एक्जिमा के कारण, लक्षण और घरेलू उपाय – Eczema Symptoms and Home Remedies in Hindi

Medically Reviewed By Suvina Attavar (Dermatologist & Hair transplant surgeon)
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एक्जिमा एक तरह की त्वचा संबंधी समस्या है, जिसका असर आपकी त्वचा पर होता है। इसमें आपको खुजली, त्वचा पर लाल निशान और सूजन जैसी समस्या हो सकती हैं। यह रोग त्वचा में नमी के कम होने से हो सकता है। इसकी वजह से त्वचा में खुजली और जलन होने लगती है। अधिक खुजलाने पर त्वचा छिल भी सकती है, जो घाव के रूप में परिवर्तित होकर एक्जिमा को बढ़ावा दे सकती हैं। इस लेख में हम एक्जिमा के बारे में ही बात करेंगे। आपको इस लेख के जरिए एक्जिमा क्या है और एक्जिमा के उपचार के बारे में जानकारी मिलेगी।

एक्जिमा क्या है – What is Eczema in Hindi

एक्जिमा त्वचा संबंधी रोग है, जो छोटे बच्चों को जल्दी होता है। यह शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता के कमजोर होने से होता है। यह खुजली और त्वचा से जुड़ी अन्य समस्याओं को जन्म देने में सहायक होता है। इस बीमारी का असर लंबे समय तक रह सकता है और आपके शरीर में फैल सकता है (1)। घरेलू इलाज की सहायता से इस रोग से छुटकारा पाया जा सकता है।

इस लेख के आगे भाग में हम एक्जिमा रोग कितने प्रकार के होते हैं, इसकी जानकारी देंगे।

एक्जिमा के प्रकार – Types of Eczema in Hindi

एक्जिमा को उसके प्रभाव के अनुसार वर्गीकृत किया गया है।

  1. एटोपिक डर्मेटाइटिस: इसकी शुरुआत सामान्य खुजली से होती है। यह बच्चों और दमे के मरीज को जल्दी प्रभावित करता है (2)।
  2. इर्रिटेन्ट कॉन्टेक्ट डर्मेटाइटिस: यह बीमारी त्वचा के डिटर्जेंट और एसिड के संपर्क में आने से उत्पन्न होता है। यह भी एक तरह का एक्जिमा रोग है (3)।
  3. स्टैसिस डर्मेटाइटिस: यह शरीर में रक्त का संचार ठीक तरह से न होने के कारण होता है। शरीर में खुजली और भूरे रंग का निशान होना स्टैसिस डर्मेटाइटिस का लक्षण है (4)।
  4. एलर्जिक: यह समस्या रासायनिक चीजों के संपर्क में आने के कारण हो सकती है। इस बीमारी के कारण आपकी त्वचा में सूजन आ सकती है (5)।
  5. चर्मरोग: यह भी एक तरह का एक्जिमा है। ज्यादा खुजली करने से आपकी त्वचा में संक्रमण हो सकता है। खुजली से संक्रमण पूरे शरीर में फैल कर बड़ी समस्या उत्पन्न कर सकता है (6)। वहीं, लगातार खुजली करने से त्वचा में दाद की समस्या हो जाती है (7)। जिसे कई लोग एक्जिमा का ही रूप समझते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। दाद एक्जिमा नहीं होता है।
  6. डिशिड्रोटिक एक्जिमा: इसका असर हाथ और पैरों पर दिखने को मिलता है। यह आपकी त्वचा में भी फैल सकता है (8)।
  7. सेबोरिक डर्मेटाइटिस: यह कान, छाती, पीठ और स्कैल्प को प्रभावित करता है। यह बालों से झड़ने वाली रूसी की वजह से होता है (9)।
  8. नुम्मूलर एक्जिमा: इस तरह के एक्जिमा में गोल घाव हो जाते हैं, जिसमें खुजली होती है। यह अक्सर गले के पास होता है और धीरे-धीरे शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैल सकता है (10)।
  9. जेरोटिक एक्जिमा: ऐसा अमूमन ठंड के दिनों में होता है। इस तरह का एक्जिमा रूखी त्वचा के कारण होता है (11)।

आगे हम एक्जिमा रोग होने के कारणों के बारे में जानकारी देंगे।

एक्जिमा के कारण – Causes of Eczema Hindi

एक्जिमा होने के कई कारण होते हैं। ऐसा ज्यादातर त्वचा में पोषक तत्वों की कमी के वजह से उत्पन्न होता है। इस लेख में एक्जिमा रोग उत्पन्न होने के कारणों के बारे में जानकारी देंगे (12)।

  • आनुवंशिक– एक्जिमा की समस्या आनुवंशिक हो सकती है। अगर यह बीमारी किसी व्यक्ति को है, तो इसका असर उसकी संतान पर भी नजर आ सकता है।
  • जीन में परिवर्तन से– मनुष्य के जीन में परिवर्तन होने से भी एक्जिमा की समस्या हो सकती है।
  • त्वचा में जलन से– यह रोग त्वचा में जलन से भी हो सकता है। कभी-कभी कपड़े ,साबुन, परफ्यूम और रसायन युक्त वस्तुओं को इस्तेमाल करने से जलन होने लगती हैं। बाद में इससे एक्जिमा हो सकता है।
  • मौसम में परिवर्तन– मौसम में परिवर्तन भी एक्जिमा का कारण हो सकता है। तापमान बढ़ने से आपकी त्वचा रूखी हो जाती है, जिससे एक्जिमा हो सकता है।
  • त्वचा में नमी की कमी से– त्वचा में नमी की कमी से भी एक्जिमा बीमारी हो सकता है, क्योंकि इस कारण खुजली होने का खतरा बढ़ जाता है।
  • जानवरों की रूसी के कारण भी यह बीमारी हो सकती है।
  • धूल के कणों से भी एक्जिमा की समस्या हो सकती है।
  • कई बार एलर्जी का कारण बनने वाले खाद्य पदार्थों से भी एक्जिमा हो सकता है।

इस लेख के आगे के भाग में हम एक्जिमा के लक्षणों की जानकारी देंगे।

एक्जिमा के लक्षण – Symptoms of Eczema in Hindi

एक्जिमा के लक्षणों को ध्यान में रखना जरूरी है, तभी इस समस्या से समय पर निपटा जा सकता है (13)।

  • तीव्र खुजली होना
  • त्वचा में लाल निशान का दिखना
  • चकत्ते पर खुजली और जलन होना
  • दाने से मवाद का निकलना
  • शरीर के कई हिस्सों में सूजन होना
  • घावों के साथ एक या एक से अधिक गोल क्षेत्र होना या उसका फैलना
  • फटी त्वचा आदि
  • रैशेज और जलन

इस लेख में आगे हम एक्जिमा के लिए इस्तेमाल होने वाले घरेलू उपचार के बारे में बता रहे हैं।

एक्जिमा के घरेलू उपचार – Home Remedies for Eczema In Hindi

1. एलोवेरा

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सामग्री :
  • एलोवेरा का पत्ता
कैसे करें इस्तेमाल :
  • एलोवेरा के पत्ते से जेल को निकाल लें।
  • जेल को एक्जिमा प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं।
कितने बार करें :
  • जल्दी प्रभाव के लिए प्रतिदिन लगाएं।
कैसे है लाभदायक :

एलोवेरा की सहायता से आप घर में ही एक्जिमा का इलाज कर सकते हैं। इसका जेल आपको ठंडक के साथ-साथ खुजली की समस्या से भी राहत दिला सकता है। इस प्रकार एक्जिमा से छुटकारा पाया जा सकता है (14)।

2. एक्जिमा के उपचार के लिए नारियल तेल

सामग्री :
  • थोड़ा-सा नारियल का तेल
कैसे करें इस्तेमाल :
  • तेल को एक्जिमा प्रभावित जगह पर सीधे लगा सकते हैं।
  • बेहतर परिणाम के लिए पूरी रात लगे रहने दें।
कितने बार करें :
  • हर रात को सोने से पहले इसे लगाएं।
कैसे है लाभदायक :

नारियल के तेल में प्राकृतिक रूप से एंटीबैक्टीरियल व एंटीइंफ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं। नारियल तेल की यह विशेषता आपको त्वचा संबंधी बीमारियों से छुटकारा दिला सकती है और उन्हीं बीमारियों में से एक एक्जिमा भी है। इसे त्वचा पर लगाने से बैक्टीरिया के प्रभाव को कम किया जा सकता है (15)।

[ पढ़े: नारियल तेल के 22 फायदे, उपयोग और नुकसान ]

3. शहद से एक्जिमा का इलाज

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सामग्री :
  • 2 चम्मच शहद
  • 2 चम्मच दालचीनी
कैसे करें उपयोग :
  • शहद और दालचीनी को अच्छी तरह से मिलाकर पेस्ट बना लें।
  • फिर एक्जिमा प्रभावित जगह को पानी से धोकर सुखा लें।
  • इसके बाद पेस्ट को लगाकर सूखने के लिए छोड़ दें।
  • जब पेस्ट सूख जाए, तो पानी से धो लें।
कैसे है लाभदायक :

स्वाद में मीठे शहद का उपयोग बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए भी किया जाता है। एक्जिमा के लिए शहद कारगर इलाज साबित हो सकता है। शहद में एंटीमाइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं, जो घाव को भरने में मदद करते हैं (16)। वहीं, दालचीनी में भी एंटीऑक्सीडेंट व एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो एक्जिमा जैसी त्वचा संबंधी समस्या से राहत दिला सकते हैं (17)।

4. नीम का उपयोग

सामग्री :
  • नीम के तेल की 10-12 बूंदें
  • एक चौथाई जैतून का तेल
कैसे करें इस्तेमाल :
  • इन दोनों सामग्रियों को आपस में मिला लें।
  • फिर इसे प्रभावित जगह पर लगाएं।
कितने बार करें :
  • प्रतिदिन इसका उपयोग करें ।
कैसे है लाभदायक :

नीम में एंटीसेप्टिक, एंटीबायोटिक व एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। इन सभी गुणों के कारण ही नीम त्वचा से जुड़ी विभिन्न बीमारियों के लिए कारगर है। नीम से न सिर्फ त्वचा की बाहरी समस्या को ठीक हो सकती है, बल्कि इसके सेवन से अंदरूनी बीमारियों को भी ठीक किया जा सकता है। नीम शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले बैक्टीरिया को पूरी तरह खत्म कर सकती है (18)।

5. एक्जिमा के उपचार के लिए ओटमील

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सामग्री :
  • थोड़ा-सा ओटमील
  • पानी (आवश्यकतानुसार)
कैसे करें इस्तेमाल :
  • ओटमील को पानी में मिलाकर पेस्ट बना लें।
  • इसके बाद पेस्ट को प्रभावित जगह पर लगाकर हल्के-हल्के हाथों से दो मिनट तक स्क्रब करें।
  • फिर इसे करीब 20 मिनट के लिए छोड़ दें और बाद में पानी से साफ कर लें।
कितने बार करें :
  • इस प्रक्रिया को आप सप्ताह में तीन बार कर सकते हैं।
कैसे है लाभदायक :

ओटमील को पहले सिर्फ भोजन के रूप में उपयोग किया जाता था, लेकिन अब इसका उपयोग औषधि की तरह भी होने लगा है। ओटमील के इस्तेमाल से सूजन की समस्या को कम किया जा सकता है। साथ ही यह त्वचा को नर्म बनाता है (19)।

6. विच हेजल से एक्जिमा का उपचार

सामग्री :
  • विच हेजल का रस
कैसे करें इस्तेमाल :
  • आप इसे पानी में मिलाकर प्रभावित जगह पर लगाकर छोड़ दें।
कितने बार करें :
  • जल्दी परिणाम के लिए प्रतिदिन उपयोग करें।
कैसे है लाभदायक :

विच हेजल एक आयुर्वेदिक औषधि है, जिसके उपयोग से एक्जिमा का इलाज किया जा सकता है। इसमें एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होता है। साथ ही इसमें टैनिन होता है, जो बच्चों को होने वाले एटोपिक एक्जिमा से राहत दिलाता है। यह सूजन को कम कर सकता है और लाल रैशेज व खुजली से राहत दिला सकता हैं। इसका रस आपको बाजार में आसानी से मिल जाएगा, जिसका उपयोग एक्जिमा के इलाज के लिए किया जा सकता है (20) (21)।

7. लैवेंडर तेल

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सामग्री :
  • लैवेंडर तेल की कुछ बूंदें
  • कॉटन बॉल
कैसे करें इस्तेमाल :
  • आप अपने नहाने के पानी में लैवेंडर के तेल की कुछ बूंदें मिक्स करें, फिर इस पानी से नहाएं।
  • इसके अलावा, कॉटन बॉल की मदद से इस तेल को प्रभावित जगह पर लगा सकते हैं।
कितने बार करें :
  • इसका इस्तेमाल एक दिन छोड़कर किया जा सकता है।
कैसे है लाभदायक :

इस तेल का इस्तेमाल एक्जिमा के ट्रीटमेंट के लिए किया जा सकता है। इसके इस्तेमाल से त्वचा में जलन को कम किया जा सकता है। साथ ही खुजली व लाल रैशेज की समस्या से भी निजात पाया जा सकता है। वैज्ञानिक अध्ययन में इसकी पुष्टि की गई है कि लैवेंडर तेल का इस्तेमाल करने से एक्जिमा के कारण होने वाली खुजली व दर्द को कम किया जा सकता है (22)। हालांकि कुछ लोगों में यह एक्जिमा को बढ़ा सकता है।

8. जोजोबा तेल

सामग्री :
  • जोजोबा ऑयल की कुछ बूंदें
  • अन्य एसेंशियल ऑयल की कुछ बूंदें
कैसे करें इस्तेमाल :
  • आप जोजोबा ऑयल को सीधे त्वचा पर लगा सकते हैं।
  • आप इसे अन्य एसेंशियल ऑयल में मिक्स करके भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
कितने बार करें :
  • दिन में एक बार उपयोग कर सकते है।
कैसे है लाभदायक :

जोजोबा ऑयल का इस्तेमाल त्वचा से जुड़ी विभिन्न समस्याओं में किया जा सकता है। इस तेल में कुछ खास गुण होते हैं, जिसके कारण यह त्वचा में आसानी से अवशोषित हो जाता है। साथ ही इसमें एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होता है, जिस कारण यह एक्जिमा के कारण होने वाले दुष्प्रभाव को कम कर सकता है (23)।

9. एक्जिमा के उपचार के लिए हल्दी

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सामग्री :
  • थोड़ा-सा हल्दी पाउडर
  • पानी
  • दूध
  • गुलाब जल
कैसे करें उपयोग :
  • हल्दी पाउडर को पानी में मिलकर पेस्ट बना लें।
  • पेस्ट में दूध या फिर गुलाब जल मिलकर एक्जिमा प्रभावित जगह पर लगा लें।
  • कुछ समय तक इसे सूखने दें और फिर पानी से धो लें।
कितनी बार करे :
  • आप इसे हफ्ते में 4 बार लगा सकते हैं।
कैसे है लाभदायक :

कई वर्षों से हल्दी को आयुर्वेदिक दवाई के रूप में रोग मुक्त व खूबसूरत त्वचा के लिए उपयोग किया जा रहा है। हल्दी में करक्यूमिन नामक खास तत्व पाया जाता है, जो एंटीसेप्टिक, एंटीइंफ्लेमेटरी व एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करता है। हल्दी से घाव को भरने में मदद मिलती है। साथ ही त्वचा संबंधी एलर्जी का भी इलाज किया जा सकता है (24)।

[ पढ़े: हल्दी के 25 फायदे, उपयोग और नुकसान ]

10. मछली का तेल

मछली के तेल में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है। एक वैज्ञानिक शोध से पता चला है कि अगर इसका सेवन बचपन से किया जाए, तो एक्जिमा से बचा जा सकता है। ऐसा इसलिए संभव हैं, क्योंकि इसमें एन-3 पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड होता है (25)। इसलिए, आप अपने बच्चे को साल्मन जैसी फैटी फिश खाने को दे सकते हैं। इसकी जगह आप डॉक्टर की सलाह पर मछली के तेल से बने सप्लीमेंट्स भी ले सकते हैं।

11. अलसी का तेल

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सामग्री:
  • 1 चम्मच नींबू का रस
  • 1 चम्मच अलसी का तेल
कैसे करें :
  • नींबू के रस और अलसी के तेल को मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें।
  • फिर इसे एक्जिमा प्रभावित जगह पर लगाएं।
  • कुछ समय तक सूखने दें और फिर पानी से धो लें।
कितने बार करें :
  • जल्दी परिणाम के लिए दिन में कम से कम एक बार तो जरूर उपयोग करें।
कैसे है लाभदायक :

अलसी के तेल को आयुर्वेदिक दवाई की तरह भी इस्तेमाल किया जाता है। यह एक्जिमा के उपचार में कारगर है। इसके इस्तेमाल से त्वचा में हो रही जलन कम होती है, रूखापन कम होता है और त्वचा हाइड्रेट रहती है। वैज्ञानिक अध्ययन में भी पाया गया है कि प्रतिदिन अलसी इस्तेमाल करने से त्वचा संबंधी रोगों को दूर किया जा सकता है (26)।

12. मुलेठी से एक्जिमा का उपचार

सामग्री :
  • मुलेठी की जड़ का चूर्ण
  • पानी (आवश्यकतानुसार)
कैसे करें इस्तेमाल :
  • मुलेठी के जड़ से बने चूर्ण को पानी में मिक्स करके पेस्ट बना लें।
  • फिर इस पेस्ट को प्रभावित जगह पर लगाएं।
कैसे है लाभदायक :

मुलेठी में एंटीसेप्टिक व एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। एक्जिमा के इलाज के लिए इसे वर्षों से आयुर्वेदिक औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है (27)।

13. प्रोबायोटिक्स

प्रोबायोटिक्स का उपयोग शरीर को स्वस्थ रखने में सहायक होता है। इससे शरीर को लाभ पहुंचाने वाले बैक्टीरिया उत्पन्न होते हैं, जो एक्जिमा की समस्या को दूर रखते हैं। खासकर, बच्चों में इसका फायदा प्रभावी रूप से देखा गया है (28)। एक वैज्ञानिक शोध के अनुसार, प्रोबायोटिक्स का उपयोग गर्भावस्था में भी एक्जिमा को दूर रखने के लिए सहायक हो सकता है (29)।

14. चावल का पानी

सामग्री :
  • उबले हुए चावल का पानी एक मग
कैसे करें इस्तेमाल :
  • उबले हुए चावल पकाने के बाद स्टार्च का पानी जब ठंडा हो जाए तो पानी को नहाने के दौरान उपयोग करें।
कितने बार करें :
  • हफ्ते में 1 बार कर सकते हैं।
कैसे है लाभदायक :

शोध के अनुसार चावल के दाने का मुख्य घटक स्टार्च एक्जिमा (atopic dermatitis) या त्वचा संबंधी रोगों के लिए उपयोगी हो सकता है। इसे नहाने के पानी में में मिलाने या उपयोग करने से लाभकारी हो सकता है (30)।

आइए, अब एक्जिमा के इलाज के बारे में जान लेते हैं।

एक्जिमा का इलाज – Treatment for Eczema in Hindi

एक्जिमा से दूर रहने के लिए त्वचा की सुरक्षा ज्यादा जरूरी होती है। त्वचा के संक्रमित होने पर ही इस बीमारी का जन्म होता है। त्वचा को आंतरिक और बाहरी दोनों तरह से पोषण मिलना जरूरी है (31) (32)। इस पोषण के लिए खाने के साथ-साथ शरीर में लगाए जाने वाले तेल व क्रीम का भी ध्यान रखना जरूरी होता है। इस लेख में हम एक्जिमा के इलाज के बारे में जानकारी दे रहे हैं, जो आपके लिए फायदेमंद हो सकते हैं।

रहन-सहन के तरीके में परिवर्तन :

  • तनाव से भी एक्जिमा हो सकता है। इससे दूर रहने के लिए योग और पर्याप्त नींद सहायक हो सकती है।
  • ध्यान रखे कि आपका कमरा हवादार होना चाहिए। ताजी व ठंडी हवा के कारण एक्जिमा से बचा जा सकता है।

एक्जिमा के लिए दवाइयां : यहां हम एक्जिमा की दवा के बारे में जानकारी दे रहे हैं, जिसे डॉक्टर की सलाह पर लिया जा सकता है (35)।

  • कॉर्टिकोस्टेरॉइड क्रीम की मदद से त्वचा में आई सूजन को कम किया जा सकता है।
  • पिमेक्रोलिमस और टैक्रोलीमस जैसी गैर-स्टेरॉयड क्रीम के इस्तेमाल से भी आराम मिल सकता है।
  • डुपीलुमब दवाई के इस्तेमाल से इस बीमारी से छूटकरा मिल सकता है।
  • साइक्लोस्पोरिन के प्रयोग से भी एक्जिमा को दूर रखा जा सकता है।

थेरेपी के मदद से : एक्जिमा को थेरेपी के मदद से भी ठीक किया जा सकता है। हम यहां पर कुछ ऐसी थेरेपी बता रहे हैं, जो आपकी बीमारी को दूर करने में सहायक हो सकती हैं (33)।

  • यूवीबी लाइट की मदद से आपको एक्जिमा से छुटकारा मिल सकता है।
  • वेट रैप थेरेपी के सहारे भी एक्जिमा को दूर किया जा सकता है। यह त्वचा में रिहाइड्रेशन के लिए सहायक होती है (34)।

अब हम आहार के बारे में बात कर लेते हैं।

एक्जिमा में आहार – क्या खाएं और क्या न खाएं – Diet for Eczema in Hindi

गलत खान-पान की वजह से एक्जिमा की समस्या बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति में आपको क्या खाना है और क्या नहीं, यहां हम इसी बारे में बता रहे हैं।

  • ओमेगा-3 फैटी एसिड वाले भोजन का सेवन करना चाहिए। इसके लिए टूना, सार्डिन, अल्बाकोर और हेरिंग मछली सबसे अच्छी होती है।
  • शरीर में अच्छे बैक्टीरिया को बनाए रखने में सहायक होने वाले चीजों का सेवन करना चाहिए, जैसे – गेहूं, सोया, लौंग, दालचीनी व टमाटर आदि।
  • सब्जी और फल का सेवन आपके लिए फायदेमंद हो सकता है, जैसे कि ब्रोकली, पालक, गोभी, चेरी व सेब आदि।

कुछ चीजे ऐसी भी हैं, जो एक्जिमा को बढ़ाने का कारण बन सकती हैं (38)।

  • अंडे
  • दूध
  • नट्स
  • सोया
  • ग्लूटेन युक्त अनाज

जिन लोगों को डिसहाइड्रोटिक एक्जिमा ( Dishydrotic – इसमें पैर और हाथ प्रभावित होते हैं) हो, उन्हें इन खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित रूप से करना चाहिए।

  • ब्लैक टी
  • चॉकलेट
  • मसूर
  • शैल फिश
  • बीन्स

एक्जिमा से बचाव – Prevention Tips for Eczema in Hindi

  • गुनगुने पानी से नहाना– गुनगुने पानी में नहाने से शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले बैक्टीरिया खत्म हो सकता है। इससे एक्जिमा फैलाने वाले संक्रामक बढ़ाने से रुक सकता है और एक्जिमा रोग होने से बचा जा सकता है।
  • मॉइस्चराइज– त्वचा को मॉइस्चराइज रखने से भी एक्जिमा के रोग से बचा जा सकता है। त्वचा में नमी (मॉइस्चराइज) होने के कारण खुजली की समस्या नहीं होती है, जिससे एक्जिमा होने का जोखिम नहीं होता है। इसके लिए आप मॉइस्चराइजिंग क्रीम का भी उपयोग कर सकते हैं।
  • नाखून– अगर आप त्वचा को नाखून से खरोंचते हैं, तो इस आदत को दूर कर एक्जिमा के रोग से दूर रह सकते हैं। कई बार खरोंच से आपके नाखून में मौजूद बैक्टीरिया त्वचा में चले जाते हैं, जिससे एक्जिमा हो सकता है।

एक्जिमा के लिए कुछ और जरूरी टिप्स – Other Tips for Eczema in Hindi

  • विटामिन-सी युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन करना चाहिए। यह आपकी त्वचा में कोशिकाओं के विकास में सहायता करता है, जो आपके लिए लाभदायक होता है (35)।
    विटामिन-ई युक्त खाद्य पदार्थ के सेवन से आपकी त्वचा में नमी बनी रहती है, जो एक्जिमा को दूर रखने में सहायक हो सकती है (36)।
    ओमेगा-3 युक्त भोजन का सेवन करना चाहिए, इससे शरीर में मेटाबॉलिज्म संतुलित रहता है (37)।

एक्जिमा का छोटा-सा घाव भी बढ़ी समस्या को जन्म दे सकता है। अगर आप साफ-सफाई से रहते हैं और अपने शरीर का अच्छे से ध्यान रखते हैं, तो एक्जिमा की समस्या आपके आस-पास भी नहीं भटकेगी। इसलिए, इस रोग से आपको डरने की जरूरत नहीं है। ऊपर बताए गए घरेलू उपायों से एक्जिमा की समस्या को कुछ हद तक कम किया जा सकता है। वहीं, अगर ये परेशानी ज्यादा हो तो डॉक्टरी सलाह लेना उचित हो सकता है।

Sources

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भूपेंद्र वर्मा ने सेंट थॉमस कॉलेज से बीजेएमसी और एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी से एमजेएमसी किया है। भूपेंद्र को लेखक के तौर पर फ्रीलांसिंग में काम करते 2 साल हो गए हैं। इनकी लिखी हुई कविताएं, गाने और रैप हर किसी को पसंद आते हैं। यह अपने लेखन और रैप करने के अनोखे स्टाइल की वजह से जाने जाते हैं। इन्होंने कुछ डॉक्यूमेंट्री फिल्म की स्टोरी और डायलॉग्स भी लिखे हैं। इन्हें संगीत सुनना, फिल्में देखना और घूमना पसंद है।

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