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फूड पॉइजनिंग के कारण, लक्षण और घरेलू इलाज – Food Poisoning Symptoms and Home Remedies in Hindi

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फूड पॉइजनिंग के कारण, लक्षण और घरेलू इलाज – Food Poisoning Symptoms and Home Remedies in Hindi Hyderabd040-395603080 June 25, 2019

स्ट्रीट फूड खाने का अपना ही मजा है। गली-नुक्कड़ पर मिलने वाली चाट-पकौड़ी का कहना ही क्या। आप कितनी भी बड़ी दुकान में जाकर खा-पी लो, लेकिन स्ट्रीट फूड जैसा स्वाद आना मुश्किल है। इस स्वाद के चक्कर में लोग सेहत की अनदेखी कर देते हैं। वो इस बात पर ध्यान नहीं देते कि स्ट्रीट फूड को किस तरह से बनाया जाता है। ऐसे में बार-बार फूड पॉइजनिंग को झेलना पड़ता है। फूड पाइजनिंग होने पर आपको जी-मिचलाना, उल्टी व दस्त की समस्या हो सकती है, जिसका उपचार समय रहते न किया जाए, तो इसके घातक परिणाम हो सकते हैं।

इसलिए, स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम विषाक्त भोजन करने से होने वाली फूड पॉइजनिंग के लक्षण, कारण और इसके घरेलू उपाय बताएंगे।

सबसे पहले जानते हैं कि फूड पाइजनिंग के क्या-क्या कारण हो सकते हैं।

फूड पॉइजनिंग के कारण – Causes of food poisoning Hindi

फूड पॉइजनिंग के कई कारण हो सकते हैं (1) :

बैक्टीरिया : फूड पॉइजनिंग का सबसे आम कारण होता है सालमोनेला बैक्टीरिया। यह ज्यादातर अधपके नॉनवेज फूड में पाया जाता है, जैसे अंडा व चिकन आदि। वहीं, ई-कोलाई बैक्टीरिया से भी भोजन विषाक्तता हो सकती है। यह ज्यादातर सलाद में पाया जाता है। इसके अलावा, कैंफिलोबैक्टर और बोटुलिनम बैक्टीरिया भी इसका कारण बन सकते हैं।

वायरस : हर साल नोरोवायरस के कारण लाखों की संख्या में फूड पॉइजनिंग के मामले सामने आते हैं। इसके अलावा, सैपोवायरस, रोटावायरस और एस्ट्रोवायरस भी भोजन विषाक्तता का कारण बन सकते हैं। वहीं, हेपेटाइटिस ए वायरस भी खाने से फैलता है।

परजीवी : किसी-किसी मामलों में परजीवी के कारण भी फूड पॉइजनिंग की समस्या हो जाती है। परजीवी पाचन तंत्र में लंबे समय तक रह सकते हैं, जिन्हें पहचानना मुश्किल होता है। यह ज्यादातर कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों को प्रभावित करते हैं।

फूड पॉइजनिंग के लक्षण – Symptoms of food poisoning in Hindi

फूड पॉइजनिंग होने पर आपको अलग-अलग लक्षण नजर आ सकते हैं। यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि आपको किस वजह से भोजन विषाक्तता हुई है। फिर भी फूड पॉइजनिंग के कुछ सामान्य लक्षण होते हैं, जो इस प्रकार हैं (1) :

  • जी-मिचलना
  • उल्टी आना
  • पेट में दर्द होना
  • दस्त लगना
  • बुखार आना
  • सिर दर्द होना
  • पेट में ऐंठन होना

फूड पॉइजनिंग के घरेलू उपाय – Home Remedies for food poisoning in Hindi

भले ही फूड पॉइजनिंग तकलीफदायक होती है, लेकिन आप कुछ घरेलू उपाय अपनाकर इस समस्या से राहत पा सकते हैं। नीचे हम आपको फूड पॉइजनिंग के घरेलू उपाय बता रहे हैं।

1. सेब का सिरका

Apple Cider Vinegar for food poisoning in Hindi Pinit

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सामग्री :
  • एक से दो चम्मच बिना फिल्टर किया सेब का सिरका
  • एक गिलास गुनगुना पानी
क्या करें?
  • एक गिलास गुनगुने पानी में दो चम्मच सेब का सिरका डालें।
  • इसे अच्छी तरह मिलाकर पी लें।
ऐसा कब-कब करें?

बेहतर परिणाम के लिए आप दिन में दो से तीन बार इसे पिएं।

यह कैसे काम करता है?

सेब के सिरके में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो ई-कोलाई बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करते हैं (2)। इसके अलावा, इसमें कई मिनरल्स और एंजाइम होते हैं, जो फूड पॉइजनिंग के बाद आपके शरीर को ठीक करने में मदद करते हैं (3)।

2. नींबू का रस

सामग्री :
  • आधा नींबू
  • एक गिलास पानी
  • शहद (वैकल्पिक)
क्या करें?
  • एक गिलास पानी में आधा नींबू निचोड़ लें और इस पानी को पी लें। आप इसमें स्वाद के लिए शहद मिला सकते हैं।
ऐसा कब-कब करें?

आप दिन में दो से तीन बार नींबू पानी पी सकते हैं।

यह कैसे काम करता है?

नींबू में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो आपके पूरे शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। इसके अलावा, फूड पॉइजनिंग का कारण बनने वाले विषाणुओं से छुटकारा दिलाने में मदद करते हैं (4)।

3. तुलसी

सामग्री :

● तुलसी के पत्ते
● शहद

क्या करें?

1. तुलसी के पत्तों को पीसकर उसका रस निकाल लें।
2. इसमें एक चम्मच शहद मिलाएं और पी लें।
3. इसके अलावा, आप एक कप पानी में तुलसी के तेल की एक बूंद भी डाल सकते हैं और इसका सेवन कर सकते हैं।

ऐसा कब-कब करें?

आप दिन में तीन से चार बार इसे पिएं।

यह कैसे काम करता है?

तुलसी में एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं, जो फूड पॉइजनिंग में राहत पहुंचाते हैं (4)। यह आपके पेट को भी आराम पहुंचाता है और फूड पॉइजनिंग के लक्षणों को दूर करता है। फूड पॉइजनिंग का यह उपाय काफी कारगर हो सकता है।

4. लहसुन

Garlic for food poisoning in Hindi Pinit

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सामग्री :
  • लहसुन की दो से तीन छिली हुई कलियां
क्या करें?
  • आप लहसुन की कलियों को चबा लें।
  • आप लहसुन की कलियों में शहद मिलाकर भी खा सकते हैं।
ऐसा कब-कब करें?

जब तक आराम न मिले, आप दिन में कम से कम एक बार इसका सेवन करें।

यह कैसे काम करता है?

लहसुन में एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल और एंटीफंगल गुण होते हैं, जो खाने से हुए रोगों को दूर करने में मदद करते हैं (5), (6)।

6. अदरक

सामग्री :
  • एक से दो इंच अदरक का टुकड़ा
  • एक कप पानी
  • थोड़ा-सा शहद
क्या करें?
  • एक पैन में पानी डालकर उसमें अदरक का टुकड़ा डालें और उबाल लें।
  • पांच मिनट अदरक को पानी में ही रहने दें, फिर पानी को छान लें।
  • अब इसे हल्का-सा ठंडा करें और फिर शहद मिलाकर तुरंत पी जाएं।
  • आप चाहें तो अदरक के टुकड़े को चबा भी सकते हैं।
ऐसा कब-कब करें?

अदरक के इस पानी को आप दिन में कम से कम तीन बार पिएं।

यह कैसे काम करता है?

अदरक में एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं, जो खाने से हुई समस्या को ठीक करने में मदद करते हैं। इसके अलावा, अदरक पाचन तंत्र ठीक करने में भी मदद करता है। वहीं, जब इसका इस्तेमाल शहद के साथ किया जाता है, तो इसके फायदे दोगुना हो जाते हैं (7)। शहद में एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं, जो आपको तेजी से फायदा पहुंचाते हैं। यह दोनों आपको उल्टी से भी राहत दिलाते हैं (8), (9)।

7. एसेंशियल ऑयल

सामग्री :
  • ऑरेगैनो ऑयल
  • थोड़ा-सा पानी
क्या करें?
  • थोड़े-से पानी में एक बूंद ऑरेगैनो ऑयल डालकर अच्छी तरह से मिलाएं।
  • फिर इस मिश्रण को पी लें।
ऐसा कब-कब करें?

फर्क न पड़ने तक आप इसे दिन में एक से दो बार पी सकते हैं।

यह कैसे काम करता है?

ऑरेगैनो तेल में एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं, जो फूड पॉइजनिंग जैसी समस्या में राहत दिलाते हैं (10)।

7. विटामिन-सी

vitamin C for food poisoning in Hindi Pinit

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सामग्री :
  • एक हजार एमजी विटामिन-सी के सप्लीमेंट
क्या करें?

आपको विटामिन-सी के अनुपूरक खाने होंगे।

ऐसा कब-कब करें?

जब तक आराम न मिले, आप विटामिन-सी के सप्लीमेंट्स दिन में तीन से चार बार ले सकते हैं।

यह कैसे काम करता है?

विटामिन-सी में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो आपके शरीर से बैक्टीरिया और टॉक्सिन दूर करने में मदद करते हैं (10)। यही कारण है कि विटामिन-सी फूड पॉइजनिंग होने पर काफी फायदा पहुंचाता हैं। अगर आप विटामिन-सी के सप्लीमेंट नहीं लेना चाहते, तो विटामिन-सी युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन अधिक करें।

8. केला या सेब

सामग्री :
  • एक केला
  • एक कटोरी दही
क्या करें?

आप एक कटोरी दही में केले को मैश करके मिलाएं और इसे खा लें।

ऐसा कब-कब करें?

आप दिन में दो बार केला और दही खा सकते हैं।

यह कैसे काम करता है?

केले में भरपूर मात्रा में पोटैशियम होता है। भोजन विषाक्तता के कारण होने वाले दस्त में केले और दही का मिश्रण काफी फायदा करता है। अगर आपको केला नहीं पसंद, तो आप सेब खा सकते हैं। यह हार्टबर्न और एसिड रिफ्लक्स को कम करता है और फूड पॉइजनिंग में राहत दिलाता है (11)।

9. आंवला

Gooseberry for food poisoning in Hindi Pinit

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सामग्री :

थोड़ा-सा आंवले का जूस
एक गिलास पानी

क्या करें?

आप थोड़े-से आंवले के रस को पानी में मिलाकर पी लें।

यह कैसे काम करता है?

फूड पॉइजनिंग के दौरान होने वाली जी-मिचलाने और उल्टी आने की समस्या से राहत दिलाने में आंवला आपको फायदा पहुंचा सकता है। इसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन-सी होता है। यह पेट की समस्याओं को भी दूर करता है।

10. पानी

Water for food poisoning in Hindi Pinit

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सामग्री :

पीने के लिए पानी

क्या करें?

फूड पॉइजनिंग होने पर आप भरपूर मात्रा में पानी पिएं। यह आपको हाइड्रेट रखेगा और आप में ऊर्जा भी लाएगा।

यह कैसे काम करता है?

जब फूड पॉइजनिंग में उल्टी, दस्त लगते हैं, तो शरीर में पानी की कमी होने लगती है। अगर शरीर में पानी की कमी हुई, तो समस्या और बढ़ सकती है। ऐसे में जरूरी है कि आप तरल पदार्थ का ज्यादा से ज्यादा सेवन करें। इसके अलावा, आप नारियल पानी भी पी सकते हैं।

फूड पॉइजनिंग में क्या खाना चाहिए? – Foods to Eat in Food Poisoning in Hindi

ऊपर हमने आपको फूड पॉइजनिंग के उपाय बताए, लेकिन इस दौरान आपको अपने खानपान का विशेष ध्यान रखने की भी जरूरत होती है। इसलिए, नीचे हम बता रहे हैं कि फूड पॉइजनिंग में क्या खाना चाहिए।

ज्यादा से ज्यादा तरल लें : अगर आपको विषाक्त भोजन से फूड पॉइजनिंग हो गई है, तो इस बात का ध्यान रखें कि आपके शरीर में पानी की कमी न होने पाए। इसके लिए आप ज्यादा से ज्यादा तरल चीजों का सेवन करें।

हल्का खाना खाएं : जब आपको लगे कि आपकी स्थिति में सुधार हो रहा है, तो तुरंत भारी खाना शुरू न करें। राहत मिलने के बाद आप बहुत हल्का भोजन करें। ऐसा खाना खाएं जिसे पचाना आसान हो। ऐसे में आप केला, अंडे का सफेद भाग, उबले हुए चावल व ओटमील अपने खाने में शामिल कर सकते हैं।

आइए, अब जानते हैं कि फूड पॉइजनिंग होने पर क्या नहीं खाना चाहिए।

फूड पॉइजनिंग में क्या नहीं खाना चाहिए – Foods to Avoid in Food Poisoning in Hindi

इस समस्या के दौरान और इसके बाद आपका शरीर कमजोर हो जाता है। इस स्थिति में ऐसी कोई चीज नहीं खानी चाहिए, जो आपको नुकसान पहुंचाए। नीचे हम बता रहे हैं फूड पॉइजनिंग में क्या नहीं खाना चाहिए :

  • मसालेदार भोजन का सेवन न करें।
  • अधिक फाइबरयुक्त चीजें न खाएं।
  • डेयरी उत्पाद का सेवन न करें।
  • शराब और कैफीन से दूरी बनाएं।
  • इस दौरान तली हुई चीजें भी न खाएं।
  • ऐसी चीजों से दूर रहें, जिनमें वसा की मात्रा अधिक होती है।
डॉक्टर की सलाह कब लेनी चाहिए?

फूड पॉइजनिंग के दौरान नीचे बताए गए लक्षण नजर आएं, तो डॉक्टर से संपर्क करने में देरी न करें :

  • अगर आपको बार-बार उल्टी आए।
  • आप जो भी कुछ खा रहे हैं या पी रहे हैं, उसके तुरंत बाद उल्टी हो जाए।
  • अगर आपको लगातार तीन दिन से दस्त लग रहे हैं।
  • अगर आपको पेट में बहुत तेज दर्द हो रहा है।
  • अगर आपको तेज बुखार होने लगे।

फूड पॉइजनिंग के लिए कुछ और टिप्स – Other tips for Food Poisoning in Hindi

फूड पॉइजनिंग न हो, इसके लिए आपको कुछ बातों पर विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है। नीचे हम आपको कुछ खास टिप्स दे रहे हैं, जो इस बीमारी से आपको बचाएंगे :

  • आप जब भी कुछ खाना बनाएं या खाएं, अपने हाथों को अच्छी तरह धोएं, ताकि हाथ पर मौजूद कीटाणु आपके अंदर न जा सकें।
  • फल और सब्जियों को हमेशा अच्छी तरह धोकर ही इस्तेमाल करें।
  • नॉनवेज खाना जैसे, मीट व अंडे आदि को अच्छी तरह पकाएं। कभी भी अधपका न खाएं।
  • रात का बचा हुआ खाना खाने से परहेज करें।
  • बने हुए खाने को ज्यादा देर बाहर न रखें। बनाने के दो घंटे के भीतर उसे फ्रीज में रख दें।
  • जिस जगह पर आपको संदेह हो कि वहां खाना बनाते समय साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखा गया है, ऐसी जगह पर खाने से बचें।

फूड पाइजनिंग ऐसी स्थिति है, जिसका समय रहते इलाज न किया गया, तो यह घातक साबित हो सकती है। इस स्थिति में आप यहां बताए गए किसी भी उपाय का इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर इसके बाद भी आराम नहीं आता है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। उम्मीद है इनमें से कोई न कोई फूड पाइजनिंग का उपाय आपके काम आएगा। आपने कौन-सा उपाय अपनाया, नीचे कमेंट बॉक्स में हमारे साथ शेयर जरूर करें।

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