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फिटकरी के 11 फायदे, उपयोग और नुकसान – Alum (Fitkari) Benefits, Uses and Side Effects in Hindi

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फिटकरी के 11 फायदे, उपयोग और नुकसान – Alum (Fitkari) Benefits, Uses and Side Effects in Hindi Hyderabd040-395603080 August 27, 2019

कई लोग आफ्टर शेविंग लोशन के रूप में फिटकरी का इस्तेमाल करते हैं। यह एक कारगर एंटीसेप्टिक है, जिसका प्रयोग त्वचा और स्वास्थ्य के लिए सदियों से किया जा रहा है। यह दिखने में किसी चमचमाते पत्थर-सा लगता है, लेकिन अपने अंदर कई औषधीय गुण छुपाए है। अब आप पूछेंगे कि क्या इसका इस्तेमाल शरीर की अन्य समस्याओं से निजात पाने के लिए किया जा सकता है? तो इसका जवाब हां है। इस लेख के माध्यम से जानते हैं कि शारीरिक स्वास्थ्य के लिए फिटकरी किस प्रकार मददगार है और इसे इस्तेमाल करने के क्या-क्या तरीके हो सकते हैं। उससे पहले जान लेते हैं कि फिटकरी क्या है?

फिटकरी क्या है? – What is Alum in Hindi

फिटकरी एक रंगहीन रसायनिक पदार्थ है, जो एक किस्टल की तरह होती है। इसका रासायनिक नाम पोटैशियम एल्यूमीनियम सल्फेट है। इसे अंग्रेजी में एलम कहा जाता है। सामान्य से दिखने वाले इस पदार्थ का महत्व चिकित्सा के क्षेत्र में अहम है। आगे हम बता रहे हैं कि फिटकरी के कौन-कौन से प्रकार उपलब्ध हैं।

फिटकरी के प्रकार – Types of Alum in Hindi

फिटकरी का सही चुनाव करना आपके लिए बड़ा सवाल हो सकता है। सही चुनाव करने के लिए आपको इसके विभिन्न रूपों के बारे में पता होना चाहिए। आइए, नीचे जानते हैं फिटकरी के विभिन्न प्रकारों के बारे में।

  1. पोटैशियम एलम : पोटैशियम एलम को पोटाश एलम और पोटैशियम एलम सल्फेट के नाम से भी जाना जाता है। इसका इस्तेमाल लंबे समय से किया जा रहा है। माना जाता है कि 1500 ईसा पूर्व के आसपास फिटकरी के इस रूप का इस्तेमाल पानी की गंदगी को साफ करने के लिए किया गया था।
  1. अमोनियम एलम : अमोनियम एलम एक सफेद क्रिस्टलीय ठोस पदार्थ है। फिटकरी के इस प्रकार का इस्तेमाल सौंदर्य प्रसाधन और व्यक्तिगत देखभाल संबंधी उत्पादों में किया जाता है, जैसे आफ्टरशेव लोशन और हाथों से जुड़े उत्पाद।
  1. क्रोम एलम : क्रोम एलम भी फिटकरी का एक प्रकार है, जिसे क्रोमियम पोटैशियम सल्फेट के नाम से भी जाना जाता है। यह क्रोमियम (एक रासायनिक तत्व) का पोटैशियम डबल सल्फेट है, जिसका इस्तेमाल चमड़ा बनाने की प्रक्रिया में किया जाता है।
  1. एल्‍यूमीनियम सल्‍फेट : इस कम्पाउन्ड को पेपरमेकर की फिटकरी के रूप में भी जाना जाता है। वैसे, तकनीकी रूप से यह फिटकिरी नहीं है।
  1. सोडियम एलम : यह एक अकार्बनिक (Inorganic) कंपाउंड है, जिसे सोडा एलम के नाम से भी जाना जाता है। इस सफेद ठोस का उपयोग बेकिंग पाउडर के निर्माण और फूड एडिटिव के रूप में किया जाता है।
  1. सेलेनेट एलम : फिटकरी का वो प्रकार, जिसमें सल्फर की जगह सेलेनियम मौजूद होता है।

फिटकरी के प्रकार जानने के बाद अब जानते हैं फिटकरी से शरीर को होने वाले विभिन्न फायदों के बारे में। 

फिटकरी के फायदे – Benefits of Alum in Hindi

1. दंत स्वास्थ्य

दंत स्वास्थ्य के लिए फिटकरी Pinit

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फिटकरी के फायदे दांतों के लिए बहुत हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, अगर फिटकरी से मुंह की सफाई की जाए, तो दांत की कैविटी और दांतों के टूटने की समस्या से निजात पाया जा सकता है। इसके लिए आप फिटकरी को माउथवॉश के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं (1)।

2. शरीर की दुर्गंध 

अगर आप शरीर की दुर्गंध से परेशान हैं, तो आप फिटकरी का इस्तेमाल कर सकते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, पैरों की बदबू दूर करने के लिए फिटकरी का प्रयोग किया जा सकता है (2)। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, त्वचा की दुर्गंध हटाने के लिए फिटकरी का इस्तेमाल आफ्टरशेव, डिओडरेंट और बॉडी लोशन में भी किया जाता है (3)।

3. माउथवॉश

फिटकरी एक कारगर माउथवॉश भी है। एक रिपोर्ट के अनुसार फिटकरी युक्त माउथवॉश का दैनिक उपयोग करने से प्लाक से छुटकारा पाया जा सकता है। खासकर, बच्चों के ओरल हेल्थ में फिटकरी अहम भूमिका निभा सकती है (4)।

4. मांसपेशियों की ऐंठन 

फिटकरी के फायदे यहीं खत्म नहीं होते हैं। आप इसका इस्तेमाल मांसपेशियों की ऐंठन से राहत पाने के लिए भी कर सकते हैं। एक अध्ययन के अनुसार, पोटैशियम एलम (फिटकरी) से मांसपेशियों में संकुचन (contraction) को दूर किया जा सकता है (5)।

5. बुखार, खांसी और अस्थमा

बुखार, खांसी और अस्थमा के लिए फिटकरी Pinit

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बुखार और खांसी जैसी शारीरिक समस्याओं के लिए भी फिटकरी के बहुत फायदे हैं। एक अध्ययन के अनुसार, फिटकरी के इस्तेमाल से हे फीवर (मौसमी एलर्जी) जैसी बीमारियों से राहत पाई जा सकती है (6)। खांसी और दमा में भी फिटकरी फायदेमंद हो सकती, लेकिन इस पर अभी और शोध की आवश्यकता है।

6. यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन

यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन से जुड़ी समस्याओं में भी फिटकरी अहम भूमिका निभा सकती है। एक रिपोर्ट के अनुसार, फिटकरी मूत्राशय से होने वाले भारी रक्तस्राव को रोकने का काम कर सकती है, जो किसी संक्रमण की वजह से हो सकता है। फिटकरी एक कारगर अस्ट्रिन्जन्ट है, जो रक्तस्राव वाले भाग पर प्रभावी रूप से काम करता है (7)।

7. जुएं मारने के लिए 

बालों की देखभाल के लिए भी फिटकरी के फायदे बहुत हैं। जुएं, बालों से जुड़ी एक आम समस्या है, जो किसी को भी प्रभावित कर सकती हैं। जुएं ज्यादातर बच्चों के बालों को निशाना बनाती हैं और एक प्रभावित इंसान के बालों से दूसरे इंसान के बालों में आसानी से जा सकती हैं। इनसे सिर में खुजली और स्कैल्प संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। जुओं से निजात पाने के लिए आप फिटकरी का इस्तेमाल कर सकते हैं। फिटकरी का पेस्ट आसानी से जुओं से छुटकारा दिला सकता है (8)।

8. कटने और घाव भरने के लिए

कटने और घाव भरने के लिए फिटकरी Pinit

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कटने और घाव की स्थिति को ठीक करने के लिए भी फिटकरी के फायदे बहुत हैं। यह अस्ट्रिन्जन्ट और हेमोस्टेटिक गुणों से समृद्ध होती है, जो शरीर के घाव, कटने और मुंह के छालों को जल्द भरने का काम करती है (9)।

9. मुंहासों के लिए

अगर आप मुंहासों से परेशान हैं, तो फिटकरी आपके लिए फायदेमंद हो सकती है। फिटकरी अस्ट्रिन्जन्ट गुणों से समृद्ध होती है और एक रिपोर्ट के अनुसार अस्ट्रिन्जन्ट मुंहासों को ठीक करने का काम कर सकता है (9), (10)। मुंहासों से राहत पाने के लिए आप फिटकरी का पेस्ट प्रभावित जगह पर लगा सकते हैं।

10. झुर्रियां और एंटी एजिंग 

फिटकरी का इस्तेमाल बहुत से सौंदर्य प्रसाधनों में किया जाता है। इसमें अस्ट्रिन्जन्ट गुण होते हैं, जो त्वचा में कसाव (tightens) लाने का काम करते हैं (9), (11)। झुर्रियों और एजिंग के प्रभाव को कम करने के लिए आप फिटकरी को प्रयोग में ला सकते हैं।

11. रंग होता है साफ

रंग होता है साफ के लिए फिटकरी Pinit

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जैसा कि हमने ऊपर बताया है कि फिटकरी अस्ट्रिन्जन्ट गुणों से समृद्ध होती है और अस्ट्रिन्जन्ट त्वचा से गंदगी निकालने के साथ-साथ त्वचा को टोन करने का काम करता है। इससे त्वचा का रंग निखरने में मदद मिलती है (9), (11)।

शरीर को होने वाले फिटकरी के फायदे जानने के बाद नीचे जानिए शरीर के लिए इसका उपयोग किस प्रकार किया जा सकता है।

फिटकरी का उपयोग – How to Use Alum in Hindi 

खांसी और अस्थमा के लिए : आप 10 ग्राम फिटकरी और 10 ग्राम चीनी को पीस कर चूर्ण बना लें और 14 भागों में अलग कर दें। अब रोज रात को सोने से पहले एक कप गर्म दूध के साथ इस चूर्ण के एक भाग का सेवन करें। खांसी और दमा के लिए फिटकरी फायदेमंद हो सकती, लेकिन इस पर अभी और वैज्ञानिक शोध की आवश्यकता है।

नोट – खांसी के लिए फिटकरी का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टरी सलाह जरूर लें।

दांतों और मुंह के लिए : दांतों से प्लाक और कैविटी हटाने के लिए आप फिटकरी को माउथवॉश के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए आप एक गिलास पानी गर्म कर लें और उसमें चुटकी भर नमक और एक छोटा चम्मच फिटकरी पाउडर मिलाकर छान लें। ठंडा होने पर आप इस पानी को इस्तेमाल में ला सकते हैं।

जुंओं के लिए : जुओं के लिए फिटकिरी का उपयोग करने के लिए फिटकरी का पाउडर लें और इसे पानी में मिलाएं। इस मिश्रण में थोड़ा टी ट्री ऑयल भी मिलाएं। अब इस मिश्रण को अपने स्कैल्प पर लगाएं और 10 मिनट तक मसाज करें, इसके बाद ठंडे पानी से बालों को धो लें। इसके बाद अपने बालों को शैम्पू और कंडीशन करना न भूलें।

ऐंठन के लिए : इसके लिए आप समान मात्रा में हल्दी और फिटकरी पाउडर लें और पेस्ट बनाकर प्रभावित जगह पर लगाएं। ध्यान रहे पेस्ट मले नहीं, बल्कि लगाकर सूखने के लिए छोड़ दें और बाद में हल्के गुनगुने पानी से त्वचा को धो लें। दिन में दो-तीन बार कुछ दिन यह उपाय करके दर्द से राहत मिल जाएगी।

चोट या घाव के लिए : एक गिलास गर्म पानी में एक चम्मच फिटकरी पाउडर मिलाएं और गुनगुना होने के लिए रख दें। अब इस पानी से चोट या घाव को दिन में दो से तीन बार धोएं।

शेव करने के बाद : शेव करने के बाद आप चेहरे पर पानी की कुछ बूंदें छिड़कर सीधा फिटकरी को रगड़ सकते हैं। ऐसा करने से सेप्टिक होने की आशंका कम हो जाती है।

झुर्रियों और एंटीएजिंग के लिए : चेहरे पर साफ पानी छिड़कें और फिटकरी के टुकड़े को सीधा पूरे चेहरे (आंखों और होंठों को छोड़कर) पर धीरे-धीरे रगड़ें।

फिटकरी के फायदे, प्रकार और उपयोग के बाद चलिए अब जान लेते हैं इससे होने वाले कुछ नुकसानों के बारे में।

फिटकरी के नुकसान – Side Effects of Alum in Hindi

इसमें कोई शक नहीं है कि फिटकरी गुणकारी पदार्थ है, जिसका इस्तेमाल आप शरीर से जुड़ी कई परेशानियों के लिए कर सकते हैं, लेकिन फिटकरी के फायदों के साथ इसके दुष्प्रभावों को नकारा नहीं जा सकता है। नीचे जानिए फिटकरी से होने वाले कुछ नुकसान (12)।

  • फिटकरी को सूंघने से नाक-गले में जलन, फेफड़ों को प्रभावित करने वाली खांसी, घरघराहट और सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।
  • फिटकरी को त्वचा पर लगाने से स्किन और आंखों में जलन व रैशेज भी हो सकते हैं।
  • पानी में मिलाई गई फिटकरी के संपर्क में आने से आंखें बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं।

अब तो आप जान गए होंगे कि सामान्य-सा दिखने वाला यह पदार्थ कितना लाभदायक है। आप लेख में बताई गई समस्याओं के लिए फिटकरी को विभिन्न तरीकों से प्रयोग कर सकते हैं। इसे इस्तेमाल में लाना बिल्कुल आसान है और इसके लिए ज्यादा मशक्कत करने की भी जरूरत नहीं है। हो सकता कि इसे लगाने से कुछ दुष्प्रभाव सामने आएं, लेकिन ऐसी स्थिति में घबराएं नहीं, बल्कि सीधा डॉक्टर से संपर्क करें। आशा है कि आपको यह लेख पसंद आया होगा। अपने नीचे दिए कमेंट बॉक्स के जरिए अपने सुझाव और सवाल हम तक पहुंचा सकते हैं।

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Nripendra Balmiki

नृपेंद्र बाल्मीकि एक युवा लेखक और पत्रकार हैं, जिन्होंने उत्तराखंड से पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर (एमए) की डिग्री प्राप्त की है। नृपेंद्र विभिन्न विषयों पर लिखना पसंद करते हैं, खासकर स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर इनकी पकड़ अच्छी है। नृपेंद्र एक कवि भी हैं और कई बड़े मंचों पर कविता पाठ कर चुके हैं। कविताओं के लिए इन्हें हैदराबाद के एक प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है।

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