मछली के फायदे और नुकसान – Fish Benefits and Side Effects in Hindi

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स्वस्थ रहने के लिए नियमित मात्रा में पोषक तत्वों का सेवन करना जरूरी होता है। इसके लिए कई फलों और सब्जियों का सेवन मददगार हो सकता है। इसके अलावा, मांसाहारी खाद्य पदार्थों के सेवन से भी शरीर को पोषण प्रदान किया जा सकता है। इसके लिए मछली का उपयोग करना बेहतर हो सकता है। यह शरीर को कई लाभ पहुंचाने के साथ ही कई बीमारियों से बचने में भी मदद कर सकती है। साथ ही यह कई समस्याओं के उपचार को प्रभावी बनाने में भी सहायक हो सकती है। स्टाइलक्रेज के हमारे इस लेख में हम मछली खाने के फायदे और मछली के नुकसान के बारे में वैज्ञानिक शोध के आधार पर जानकारी दे रहे हैं। मछली के फायदे से जुड़ी जानकारी के लिए लेख को अंत तक जरूर पढ़ें।

नीचे है पूरी जानकारी

चलिए, इस लेख के पहले भाग में मछली के फायदे के बारे में जानते हैं।

मछली के फायदे – Benefits of Fish in Hindi

कई शारीरिक समस्याओं से बचने के लिए मछली का सेवन किया जा सकता है। वहीं, इस बात का भी ध्यान रखा जाए कि मछली किसी भी बीमारी का सटीक उपचार नहीं है। इसका सेवन व्यक्ति को स्वस्थ रखने और बीमारियों से बचाव में सहायक हो सकता है। अब आगे पढ़ें फिश खाने के फायदे –

1. हृदय के लिए

मछली का उपयोग हृदय को स्वस्थ बनाए रखने का काम कर सकता है। दरअसल, मछली ओमेगा 3 फैटी एसिड का अच्छा स्रोत होती है, जो हृदय को स्वस्थ बनाए रखने और स्ट्रोक से बचाने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, यह ट्राइग्लिसराइड्स (रक्त में मौजूद एक प्रकार का फैट), दिल का अनियमित धड़कन, धमनियों में प्लाक का जमना और रक्तचाप को कम कर इनसे होने वाले हृदय रोग के जोखिम को भी कम कर सकता है (1)।

2. मस्तिष्क क्षमता बढ़ाने के लिए

मछली खाने के लाभ मस्तिष्क क्षमता को बढ़ाने का काम भी कर सकते हैं। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इनफार्मेशन) की वेबसाइट पर पब्लिश एक मेडिकल रिसर्च के अनुसार, मछली में भरपूर मात्रा में ओमेगा -3 फैटी एसिड पाया जाता है, जो माइल्ड कॉग्निटिव इम्पैर्मेंट (दिमागी क्षमता का कमजोर होना) के जोखिम को करने में मदद कर सकते हैं। इससे मस्तिष्क की क्षमता को बढ़ाने में मदद मिल सकती है (2)।

3. अवसाद से छुटकारा

डिप्रेशन यानी अवसाद की स्थिति से राहत पाने के लिए भी मछली के फायदे हो सकते हैं। इससे जुड़े एक वैज्ञानिक अध्ययन की मानें, तो ओमेगा-3 फैटी एसिड डिप्रेशन के जोखिम को कम करने के साथ ही गुस्से को नियंत्रित करने का काम कर सकता है (3)। आहार में मछली को शामिल कर ओमेगा-3 की पूर्ति की जा सकती है।

4. बच्चों में अस्थमा से राहत

मच्छी खाने के फायदे बच्चों में अस्थमा से राहत दिलाने में मदद कर सकता है। इस संबंध में पब्लिश एक वैज्ञानिक शोध की मानें, तो मछली में पाया जाने वाला ओमेगा 3 फैटी एसिड बच्चों में अस्थमा के लक्षणों (जैसे सांस लेने में तकलीफ) में सुधार कर सकता है और इसके जोखिम को भी कम कर सकता है (4)। ऐसे में अस्थमा से आराम पाने के लिए मछली का सेवन अच्छा हो सकता है।

5. नींद में सुधार

मछली का सेवन बेहतर नींद दिलाने का काम कर सकता है। एक वैज्ञानिक शोध के अनुसार, मछली में विटामिन-डी की अच्छी मात्रा होती हैं, जो अवसाद और चिंता जैसी समस्याओं को कुछ हद तक कम करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, विटामिन-डी नींद की गुणवत्ता में सुधार का काम भी कर सकता है, जिससे अच्छी नींद लेने में मदद मिल सकती है (5)। ऐसे में कहा जा सकता है कि अच्छी नींद पाना भी फिश खाने के फायदे में शामिल है।

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6. प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए

शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए भी मछली का उपयोग अच्छा हो सकता है। दरअसल, मछली में अच्छी मात्रा में विटामिन-डी होता है, जो सेलुलर ग्रोथ (कोशिकाओं की संख्या का विकास) को नियंत्रित कर प्रतिरक्षा प्रणाली के मॉड्यूलेशन को प्रभावित कर सकता है। वहीं, इसमें सेलेनियम भी पाया जाता है, जिससे कि सेलेनियम की कमी से होने वाली इम्यून सिस्टम की कमजोरी से बचा जा सकता है (3)।

7. आंखों के लिए

मछली खाने के लाभ आंखों के लिए भी देखे जा सकते हैं। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक मेडिकल रिसर्च के अनुसार, मछली में ओमेगा-3 फैटी एसिड की भरपूर मात्रा पाई जाती है, जो आंखों को फायदा पहुंचा सकता है। यह ऐज रिलेटेड मैक्यूलर डिजनरेशन (एक नेत्र रोग, जो दृष्टि हानि का कारण बन सकता है) और ड्राई आई डिजीज के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है (6)।

8. रक्तचाप के लिए

बढ़ते रक्तचाप की समस्या को नियंत्रित करने के लिए मछली का उपयोग किया जा सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर पब्लिश एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, मछली में ओमेगा 3 फैटी एसिड की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो बढ़ते रक्तचाप को कम कर सकता है (7)। ऐसे में, हम कह सकते हैं कि रक्तचाप को नियंत्रित करने में मछली का सेवन किया जा सकता है।

9. त्वचा के लिए

मछली का सेवन त्वचा के लिए भी लाभकारी हो सकता है। दरअसल, मछली में कई तरह के पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जिनमें से एक विटामिन-डी भी है। विटामिन-डी त्वचा को सूरज की हानिकारक किरणों से होने वाले नुकसान से सुरक्षा प्रदान करने का काम कर सकता है। इससे स्किन एजिंग से बचाव हो सकता है (8)। वहीं, ओमेगा 3 फैटी एसिड त्वचा की सूजन को कम करने के साथ ही मुंहासे की समस्या से आराम दिलाने में मदद कर सकता है (9)।

10. बालों के लिए

फिश खाने के फायदे बालों से जुड़ी समस्या से छुटकारा पाने के लिए भी हो सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर पब्लिश एक मेडिकल रिसर्च के मुताबिक, फिश प्रोटीन बालों के विकास को बढ़ावा देने का काम कर सकता है। इससे बाल लंबे हो सकते हैं (10)। फिलहाल, मछली खाने के फायदे बालों पर और किस तरह दिख सकते हैं, इसपर अभी और वैज्ञानिक शोध की आवश्यकता है।

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इस लेख के अगले भाग में हम मछली के पौष्टिक तत्वों के बारे में बताने जा रहे हैं।

मछली के पौष्टिक तत्व – Fish Nutritional Value in Hindi

मछली में मौजूद पोषक तत्वों के बारे में जानने के लिए नीचे दिए गए टेबल की मदद ले सकते हैं (11)।

पोषक तत्वमूल्य प्रति 100 ग्राम 
पानी49.5 g
ऊर्जा277 kcal
प्रोटीन11.01 g
टोटल लिपिड (फैट)16.23 g
कार्बोहाइड्रेट21.66 g
फाइबर, टोटल डाइटरी1.5 g
शुगर1.65 g
कैल्शियम, Ca16 mg
आयरन, Fe0.84 mg
मैग्नीशियम, Mg25 mg
फास्फोरस, P191 mg
पोटेशियम, K185 mg
सोडियम, Na402 mg
जिंक, Zn0.42 mg
कॉपर, Cu0.059 mg
मैंगनीज, Mn0.182 mg
सेलेनियम, Se15.7 mg
थियामिन0.122 mg
राइबोफ्लेविन0.116 mg
नियासिन1.536 mg
विटामिन बी-60.078 mg
फोलेट24 µg
विटामिन बी-120.96 µg
विटामिन ए, RAE4 µg
विटामिन ए, IU18 IU
विटामिन ई (अल्फा-टोकोफेरोल)6.88 mg
विटामिन डी (डी 2 +डी 3)1 IU
विटामिन-के4.7 µg
फैटी एसिड, टोटल सैचुरेटेड3.733 g
फैटी एसिड, टोटल मोनोअनसैचुरेटेड3.193 g
फैटी एसिड, टोटल पॉलीअनसैचुरेटेड7.824 g
कोलेस्ट्रॉल28 mg

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आइए, अब जानते हैं मछली का उपयोग कैसे-कैसे किया जा सकता है?

मछली का उपयोग – How to Use Fish in Hindi

मछली का सेवन कई तरह से किया जा सकता है, जिनमें से कुछ आम और प्रचलित तरीके हम नीचे बता रहे हैं।

कैसे खाएं :

  • फिश करी बनाकर चावल के साथ खा सकते हैं।
  • मछली का टिक्का बनाकर सेवन किया जा सकता है।
  • फिश बिरयानी का आनंद लिया जा सकता है।
  • मछली को फ्राई करके खाया जा सकता है।
  • फिश मंचूरियन बनाया जा सकता है।
  • मछली का सूप बनाकर भी सेवन किया जा सकता है।

कब खाएं :

  • फिश करी को दोपहर या रात के खाने में ले सकते हैं।
  • फिश बिरयानी को भी लंच या डिनर में ले सकते हैं।
  • शाम के समय स्नैक के रूप में फिश मंचूरियन ले सकते हैं।
  • मछली के सूप को शाम के पी सकते हैं।

कितना खाएं :

द अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (एएचए) के मुताबिक, हफ्ते में दो बार 100 ग्राम तक मछली का सेवन कर सकते हैं (1)। हालांकि, सभी का स्वास्थ्य और आहार क्षमता एक जैसी नहीं होती है, इसलिए मछली के सेवन की सही मात्रा जानने के लिए आहार विशेषज्ञ से परामर्श ले सकते हैं।

नीचे और जानकारी है

चलिए अब जान लेते हैं कि मछली के नुकसान किस प्रकार सामने आ सकते हैं?

मछली के नुकसान – Side Effects of Fish in Hindi

जिस तरह मछली खाने के फायदे हो सकते हैं, उसी तरह मछली के कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। इन नुकसान के बारे में हम नीचे बता रहे हैं :

  • गर्भवती महिलाओं को मछली का सेवन करने से बचना चाहिए। दरअसल, कई मछलियों में मरकरी की अधिक मात्रा हो सकती है, जो गर्भावस्था के दौरान नुकसान का कारण बन सकती है (1)। मरकरी गर्भावस्था के दौरान प्लेसेंटा के माध्यम से गर्भवती से भ्रूण में जा सकती है और भ्रूण के मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र के विकास को प्रभावित कर सकती है (12)। ऐसे में, गर्भवतियों को मछली का सेवन करने से पहले डॉक्टरी परामर्श लेना चाहिए।
  • जैसा कि हमने ऊपर बताया है कि मछली में ओमेगा 3 फैटी एसिड की अधिक मात्रा पाई जाती है। वहीं, एक वैज्ञानिक शोध के मुताबिक, ओमेगा 3 फैटी एसिड की अधिक मात्रा रक्त में शुगर को बढ़ा सकती है। इससे मधुमेह को नियंत्रित करने में मुश्किल हो सकती है (13)।
  • मछली के नुकसान रक्तचाप के स्तर में जरूरत से ज्यादा कमी के रूप में भी देखे जा सकते हैं। दरअसल, मछली में पाया जाने वाला ओमेगा 3 फैटी एसिड बढ़ते रक्त रक्तचाप को कम करने में मदद कर सकता है (14)। वहीं, निम्न रक्तचाप वालों द्वारा इसका अधिक मात्रा में सेवन करना रक्तचाप को जरूरत से ज्यादा कम कर सकता है।

मांसाहारी खाद्य पदार्थों का सेवन करने वालों के लिए मछली का सेवन फायदेमंद साबित हो सकता है। हालांकि, किसी गंभीर समस्या से पीड़ित व्यक्ति को मछली के सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए। इससे मछली के सेवन से होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है। हम उम्मीद करते हैं कि हमारे इस लेख में दी गई सभी जानकारी पाठक के लिए मददगार साबित होगी। इस तरह के अन्य खाद्य पदार्थों से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारी वेबसाइट पर पब्लिश दूसरे लेख को भी पढ़ सकते हैं।

अब हम मछली के सेवन से संबंधित कुछ सवालों के जवाब दे रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या रोज मछली खाना अच्छा है?

किसी भी चीज का अधिक सेवन नुकसान का कारण बन सकता है। ऐसे में, हफ्ते में दो बार मछली का सेवन किया जा सकता है।

क्या मछली त्वचा के लिए अच्छी है?

जी हां, मछली का सेवन त्वचा के लिए अच्छा हो सकता है। यह सूरज की हानिकारक किरणों से त्वचा को बचा सकती है (8)।

मछलियां लोगों के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं?

मछलियां लोगों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें ओमेगा-3 और विटामिन-डी जैसे जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को स्वस्थ रखने का काम करते हैं।

क्या मछली का सेवन चिकन से भी अच्छा है?

यह बताना थोड़ा मुश्किल है कि मछली और चिकन में से कौन अच्छा है। दरअसल, आहार में दोनों की ही अपनी अलग भूमिका है। इसलिए, व्यक्ति अपनी पसंद और जरूरत के हिसाब से इसका सेवन करते हैं।

मछली ताजी है, इसका पता कैसे चलेगा?

मछली की गंध से इसके ताजे होने का पता लगाया जा सकता है। अगर मछली को मरे हुए बहुत देर हो गई है, तो उसकी गंध में परिवर्तन आ जाता है।

कौन-सी मछली का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए ज्यादा अच्छा हो सकता है?

टूना मछली और सैल्मन मछली को ज्यादा लाभकारी माना जाता है।

फैटी मछली किसे कहते हैं?

फैटी फिश में ओमेगा 3 फैटी एसिड की मात्रा अधिक होती है। इस मछली में टूना, सैल्मन व ट्राउट को शामिल किया जा सकता है (15)।

संदर्भ (Sources) :

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Bhupendra Verma

भूपेंद्र वर्मा ने सेंट थॉमस कॉलेज से बीजेएमसी और एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी से एमजेएमसी किया है। भूपेंद्र को लेखक के तौर पर फ्रीलांसिंग में काम करते 2 साल हो गए हैं। इनकी लिखी हुई कविताएं, गाने और रैप हर किसी को पसंद आते हैं। यह अपने लेखन और रैप करने के अनोखे स्टाइल की वजह से जाने जाते हैं। इन्होंने कुछ डॉक्यूमेंट्री फिल्म की स्टोरी और डायलॉग्स भी लिखे हैं। इन्हें संगीत सुनना, फिल्में देखना और घूमना पसंद है।

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