दूब घास के फायदे, उपयोग और नुकसान – Durva (Doob) Grass Benefits and Side Effects in Hindi

Written by , (शिक्षा- एमए इन जर्नलिज्म मीडिया कम्युनिकेशन)

पूजा-पाठ करने वाले ये तो जानते हैं कि दूब घास क्या है, लेकिन दूब के फायदों से अनजान होते हैं। बहुत कम लोगों को पता होगा कि दूब में मौजूद औषधीय गुण कई बीमारियों से बचाव करने और उनके लक्षणों को कम कर सकते हैं। इसी वजह से इस लेख में हम आसपास आसानी से मिलने वाले दूब घास के फायदे और नुकसान दोनों के बारे में बता रहे हैं। दूब घास के लाभ के साथ ही आप यहां दूब के उपयोग के तरीके भी जानेंगे।

नीचे है पूरी जानकारी

चलिए, अब जानते हैं कि दूब घास के लाभ क्या-क्या हो सकते हैं।

दूब घास के फायदे – Benefits of Durva (Doob) Grass in Hindi

दूब घास के नियमित इस्तेमाल करने पर शरीर को कई लाभ हो सकते हैं। यहां हम दूब घास के फायदे के बारे में वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर जानकारी दे रहे हैं।

1. दस्त से राहत

दस्त से परेशान लोगों के लिए दूब घास के लाभ हो सकते हैं। इस संबंध में प्रकशित एक वैज्ञानिक अध्ययन में दिया हुआ है कि दूब घास के सभी भागों में एंटी-डायरियल गतिविधि होती है। इससे दस्त को होने से रोका जा सकता है। साथ ही यह घास दस्त की स्थिति में सुधार करने का भी काम कर सकता है (1)।

2. मधुमेह के लिए

मधुमेह की स्थिति में सुधार करने के लिए दूब घास का उपयोग कर सकते हैं। नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन (एनसीबीआई) की वेबसाइट पर पब्लिश रिसर्च की मानें, तो दूब घास के पानी वाले अर्क में हाइपोग्लाइसेमिक और एंटीडायबिटिक प्रभाव होते हैं। ये प्रभाव ब्लड ग्लूकोज के स्तर को कम कर सकते हैं, जिससे मधुमेह की समस्या में सुधार हो सकता है (2)।

3. प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए

दूब घास के फायदे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में भी हो सकते हैं। इससे जुड़े एक वैज्ञानिक शोध के अनुसार, दूब घास के अर्क में इम्यूनोमॉड्यूलेटरी प्रभाव होता है। यह प्रभाव इम्यून सिस्टम को मजबूत कर सकता है (3)। दरअसल, इम्यूनोमॉड्यूलेटरी प्रभाव इम्यूनिटी को शरीर की जरूरत के हिसाब से घटाता व बढ़ाता है। इसके चलते जिस बीमारी में जितनी इम्यूनिटी की जरूरत होती है, उतना ही कार्य प्रतिरक्षा प्रणाली करती है।

4. पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस)

पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) होने पर महिलाओं में पुरुष हार्मोन एंड्रोजन का स्तर बढ़ने लगता है। इससे महिलाओं को अनियमित मासिक धर्म, बांझपन और मुंहासे जैसी समस्याएं हो जाती हैं (4)। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, दूब घास के इस्तेमाल से एंड्रोेजन हार्मोन के स्तर को कम किया जा सकता है। इससे पीसीओएस से राहत भी मिल सकती है (5)।

5. मौखिक समस्याओं के लिए

मुंह से संबंधित समस्याओं के लिए भी दूब घास के फायदे देखे जा सकते हैं। इस संबंध में प्रकाशित एक मेडिकल रिसर्च में दिया है कि दूब घास में एंटी माइक्रोबियल गुण होता है। ये गुण स्ट्रेप्टोकॉकस नामक बैक्टीरिया के खिलाफ प्रभावी असर दिखा सकता है, जिससे डेंटल प्लाक की समस्या कम हो सकती है। साथ ही यह मौखिक संक्रमण के जोखिम को भी कम कर सकता है (6)।

6. रक्त साफ करने के लिए

दूब घास से खून को साफ करने में भी मदद मिल सकती है। दरअसल, दूब घास को खून साफ करने के लिए फोक मेडिसिन की तरह इस्तेमाल किया जाता रहा है। रिसर्च में यह भी बताया गया है कि दूब घास प्राकृतिक ब्लड प्यूरीफायर की तरह काम करता है, जिससे खून साफ हो सकता है। इसके लिए दूब घास के हरे पत्तों को चबा सकते हैं (7)।

7. हृदय को स्वस्थ रखें

हृदय के लिए भी दूब घास फायदेमंद हो सकता है। एक रिसर्च के अनुसार, दूब घास को हृदय के लिए टॉनिक की तरह लिया जा सकता है। दरअसल, दूब घास के अर्क में कार्डियोप्रोटेक्टिव गतिविधि होती है। इसकी मदद से हृदय को सुरक्षित रखने के साथ ही हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में दूब घास मदद कर सकता है (8)।

8. मिर्गी में राहत

मिर्गी की स्थिति में सुधार करने के लिए भी दूब घास का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे जुड़े एक अध्ययन में दिया है कि मिर्गी के लिए भी दूब घास को फोक रेमेडीज यानी घरेलू उपचार की तरह उपयोग किया जाता है (8)। हां, रिसर्च के दौरान यह पता नहीं लगाया जा सका कि दूब घास का कौन-सा गुण इसमें मदद करता है।

9. उल्टी ठीक करे

दूब का रस पीने के फायदे उल्टी के लिए भी हो सकते हैं। ऐसे में अगर किसी को बार-बार उल्टी आती है, तो दूब घास के रस का सेवन कर सकते हैं। असल में इस घास के ताजे रस को उल्टी को कम करने के लिए ट्रेडिशनल मेडिसिन की तरह उपयोग में लाया जाता है। रिसर्च में इस बात का जिक्र है कि लोगों को इसके इस्तेमाल से उल्टी की समस्या से छुटकारा मिल सकता है (9)। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इसमें मौजूद कौन-सा प्रभाव इसमें मददगार होता है।

10. सिरदर्द के लिए

सिरदर्द से राहत पाने के लिए भी दूब घास का उपयोग कर सकते हैं। दरअसल, इसमें एनाल्जेसिक गुण होता है, जिसे दर्द को कम करने के लिए भी जाना जाता है। सिरदर्द की स्थिति में इस पौधे के उपयोग से बने पेस्ट को माथे पर लगा सकते हैं (8)।

11. त्वचा के लिए

दूब घास के लाभ त्वचा पर भी नजर आ सकते हैं। यह घाव को तेजी से भरने और त्वचा की रंगत को ठीक करने में मदद कर सकता है। साथ ही इसे सोरायसिस, दाद और एलर्जिक रैशेज के लिए भी इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा, यह खुजली और पपड़ीदार त्वचा की समस्या से छुटकारा दिला सकता है (8)।

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अब दूब घास में कौन-से पोषक तत्व और औषधीय गुण होते हैं, यह समझिए।

दूब घास के पौष्टिक तत्व और औषधीय गुण – Durva (Doob) Grass Nutritional Value and Medicinal Properties in Hindi

दूब घास में कई तरह के पोषक तत्व और औषधीय गुण होते हैं। ये पोषक तत्व और गुण शरीर को स्वस्थ रखने के साथ ही बीमारियों से बचाने में मदद कर सकते हैं (8)।

पोषक तत्व मूल्य प्रति 100 g 
प्रोटीन11.6 ग्राम
फैट2.1 ग्राम
कार्बोहाइड्रेट75.9 ग्राम
फाइबर25.9 ग्राम
एश10.4 ग्राम
कैल्शियम530 मिलीग्राम
फास्फोरस220 मिलीग्राम
आयरन112.0 मिलीग्राम
पोटैशियम1630 मिलीग्राम
बीटाकैरोटीन28 माइक्रोग्राम

इनके अलावा, दूब घास में विटामिन ए, विटामिन सी और विटामिन ई भी होते हैं। वहीं, दूब घास में कुछ इस तरह के औषधीय गुण भी पाए जाते हैं (8)।

  • एंटीवायरल – वायरल इन्फेक्शन के जोखिम से बचाने वाला गुण।
  • एंटी माइक्रोबियल – नुकसानदायक बैक्टीरिया को नष्ट करने की क्षमता।
  • वुंड हीलिंग – घाव भरने की प्रक्रिया को तेज करने वाला प्रभाव।
  • कार्डियोप्रोटेक्शन – हृदय को सुरक्षित रखने में सहायक गतिविधि।
  • एंटी-डायबिटिक – मधुमेह से बचाव करने वाला गुण
  • इम्यूनोमॉड्यूलेटरी – प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने वाली एक्टिविटी।
  • एंटीइंफ्लेमेटरी – सूजन को कम करने की क्षमता
  • एनाल्जेसिक – दर्द को कम करने वाला गुण।

अभी जानकारी बाकी है

लेख के अगले भाग में हम दूब घास के उपयोग के बारे में बताएंगे।

दूब घास का उपयोग – How to Use Durva (Doob) Grass in Hindi

दूब घास को कई तरह से उपयोग में लाया जा सकता है, जिनमें कुछ इस्तेमाल के तरीके इस तरह हैं।

  • इस घास के ताजे रस को निकालकर सेवन कर सकते हैं।
  • दूब घास को थोड़ी मात्रा में चबाया भी जा सकता है।
  • इसके जूस को कटी हुई जगह में लगाकर ब्लीडिंग को रोक सकते हैं।
  • दूब घास के पेस्ट को माथे पर भी लगा सकते हैं। इससे सिरदर्द कम हो सकता है।

पढ़ते रहें लेख

चलिए, अब पढ़ते हैं दूब घास के नुकसान किस तरह के हो सकते हैं।

दूब घास के नुकसान – Side Effects of Durva (Doob) Grass in Hindi

दूब घास के फायदे और नुकसान दोनों होते हैं। ऊपर हमने दूब घास के फायदे जाने। अब हम दूब घास के नुकसान जानेंगे।

  • इसमें एंटी डायबिटिक गुण होता है, इसलिए मधुमेह के मरीज को डॉक्टर की सलाह के बिना इसका उपयोग नहीं करना चाहिए (8)।
  • कुछ लोगों की मानें, तो इसे त्वचा पर लगाने से हल्की जलन महसूस हो सकती है।
  • इसके इस्तेमाल से कुछ लोगों के दांतों में दर्द हो सकता है। हालांकि, इससे संबंधित किसी तरह का वैज्ञानिक शोध उपलब्ध नहीं है।

हमारे आसपास दिखाई देने वाली घास कई तरह से सेहत के लिए लाभकारी साबित हो सकती हैं, पर हमें उन घास को उपयोग करने का सही तरीका और उनसें होने वाले फायदों की जानकारी नहीं होती। ऐसे में अगर किसी को दूब घास के बारे में जानकारी न हो, तो इस लेख से इसके बारे में पूरी तरह समझ सकते हैं। हमने यहां दूब घास के फायदे और नुकसान दोनों की ही जानकारी दी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या दूर्वा भी घास है?

हां, दूर्वा भी घास का ही नाम है। असल में दूर्वा को ही दूब घास भी कहा जाता है।

क्या हम दूर्वा घास खा सकते हैं?

हां, दूर्वा घास को चबाकर खा सकते हैं। इसे चबाने से खून साफ हो सकता है (7)।

संदर्भ (Sources)

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  1. Antidiarrheal activity of Cynodon dactylon
    https://www.researchgate.net/publication/283604845_Antidiarrheal_activity_of_Cynodon_dactylon
  2. Assessment of antidiabetic potential of Cynodon dactylon extract in streptozotocin diabetic rats
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/17889469/
  3. Immunomodulatory effect of Cynodon dactylon against white tail disease of giant freshwater prawn, Macrobrachium rosenbergii (de Man, 1879)
    https://www.researchgate.net/publication/276364519_Immunomodulatory_effect_of_Cynodon_dactylon_against_white_tail_disease_of_giant_freshwater_prawn_Macrobrachium_rosenbergii_de_Man_1879
  4. Polycystic ovary syndrome
    https://medlineplus.gov/ency/article/000369.htm
  5. Regulation of estrous cycle by Cynodon dactylon in letrozole induced polycystic ovarian syndrome in Wistars albino rats
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/31949991/
  6. Cynodon Dactylon (L.) Pers. Cow Dung, and Selected Plant Extracts Exhibit Antimicrobial Property Against Cariogenic Streptococcus Species
    https://www.academia.edu/37100081/Cynodon_Dactylon_L._Pers._Cow_Dung_and_Selected_Plant_Extracts_Exhibit_Antimicrobial_Property_Against_Cariogenic_Streptococcus_Species
  7. A selection of medicinal plants used as blood purifiers by folk medicinal practitioners of Bangladesh
    https://www.academia.edu/5729167/A_selection_of_medicinal_plants_used_as_blood_purifiers_by_folk_medicinal_practitioners_of_Bangladesh
  8. International Journal of Pharmaceutical and Medicinal Research
    https://ijpmr.org/pdf/Medicinal-and-Versatile-Uses-of-an-Amazing-Obtainable-and-Valuable-Grass-Cynodon-dactylon.pdf
  9. Effects of Cynodon dactylon on Stress-Induced Infertility in Male Rats
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3094556/
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पुजा कुमारी ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। इन्होंने वर्ष 2015 में अपने... more

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