इलायची के फायदे, उपयोग और नुकसान – All About Cardamom (Elaichi) in Hindi

Reviewed byAmita Mishra, Certified Sports Nutritionist and Qualified Yoga instructor
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लजीज बिरयानी हो या फिर खीर, इलायची के छोटे-छोटे दाने स्वाद को बढ़ाने का काम करते हैं। वहीं, चाय में सुगंध के लिए भी इसे उपयोग में लाया जाता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि अपनी खास महक और स्वाद के साथ ही इलायची के फायदे भी कई हैं। वजह है इलायची के औषधीय गुण। इसके इन्हीं गुणों के कारण इलायची को कई शारीरिक समस्याओं में राहत पाने के लिए भी इस्तेमाल में लाया जाता है। हालांकि, आपको ध्यान रखना होगा कि लेख में बताई जाने वाली समस्याओं में इलायची के लाभ कुछ हद तक मिल सकते हैं, लेकिन यह उनका उपचार नहीं है। किसी भी समस्या के उपचार के लिए डॉक्टरी परामर्श अतिआवश्यक है।

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लेख में आगे हम इलायची खाने के फायदे के बारे में काफी कुछ जानेंगे। उससे पहले आइए हम इलायची के प्रकार जान लेते हैं।

इलायची के प्रकार – Types of Cardamom in Hindi

इलायची मुख्य रूप से दो प्रकार की होती हैं, एक हरी और दूसरी काली, जिसे बड़ी इलायची भी कहा जाता है (1)

  1. हरी इलायचीइसे असली इलायची भी कहा जाता है और यह सबसे आम किस्म है। यह छोटी इलायची के नाम से भी पुकारी जाती है। इसे भारत से अन्य देशों में निर्यात किया जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम एलेट्टेरिया कार्डामोमम (Elettaria cardamomum) है।
    • इसका उपयोग मीठे और नमकीन, दोनों प्रकार के व्यंजनों का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है।
    • इसका इस्तेमाल मसालेदार करी और दूध आधारित पकवानों में भी किया जाता है।
  1. काली इलायचीयह इलायची मूल रूप से पूर्वी हिमालय क्षेत्र से संबंध रखती है। इसकी खेती ज्यादातर सिक्किम, पूर्वी नेपाल और भारत के पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में की जाती है। यह रंग में भूरी होती है और आकार में थोड़ा लंबी होती है। इसे बड़ी इलायची के साथ भूरी और लाल इलायची के नाम से भी पुकारा जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम एमोमम सुबुलाटम (Amomum subulatum) है।
    • इसका इस्तेमाल बिरयानी जैसे व्यंजनों में किया जाता है।
    • यह गरम-मसालों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
    • गहरे भूरे रंग के इसके बीज अपने औषधीय गुणों के लिए भी जाने जाते हैं।

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लेख के अगले भाग में अब हम विस्तार से इलायची के फायदे बताएंगे। इन फायदों के जरिए आपको मालूम चलेगा कि इलायची खाने से क्या होता है।

इलायची के फायदे – Benefits of Cardamom in Hindi

इलायची के स्वास्थ्य संबंधी फायदे कई हैं, जिनके बारे में हम लेख के इस भाग में विस्तार से जानकारी हासिल करेंगे।

1. पाचन स्वास्थ्य को सुधारे

अव्यवस्थित पाचन की स्थिति में इलायची के फायदे कारगर साबित हो सकते हैं। इलायची के औषधीय गुणों से संबंधित दो अलग-अलग शोध से इस बात की पुष्टि होती है। एक शोध में इस बात का जिक्र मिलता है कि छोटी इलायची के गुण में एंटीइन्फ्लामेट्री (सूजन कम करने वाला) प्रभाव शामिल होता है, जो पाचन से संबंधित विकारों में राहत पहुंचाने का काम कर सकता है। वहीं, बड़ी इलायची में एंटी-अल्सरोजेनिक (अल्सर पैदा करने वाले जोखिमों को कम करने वाला) गुण पाया जाता है। बड़ी इलायची का यह गुण गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल डिसऑर्डर (जैसे :- कब्ज, गैस, डायरिया और पेट में दर्द) में राहत पहुंचा सकता है (1)

इलायची से संबंधित अन्य शोध में यह माना गया है कि इलायची में स्टोमैकिक (भूख को बढ़ावा और पाचन में सुधार) गुण मौजूद होता है (2)। इन तथ्यों के आधार पर यह माना जा सकता है कि छोटी इलायची के फायदे में पाचन सुधार शामिल है। फिलहाल, इस विषय पर अभी और शोध की आवश्यकता है।

2. हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभदायक

बड़ी इलायची एंटीऑक्सीडेंट (फ्री रेडिकल्स को दूर करने वाला गुण) गुणों से समृद्ध होती है। इसका यह गुण हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा दे सकता है। वहीं, यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम कर हृदय को फायदा भी पहुंचा सकती है। साथ ही यह इस्केमिक हृदय रोग (रक्त प्रवाह में कमी के कारण होने वाली बीमारी) से पीड़ित रोगियों के लिए भी लाभकारी साबित हो सकती है (3)

वहीं, एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की बेवसाइट पर प्रकाशित एक शोध में भी इस बात का जिक्र मिलता है कि बड़ी इलायची हरी इलायची की तुलना में ज्यादा कारगर साबित हो सकती है, क्योंकि यह एंटीहाइपरटेन्सिव (ब्लड प्रेशर कम करने वाला) गुण के कारण मेटाबॉलिक सिंड्रोम (कुछ जोखिम कारकों का समूह जो हृदय रोग के साथ अन्य कई समस्याओं का कारण बनते हैं) पर ज्यादा प्रभावी रूप से काम कर सकती है (4)। इन तथ्यों के आधार पर यह कहा जा सकता है कि बड़ी इलायची के फायदे हृदय स्वास्थ्य को बनाए रखने में मददगार साबित हो सकते हैं।

3. एंग्जायटी में असरदार

एंग्जायटी की समस्या से राहत पाने के लिए भी छोटी इलायची के फायदे कारगर साबित हो सकते हैं। छोटी इलायची से संबंधित एनसीबीआई की बेवसाइट पर प्रकाशित एक शोध में पाया गया कि यह चिंता और तनाव को कम करने में सहायक हो सकती है (5)। हालांकि, इलायची के लाभ किस प्रकार यह काम करते हैं, इस पर और शोध के लिए भी कहा गया है।

4. डायबिटीज को करे नियंत्रित

छोटी इलायची के फायदे में डायबिटीज नियंत्रण भी शामिल है। यह बात बीएमसी कॉम्प्लिमेंट्री मेडिसिन एंड थेरेपीज द्वारा किए गए एक शोध से प्रमाणित होती है। शोध में माना गया कि हरी इलायची के गुण में एंटीऑक्सीडेंट (मुक्त कणों के प्रभाव को नष्ट करने वाला) प्रभाव पाया जाता है। यह गुण इन्सुलिन की सक्रियता को बढ़ाने में मदद कर सकता है, जो बढ़े हुए ब्लड शुगर को कम करने में सहायक हो सकता है (6)। इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि टाइप-2 डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति को इलायची खाने से फायदे हासिल हो सकते हैं।

5. मौखिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद

मौखिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में भी इलायची का उपयोग फायदेमंद साबित हो सकता है। डेंटल रिसर्च जर्नल में इस बात का साफ जिक्र मिलता है। जर्नल में माना गया है कि इलायची के बीज के तेल में एंटीसेप्टिक (बैक्टीरिया नष्ट करने वाला) प्रभाव पाया जाता है। इस प्रभाव के कारण इलायची के बीज का तेल मुंह में दुर्गंध पैदा करने वाले बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद कर सकता है। वहीं, यह मौखिक इन्फेक्शन में भी राहत पहुंचाने का काम कर सकता है (7)। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि छोटी इलायची खाने के फायदे मौखिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में भी मददगार साबित हो सकते हैं।

6. ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करे

हाई ब्लड प्रेशर की समस्या में भी इलायची खाने से फायदे हासिल हो सकते हैं। इस बात को उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज के रिसर्च विभाग ने अपने शोध में भी स्वीकार किया है। शोध में माना गया कि छोटी इलायची सिस्टोलिक (हृदय संकुचन) और डायस्टोलिक (हृदय विराम) दोनों ही अवस्थाओं में बढ़े हुए बल्ड प्रेशर को कम कर सकती है (8)। इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि बढ़े हुए ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में छोटी इलायची के फायदे सहायक साबित हो सकते हैं।

7. हिचकी को रोकने में मददगार

हिचकी की समस्या में भी इलायची पाउडर के फायदे हासिल किए जा सकते हैं। दरअसल, छोटी इलायची से संबंधित एक शोध के मुताबिक अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के साथ ही यह हिचकी को रोकने में भी मददगार साबित हो सकती है। बता दें छोटी इलायची को आयुर्वेद में एला (Ela) के नाम से पुकारा जाता है (9)। ध्यान रहे, हिचकी कोई बीमारी नहीं हैं, लेकिन कभी-कभी इसकी निरंतरता लोगों में उलझन पैदा कर सकती है।  

8. भूख बढ़ाने में सहायक

हरी इलायची के फायदे भूख बढ़ाने में भी सहायक हैं। लेख में हम आपको पहले भी बता चुके हैं कि स्टोमैकिक गुण के कारण इलायची में पाचन क्रिया को सुधारने के साथ ही भूख बढ़ाने का गुण भी मौजूद होता है (2)। ऐसे में इलायची के गुण उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं, जो अक्सर भूख न लगने की शिकायत करते रहते हैं। बता दें हरी इलायची के साथ ही बड़ी इलायची के फायदे भी प्रभावी असर प्रदर्शित कर सकते हैं।

9. संक्रमण से करे बचाव

इलायची के औषधीय गुण पर की गई एक स्टडी से यह बात स्पष्ट होती है कि यह त्वचा और शरीर से संबंधित संक्रमण से बचाव करने में भी सहायक हो सकती है। शोध में माना गया है कि इलायची में एंटीमाइक्रोबियल (सूक्ष्म बैक्टीरिया को नष्ट करने वाला) गुण मौजूद होता है। वहीं, इलायची का यह गुण खासतौर पर स्टेफिलोकोकस ऑरियस (staphylococcus aureus) बैक्टीरिया के खिलाफ लड़ने की क्षमता रखता है। बता दें यह बैक्टीरिया फेफडों से जुड़े संक्रमण जैसे निमोनिया और और त्वचा संक्रमण का कारण बन सकता है (10) (11)। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि इलायची का उपयोग कर ऐसे ही कुछ संक्रमण से राहत पाने में मदद मिल सकती है। बता दें इस स्थिति में हरी इलायची के साथ बड़ी इलायची के फायदे भी सहायक साबित हो सकते हैं।

10. कैंसर के जोखिम को कम करने में सहायक

इलायची के औषधीय गुण के कारण इसे कैंसर से कुछ हद तक बचाव के लिए घरेलू तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। सऊदी अरब जी हेल यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए एक शोध से इस बात की पुष्टि होती है। दरअसल, स्किन कैंसर को लेकर चूहों पर किए गए इस शोध में पाया गया कि हरी इलायची में कीमो प्रिवेंटिव (कैंसर से बचाव करने वाला) गुण मौजूद होता है (12)। इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि कैंसर के जोखिम को कुछ हद तक कम करने में हरी इलायची के फायदे सहायक साबित हो सकते हैं। फिर भी ध्यान रखना होगा कि कैंसर एक जानलेवा बीमारी हैं और इसके इलाज के लिए डॉक्टरी उपचार सबसे जरूरी है।

11. बढ़ाती है याददाश्त

हरी के साथ बड़ी इलायची के फायदे भी याददाश्त बढ़ाने में मददगार साबित हो सकते हैं। दरअसल, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार इलायची के औषधीय गुण सीखने और याददाश्त को बढ़ाने में कारगर साबित हो सकते हैं (13)। इसके लिए चाय में या अन्य खाद्य सामग्री में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। माना जाता है चुटकी भर इलायची बेहतर परिणाम देने की क्षमता रखती है। हालांकि, यह किस प्रकार यह काम करती है, इसे लेकर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

12. शरीर को करती है डिटॉक्स

शरीर में मौजूद विषैले और हानिकारक पदार्थों को बाहर निकालने के लिए भी इलायची काफी प्रभावी साबित हो सकती हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक इलायची में पानी के सहारे शरीर में मौजूद अशुद्धी निकालने की प्राकृतिक क्रिया को बढ़ावा देने की क्षमता मौजूद होती है (14)। इसी क्षमता के कारण हरी और बड़ी इलायची के फायदे शरीर को विषैले पदार्थों से मुक्त रखने में मदद कर सकते हैं।

13. त्वचा के लिए लाभकारी

लेख में पहले बताया गया कि इलायची स्टेफिलोकोकस ऑरियस (staphylococcus aureus) बैक्टीरिया के कारण होने वाले त्वचा के संक्रमण से बचाव कर सकती है (10)। वहीं, इलायची से संबंधित एक अन्य शोध में जिक्र मिलता है कि आयुर्वेद में कुष्ठ रोग की दवा बनाने में भी इलायची प्रयोग की जाती है (9)। इस आधार पर माना जा सकता है कि त्वचा से संबंधित कुछ विशेष संक्रमण को ठीक करने में भी इलायची पाउडर के फायदे लाभदायक सिद्ध हो सकते हैं।

14. बालों के लिए उपयोगी

बालों के लिए इलायची की उपयोगिता को लेकर थोड़ी संशय की स्थिति है। मुमकिन है कि यह फायदों के विकास में मदद कर भी सकती है और नहीं भी। दरअसल, चूहों पर किए गए एक शोध में जिक्र मिलता है कि यह बालों के विकास को बाधित करने का काम कर सकती है (15)। वहीं, स्तन कैंसर से संबंधित एक शोध में इलायची को शरीर, त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद बताया गया है (16)। इसलिए, बालों के संबंध में इलायची के फायदों पर अभी अधिक शोध किए जाने की आवश्यकता है।

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इलायची खाने के फायदे और इलायची खाने से क्या होता है जानने के बाद, अब हम इसके पौष्टिक तत्वों से जुड़ी जानकारी देंगे।

इलायची के पौष्टिक तत्व – Cardamom Nutritional Value in Hindi

नीचे दिए चार्ट के माध्यम से इलायची के पौष्टिक तत्वों के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल की जा सकती है (17)

पोषक तत्वयूनिटमात्रा प्रति 100 ग्राम
पानीg8.28
एनर्जीKcal311
प्रोटीनg10.76
टोटल लिपिड (फैट)g6.7
कार्बोहाइड्रेटg68.47
फाइबर (टोटल डायट्री)g28
मिनरल
कैल्शियमmg383
आयरनmg13.97
मैग्नीशियमmg229
फास्फोरसmg178
पोटेशियमmg1119
सोडियमmg18
जिंकmg7.47
कॉपरmg0.383
मैगनीजmg28
विटामिन
विटामिन सीmg21
थियामिनmg0.198
राइबोफ्लेविनmg0.182
नियासिनmg1.102
विटामिन बी-6mg0.23
लिपिड
फैटी एसिड (सैचुरेटेड)g0.68
फैटी एसिड (मोनोअनसैचुरेटेड)g0.87
फैटी एसिड (पॉलीसैचुरेटेड)g0.43

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लेख के अगले भाग में अब हम आपको इलायची का उपयोग कैसे किया जाए इस बारे में जानकारी देंगे।

इलायची का उपयोग – How to Use Cardamom in Hindi

नीचे दिए गए बिंदुओं के माध्यम से इलायची का उपयोग आसानी से समझा जा सकता है –

  • भारत में इलायची गरम मसाले का एक महत्वपूर्ण तत्व है। इसका इस्तेमाल शाकाहारी और मांसाहारी दोनों प्रकार के भोजन में किया जाता है।
  • इलायची को चाय में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इलायची के इस्तेमाल से इस पेय की खुशबूबढ़ जाती है।
  • साबूत हरी इलायची का इस्तेमाल पुलाव व बिरयानी जैसे व्यंजनों में किया जाता है। इलायची के प्रयोग से इन व्यंजनों की खुशबू बढ़ जाती है।
  • मसालेदार व्यंजनों के अलावा, इलायची का उपयोग मिठाइयों में भी किया जाता है, जैसे खीर, गुलाब जामुन, गजक व हलवा आदि। ग्राउंड इलायची का उपयोग सूप और चावल के व्यंजन में भी किया जाता है।
  • चिकन को शहद, काली मिर्च और इलायची के साथ मेरिनेट भी किया जाता है।
  • सिट्रस फ्रूट सलाद में आप शहद के साथ इलायची का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।

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लेख के अगले भाग में हम आपको बताएंगे कि लंबे समय तक इलायची को कैसे सुरक्षित रखा जाए।

इलायची का चयन कैसे करें और लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रखें?

इलायची को सुरक्षित रखने के लिए निम्न उपायों का प्रयोग किया जा सकता है –

  • इलायची को छिलके समेत किसी एयर टाइट डिब्बे में बंद करके रखा जा सकता है।
  • आप चाहें तो जिपर वाले पॉली बैग को इस्तेमाल कर इलायची को सुरक्षित रख सकते हैं।
  • आप चाहें तो इलायची दानों का पाउडर बनाकर उसे एयर टाइट बैग या डिब्बे में रख सकते हैं।

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लेख के अगले भाग में अब हम आपको छोटी इलायची खाने के नुकसान के बारे में जानकारी देंगे।

इलायची के नुकसान – Side Effects of Cardamom in Hindi

इस बात में कोई शक नहीं है कि स्वास्थ्य के लिए इलायची के कई चमत्कारी फायदे हैं, लेकिन इसका अत्यधिक उपयोग कुछ इलायची के नुकसान भी प्रदर्शित कर सकता है। नीचे जानिए छोटी इलायची खाने के नुकसान के बारे में (18)

  • डायरिया
  • त्वचा में जलन
  • जीभ में सूजन
  • कब्ज

दोस्तों, अब तो आपको इलायची खाने के लाभ के बारे में पता चल गया होगा। ऐसे में आप लेख में बताई गईं शारीरिक तकलीफों के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। ध्यान रहे कि अगर इसके नियमित सेवन से इलायची के नुकसान जैसे :- एलर्जी या कब्ज के लक्षण दिखाई देते हैं, तो इसका सेवन बंद कर दें और डॉक्टर से संपर्क करें। वहीं, यह भी ध्यान रखें कि इलायची खाने के फायदे बताई गईं समस्याओं में राहत तो पहुंचा सकते हैं, लेकिन यह उनका उपचार नही हैं। उम्मीद है कि बेहतर स्वास्थ्य को बनाए रखने में यह लेख काफी हद तक आपके लिए मददगार साबित होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

काली इलायची का एक अच्छा विकल्प क्या हो सकता है?

काली इलायची के विकल्प के तौर पर हरी इलायची को उपयोग किया जा सकता है। मगर, इसका स्वाद बड़ी इलायची की तुलना में कम तीखा महसूस हो सकता है।

काली इलायची युक्त उबले हुए पानी को पीने के क्या फायदे हैं?

बड़ी इलायची युक्त उबले हुए पानी को पीने से मतली और उल्टी की समस्या में लाभ मिल सकता है। वहीं, इस पानी से गरारा करने से गले की खराश से राहत भी पाई जा सकती है। हालांकि, इससे जुड़ा कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।

क्या रात में इलायची खाना ज्यादा फायदेमंद है?

रात में इलायची खाने के फायदे नींद में सुधार और खर्राटे की समस्या को दूर करने में मदद कर सकते हैं। इसीलिए, इन समस्याओं में इलायची खाने के फायदे हासिल करने के लिए रात में गर्म पानी के साथ इलायची लेने की सलाह दी जाती है। फिलहाल, इससे जुड़ा वैज्ञानिक तथ्य उपलब्ध नहीं है।

क्या इलायची और दूध पीना फायदेमंद है?

हम लेख में पहले ही बता चुके हैं कि हरी इलायची के फायदे पाचन क्रिया के लिए फायदेमंद हैं। ऐसे में दूध में इलायची डालकर पीने से पाचन संबंधी समस्याओं में अधिक लाभ हासिल हो सकता है।

क्या प्रतिदिन इलायची का सेवन अच्छा है?

इलायची के फायदे पाने के लिए दो से तीन इलायची प्रतिदिन लेने की सलाह दी जाती है। हालांकि, इसकी ली जाने वाली अधिकतम मात्रा को लेकर कोई स्पष्ट प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। ध्यान रहे, इसकी अधिक मात्रा से इलायची के नुकसान भी हो सकते हैं, जिनके बारे में आपको लेख में पहले ही बताया जा चुका है।

18 संदर्भ (Sources):

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Ankit Rastogi

अंकित रस्तोगी ने साल 2013 में हिसार यूनिवर्सिटी, हरियाणा से एमए मास कॉम की डिग्री हासिल की है। वहीं, इन्होंने अपने स्नातक के पहले वर्ष में कदम रखते ही टीवी और प्रिंट मीडिया का अनुभव लेना शुरू कर दिया था। वहीं, प्रोफेसनल तौर पर इन्हें इस फील्ड में करीब 6 सालों का अनुभव है। प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में इन्होंने संपादन का काम किया है। कई डिजिटल वेबसाइट पर इनके राजनीतिक, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल से संबंधित कई लेख प्रकाशित हुए हैं। इनकी मुख्य रुचि फीचर लेखन में है। इन्हें गीत सुनने और गाने के साथ-साथ कई तरह के म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाने का शौक भी हैं।

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