ईवनिंग प्रिमरोज तेल के 12 फायदे और नुकसान – Evening Primrose Oil Benefits and Side Effects in Hindi

Medically reviewed by Neha Srivastava (Nutritionist), Nutritionist
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देसी जड़ी-बूटियों के साथ-साथ भारत में विदेशी प्राकृतिक औषधियों का भी काफी चलन है। इन्हीं में से एक है ईवनिंग प्रिमरोज तेल (1)। कई लोगों के लिए यह नाम नया हो सकता है। इसलिए, स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम इसी विषय पर जानकारी दे रहे हैं। इस लेख में हम न सिर्फ ईवनिंग प्रिमरोज तेल के फायदे बताएंगे, बल्कि ईवनिंग प्रिमरोज तेल के नुकसान से बचाव के लिए प्रिमरोज तेल के उपयोग से जुड़ी जानकारी भी देंगे। यहां हम स्पष्ट कर दें कि ईवनिंग प्रिमरोज तेल के फायदे लेख में बताई गई बीमारियों से बचाव या उनके लक्षणों को कम कर सकते हैं। इसे गंभीर बीमारी का इलाज न समझें।

नीचे मुख्य जानकारी है

आइए सबसे पहले जान लेते हैं कि ईवनिंग प्रिमरोज तेल क्या होता है।

ईवनिंग प्रिमरोज तेल क्या है? – What is Evening Primrose Oil in Hindi

ईवनिंग प्रिमरोज ऑयल (ईपीओ) उत्तरी अमेरिका में पाए जाने वाले इवनिंग प्रिमरोज पौधों से निकाला जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम ओएनोथेरा बायनिस (Oenothera Biennis) है। माना जाता है कि यह तेल औषधीय गुणों से समृद्ध होता है। यही वजह है कि इस पौधे को पारंपरिक रूप से कई बीमारियों जैसे – कैंसर, एक्जिमा, त्वचा संबंधी समस्या, हृदय से जुड़ी समस्या और अन्य कई शारीरिक परेशानियों से बचाव के लिए उपयोग किया जाता रहा है (1)। आगे हम इसी आधार पर ईवनिंग प्रिमरोज तेल के फायदों के बारे में विस्तार से जानकारी दे रहे हैं।

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अब हम ईवनिंग प्रिमरोज तेल के फायदे की जानकारी दे रहे हैं।

ईवनिंग प्रिमरोज तेल के फायदे – Benefits of Evening Primrose Oil in Hindi

ईवनिंग प्रिमरोज तेल से अनेक तरह के लाभ हो सकते हैं, जिस कारण यह लोगों के बीचे काफी प्रचलित हुई है। हालांकि, ध्यान रहे ईवनिंग प्रिमरोज तेल के फायदे बीमारी के लक्षणों को कम करने या उनसे बचाव के लिए हैं। ईवनिंग प्रिमरोज तेल को किसी गंभीर बीमारी का इलाज समझने की भूल न करें। तो ईवनिंग प्रिमरोज तेल के फायदे कुछ इस प्रकार से हैं:

1.कील-मुंहासों के लिए

ईवनिंग प्रिमरोज तेल के फायदे में कील-मुंहासों से छुटकारा पाने को शामिल किया जा सकता है (1)। इस संबंध में प्रकाशित एक मेडिकल रिसर्च में दिया है कि इस तेल में लिनोलेइक एसिड और गामा-लिनोलेनिक एसिड की अच्छी मात्रा होती हैं, जो मुंहासों के कारण होने वाली सूजन को कम कर सकता है। साथ ही ईवनिंग प्रिमरोज तेल को एंटी-एक्ने की दवाई में मिलाकर या दवा के रूप में टॉपिकल उपयोग करना भी लाभकारी हो सकता है (2)।

2.बढ़ती उम्र की लक्षणों के लिए

उम्र बढ़ने के साथ त्वचा पर दिखने वाले लक्षण को कम करने में भी ईवनिंग प्रिमरोज ऑयल मदद कर सकता है। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, ईवनिंग प्रिमरोज तेल में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो झुर्रियों को कम करने में मददगार हो सकते हैं (3)। इतना ही नहीं यह बायोफिजिकल स्किन पैरामीटर यानी त्वचा के टिश्यू में उम्र से संबंधित परिवर्तन में भी सुधार कर सकता है (4)।

3.एक्जिमा के लिए

एक्जिमा एक त्वचा संबंधी समस्या है। इसमें त्वचा शुष्क हो जाती है और त्वचा में सूजन, खुजली और रैशेज की परेशानी हो सकती है (5)। ऐसे में इस समस्या से बचाव या इसके हल्के-फुल्के लक्षणों को कम करने के लिए ईवनिंग प्रिमरोज तेल का उपयोग लाभकारी हो सकता है (1)। वहीं, एनसीबीआई की ओर से प्रकाशित शोध में पाया गया कि प्रिमरोज तेल का सेवन एक्जिमा की समस्या के लिए उपयोगी हो सकता है। इतना ही नहीं यह त्वचा में सूजन के लिए भी लाभकारी हो सकता है (6)। हालांकि, ध्यान रहे कि अगर कुछ दिनों तक इसके उपयोग के बाद भी एक्जिमा न कम हो तो डॉक्टर से सलाह लेने में देर न करें। साथ ही गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाएं इसके उपयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।

4.हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा

शरीर को सेहतमंद रखने के लिए हृदय को स्वस्थ रखना भी जरूरी है। ऐसे में ईवनिंग प्रिमरोज तेल में कार्डियोवैस्कुलर इफेक्ट्स होते हैं, जो सीरम लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन यानी हानिकारक कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने का काम कर सकता है। साथ ही यह रक्तचाप को भी कम कर सकता है। इससे हृदय संबंधी समस्याओं से बचाव हो सकता है (1)। बता दें हृदय रोग के जोखिम को कम करने के लिए कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखना आवश्यक है (7)। हालांकि, अगर किसी को गंभीर हृदय संबंधी समस्या है, तो उनके लिए पहली प्राथमिकता डॉक्टर की सलाह के अनुसार बताई गई दवाइयों का सेवन करना और उनके निर्देशों का पालन करना है।

5.वजन घटाने के लिए

ईवनिंग प्रिमरोज तेल के फायदे वजन कम करने के लिए भी देखे जा सकते हैं। इससे जुड़ी मौजूद जानकारी में दिया है कि इवनिंग प्रिमरोज के अर्क में ट्रिप्टोफैन नामक एमिनो एसिड होता है, जो वजन घटा सकता है (8)। लिहाजा, ऐसा माना जा सकता है कि संतुलित आहार व व्यायाम के साथ इवनिंग प्रिमरोज ऑयल को डाइट में शामिल करने से वजन को कम करने में मदद मिल सकती है।

6.रूमेटाइड अर्थराइटिस के लिए

रूमेटाइड अर्थराइटिस, गठिया का ही एक प्रकार है। इसमें जोड़ों में दर्द और सूजन जैसी समस्याएं होने लगती हैं (9) । ऐसे में ईवनिंग प्रिमरोज तेल का उपयोग इस समस्या से राहत दिला सकता है। इससे संबंधित एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में नॉन स्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी (Non-Steroidal Anti-Inflammatory) दवाइयों का सेवन करने वाले 40 रूमेटाइड आर्थराइटिस के मरीजों का चुनाव किया गया। इनमें से 19 मरीजों को ईवनिंग प्रिमरोज तेल और 21 को जैतून के तेल का उपयोग करवाया गया। इस दौरान किसी ने भी नॉन स्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाइयों का सेवन बंद नहीं किया, लेकिन प्रत्येक समूह में तीन रोगियों ने अपनी खुराक कम जरूर कर दी (10)।

इस शोध में यह बात पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है कि इवनिंग प्रिमरोज तेल कितना असरदार हो सकता है। इसलिए, अभी और शोध की आवश्यकता है। ऐसे में हल्के-फुल्के दर्द के लिए इवनिंग प्रिमरोज तेल का उपयोग ट्राई कर सकते हैं, लेकिन अगर समस्या ज्यादा बढ़े, तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

7.नसों के लिए

ईवनिंग प्रिमरोज तेल के फायदे नसों से संबंधित समस्या से राहत पाने के लिए हो सकते हैं। सायटीका नर्व के चोट से ग्रसित कुछ घायल चूहों पर किए गए वैज्ञानिक शोध के अनुसार, ईवनिंग प्रिमरोज तेल का उपयोग तंत्रिका यानी नर्व की समस्या में फायदेमंद पाया गया (11)। ऐसे में यह नसों की समस्या में सुधार करने में मददगार हो सकता है। यह शोध अभी जानवरों पर किया गया है, इसलिए यह मनुष्यों में कितना मददगार हो सकता है, इसका कोई सटीक प्रमाण अभी मौजूद नहीं है। ऐसे में इसके उपयोग से पहले एक बार डॉक्टर की भी सलाह जरूर लें।

8.मल्टीपल स्क्लेरोसिस के लिए

मल्टीपल स्क्लेरोसिस (एमएस) तंत्रिका तंत्र से जुड़ी एक बीमारी है (12)। यह एक ऑटोइम्यून डिजीज भी है, जो मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी को प्रभावित करता है। इसमें तंत्रिका कोशिकाओं को रक्षा करने वाली परत ‘माइलिन शीथ’ को नुकसान होता है (13)। ऐसे में ईवनिंग प्रिमरोज तेल का उपयोग लाभकारी हो सकता है (1)। वहीं, दूसरी ओर एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, ईवनिंग प्रिमरोज तेल का सेवन मल्टीपल स्केलेरोसिस के मरीजों में मानसिक कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने, थकान को दूर करने और एक्टिव रहने में सहयोग कर सकता है (14)। हालांकि, यह बीमारी के प्रसार को रोकने में प्रभावकारी नहीं है। ध्यान रहे कि यह बीमारी के लक्षणों को कम कर सकता है, यह बीमारी का इलाज नहीं है।

9.डायबिटिक न्यूरोपैथी के लिए

डायबिटीज के कारण होने वाले नर्व डैमेज को डायबिटिक न्यूरोपैथी कहा जाता है (15)। ऐसे में इस घातक समस्या से बचाव के लिए ईवनिंग प्रिमरोज तेल का उपयोग किया जा सकता है (1)। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, जिनको कम डायबिटिक न्यूरोपैथी की समस्या है, उनके लिए विटामिन-ई और इवनिंग प्रिमरोज ऑयल का मिश्रण लाभदायक हो सकता है। यह मिश्रण उनकी स्थिति में सुधार कर सकता है (16)। ध्यान रखें कि यह हल्की समस्या के लिए है, जिन्हें गंभीर परेशानी है, उनके लिए डॉक्टरी चिकित्सा पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

10.मेनोपॉज या पीएमएस के लिए

मासिक धर्म एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिससे हर महिला को गुजरना पड़ता है। कई महिलाओं को मासिक धर्म के कुछ दिनों पहले से ही शारीरिक परेशानियां जैसे – शरीर में ऐंठन, स्तनों में सूजन, मुंहासे, अनिद्रा, चिड़चिड़ापन और भी कई समस्याएं होने लगती हैं। इन लक्षणों को पीएमएस (Premenstrual Syndrome) के नाम से जाना जाता है (17) (18)। ऐसे में ईवनिंग प्रिमरोज तेल पीएमएस के लिए लाभकारी हो सकता है।

इतना ही नहीं एक उम्र के बाद जब महिलाओं के मासिक धर्म बंद हो जाते हैं, जिसे मेनोपॉज कहा जाता है। यह महिला के 45 से 55 के उम्र के बीच में होता है (19)। इस दौरान भी महिलाओं को कई तरह के लक्षणों जैसे – सोने में परेशानी, मूड में बदलाव जैसी स्थितीयों का सामना करना पड़ता है (20)। ऐसे में उस दौरान भी ईवनिंग प्रिमरोज तेल का उपयोग लाभकारी हो सकता है (1)। हालांकि, अगर कोई महिला पहली बार इसका उपयोग कर रही है, तो इसके लिए एक बार डॉक्टर से भी सलाह जरूर लें।

11.उच्च रक्तचाप के लिए

उच्च रक्तचाप की समस्या से पीड़ित व्यक्ति के लिए ईवनिंग प्रिमरोज तेल के फायदे देखे जा सकते हैं। दरअसल, इस तेल में भरपूर मात्रा में ओमेगा 6 फैटी एसिड और लिनोलिक एसिड होते हैं। ओमेगा 6 फैटी एसिड और लिनोलिक एसिड एंटीहाइपरटेंशन गुण की तरह काम करता है, जो उच्च रक्तचाप को कम कर सकता है (21)। हालांकि, अगर कोई ब्लड प्रेशर की दवा का सेवन कर रहा है तो बेहतर है इसके सेवन से पहले डॉक्टरी सलाह लें।

12.बालों के लिए

ईवनिंग प्रिमरोज तेल के फायदे बालों पर भी नजर आ सकते हैं। एक वैज्ञानिक शोध की मानें, तो ईवनिंग प्रिमरोज तेल से अरोमाथेरेपी करने पर एलोपेसिया की समस्या से राहत मिल सकती है (22)। एलोपेसिया एक ऐसी स्थिति है, जिसमें स्कैल्प के कुछ हिस्से से बाल झड़ जातें हैं (23)। इस आधार पर कहा जा सकता है कि यह तेल बालों को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है। वहीं, अगर किसी की बाल झड़ने की समस्या गंभीर है तो बेहतर है इस बारे में विशेषज्ञ की सलाह लें।

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आगे जानिए, ईवनिंग प्रिमरोज तेल का इस्तेमाल किस तरह से किया जा सकता है।

ईवनिंग प्रिमरोज तेल का उपयोग – How to Use Evening Primrose Oil in Hindi

ईवनिंग प्रिमरोज तेल के उपयोग को लेकर कई लोग दुविधा में होते हैं। उन लोगों के लिए लेख के इस भाग में ईवनिंग प्रिमरोज तेल को इस्तेमाल करने का तरीका बता रहे हैं :

कैसे करें इस्तेमाल :

  • इस तेल को त्वचा पर लगाने के लिए उपयोग कर सकते हैं।
  • ईवनिंग प्रिमरोज तेल को डॉक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट की तरह ले सकते हैं।
  • बाजार में ईवनिंग प्रिमरोज ऑयल युक्त कैप्सूल भी उपलब्ध हैं। हालांकि डॉक्टरी सलाह के बाद इसका उपयोग करना उचित होगा।

कब करें इस्तेमाल :

  • इसे त्वचा पर सुबह के समय लगा सकते हैं। ध्यान रहे इसके उपयोग से पहले पैच टेस्ट जरूर करें।
  • विशेषज्ञ की सलाह पर इसे दोपहर या रात को सेवन कर सकते हैं।

कितना करें इस्तेमाल :

  • ईवनिंग प्रिमरोज तेल लेने की कितनी मात्रा समस्या पर भी निर्भर करती है, जैसे मास्टलगिया (स्तनों में दर्द) या पीएमएस में 3-4 और 2-4 ग्राम, रूमेटोइड आर्थराइटिस में 540 मिलीग्राम से लेकर 2.8 ग्राम तक ले सकते हैं (1)। ऐसे में बेहतर है व्यक्ति अपनी स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए इसे लेने से पहले इसकी खुराक से जुड़ी जानकारी के लिए डॉक्टरी सलाह लें।

लेख में बने रहें

इस लेख के अगले हिस्से में ईवनिंग प्रिमरोज तेल के नुकसान की जानकारी दी गई हैं।

ईवनिंग प्रिमरोज तेल के नुकसान – Side Effects of Evening Primrose Oil in Hindi

ईवनिंग प्रिमरोज तेल के फायदे हैं, तो इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं (24)। हालांकि, ईवनिंग प्रिमरोज तेल के नुकसान से संबंधित शोध सिमित है, लेकिन इसके दुष्प्रभावों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, जो कुछ इस प्रकार हैं (25)।

नोट : अगर कोई व्यक्ति किसी खास तरह की दवा का सेवन कर रहा है या किसी को फूड एलर्जी है, तो इसके उपयोग से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। त्वचा पर इसके उपयोग से पहले पैच टेस्ट भी जरूरी है।

तो ये थे ईवनिंग प्रिमरोज तेल के फायदे, जिन्हें पाने के लिए आप इसे दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं। हालांकि, फायदे के साथ-साथ ईवनिंग प्रिमरोज तेल के नुकसान की जानकारी भी दी गई है। इसलिए अगर मन में थोड़ी सी भी उलझन हो या कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या हो तो ईवनिंग प्रिमरोज तेल के उपयोग से पहले डॉक्टरी सलाह जरूर लें। हम उम्मीद करते हैं कि इस लेख में दी गई जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित होगी। तो इसे अन्य लोगों के साथ भी साझा करके हर किसी को ईवनिंग प्रिमरोज तेल के फायदे व नुकसान से अवगत कराएं। आइए अब जानते हैं ईवनिंग प्रिमरोज तेल से जुड़े कुछ सवालों और उनके जवाब के बारे में।

अक्सर पूछे जाने वाला सवाल :

मुझे दिन में कितनी बार ईवनिंग प्रिमरोज तेल लगाना चाहिए?

दिन में एक बार ईवनिंग प्रिमरोज तेल को लगा सकते हैं। हां, अगर कोई किसी तरह के गंभीर समस्या पर इसका इस्तेमाल कर रहा है, तो इसे उपयोग करने से पहले विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

इवनिंग प्रिमरोज तेल का उपयोग करके मैं कितने हफ्तों में परिणाम की उम्मीद कर सकता हूं?

यह व्यक्ति के शरीर और बीमारी की गंभीरता पर निर्भर करता है। कुछ लोगों पर इसका असर जल्दी तो कुछ पर देरी से होता है। ऐसे में इसे लेकर सटीक समय बता पाना पूरी तरह संभव नहीं है।

क्या बच्चों को ईवनिंग प्रिमरोज तेल का उपयोग करना चाहिए?

जी हां, बच्चों के लिए ईवनिंग प्रिमरोज तेल का उपयोग किया जा सकता है (1)। बेहतर है उन्हें सेवन न कराया जाए, अगर सेवन कराना भी है तो एक बार विशेषज्ञ की सलाह लें।

क्या इवनिंग प्रिमरोज तेल बालों के झड़ने का कारण बनता है?

जी नहीं, यह बालों के झड़ने का कारण नहीं बनता है, बल्कि इसके इस्तेमाल से बालों के विकास को बढ़ावा मिल सकता है (22)।

क्या ईवनिंग प्रिमरोज ऑयल हार्मोन को संतुलित करता है?

जी हां, ईवनिंग प्रिमरोज ऑयल हार्मोन को संतुलित रखने में मदद कर सकता है (26)।

क्या गर्भावस्था में ईवनिंग प्रिमरोज ऑयल सुरक्षित है?

गर्भावस्था में ईवनिंग प्रिमरोज ऑयल का सेवन किया जा सकता है (25)। हालांकि, बेहतर है गर्भवती इसके सेवन से पहले डॉक्टरी सलाह लें, क्योंकि यह प्रसव का कारण बन सकता है। दरअसल, प्रेगनेंसी के दौरान ईवनिंग प्रिमरोज तेल युक्त कैप्सूल लेने पर सर्वाइकल प्रिमिंग एजेंट्स की तरह काम करता है। यह एजेंट स्वस्थ प्रसव में मदद कर सकता है (27)।

और पढ़े:

Sources

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भूपेंद्र वर्मा ने सेंट थॉमस कॉलेज से बीजेएमसी और एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी से एमजेएमसी किया है। भूपेंद्र को लेखक के तौर पर फ्रीलांसिंग में काम करते 2 साल हो गए हैं। इनकी लिखी हुई कविताएं, गाने और रैप हर किसी को पसंद आते हैं। यह अपने लेखन और रैप करने के अनोखे स्टाइल की वजह से जाने जाते हैं। इन्होंने कुछ डॉक्यूमेंट्री फिल्म की स्टोरी और डायलॉग्स भी लिखे हैं। इन्हें संगीत सुनना, फिल्में देखना और घूमना पसंद है।

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