दूध और गुड़ के फायदे – Amazing Benefits of Milk and Jaggery in Hindi

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दूध का सेवन हर उम्र के व्यक्तियों के लिए लाभकारी माना जाता है। वहीं, इसके साथ अगर गुड़ का सेवन किया जाए, तो सेहत को दोगुना फायदा मिल सकता है। इन दोनों ही चीजों को लंबे समय से सेहत के लिए उपयोग किया जाता रहा है। यही वजह है कि स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम सेहत के लिए गुड़ और दूध के फायदे बताने जा रहे हैं। आप यहां जान पाएंगे कि विभिन्न शारीरिक समस्याओं पर गुड़ और दूध के फायदे किस प्रकार काम कर सकते हैं। इसके अलावा, लेख में दूध और गुड़ के नुकसान भी बताए गए हैं  ताकि आप गलती से इनका सेवन जरूरत से ज्यादा न कर लें।

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आर्टिकल की शुरुआत करते हैं गुड़ और दूध के फायदे के साथ।

दूध और गुड़ के फायदे – Benefits of Milk and Jaggery in Hindi

दूध और गुड़ में पाए जाने वाले औषधीय गुण सेहत के लिए कई प्रकार से फायदेमंद हो सकते हैं। यहां हम बता रहे हैं सेहत के लिए गुड़ और दूध के फायदे। वहीं, इस बात का ध्यान रखें कि ये दोनों किसी भी बीमारी का इलाज नहीं हैं। इनका सेवन शारीरिक समस्याओं से बचाव और उनके जोखिम को कम करने में सहायक हो सकता है। अब पढ़े आगे :

1. वजन कम करने के लिए

शरीर की अतिरिक्त चर्बी और मोटापे की समस्या में गुड़ और दूध का सेवन फायदेमंद हो सकता है। एक शोध के अनुसार, गुड़ में पाया जाने वाला पोटैशियम एंटीओबेसिटी प्रभाव दिखा सकता है, जिससे वजन को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है (1) (2)। इसके अलावा, दूध पर हुए शोध से पता चला है कि दूध में पाए जाने वाले कैल्शियम और प्रोटीन भूख को नियंत्रित करने में मददगार हो सकते हैं, जिससे बढ़ते वजन पर काबू पाने में मदद मिल सकती है (3)

इस आधार पर हम कह सकते हैं कि दूध और गुड़ का सेवन मोटापे को नियंत्रित करने का काम कर सकता है।

2. प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार करने के लिए

कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली के कारण कई प्रकार के संक्रमण और बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है। यहां भी गुड़ और दूध का उपयोग फायदेमंद हो सकता है। रिसर्च के अनुसार गुड़ में कई प्रकार के पोषक तत्व और औषधीय प्रभाव पाए जाते हैं, जिनमें से एक एंटीऑक्सीटेंड प्रभाव भी है। गुड़ में पाया जाने वाला एंटीऑक्सीडेंट रोग प्रतिरक्षा क्षमता को बेहतर करने में मदद कर सकता है (4)

वहीं, एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि गाय का दूध प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ा कर संक्रमण (जैसे एलर्जी और अस्थमा) को रोकने में फायदेमंद हो सकता है (5)

3. एनीमिया की समस्या में

एनीमिया की समस्या यानी शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं की कमी। वहीं, इसका एक मुख्य कारण शरीर में आयरन की कमी का होना भी है (6)। यहां गुड़ और दूध का सेवन एनीमिया की समस्या को कम करने में फायदेमंद हो सकता है। शोध के अनुसार गुड़ में आयरन की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया के जोखिम को कम कर सकता है (7)

वहीं, एक शोध में जिक्र मिलता है कि शिशुओं में आयरन फोर्टिफाइड मिल्क (दूध में अलग से आयरन जोड़ा गया) शरीर में आयरन की पूर्ति कर एनीमिया के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है (8)। बता दें कि दूध में बहुत कम मात्रा में आयरन मौजूद होता है (9)

4. मांसपेशियों की मजबूती के लिए

गुड़ और दूध का सेवन मांसपेशियों की मजबूती के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, गुड़ को बनाने के लिए अधिकतर गन्ने के रस का इस्तेमाल किया जाता है और गन्ने के रस में पाए जाने वाले कुछ पोषक तत्व गुड़ में भी मौजूद हो सकते हैं। वहीं, पश्चिम बंगाल के डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर के एक शोध में पाया गया कि गन्ने के रस में अमीनो-एसिड पाया जाता है, जो फैट बर्न करने के साथ ही मसल्स को स्वस्थ रखने का काम कर सकता है, जिससे मांसपेशियों को मजबूती मिल सकती है (4)। हालांकि, मांसपेशियों के लिए गुड़ के सीधे लाभ को लेकर और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

वहीं, दूध में प्रोटीन की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो मांसपेशियों को मजबूती देने में अहम भूमिका निभा सकता है (10)। इस आधार पर हम कह सकते हैं कि दूध और गुड़ का सेवन मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद कर सकता है।

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5. पाचन के लिए

बेहतर पाचन के लिए भी गुड़ और दूध का उपयोग लाभदायक हो सकता है। एक रिसर्च में पाया गया कि गुड़ का सेवन शरीर में डाइजेस्टिव एजेंट की तरह काम कर पाचन क्रिया को बेहतर कर सकता है (11)। वहीं, दूध में एंटासिड प्रभाव होता है, जो पेट संबंधी समस्याओं जैसे अपच की समस्या और एसिडिटी से राहत दिलाने में मदद कर सकता है। इसके लिए ठंडे दूध का इस्तेमाल किया जाना चाहिए (12) (13)

6. जोड़ों के दर्द में

जोड़ों के दर्द की समस्या में भी गुड़ और दूध का मिश्रण फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, जैसा कि हमने ऊपर बताया कि गुड़ को बनाने के लिए अधिकतर गन्ने का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं, गुड़ और गन्ने से जुड़े एक शोध में साफ तौर से जिक्र मिलता है कि गन्ने का उपयोग जोड़ों के दर्द को कम करने में मदद कर सकता है। हालांकि, सीधे तौर पर गुड़ इस काम में कितना कारगर होगा, इसे लेकर और शोध किए जाने की आवश्यकता है (14)

इसके अलावा, एक अन्य रिसर्च में पाया गया की दूध में एंटीइफ्लामेटी गुण मौजूद होता है, जो जोड़ों के दर्द और सूजन में लाभदायक हो सकता है (15)

7. मासिक धर्म में

गुड़ और दूध का उपयोग मासिक धर्म के दौरान होने वाली समस्याओं में भी लाभकारी हो सकता है। दरअसल, एक शोध में लहसुन (सिका हुआ) के साथ गुड़ के सेवन को मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द और ऐंठन (Dysmenorrhea) के लिए कारगर माना गया है। वहीं, शोध में यह भी जिक्र मिलता है कि मासिक धर्म के दौरान होने वाले रक्तस्राव को भी ये नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं।

हालांकि, यहां औषधीय रूप से गुड़ को प्रभावी माना गया है, लेकिन यहां यह स्पष्ट नहीं है कि अकेला गुड़ बताई गई दोनों समस्याओं में कितना कारगर होगा (16)। फिलहाल, इसे लेकर और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

वहीं, दूध पर हुए रिसर्च में पाया गया कि दूध का सेवन कुछ हद तक मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द और ऐंठन की समस्या को कम करने में सहायक हो सकता है (17)। सावधानी के लिए मासिक धर्म के दौरान इन दोनों का एक साथ सेवन करने से पहले डॉक्टरी परामर्श जरूर लें।

8. त्वचा के लिए

त्वचा के लिए भी गुड़ और दूध के फायदे देखे जा सकते हैं। दरअसल, एक शोध में गुड़ के एंटीमाइक्रोबियल प्रभाव के बारे में जिक्र मिलता है। यह प्रभाव त्वचा को बैक्टीरियल और फंगल संक्रमण से बचाने में मदद कर सकता है (18)। वहीं, त्वचा के लिए दूध के फायदे भी कई हैं।

त्वचा पर दूध का उपयोग त्वचा को जवां बनाने, त्वचा की चमक बढ़ाने, त्वचा को हाइड्रेट करने, मुंहासों को दूर करने और त्वचा से दाग-धब्बों को हटाने में मदद कर सकता है। साथ ही यह ब्लैकहेड्स की समस्या व्हाइटहेड्स को साफ करने में भी लाभदायक हो सकता है (19)

9. बालों के विकास के लिए

बालों के विकास के लिए भी गुड़ और दूध का उपयोग किया जा सकता है। रिसर्च में पाया गया कि बालों के झड़ने का एक कारण आयरन की कमी भी हो सकती है (20)। वहीं, गुड़ में आयरन की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो आयरन की कमी को कुछ हद तक पूरा कर बालों के झड़ने की समस्या में फायदेमंद हो सकता है (21)

इसके अलावा, दूध में कैल्शियम और प्रोटीन की मात्रा बालों के विकास के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। प्रोटीन बालों को झड़ने से रोक सकता है और ग्रोथ में मदद कर सकता है और कैल्शियम बालों को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभा सकता है। इसके साथ ही दूध में नियासिन, बायोटिन, पैंटोथैनिक एसिड भी मौजूद होता है, जो बालों के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होते हैं (22)

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आगे हम दूध और गुड़ में पाए जाने वाले पोषक तत्वों के बारे में बता रहे हैं।

दूध और गुड़ के पोषक तत्‍व – Milk and Jaggery Nutritional Value in Hindi

गुड़ और दूध में पाए जाने वाले पोषक तत्व ही उन्हें सेहत के लिए फायदेमंद बनाते हैं। यहां हम बता रहे हैं दूध और गुड़ में पाए जाने वाले पोषक तत्वों के बारे में (23) (24)

पोषक तत्वमात्रा प्रति 100 एमएल (दूध)मात्रा प्रति 100 ग्राम (गुड़)
ऊर्जा96 kcal367 kcal
प्रोटीन3.75 g0
कार्बोहाइड्रेट12.92 g88.67 g
कुल फैट3.75 g0
शुगर12.5 g88 g
कैल्शियम125 mg83 mg
आयरन010 mg
पोटैशियम154 mg1213 mg
सोडियम92 mg8 mg
विटामिन-ए (IU)125 IU
फैटी एसिड, टोटल सैचुरेटेड2.08 g0
कोलेस्ट्रॉल15 mg0

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आइये, अब दूध और गुड़ के उपयोग के विषय में जान लेते हैं।

दूध और गुड़ का उपयोग – How to Use Milk and Jaggery in Hindi

दूध और गुड़ का उपयोग नीचे बताए गए तरीकों से किया जा सकता है :

  • गुड़ और दूध का मिल्कशेक बनाकर सुबह नाश्ते में पी सकते हैं।
  • हलवे में भी गुड़ और दूध का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • दूध में गुड़ को डालकर ठंड के मौसम में पी सकते हैं।
  • खीर बनाने के लिए भी दूध के साथ गुड़ का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • वहीं, गुड़ को चेहरे की स्क्रबिंग के लिए और कच्चे दूध को चेहरे की सफाई करने के लिए उपयोग में लाया जा सकता है।

मात्रा : फिलहाल ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि प्रतिदिन कितना दूध और गुड़ का सेवन करना चाहिए। वहीं, अगर आप चाहें, तो आहार विशेषज्ञ की सलाह पर रोजाना एक गिलास दूध में गुड़ की थोड़ी मात्रा का उपयोग कर सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा, अपने स्वास्थ्य अनुसार इनके सेवन की सही मात्रा से जुड़ी जानकारी भी डॉक्टर से ले सकते हैं।

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अंत में जानिए दूध और गुड़ से होने वाले नुकसान।

दूध और गुड़ के नुकसान – Side Effects of Milk and Jaggery in Hindi

गुड़ और दूध के कई फायदे हो सकते हैं, लेकिन इनका अधिक सेवन नुकसानदायक भी हो सकता है। नीचे जानिए गुड़ और दूध के नुकसान :

  • शुगर की मौजूदगी के कारण अधिक मात्रा में गुड़ का सेवन करने से टाइप 2 मधुमेह रोग का जोखिम बढ़ सकता है (25)
  • गुड़ एक मीठा खाद्य पदार्थ है और ऐसे में इसका अधिक सेवन दांतों को नुकसान पहुंचाने का काम कर सकता है (26)
  • दूध लैक्टोज इंटॉलरेंस का कारण बन सकता है, जिससे दस्त, उल्टी, पेट फूलना, पेट दर्द और गैस की समस्या बढ़ सकती है। बता दें लैक्टोज इंटॉलरेंस वो स्थिति होती है, जब शरीर दूध में मौजूद लैक्टोज नामक शुगर को पचा नहीं पाता है (27)
  • कुछ बच्चों में गाय के दूध का सेवन मिल्क एलर्जी का कारण बन सकता है। इससे पेट में दर्द, उल्टी और दस्त की समस्या हो सकती है (28)
  • एक रिसर्च में पाया गया कि दूध का अधिक सेवन फ्रैक्चर का जोखिम बढ़ा सकता है (29)

उम्मीद करते हैं कि इस लेख को पढ़ने के बाद अब आप गुड़ और दूध के फायदे और नुकसान अच्छी तरह समझ गए होंगे। इसके अलावा, दूध और गुड़ का उपयोग कैसे करें, इसकी भी जानकारी आपको हो गई होगी। अब आप चाहें, तो इन्हें अपने आहार का हिस्सा बना सकते हैं। वहीं, इनके सेवन की मात्रा का ध्यान भी जरूर रखें, क्योंकि अधिक मात्रा में गुड़ और दूध का सेवन बताए गए गुड़ और दूध के नुकसान का कारण बन सकता है। स्वास्थ्य से जुड़ी ऐसी ही जरूरी जानकारी के लिए जुड़े रहें स्टाइलक्रेज के साथ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल :

खाली पेट दूध और गुड़ का सेवन करने के क्या फायदे हैं?

दूध और गुड़ का सेवन ऊपर बताए गए फायदों को हासिल करने में मदद कर सकता है, हालांकि इसका सेवन खाली पेट करना कितना कारगर होगा, इससे जुड़े सटीक वैज्ञानिक शोध का अभाव है।

क्या मैं रोज दूध और गुड़ ले सकता हूं?

हां, डॉक्टर की सलाह पर रोजाना दूध और गुड़ का सेवन किया जा सकता है।

क्या मैं रात में दूध और गुड़ ले सकता हूं?

हां, माना जाता है कि दूध में नींद की समस्या को कम करने वाले गुण हाेते हैं। इसलिए, इसे गुड़ के साथ रात को सोने के पहले लिया जा सकता है (30)

क्या दूध और गुड़ से वजन कम होगा?

हां, इसके बारे में हम ऊपर ही बता चुके हैं कि दूध और गुड़ का सेवन किस प्रकार वजन को कम करने में मदद कर सकता है।

30 संदर्भ (Sources) :

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सरल जैन ने श्री रामानन्दाचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, राजस्थान से संस्कृत और जैन दर्शन में बीए और डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ से पत्रकारिता में बीए किया है। सरल को इलेक्ट्रानिक मीडिया का लगभग 8 वर्षों का एवं प्रिंट मीडिया का एक साल का अनुभव है। इन्होंने 3 साल तक टीवी चैनल के कई कार्यक्रमों में एंकर की भूमिका भी निभाई है। इन्हें फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, एडवंचर व वाइल्ड लाइफ शूट, कैंपिंग व घूमना पसंद है। सरल जैन संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी व कन्नड़ भाषाओं के जानकार हैं।

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