गेहूं के जवारे के फायदे और नुकसान – wheatgrass Benefits and Side Effects in Hindi

Medically Reviewed By Neelanjana Singh, Nutrition Therapist & Wellness Consultant
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गेहूं के जवारे के बारे में लगभग हर कोई जानता है। अगर नहीं, तो हम बता देते हैं। आपने अक्सर देखा होगा कि गेहूं की फसल शुरुआत में हरी घास की तरह होती है। बस इस हरी घास को ही गेहूं के जवारे और इंग्लिश में वीटग्रास कहते हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि स्टाइलक्रेज के इस आर्टिकल में हम गेहूं के जवारे की बात क्यों कर रहे हैं, तो हम बता दें कि यह हरी घास स्वास्थ्य के लिहाज से फायदेमंद होती है। इस पौधे को ट्रिटाकुमेस्टिवम लिनन (Tritcumaestivum Linn) परिवार का सदस्य माना जाता है। यह हरी घास देखने में छोटी जरूर है, लेकिन फायदे कई हैं। यह क्लोरोफिल, फ्लेवोनोइड्स, विटामिन-सी और विटामिन-ए से समृद्ध होती है। साथ ही इसमें कैंसर रोधी, मधुमेह, मोटापा और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने के गुण मौजूद होते हैं (1)। कुछ ऐसे ही फायदों के बारे में हम इस आर्टिकल में पढ़ेंगे। चलिए, इस आर्टिकल के जरिए जानते हैं गेहूं के जवारे के फायदे, उपयोग और नुकसान के बारे में।

लेख की शुरुआत हम गेहूं के जवारे के फायदे के साथ ही कर रहे हैं।

गेहूं के जवारे के फायदे – Benefits of wheatgrass in Hindi

गेहूं के जवारे के फायदे कुछ इस प्रकार हैं।

1. पाचन क्षमता को सुधारने के लिए गेहूं के जवारे का उपयोग

पाचन संबंधी बीमारियों में व्हीट ग्रास थेरेपी सबसे प्रभावी साबित हो सकती है। इन बीमारियों में कब्ज, अपच, पेट फूलना, मतली, उल्टी, अम्लता, पेट और आंतों में अल्सर आदि शामिल है। दरअसल, व्हीटग्रास जूस में पाया जाने वाला विटामिन-बी पाचन में सहायक होने के साथ-साथ पाचन संबंधी विकारों को दूर करने में फायदेमंद हो सकता है। साथ ही इसमें प्रोटीन और अमीनो एसिड पाया जाता है, जो पाचन को शक्ति प्रदान करने में सहायता कर सकता है (2)।

2. स्वस्थ दांतों के लिए गेहूं के जवारे के फायदे

दांतों को स्वस्थ रखने के लिए गेहूं के जवारे का उपयोग फायदेमंद हो सकता है। इसमें विटामिन-सी की मात्रा पाई जाती है, जो मसूंड़ों को स्वस्थ रखने के साथ ही दांतों को मजबूती प्रदान करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, गेहूं के जवारे का रस गले में खराश और पायरिया को दूर करने के लिए बेहतरीन माउथ वॉश का काम कर सकता है। यह दांतों की सड़न और दांतों के दर्द को भी रोकने में फायदेमंद हो सकता है (2)।

3. सूजन को ठीक करने के लिए

किसी भी कारण से या फिर चोट लगने सूजन की समस्या हो सकती है इसके कारण जोड़ों पर सूजन, जोड़ों में दर्द, पुराने ऑस्टियोआर्थराइटिस, हड्डी की समस्या जैसी कई परेशानियां हो सकतीं हैं। इस अवस्था में प्रभावित जगह पर तेज दर्द भी हो सकता है। ऐसे सूजन को कम करने या फिर इसका इलाज करने के लिए गेहूं के जवारे का उपयोग फायदेमंद हो सकता है। इसमें एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। व्हीटग्रास में पाए जाने वाला यह गुण सूजन और दर्द को दूर करने के लिए कारगर हो सकते हैं (2)।

4. कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने के लिए गेहूं के जवारे का उपयोग

बड़ता हुआ कोलेस्ट्रॉल कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है, जिनमें से प्रमुख हृदय की समस्या शामिल है। इस से बचे रहने में व्हीटग्रास फायदेमंद साबित हो सकता है। व्हीटग्रास में हाइपोलिपिडेमिक गुण पाए जाते हैं। गेहूं के जवारे में पाया जाने वाला यह गुण हानिकारक कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने और फायदेमंद एचडीएल कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मदद करता है। इससे कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता और इससे होने वाली समस्याएं भी दूर रहती हैं (3)।

5. रक्त में मौजूद शुगर को नियंत्रित रखे

मधुमेह की समस्या से बचने के लिए गेहूं के जवारे पर भरोसा किया जा सकता है। व्हीटग्रास रक्त में मौजूद शुगर के स्तर को बनाने में कारगर हो सकता है। इसमें एंटीहाइपरग्लाइसीमिया और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। ये गुण रक्त में मौजूद शुगर के स्तर को बनाए रखने में सक्षम होते हैं। साथ ही मधुमेह से होने वाले खतरे को कम करने में मदद कर सकते हैं (4)। ध्यान रहे कि अगर किसी को मधुमेह की समस्या है, तो उसे डॉक्टर की ओर से दी गई दवा का सेवन जरूर करना चाहिए। साथ ही उस दवा के साथ वीटग्रास का सेवन किया जा सकता है या नहीं, इस संबंध में जरूर पूछना चाहिए।

6. गठिया की समस्या को दूर करने के लिए गेहूं के जवारे के फायदे

गठिया जैसी स्थिति की रोकथाम के लिए व्हीटग्रास जूस मददगार हो सकता है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण गठिया से होने वाली सूजन और दर्द को रोकने के साथ ही गठिया के कुछ लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं (2)।

7. वैरिकाज वेंस के उपचार के लिए गेहूं के जवारे का उपयोग

वैरिकाज वेंस (Varicose Veins) नसों से जुड़ी समस्या है। इसमें नसें सूज जाती हैं। यह समस्या सबसे ज्यादा पैरों की नसों में होती है। इसमें सूजन के साथ-साथ दर्द भी होता है। इस दर्दकारक स्थिति को दूर करने और इससे लड़ने के लिए व्हीटग्रास को फायदेमंद माना गया है। इसमें कैल्शियम और क्लोरोफिल की मात्रा पाई जाती है और ये दोनों ही गुण इस समस्या के कारणों को समाप्त करने में कारगर हो सकते हैं। कैल्शियम खून में पीएच के स्तर को संतुलित कर सकता है, जिस कारण इस वैरिकाज वेंस की समस्या से कुछ राहत मिल सकती है (5)।

8. वजन कम करने के लिए गेहूं के जवारे के फायदे

मोटापा और बढ़ता हुआ वजन आज हर किसी के लिए परेशानी का विषय बन गया है। इस समस्या को दूर करने और वजन को नियंत्रित करने में फायदेमंद हो सकता है। इसमें पोटैशियम की मात्रा पाई जाती है। वहीं, पोटैशियम शरीर के वजन को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है (2)। वहीं, पोटेशियम के अलावा इसमें फाइबर सहित अन्य पोषक तत्व मौजूद है जो वजन घटाने में मदद कर सकते हैं।

9. प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए गेहूं के जवारे का उपयोग

प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए भी व्हीटग्रास का सहारा लिया जा सकता है। इसमें ओलिगोसैकैराइड (oligosaccharides) पाया जाता है, जिसे चीनी मॉलिक्यूल की छोटी-सी शृंखला माना जाता है। इसमें माल्टोहेप्टोस (maltoheptaose) नामक घटक होता है, जिसमें इम्यूनोमॉड्यूलेटरी प्रभाव पाया जाता है। यह प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाने वाली कोशिकाओं को सक्रिय करने में मदद कर सकता है। इससे प्रतिरोधक क्षमता में सुधार हो सकता है और शरीर विभिन्न प्रकार की बीमारियों से बचा रह सकता है (6)।

10. कैंसर कोशिकाओं काे रोकने में मदद करे

गेहूं के जवारे कैंसर जैसी घातक बीमारी को दूर रखने में भी मदद कर सकते हैं। एक शोध के अनुसार, वीटग्रास में एंटीकैंसर गुण पाए जाते हैं। इसमें पाए जाने वाले ये गुण न सिर्फ कैंसर के खतरे को दूर रखने में मदद करते हैं, बल्कि कैंसर को बढ़ाने वाली कोशिकाओं को भी बढ़ने से रोकने में कारगर हो सकते हैं (7)। यहां हम एक बात स्पष्ट कर दें कि व्हीटग्रास कैंसर की कोशिकाओं को बढ़ने से रोक सकता है, लेकिन उसे खत्म नहीं कर सकता। हां, अगर किसी को कैंसर है, तो उसे डॉक्टर से इलाज जरूर करवाना चाहिए।

11. सूरज की पराबैंगनी किरणों से बचाए

कई लोगों की त्वचा अधिक संवेदनशील होती है। अगर वो थोड़ी देर के लिए भी सूरज की रोशनी में जाते हैं, तो उनकी त्वचा जलने लगती है। सूरज की पराबैंगनी किरणों से त्वचा के जलने पर व्हीटग्रास की मदद से इलाज किया जा सकता है। वीटग्रास में क्लोरोफिलिन (Chlorophyllin ) नामक घटक पाया जाता है। यह घटक विभिन्न प्रकार के त्वचा के घावों, जलन और अल्सर के उपचार में मदद करने के लिए के साथ-साथ त्वचा की अन्य समस्याओं से भी राहत दिला सकता है। इसके अलावा, वीटग्रास जूस में विटामिन-ए की मात्रा भी पाई जाती है, जो त्वचा संंबंधी कई प्रकार के रोगों से छुटकारा दिलाने में मदद कर सकता है (2)।

12. एंटी-एजिंग गुण

अगर किसी के चेहरे पर समय से पहले ही झुर्रियां व बढ़ती उम्र का असर नजर आने लगा है, तो ऐसे लोग व्हीटग्रास का इस्तेमाल कर सकते हैं। वीटग्रास का रस इस काम में मदद कर सकता है। इसके रस में एंटी-एजिंग गुण पाए जाते हैं। इसमे पाया जाना वाला यह गुण न सिर्फ चेहरे की झुर्रियों को ठीक करता है, बल्कि बढ़ती उम्र के प्रभाव को भी कम करने में मदद कर सकता है (8) (9)। हालांकि, वीटग्रास में एंटी-एजिंग गुण पाए जाते हैं, लेकिन इस संबंध में अभी और शोध किए जाने की जरूरत है।

13. बालों के लिए गेहूं के जवारे के फायदे

तेजी से झड़ते बाल गंजेपन का कारण बन सकते हैं। इस समस्या के लिए भी गेहूं के जवारे का उपयोग फायदेमंद हो सकता है। इसमें पाया जाने वाला जिंक बालों को पर्याप्त पोषण प्रदान करता है। इसके अलावा, बालों के लिए व्हीट ग्रास के फायदे ये भी है कि इसके उपयोग से बालों का असमय सफेद होना रुक सकता है। साथ ही बाल लंबे, घने और जड़ों से मजबूत हो सकते हैं (2)।

सेहत के लिए गेहूं के जवारे के फायदे जानने के बाद जानते हैं, इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्वों के बारे में।

गेहूं के जवारे के पौष्टिक तत्व – wheatgrass Nutritional Value in Hindi

गेहूं में पाए जाने वाले पोषक तत्व और उनकी मात्रा इस प्रकार हैं (10):

पोषक तत्वमात्रा प्रति 100 ग्राम
ऊर्जा28 kcal
प्रोटीन0.56 ग्राम
कार्बोहाइड्रेट6.48 ग्राम
फाइबर0.6 ग्राम
शुगर4.79 ग्राम
मिनरल्स
कैल्शियम8 मिलीग्राम
आयरन0.51 मिलीग्राम
मैग्नीशियम6 मिलीग्राम
फास्फोरस8 मिलीग्राम
पोटैशियम55 मिलीग्राम
सोडियम5 मिलीग्राम
सेलेनियम2 माइक्रोग्राम
आयोडिन4 माइक्रोग्राम
विटामिन
विटामिन सी5.1 मिलीग्राम
राइबोफ्लेविन0.096 मिलीग्राम
फोलेट6 माइक्रोग्राम
विटामिन-बी 120.17 मिलीग्राम
विटामिन-ए, आईयू141 आईयू
विटामिन-के11.3 माइक्रोग्राम

आइए, अब आर्टिकल के इस हिस्से में हम गेहूं के जवारे को इस्तेमाल करने के तरीके के बारे में जान लेते हैं।

गेहूं के जवारे का उपयोग – How to Use wheatgrass in Hindi

गेहूं के जवारे का उपयोग कई प्रकार से कर सकते हैं:

  • गेहूं के जवारे का उपयोग जूस बनाने के लिए किया जा सकता है।
  • गेहूं के जवारे का पाउडर के रूप में सेवन किया जा सकता है।
  • इसके रस का सेवन अन्य जूस के साथ मिलाकर कर सकते हैं।
  • गेहूं के जवारे का पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगा सकते हैं।
  • गेहूं के पेस्ट का उपयोग आंखों के आसपास डार्क सर्कल को दूर करने के लिए भर कर सकते हैं।
  • जले हुए और सूजन से प्रभावित क्षेत्र के आसपास इसके पेस्ट को लगाने से राहत मिल सकती है।
  • इसका उपयोग स्मूदी के रूप में भी कर सकते हैं।
  • गेहूं के जवारे के पाउडर को दूध के साथ मिलाकर भी उपयोग कर सकते हैं।

मात्रा : गेहूं के जवारे के फायदे तभी होंगे, जब इसे संतुलित मात्रा में लिया जाए। इसलिए, दिनभर में सिर्फ एक गिलास इसके रस का सेवन करना ही काफी है।

गेहूं के जवारे का उपयोग जानने के बाद यहां हम गेहूं के जवारे के नुकसान के बारे में बता रहे हैं।

गेहूं के जवारे के नुकसान – Side Effects of wheatgrass in Hindi

गेहूं के जवारे से होने वाले नुकसान इस प्रकार हैं:

  • गेहूं के जवारे के रस का अधिक मात्रा में सेवन करने से मतली की समस्या हो सकती है (11)।
  • गेहूं के जवारे में फाइबर की मात्रा पाई जाती है और अधिक मात्रा में फाइबर का सेवन गैस, सूजन और पेट में ऐंठन का कारण बन सकता है (10) (12)।
  • जिनका शुगर लेवल कम होता है, उन्हें भी इसका सेवन सावधानी से करना चाहिए, क्योंकि इसमें एंटी हाइपरग्लाइसीमिया प्रभाव पाया जाता है, जिससे रक्त में मौजूद शुगर का स्तर कम हो सकता है (4)।

गेहूं के जवारे के बारे में जानकारी देता यह आर्टिकल पढ़कर आपने जाना होगा कि किस प्रकार यह सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है। साथ ही यह कैंसर जैसी बीमारियों के प्रभाव को कम तो कर सकता है, लेकिन उसे पूरी तरह से समाप्त नहीं कर सकता। इसके लिए चिकित्सक से इलाज करवाना बहुत जरूरी है। फिर भी यह सेहत को कई प्रकार से फायदा पहुंचाने में मदद कर सकता है। डॉक्टर की सलाह से आप इसका सेवन करके इसके फायदों का लाभ ले सकते हैं।

Sources

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Neelanjana Singh

(Nutrition Therapist & Wellness Consultant)
Neelanjana Singh has over 30 years of experience in the field of nutrition and dietetics. She created and headed the nutrition facility at PSRI Hospital, New Delhi. She has taught Nutrition and Health Education at the University of Delhi for over 7 years.   She has authored several books on nutrition: Our Kid Eats Everything (Hachette), Why Should I Eat... more

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