फैटी लिवर डाइट – क्या खाना चाहिए और नहीं खाना चाहिए – Fatty Liver Diet in Hindi

Medically reviewed by Dt. Arpita Jain, Clinical Dietitian, Certified Sports Nutritionist
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बिगड़ती दिनचर्या और असंतुलित खान-पान कई गंभीर रोगों को बुलावा दे सकते हैं। इन्हीं बीमारियों में से एक है फैटी लिवर, जो असमय और उल्टे-सीधे भोजन के कारण हो सकती है। बता दें कि लिवर का खराब होना पूरे शरीर की क्रियाशीलता और गतिविधियों को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए, इस बीमारी से जुड़ी जानकारी होना बहुत जरूरी है, ताकि समय रहते इसके जोखिम को कम किया जा सके। वहीं, इससे बचे रहने के लिए खानपान में थोड़ा बदलाव किया जा सकता है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में आपको फैटी लिवर डाइट से जुड़ी जरूरी जानकारी मिलेगी और साथ ही हमने यहां फैटी लिवर डाइट चार्ट भी साझा किया है, जिसका पालन आप डॉक्टरी परामर्श पर कर सकते हैं।

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आइए, सबसे पहले जानते हैं कि फैटी लिवर क्या है।

फैटी लिवर क्या है?

लिवर भोजन को पचाने में मदद करता है और शरीर को ऊर्जा देता है। किसी भी व्यक्ति के लिवर में वसा की मात्रा सामान्य से अधिक होने की स्थिति को फैटी लिवर कहा जाता है। फैटी लिवर की समस्या मुख्य रूप से दो प्रकार से होती है (1)

  • नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) : असंतुलित आहार इसका मुख्य कारण हो सकता है। यह अल्कोहल से जुड़ा नहीं होता है। यह दो प्रकार का हो सकता है, पहला जिसमें लिवर में सिर्फ फैट जमा होता है और लिवर में सूजन और लिवर कोशिकाओं की क्षति न के बराबर होती है। वहीं, दूसरे प्रकार में लिवर में फैट जमने के साथ लिवर में सूजन और लिवर कोशिकाओं में क्षति की स्थिति बन सकती है। इसे नॉनअल्कोहलिक स्टीटोहेपेटाइटिस के नाम से जाना जाता है। नॉनअल्कोहलिक स्टीटोहेपेटाइटिस गंभीर लिवर की क्षति और लिवर कैंसर का कारण बन सकता है।
  • अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD): अधिक शराब का सेवन इस समस्या का मुख्य कारण होता है। इससे लिवर में सूजन और लिवर कोशिकाओं की क्षति ज्यादा बढ़ जाती है। व्यक्ति जितना अधिक शराब का सेवन करेगा, लिवर की क्षति उतनी बढ़ सकती है। अगर इस स्थिति को नियंत्रित न किया गया है, तो गंभीर लिवर से जुड़ी बीमारी जन्म ले सकती है, जैसे अल्कोहलिक हेपेटाइटिस (लिवर में गंभीर सूजन) और सिरोसिस (लिवर में घाव)।

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लेख में अब हम जानेंगे कि फैटी लिवर डाइट में किन-किन खाद्य पदार्थों को शामिल किया जा सकता है।

फैटी लिवर में क्या खाना चाहिए – Food for Fatty Liver in Hindi

खान-पान में सुधार लाकर कई समस्याओं का हल किया जा सकता है, जिनमें से एक है फैटी लिवर की समस्या। आइए, जानते हैं कि फैटी लिवर में क्या खाना चाहिए। यहां इस बात का ध्यान रखें कि बताए जा रहे खाद्य-पदार्थ किसी भी तरीके से फैटी लिवर डिजीज का इलाज नहीं है। ये केवल इसके जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं।

1. कॉफी

फैटी लिवर की समस्या से परेशान लोग फैटी लिवर डाइट में कॉफी का इस्तेमाल कर सकते हैं। दरअसल, एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध से पता चलता है कि कॉफी हेपटोप्रोटेक्टीव (लिवर को सुरक्षा) प्रभाव प्रदर्शित कर सकती है। इसके अलावा, शोध में यह भी जिक्र मिलता है कि यह नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज की स्थिति में कुछ हद तक फायदेमंद साबित हो सकती है (2)। इस आधार पर कहा जा सकता है कि कॉफी का सेवन लिवर को सुरक्षा प्रदान करने का काम कर सकता है। फिलहाल, इस विषय पर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

2. फिश

फैटी लिवर की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए फैटी लिवर डाइट में फिश ऑयल का इस्तेमाल काफी लाभकारी साबित हो सकता है। बता दें कि फिश ऑयल में एन-3 पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड पाया जाता है, जैसे ईकोसापेंटेनोइक एसिड और डोकोसाहेक्सैनोइक एसिड। मछली का तेल, सुक्रोज और फ्रुक्टोज से पैदा होने वाले नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज से निजात दिलाने में काफी मददगार साबित हो सकता है। इसके अलावा, इसका सेवन अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज में भी सुरक्षात्मक प्रभाव प्रदर्शित कर सकता है (3)

3. ब्रोकली

फैटी लिवर डाइट में ब्रोकली का उपयोग फैटी लिवर की समस्या को न केवल बढ़ने से रोक सकता है, बल्कि उससे निजात दिलाने में भी सहायक साबित हो सकता है। कारण यह है कि ब्रोकली में कुछ ऐसे दुर्लभ तत्व पाए जाते हैं, जो लिवर में ट्राइग्लिसराइड (फैट) की मात्रा को कम करने का काम कर सकते हैं। इसका यह गुण इसे फैटी लिवर से ग्रस्त रोगी के लिए उपयोगी बना सकता है (4)

4. डेयरी प्रोडक्ट्स

फैटी लिवर में दूध पीना चाहिए या नहीं या फैटी लिवर में दही का प्रयोग कैसा रहेगा, ऐसे सवाल अक्सर मन में आ सकते हैं। एक शोध के माध्यम से इस बात का पता चलता है कि फैटी लिवर डाइट मेनू में डेयरी प्रोडक्ट्स को शामिल करना लाभकारी साबित हो सकता है। इससे जुड़े शोध में जिक्र मिलता है कि डेयरी उत्पाद का सेवन लिवर फैट को कम करने का काम कर सकता है। इस आधार पर कहा जा सकता है कि फैटी लिवर में दूध पीना भी स्वास्थ्यकारी हो सकता है (5)। हालांकि, यह किस प्रकार यह काम करता है, इसके लिए अभी और सटीक शोध की आवश्यकता है।

5. ओटमील (दलिया)

ओटमील में बीटा-ग्लूकॉन भारी मात्रा में पाया जाता है। वैज्ञानिक शोध के जरिए इस बात को प्रमाणित किया गया है कि यह खास तत्व मोटापे की समस्या को दूर करने में सहायक हो सकता है। चूंकि, मोटापा फैटी लिवर का मुख्य कारण माना जाता है, इसलिए ऐसा कहा जा सकता है कि फैटी लिवर डाइट मेनू में ओटमील को शामिल करना इस बीमारी से निजात पाने में काफी मददगार साबित हो सकता है (6)

6. अखरोट

अखरोट का सेवन नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) के दौरान फायदेमंद साबित हो सकता है। इससे जुड़े एक शोध के अनुसार आहार में नट्स का सेवन नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज के जोखिम को कम करने में मददगार साबित हो सकता है। वहीं, शोध में यह भी जिक्र मिलता है कि अखरोट में मौजूद विटामिन-ई और सेलेनियम एनएएफएलडी पर प्रभावकारी हो सकते हैं (7)

7. एवोकाडो

लिवर बढ़ने पर क्या खाना चाहिए का जवाब एवोकाडो का सेवन भी हो सकता है। दरअसल, शरीर में बढ़ता कोलेस्ट्रोल फैटी लिवर डिजीज का कारण बन सकता है। ऐसे में एवोकाडो का सेवन कोलेस्ट्रोल को कम कर इससे होने वाले फैटी लिवर डिजीज के जोखिम को कम कर सकता है (1) (8)

8. ग्रीन टी

ग्रीन टी का सेवन भी फैटी लिवर डिजीज के दौरान फायदेमंद साबित हो सकता है। इससे जुड़े एक शोध में जिक्र मिलता है कि ग्रीन टी का अर्क और मौजूद कैटेचिन, सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम कर नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) के विरुद्ध सुरक्षा प्रदान करने का काम कर सकते हैं (9)

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9. जैतून का तेल

खाने में इस्तेमाल किए जाने वाले अन्य तेल के मुकाबले जैतून का तेल फैटी लिवर में लाभकारी हो सकता है। इससे जुड़े एक शोध में जिक्र मिलता है कि भोजन में जैतून तेल का सेवन लिवर फैट को कम करने में मददगार हो सकता है, इसलिए इसे नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज के मरीजों के आहार में शामिल किया जा सकता है। वहीं, शोध में इसके एंटीइंफ्लेमेटरी (सूजन कम करने वाला) और हाइपोलिपिडेमिक (फैट कम करने वाला) प्रभाव के बारे में भी पता चलता है, जो फैटी लिवर डिजीज के दौरान फायदेमंद साबित हो सकते हैं (8)

10. लहसुन

विशेषज्ञों के अनुसार, लहसुन का सेवन भी फैटी लिवर की बीमारी के दौरान फायदेमंद साबित हो सकता है। इससे जुड़े एक शोध में जिक्र मिलता है कि लहसुन का सेवन लिवर फैट को कम करने के साथ-साथ शरीर के वजन को भी नियंत्रित करने का काम कर सकता है, जिससे नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है (10)

11. सूरजमुखी के बीज

सूरजमुखी के बीज भी फैटी लिवर डिजीज से बचाव में मददगार साबित हो सकते हैं। इससे जुड़े एक शोध में साफ तौर पर यह जिक्र मिलता है कि इसका सेवन रक्त में लिवर एंजाइम के स्तर को नियंत्रित कर सकता है, जिससे फैटी लिवर की बीमारी होने का जोखिम कम हो सकता है (11)

12. ताजी सब्जियां

ताजी सब्जियों का सेवन लिवर स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, केल का सेवन फैटी लिवर के जोखिम कारक कोलेस्ट्रॉल और फैट को कम करने में मदद कर सकता है। वहीं, शकरकंद में मौजूद फाइबर और बीटा कैरोटीन लिवर इंजरी में सुधार का काम कर सकते हैं। इसके अलावा, कोलार्ड की पत्तियां एंटीइंफ्लेमेटरी प्रभाव प्रदर्शित कर सकती हैं (12)। इसलिए, स्वस्थ लिवर के लिए सब्जियों का सेवन किया जाना चाहिए।

13. टोफू

फैटी लिवर से परेशान लोग टोफू को आहार में शामिल कर सकते हैं। दरअसल, इसमें हेपेटोप्रोटेक्टिव (लिवर को सुरक्षा देने वाला) गुण पाया जाता है, जिस वजह से यह लिवर से जुड़ी बीमारियों के जोखिम को कम करने के साथ-साथ लिवर को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है (13)

14. ताजे फल

लिवर से जुड़ी बीमारियों से बचने के लिए ताजे फलों का सेवन भी किया जा सकता है। इससे संबंधित एक शोध के अनुसार, एवोकाडो का सेवन हाइपोलिपिडेमिक (फैट कम करने वाला) गतिविधि प्रदर्शित कर सकता है। केले में मौजूद पेक्टिन, सिरोसिस (लिवर से जुड़ी गंभीर बीमारी) के जोखिम को कम कर सकता है। वहीं, नींबू में मौजूद सिट्रस एसिड लिवर डैमेज के जोखिम को कम कर सकता है। साथ ही अंजीर का सेवन एंटीफैटी (फैट कम करने वाला) प्रभाव प्रदर्शित कर सकता है (12)

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अब लेख में आगे जानें फैटी लिवर में क्या नहीं खाना चाहिए।

फैटी लिवर में क्या नहीं खाना चाहिए – Foods to Avoid Fatty Liver in Hindi

फैटी लिवर में क्या नहीं खाना चाहिए, इसके बारे में भी पता करना जरूरी है। इसलिए, हम नीचे बता रहे हैं कि फैटी लिवर की समस्या से परेशान लोगों को किन चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए (14)

  1. अल्कोहल – अल्कोहल का सेवन फैटी लिवर वालों के लिए अधिक नुकसानदायक साबित हो सकता है। यह लिवर को खराब करके उसकी कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकता है।
  2. एडेड शुगर – उन सभी चीजों के सेवन से दूरी बना लेनी चाहिए, जिसमें एडेड शुगर पाया जाता है। कारण यह है कि ऐसे भोजन शरीर में ग्लूकोज की मात्रा को बढ़ाकर फैटी लिवर के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।
  3. फ्राइड फूड – अगर सोच में हैं कि फैटी लिवर में क्या नहीं खाना चाहिए, तो सबसे पहले तले हुए भोजन से परहेज करें। तले हुए भोजन का सेवन लिवर की समस्या को अधिक बढ़ा सकता है। ऐसे भोजन में वसा भरपूर मात्रा में पाई जाती है, जो फैटी लिवर वालों के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं।
  4. नमक – नमक का उपयोग कम से कम मात्रा में करना चाहिए। इसका कारण है कि नमक का अधिक उपयोग हाई बीपी का कारण बन सकता है (15)। इसका सीधा असर फैटी लिवर वाले रोगियों पर देखने को मिल सकता है।
  5. व्हाइट ब्रेड – व्हाइट ब्रेड की गिनती हाई ग्लाइसेमिक फूड्स में की जाती है, जो शरीर में ग्लूकोज का लेवल जल्दी बढ़ाने का काम कर सकते हैं। इससे फैटी लिवर से जुड़ी बीमारी का जोखिम बढ़ सकता है।
  6. चावल – फैटी लिवर में चावल खाना चाहिए या नहीं यह सवाल बहुत आम है। बता दें कि चावल का उपयोग भी फैटी लिवर वालों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। कारण यह है कि चावल भी एक हाई ग्लाइसेमिक फूड है और जैसा कि हमने बताया कि यह रक्त शर्करा को बढ़ाकर फैटी लिवर डिजीज का कारण बन सकता है।
  7. पास्ताफास्ट फूड जैसे पास्ता का सेवन भी लिवर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इसलिए, ऐसे खाद्य-पदार्थों के सेवन से परहेज करें।
  8. रेड मीट – इसमें फैटी एसिड भरपूर मात्रा में पाया जाता है और लिवर में फैटी एसिड का जमाव नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज का कारण बन सकता है (16)।

बने रहें हमारे साथ

आगे लेख में हम जानेंगे फैटी लिवर के लिए नमूना आहार चार्ट के बारे में।

फैटी लिवर के लिए नमूना आहार चार्ट – Sample Diet Chart for Fatty Liver in Hindi

फैटी लिवर में क्या खाना चाहिए इस बात को थोड़ा अच्छे से समझने के लिए नजर डालते हैं फैटी लिवर से संबंधित रोगी के लिए एक नमूना आहार चार्ट पर। 

भोजनक्या खाएं
सुबह उठते ही (सुबह 6 बजे)1 गिलास गुनगुना नींबू पानी
नाश्ता (सुबह 8 बजे)1 कप ब्लैक कॉफी या 1 कप ग्रीन टी

अगर चाय पीने का मन न हो, तो एक कप किसी भी फल का जूस पी सकते हैं।

साथ में एक बाउल ओट्स या मुसली के साथ एक कप दूध।

या फिर

दो चम्मच एवोकाडो पेस्ट के साथ दो स्लाइस व्हीट ब्रेड या एक बाउल कटे हुए फल। फल में केला, एवोकाडो और अंजीर शामिल कर सकते हैं।

ब्रंच (सुबह 10 से 12 बजे के बीच)एक मुट्ठी बादाम

या

1 कटा हुआ सेब

दोपहर का खाना (दोपहर 1-2 बजे)दो रोटी के साथ हल्के मसालों के साथ बनी मिक्स्ड वेज (आधी कटोरी) या एक बाउल उबली हुई सब्जियों की सलाद या एक बाउल ताजे कटे हुए फल।

चाहें, तो अंत में आधा कटोरी दही का सेवन कर सकते हैं।

शाम का नाश्ता (शाम 4 बजे)एक कप ग्रीन टी का सेवन कर सकते हैं।

या एक कप सब्जियों का सूप बनाकर पी सकते हैं।

रात का खाना (रात 8-9 बजे)100 से 120 ग्राम ग्रील्ड लीन मीट, चिकन या फिश। साथ में दो रोटी ले सकते हैं।

जो वेजिटेरियन हैं, वो दो रोटी के साथ पनीर (20 से 25 ग्राम) का सेवन कर सकते हैं।

अंत में सोने से पहले एक कप दूध का सेवन कर सकते हैं।

नोट – यह फैटी लिवर के लिए मात्र एक नमूना आहार चार्ट है। इसमें सामग्री में बदलाव और उसकी मात्रा कम-ज्यादा हो सकती है। इसलिए, सही जानकारी के लिए डाइटिशियन से संपर्क जरूर करें।

आगे है और जानकारी

अब हम बात करेंगे फैटी लिवर से ग्रसित व्यक्ति के लिए आहार संबंधी कुछ अन्य सुझावों के बारे में।   

फैटी लिवर के लिए कुछ और डाइट टिप्स – Other Tips for Fatty Liver Diet in Hindi

फैटी लिवर के लिए नमूना आहार चार्ट के बाद अब नीचे जानिए फैटी लिवर के लिए कुछ और डाइट टिप्स (14)

  • वसा रहित या कम वसा वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करें।
  • लो ग्लाइसेमिक खाद्य पदार्थों का सेवन करें, क्योंकि जैसा कि हमने ऊपर बताया कि हाई ग्लाइसेमिक फूड्स मधुमेह का कारण बन सकते हैं, जिससे फैटी लिवर का जोखिम बढ़ सकता है।
  • अपने आहार में ताजे फलों और सब्जियों को जगह दें।
  • उच्च कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों का सेवन न करें। ये मोटापे को बढ़ावा देने का काम कर सकते हैं।
  • डैश डाइट (जिसमें फल, सब्जियों, लो फैट डेयरी उत्पाद और नट्स को शामिल किया जाता है) का पालन किया जा सकता है, क्योंकि यह डाइट खास उच्च रक्तचाप को कम करने के लिए बनाई गई है (17)। वहीं, उच्च रक्तचाप भी फैटी लिवर बीमारी का एक जोखिम कारक है (1)

फैटी लिवर से जुड़ी तमाम जानकारी देने के बाद हम उम्मीद करते हैं कि आप इस विषय में काफी कुछ जान गए हैं और अब आप फैटी लिवर में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं, जैसी बातों को गंभीरता से लेंगे।  दोस्तों, यह एक गंभीर बीमारी है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। इसलिए, लेख में बताई गई फैटी लिवर डाइट और उससे संबंधित सावधानियों का पालन जरूर करें। इसके अलावा, बीच-बीच में मेडिकल चेकअप जरूर कराते रहें, ताकि फैटी लिवर के जोखिम से आप बचे रहें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या अंडे फैटी लिवर के लिए अच्छे होते हैं?

इससे जुड़े एक शोध से पता चलता है कि अधिक मात्रा में किया गया अंडे का सेवन नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज का जोखिम बढ़ा सकता है (18)। इसलिए, इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करें। अच्छा होगा, इस विषय में डॉक्टरी परामर्श जरूर लें।

क्या केला फैटी लिवर के लिए अच्छा होता है?

हां, संतुलित मात्रा में केले का सेवन फैटी लिवर के लिए अच्छा है। यह सिरोसिस (लिवर में जख्म) से राहत देने में कारगर हो सकता है (12)

लिवर की सफाई के लिए मैं क्या खाऊं?

इसके लिए ताजे फलों के साथ हरी सब्जियों का सेवन किया जा सकता है। चाहें, तो अधिक जानकारी के लिए डाइटिशियन से संपर्क कर सकते हैं।

घर में लिवर को डिटॉक्स कैसे करें?

लेख में बताए गए खाद्य-पदार्थों का सेवन कर सकते हैं और साथ ही लेख में बताई गईं सावधानियों का पालन करें। इसके अलावा, रोजाना व्यायाम करें। वहीं, शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा को बनाए रखें, क्योंकि पानी लिवर को डिटॉक्स करने का काम करता है (12)

लिवर साफ रखने के लिए सबसे अच्छा क्या होता है?

ताजी हरी सब्जियों का सेवन लिवर को साफ रखने का काम कर सकता है। साथ ही शरीर को हाइड्रेट भी रखें (12)

क्या उपवास रखना फैटी लिवर के लिए अच्छा है?

हफ्ते में एक या दो दिन फलों पर आधारित उपवास रखा जा सकता है। हालांकि, यह कितना प्रभावकारी होगा, इससे जुड़ा सटीक वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।

18 संदर्भ (Sources) :

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Nripendra Balmiki

नृपेंद्र बाल्मीकि एक युवा लेखक और पत्रकार हैं, जिन्होंने उत्तराखंड से पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर (एमए) की डिग्री प्राप्त की है। नृपेंद्र विभिन्न विषयों पर लिखना पसंद करते हैं, खासकर स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर इनकी पकड़ अच्छी है। नृपेंद्र एक कवि भी हैं और कई बड़े मंचों पर कविता पाठ कर चुके हैं। कविताओं के लिए इन्हें हैदराबाद के एक प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है।

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