गरम मसाले के फायदे, बनाने का तरीका और नुकसान – Garam Masala Benefits and Side Effects in Hindi

Medically Reviewed By Neha Srivastava (Nutritionist), Nutritionist
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भारत के लगभग हर रसोई घर में गरम मसाला जरूर इस्तेमाल किया जाता है। इसे चुटकी भर ही इस्तेमाल करने भर से पूरे खाद्य पदार्थ का स्वाद लजीज हो जाता है। आप यह तो जानते ही होंगे कि कई प्रकार के मसालों को मिलाकर गरम मसाला तैयार किया जाता है, लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि खाने का स्वाद बढ़ाने वाला गरम मसाला स्वास्थ्य के लिए कितना गुणकारी है। अगर आप नहीं जानते, तो परेशान होने की कोई बात नहीं है, हम आपको बताते हैं। स्टाइलक्रेज के इस लेख में आपको गरम मसाला के फायदे के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। साथ ही गरम मसाला बनाने की विधि या ये कहें कि घर में गरम मसाला कैसे बनाएं, इसकी जानकारी भी आपको दी जाएगी। इसलिए, स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए इस लेख को अंत तक जरूर पढ़िए।

शुरू करते हैं लेख

चलिए, सबसे पहले गरम मसाले के लाभ के बारे में जानते हैं।

गरम मसाले के फायदे – Benefits of Garam Masala in Hindi

गरम मसाला खाने के फायदे एक नहीं अनेक हैं, जिनमें से प्रमुख फायदों के बारे में हम यहां बता रहे हैं।

1. वजन घटाने में

वजन घटाने के लिए गरम मसाला के फायदे देखे जा सकते हैं। इसके लिए गरम मसाले में पाए जाने वाले पोषक तत्व जिम्मेदार है। गरम मसाले में कुछ मात्रा फाइबर की पाई जाती है (1)। एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, अगर दिनभर में आहार स्रोत के जरिए करीब 30 ग्राम फाइबर का सेवन किया जाए, तो यह वजन घटाने में सहायक हो सकता है (2)। इसलिए, फाइबर युक्त अन्य खाद्य पदार्थों के साथ थोड़ा-सा गरम मसाला लेना भी फायदेमंद साबित हो सकता है।

2. पाचन के लिए

एक स्वस्थ शरीर के लिए जरूरी है कि उसका पाचन तंत्र भी सुचारू रूप से कार्य रहे। इसके लिए हमारी रसोई में रखा गरम मसाला फायदेमंद हो सकता है। यहां पर एक बार फिर से गरम मसाले में मौजूद फाइबर का जिक्र होगा। फाइबर का सेवन हमारी पाचन क्रिया को सुधारने के साथ-साथ कब्ज की समस्या से भी राहत दिलाने में मदद करता है (1), (3)

3. डायरिया में

डायरिया की स्थिति में पतले दस्त होना शुरू हो जाते हैं (4)। थोड़ी ही देर बाद पीड़ित व्यक्ति का शरीर बिल्कुल असहाय होने लगता है। ऐसे में गरम मसाले के फाइबर के गुण प्रभावकारी हो सकते हैं (1)। फाइबर का सेवन डायरिया की स्थिति में फायदेमंद हो सकता है (3)।

4. मधुमेह की समस्या में

मधुमेह की समस्या से बचे रहने के लिए भी गरम मसाला सकारात्मक असर दिखा सकता है। दरअसल, गरम मसाले को तैयार करने में कई प्रकार के मसाले का प्रयोग किया जाता है। इनमें से एक जीरा भी है। वहीं, जीरा एक सक्रिय एंटी-डायबिटिक एजेंट है। यह डायबिटीज के लक्षणों को कम करने के लिए सक्रिय रूप से कार्य करता है (5)। इसलिए, गरम मसाले में मौजूद जीरा डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए लाभदायक हो सकता है।

5. सर्दी और खांसी के लिए

सर्दी-खांसी से राहत पाने के लिए भी गरम मसाला के फायदे देखे जा सकते हैं। दरअसल, खांसी से राहत पाने के लिए गरम मसाले में इस्तेमाल किए जाने वाला धनिया लाभकारी हो सकता है। धनिया पर किए गए शोध में इसे कफ को दूर करने के लिए लाभकारी बताया गया है (6)। वहीं, एक अन्य शोध में सर्दी के लिए इसे कारगर माना गया है (7)। इसके अलावा सर्दी-खांसी से राहत के लिए काली मिर्च का सेवन भी लाभकारी हो सकता है। एक मेडिकल रिसर्च के मुताबिक, काली मिर्च में पाइपरिन (Piperine) नामक कंपाउंड होता है, जो सर्दी-खांसी से काफी हद तक राहत दिला सकता है (8)। यही कारण है कि सर्दी-खांसी की शिकायत होने पर बड़े-बुजुर्ग काली मिर्च का शहद के साथ सेवन करने की सलाह देते हैं।

6. कैंसर की स्थिति में

कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचे रहने के लिए भी गरम मसाला एक रामबाण औषधि की तरह कार्य कर सकता है। दरअसल, ऐसा इसलिए संभव है, क्योंकि गरम मसाले को तैयार करने के लिए काली मिर्च और सूखी लाल मिर्च का प्रयोग किया जाता है। इन दोनों सामग्रियों में एंटी-कैंसर गतिविधि पाई जाती है (9)। एंटी-कैंसर गतिविधि कैंसर होने के लिए जिम्मेदार स्थितियों के खिलाफ क्रिया करके आपको कैंसर से बचाए रखने के काम आ सकती है (10)।

7. गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं के लिए

गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल की समस्या पेट और पाचन क्रिया में होने वाली विभिन्न समस्याओं से जुड़ी हुई है। गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल में गड़बड़ी होने का एक मुख्य कारण कब्ज का होना भी माना जाता है, जबकि गरम मसाला के जरिए कब्ज का इलाज संभव है। दरअसल, गरम मसाले में मौजूद फाइबर का सेवन कब्ज की समस्या को दूर करके, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल में हुई गड़बड़ी को ठीक कर सकता है (1), (11)।

8. शरीर को डिटॉक्सिफाई करने में

डिटॉक्सिफाई एक प्रकार की क्रिया होती है। इससे हमारे शरीर से जहरीले पदार्थों को हटाने, वजन घटाने और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में मदद मिलती है (12)। डिटॉक्सिफाई की गतिविधि बढ़ाने के लिए एक अच्छे स्रोत के रूप में गरम मसाला का उपयोग किया जा सकता है, क्योंकि गरम मसाला में डिटॉक्सिफाई का गुण पाया जाता है (13)। खासतौर से यह प्रभाव गरम मसाला में इस्तेमाल की जाने वाली दालचीनी में देखे जा सकते हैं। एक शोध में इस बात का जिक्र है कि दालचीनी नेचुरल डिटॉक्स की तरह काम करता है (14)। इस आधार पर गरम मसाला को शरीर को डिटॉक्सिफाई करने के लिए कारगर इलाज माना जा सकता है।

9. प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और बीमारियों से लड़ने में

बेहतर रोग-प्रतिरोधक क्षमता हमारे शरीर को कई प्रकार के संक्रमण और बीमारियों से बचाए रखने का काम कर सकती है (15)। गरम मसाले में इस्तेमाल होने वाले धनिये में जिंक पाया जाया जाता है (16)। विशेषज्ञों के अनुसार, जिंक रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में प्रमुख भूमिका निभाता है। इसलिए, गरम मसाला के जरिए जिंक का सेवन हमारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करेगा और हमारा शरीर बीमारियों से भी बचा रहेगा (17)। इसके अलावा, इम्यूनिटी को बूस्ट करने के लिए काली मिर्च और दालचीनी का सेवन भी लाभकारी माना जाता है।

10. दर्द और सूजन के लिए

दर्द और सूजन में आराम पाने के लिए भी आप गरम मसाले का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसका कारण यह है कि गरम मसाले को बनाने में मेथी का भी उपयोग किया जाता है। एक वैज्ञानिक शोध में देखा गया है कि मेथी के बीज में एंटी-इंफ्लेमेटरी और दर्द निवारक गुण पाए जाते हैं। यह दोनों ही गुण दर्द और सूजन में आराम दिला सकते हैं (18)।

11. आंखों के स्वास्थ्य के लिए

आंखों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए भी गरम मसाले को बहुत उपयोगी माना गया है। इसके लिए गरम मसाला में उपयोग की जाने वाली दालचीनी लाभदायक होती है। दालचीनी में फोलेट की भरपूर मात्रा पाई जाती है (19)। एक वैज्ञानिक शोध में यह देखा गया है कि फोलेट का सेवन जियोग्राफिक एट्रोफी (Geographic atrophy) से आंखों को सुरक्षित रखने में लाभदायक होता है (20)। जियोग्राफिक एट्रोफी आंखों का एक रोग, जिससे देखने की क्षमता में कमी आती है।

12. पेट की सूजन (Bloating) कम करने में

यह ऐसी स्वास्थ्य समस्या है, जिसमें पेट (पेट) भरा हुआ महसूस होता है और पेट सूजा हुआ भी लग सकता है। इस समस्या का एक प्रमुख कारण कब्ज हो सकती है (21)। वहीं, कब्ज को गरम मसाले में मौजूद फाइबर के सेवन से दूर कर सकते हैं (1), (3)। इसका सेवन करने से पेट की सूजन या ब्लोटिंग की समस्या खत्म हो सकती है।

13. सांसों की बदबू दूर करने में

गरम मसाला का उपयोग मुंह की बदबू को दूर करने के लिए भी प्रयोग किया जा सकता है। गरम मसाला को तैयार करने में लौंग का भी इस्तेमाल किया जाता है। मसूड़ों संबंधित परेशानियों के लिए लौंग का इस्तेमाल फायदेमंद हो सकता है। यह दांतों में दर्द, मसूड़ों में सूजन और माउथ अल्सर में राहत पहुंचा सकता है। इसके अलावा सांसों की बदबू को दूर करने के लिए लौंग के तेल से गार्गल करना लाभकारी हो सकता है (22)। वहीं, इलायची का इस्तेमाल भी सांसों की दुर्गंध को दूर करने में सहायक हो सकता है (23)।

14. स्लो एजिंग के लिए

बढ़ती उम्र के लक्षणों को धीमा करने के लिए भी गरम मसाला लाभकारी माना जा सकता है। इसके लिए गरम मसाले को बनाने के लिए उपयोग किए जाने वाली दालचीनी का इस्तेमाल फायदेमंद हो सकता है। दालचीनी में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं और यह गुण स्लो एजिंग की प्रक्रिया को बढ़ाने में मदद कर सकता है (24)

पढ़ना जारी रखें

गरम मसाला खाने के फायदे जानने के बाद, आइए अब जानते हैं कि इसमें कौन-कौन से पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं।

गरम मसाले के पौष्टिक तत्व – Garam Masala  Nutritional Value in Hindi

गरम मसाले में निम्नलिखित पोषक तत्व पाए जाते हैं (1) :

पोषक तत्वमात्रा प्रति 100 ग्राम
एनर्जी571kcal
प्रोटीन21.43g
कुल लिपिड (वसा)35.71 g
कार्बोहाइड्रेट28.57g
फाइबर, कुल डाइटरी14.3g
मिनरल
आयरन7.71 mg
सोडियम1071mg
लिपिड्स
फैटी एसिड, टोटल सैचुरेटेड7.14g

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आर्टिकल के इस हिस्से में हम घर में गरम मसाला तैयार करने की विधि बता रहे हैं।

गरम मसाला बनाने का तरीका – How To Make Garam Masala in Hindi

गरम मसाला में क्या-क्या होता है और इसे कैसे बनाएं, इसके बारे में नीचे बताई जा रही गरम मसाला बनाने की विधि को ध्यानपूर्वक पढ़ें।

एक कप गरम मसाला तैयार करने की विधि

सामग्री :
  • 2 बड़े चम्मच जीरा
  • 2 बड़े चम्मच धनिया के बीज
  • 2 बड़े चम्मच इलायची के दाने
  • 2 बड़े चम्मच काली मिर्च
  • 2 छोटी लाल मिर्च
  • 3 इंच की दालचीनी छड़ी
  • 1 चम्मच साबुत लौंग
  • 1 चम्मच कुटा हुआ जायफल
  • 1/2 चम्मच पिसा हुआ केसर
  • मेथी के बीज 1 चम्मच
  • 4 तेज पत्ते

नोट : गरम मसाला बनाने के लिए लोगों के द्वारा इन सामग्रियों के अतिरिक्त भी कुछ अन्य मसालों का उपयोग किया जाता है, जो उनके स्वाद और जरुरत के हिसाब से होता है। इसलिए कई लोग इसमें तुलसी के पत्ते, अदरक के सूखे टुकड़े, मेथी के बीज को भी शामिल करते हैं।

बनाने की प्रक्रिया:
  • सबसे पहले एक अच्छे वजन की कड़ाही लें और इसे गैस पर हल्के तापमान पर गर्म होने के लिए रखें।
  • ध्यान रहे कि कड़ाही सूखी हो।
  • अब इसमें जीरा, धनिया, इलायची, दालचीनी और लौंग डालें।
  • इसे बीच-बीच में चलाते रहें, जब तक कि गर्म होने के बाद मसालों के रंग में परिवर्तन न आ जाए।
  • इसे लगभग 10 मिनट तक और अच्छी सुगंध निकलने तक भूनते रहें।
  • ध्यान रहे कि इन्हें धीमी आंच पर ही इसे भूनें।
  • अब बची हुई सामग्रियों (जायफल और केसर को छोड़कर) को भी दो मिनट तक भून लें।
  • जब सभी सामग्रियां ठंडी हो जाएं, तो उन्हें मिक्सर में पीसकर पाउडर बना लें।
  • इसके बाद तैयार पाउडर में जायफल व केसर को मिलाएं।
  • फिर इसे ठंडा होने के लिए छोड़ दें।
  • अब आपका गरम मसाला तैयार है। आप इसे एयरटाइट कंटेनर में डालकर सूखे स्थान पर स्टोर करें।
  • आप इस मसाले को अगले छह महीने तक इस्तेमाल कर सकते हैं। 

डिटेल में आगे पढ़ें

लेख के इस भाग में आपको बताया जाएगा कि गरम मसाले को आप कैसे उपयोग कर सकते हैं।

गरम मसाले का उपयोग – How to Use Garam Masala in Hindi

  • गरम मसाले को सब्जी बनाने में उपयोग कर सकते हैं।
  • इसे आलू की टिकिया में इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • गरम मसाले को नमक के साथ मट्ठे में मिलाकर पिया जा सकता है।
  • बेसनी भिंडी को बनाने में गरम मसाला का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • अचार, खटाई और सलाद की ड्रेसिंग में गरम मसाले को इस्तेमाल कर सकते हैं।

कब खाएं : गरम मसाला को आप दिन के किसी भी समय में खा सकते हैं।

कितना खाएं: एक बार में लगभग आधे से भी कम छोटा चम्मच (एक व्यक्ति के लिए) गरम मसाला इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके सेवन की मात्रा की सटीक जानकारी के लिए आप एक बार आहार विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। 

लेख को अंत तक पढ़ें

आइए, अब गरम मसाला के सेवन से जुड़े हुए कुछ नुकसान के बारे में जान लेते हैं।

गरम मसाले के नुकसान – Side Effects of Garam Masala in Hindi

गरम मसाला के नुकसान कुछ इस प्रकार हो सकते हैं :

  • आयात किए गए गरम मसाले में लेड की मात्रा हो सकती है, जिसका अधिक सेवन शरीर में जहर बना सकता है (25)।
  • गरम मसाला में उपयोग होने वाले कुछ मसालों में जैसे धनिये में जिंक की मात्रा पाई जाती है (16)। अधिक मात्रा में जिंक का सेवन करने से यह मतली और उल्टी की समस्या हो सकती है (26)।
  • गरम मसाले में सोडियम की भरपूर मात्रा पाई जाती है और सोडियम का अधिक सेवन उच्च रक्तचाप का कारण बन सकता है(1), (27)।
  • गरम मसाला का अधिक मात्रा में सेवन एसिडिटी का कारण बन सकता है।

बेशक, अभी तक आप गरम मसाला का उपयोग केवल सब्जियां और पकवान बनाने के लिए ही करते थे, लेकिन अब इसमें छुपे सेहत के राज से भी वाकिफ हो गए हैं। इसलिए, अब आप ऊपर बताई गई सेवन और उपयोग विधि को ध्यान में रखते हुए, गरम मसाले का इस्तेमाल करें। इसके सेवन से जुड़ी हुई जिन सावधानियों और नुकसान के बारे आपको लेख में बताया गया है, उसे ध्यान में जरूर रखें। उम्मीद करते हैं यह लेख आपको पसंद आया होगा। इसी तरह की जानकारी के लिए जुड़े रहे स्टाइलक्रेज के साथ।

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Sources

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  25. Imported Spices Medicines & Home Remedies May Contain Lead
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Neha Srivastava (Nutritionist)

(Nutritionist)
Neha Srivastava - Nutritionist M.Sc -Life Science PG Diploma in Dietetics & Hospital Food Services. I am a focused health professional and I am determined to promote healthy living. I have worked for Apollo Hospitals in Hyderabad and gained rich experience in Dietetics and Hospital Food Services. I have conducted several Diet Counselling Sessions in various Multi National Companies like... more

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