एडिमा (सूजन) के कारण, लक्षण और घरेलू उपाय – Edema Causes, Symptoms and Home Remedies in Hindi

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आए दिन हम लोग कई तरह की शारीरिक समस्याओं से गुजरते हैं। ऐसी ही एक समस्या सूजन भी है। हम इसे आम समस्या समझकर अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह कुछ गंभीर बीमारियों का संकेत भी हो सकता है। अगर सूजन एक दिन से ज्यादा है या फिर सूजन वाली जगह काफी टाइट और त्वचा का रंग चमकीला हो गया है, तो तुरंत इसको लेकर सतर्क हो जाना चाहिए। सूजन के कारण होने वाली समस्याओं को कम करने के लिए आप इस लेख में दिए गए उपाय को अपना सकते हैं। सूजन जिसे चिकित्सकीय भाषा में एडिमा कहा जाता है, इससे बचने का सबसे बेहतर तरीका यही है कि पहले एडिमा के लक्षण, कारण और अन्य बातों के बारे में जानकारी हासिल की जाएं। स्टाइलक्रेज के इस लेख में आपको सूजन व एडिमा से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी मिलेगी, जिसकी मदद से आप एडिमा से खुद को बचा सकते हैं।

चलिए, लेख में सबसे पहले यह जान लेते हैं कि एडिमा व सूजन कहते किसे हैं।

एडिमा (सूजन) क्या है? – What is Edema in Hindi

शरीर के किसी हिस्से में द्रव व तरल पदार्थ के इकट्ठा होने के कारण होने वाली सूजन को एडिमा कहा जाता है। वहीं, एडिमा से प्रभावित किसी भी अंग को एडेमेट्स कहा जाता है। एडिमा सबसे आम रूप से पैरों और हाथों में होता है। एडिमा कई बार गंभीर बीमारी का संकेत हो  सकता है (1)

एडिमा के प्रकार – Types of Edema in Hindi

एडिमा क्या है यह जानने के बाद अब हम एडिमा के प्रकार बता रहे हैं, जो निम्न प्रकार के हो सकते हैं (1):

  1. पेरिफेरल एडिमा (Peripheral edema) : यह अधिकतर शरीर के निचले अंगों पर होता है। इसमें पैर व टखनों पर सूजन आती है। ऐसा हार्ट और लिवर फेल होने और कुछ दवाओं के दुष्प्रभाव के कारण भी हो सकता है।
  1. पेडल एडिमा (Pedal edema) : यह पैरों के पंजे, तलवे व पैर के निचले हिस्सों में तरल पदार्थ के जमा होने की वजह से होता है।
  1. पलमोनरी एडिमा (Pulmonary edema) : फेफड़ों में अतिरिक्त तरल पदार्थ के जमा होने के कारण ऐसा होता है। यह तरल पदार्थ फेफड़ों में मौजूद वायु थैली (Air sac) में इकट्ठा हो जाता है, जिससे सांस लेने में कठिनाई होने लगती है। इसकी वजह से रेस्पिरेटरी फेलियर होने का खतरा हो जाता है।
  1. सेरेब्रल एडिमा (Cerebral Edema) : सेरेब्रल एडिमा आमतौर पर तब होता है, जब आपके मस्तिष्क में द्रव के प्रवाह में रुकावट होती है और यह एक जगह इकट्ठा हो जाता है। यह स्थिति सिर में/पर चोट लगने, स्ट्रोक, कैंसर व संक्रमण के कारण हो सकती है।
  1. एंजियोडीमा (Angioedema) : ऐसा अधिकतर एलर्जी की वजह से होता है। इस दौरान सूजन त्वचा पर होने के बजाए त्वचा की आंतरिक सतह पर होती है। यह एडिमा चेहरे पर होता है।
  1. पापिलएडिमा (Papilledema) : इस एडिमा के दौरान आंख के ऑप्टिक तंत्रिका (नर्व) में सूजन होती है। इसका निदान नेत्र रोग विशेषज्ञ द्वारा किया जाता है।
  1. मैक्यूलर एडिमा (Macular edema) : आंखों के रेटिना में द्रव पदार्थ के जमाव की वजह से मैक्यूलर एडिमा होता है। इस दौरान आंखों के आंतरिक हिस्से में सूजन हो जाती है।

एडिमा शरीर के अन्य अंगों को भी प्रभावित कर सकता है। आगे लेख में हम एडिमा के कारण के बारे में बता रहे हैं।

एडिमा के कारण – Causes of Edema in Hindi

एडिमा व सूजन के प्रकार के बाद हम आपको एडिमा के कारण बता रहे हैं। सूजन के कारण कुछ इस प्रकार हैं (2) (3) (4):

  • नमक का ज्यादा सेवन
  • सनबर्न
  • ह्रदय घात (हार्ट फेल)
  • गुर्दे (किडनी) की बीमारी
  • सिरोसिस की वजह से होने वाली लीवर की समस्या
  • गर्भावस्था
  • लिम्फ नोड्स (शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली का हिस्सा) से जुड़ी समस्याएं, विशेष रूप से मास्टेक्टॉमी के बाद
  • गर्म मौसम में बहुत देर तक खड़े रहना या चलना
  • ब्लड क्लॉट
  • इंफेक्शन
  • बुढ़ापा
  • कुछ दवाएं (एंटीडिप्रेसेंट्स ब्लड प्रेशर की दवाएं, गर्भ निरोधक गोलियों में मौजूद एस्ट्रोजन)
  • वेनस इंसफिशिएंसी (Venous insufficiency)
  • कैंसर
  • कीमोथेरेपी
  • अधिक वजन
  • रक्त संचार में कमी

एडिमा के कारण जानने के बाद एडिमा यानी सूजन के लक्षण पर एक नजर डाल लेते हैं।

एडिमा के लक्षण – Symptoms of Edema in Hindi

एडिमा के लक्षण आमतौर पर इसके प्रकार और इससे प्रभावित हिस्से पर निर्भर करते हैं। हालांकि, दर्द, सूजन और प्रभावित क्षेत्र में जकड़न आमतौर पर सभी प्रकार के एडिमा के सामान्य लक्षणों में शामिल हैं, लेकिन इसके अलावा भी एडिमा के अन्य लक्षण हैं, जो इस प्रकार हैं (1):

  • चमकीली त्वचा
  • त्वचा में खिंचावट
  • हाथ लगाने पर त्वचा पर गड्ढा पड़ना
  • प्रभावित क्षेत्र में अकड़न
  • प्लस (नाड़ी) रेट का बढ़ना
  • पेट का आकार बढ़ना
  • शरीर के अंगों में दर्द होना
  • वजन का घटना व बढ़ना
  • सांस लेने में कठिनाई व खांसी
  • सीने में दर्द
  • हाथ और गर्दन में नसें फूल जाना
  • पेट में दर्द

लेख के अगले हिस्से में एडिमा होम रेमेडिज के बारे में हम विस्तार से बता रहे हैं।

एडिमा के लिए घरेलू उपाय – Home Remedies for Edema in Hindi 

1. ग्रीन टी 

सामग्री:
  • 1 चम्मच ग्रीन टी
  • 1 कप पानी
  • शहद (वैकल्पिक)
उपयोग का तरीका:
  • पानी में ग्रीन टी डालकर कुछ देर उबाल लें।
  • अब इसे छानकर एक कप में निकाल लें।
  • स्वाद के लिए इसमें शहद भी मिलाया जा सकता है।
  • रोजाना 2 से 3 बार ग्रीन टी का सेवन किया जा सकता है।
कैसे लाभदायक है:

ग्रीन टी में मौजूद कैफीन शरीर में मौजूद अधिक तरल पदार्थ को बाहर निकालने में मदद करता है। दरअसल, कैफीन को ड्यूरेटिक यानी मूत्रवर्धक गुण के लिए जाना जाता है। ड्यूरेटिक शरीर में मौजूद अतिरिक्त द्रव के चयापचय में मदद कर एडिमा के इलाज में सहायता कर सकता है (5) (6)

[ पढ़े: Green Tea Ke Fayde in Hindi ]

2. अनानास जूस

सामग्री:
  • 1/4 अनानास
  • 1 कप पानी 
उपयोग का तरीका:
  • अनानास को छिलकर इसे छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें।
  • अब इसमें आवश्कतानुसार पानी डालकर मिक्सी में ब्लेंड कर लें।
  • ब्लेंड करने के बाद इसका जूस निकालर तुरंत पी लें।
  • रोजाना एक बार पाइन एप्पल के जूस का सेवन किया जा सकता है।
कैसे लाभदायक है:

पाइनएप्पल (अनानास) में ब्रोमेलैन नामक एंजाइम पाया जाता है। यह एंजाइम शरीर में बतौर इम्युनोमोड्यूलेटर  काम करता है। इसकी वजह से अनानास में एंटी-एडेमेट्स, एंटी-थ्रोम्बोटिक और एंटी-इंफ्लेमेटीर गुण होते हैं। यह क्रमश: एडिमा से बचाव, एडिमा की वजह से होने वाले ब्लड क्लॉट और सूजन से बचाने में मदद कर सकते हैं। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी) में प्रकाशित चूहों पर किए गए एक शोध के मुताबिक अनानास के अर्क का सेवन करने से एडिमा से बचा जा सकता है (7)

3. मसाज थेरेपी 

सामग्री:
  • एसेंशियल ऑयल की 5-6 बूंदें (अंगूर और जुनिपर ऑयल)
  • नारियल तेल 30 एमएल 
उपयोग का तरीका:
  • एसेंशियल ऑयल व नारियल तेल को आपस में मिलाकर प्रभावित हिस्से पर लगाकर मसाज करें।
  • फिर 5 से 10 मिनट तक हल्के हाथों से मालिश की जा सकती है।
  • रोजाना दो बार इस प्रक्रिया को दोहराया जा सकता है।
कैसे लाभदायक है:

एडिमा की वजह से होने वाली सूजन को कम करने के घरेलू उपाय में मालिश भी शामिल है। प्रभावित हिस्से की मालिश करना एडिमा को कम करने के घरेलू उपाय के रूप में काफी प्रचलित है। मालिश रक्त संचार को बेहतर करता है, जिससे एडिमा के उपचार में मदद मिल सकती है (8) (9)। इसकी मदद से सूजन के कारण होने वाला दर्द भी कम हो सकता है।

4. अंगूर के बीज का अर्क (Grape Seed Extract) 

सामग्री:
  • अंगूर के बीज का अर्क (100 से 400mg)
उपयोग का तरीका:
  • आहार में अंगूर के बीज के अर्क के सप्लीमेंट को रोजाना इस्तेमाल करें।
  • इस सप्‍लीमेंट का सेवन रोजाना दो बार किया जा सकता है। 
कैसे लाभदायक है:

अंगूर के बीज के अर्क में प्रोएंथोसाइनिडिन (Proanthocyanidin) नामक पॉलीफेनोलिक यौगिक होता है। इसकी वजह से अंगूर के बीज के अर्क में एंटीऑक्सीडेंट व एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। माना जाता है कि इसका प्रोएंथोसाइनिडिन कंपाउंड गुण खुजली, भारीपन और दर्द को कम करने के साथ-साथ सूजन से राहत दिलाने में मदद कर सकता है (10)। इसलिए, इसे सूजन के लक्षण को ठीक करने के लिए इस्तेमाल में लाया जा सकता है।

5. हल्दी 

सामग्री:
  • 1 चम्मच हल्दी पाउडर
  • 1 गिलास दूध या पानी
उपयोग का तरीका:
  • एक गिलास गर्म पानी या गर्म दूध में हल्दी डालें।
  • इस मिश्रण को अच्छे से मिलाकर इसका इसका सेवन कर लें।
  • इसके अलावा, आप पानी की कुछ बूंदों में एक चम्मच हल्दी डालकर पेस्ट तैयार कर सकते हैं।
  • फिर इसको एडिमा प्रभावित वाली जगह पर लगा सकते हैं।
  • इस उपाय को रोज सुबह और रात को किया जा सकता है। 
कैसे लाभदायक है:

हल्दी का इस्तेमाल एडिमा के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है। चूहों पर हुए एक शोध में भी हल्दी को एडिमा के खिलाफ प्रभावी पाया गया है (11)। वहीं, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिसर्च के अनुसार, हल्दी में मौजूद करक्यूमिन को दिमाग में लगी चोट की वजह से होने वाले एडिमा से उबरने में लाभदायक पाया गया है (12)

6. सेब का सिरका (Apple Cider Vinegar) 

सामग्री:
  • 2 कप सेब का सिरका
  • 2 कप गर्म पानी
उपयोग का तरीका:
  • एक कटोरे में सेब का सिरका और गर्म पानी मिलाएं।
  • मिश्रण में एक साफ तौलिया भिगोकर सूजन वाले हिस्से पर लपेट दें।
  • 5 मिनट के बाद तौलिया हटाकर यही प्रक्रिया ठंडे पानी के साथ दोहराएं।
  • सूजन ठीक न होने तक इसे रोजाना दो बार किया जा सकता है।
कैसे लाभदायक है:

सेब के सिरका को लेकर हुए एक प्रयोग में सामने आया है कि यह एडिमा में राहत दिलाने में मदद कर सकता है। सेब के सिरके में प्रीबायोटिक व एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। दरअसल, एप्पल साइडर विनेगर को वैरिकोज वेन्स (नसों का फूलकर बड़ा होना) से प्रभावित रोगियों पर इस्तेमाल किया गया। परिणामस्वरूप वैरिकोज वेन्स की वजह से होने वाले दर्द व खुजली से कुछ राहत पाई गई। साथ ही सूजन में भी कमी देखी गई। ऐसे में कहा जा सकता है कि सेब के सिरके का इस्तेमाल सूजन को कम करने के घरेलू उपाय और अन्य एडिमा के लक्षण को कम करने में किया जा सकता है (10)

7. मल्टीविटामिन 

सामग्री:
  • मल्टीविटामिन सप्लीमेंट (विटामिन ए, सी, ई)
  • बी-कॉम्प्लेक्स विटामिन
  • मैग्नीशियम, कैल्शियम, सेलेनियम व जिंक जैसे मिनरल
उपयोग का तरीका: 
  • आहार में उपरोक्त विटामिन और खनिजों से युक्त एक मल्टीविटामिन शामिल करें।
  • रोजाना एक बार इसका सेवन किया जा सकता है। 
कैसे लाभदायक है:

अगर पोषक तत्वों की कमी की वजह से किसी को एडिमा हुआ है, तो डॉक्टर की सलाह पर मल्टीविटामिन्स के सप्लीमेंट्स का सेवन किया जा सकता है। दरअसल, विटामिन-बी कॉम्प्लेक्स जिसमें विटामिन-बी6 और बी5 शामिल हैं, उनकी कमी से शरीर में द्रव के इकट्ठा होने की आशंका बढ़ जाती है। ये दोनों विटामिन के साथ ही कैल्शियम और विटामिन-डी शरीर में जमा अतिरिक्त तरल पदार्थ को बाहर निकालने में मदद कर सकते हैं। इन पोषक तत्वों को सेवन खाद्य पदार्थों के सेवन से ग्रहण किया जा सकता है। ध्यान रखें कि सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें (1) ()

8. हॉट एंड कोल्ड कंप्रेस 

सामग्री:
  • ठंडा पानी
  • गर्म पानी
  • एक साफ तौलिया 
उपयोग का तरीका:
  • एक साफ तौलिये को गर्म पानी में भिगो दें।
  • अब शरीर के सूजे हुए क्षेत्र के चारों ओर इस तौलिये को लपेट लें।
  • 5 मिनट बाद तौलिये को खोल लें।
  • फिर ठंडे पानी में तौलिये को भिगोकर इस प्रक्रिया को दोहराएं।
  • इसे रोजाना दो बार किया जा सकता है।
कैसे लाभदायक है:

एडिमा को कम करने के घरेलू उपाय के रूप में ठंडे और गर्म पानी की सिकाई का प्रयोग लंबे समय से किया जा रहा है। गर्म और ठंडे पानी से बारी-बारी एडिमा प्रभावित हिस्से की सिकाई करने से शरीर में स्वाभाविक रूप से रक्त का प्रवाह बढ़ता है। इसलिए, माना जाता है कि गर्म और ठंडे पानी से सिकाई करने या नहाने से एडिमा से राहत मिल सकती है। यह थेरेपी सूजन के कारण मांसपेशियों में होने वाले दर्द को भी कम करने में मदद कर सकती है (13)। एक ओर गर्म पानी दर्द को कम करने में मदद करता है और रक्त संचार को बेहतर कर एडिमा की वजह से जोड़ों में होने वाले अकड़न को कम कर सकता है। वहीं, ठंडा पानी और बर्फ शरीर के तापमान को कम करता है, जो आंतरिक सूजन से राहत दे सकता है।

9. सरसों का तेल 

सामग्री:
  • आधा कप सरसों का तेल
उपयोग का तरीका:
  • सरसों के तेल को हल्का गर्म करें।
  • अब प्रभावित क्षेत्र की हल्के हाथों से मालिश करें।
  • रोजाना दो बार इस प्रक्रिया को दोहराया जा सकता है।
कैसे लाभदायक है:

सरसों के तेल में सेलेनियम और मैग्नीशियम की उच्च मात्रा पाई जाती है, जिसकी वजह से यह तेल एंटीइंफ्लेमेटरी गुण प्रदर्शित करता है। पारंपरिक रूप से इसका इस्तेमाल दर्द से राहत दिलाने के लिए किया जाता है। इसका उपयोग चिकित्सकीय मालिश के लिए भी होता है (14)। जैसा कि ऊपर बताया गया हैं कि मालिश से शरीर में रक्त का संचार बढ़ता है, जिसकी मदद से एडिमा का इलाज किया जाता है (9), क्योंकि एडिमा होने का एक कारण रक्त संचार में रुकावट आना भी है (16)। ऐसे में माना जाता है कि यह तेल सूजन के लक्षण को ठीक करने में मदद कर सकता है। 

10. धनिया के बीज 

सामग्री:
  • 3 चम्मच धनिया के बीज
  • 1 कप पानी 
उपयोग का तरीका:
  • एक सॉस पैन में धनिया के बीज और पानी डालकर उबाल लें।
  • जब पानी आधा रह जाए, तो मिश्रण को बर्तन से निकालर छान लें।
  • अब इसका तुरंत सेवन कर लें।
  • रोजाना दो बार इसका सेवन कर सकते हैं।
कैसे लाभदायक है:

सूजन को कम करने के घरेलू उपाय के रूप में धनिया के बीज का भी इस्तेमाल किया जाता है। दरअसल, धनिया के बीज के अर्क में ड्यूरेटिक (Diuretic) और सैल्यूटिक (Saluretic) गतिविधि पाई जाती है। ड्यूरेटिक गतिविधि की मदद से शरीर में जमा अतिरिक्त तरल पदार्थ पेशाब के जरिए बाहर निकल जाता है। वहीं, सैल्यूटिक गतिविधि शरीर में जमा अतिरिक्त नमक को पेशाब के रास्ते बाहर निकलने में मदद करता है। दरअसल, शरीर में जमा अतिरिक्त नमक और पानी एडिमा का कारण हो सकता है। इसलिए, माना जाता है कि धनिया इन दोनों गतिविधियों की मदद से एडिमा को ठीक करने में मदद कर सकता है (17) (6)। इसके अलावा, धनिया के अर्क में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एनाल्जेसिक गुण भी होते हैं, जो एडिमा के लक्षण, जैसे – सूजन व दर्द को कम करने में मदद कर सकते हैं (18)

11. टी-ट्री ऑयल 

सामग्री:
  • टी ट्री एसेंशियल ऑयल की 4-5 बूंदें
उपयोग का तरीका:
  • टी ट्री ऑयल की बूंदों को रूई पर डालें।
  • अब इस रूई को सूजन वाले क्षेत्र पर धीरे-धीरे लगाएं।
  • इसे प्रक्रिया को रोजाना दो बार किया जा सकता है।
कैसे लाभदायक है: 

एडिमा को कम करने के घरेलू उपाय के रूप में टी-ट्री ऑयल को भी इस्तेमाल में लाया जा सकता है। टी ट्री ऑयल में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। यह गुण एडिमा से संबंधित सूजन और दर्द को दूर करने में मदद कर सकता है (19)। साथ ही एक अन्य शोध के मुताबिक, टी-ट्री ऑयल में टेरपिनन-4-ऑल नामक केमिकल पाया जाता है, जो त्वचा की सूजन को कम करके एडिमा से राहत दिलाने में मदद कर सकता है (20)

12. अजमोद (पार्सले) 

सामग्री:
  • 1/2 से 1 कप अजमोद (पार्सले) के पत्ते
  • आधा लीटर उबला हुआ पानी
उपयोग का तरीका:
  • अजमोद के पत्तों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर पानी में भिगो दें।
  • 10 मिनट बाद पानी को छान लें।
  • अब शहद मिलाकर इसे पी लें।
  • रोजाना अजमोद चाय का सेवन एक से दो बार किया जा सकता है।
कैसे लाभदायक है:

आयुर्वेद में पार्सले का उपयोग औषधि के रूप से किया जाता है। इसमें मौजूद एंटी-एडेमा गुण की वजह से यह एडिमा के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है (21)। अजमोद को प्राकृतिक मूत्रवर्धक (नैचुरल ड्यूरेटिक) के रूप में भी जाना जाता है। यह शरीर से मौजूद अतिरिक्त तरल पदार्थ को पेशाब के रास्ते बाहर निकालने में मदद करता है। इसलिए, पार्सले का उपयोग एडिमा के इलाज व सूजन को कम करने के घरेलू उपाय के तौर पर किया जा सकता है (22) (23) (6)

13. अरंडी का तेल (Castor Oil) 

सामग्री:
  • अरंडी के तेल की कुछ बूंदें
उपयोग का तरीका:
  • अरंडी के तेल को सूजन वाले क्षेत्रों पर लगाकर मालिश करें।
  • ऐसा रोजाना दो बार किया जा सकता है।
कैसे लाभदायक है:

अरंडी का तेल एंटी-इंफ्लेमेटरी और एनाल्जेसिक गुणों से भरपूर होता है। इसलिए, माना जाता है कि यह एडिमा की वजह से होने वाली सूजन और दर्द से राहत दिलाने में मदद कर सकता है (24)। जैसा कि हम आपको ऊपर बता ही चुके हैं कि एडिम का एक कारण रक्त का परिसंचरण न होना भी होता है (16)। ऐसे में इससे प्रभावित जगह की मालिश करने पर रक्त का प्रवाह बढ़ता है और एडिमा से कुछ राहत मिल सकती है।

[ पढ़े: Arandi Tel Ke Fayde in Hindi ]

14. सेंधा नमक (Epsom Salt) 

सामग्री:
  • 1 कप सेंधा (एप्सम) नमक
  • पानी
 उपयोग का तरीका:
  • नहाने के पानी में एप्सम सॉल्ट मिलाएं।
  • 15 से 20 मिनट के लिए सूजन वाले हिस्से को पानी में डूबोकर रखें।
  • वैकल्पिक रूप से, बाथ टब या बाल्टी में सेंधा नमक डालकर स्नान भी कर सकते हैं।
कैसे लाभदायक है:

सेंधा नमक को दर्द और सूजन को कम करने के लिए जाना जाता है। इसमें मौजूद मैग्नीशियम सल्फेट एडिमा से राहत दिलाने में मदद कर सकता है। इसका इस्तेमाल करने से सूजन के साथ-साथ खुजली को भी कुछ कम किया जा सकता है (26)

15. अलसी 

सामग्री: 
  • एक चम्मच अलसी के बीज का पाउडर या कुछ बूंद तेल
  • एक गिलास गर्म पानी
उपयोग का तरीका: 
  • एक गिलास गर्म पानी में फ्लैक्स सीड्स का पाउडर या तेल डालें।
  • इसे अच्छे से मिलाकर तुरंत पी लें।
  • रोजाना दो बार इसका सेवन किया जा सकता है। 
कैसे लाभदायक है:

अलसी के तेल में मौजूद अल्फा लिनोलेनिक एसिड (ALA) की वजह से यह जोड़ों में होने वाले एडिमा को रोकने में मदद कर सकता है (27)। कैरेजेनन और एराकिडोनिक (Carrageenan and Arachidonic) एसिड की वजह से होने वाले एडिमा को ठीक करने में भी फ्लैक्स सीड मदद कर सकता है। माना जाता है कि अलसी फेफड़े में होने वाले एडिमा से भी राहत दिलाने में सहायक हो सकती है (28) (29)

एडिमा के घरेलू उपाय के बाद हम इससे बचाव के कुछ जरूरी टिप्स बता रहे हैं।

एडिमा से बचाव  – Prevention Tips for  Edema in Hindi

सूजन को कम करने के घरेलू उपाय के साथ ही कुछ टिप्स की मदद से आप एडिमा से राहत पा सकते हैं। सूजन व एडिमा को कम करने वाले कुछ सुझाव व टिप्स इस प्रकार हैं (2) (3):

  • लेटते समय अपने पैरों को ऊपर की ओर रखें। आप तकिए पैरों को तकिये पर रख सकते हैं और समय-समय पर ऊपर उठा सकते हैं।
  • पैरों का व्यायाम करें। यह पैरों में जमा तरल पदार्थ को वापस पंप करने में मदद कर सकता है।
  • कम नमक वाले आहार का सेवन करें। इससे सूजन और तरल पदार्थ बनने में कमी आ सकती है।
  • आप आरामदायक मोजे व स्टॉकिंग्स पहन सकते हैं
  • यात्रा करते समय सिर्फ बैठे न रहें। बीच-बीच में कुछ देर के लिए टहलें जरूर।
  • अपनी जांघों के आसपास टाइट कपड़े पहनने से बचें।
  • जरूरत पड़ने पर वजन कम करें।
  • बैठते समय भी अपने पैरों को ऊपर रखें

एडिमा व सूजन से बचाव के लिए आप इस लेख में दिए गए उपाय को अपना सकते हैं। यह लेख आपको एडिमा से बचाव करने और इसके लक्षणों को ठीक करने में मदद कर सकता है। वहीं, अगर एडिमा किसी गंभीर बीमारी की वजह से हुआ है, तो सूजन को कम करने के लिए डॉक्टर की सलाह जरूरी है। यह लेख आपको कैसा लगा हमें कमेंट बॉक्स के माध्यम से जरूर बताएं। साथ ही अगर एडिमा व सूजन से जुड़ी कोई अन्य जानकारी आप चाहते हैं, तो आप अपने सवाल हम तक पहुंचा सकते हैं।

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vinita pangeni

विनिता पंगेनी ने एनएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में बीए ऑनर्स और एमए किया है। टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में काम करते हुए इन्हें करीब चार साल हो गए हैं। इन्हें उत्तराखंड के कई पॉलिटिकल लीडर और लोकल कलाकारों के इंटरव्यू लेना और लेखन का अनुभव है। विशेष कर इन्हें आम लोगों से जुड़ी रिपोर्ट्स करना और उस पर लेख लिखना पसंद है। इसके अलावा, इन्हें बाइक चलाना, नई जगह घूमना और नए लोगों से मिलकर उनके जीवन के अनुभव जानना अच्छा लगता है।

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