गंजेपन के कारण, लक्षण और घरेलू इलाज – 12 Home Remedies for Baldness in Hindi

Written by

आज हर किसी के लिए गंजापन एक बड़ी समस्या बन गई है। खासकर, युवाओं में बालों का झड़ना और गंजेपन का शिकार होना अहम सिर दर्द हो सकता है। इस वजह से लोग अपनी उम्र से अधिक बड़े दिखने लगते हैं। इससे बचने के लिए अधिकतर लोग बिना सोचे-समझे बाल उगाने का इलाज और गंजेपन का घरेलू इलाज शुरू कर देते हैं। इस कारण लाख कोशिशों के बावजूद कोई लाभ हासिल नहीं हो पाता है। यही वजह है कि स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम वैज्ञानिक प्रमाण के साथ गंजेपन के कारण और बाल उगाने के उपाय बताने जा रहे हैं। साथ ही यहां हम उन घरेलू उपायों का प्रभावी लाभ हासिल करने के लिए उन्हें इस्तेमाल करने का सही तरीका भी समझाएंगे।

पढ़ते रहें लेख

तो आइए लेख में आगे बढ़कर सबसे पहले हम गंजापन क्या है, यह समझ लेते हैं।

गंजापन क्या है?

प्रतिदिन करीब 100 बालों का गिरना एक सामान्य प्रक्रिया है। प्रतिदिन गिरने वाले यह बाल अपने आप ही वापस निकल आते हैं। वहीं जब बालों के गिरने की संख्या इससे अधिक हो जाती है और गिरे हुए बाल वापस नहीं आ पाते हैं, तो इसे ही गंजापन कहा जाता है। सामान्य से अधिक बालों के गिरने की इस स्थिति के कई कारण हो सकते हैं (1)। इन कारणों के बारे में हम लेख में आगे विस्तार से जानेंगे।

नीचे स्क्रॉल करें

गंजापन क्या है, समझने के बाद आइए अब हम गंजेपन के प्रकार के विषय में जान लेते हैं।

गंजेपन के प्रकार – Types of Baldness in Hindi

व्यक्ति की उम्र और लिंग के अनुसार गंजेपन के प्रकार को निर्धारित किया जा सकता है। आइए, जानते हैं कि गंजेपन के कितने प्रकार होते हैं :

पुरुषों में गंजापन : पुरुषों में गंजापन होने के लिए मुख्य रूप से जींस (आनुवंशिक लक्षणों को बढ़ाने वाले इकाई) और मेल सेक्स हार्मोंस को जिम्मेदार माना जाता है (2)। पुरुषों में होने वाला यह गंजापन अंग्रेजी के अक्षर एल, एम, यू और सी की आकृति में नजर आ सकता है। यानी अंग्रेजी के इन अक्षरों की आकृति बनाते हुए पुरुषों में बाल झड़ने की स्थिति देखी जा सकती है (3)।

महिलाओं में गंजापन : महिलाओं में गंजापन होने की स्थिति में स्कैल्प के अगले हिस्से के बाल झड़ते हैं, जो क्राउन का आकर बनाते हुए पूरे सिर को प्रभावित करते हैं (4)। महिलाओं में गंजापन की स्थिति पनपने के लिए बढ़ती उम्र, एंड्रोजन हार्मोन की अधिकता, आनुवंशिक इतिहास, मासिक चक्र के दौरान अधिक रक्त स्त्राव और गर्भनिरोधक गोलियों को जिम्मेदार माना जाता है (5)।

एलोपेसिया एरियाटा : गंजापन के इस प्रकार में मुख्य रूप से स्कैल्प पर गोलाकार आकृति बनाते हुए बाल झाड़ते हैं। इसके लिए ऑटोइम्यून (प्रतिरोधक प्रणाली का शरीर की स्वस्थ कोशिकाओं को नष्ट करना) स्थिति को जिम्मेदार माना जाता है (6)।

टॉक्सिक एलोपेसिया : गंजापन का यह प्रकार मुख्य रूप से कुछ विषैले पदार्थों के सेवन के कारण देखने को मिल सकता है। इस तरह के गंजापन के लिए जिम्मेदार माने जाने वाले विषैले पदार्थों में थालियम, मर्करी, सेलेनियम और बोरिक एसिड जैसे कुछ नाम शामिल हैं (7)।

ट्रिकोटिलोमेनिया (बाल खींचना) : बालों को खींचने से भी गंजेपन का शिकार होना पड़ सकता है। यह मानसिक समस्या है, जिसमें लोगों में तनाव के कारण बाल खींचने की आदत देखी जाती है (8)।

स्कारिंग या सिकाट्रिकियल एलोपेसिया : गंजेपन का यह प्रकार बाल झड़ने के के कई संयुक्त कारणों के होने की वजह से देखने को मिल सकता है। इस प्रकार के गंजेपन में एक बार बाल जाने के बाद वापस नहीं निकलते हैं। वहीं कुछ स्थितियों जैसे :- जलने, मेटास्टैटिक कैंसर (कैंसर का एक विशेष प्रकार जो शरीर के अन्य हिस्सों में फैल सकता है), ट्रॉमा या रेडिएशन की वजह से भी गंजेपन का यह प्रकार देखने को मिल सकता है (9)।

आगे पढ़ें लेख

अब यहां हम गंजेपन के लक्षणों के बारे में जानेंगे।

गंजेपन के लक्षण – Symptoms of Baldness in Hindi

बालों के झड़ने या गंजेपन के लक्षण महिलाओं और पुरुषों में अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए यहां हम महिला और पुरुष के आधार पर दिखने वाले लक्षणों को अलग-अलग बताने जा रहे हैं।

1. महिलाओं में गंजेपन के लक्षण

महिलाओं में गंजेपन के लक्षण कुछ इस प्रकार देखें को मिल सकते हैं (5):

  • स्कैल्प के बीच में बालों का पतलापन, जो धीरे-धीरे पूरे सिर में नजर आने लगता है।
  • सिर की मांग को छोड़कर पूरे सिर के बालों में कमी का दिखना।
  • समय के साथ पुरुषों की तरह गंजापन दिखाई देना।
  • एंड्रोजन हार्मोन के बढ़ने की स्थिति में सिर के बालों का पतला होना और चेहरे पर दिखने वाले बालों का मजबूत और घना होना।

2. पुरुषों में गंजेपन के लक्षण

पुरुषों में गंजेपन के लक्षण कुछ इस प्रकार देखें को मिल सकते हैं (2):

  • सिर पर बनने वाली मांग से बालों के झड़ने की शुरुआत होना।
  • धीरे-धीरे बाल अधिक झड़ने पर स्कैल्प पर अंग्रेजी के एम (M) आकर की आकृति का नजर आना।
  • बालों का अधिक पतला और छोटा होना।
  • झड़ते बालों के कारण स्कैल्प पर अंग्रेजी के यू (U) आकार आकृति दिखाई देना।

3. महिलाओं और पुरुषों में दिखने वाले गंजेपन के समान लक्षण

महिलाओं और पुरुषों में कुछ लक्षण सामान रूप से दिखाई दे सकते हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं :

  • कंघी करते या बालों को धोते समय अधिक बालों का टूटना या हाथ में आना
  • पूरे शरीर के बालों का झड़ना
  • बालों का टूटना

और भी है बहुत कुछ

अगले भाग में अब हम गंजेपन के कारण क्या-क्या हो सकते हैं, यह बताएंगे।

गंजेपन होने का कारण – Causes of Baldness in Hindi

निम्न बिन्दुओं के माध्यम से हम गंजेपन के कुछ सामन्य कारणों के बारे में जान सकते हैं (10):

  • बढ़ती हुई उम्र। क्योंकि एक उम्र के बाद बालों का झड़ना सबसे आम कारण हो सकता है।
  • हार्मोनल असंतुलन के कारण भी बाल झड़ सकते हैं।
  • सिर पर चोट लगने की वजह से भी बाल झड़ सकते हैं, जो गंजेपन के कारण बन सकते हैं।
  • सिर पर दाद के होने से भी गंजेपन को बढ़ावा मिल सकता है।
  • शरीर में आयरन की कमी बालों के झड़ने को बढ़ावा दे सकती है।
  • आहार में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन न होने से भी गंजेपन को आमंत्रण मिल सकता है।
  • अगर परिवार में कोई गंजेपन का शिकार हुआ है, तो यह समस्या आने वाली पीढ़ी के किसी भी शख्स को हो सकती है।
  • कोई बीमारी भी बालों के झड़ने का कारण बन सकती है।
  • रसायन चिकित्सा में उपयोग की जाने वाली दवाइयां भी गंजेपन का कारण बन सकती हैं।

लेख में आगे बढ़ें

इस लेख के आगे के भाग में हम गंजेपन का इलाज और नये बाल उगाने के उपाय की जानकारी देंगे।

गंजेपन कम करने के लिए घरेलू उपाय – Home Remedies To Cure Baldness in Hindi

बाल झड़ने और गंजेपन की परेशानी को दूर किया जा सकता है। यहां हम बालों के झड़ने को रोकने के लिए घरेलू उपाय की जानकारी दे रहे हैं, जो सहायक साबित हो सकती है।

1. गंजापन ठीक करने के लिए तेल

बाल उगाने के उपाय के लिए तेलों की मुख्य भूमिका हो सकती हैं। तेलों में मौजूद पोषक तत्व बालों में अवशोषित होकर बालों के झड़ने की समस्या से निजात दिला सकते हैं। जिसके लिए निम्न तेलों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

क) अरंडी का तेल

सामग्री :

  • 2 से 3 चम्मच अरंडी का तेल
  • 2 चम्मच नारियल तेल

कैसे करें इस्तेमाल :

  • दोनों तेलों को मिलाकर हल्का गर्म करें और फिर इसे सिर के स्कैल्प पर लगाएं।
  • इसे रात भर लगा रहने दें।
  • सुबह होने पर बालों को शैम्पू से धो लें।
  • इस प्रक्रिया को हफ्ते में तीन से चार बार तक इस्तेमाल किया जा सकता है।

कैसे है लाभदायक :

बाल उगाने के घरेलू उपाय में अरंडी के तेल के फायदे अहम भूमिका निभा सकते हैं। अरंडी के तेल से सिर के स्कैल्प की बार-बार मालिश करने पर सिर में रक्त का संचार बढ़ता है। अरंडी के तेल में ओमेगा-6 एसेंशियल फैटी एसिड होता है, जो बालों को जड़ों से मजबूत बना सकता है। साथ ही यह स्कैल्प को पोषण प्रदान करता है और डेंड्रफ को कम करने में भी मदद कर सकता है, जिससे बालों को विकसित होने में मदद मिल सकती है (11)।

ख) नारियल तेल

सामग्री :

  • 2 से 3 चम्मच नारियल तेल

कैसे करें इस्तेमाल :

  • कुछ सेकंड के लिए तेल को गर्म करें और हल्के हाथों से इससे सिर की मालिश करें।
  • 4-5 घंटे बाद सिर को धो लें। इसे रात को सोने से पहले भी लगा सकते हैं।
  • इसे हफ्ते में तीन से चार बार तक लगाने के लिए उपयोग किया जा सकता है।

कैसे है लाभदायक :

नये बाल उगाने के उपाय के लिए नारियल के तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है। दरअसल, नारियल तेल सीधे तौर पर बाल झड़ने की समस्या से राहत पाने में मादगार हो सकता है। इस बात को नारियल से संबंधित एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) के एक शोध में स्पष्ट रूप से स्वीकार किया गया है (12)। इसके अलावा नारियल तेल बालों को पोषण प्रदान कर उनके विकास को बढ़ावा देने का भी काम कर सकता है। साथ ही स्कैल्प से जुड़ी डैंड्रफ की समस्या के उपाय के तौर पर भी यह लाभकारी हो सकता है (13)।

ग) कद्दू के बीज का तेल

सामग्री :

  • 1 चम्मच कद्दू के बीज का तेल
  • 1 बड़ा चम्मच जैतून का तेल

कैसे करें इस्तेमाल :

  • दोनों तेलों को मिलाकर सिर की त्वचा पर लगाएं।
  • इसे रात भर लगा रहने दें।
  • सुबह नहाते समय शैंपू से बालों को धो लें।
  • इस घरेलू उपचार को हफ्ते में 2 बार प्रयोग किया जा सकता है।

कैसे है लाभदायक :

कद्दू के बीज के फायदे से प्रेरित होकर इससे बने तेल पर परीक्षण किया गया है, जिसमें यह साबित हुआ है कि यह बाल उगाने का तरीका बन सकता है। दरअसल, कद्दू का बीज कैरोटीन, टोकोफेरोल और अन्य लाभकारी पोषक तत्वों से समृद्ध होता है, जो बाल उगाने की दवा की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है (14)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि बाल उगाने के घरेलू उपाय के तौर कद्दू के बीज के तेल को एक बेहतर विकल्प माना जा सकता है।

घ) पिपरमिंट ऑयल

सामग्री :

  • 3-5 बूंदें पिपरमिंट ऑयल
  • पानी से भरा एक प्याला
  • गर्म तौलिया या शॉवर कैप

कैसे करें इस्तेमाल :

  • पानी में तेल को मिक्स करें और बालों पर लगाएं।
  • 20-30 मिनट के लिए अपने सिर को गर्म तौलिया या शॉवर कैप से ढक लें।
  • फिर इसे हल्के शैम्पू से धो लें।
  • इस प्रक्रिया को हफ्ते में दो बार दोहरा सकते हैं।

कैसे है लाभदायक :

बाल उगाने का उपाय के तौर पर पिपरमिंट ऑयल का उपयोग भी किया जा सकता है। इसमें में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीमाइक्रोबियल गुण पाए जा सकते हैं। जो बालों के झड़ने से रोकने में मदद कर सकते हैं। पिपरमिंट ऑयल के एक अध्ययन से इस बात का इशारा मिलता है। इस अध्ययन में स्पष्ट रूप से इस बात को भी स्वीकार किया गया है कि पिपरमिंट ऑयल कुछ ही हफ्तों में बालों को लंबा और घना बना सकता है (15)।

च) सिद्ध हेयर ऑयल

सामग्री :

  • 100 मिली सिद्ध हेयर ऑयल
  • 4-5 कपूर की गोलियां

कैसे करें इस्तेमाल :

  • कपूर की गोलियों को पीसकर उन्हें सिद्ध तेल में मिलाएं।
  • इसे ऐसी जगह पर रखें, जहां तक हवा न पहुंच सके।
  • सोने से पहले इस तेल को सिर पर लगाएं।
  • अगली सुबह बालों को अच्छे शैम्पू से धो लें।
  • इसे हर रात में सोने से पहले इस्तेमाल कर सकते हैं।

कैसे है लाभदायक :

सिद्ध हेयर ऑयल को तिल का तेल, नारियल तेल, गुलाब और मेंथी के बीज को मिलाकर तैयार किया जाता है। इन तेलों और बीजों के मिश्रण का उपयोग बालों के लिए फायदेमंद हो सकता है। इसलिए, ऐसा माना जा सकता है कि यह गंजेपन का घरेलू इलाज बन सकता है। यहांं हम स्पष्ट कर दें कि बालों के संबंध में सिद्ध हेयर ऑयल को लेकर अधिक वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। हालांकि, सिद्ध हेयर मास्क से संबंधित एक रिसर्च में माना गया है कि यह बाल झड़ने की समस्या, डैंड्रफ, दोमुंहे बाल और गंजापन की समस्या से राहत दिलाने में मदद कर सकता है (16)। बता दें सिद्ध हेयल मास्क को सिद्ध हेयर ऑयल के उपयोग से ही तैयार किया जाता है। इस आधार पर हम कह सकते हैं कि यह बाल झड़ने की समस्या में मददगार हो सकता है।

छ) तारामीरा तेल

सामग्री :

  • 2-3 बड़े चम्मच तारामिरा तेल

कैसे करें इस्तेमाल :

  • इस तेल से सिर की मालिश करें।
  • इसे 2-3 घंटे के लिए लगे रहने दें और फिर सिर को धो लें।
  • इसे हफ्ते में दो बार लगा सकते हैं।

कैसे है लाभदायक :

अरुगुला (एरुका सैटिवा) के बीज से निकाले गए तरल पदार्थ को तारामिरा तेल कहा जाता है। इसे गंजेपन का रामबाण इलाज भी कहा जाता है। दरअसल, इसमें भरपूर मात्रा में फैटी एसिड होता है और इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीफंगल के भी गुण पाए जाते हैं। इन सभी की उपस्थिति यह तेल बाल जड़ने की समस्या से राहत दलाने में मदद कर सकता है (17)। इस थ्ति को देखते हुए इस तेल को गंजेपन का आयुर्वेदिक इलाज माना जा सकता है।

2. सेब का सिरका

सामग्री :

  • 1-2 बड़े चम्मच सेब का सिरका
  • पानी से भरा एक प्याला

कैसे करें इस्तेमाल :

  • सेब के सिरके को पानी में घोलें और इसे बालों पर लगाएं।
  • इससे एक या दो मिनट तक सिर की मालिश करें और फिर पानी से इसे धो लें।
  • इस उपाय को हफ्ते में दो बार इस्तेमाल किया जा सकता है।

कैसे है लाभदायक :

बाल उगाने का घरेलु उपाय के बारे में बात करें, तो सेब के सिरके के फायदे भी इस समस्या में कारगर हो सकते हैं। इस बात की पुष्टि डैंड्रफ के उपचार से जुड़े एक शोध से होती है। शोध में जिक्र मिलता है कि सेब के सिरके में एंटीबैक्टीरियल (बैक्टीरिया को नष्ट करने वाला) और एंटीइन्फ्लामेट्री (सूजन को कम करने वाला) प्रभाव पाया जाता है। यह दोनों प्रभाव संयुक्त रूप से डैंड्रफ से राहत दिलाने का काम कर सकते हैं। वहीं इस शोध में यह भी माना गया है कि डैंड्रफ के कारण गंभीर बाल झड़ने की समस्या हो सकती है (18)। इस आधार पर यह माना जा सकता है डैंड्रफ के कारण होने वाली बाल झड़ने की समस्या और गंजापन से राहत पाने के लिए यह घरेलू उपाय कारगर साबित हो सकता है।

3. आंवला

सामग्री :

  • 1 बड़ा चम्मच आंवला का तेल

कैसे करें इस्तेमाल :

  • तेल को थोड़ी देर गर्म करके ठंडा होने दें।
  • फिर उसे सिर की मालिश करें।
  • इसे 2-3 घंटे लगा रहने दें और फिर धो लें।
  • इसे हफ्ते में दो से तीन बार लगा सकते हैं।

कैसे है लाभदायक :

आंवले से निकाले गए तेल का उपयोग गंजेपन का घरेलू इलाज करने के लिए किया जा सकता है। इसके उपयोग से बालों के विकास को मजबूत करने में सहायता मिल सकती है। इस आंवले का उपयोग बालों के बेहतर विकास के लिए पारंपरिक व्यंजनों में हेयर टॉनिक के रूप में भी किया जा सकता है (19)। इस आधार पर आंवले के तेल को गंजेपन का रामबाण इलाज माना जा सकता है।

4. प्याज का रस

सामग्री :

  • 1 मध्यम आकार का प्याज
  • 1 बड़ा चम्मच शहद
  • कॉटन बॉल

कैसे करें इस्तेमाल :

  • प्याज को पीसकर उसका रस निचोड़ लें।
  • फिर इसमें शहद मिलाकर अच्छी तरह से मिक्स करें।
  • इसके बाद कॉटन बॉल का इस्तेमाल करके इसे सिर पर लगाएं और 20-30 मिनट तक लगे रहने दें।
  • फिर सिर को शैम्पू से धोएं।
  • बाल वापस उगाने के उपाय के रूप में इस प्रक्रिया को हफ्ते में दो बार इस्तेमाल किया जा सकता है।

कैसे है लाभदायक :

झड़ते बालों के लिए कोई इलाज ढूंढ रहे हैं, तो ऐसे में प्याज के रस के फायदे भी लाभदायक हो सकते हैं। यह बालों को जड़ों से मजबूत करने में मदद कर सकता है। साथ ही पैची एलोपेसिया (गोलाकार आकृति में स्कैल्प पर बाल झाड़ना) में यह प्रभावी साबित हो सकता है। एनसीबीआई पर प्रकाशित प्याज के रस से संबंधित एक शोध में इस बात को स्वीकार किया गया है (20)। वहीं शहद डैंड्रफ और उसके कारण होने वाली बाल झड़ने की समस्या में मददगार हो सकता है (21)। इन दोनों तथ्यों को देखते हुए यह माना जा सकता है कि शहद के साथ प्याज के रस का उपयोग गंजेपन की समस्या से राहत पाने में अधिक प्रभावी साबित हो सकता है।

5. अदरक

सामग्री :

  • 1-2 इंच का अदरक
  • 2 बड़े चम्मच जैतून का तेल या जोजोबा तेल

कैसे करें इस्तेमाल :

  • अदरक को कद्दूकस करके तेल में कुछ मिनट के लिए भिगो दें।
  • इसे सिर पर लगाएं (अदरक के टुकड़ों के साथ) और 2-3 मिनट तक मसाज करें।
  • इसे 30 मिनट के लिए लगे रहने दें और फिर अपने बालों को शैम्पू करें।
  • गंजे सिर पर बाल उगाने के उपाय के तौर पर इसे हफ्ते में दो बार इस्तेमाल कर सकते हैं।

कैसे है लाभदायक :

अदरक बाल उगाने के इलाज के रूप में काम कर सकता है। यह बात अदरक के अर्क से संबंधित एक शोध से स्पष्ट होती है। शोध में जिक्र मिलता है कि अदरक के अर्क में एंटीफंगल (फंगस से बचाव करने वाला) प्रभाव पाया जाता है, जो एस्परगिलस नाइजर और कैडिडा अल्बिकंस जैसे फंगस के खिलाफ काम कर सकता है। यही वजह है कि यह स्कैल्प की त्वचा से संबंधित खुजली और उलझन को दूर करने के साथ ही फंगस के कारण होने वाली बाल झड़ने की समस्या में राहत पहुंचा सकता है। साथ ही बालों के विकास को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है (22)। इस आधार पर यह कहना गलत नहीं होगा कि अदरक के रस का उपयोग गंजापन की समस्या में लाभकारी हो सकता है।

6. अंडे का पीला भाग

सामग्री :

  • 1 अंडा

कैसे करें इस्तेमाल :

  • अंडे के पीले भाग को अलग करें और इसे अच्छी तरह से फेंट लें।
  • पेस्ट को स्कैल्प और बालों पर लगाकर एक घंटे के लिए छोड़ दें।
  • इसके बाद शैम्पू से बालों को धो लें।
  • कुछ हफ्तों के लिए इसे दो बार लगाए और फिर बाद में इसे हफ्ते में एक बार उपयोग कर सकते हैं।

कैसे है लाभदायक :

नये बाल उगाने के उपाय के रूप में अंडे के पीले भाग को इस्तेमाल में लाया जा सकता है। इस बात की पुष्टि अंडे से संबंधित एनसीबीआई पर प्रकाशित एक शोध से होती है। शोध में जिक्र मिलता है कि अंडे के पीले भाग में बालों के विकास को बढ़ाने वाला गुण होता है। वहीं शोध में यह भी माना गया है कि हार्मोन असंतुलन को छोड़कर अन्य कारणों से बाल झड़ने की समस्या में बालों के विकास को बढ़ावा देने की प्रक्रिया मददगार हो सकती है (23)। इस आधार पर माना जा सकता है कि सामन्य गंजेपन की समस्या में कुछ हद तक अंडे के पीले भाग का उपयोग सहायक हो सकता है।

7. एलोवेरा

सामग्री :

  • 1 बड़ा चम्मच एलोवेरा जेल

कैसे करें इस्तेमाल :

  • ताजे एलोवेरा जेल को अपने सिर पर लगाएं।
  • इसे 15-20 मिनट तक लगा रहने दें।
  • फिर अपने बालों को पानी धो लें।
  • गंजे सिर पर बाल उगाने के उपाय के तौर पर एलोवेरा जेल को हफ्ते में दो से तीन बार लगा सकते हैं।

कैसे है लाभदायक :

बाल उगाने के उपाय में एलोवेरा भी अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। इस बात को स्कैल्प के इलाज और स्वास्थ्य से संबंधित एक शोध में स्वीकार किया गया है। शोध में जिक्र मिलता है कि दो मुंहे बाल, बाल झड़ना, डैंड्रफ और गंजापन की समस्या से राहत दिलाने में यह मददगार साबित हो सकता है (24)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि एलोवेरा बाल उगाने की होम्योपैथिक दवा का भी एक विकल्प बन सकता है।

8. कॉफी

सामग्री :

  • 1 बड़ा चम्मच शहद
  • 1 बड़ा चम्मच जैतून का तेल
  • 2 चम्मच कॉफी पाउडर

कैसे करें इस्तेमाल :

  • सभी को अच्छी तरह से मिलाएं और फिर इस मिश्रण को स्कैल्प पर मास्क के रूप में लगाएं।
  • इसे 20 मिनट के लिए लगे रहने दें।
  • फिर सामान्य शैम्पू से सिर को धो लें।
  • इसे हफ्ते में दो बार इस्तेमाल किया जा सकता है।

कैसे है लाभदायक :

कॉफी भी गंजेपन का रामबाण इलाज हो सकता है। इस बात का स्पष्ट प्रमाण गंजापन की समस्या में कॉफी के प्रभाव को जानने के लिए किए गए एक शोध से मिलता है। शोध में माना गया है कि कॉफी को स्कैल्प पर लगाने से न केवल यह स्कैल्प में आसानी से अव्शोधित हो सकती है, बल्कि बालों के विकास में बाधा उत्पन्न करने वाले कारकों को रोकने में भी मदद कर सकती है। इस तरह यह बालों के विकास को बढ़ावा देने में भी मददगार हो सकती है (25)। इस तथ्य को देखते हुए यह माना जा सकता है कि बालों के विकास को बढ़ावा देने और गंजापन से राहत पाने के मामले में कॉफी सकारात्मक प्रभाव दिखा सकती है।

9. मेथी

सामग्री :

  • 2-4 बड़े चम्मच मेथी पाउडर
  • पानी या छाछ

कैसे करें इस्तेमाल :

  • अच्छा पेस्ट बनाने के लिए मेथी पाउडर में पर्याप्त पानी या छाछ मिलाएं।
  • इसे अपने सिर पर लगाएं और लगभग एक घंटे तक लगे रहने दें।
  • इसके बाद शैम्पू से बालों को धो लें।
  • यह घरेलू उपाय बाल उगाने की होम्योपैथिक दवा के रूप में हफ्ते में एक या दो बार उपयोग किया जा सकता है।

कैसे है लाभदायक :

मेथी को गंजेपन का रामबाण इलाज माना जा सकता है। दरअसल, एंड्रोजन हार्मोन की अधिकता बालों के झड़ने का कारण हो सकती है। वहीं मेथी में एंड्रोजन हार्मोन को नियंत्रित कर बालों को पोषण प्रदान करने और उनके विकास को बढ़ावा देने का गुण मौजूद होता है। इसके अलावा मेथी का सेवन करने से भी बाल झड़ने की समस्या से राहत पाने में मदद मिल सकती है। इन सभी बातों को मेथी से संबंधित एक शोध में स्वीकार किया गया है (26)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि गंजापन की समस्या में मेथी के फायदे सहायक हो सकते हैं।

10. चाइनीज जड़ी-बूटियां

बाल उगाने की अचूक दवा के लिए चाइनीज जड़ी-बूटियों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। कई सालों से इन जड़ी-बूटियों की मदद से गंजेपन की दवा बनाई जा रही है। इन जड़ी बूटियों में जिन्सेंग, अस्त्रगली, एन्जेलिसे आदि शामिल हैं। ये जड़ी-बूटियां स्कैल्प में परिसंचरण को बेहतर कर सकती हैं। साथ ही शरीर के लिए टॉनिक का काम भी कर सकती हैं (27)। इस आधार पर कहा जा सकता है कि इन चाइनीज जड़ी-बूटियों का सेवन करने से भी गंजेपन की समस्या में रहात मिल सकती है।

11. मुलेठी की जड़

सामग्री :

  • 1 चम्मच मुलेठी का पाउडर
  • 1/2 कप दूध
  • एक चुटकी हल्दी
  • शॉवर कैप

कैसे करें इस्तेमाल :

  • दूध में मुलेठी के पाउडर और हल्दी को मिलाकर पेस्ट बना लें।
  • फिर इसे अपने सिर पर लगाएं।
  • इसके बाद सिर को एक शॉवर कैप के साथ कवर करें और रात भर लगा रहने दें।
  • अगली सुबह बालों को शैम्पू कर लें।
  • इसे हफ्ते में तीन बार उपयोग किया जा सकता है। एक महीने में इसका असर दिखाई दे सकता है।

कैसे है लाभदायक :

लीकोरिस (मुलेठी) एक प्रकार की जड़ी-बूटी है, जो बाल उगाने की होम्योपैथिक दवा का काम कर सकती है। दरअसल, मुलेठी युक्त शैम्पू के फायदे से संबंधित एक शोध में माना गया है कि मुलेठी का उपयोग बालों और स्कैल्प से जुड़ी कुछ समस्याओं में लाभदायक सिद्ध हो सकता है। इन समस्याओं में स्कैल्प की खुजली, दो मुंहे बालों की समस्या, डैंड्रफ और बालों का रूखापन शामिल हैं (28)। इसके आलावा मुलेठी से जुड़े एक अन्य शोध में माना गया है कि मुलेठी के अर्क का इस्तेमाल बालों पर करने से बाल झड़ना और बालों में सफेदी की समस्या से राहत पाई जा सकती है (29)। इन दोनों तथ्यों को देखते हुए यह माना जा सकता है कि बाल झड़ने की समस्या को सुधार कर गंजेपन से राहत दिलाने में मुलेठी का उपयोग मददगार हो सकता है।

12. लहसुन

सामग्री :

  • 8-10 लहसुन की कलियां

कैसे करें इस्तेमाल :

  • लहसुन की कलियों को पीस कर उसका रस निकालें।
  • इस रस को सिर के स्कैल्प पर लगाएं।
  • 30-40 मिनट बाद शैंपू कर लें।
  • इसे हफ्ते में करीब तीन बार उपयोग किया जा सकता है। पसंद के अनुसार इसे नारियल या बादाम तेल में मिलाकर भी लगाया जा सकता है।

कैसे है लाभदायक :

गंजेपन की समस्या से राहत पाने के लिए लहसुन का उपयोग भी काफी हद तक उपयोगी साबित हो सकता है। इस बात को लहसुन से संबंधित एक शोध में साफ तौर पर माना गया है। शोध में जिक्र मिलता है कि लहसुन में शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को नियंत्रित करने की क्षमता होती है। वहीं एलोपेसिया एरेटा (गंजेपन की समस्या का एक प्रकार) की समस्या अतिसक्रिय प्रतिरोधक क्षमता के कारण हो सकती है (30)। इस तथ्य के आधार पर यह माना जा सकता है कि सिर में बाल उगाने के उपाय के रूप में लहसुन का उपयोग फायदेमंद साबित हो सकता है।

स्क्रॉल करें

चलिए, अब दोबारा बाल उगाने के उपाय के लिए कुछ और तथ्यों पर नजर डालते हैं।

गंजेपन कम करने के लिए कुछ और टिप्स – Other Tips To Treat Baldness in Hindi

गंजेपन की समस्या को दूर रखने के लिए कुछ अन्य तरीकों को भी इस्तेमाल में लाया जा सकता है, जो कुछ इस प्रकार हैं :

  1. गंजापन के लिए आहार : बालों के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए अनहेल्दी और जंक फूड्स से दूर रहना चाहिए। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए और खुद को हाइड्रेटेड रखना चाहिए। साथ ही बालों की मजबूती के लिए निम्न आहार भी शामिल करना भी लाभकारी हो सकता है।
  • आयरन की कमी के कारण भी बाल झड़ने की समस्या हो सकती है। इसलिए इस समस्या में आयरन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन भी आवश्यक है (31)। आयरन युक्त खाद्यों में बीन्स, सूखे फल, अंडा, लाल मांस, साबुत अनाज और सलमान व ट्यूना मछली को शामिल किया जा सकता है (32)।
  • शरीर में जिंक की कमी भी बाल झड़ने की वजह बन सकते है (32)। ऐसे में जिंक युक्त खाद्य जैसे:- फलियां, नट्स, साबुत अनाज और मांस को शामिल किया जा सकता है (32)।
  • बालों के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए नियासिन (विटामिन बी-3) युक्त खाद्यों का इस्तेमाल भी आवश्यक है (31)। इसलिए दूध, अंडा, चावल, मछली, मांस और फालियों को उपयोग में लाया जा सकता है, जो कि नियासिन से समृद्ध होती हैं (33)।
  • फैटी एसिड भी बालों के स्वास्थ्य के लिए काफी उपयोगी माने जाते हैं। इसलिए आहार में फैटी एसिड युक्त खाद्यों को शामिल करके भी बाल झड़ने की समस्या को रोकने में मदद मिल सकती (31)। फैटी एसिड की पूर्ति के लिए ट्यूना, मैकरेल और सेलमन मछली के साथ हरी पत्तेदार सब्जियां, अलसी का तेल, अखरोट और चिया बीज का उपयोग किया जा सकता है (34)।
  1. विटामिन : विटामिन की बात करें तो खाद्य में अधिक से अधिक विटामिन सी, ए, डी और ई युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करना भी बालों के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है (31)।
  • विटामिन सी के लिए खरबूजा, नारंगी, अनानास जैसे फलों का सेवन किया जा सकता है (35)।
  • वहीं विटामिन ए के लिए दूध, सीराल्स, संतरा, ब्रोकली और पालक को इस्तेमाल किया जा सकता है (36)।
  • विटामिन डी के लिए अंडे के जर्दी और पनीर के साथ सेलमन, मैकरेल व ट्यूना मछली का उपयोग किया जा सकता है (37)।
  • इसके अलावा विटामिन ई के स्रोत के रूप में नट्स, सूरजमुखी के बीज और ब्रोकली और पालक जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां इस्तेमाल की जा सकती हैं (38)।
  1. अन्य थेरेपी या इलाज : यहां हम गंजेपन से राहत पाने की दो काफी प्रचलित उपचार के तरीके बताने जा रहे हैं, जिनमें जोंक थेरेपी और लेजर ट्रीटमेंट शामिल हैं।
  • गंजापन के लिए जोंक थेरेपी : जोंक खून चूसने वाला कीड़ा होता है। जिसे अक्सर बारिश के मौसम में जमीन पर रेंगते हुए देखा जा सकता है। आयुर्वेद में इसका उपयोग गंजेपन का इलाज करने के लिए किया जा सकता है। ऐसा माना जाता है कि इस थेरेपी के उपयोग से सिर के रक्त संचार में सुधार हो सकता है। इससे बालों के विकास में मदद मिल सकती है। हालांकि, इस तकनीक को केवल एक प्रशिक्षित व्यक्ति ही कर सकता है (39)। यह उपचार कितना सुरक्षित और कारगर हो सकता है, इस संबंध में अपने डॉक्टर से परामर्श कर सकते हैं।
  • लेजर ट्रीटमेंट थेरिपी : लेजर थेरिपी के जरिए एंड्रोजेनिक एलोपेसिया की समस्या को दूर किया जा सकता है। इससे बालों को बढ़ने में मदद मिल सकती है। इस थेरेपी से बाल मोटे व घने हो सकते हैं (40), लेकिन इस संबंध में वैज्ञानिक अध्ययन कम हुए हैं। इसलिए, लेजर थेरेपी करवाने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर परामर्श करें।
  1. गंजेपन के लिए एक्यूपंक्चर : एक्यूपंक्चर एक वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति है। गंजेपन को दूर करने के लिए इसका भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इस बात को एनसीबीआई पर प्रकाशित एक शोध में स्पष्ट रूप से स्वीकार किया गया है (41)। हालांकि, इलाज की इस प्रक्रिया को डॉक्टरों के परामर्श पर और विशेषज्ञों की उपस्थिति में ही कराना चाहिए।

पढ़ते रहें लेख

चलिए, अब बात करते हैं कि किन स्थितियों के होने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए

निम्न लक्षणों के दिखाई देने पर, डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं (2) (5):

  • अगर किसी एक पैटर्न में ही बाल लगातार झड़ रहे हों।
  • बालों का तेजी से झड़ना या 100 से अधिक मात्रा में बालों का झड़ना।
  • बालों के झड़ने के साथ सिर के स्कैल्प में खुजली, जलन, लालिमा या अन्य लक्षण दिखाई देना।
  • किसी दवा की खुराक लेनी शुरू करने के बाद बालों का झड़ना शुरू होने पर।

अंत तक पढ़ें

बाल उगाने के घरेलू उपाय जानने के बाद, अब अंत में हम गंजेपन से बचने के उपाय के बारे में जान लेते हैं।

गंजेपन से बचने के उपाय – Prevention Tips for Baldness in Hindi

लेख में हम पहले ही गंजेपन से राहत पाने के लिए जरूरी सभी बातें बता चुके हैं। फिर भी गंजेपन से बचाव की कुछ सामान्य बाते भी हैं, जिन्हें ध्यान में रख इस समस्या को होने से रोकने में काफी हद तक मदद मिल सकती है। यह बातें कुछ इस प्रकार हैं :

  • नियमित रूप से बालों की और स्कैल्प की साफ सफाई रखें।
  • संतुलित और पोषक तत्वों से युक्त आहार का सेवन करें।
  • बालों की नियमित रूप से मालिश करें।
  • हानिकारक रसायनों से युक्त शैम्पू या जेल का उपयोग करने से बचें।

अगर बालों का सही तरह से ध्यान रखा जाए, तो बाल झड़ने की समस्या से राहत पाना ज्यादा मुश्किल काम नहीं है। बस यह समझना जरूरी है कि जैसे शरीर को स्वस्थ रहने के लिए पोषण की आवश्यकता होती है, वैसे ही बालों को भी आवश्यक पोषण चाहिए होता है। इसके लिए संतुलित खान-पान के साथ ही लेख में दिए बाल उगाने के घरेलू उपाय इस्तेमाल किए जा सकते हैं। मगर, इसका यह बिल्कुल भी अर्थ नहीं है कि लेख में शामिल घरेलू उपायों को गंजेपन का इलाज समझ लिया जाए। यह उपाय केवल समस्या में राहत पहुंचा सकते हैं। इसलिए स्थिति गंभीर होने पर बिना देर किए डॉक्टर से सम्पर्क करना चाहिए। उम्मीद है कि सभी को यह लेख पसंद आया होगा। ऐसे ही अन्य विषयों से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए पढ़ते रहें, स्टाइलक्रेज।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या गंजेपन के बाद बाल फिर से उगाए जा सकते हैं?

लेख में हमने वैज्ञानिक प्रमाण के साथ बाल उगाने के उपाय के तौर पर कई घरेलू सामग्रियों का जिक्र किया है, जिन्हें बाल उगाने की अचूक दवा के तौर इस्तेमाल में लाया जा सकता है। इस आधार पर हम कह सकते हैं कि गंजेपन के बाद बाल फिर से उगाए जा सकते हैं। मगर, यह समझना जरूरी है कि इन उपायों का प्रभाव दिखने में थोड़ा वक्त लग सकता है।

क्या गंजापन कोई बीमारी है?

गंजापन कोई बीमारी नहीं है, बल्कि एक लक्षण है। ऐसा लक्षण को अन्य कई बीमारियों (धमनी संबंधित हृदय रुग, कैंसर, मोटापा और हाई बीपी) की स्थिति में देखने को मिल सकता है (42)।

क्या गंजापन बाल झड़ने की समस्या को बढ़ा सकता है?

हां, गंजापन बाल झड़ने की समस्या को बढ़ा सकता है (43)।

पुरुषों में गंजेपन की समस्या किस उम्र में होनी शुरू हो सकती है?

सामन्य तौर पर पुरुषों में 50 की उम्र के बाद बाल झड़ने की समस्या देखी जाती है। वहीं कुछ स्थितियों के कारण 17 से 26 साल की उम्र से भी पुरुषों में बाल झड़ना शुरू हो सकता है (43)।

क्या महिलाओं में पुरुष पैटर्न का गंजापन हो सकता है?

नहीं, महिलाओं में पुरुष पैटर्न का गंजापन नहीं हो सकता है, बल्कि दोनों में बाल झड़ने की प्रक्रिया अलग-अलग तरह से देखी जाती है। इस बात को लेख में ऊपर विस्तार से समझाया गया है।

और पढ़े:

Sources

Articles on StyleCraze are backed by verified information from peer-reviewed and academic research papers, reputed organizations, research institutions, and medical associations to ensure accuracy and relevance. Read our editorial policy to learn more.

  1. Hair Loss
    https://medlineplus.gov/hairloss.html
  2. Male pattern baldness
    https://medlineplus.gov/ency/article/001177.htm
  3. Classification of Male-pattern Hair Loss
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5596658/
  4. Female pattern hair loss: Current treatment concepts
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC2684510/
  5. Female pattern baldness
    https://medlineplus.gov/ency/article/001173.htm
  6. Alopecia areata
    https://medlineplus.gov/ency/article/001450.htm
  7. Alopecia and Associated Toxic Agents: A Systematic Review
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6219226/
  8. Trichotillomania
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5328413/
  9. Primary cicatricial alopecia: diagnosis and treatment
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3855115/
  10. Baldness
    https://www.urmc.rochester.edu/encyclopedia/content.aspx?contenttypeid=85&&contentid=P00259
  11. Castor Oil Plant (Ricinus communis L.): A Potential Oil Crop for Agribusiness in Africa
    https://www.researchgate.net/publication/317497913_Castor_Oil_Plant_Ricinus_communis_L_A_Potential_Oil_Crop_for_Agribusiness_in_Africa
  12. Cocos nucifera (L.) (Arecaceae): A phytochemical and pharmacological review
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4671521/
  13. Medicinal benefit of coconut oil
    https://www.researchgate.net/publication/268805677_Medicinal_benefit_of_coconut_oil
  14. Effect of Pumpkin Seed Oil on Hair Growth in Men with Androgenetic Alopecia: A Randomized, Double-Blind, Placebo-Controlled Trial
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4017725/
  15. Peppermint Oil Promotes Hair Growth without Toxic Signs
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4289931/
  16. Siddha Herbal Hair Pack – A Research Perspective
    https://www.researchgate.net/publication/224748360_Siddha_Herbal_Hair_Pack_-_A_Research_Perspective
  17. Preparation and evaluation of a hair wax containing propolis and Eruca sativa seed oil for hair growth
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5157003/
  18. Traditional vs Conventional Methods for the Management of Dandruff
    https://www.ijsr.net/archive/v6i11/ART20171061.pdf
  19. Preclinical and Clinical Studies Demonstrate That the Proprietary Herbal Extract DA-5512 Effectively Stimulates Hair Growth and Promotes Hair Health
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5429933/
  20. Onion juice (Allium cepa L.), a new topical treatment for alopecia areata
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/12126069/
  21. Therapeutic and prophylactic effects of crude honey on chronic seborrheic dermatitis and dandruff
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/11485891/
  22. Investigation of hair growth promoting ability of herbal gel containing Zingiber officinale
    https://pharmascope.org/index.php/ijrps/article/view/1724
  23. Naturally Occurring Hair Growth Peptide: Water-Soluble Chicken Egg Yolk Peptides Stimulate Hair Growth Through Induction of Vascular Endothelial Growth Factor Production
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/29583066/
  24. Ethnopharmacological survey of home remedies used for treatment of hair and scalp and their methods of preparation in the West Bank-Palestine
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5499037/
  25. Role of Caffeine in the Management of Androgenetic Alopecia
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3500065/
  26. Fenugreek+micronutrients: Efficacy of a food supplement against hair loss
    https://citeseerx.ist.psu.edu/viewdoc/download?doi=10.1.1.572.8067&rep=rep1&type=pdf
  27. Hair growth effect of traditional Chinese medicine BeauTop on androgenetic alopecia patients: A randomized double-blind placebo-controlled clinical trial
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5245083/
  28. Formulation and Evaluation of Licorice Shampoo in Comparison with Commercial Shampoo
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6266641/
  29. GLYCYRRHIZA GLABRA: A PHYTOPHARMACOLOGICAL REVIEW
    https://citeseerx.ist.psu.edu/viewdoc/download?doi=10.1.1.308.7642&rep=rep1&type=pdf
  30. TREATMENT OF ALOPECIA AREATA WITH TOPICAL GARLIC EXTRACT
    https://www.researchgate.net/publication/260656650_TREATMENT_OF_ALOPECIA_AREATA_WITH_TOPICAL_GARLIC_EXTRACT
  31. Diet and hair loss: effects of nutrient deficiency and supplement use
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5315033/
  32. Iron in diet
    https://medlineplus.gov/ency/article/002422.htm
  33. Niacin
    https://medlineplus.gov/ency/article/002409.htm
  34. Omega-3 fatty acids
    https://medlineplus.gov/ency/imagepages/19302.htm#:~:text=Omega%2D3%20fatty%20acids%20are,must%20be%20obtained%20from%20food.
  35. Vitamin C
    https://medlineplus.gov/ency/article/002404.htm
  36. Vitamin A
    https://medlineplus.gov/ency/article/002400.htm#:~:text=Vitamin%20A%20helps%20form%20and,in%20healthy%20pregnancy%20and%20breastfeeding.
  37. Vitamin D
    https://medlineplus.gov/ency/article/002405.htm
  38. Vitamin E
    https://medlineplus.gov/ency/article/002406.htm
  39. Leech Therapeutic Applications
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3757849/
  40. Low-level laser therapy for the treatment of androgenetic alopecia in Thai men and women: a 24-week, randomized, double-blind, sham device-controlled trial
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/30569416/
  41. A randomized controlled clinical study of acupuncture therapy for Seborrheic alopecia in young and middle ages
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC7220544/
  42. Androgenetic alopecia
    https://medlineplus.gov/genetics/condition/androgenetic-alopecia/#causes
  43. Male Androgenetic Alopecia
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK278957/
Was this article helpful?
The following two tabs change content below.

ताज़े आलेख