गाजर के जूस के 13 फायदे, उपयोग और नुकसान – Carrot Juice Benefits and Side Effects in Hindi

Medically reviewed by Neha Srivastava (Nutritionist), Nutritionist
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अक्सर आपने देखा होगा कि ज्यादातर लोग सुबह-सुबह पार्क या जिम से वापस लौटने के बाद किसी-न-किसी जूस का सेवन करते हैं। वजह यही है कि सेहतमंद बने रहने में जूस अहम भूमिका निभाता है। ऐसा ही एक सेहतमंद जूस गाजर का भी है। क्या हैं स्वास्थ्य के लिए गाजर के जूस के फायदे समझने के लिए स्टाइलक्रेज के इस लेख को पढ़ें। यहां हम वैज्ञानिक तथ्यों के साथ गाजर का जूस पीने के फायदे से लेकर गाजर जूस के नुकसान बता रहे हैं। साथ ही हम गाजर के जूस का उपयोग कैसे करना चाहिए, इसकी जानकारी भी देंगे।

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सबसे पहले जानते हैं कि सेहत के लिए गाजर का जूस किस प्रकार लाभदायक है।

गाजर का जूस आपके सेहत के लिए क्यों अच्छा है?

शरीर को तरोताजा रखने के लिए गाजर का जूस फायदेमंद माना जाता है, लेकिन इसके लाभ यहीं समाप्त नहीं होते। यह कई ऐसे पोषक तत्वों से समृद्ध है, जो शरीर को स्वस्थ रखने और बीमारियों से लड़ने में मदद कर सकते हैं। यह विटामिन ए का अच्छा स्रोत है, जिसके कारण आंखों की रोशनी पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है (1)।

गाजर का जूस एंटीऑक्सीडेंट को बढ़ाकर हृदय की कार्यप्रणाली के लिए भी मददगार साबित हो सकता है (2)। साथ ही गाजर का जूस गर्भावस्था में आवश्यक वजन बढ़ाने का काम कर सकता है (3)। इसे ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए भी जाना जाता है (4)। यही नहीं, इससे शरीर हाइड्रेट भी रहता है (5)।

फायदे जानिए

लेख के इस भाग में गाजर के जूस के फायदे बताए जा रहे हैं।

गाजर के जूस के फायदे – Benefits of Carrot Juice in Hindi

गाजर के जूस में कई लाभकारी गुण होते हैं, जो स्वास्थ्य समस्याओं को दूर रखने का काम कर सकते हैं। यहां हम स्पष्ट कर दें कि गाजर का जूस किसी बीमारी का इलाज नहीं है। यह शारीरिक समस्याओं के लक्षण को दूर करने के साथ ही बीमारियों से बचाव में सहायक भूमिका निभा सकता है। चलिए, अब पढ़ते हैं गाजर के जूस के फायदे।

1. कैंसर से बचाव

गाजर का जूस पीने के फायदे कई हैं। माना जाता है कि इसके सेवन से कैंसर से बचा जा सकता है। दरअसल, गाजर में एंटी-कार्सिनोजेनिक प्रभाव होता है, जो कैंसर के जोखिम को दूर रख सकता है। साथ ही गाजर, प्रोविटामिन ए के उच्च स्रोतों में से एक है। यह रजोनिवृत्ति के बाद ब्रेस्ट कैंसर होने के खतरे को कम कर सकता है। साथ ही इससे धूम्रपान करने वालों में फेफड़ों के कैंसर का खतरा कम हो सकता है (6)। ध्यान दें कि यह एक गंभीर बीमारी है। इसके इलाज के लिए डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। घरेलू उपचार से इसका इलाज नहीं हो सकता है।

2. प्रतिरक्षा प्रणाली की मजबूती

गाजर के जूस के फायदे में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना भी शामिल है। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) द्वारा पब्लिश आर्टिकल में भी इस बात का जिक्र मिलता है। रिसर्च में बताया गया है कि मानव शरीर के लिए जरूरी सूक्ष्म पोषक तत्वों में कैरोटीनॉयड ( Carotenoid) भी शामिल है, जो गाजर में पर्याप्त मात्रा में होता है। यह कैरोटीनॉयड, रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने का काम कर सकता है (4)।

3. आंखों के लिए

आंखों के स्वास्थ्य का ख्याल रखने के लिए गाजर के जूस का सेवन किया जा सकता है। जी हां, एक वैज्ञानिक रिपोर्ट के अनुसार, गाजर का जूस शरीर में विटामिन ए की पूर्ति कर दृष्टि क्षमता को बढ़ाने का काम कर सकता है (7)। एक अन्य शोध के मुताबिक,गाजर बीटा कैरोटीन का अच्छा स्रोत है, जो आंखों की सेहत के लिए फायदेमंद होता है (8)। इस आधार पर कहा जा सकता है कि गाजर आंखों के लिए अच्छा होता है।

4. मधुमेह में राहत

गाजर के जूस का उपयोग डायबिटीज की समस्या में भी लाभकारी हो सकता है। इस संबंध में प्रकाशित एक वैज्ञानिक रिसर्च की मानें, तो गाजर के रस में एंटी डायबिटिक प्रभाव होता है। यह प्रभाव रक्त शुगर के स्तर को कम करके मधुमेह से राहत दिला सकता है (9)। गर्भावस्था के दौरान मधुमेह से बचने के लिए भी आहार में गाजर का सेवन करने की सलाह दी जाती है (10)। इस आधार पर कहा जा सकता है कि मधुमेह से राहत पाने में गाजर का रस सहायक साबित हो सकता है।

5. गर्भावस्था में लाभदायक

मां बनने से पहले गर्भावस्था में खानपान का विशेष ध्यान रखना जरूरी होता है। इस दौर में गाजर के जूस के फायदे भी होते हैं, इसलिए इसे डाइट में शामिल किया जा सकता है। बताया जाता है कि गाजर का जूस गर्भावस्था में मधुमेह से बचाव कर सकता है (10)। साथ ही इस दौरान महिला का वजन सही होना जरूरी है, इसलिए गर्भावस्था में जिनका वजन कम होता है डॉक्टर उन्हें गाजर का जूस पीने की सलाह दे सकते हैं। इसके लिए जूस में पाए जाने वाले विटामिन सी और बीटा कैरोटीन को फायदेमंद माना जाता है (3)।

6. मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए

मस्तिष्क स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए गाजर के जूस का सेवन किया जा सकता है (11)। गाजर में नियासिन विटामिन होता है। एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, सिजोफ्रेनिया रोगियों के लिए रोजाना गाजर का सेवन फायदेमंद साबित हो सकता है। सिजोफ्रेनिया में स्पष्ट रूप से सोचने और चीजें महसूस करने की क्षमता का खत्म होने लगती है (12)।

अन्य शोध के अनुसार, गाजर में ल्यूटोलिन (कंपाउंड) होता है, जो मस्तिष्क के ऊतकों में होने वाली सूजन को कम करता है। साथ ही यह न्यूरोडीजेनेरेटिव रोगों (मानसिक विकार) व न्यूरोनल सेल डेथ (मस्तिष्क की कोशिकाओं की क्षति) को नियंत्रित कर सकता है (13)। बताया जाता है कि मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए गाजर का सेवन सलाद के रूप में, सीधे कच्चा या पालक के साथ जूस बनाकर किया जा सकता है (12)।

7. उपापचय में सहायक

उपापचय (Metabolism) को सामान्य बनाए रखने के लिए गाजर के जूस के फायदे देखे जा सकते हैं। गाजर मैंगनीज का अच्छा स्रोत है, जो शरीर में एंजाइमों के साथ मिलकर कार्बोहाइड्रेट मेटाबॉलिज्म में मदद कर सकता है। इसके अलावा, गाजर में मोलिब्डेनम नामक खास तत्व होता है, जो फैट मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देने का काम कर सकता है। यही नही्ं, गाजर में मौजूद विटामिन-सी, विटामिन-के, थायमिन (बी1), राइबोफ्लेविन (बी2), पाइरिडोक्सिन (बी6) और फोलेट (बी9) भी कार्बोहाइड्रेट चयापचय में मदद कर सकते हैं (6)।

8. कोलेस्ट्रॉल

गाजर के जूस का उपयोग करके कोलेस्ट्रॉल के स्तर को संतुलित बनाए रखने में मदद मिल सकती है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध एक रिसर्च के अनुसार, रोजाना नाश्ते में गाजर का सेवन करने से 11 प्रतिशत तक सीरम कोलेस्ट्रॉल कम हो सकता है (14)। बताया जाता है कि गाजर में मौजूद कैल्शियम शरीर के कोलेस्ट्रॉल को कम करने की क्षमता प्रदर्शित करता है। यह कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने से होने वाले उच्च रक्तचाप और हृदय रोग के जोखिम को कम कर सकता है (15)।

9. ह्रदय को स्वस्थ रखने के लिए

दिल को स्वस्थ बनाए रखने के लिए भी गाजर के जूस का सेवन बेहतर होता है। एक वैज्ञानिक अध्ययन के दौरान यह पाया गया कि गाजर का रस पीने से कुल एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा में वृद्धि होती है और लिपिड पेरोक्सीडेशन (लिपिड के ऑक्सीडेटिव) में कमी आती है। इससे हृदय रोग के जोखिम को दूर कर हृदय को स्वस्थ बनाए रखने में मदद मिल सकती है (2)। हृदय स्वास्थ्य के लिए पोटैशियम भी एक अहम भूमिका निभाता है और शरीर में पोटैशियम की पूर्ति गाजर या गाजर के जूस के जरिए हो सकती है (16)।

10. पाचन में सुधार

खराब पाचन से परेशान लोगों को गाजर का जूस पीने के फायदे हो सकते हैं। एक मेडिकल रिसर्च में दिया हुआ है कि गाजर के जूस में अच्छी मात्रा में डाइटरी फाइबर होता है। शरीर में फाइबर पहुंचकर लैक्सेटिव इफेक्ट दिखता है, जो पाचन को बेहतर करने में सहायक हो सकता है। बताया जाता है कि इससे कब्ज जैसे पाचन संबंधी परेशानी से राहत मिल सकती है (17)।

11. वजन घटाने के लिए

वजन घटाने के लिए भी गाजर के जूस का इस्तेमाल किया जा सकता है। विशेषज्ञों के द्वारा किए गए एक वैज्ञानिक शोध के अनुसार, फाइबर का सेवन पेट को ज्यादा समय तक भरा रखने में मदद कर सकता है और अतिरिक्त खाने की आदत में सुधार लाकर वजन नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभा सकता है (18)।

12. त्वचा के लिए

त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने के लिए गाजर जूस का सेवन फायदेमंद हो सकता है। एक अध्ययन के अनुसार, गाजर में बीटा-कैरोटीन होता है। यह पोषक तत्व शरीर में जाने के बाद विटामिन ए में परिवर्तित हो जाता है, जो त्वचा के लिए आवश्यक होता है। इससे त्वचा के ऊतकों को रिपेयर करने और सूर्य की किरणों से सुरक्षा मिल सकती है। साथ ही यह सनबर्न को कम करने का भी काम कर सकता है। इसके अलावा, गाजर के जूस में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव स्किन ग्लो को बढ़ाने और नमी देने में मदद करते हैं (19)।

13. बालों के स्वास्थ्य के लिए

बालों से संबंधित समस्याओं से परेशान लोगों के लिए गाजर का जूस पीने के फायदे हो सकते हैं। एक शोध के मुताबिक, इसमें मौजूद विटामिन और अन्य पोषक तत्व हैं, जो बालों को मजबूत, घना और चमकदार बना सकते हैं। साथ ही गाजर के जूस का सेवन करने से बालों का झड़ना कुछ कम हो सकता है और वो स्वस्थ दिखते हैं (19)।

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गाजर जूस के फायदे के बाद लेख के इस भाग में गाजर जूस के पौष्टिक तत्वों के बारे में जानें।

गाजर के जूस का पौष्टिक तत्व – Carrot Juice Nutritional Value in Hindi

गाजर को गुणों का खजाना कहा जा सकता है, क्योंकि यह अनेक पोषक तत्वों से समृद्ध होता है। इन पोषक तत्वों के बारे में हम नीचे एक टेबल के माध्यम से बता रहे हैं (20):

पोषक तत्वमात्रा प्रति 100 ग्राम
जल88.87g
ऊर्जा40kcal
प्रोटीन0.95g
कुल लिपिड(वसा)0.15g
कार्बोहाइड्रेट9.28g
फाइबर, कुल डाइटरी0.8g
शुगर, कुल3.91g
कैल्शियम24mg
आयरन0.46mg
मैग्नीशियम14mg
फास्फोरस42mg
पोटैशियम292mg
सोडियम66mg
जिंक0.18mg
विटामिन सी, कुल एस्कॉर्बिक एसिड8.5mg
थायमिन0.092mg
राइबोफ्लेविन0.055mg
नियासिन0.386mg
विटामिन बी-60.217mg
फोलेट, डीएफई4μg
विटामिन ए, आरएई956μg
विटामिन ई (अल्फा-टोकोफेरॉल)1.16mg
विटामिन के15.5μg
फैटीएसिड, टोटल सैचुरेटेड0.027g
फैटी एसिड, टोटल मोनोअनसैचुरेटेड0.007g
फैटी एसिड, टोटल पॉलीअनसैचुरेटेड0.071g

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अब गाजर का जूस बनाने के तरीके पर एक नजर डाल लेते हैं।

घर में गाजर का जूस बनाने का तरीका

गाजर का जूस बनाना बहुत ही आसान है, इसे हर कोई घर में आसानी से बना सकता है। इसके लिए निम्न बिन्दुओं का पालन करें।

सामाग्री :

  • 2-3 माध्यम आकार का गाजर
  • एक कप पानी

कैसे बनाएं गाजर का जूस :

  • सबसे पहले गाजर को पानी से अच्छी तरह धो लें।
  • अब गाजर को एक प्लेट में लेकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काटें और इसे जूसर में डाल दें।
  • फिर इसमें एक छोटा कप पानी मिला लें।
  • अब इसे ग्राइंड करें या जूसर में डालें।
  • जब गाजर अच्छे से पीसकर जूस जैसा बन जाए, तो इसे एक बर्तन में निकाल लें।
  • अब इसे छन्नी से छान कर इसका सेवन करें।

आगे और जानकारी है

लेख के इस भाग में हम गाजर के जूस का उपयोग करने के तरीके के बारे में बता रहे हैं।

गाजर के जूस का उपयोग – How to Use Carrot Juice in Hindi

गाजर के जूस का उपयोग कई तरीकों से किया जा सकता है, जो कुछ इस प्रकार है।

कैसे करें सेवन:

  • सुबह सामान्य तरीके से जूस के रूप में पी सकते हैं।
  • गाजर के जूस को सूप में भी मिक्स किया जा सकता है।
  • कस्टर्ड बनाते समय गाजर जूस का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • गाजर का जूस डालकर मफिन बनाकर खाएं।
  • जाफरानी पुलाव बनाने में गाजर के जूस का उपयोग हो सकता है।
  • गाजर के रस और पल्प से क्रैकर्स बना सकते हैं।
  • गाजर का जूस डालकर कैरेट ब्रेड या केक भी बनता है।

कब करें सेवन:

  • दिन की शुरुआत गाजर के जूस से कर सकते हैं। ध्यान रहे कि हमेशा ताजा गाजर का जूस ही पीना चाहिए।
  • दोपहर के खाने के साथ गाजर के जूस का सूप ले सकते हैं।
  • इसे शाम में सूप के रूप या केक के रूप में भी लिया जा सकता है।
  • रात में खाने के दौरान इसे कस्टर्ड रूप में परोसा जा सकता है।

कितना करें सेवन: गाजर जूस का सेवन करीब आधा से एक गिलास तक किया जा सकता है। यह मात्रा उम्र और शारीरिक स्थिति के आधार पर कम या ज्यादा हो सकती है, इसलिए गाजर के जूस की सही मात्रा जानने के लिए डायटीशियन से संपर्क करें।

लेख अंत तक पढ़ें

कुछ स्थिति में गाजर के जूस के नुकसान भी हो सकते हैं, जिसकी जानकारी इस भाग में दी जा रही है।

गाजर के जूस के नुकसान – Side Effects of Carrot Juice in Hindi

  • गाजर का जूस पीने के फायदे जिस तरह होते है, उसी तरह गाजर के जूस के नुकसान भी हो सकते हैं। इससे जुड़े कुछ संभावित नुकसान की सूची में ये शामिल हैं।
  • प्रिजर्व करके रखे गए गाजर के जूस से बोटुलिज्म (Botulism) नामक पॉइजनिंग बीमारी हो सकती है, जो क्लोस्ट्रीडियम बोटुलिनम (Clostridium botulinum) बैक्टीरिया के डिब्बाबंद जूस में पनप सकते हैं (21)।
  • गाजर के जूस से कुछ संवेदनशील लोगों को एलर्जी की समस्या हो सकती है (22)।
  • गाजर के जूस का अधिक सेवन करने से इसमें मौजूद कैरोटीन के कारण त्वचा का रंग पीला पड़ सकता है (23)।

बेशक, स्वस्थ रहने के लिए गाजर के जूस फायदेमंद होता है, लेकिन इसका सेवन अत्यधिक मात्रा में बिल्कुल न करें। इससे गाजर के जूस के नुकसान हो सकते हैं। साथ ही इस बात पर भी गौर करें कि गाजर के जूस के फायदे पाने के लिए जीवनशैली में संतुलित आहार और शारीरिक गतिविधि को शामिल करना भी जरूरी है। इससे फिट रहने में मदद मिलेगी। हम आशा करते हैं कि इस लेख से आपको कई जरूरी जानकारियां मिली होंगी। ऐसे ही अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़े रहिए स्टाइलक्रेज के साथ।

इस लेख के अंतिम भाग में हम गाजर जूस से जुड़े कुछ सवालों के जवाब दे रहे हैं।

अक्सर पूछे गए सवाल

क्या हम गाजर का रस खाली पेट पी सकते हैं?

जी हां, यह पौष्टिक होता है, इसलिए खाली पेट गाजर का जूस पी सकते हैं।

क्या गाजर का रस रोजाना पीना सुरक्षित है?

हां, सीमित मात्रा में और सीमित समय तक रोजाना गाजर का जूस पीना सुरक्षित होता है।

गाजर और गाजर का रस, इनमें से कौनसा बेहतर है?

गाजर और इसका जूस दोनों ही बेहतर होते हैं। हाइड्रेट रहने के लिए गाजर का रस यानी गाजर जूस बेहतर हो सकता है।

क्या गाजर का रस रंग में सुधार करता है?

जी हां, गाजर का रस त्वचा को ग्लोइंग और सनटैन को दूर कर स्किन टोन को इवन यानी एक सार बना सकता है (19)।

क्या गाजर का रस लिवर के लिए अच्छा है?

जी हां, गाजर के जूस का उपयोग लिवर के लिए अच्छा होता है (9)।

Sources

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भूपेंद्र वर्मा ने सेंट थॉमस कॉलेज से बीजेएमसी और एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी से एमजेएमसी किया है। भूपेंद्र को लेखक के तौर पर फ्रीलांसिंग में काम करते 2 साल हो गए हैं। इनकी लिखी हुई कविताएं, गाने और रैप हर किसी को पसंद आते हैं। यह अपने लेखन और रैप करने के अनोखे स्टाइल की वजह से जाने जाते हैं। इन्होंने कुछ डॉक्यूमेंट्री फिल्म की स्टोरी और डायलॉग्स भी लिखे हैं। इन्हें संगीत सुनना, फिल्में देखना और घूमना पसंद है।

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