एक्जिमा के लिए डाइट प्लान – Diet Plan For Eczema in Hindi

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बीमारी कोई भी हो उसे बढ़ाने और कम करने में खान-पान की अहम भूमिका होती है। यही वजह है कि सुझाए गए खान-पान में बदलाव को अपना कर उस समस्या को ठीक करने में काफी मदद मिल सकती है। वहीं, परहेज वाले खाद्य पदार्थों के प्रति असावधानी परेशानी को बढ़ा सकती है। कुछ ऐसा ही एक्जिमा की समस्या के साथ भी है। ऐसे में एक्जिमा से ग्रस्त व्यक्ति को अपने आहार पर खास ध्यान रखने की जरूरत होती है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम एक्जिमा रोग में क्या खाएं और एक्जिमा रोग में क्या ना खाएं यह बता रहे हैं।

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इस लेख के पहले भाग में हम एक्जिमा रोग में क्या खाएं, इस संबंध में जानकारी देंगे।

एक्जिमा में क्या खाएं – Food for Eczema in Hindi

एक्जिमा त्वचा की सूजन से संबंधित एक समस्या है, जिसे डर्मेटाइटिस के नाम से भी जाना जाता है। इस स्थिति में त्वचा का रूखापन, खुजली और रैशेज होना काफी आम है। इस समस्या का ज्यादातर असर चेहरे, कोहनी, घुटनों, हाथों और पैरों पर दिखाई देता हैं (1)। इसे ठीक करने के लिए त्वचा को स्वस्थ रखने वाले आहार का सेवन करना बेहतर होगा। ऐसे में जिन लोगों को एक्जिमा की समस्या है, वो इन खाद्य पदार्थ को अपने आहार में शामिल कर सकते हैं:

1. मछली

एक्जिमा की स्थिति में मछली का सेवन कर सकते हैं। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक वैज्ञानिक शोध में माना गया है कि मछली के सेवन से एक्जिमा की समस्या को कम किया जा सकता है। शोध में यह भी माना गया है कि मछली में मौजूद ओमेगा-3 पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मछली इस स्थिति में मददगार हो सकती है (2)

2. शहद

शहद का उपयोग करने पर एक्जिमा को ठीक करने में मदद मिल सकती है। इस संबंध में प्रकाशित एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, शहद को एटॉपिक डर्मेटाइटिस (एक्जिमा) के प्रभावी तरीके से इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता है (3)। इसके सेवन के साथ ही इसे प्रभावित त्वचा पर भी लगा सकते हैं।

3. पालक

एक्जिमा रोग में क्या खाएं, इस लिस्ट में पालक को भी शामिल किया जा सकता है। पालक में विटामिन-ई की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो त्वचा को स्वस्थ रखने में सहायक का काम कर सकती है। साथ ही विटामिन-ई रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में भी मदद कर सकता है। इससे एक्जिमा की समस्या को कम करने में भी मदद मिल सकती है (4)। फिलहाल, एक्जिमा के लिए पालक के सेवन से जुड़ा स्पष्ट शोध उपलब्ध नहीं है।

4. ब्रोकली

एक्जिमा में ब्रोकली का सेवन कर सकते हैं (5)। एक वैज्ञानिक रिसर्च की मानें, तो ब्रोकली में क्रोमियम की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो क्रोमियम एलर्जी को नियंत्रण में रखने का काम कर सकता है। इससे एक्जिमा की समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है। (6)। इस आधार पर ब्रोकली को एक्जिमा में सहायक माना जा सकता है।

5. फूल गोभी

एक्जिमा रोगियों के लिए डाइट प्लान में फूल गोभी को भी शामिल किया जा सकता है (5)। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रभाव पाए जाते हैं, जो त्वचा सूजन को कम करने में मदद कर सकता है। इससे एक्जिमा की समस्या में कुछ हद तक राहत मिल सकती है (7)। ऐसे में एक्जिमा में फूल गोभी का सेवन फायदेमंद साबित हो सकता है।

6. किशमिश

एक्जिमा के लिए आहार चार्ट में किशमिश को भी शामिल किया जा सकता है (5)किशमिश के उपयोग से सूजन की समस्या को कम किया जा सकता है। इसके लिए इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मददगार साबित हो सकता है। जैसा कि हमने ऊपर बताया है कि एक्जिमा में सूजन होती है। ऐसे में किशमिश के सेवन से समस्या को नियंत्रण में किया जा सकता है (8)

आगे है और जानकारी

आइए, अब जान लेते हैं कि एक्जिमा में क्या नहीं खाना चाहिए।

एक्जिमा में क्या नहीं खाना चाहिए – Foods to Avoid in Eczema in Hindi

एनसीबीआई की वेबसाइट पर पब्लिश एक मेडिकल रिसर्च के मुताबिक, कुछ खाद्य पदार्थों से परहेज कर एक्जिमा के लक्षण से राहत पाई जा सकती है। एक्जिमा की समस्या में जिन खाद्य पदार्थों से परहेज किए जाने की बात कही जाती है, उनमें ये शामिल हैं (9):

  • जिन लोगों को एक्जिमा है, उन्हें अंडे का सेवन करने से बचना चाहिए।
  • अगर किसी को एक्जिमा है, तो उसे दूध या दूध युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • वैसे तो एक्जिमा की समस्या में मछली का सेवन करना फायदेमंद होता है (2), लेकिन जिन लोगों को मछली के सेवन से एलर्जी होती है, वे एक्जिमा के दौरान मछली खाने से बचें।
  • इस समस्या से जूझ रहे व्यक्ति को पीनट यानी मूंगफली से परहेज करना चाहिए।
  • एक्जिमा में गेंहू से बने खाद्य पदार्थ का सेवन न करें (10)

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इस लेख के अगले भाग में हम एक्जिमा के लिए आहार चार्ट बता रहे हैं।

एक्जिमा के लिए आहार चार्ट – Eczema Diet Chart in Hindi

एक्जिमा में पूरे दिन के लिए आहार में क्या-क्या लेना है, इसका पता चल जाए, तो इससे राहत पाना आसान हो जाता है। यही वजह है कि यहां हम एक्जिमा के लिए आहार चार्ट दे रहे हैं, जिसे एक्जिमा ग्रस्त दैनिक आहार में शामिल कर सकते हैं (5)

समयक्या खाएं
सुबह उठते ही (6 से 7 बजे)सुबह उठाकर सबसे पहले एक से दो गिलास गुनगुना पानी पीना चाहिए। इसमें आधा नींबू भी निचोड़ सकते हैं।
नाश्ता (8 से 9:30 बजे)नाश्ते में स्प्राउट्स और ओटमील का सेवन कर सकते हैं।
ब्रंच ( 10:30 से 12 बजे)इस समय कुछ खुबानी, अंगूर और किशमिश खा सकते हैं।
दोपहर का खाना (1 से 2 बजे)दोपहर के आहार में चावल के साथ फूल गोभी, ब्रोकली और पालक ले सकते हैं।
शाम का नाश्ता (4:30 से 6 बजे)शाम के नाश्ते में कुछ फल और स्मूदी का सेवन कर सकते हैं।
रात का खाना (7 से 9 बजे)रात के आहार में चावल के साथ मछली, फूल गोभी, पालक और ब्रोकली कोा लिया जा सकता है।

नोट : यह सैंपल डाइट चार्ट है। इसमें प्रत्येक व्यक्ति के स्वास्थ्य और पसंद के अनुसार बदलाव किया जा सकता है। बेहतर होगा कि इस संबंध में किसी आहार विशेषज्ञ से सलाह ली जाए।

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चलिए, अब जानते हैं एक्जिमा रोग का उपचार करने के लिए योगासन के बारे में।

एक्जिमा रोग का उपचार करने के लिए योगासन

सामान्य रूप से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग को उपयोगी माना जाता है। वहीं, एक्जिमा के कारण तनाव की समस्या भी बढ़ सकती है। ऐसे में योग शरीर में मौजूद विषैले पदार्थों को दूर करने व शरीर की प्रतिरोधक क्षमता में सुधार कर एक्जिमा को ठीक करने में मदद कर सकता है। वहीं, योग मानसिक तनाव को कम करने में भी सहायक है। इस कारण एक्जिमा के मरीज को राहत पहुंचाने के लिए योग करने की सलाह दी जाती है (11)। इसके लिए इन योग का सहारा लिया जा सकता है।

1. प्राणायाम

एक्जिमा ऐसी समस्या है, जो शरीर के साथ-साथ व्यक्ति को मानसिक रूप से भी परेशान कर सकती है। ऐसे में प्राणायाम योग शरीर को विषैले पदार्थों से मुक्त करने के साथ मानसिक शांति प्रदान करने का काम कर सकता है (11)। इसके लिए प्राणायाम योग में कपालभाति और अनुलोम-विलोम दोनों तरीकों को अपनाया जा सकता है।

  • कपालभाति कपालभाति प्राणायाम का हिस्सा होता है, जो दो शब्दों के मेल से बनता है। पहला कपाल यानी माथा या ललाट दूसरा भाति यानी तेज। इस योग के दौरान तेजी से सांस को छोड़ने की प्रक्रिया होती है। इससे शरीर को अंदर स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है।

इसे करने का तरीका:

  • इस योग को करने के लिए एक साफ चटाई बिछा लें।
  • फिर उस पर सुखासन में बैठ जाए और हाथों को घुटनों पर रख दें।
  • इस अवस्था में रीढ़ की हड्डी सीधी होनी चाहिए।
  • अब आंखों को बंद करते हुए सभी चिंता से मुक्त हो जाएं।
  • फिर गहरी सांस लें व धीरे धीरे सांस छोड़ें। ऐसा दो से तीन बार करें।
  • इसके बाद तेजी के साथ नाक से सांस को बाहर छोड़ें और पेट को अंदर की तरह खीचें।
  • इस क्रिया को बिना रुके कुछ सेकंड तक करना है। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान मुंह बंद रहेगा।
  • नाक से तेजी से सांस छोड़ने के बाद सांस लेने की प्रक्रिया अपने आप होती है।
  • इस क्रिया को कुछ सेकंड रुक-रुक कर लगभग 10 मिनट तक कर सकते हैं।
  • अनुलोमविलोम अनुलोमविलोम प्राणायाम को नाड़ी शोधन का सबसे अच्छा तरीका माना जाता है। नाड़ी को अंग्रेजी में पल्स के नाम से जाना जाता है और शोधन का अर्थ सफाई है। इससे शरीर को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है, जिससे एक्जिमा की समस्या को ठीक करने में मदद मिल सकती है।

इसे करने का तरीका:

  • इस योग को करने के लिए सबसे पहले साफ स्थान पर योग मैट बिछा लें।
  • फिर मैट पर सुखासन की अवस्था में बैठ जाएं। इस मुद्रा में रीढ़ की हड्डी सीधी होनी चाहिए।
  • फिर आंखों को बंद कर गहरी सांस लें और धीरे-धीरे छोड़ें।
  • अब दाएं हाथ के अंगूठे से दाई नासिका बंद कर लें और बाई यानी लेफ्ट नासिका से धीरे-धीरे गहरी सांस लें।
  • सांस लेने के लिए ज्यादा जोर न लगाएं, जितना आसानी से गहरी सांस ले सकते हैं, उतने ही लें।
  • फिर दाएं हाथ की मध्य उंगली की मदद से बाई नासिका को बंद कर लें और दाहिने नासिका से अंगूठे को हटाकर धीरे-धीरे सांस छोड़ें।
  • कुछ क्षण रुके उसके बाद दाहिने नासिका से गहरी सांस लें।
  • इसके बाद दाएं अंगूठे से दाई नासिका को बंद कर लें व बाईं नासिका से दाहिनी हाथ की मध्य उंगली को हटाते हुए धीरे-धीरे सांस छोड़ें।
  • इस तरह अनोम-विलोम प्राणायाम का एक चक्र पूरा हुआ। इसे शुरुआत में तीन से चार बार कर सकते हैं।
  1. विरेचन योग यह भी ब्रीथिंग योग है। इसके मदद से शरीर से टॉक्सिन को बाहर निकालने में मदद मिल सकती है और खुजली व सूजन की समस्या के साथ ही त्वचा के रूखेपन से भी छुटकारा मिला सकता है। इससे एक्जिमा को ठीक करने में मदद मिल सकती है (12)

इसे करने का तरीका:

  • विरेचन योग के लिए सबसे पहले योग मैट पर सुखासन में बैठ जाएं।
  • फिर अपने दोनों हाथों कोहनियों से मोड़ते हुए सामने की तरफ 90 डिग्री के एंगल में रखें।
  • फिर सांस लेते हुआ हाथों को ऊपर की ओर करें और सांस छोड़ते हुए हाथों को नीचे की ओर करें।
  • ध्यान रहे कि हाथ कंधे से ऊपर तक न जाएं और कोहनियों से मुड़े रहें।
  • इस क्रिया को तेजी से करें।
  • इस योग को रुक-रुक कर 10 मिनट तक कर सकते हैं।

जिन लोगों को एक्जिमा की समस्या है, उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। इस समस्या को बेहतर इलाज और सही खान-पान की मदद से जल्दी ठीक किया जा सकता है। हमने अपने इस लेख में पूरे दिन के लिए एक्जिमा डाइट चार्ट दिया है, जो सही खाद्य पदार्थ का चुनाव करने में मदद करेगा। वहीं, अगर किसी को एक्जिमा है, तो उनकी मदद के लिए हमारे इस लेख को उनके साथ शेयर कर सकते हैं। इस तरह की अन्य समस्या से जुड़ी खान-पान की जानकारी के लिए पढ़ते रहें स्टाइलक्रेज।

संदर्भ (Sources):

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Bhupendra Verma

भूपेंद्र वर्मा ने सेंट थॉमस कॉलेज से बीजेएमसी और एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी से एमजेएमसी किया है। भूपेंद्र को लेखक के तौर पर फ्रीलांसिंग में काम करते 2 साल हो गए हैं। इनकी लिखी हुई कविताएं, गाने और रैप हर किसी को पसंद आते हैं। यह अपने लेखन और रैप करने के अनोखे स्टाइल की वजह से जाने जाते हैं। इन्होंने कुछ डॉक्यूमेंट्री फिल्म की स्टोरी और डायलॉग्स भी लिखे हैं। इन्हें संगीत सुनना, फिल्में देखना और घूमना पसंद है।

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