने के लिए किए जाने वाले आसान को सुबह खाली पेट करें।
  • शाम को योगासन करना चाहते हैं, तो इसे करने से चार घंटे पहले तक कुछ न खाएं।
  • पहली बार योग कर रहे हैं, तो किसी प्रमाणित योग ट्रेनर की देखरेख में ही करें।
  • गर्भवती महिलाएं डॉक्टर की सलाह पर ही योग करें।
  • गर्दन, घुटनों और पीठ में दर्द की समस्या से पीड़ित व्यक्ति योगासन न करें।
  • अगर किसी की कोई सर्जरी हुई हो, तो उसे भी लेख में बताए गए आसन नहीं करने चाहिए।
  • किसी तरह की गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं, तो डॉक्टर की सलाह पर ही योग करें।
  • किसी भी योगासन को अपनी क्षमता से अधिक करने की कोशिश न करें।
  • किसी खास मुद्रा में आने के लिए शरीर पर ज्यादा जोर न डालें।

दिमाग को स्वस्थ्य और तेज बनाने के लिए योग एक देसी इलाज के तौर पर काम कर सकता है। यहां हमने कैसे योग दिमाग को तेज करने के लिए लाभकारी हो सकता है, इसकी जानकारी वैज्ञानिक शोधों में मौजूद तथ्यों के आधार पर दी है। साथ ही दिमाग को तेज करने के लिए योगासन की प्रक्रिया को भी यहां विस्तार से बताया गया है। बस तो नियमित रूप से योगासन करके अपने दिमाग को तेज करें।

संदर्भ (Sources)

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  1. Exploring the therapeutic effects of yoga and its ability to increase quality of life
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3193654/
  2. Role of yoga in attention, concentration, and memory of medical students
    http://njppp.com/fulltext/28-1531306776.pdf
  3. The Effect of Yogic Practices on Academic record, Memory, Body Weight and Lung function of the School going Children
    http://indianyoga.org/wp-content/uploads/2013/02/v1-issue2-article2.pdf
  4. Effects of Medhya Rasayana and Yogic practices in improvement of short-term memory among school-going children
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3968701/
  5. Benefits of Tadasana, Zhan Zhuang and Other Standing Meditation Techniques
    https://www.academia.edu/39926090/Benefits_of_Tadasana_Zhan_Zhuang_and_Other_Standing_Meditation_Techniques
  6. Role of Yogic Science in Handling
    Competitive Pressure Of Students
  7. PRANAYAMA AND BRAIN CORRELATES
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3336588/pdf/ASL-11-2.pdf
  8. Effect of Fast and Slow Pranayama Practice on Cognitive Functions In Healthy Volunteers
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3939514/
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