गले में कुछ अटका हो, तो क्या करें : Something Stuck In Throat Feeling (Globus pharyngeus)

Written by , (शिक्षा- बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मीडिया कम्युनिकेशन)

आमतौर पर मौसम बदलने के साथ लोगों को गले में खराश की शिकायत होती है। वहीं, कई बार ऐसा भी होता है जब गले में कुछ अटका हुआ महसूस होता है। इस वजह से लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसा क्यों होता है, इस बारे में ही बताने के लिए हम स्टाइलक्रेज का यह लेख लेकर आए हैं। यहां हम गले में अटका हुआ लगने के घरेलू उपाय भी बताएंगे। तो आइये, जानते हैं कि गले में कुछ अटका हुआ लगना क्या है और इससे राहत पाने के लिए क्या-क्या उपाय किए जा सकते हैं।

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सबसे जानिए, गले में कुछ अटका हुआ महसूस होना क्या है और यह कितना सामान्य है।

गले में कुछ अटका हुआ महसूस होना कितना सामान्य है – How Common is Globus hystericus (Something in the throat)

ग्लोबस हिस्ट्रिक्स (Globus hystericus) एक ऐसी स्थिति है जिसमें गले में कुछ अटका हुआ महसूस होता है। यह एक सामान्य स्थिति मानी जा सकती है, जिसके पीछे 3 से 4 प्रतिशत तक आंख, कान और नाक से संबंधित परेशानियों को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में बताया गया है कि गले मे कुछ अटका हुआ लगने की समस्या पुरुषों और महिलाओं में समान रूप देखी जा सकती है।

अगर इससे संबंधित आंकड़ों की बात करें, तो यह समस्या मध्यम आयु के लगभग 46 प्रतिशत स्वस्थ लोगों में देखी जा सकती है। लगभग 2500 साल पहले पहली बार हिप्पोक्रेट्स द्वारा इस समस्या के बारे में जानकारी दी गई थी। शुरुआत में इस समस्या का नाम ग्लोबस हिस्ट्रिक्स रखा गया था, क्योंकि इसका जुड़ाव रजोनिवृत्ति या मनोवैज्ञानिक कारकों से ज्यादा देखा गया था। वहीं, 1968 के बाद इसका नाम बदलकर ग्लोबस फैरिन्जीयस (globus pharyngeus) कर दिया गया (1)

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लेख के इस हिस्से में गले में कुछ अटका हुआ लगना के कारण बताने वाले हैं।

गले में अटका हुआ लगने का कारण

तनाव या चिंता के कारण कुछ लोगों को गले में कुछ अटका अटका सा लगना महसूस हो सकता है या फिर गले में जकड़न महसूस हो सकती है। इसका खाने के साथ कोई संबंध नहीं बताया गया है। इसके कुछ अन्य कारण हो सकते हैं, जो इस प्रकार हैं (2) (3) :

  • क्रिकोफैरेनजीज ऐंठन (cricopharyngeal spasm – गले की मांशपेशियों में होने वाली एक प्रकार की ऐंठन)
  • लिंगुअल टॉन्सिल (lingual tonsil – जीभ से जुड़ा टॉन्सिल)
  • सर्वाइकल ऑस्टियोफाइटोसिस (cervical osteophytosis – गर्दन के पास हड्डी का बढ़ना)
  • हायेटस हर्निया (hiatus hernia – ऐसी स्थिति जिसमें पेट का ऊपरी हिस्सा डायाफ्राम के जरिए छाती तक पहुंच जाता है)
  • गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स (gastroesophageal reflux – ऐसी समस्या जिसमें पेट में मौजूद सामग्री वापस भोजन नली में आ जाती है)
  • साइनसाइटिस (sinusitis – नासिका मार्ग के आसपास की गुहाओं में सूजन)
  • पोस्ट नसल ड्रिप (post-nasal drip – नाक का बलगम जो गले में जम जाता है, जिससे खांसी होती है)
  • गोइटर या घेंघा की समस्या
  • फॉरेन बॉडी – (foreign body – कुछ ऐसी चीज जो शरीर के अंदर अटकी हुई है जिसे वहां नहीं होना चाहिए)
  • चिंता के कारण
  • संक्रमण के कारण

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अब हम गले में कुछ अटका हुआ फील होना के निम्नलिखित संकेतों की चर्चा करेंगे।

गले में अटका हुआ लगने के लक्षण

गले में कुछ अटका हुआ महसूस होने के निम्नलिखित लक्षण हो सकते हैं, जो इस प्रकार हैं (1) :

  • गले को साफ करने के लिए खांसी होना
  • गले के नीचे के भाग में बलगम का जमाव
  • गले में बेचैनी या जलन महसूस होना
  • कुछ निगलने की इच्छा होना
  • निगलने में दिक्कत महसूस होना
  • असहजता महसूस होना

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चलिए, अब जरा गले में अटका हुआ लगने के घरेलू उपाय के बारे में भी जान लीजिए।

गले में अटका हुआ लगने के घरेलू उपाय – Gale Me Atka Sa Lagne Ka Gharelu Upay

यहां हम गले में कुछ अटका हुआ महसूस होने की समस्या से बचाव के लिए कुछ घरेलू नुस्खों के बारे में बता रहे हैं। साथ ही हम यह भी स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि यहां बताए गए घरेलू उपाय गले में कुछ अटका हुआ लगने के लक्षणों को कम कर सकता है। इन उपायों को इसका इलाज समझने की भूल न करें। अब पढ़ें गले में कुछ अटका अटका सा लगने के घरेलू उपाय :

1. नमक

सामग्री :

  • नमक – आधा चम्मच
  • पानी – एक गिलास

उपयोग करने का तरीका :

  • सबसे पहले पानी को गुनगुना कर लें।
  • इसके बाद इसमें नमक मिलाएं।
  • फिर इससे गरारे करें।
  • इस प्रक्रिया को तीन से चार बार कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद :

गले से संबंधित परेशानियों के लिए नमक पानी से गरारे करना सबसे उपयोगी माना गया है। बताया जाता है कि नमक पानी साइनस की समस्या के लिए लाभकारी माना जा सकता है। इसके अलावा, नमक से गरारे करने से गले के दर्द, गले में सूजन, सूखी खांसी और टॉन्सिल से भी राहत मिल सकती है (4)। वहीं, जैसा कि हमने लेख में बताया कि गले मे कुछ अटका हुआ लगने के पीछे का कारण साइनस या टॉन्सिल हो सकता है (2)

इसके अलावा, नमक में एंटीमाइक्रोबियल प्रभाव भी मौजूद होता है, जो बैक्टीरिया को पनपने से रोकने में मदद कर सकता है (5)। इस आधार पर भी नमक गले में कुछ अटका हुआ महसूस होने पर मददगार साबित हो सकता है, क्योंकि कभी-कभी संक्रमण के कारण अन्नप्रणाली में हुए घाव की समस्या की वजह से गले में कुछ अटका हुआ महसूस हो सकता है (3)

2. शहद

समाग्री :

  • शहद- दो चम्मच
  • नींबू का रस – आधा चम्मच
  • पानी – एक गिलास

उपयोग करने का तरीका :

  • सबसे पहले पानी को गुनगुना कर लें।
  • इसके बाद इसमें शहद और नींबू का रस मिला दें।
  • फिर इसका सेवन करें।
  • इसका सेवन सुबह-शाम किया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद :

शहद एक ऐसा घरेलू नुस्खा है, जो आसानी से उपलब्ध हो जाता है। इस पर हुए शोध बताते हैं कि शहद में एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजन को कम करने वाला), एंटी-इंफेक्टिव (संक्रमण को फैलने से रोकने वाला) गुण मौजूद होते हैं। यही वजह है कि शहद का उपयोग गले से जुड़ी समस्याओं के इलाज के लिए बेहद कारगर माना जा सकता है (6)। बता दें कि सूजन या संक्रमण के कारण घाव की समस्या होने पर भी गले में कुछ अटका हुआ फील हो सकता है (3)

3. दूध और हल्दी

सामग्री :

  • आधा चम्मच हल्दी पाउडर
  • एक गिलास दूध

उपयोग करने का तरीका :

  • दूध में हल्दी पाउडर मिलाकर उसे तकरीबन 5 मिनट तक उबालें।
  • इसके बाद इसे एक गिलास में छान लें और इसका सेवन करें।
  • दिन भर में एक बार इसका सेवन कर सकते हैं।

कैसे है फायदेमंद :

गले में कुछ अटका हुआ महसूस होने पर हल्दी दूध का सेवन करना भी आरामदायक हो सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध में बताया गया है कि करक्यूमिन (हल्दी का मुख्य तत्व) में एंटी माइक्रोबियल (बैक्टीरिया से बचाने वाला) और एंटी इंफ्लामेटरी (सूजन को कम करने वाला) गुण मौजूद होते हैं। वहीं, यह कैंसर से बचाव में भी कुछ हद तक मददगार हो सकती है (7)। वहीं, दूध का इस्तेमाल भी कैंसर के जोखिम को कुछ हद तक कम करने में सहायक हो सकता है (8)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि हल्दी के साथ दूध का उपयोग गले में अटका हुआ लगने पर कुछ हद तक मददगार साबित हो सकता है। हालांकि, इस विषय पर सीधे तौर पर इसके फायदों की जानकारी के लिए अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

4. हॉट ड्रिंक

सामग्री :

  • ग्रीन टी पाउडर – आधा चम्मच
  • पानी – एक कप
  • शहद – एक छोटा चम्मच

उपयोग का तरीका :

  • सबसे पहले पानी को एक बर्तन में डालकर गैस पर चढ़ा दें।
  • अब इसमें ग्रीन टी पाउडर मिलाएं। जब दोनों मिश्रण आपस में अच्छे से मिल जाएं, तो इसमें शहद भी डालें।
  • फिर इसे एक कप में छान लें और धीरे-धीरे कर के पीएं।
  • हॉट ड्रिंक के तौर पर ग्रीन टी का इस्तेमाल दिन में एक बार किया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद :

जैसा कि हमने लेख में बताया कि संक्रमण के कारण भी गले में कुछ अटका हुआ महसूस हो सकता है। ऐसे में हॉट ड्रिंक के तौर ग्रीन टी का इस्तेमाल करना बेहद लाभकारी साबित हो सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के मुताबिक, ग्रीन टी एंटी माइक्रोबियल प्रभाव प्रदर्शित कर सकता है, जो बैक्टीरिया या फंगस के कारण होने वाले संक्रमण के जोखिम को कम करने में कुछ हद तक मददगार हो सकता है (9)। ऐसे में हम कह सकते हैं कि ग्रीन टी का उपयोग संक्रमण की वजह से गले में कुछ अटका हुआ महसूस होने की समस्या में राहत दिलाने का काम कर सकता है। फिलहाल, इस विषय में अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

5. बेकिंग सोडा

सामग्री :

  • गुनगुना पानी – एक गिलास
  • बेकिंग सोडा – एक छोटा चम्मच

उपयोग करने का तरीका :

  • सबसे पहले एक गिलास गुनगुने पानी में बेकिंग सोडा अच्छे से मिला लें।
  • इसके बाद इसे गरारे करें।
  • एक दिन में दो बार इस प्रक्रिया को किया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद :

बेकिंग सोडा का इस्तेमाल भी गले में कुछ अटका हुआ लगने की समस्या से कुछ हद तक आराम दिला सकता है। दरअसल, गले में कुछ अटका-सा लगने का एक कारण गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स को भी माना गया है (2)। इस समस्या में पेट में मौजूद खाद्य सामग्री वापस खाद्य नली में आ जाती है, जिससे सीने में जलन होने लगती है (10)। वहीं, बेकिंग सोडा जिसे सोडियम बाइकार्बोनेट भी कहा जाता है, एक एंटासिड (Antacid – एसिडिटी से राहत दिलाने वाला) है, जिसका उपयोग हार्ट बर्न यानी सीने में जलन की समस्या को दूर करने के लिए किया जा सकता है (11)। ऐसे में यह माना जा सकता है कि बेकिंग सोडा, गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स की समस्या को कम कर गले में कुछ अटका अटका सा लगने पर लाभकारी साबित हो सकता है।

6. तुलसी

सामग्री :

  • तुलसी की पत्तियां- 4 से 5
  • पानी – एक गिलास

उपयोग का तरीका :

  • सबसे पहले एक बर्तन में तुलसी की पत्तियों को पानी में डालकर उबाल लें।
  • इसके बाद इसे एक गिलास में निकाल लें और थोड़ी देर ठंडा होने के लिए छोड़ दें।
  • जब यह हल्का ठंडा हो जाए, तो इसका सेवन करें।
  • दिन में एक बार इसका सेवन किया जा सकता है।

कैसे फायदेमंद है :

गले मे कुछ अटका हुआ लगने पर तुलसी के पत्ता का इस्तेमाल भी लाभकारी साबित हो सकता है। दरअसल, तुलसी की पत्तियां एंटीबैक्टीरियल गुणों (बैक्टीरिया से बचाने वाला) के साथ-साथ एंटी इंफ्लामेटरी गुणों (सूजन को कम करने वाला) से भी समृद्ध होती हैं (12)। इसके ये दोनों गुण गले को सूजन और संक्रमण दोनों से बचाने में मददगार साबित हो सकते हैं। यही नहीं, एक शोध में तो यह भी बताया गया है कि तुलसी की पत्तियों को उबालकर पीने से गले में खराश और खांसी की समस्या को दूर किया जा सकता है (13)। वहीं, गले में कुछ अटका हुआ लगने के लक्षणों में खांसी होना भी शामिल है (1)। इस आधार हम यह कह सकते हैं कि तुलसी की पत्तियां गले में कुछ अटका हुआ लगने की समस्या से में कुछ हद तक राहत दिलाने में मददगार साबित हो सकती हैं।

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गले में अटका हुआ लगने के घरेलू उपाय जानने के बाद इसकी जटिलताएं भी जान लीजिए।

संबंधित स्थितियां (जटिलताएं) – Similar and related conditions (Complications)

गले में कुछ अटका हुआ महसूस होने से जुड़ी जटिलताओं से संबंधित सटीक वैज्ञानिक शोध का अभाव है। हालांकि, इसे गंभीर समस्या नहीं माना गया है। इसके होने पर निगलने में दिक्कत, जलन व असहजता जैसी समस्याएं हो सकती हैं। वहीं, सही डॉक्टरी उपचार कराने पर यह समस्या जल्दी ठीक हो सकती है। हालांकि, इसके होने के पीछे लेख में बताए गए कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं, इसलिए यह समस्या ज्यादा समय तक बनी रहे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

अभी बाकी है जानकारी

लेख के अंत में जानें इस समस्या के लिए डॉक्टर से कब मिलना चाहिए।

डॉक्टर को कब दिखाएंं – When to see a doctor

गले में कुछ अटका हुआ फील होने के साथ निम्नलिखित स्थितियों के सामने आने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, हालांकि इससे जुड़े सटीक वैज्ञानिक शोध का अभाव है। पढ़ें नीचे :

  • निगलने की समस्या बढ़ती जा रही हो।
  • खांसी बहुत अधिक बढ़ रही हो।
  • या इसके साथ गले से जुड़ी या अन्य कोई और समस्या हो रही हो।

गले मे कुछ अटका हुआ लगना एक सामान्य स्थिति मानी जा सकती है। इस लेख में हमने गले में अटका सा महसूस होने के कारण और लक्षणों को बताने के साथ-साथ गले में कुछ अटका हुआ फील होना से बचाव के लिए घरेलू नुस्खों के बारे में भी बताया है। जिसकी मदद से कुछ हद तक इस समस्या से बचाव किया जा सकता है। वहीं, लेख में उन संकेतों के बारे में भी जानकारी दी गई है, जिसके दिखने पर बिना देर किए डॉक्टर के पास जाना चाहिए। अब हम उम्मीद करते हैं कि यह लेख आपके लिए मददगार साबित रहा होगा। वहीं,स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ी अन्य जानकारियों के लिए आप स्टाइलक्रेज के दूसरे लेख भी पढ़ सकते हैं।

Sources

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  1. Globus Pharyngeus: A Symptom of Increased Thyroid or Laryngopharyngeal Reflux?
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6400352/
  2. Globus pharyngeus: an update for general practice
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4582871/
  3. Globus Pharyngeus – The Total Burden at a Tertiary Hospital in Gangtok, East Sikkim, North East India
    https://jebmh.com/assets/data_pdf/Tshring_Dolkar–Issue_14–Mamatha–Rathna.pdf
  4. Halite; The Rock Salt: Enormous Health Benefits
    https://saltcavenz.co.nz/assets/public/images/uploaded/1601542011/dhrubo-jyoti-sen-halite-the-rock-salt-enormous-health-benefits-2016.pdf
  5. Antimicrobial properties of salt (NaCl) used for the preservation of natural casings
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/16943065/
  6. Role of honey as adjuvant therapy in patients with sore throat
    https://www.researchgate.net/publication/312104274_Role_of_honey_as_adjuvant_therapy_in_patients_with_sore_throat
  7. Curcumin: A Potent Protectant against Esophageal and Gastric Disorders
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6471759/
  8. Milk and dairy products: good or bad for human health? An assessment of the totality of scientific evidence
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5122229/
  9. The antimicrobial possibilities of green tea
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4138486/
  10. GERD
    https://medlineplus.gov/gerd.html
  11. Sodium Bicarbonate
    https://medlineplus.gov/druginfo/meds/a682001.html
  12. Evaluation of holy basil mouthwash as an adjunctive plaque control agent in a four day plaque regrowth model
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4312674/
  13. Pharmacological Actions of Ocimum sanctum– Review Article
    http://www.ijapbc.com/files/27-1332.pdf
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सरल जैन ने श्री रामानन्दाचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, राजस्थान से संस्कृत और जैन दर्शन में बीए और डॉ. सी. वी. रमन... more

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