एडिमा (सूजन) के कारण, लक्षण और घरेलू उपाय – Edema Causes, Symptoms and Home Remedies in Hindi

Written by , हेल्थ एंड वेलनेस राइटर Saral Jain हेल्थ एंड वेलनेस राइटर
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आए दिन लोगों को कई तरह की शारीरिक समस्याओं से गुजरना पड़ता है। ऐसी ही एक समस्या सूजन भी है। अक्सर इसे आम परेशानी समझकर लोग नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन सूजन गंभीर बीमारियों का भी संकेत हो सकती है। अगर सूजन एक दिन से ज्यादा रहे या फिर सूजन वाला हिस्सा टाइट और चमकीली होने लगे, तो तुरंत सतर्क हो जाएं। इससे बचने के लिए बिना देर किए डॉक्टर की सलाह के साथ ही कुछ घरेलू उपाय अपना लें। आप एडिमा के घरेलू उपाय के बारे में स्टाइलक्रेज के इस लेख में जान सकते हैं। इनकी मदद से सूजन के कारण होने वाली समस्याओं यानी एडिमा के लक्षण से राहत मिल सकती है।

शुरू करते हैं लेख

इस लेख के शुरुआत में जान लेते हैं कि एडिमा रोग क्या है।

एडिमा (सूजन) रोग क्या है – What is Edema in Hindi

सूजन को चिकित्सकीय भाषा में एडिमा कहा जाता है। शरीर के किसी हिस्से में द्रव व तरल पदार्थ के इकट्ठा होने के कारण होने वाली सूजन को एडिमा कहते हैं। यह शरीर के किसी एक हिस्से या पूरे शरीर में हो सकता है। बताया जाता है कि सूजन सबसे ज्यादा शरीर के हाथ और पैरों में होती है। एडिमा व सूजन से प्रभावित इन हिस्से को एडेमेटस कहा जाता है। कई बार एडिमा गंभीर बीमारी का भी संकेत हो सकता है (1)। ऐसे में डॉक्टर की दवाई के साथ ही एडिमा के लिए घरेलू उपाय दोनों से इस परेशानी को कुछ कम किया जा सकता है।

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एडिमा रोग क्या है, यह जानने के बाद अब हम एडिमा के प्रकार बता रहे हैं।

एडिमा के प्रकार – Types of Edema in Hindi

एडिमा अलग-अलग व्यक्ति को भिन्न-भिन्न तरीके से प्रभावित कर सकता है। इसी आधार पर एडिमा को बांटा भी गया है। शरीर के अंगों के हिसाब से एडिमा के प्रकार को समझने के लिए लेख को आगे पढ़ें (1):

  • पेरिफेरल एडिमा (Peripheral Edema) : यह अधिकतर शरीर के निचले अंगों पर होता है। इसमें पैर व टखनों पर सूजन आती है। ऐसा हार्ट और लिवर फेल होने और कुछ दवाओं के दुष्प्रभाव के कारण भी हो सकता है।
  • पेडल एडिमा (Pedal Edema) : यह पैरों के पंजे, तलवे व पैर के निचले हिस्सों में तरल पदार्थ के जमा होने की वजह से होता है
  • पलमोनरी एडिमा (Pulmonary Edema) : फेफड़ों में अतिरिक्त तरल पदार्थ के जमा होने के कारण यह एडिमा होता है। यह तरल पदार्थ फेफड़ों में इकट्ठा होकर सांस लेने में कठिनाई पैदा करता है। इसकी वजह से रेस्पिरेटरी फेलियर होने का खतरा भी बना रहता है।
  • सेरेब्रल एडिमा (Cerebral Edema) : सेरेब्रल एडिमा आमतौर पर तब होता है, जब मस्तिष्क में किसी एक जगह पर द्रव इकट्ठा हो जाता है। यह स्थिति सिर में/पर चोट लगने, स्ट्रोक, कैंसर व संक्रमण के कारण हो सकती है।
  • एंजियोडीमा (Angioedema) : ऐसा अधिकतर एलर्जी की वजह से होता है। इस दौरान सूजन त्वचा की बाहरी सतह की जगह आंतरिक सतह पर होने लगती है। यह एडिमा चेहरे पर होता है।
  • पापिलएडिमा (Papilledema) : इस एडिमा के दौरान आंख के ऑप्टिक तंत्रिका (नर्व) में सूजन हो जाती है। इसका निदान नेत्र रोग विशेषज्ञ द्वारा किया जाता है।
  • मैक्यूलर एडिमा (Macular Edema) : आंखों के रेटिना में द्रव पदार्थ के जमाव की वजह से मैक्यूलर एडिमा होता है। इस दौरान आंखों के आंतरिक हिस्से में सूजन हो जाती है।

पढ़ते रहें लेख

चलिए, एडिमा के प्रकार के बाद लेख में आगे बढ़ते हुए एडिमा के कारण जान लेते हैं।

एडिमा के कारण – Causes of Edema in Hindi

सूजन के कारण पता हों, तो इससे बचने के लिए सावधानी बरती जा सकती है। इसी वजह से लेख के इस भाग में हम एडिमा के कारण बता रहे हैं, जिनमें ये शामिल हैं (2) (3) (4) :

  • नमक का ज्यादा सेवन
  • सनबर्न
  • हृदय घात (हार्ट फेल)
  • गुर्दे (किडनी) की बीमारी
  • सिरोसिस की वजह से होने वाली लीवर की समस्या
  • गर्भावस्था
  • लिम्फ नोड्स (शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली का हिस्सा) से जुड़ी समस्याएं
  • गर्म मौसम में बहुत देर तक खड़े रहना या चलना
  • ब्लड क्लॉट
  • इंफेक्शन
  • बुढ़ापा
  • कुछ दवाएं (एंटीडिप्रेसेंट्स, ब्लड प्रेशर और गर्भ निरोधक संबंधी दवाओं में मौजूद एस्ट्रोजन)
  • वेनस इंसफिशिएंसी (Venous insufficiency)
  • कैंसर
  • कीमोथेरेपी
  • अधिक वजन
  • रक्त संचार में कमी

पढ़ना जारी रखें

सूजन के कारण के बाद आगे हम एडिमा के लक्षण के बारे में बता रहे हैं।

एडिमा के लक्षण – Symptoms of Edema in Hindi

एडिमा के लक्षण आमतौर पर इसके प्रकार और इससे प्रभावित हिस्से पर निर्भर करते हैं। हां, दर्द व सूजन सभी प्रकार के एडिमा के सामान्य लक्षणों में शामिल हैं। इनके अलावा एडिमा के अन्य सामान्य लक्षण कुछ इस प्रकार हैं (1) :

  • चमकीली त्वचा
  • त्वचा में खिंचावट
  • हाथ लगाने पर त्वचा पर गड्ढे पड़ना
  • प्रभावित क्षेत्र में अकड़न
  • प्लस (नाड़ी) रेट का बढ़ना
  • पेट का आकार बढ़ना
  • शरीर के अंगों में दर्द होना
  • वजन का घटना व बढ़ना
  • सांस लेने में कठिनाई व खांसी
  • सीने में दर्द
  • हाथ और गर्दन की नसों का फूल जाना

आगे और जानकरी है

अब हम एडिमा को कम करने के घरेलू उपाय की जानकारी दे रहे हैं।

एडिमा के लिए घरेलू उपाय – Home Remedies for Edema in Hindi

एडिमा के लिए घरेलू उपाय असरदार साबित हो सकता है। इसके लिए घरेलू उपाय को सही तरह से इस्तेमाल करना जरूरी होता है, जिसकी जानकारी नीचे दी जा रही है। ध्यान दें कि एडिमा होने पर सिर्फ घरेलू उपचार के भरोसे नहीं रहना चाहिए। इसके लिए डॉक्टरी इलाज भी जरूर है।

1. ग्रीन टी

सामग्री:
  • एक चम्मच ग्रीन टी
  • एक कप पानी
  • शहद (वैकल्पिक)
उपयोग का तरीका:
  • पानी में ग्रीन टी डालकर कुछ देर उबाल लें।
  • अब इसे छानकर एक कप में निकाल लें।
  • स्वाद के लिए इसमें शहद भी मिलाया जा सकता है।
  • रोजाना 2 से 3 बार ग्रीन टी का सेवन किया जा सकता है।
कैसे लाभदायक है:

एडिमा को कम करने के घरेलू उपाय के तौर पर ग्रीन टी का उपयोग कर सकते हैं। ग्रीन टी में मौजूद कैफीन शरीर में मौजूद अधिक तरल पदार्थ को बाहर निकालने में मदद करता है। दरअसल, कैफीन को ड्यूरेटिक यानी मूत्रवर्धक गुण के लिए जाना जाता है (5)। यह मूत्रवर्धक प्रभाव से शरीर के ऊतकों में मौजूद अतिरिक्त पानी और नमक को पेशाब के मार्ग से निकाला जा सकता है (6)

2. अनानास जूस

सामग्री:
  • 1/4 अनानास
  • एक कप पानी
उपयोग का तरीका:
  • अनानास को छिलकर इसे छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें।
  • अब इसमें आवश्कतानुसार पानी डालकर मिक्सी में ब्लेंड कर लें।
  • ब्लेंड करने के बाद इसका जूस निकालकर तुरंत पी लें।
  • इस जूस को रोजाना एक बार पी सकते हैं।
कैसे लाभदायक है:

पाइनएप्पल (अनानास) में ब्रोमेलैन नामक एंजाइम होता है। यह एंजाइम शरीर में बतौर एंटी-एडेमेटस, एंटी-थ्रोम्बोटिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी कार्य करता है। ये गतिविधियां क्रमश: एडिमा से बचाव, एडिमा की वजह से होने वाले ब्लड क्लॉट और सूजन को कम कर सकते हैं। इसी आधार पर एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में कहा गया है कि अनानास का सेवन करने से एडिमा से बचा जा सकता है (7)

3. मसाज थेरेपी

सामग्री:
  • एसेंशियल ऑयल की 5-6 बूंदें (अंगूर और जुनिपर ऑयल)
  • नारियल तेल 30 एमएल
उपयोग का तरीका:
  • एसेंशियल ऑयल व नारियल तेल को आपस में मिला लें।
  • फिर इस तेल से 5-10 मिनट तक प्रभावित हिस्से की हल्के हाथों से मालिश करें।
  • रोजाना दो बार इस प्रक्रिया को दोहराया जा सकता है।
कैसे लाभदायक है:

प्रभावित हिस्से की मालिश करना एडिमा को कम करने के घरेलू उपाय के रूप में काफी प्रचलित है (8)। इसी वजह से सूजन को कम करने के लिए प्रभावित हिस्से की मालिश भी की जाती है (9)। मालिश से शरीर में रक्त संचार बढ़ता है, जिसकी मदद से एडिमा का घरेलू इलाज किया जा सकता है (10)। हमने ऊपर बताया है कि एडिमा होने का एक कारण रक्त संचार में रुकावट भी है (11)। साथ ही मालिश के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले नारियल तेल में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होता है, जो एडिमा को कम कर सकता है (12)

4. अंगूर के बीज का अर्क (Grape Seed Extract)

सामग्री:
  • अंगूर के बीज का अर्क (100 से 400mg)
उपयोग का तरीका:
  • आहार में अंगूर के बीज के अर्क को शामिल करें।
  • डॉक्टर की सलाह इसका सप्‍लीमेंट भी रोजाना दो बार लिया जा सकता है।
कैसे लाभदायक है:

अंगूर के बीज के अर्क का सेवन करने से पैरों पर होने वाली सूजन को कम किया जा सकता है (13)। इसमें प्रोएंथोसाइनिडिन (Proanthocyanidin) नामक पॉलीफेनोलिक यौगिक होता है। इसकी वजह से अंगूर के बीज का अर्क एंटीऑक्सीडेंट व एंटीइंफ्लेमेटरी प्रभाव दिखाता है (10)

माना जाता है कि इसका प्रोएंथोसाइनिडिन कंपाउंड खुजली, भारीपन और दर्द को कम करने के साथ-साथ सूजन से राहत दिलाने में मदद कर सकता है (10)। इसी वजह से सूजन और सूजन के लक्षण को ठीक करने के लिए इसे फायदेमंद माना जाता है।

5. हल्दी

सामग्री:
  • एक चम्मच हल्दी पाउडर
  • एक गिलास दूध या पानी
उपयोग का तरीका:
  • एक गिलास गर्म पानी या गर्म दूध में हल्दी डालें।
  • इस मिश्रण को अच्छे से मिलाकर इसका इसका सेवन कर लें।
  • इसके अलावा, पानी की कुछ बूंदों में एक चम्मच हल्दी डालकर पेस्ट तैयार कर सकते हैं।
  • फिर इसको एडिमा प्रभावित जगह पर लगा लें।
  • ऐसा रोज सुबह और रात को किया जा सकता है।
कैसे लाभदायक है:

हल्दी का इस्तेमाल करके एडिमा के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इनफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिसर्च में हल्दी के करक्यूमिन कंपाउंड को दिमाग में लगी चोट की वजह से होने वाले एडिमा से उबरने में लाभदायक पाया गया है (14)। साथ  ही चूहों पर हुए एक शोध में हल्दी को एडिमा के खिलाफ प्रभावी बताया गया है (15)

6. सेब का सिरका (Apple Cider Vinegar)

सामग्री:
  • दो कप सेब का सिरका
  • दो कप गर्म पानी
उपयोग का तरीका:
  • एक कटोरे में सेब का सिरका और गर्म पानी मिलाएं।
  • मिश्रण में एक साफ तौलिया भिगोकर सूजन वाले हिस्से पर लपेट दें।
  • पांच मिनट के बाद तौलिया हटाकर यही प्रक्रिया ठंडे पानी के साथ दोहराएं।
  • सूजन ठीक न होने तक ऐसा रोजाना दो बार किया जा सकता है।
कैसे लाभदायक है:

सेब के सिरका को लेकर हुए एक हुए एक रिसर्च में सामने आया है कि यह एडिमा में राहत दिलाने में मदद कर सकता है। दरअसल, एप्पल साइडर विनेगर को वैरिकोज वेन्स (नसों का फूलकर बड़ा होना) से प्रभावित रोगियों पर इस्तेमाल किया गया। परिणामस्वरूप वैरिकोज वेन्स की वजह से होने वाले दर्द व खुजली से कुछ राहत पाई गई। साथ ही  एडिमा यानी सूजन में भी कमी देखी गई। ऐसे में कहा जा सकता है कि सेब के सिरके से सूजन और एडिमा के अन्य लक्षण कम हो सकते हैं (10)

7. मल्टीविटामिन

सामग्री:
  • मल्टीविटामिन सप्लीमेंट (विटामिन ए, सी, ई)
  • बी-कॉम्प्लेक्स विटामिन
  • मैग्नीशियम, कैल्शियम, सेलेनियम व जिंक जैसे मिनरल
उपयोग का तरीका: 
  • आहार में उपरोक्त विटामिन और खनिजों से युक्त आहार का सेवन करें।
  • डॉक्टर की सलाह पर रोजाना उपरोक्त मल्टीविटामिन को शामिल कर सकते हैं।
कैसे लाभदायक है:

अगर पोषक तत्वों की कमी की वजह से किसी को एडिमा हुआ है, तो डॉक्टर की सलाह पर मल्टीविटामिन्स के सप्लीमेंट्स ले सकते हैं। दरअसल, विटामिन-बी कॉम्प्लेक्स, जिसमें विटामिन-बी6 और बी5 शामिल हैं, उनकी कमी से शरीर में द्रव के इकट्ठा होने की आशंका बढ़ जाती है (1)। इन दोनों विटामिन के साथ ही कैल्शियम और विटामिन-डी शरीर में जमा अतिरिक्त तरल पदार्थ को बाहर निकालने में मदद कर सकते हैं। इन पोषक तत्वों को खाद्य पदार्थों के माध्यम से भी लिया जा सकता है (16)

8. हॉट एंड कोल्ड कंप्रेस

सामग्री:
  • ठंडा पानी
  • गर्म पानी
  • एक साफ तौलिया
उपयोग का तरीका:
  • एक साफ तौलिये को गर्म पानी में भिगो दें।
  • अब शरीर के सूजे हुए क्षेत्र को चारों ओर इस तौलिये को लपेट लें।
  • 5 मिनट बाद तौलिये को खोल लें।
  • फिर ठंडे पानी में तौलिये को भिगोकर इस प्रक्रिया को दोहराएं।
  • इसे रोजाना दो बार किया जा सकता है।
कैसे लाभदायक है:

एडिमा को कम करने के घरेलू उपाय के रूप में ठंडे और गर्म पानी की सिकाई लंबे समय से की जाती रही है। गर्म और ठंडे पानी से बारी-बारी एडिमा प्रभावित हिस्से की सिकाई करने से शरीर में स्वाभाविक रूप से रक्त का प्रवाह बढ़ता है (17)

ठंडे पानी की सिकाई से दर्द व सूजन को कम करने और ब्लड सर्कूलेशन को बढ़ा सकता है। साथ ही गर्म पानी की सिकाई से भी दर्द में कमी और रक्त संचार को बेहतर करने में सहायता मिल सकती है। माना जाता है कि गर्म और ठंडे पानी से सिकाई करने या नहाने से एडिमा से राहत मिल सकती है (17)

9. सरसों का तेल

सामग्री:
  • आधा कप सरसों का तेल
उपयोग का तरीका:
  • सरसों के तेल को हल्का गर्म करें।
  • अब प्रभावित क्षेत्र की हल्के हाथों से मालिश करें।
  • रोजाना दो बार इस प्रक्रिया को दोहराया जा सकता है।
कैसे लाभदायक है:

सरसों के तेल में सेलेनियम और मैग्नीशियम की उच्च मात्रा पाई जाती है, जिसकी वजह से यह तेल एंटीइंफ्लेमेटरी गुण प्रदर्शित करता है। पारंपरिक रूप से इसका इस्तेमाल दर्द से राहत दिलाने के लिए किया जाता है। इसका उपयोग चिकित्सकीय मालिश के लिए भी होता है (18)

जैसा कि ऊपर बताया गया है कि मालिश से रक्त संचार को बढ़ाया जा सकता है (10)। हम बता ही चुके हैं कि सूजन होने का एक कारण रक्त संचार में रुकावट आना भी है (11)। ऐसे में माना जाता है कि यह तेल सूजन के लक्षण को ठीक करने में मदद कर सकता है।

10. धनिया के बीज

सामग्री:
  • तीन चम्मच धनिया के बीज
  • एक कप पानी
उपयोग का तरीका:
  • एक सॉस पैन में धनिया के बीज और पानी डालकर उबाल लें।
  • जब पानी आधा रह जाए, तो मिश्रण को बर्तन से निकालकर छान लें।
  • अब इसका तुरंत सेवन कर लें।
  • रोजाना दो बार इसका सेवन कर सकते हैं।
कैसे लाभदायक है:

सूजन को कम करने के घरेलू उपाय के रूप में धनिया के बीज का भी इस्तेमाल किया जाता है। दरअसल, धनिया के बीज के अर्क में ड्यूरेटिक (Diuretic) और सैल्यूटिक (Saluretic) गतिविधि पाई जाती है (19)। ड्यूरेटिक गतिविधि की मदद से शरीर में जमा अतिरिक्त तरल पदार्थ पेशाब के जरिए बाहर निकल जाता है (20)। वहीं, सैल्यूटिक गतिविधि शरीर में जमा अतिरिक्त नमक को पेशाब के रास्ते बाहर निकलने में मदद कर सकता है (19)

दरअसल, शरीर में जमा अतिरिक्त नमक और पानी एडिमा का कारण हो सकता है। माना जाता है कि धनिया इन दोनों गतिविधियों की मदद से एडिमा को ठीक करता है । इसके अलावा, धनिया के अर्क में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एनाल्जेसिक गुण भी होते हैं, जो एडिमा के लक्षण, जैसे – सूजन व दर्द को कम करने में मदद कर सकते हैं (21)

11. टी-ट्री ऑयल

सामग्री:
  • टी ट्री एसेंशियल ऑयल की 4-5 बूंदें
उपयोग का तरीका:
  • टी ट्री ऑयल की बूंदों को रूई पर डालें।
  • अब इस रूई को सूजन वाले क्षेत्र पर धीरे-धीरे लगाएं।
  • इसे प्रक्रिया को रोजाना दो बार किया जा सकता है।
कैसे लाभदायक है: 

एडिमा को कम करने के घरेलू उपाय के रूप में टी-ट्री ऑयल को भी इस्तेमाल में लाया जा सकता है। टी ट्री ऑयल में एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रभाव होता है, जो एडिमा संबंधित सूजन को कम कर सकता है (22)। एक अन्य शोध के मुताबिक, टी-ट्री ऑयल में टेरपिनन-4-ऑल नामक केमिकल पाया जाता है, जो त्वचा की सूजन को कम करके एडिमा से राहत दिलाने में सहायक हो सकता है (23)

12. अजमोद (पार्सले)

सामग्री:
  • आधा से एक कप अजमोद (पार्सले) के पत्ते
  • आधा लीटर उबला हुआ पानी
  • शहद स्वादानुसार
उपयोग का तरीका:
  • अजमोद के पत्तों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर पानी में भिगो दें।
  • दस मिनट बाद पानी को छान लें।
  • अब शहद मिलाकर इसे पी लें।
  • रोजाना अजमोद चाय का सेवन एक से दो बार किया जा सकता है।
कैसे लाभदायक है:

आयुर्वेद में पार्सले का उपयोग औषधि के रूप से किया जाता रहा है। इसमें मौजूद एंटी-एडेमा प्रभाव की वजह से यह एडिमा के लक्षणों को कम करने में सहायक हो सकता है। साथ ही अजमोद को प्राकृतिक मूत्रवर्धक (नैचुरल ड्यूरेटिक) के रूप में भी जाना जाता है । यह शरीर से मौजूद अतिरिक्त तरल पदार्थ को पेशाब के रास्ते बाहर निकालने में मदद करता है (24)। इसी वजह से पार्सले का उपयोग एडिमा के इलाज व सूजन को कम करने के घरेलू उपाय के तौर पर किया जा सकता है।

13. अरंडी का तेल (Castor Oil)

सामग्री:
  • अरंडी के तेल की कुछ बूंदें
उपयोग का तरीका:
  • अरंडी के तेल को सूजन वाले क्षेत्रों पर लगाकर मालिश करें।
  • ऐसा रोजाना दो बार किया जा सकता है।
कैसे लाभदायक है:

अरंडी का तेल एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रभाव से भरपूर होता है। ऐसे में माना जाता है कि यह एडिमा की वजह से होने वाली सूजन से राहत दिलाने में मदद कर सकता है (25)। जैसा कि हम आपको ऊपर बता ही चुके हैं कि एडिम एक कारण रक्त का परिसंचरण न होना भी होता है (11)। ऐसे में इससे प्रभावित जगह की मालिश करने पर रक्त का प्रवाह बढ़ता है और एडिमा से कुछ राहत मिल सकती है।

14. सेंधा नमक (Epsom Salt)

सामग्री:

  • एक कप सेंधा (एप्सम) नमक
  • पानी

उपयोग का तरीका:

  • नहाने के पानी में एप्सम सॉल्ट मिलाएं।
  • 15 से 20 मिनट के लिए सूजन वाले हिस्से को पानी में डूबोकर रखें।
  • वैकल्पिक रूप से, बाथ टब या बाल्टी में सेंधा नमक डालकर स्नान भी कर सकते हैं।

कैसे लाभदायक है:

सेंधा नमक को दर्द और सूजन को कम करने के लिए जाना जाता है। इसमें मौजूद मैग्नीशियम सल्फेट सूजन को कम करने में मदद कर सकता है। इसका इस्तेमाल करने से सूजन के साथ-साथ खुजली को भी कुछ कम किया जा सकता है (26)

15. अलसी

सामग्री: 
  • एक चम्मच अलसी के बीज का पाउडर या कुछ बूंद तेल
  • एक गिलास गर्म पानी
उपयोग का तरीका: 
  • एक गिलास गर्म पानी में फ्लैक्स सीड्स का पाउडर या तेल डालें।
  • इसे अच्छे से मिलाकर तुरंत पी लें।
  • रोजाना दो बार इसका सेवन किया जा सकता है।
कैसे लाभदायक है:

अलसी के तेल में मौजूद अल्फा लिनोलेनिक एसिड (ALA) की वजह से जोड़ों में होने वाले एडिमा से राहत मिल सकती है (27)। खाद्य पदार्थ में मौजूद कैरेजेनन और एराकिडोनिक (Carrageenan and Arachidonic) एसिड की वजह से होने वाले एडिमा को ठीक करने में भी फ्लैक्स सीड मदद कर सकता है  (28)। माना जाता है कि अलसी फेफड़े में होने वाले एडिमा से भी राहत दिलाने में सहायक हो सकती है (29)

16. डैंडिलियन की चाय (Dandelion Tea)

सामग्री: 

  • एक चम्मच डैंडिलियन के अर्क
  • एक कप पानी
  • शहद (वैकल्पिक)

उपयोग का तरीका:

  • डैंडिलियन के अर्क को पानी में डालकर उबाल लें।
  • पांच मिनट उबलने के बाद इसे छानकर एक कप में निकाल लें।
  • स्वाद के लिए ऊपर से शहद डाल सकते हैं।
  • इसे दिन में दो बार सेवन कर सकते हैं।

कैसे लाभदायक है:

डैंडिलियन की चाय को भी एडिमा के लिए घरेलू उपाय माना जा सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक मेडिकल रिसर्च की मानें, तो डैंडिलियन में टैरक्सेस्टेरॉल नामक केमिकल कंपाउंड पाए जाते हैं, जो एडिमा से राहत दिला सकता है (30)। साथ ही डैंडिलियन में मूत्रवर्धक प्रभाव भी होता है, जिसे एडिमा की समस्या को कुछ कम करने के लिए जाना जाता है (31)

17. अदरक की चाय (Ginger Tea)

सामग्री: 

  • दो इंच अदरक
  • एक कप पानी
  • शहद (वैकल्पिक)

उपयोग का तरीका:

  • अदरक को अच्छे से कुचलकर पानी में उबाल लें।
  • फिर इसे छानकर एक कप में निकाल लें।
  • अब इसमें ऊपर से शहद डालकर पी सकते हैं।
  • दिन में एक बार इसका सेवन किया जा सकता है।

कैसे लाभदायक है:

एडिमा को कम करने के घरेलू उपाय में अदरक को भी शामिल किया जा सकता है। इस बात की पुष्टि एक वैज्ञानिक अध्ययन में किया गया है। इस रिसर्च में दिया है कि अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होता है, जो सूजन की समस्या को कम करके दर्द से राहत दिला सकता है। इससे एडिमा को कुछ हद तक ठीक करने में मदद मिल सकता है (32)

18. ऑरेगैनो ऑयल (Oregano Oil)

सामग्री: 

  • 5-6 बूंद ऑरेगैनो ऑयल
  • 30 मिलीलीटर जैतून का तेल

उपयोग का तरीका: 

  • दोनों तेल को अच्छी तरह मिक्स कर लें।
  • फिर इस मिश्रण से प्रभावित क्षेत्र को धीरे-धीरे मालिश करें।
  • इस प्रक्रिया को प्रतिदिन दो बार कर सकते हैं।

कैसे लाभदायक है:

एडिमा को ठीक करने के लिए ऑरेगैनो ऑयल का उपयोग किया जा सकता है। इस संबंध में प्रकाशित एक वैज्ञानिक शोध के अनुसार, ऑरेगैनो ऑयल में कार्वाक्रोल नमक फिनोल होता है। यह एंटी-इंफ्लेमेटरी की तरह कार्य करके एडिमा को कुछ कम कर सकता है (33)

पढ़ते रहें

आइए, अब जान लेते हैं कि एडिमा का इलाज कैसे किया जा सकता है।

एडिमा का इलाज-Treatment for Edema in Hindi

एडिमा को ठीक करने के लिए घरेलू उपचार के अलावा डॉक्टरी इलाज का भी सहारा लिया जा सकता है। इसके इलाज के दौरान डॉक्टर कुछ दवाई या थेरेपी की सलाह दे सकते हैं, जिनमें ये शामिल है (1) :

  • ड्यूरेटिक (वाटर पिल्स) – इस दवाई के सेवन से ज्यादा पेशाब आ सकता है, जिससे कि शरीर से सोडियम को बहार निकालने में मदद मिल सकती है। इससे एडिमा ठीक हो सकता है। इसके लिए उपयोग किए जाने वाले ड्यूरेटिक दवाइयों में फ्यूरोसेमाइड (लैसिक्स) और ब्यूटामाइन (बुमेक्स) आदि शामिल हैं।
  • एंटीकोगुलेशन थेरेपी – इस थेरेपी को रक्त वाहिकाएं से जुड़ी समस्या में किया जाता है। इस थेरेपी के माध्यम से ब्लड क्लॉट यानी रक्त में थक्का जमने से रोका जा सकता है
  • ऑक्सीजन थेरेपी – डॉक्टर एडिमा के इलाज के लिए ऑक्सीजन थेरेपी की भी सलाह दे सकते हैं। इससे शरीर के सभी भाग में पर्याप्त ऑक्सीजन पहुंचता है, जिससे कि एडिमा को ठीक करने में सहायता मिल सकती है।

इस लेख के अगले भाग में हम एडिमा से बचाव के तरीके बता रहे हैं।

एडिमा से बचाव  – Prevention Tips for Edema in Hindi

सूजन को कम करने के घरेलू उपाय के साथ ही कुछ टिप्स की मदद से भी एडिमा से राहत मिल सकती है। सूजन व एडिमा से बचे रहने वाले कुछ सुझाव व टिप्स इस प्रकार हैं (2) (3) :

  • लेटते समय पैरों को ऊपर की ओर रखें। पैरों को तकिये पर भी रख सकते हैं और समय-समय पर ऊपर उठा सकते हैं।
  • पैरों का व्यायाम करें। यह पैरों में जमा तरल पदार्थ को वापस पंप करने में मदद कर सकता है।
  • कम नमक वाले आहार का सेवन करें। इससे शरीर में तरल पदार्थ नहीं जमता और सूजन कम हो सकती है।
  • आरामदायक मोजे व स्टॉकिंग्स पहन सकते हैं
  • यात्रा करते समय सिर्फ बैठे न रहें। बीच-बीच में कुछ देर के लिए जरूर टहलें।
  • जांघों के आसपास टाइट कपड़े पहनने से बचें।
  • जरूरत पड़ने पर वजन कम करें।

एडिमा व सूजन से बचे रहना काफी आसान है। इसके लिए ऊपर बताए गए तरीकों व टिप्स मददगार साबित हो सकते हैं। एडिमा को कम करने के लिए सभी घरेलू उपाय के साथ ही दिनचर्या में थोड़ा बदलाव भी जरूरी है। अगर किसी को एडिमा गंभीर बीमारी की वजह से हुआ है, तो सूजन को कम करने के लिए डॉक्टर की सलाह जरूर लें। अब हम आगे एडिमा से जुड़े कुछ सवालों के जवाब दे रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या केला एडिमा के लिए अच्छा होता है?

जी हां, एडिमा में केला का सेवन करना अच्छा साबित हो सकता है। दरअसल, इसमें पोटैशियम की अच्छी मात्रा होती है, जिसे एडिमा में लाभकारी माना जाता है (34)

क्या पानी पीने से एडिमा को कम करने में मदद मिल सकती है?

हां, एडिमा को कम करने में पानी पीने से कुछ हद तक मदद मिल सकती है। पानी में ड्यूरेटिक गुण होते हैं, जो पेशाब के माध्यम से अतिरिक्त तरल पदार्थ को शरीर से बाहर निकाल सकता है (35)

अगर आपको एडिमा है तो आपको कैसे पता चलेगा?

एडिमा होने पर शरीर में सूजन हो जाती है, जिससे आपको पता चल जाएगा कि एडिमा हो गया है। साथ ही ऊपर बताए गए एडिमा के अन्य लक्षण भी नजर आ सकते हैं (1)

एडिमा के लिए सबसे अच्छा आहार क्या है?

केले, किशमिश और संतरे के रस को एडिमा के लिए सबसे अच्छे आहार माना जा सकता है (34)

यदि एडिमा है तो किन खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए?

एडिमा में अधिक नमक युक्त खाद्य पदार्थ के सेवन से बचना चाहिए (1)

एडिमा को ठीक होने में कितना समय लगता है?

यह एडिमा के कारण और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है। हल्की सूजन लगभग एक से दो घंटे में भी ठीक हो सकते हैं और गंभीर में एक से दो हफ्ते भी लग सकते हैं।

अगर एडिमा का इलाज न कराया गया, तो क्या होगा?

अगर एडिमा का इलाज नहीं कराया गया, तो यह पूरे शरीर में हो सकता है। साथ ही इससे दूसरी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती है। यही नहीं सूजन और दर्द दोनों दिन-ब-दिन बढ़ सकते हैं।

प्रमस्तिष्क एडिमा क्या है?

प्रमस्तिष्क एडिमा का मतलब है मस्तिष्क की सूजन। इसे इंग्लिश में सेरिब्रल ए़डिमा कहते हैं (36)

References

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    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK537272/
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