घरघराहट के कारण, लक्षण और इलाज – Wheezing Causes, Symptoms and Treatment in Hindi

Written by , (शिक्षा- बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मीडिया कम्युनिकेशन)

स्वास्थ्य के प्रति जरा-सी लापरवाही बीमारी का कारण बन सकती है। सतर्क न होने पर मामूली सर्दी-खांसी भी शारीरिक परेशानियां पैदा करती है, जिसमें गले की घरघराहट भी शामिल है। सामान्य रूप में इसका इलाज हो सकता है, लेकिन घरघराहट के लक्षण को नजरअंदाज करने से अन्य जोखिम पैदा हो जाते हैं। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम घरघराहट के कारण और संकेत के साथ ही घरघराहट के इलाज के बारे में बताएंगे। बस तो पूरी जानकारी के लिए लेख में अंत तक बने रहें।
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आइए, अब जानते हैं कि घरघराहट क्या है।

घरघराहट क्या है? – What is Wheezing in Hindi

घरघराहट वह स्थिति है, जब सांस लेने के दौरान गले से थोड़ी तेज सीटी जैसी आवाज निकलती है। ऐसा तब होता है जब हवा फेफड़ों में संकुचित हो चुकी श्वास नलियों से गुजरती है। यह एक ऐसा लक्षण है, जिससे यह पता चलता है कि व्यक्ति को सांस लेने में समस्या हो रही है। इस आवाज को सांस छोड़ते वक्त ज्यादा सुना जा सकता है। इसके अलावा, सांस लेते समय भी यह आवाज सुनी जा सकती है (1)।

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आइए, अब जानते हैं कि घरघराहट के कारण क्या-क्या हो सकते हैं।

घरघराहट के कारण – Causes of Wheezing in Hindi

घरघराहट की समस्या मुख्य रूप से अस्थमा से पीड़ित लोगों को हो सकती है (2)। इसके अलावा, घरघराहट के अन्य कारणों को नीचे क्रमवार बताया जा रहा है (1) (2)।

  • सांस लेने के दौरान फेफड़े में किसी चीज का फंसना
  • फेफड़ों के बड़े वायुमार्ग का चौड़ा होना और उसे नुकसान पहुंचना
  • फेफड़ों में सबसे छोटे वायु मार्ग में सूजन और बलगम का बनना
  • फेफड़ों तक हवा ले जाने वाले मुख्य मार्ग में सूजन और बलगम होना
  • सीओपीडी (Chronic Obstructive Pulmonary Disease) के कारण घरघराहट होना। सीओपीडी फेफड़ों से संबंधित एक रोग है। खासकर ऐसा तब होता है, जब श्वसन तंत्र में कोई संक्रमण मौजूद हो।
  • एसिड रिफ्लक्स रोग यानी पेट तक खाना पहुंचाने वाली नली में विकार के कारण
  • हार्ट फेल्योर (कार्डियक अस्थमा) के कारण
  • किसी कीट के काटने पर होने वाली एलर्जी के कारण
  • कुछ दवाओं जैसे एस्पिरिन (Aspirin) के कारण
  • फेफड़ों का संक्रमण जैसे निमोनिया
  • धूम्रपान के कारण
  • वायरल इन्फेक्शन के कारण, खासकर 2 साल से कम उम्र के बच्चों में
  • कार्सिनोइड कैंसर (फेफड़ों में होने वाला एक कैंसर) के कारण
  • वोकल कार्ड डिसफंक्शन (Vocal Cord Dysfunction) के कारण। इसमें गला असामान्य रूप से सिकुड़ जाता है
  • बलगम का गले के अंदर जाना (पोस्ट नेसल ड्रिप)
  • स्लीप एप्निया (सोते वक्त सांस रुकने की समस्या)
  • आरएस वायरस (फ्लू जैसे लक्षण)

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इस भाग में जानिए कि घरघराहट के लक्षण क्या-क्या हो सकते हैं।

घरघराहट के लक्षण – Symptoms of Wheezing in Hindi

घरघराहट के लक्षण को बड़ी आसानी से समझा जा सकता है। जैसा कि ऊपर लेख में भी बताया जा चुका है कि इस स्थिति में व्यक्ति जब सांस लेता है, तो उसके गले से सीटी बजने जैसी आवाज निकलती है, जिसे घरघराहट के लक्षण के रूप में पहचाना जा सकता है (1)।

इसके अलावा, नॉइजी चेस्ट (Noisy Chest) को भी घरघराहट का लक्षण माना जा सकता है (3)। सांस लेने के दौरान सीने से आने वाली आवाज को नॉइजी चेस्ट कहा जाता है। ऐसे में अगर सांस लेने के दौरान किसी भी प्रकार की आवाज या परेशानी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। इसके अन्य लक्षणों की पहचान करने के लिए अभी और वैज्ञानिक अध्ययन की जरूरत है।

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आइए, अब जानते हैं कि घरघराहट के जोखिम कारक क्या हो सकते हैं।

घरघराहट के जोखिम कारक – Risk Factors of Wheezing in Hindi

घरघराहट के जोखिम कारक इस प्रकार हो सकते हैं (4)।

  • आनुवंशिक रूप से अस्थमा या एटोपी (Atopy) के कारण। आनुवंशिक दोष के कारण उत्पन्न होने वाली एलर्जी को एटोपी कहा जाता है।
  • बचपन में होने वाला एक्जिमा।
  • एलर्जिक राइनाइटिस (Allergic Rhinitis) के कारण, जिसमें नाक में सूजन आ जाती है।
  • एलर्जी के प्रति संवेदनशीलता। इसमें त्वचा में चुभन महसूस होना।
  • वायरल इंफेक्शन के कारण
  • श्वसन तंत्र (Respiratory System) में वायरल इंफेक्शन।
  • राइनोवायरस यानी ऐसा इंफेक्शन जो गले में दर्द और कोल्ड जैसी स्थिति को बढ़ाता है।
  • गर्भावस्था के दौरान स्मोकिंग और पैसिव स्मोकिंग। सिगरेट पीते वक्त जो धुआं, किसी सिगरेट न पीने वाले व्यक्ति को हवा के जरिए मिलता है, उसे पैसिव स्मोकिंग कहते हैं (5)

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आगे हम घरघराहट के निदान बता रहे हैं।

घरघराहट का निदान – Diagnosis of Wheezing in Hindi

नीचे लेख में दिए गए तरीकों से घरघराहट का निदान किया जा सकता है (2)। ये तरीके कुछ इस प्रकार हैं :

शारीरिक परीक्षण : डॉक्टर रोगी से घरघराहट की ध्वनि की तीव्रता और समय के बारे में पूछताछ कर सकते हैं। इसके अलावा, सिर या गले की पुरानी किसी सर्जरी या कैंसर के इलाज के लिए रेडिएशन थेरेपी के बारे में पूछ सकते हैं।

चेस्ट एक्स-रे : श्वसन नली या फेफड़ों में किसी बाहरी चीज के फंसे होने का पता लगाने के लिए डॉक्टर सीने का एक्स-रे करने की सलाह दे सकते हैं।

पल्मोरनी फंक्शन टेस्ट : डॉक्टर पल्मोरनी फंक्शन टेस्ट के जरिए श्वसन नली की स्थिति रिपेयरबल है या नहीं, इसका पता लगा सकते हैं।

सीटी स्कैन : घरघराहट के लक्षण में कमी नहीं पाई जाती है, तो यह ट्यूमर होने का संकेत हो सकता है। ऐसे में इसकी जांच के लिए डॉक्टर सीटी स्कैन कराने की सलाह दे सकते हैं।

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आगे हम में घरघराहट के इलाज के बारे में जानकारी दी जा रही है।

घरघराहट का इलाज – Treatment of Wheezing in Hindi

घरघराहट के इलाज कई प्रकार से किए जा सकते हैं। अधिकतर इसका इलाज कारण की जांच के उस कारक को ठीक करके ही होता है। वैसे इस स्थिति में डॉक्टर नीचे बताए जा रहे किसी भी उपचार की सलाह दे सकते हैं।

सिम्बिकोर्ट के जरिए – सिम्बिकॉर्ट जैसी दवाओं के जरिए घरघराहट के साथ-साथ इसके कारण में शामिल अस्थमा और सीओपीडी के उपचार में भी मदद मिल सकती है। इस दवा को इन्हेल किया जाता है (6)। एलर्जी वाले लोगों को इसे उपयोग न करने की सलाह दी जाती है। इसका इस्तेमाल डॉक्टरी परामर्श के बाद ही करें।

अस्थमा को ठीक करके – घरघराहट के लिए अस्थमा की समस्या को अहम कारण माना जाता है (2)। ऐसे में अस्थमा को ठीक करने के लिए मेडिकल ट्रीटमेंट का सहारा लिया जा सकता है। मेडिकल ट्रीटमेंट और डॉक्टरों द्वारा सुझाई गई उपचार प्रक्रिया के जरिए फेफड़ों तक हवा पहुंचाने वाले मार्ग में हुई सूजन को कम किया जा सकता है। इससे घरघराहट को ठीक करने में मदद मिल सकती है (7)।

डॉक्टरी देखरेख के द्वारा – घरघराहट कई कारण (अस्थमा, वायरल संक्रमण आदि) से हो सकती है (1)। ऐसे में सटीक कारण को जानने के लिए डॉक्टर से सम्पर्क करें। इसके बाद घरघराहट के उपचार के लिए डॉक्टर के द्वारा दिए गए दिशा-निर्देश और दवाओं के जरिए घरघराहट का इलाज हो सकता है।

नोट – इनमें से किसी भी प्रक्रिया को स्वयं से उपयोग न करें, बल्कि पहले डॉक्टर की सलाह लें।

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लेख के इस भाग में जानिए कि घरघराहट से बचे रहने के लिए किन-किन उपायों को अपनाया जा सकता है।

घरघराहट से बचने के उपाय – Prevention Tips for Wheezing in Hindi

घरघराहट से बचने के लिए नीचे दिए जा रहे घरेलू उपायों को अपनाया जा सकता है।

1. गर्म तरल पदार्थ पिएं

गरम तरल पदार्थ पीने से भी घरघराहट की समस्या से बचा जा सकता है। गरम तरल पदार्थ पीने से बलगम व गले में दर्द और बहती नाक से निजात मिल सकता है। जैसा कि हमने ऊपर बताया है कि घरघराहट का एक कारण बलगम भी होता है (1)। ऐसे में एक हॉट ड्रिंक के जरिए बलगम की समस्या को दूर करके, घरघराहट से बचने में मदद मिल सकती है (8)। इसके लिए आप गर्म पानी को भी पीने में इस्तेमाल कर सकते हैं। पीने के लिए अन्य गर्म तरल पदार्थ के बारे में डॉक्टर से अवश्य सलाह लें।

2. धूम्रपान छोड़ दें

जैसा कि ऊपर बताया जा चुका है कि घरघराहट के कारण में स्मोकिंग भी शामिल है (1)। इसलिए, स्मोकिंग से बचें। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, सेकंड हैंड स्मोक/पैसिव स्मोकिंग के कारण बच्चों में अस्थमा होने का खतरा बढ़ जाता है (9)। इस कारण बच्चों में भी घरघराहट की समस्या उत्पन्न हो सकती है। बस तो बच्चों को सेकंडहैंड स्मोक से भी दूर रखें।

3. ह्यूमिड एयर में इन्हेलिंग से बचें

ह्यूमिड एयर यानी नमी युक्त हवा में कुछ मोल्ड (फंगस) पाए जाते हैं, जो एक तरह के अति सूक्ष्म जीव होते हैं। ये ज्यादातर ह्यूमिड एयर में ही पनपते हैं और मौजूद रहते हैं। जब सांस के जरिए ये मोल्ड अंदर जाते हैं, तो इससे अस्थमा का खतरा बढ़ सकता है (10)। लेख में ऊपर बताया गया है कि अस्थमा की समस्या घरघराहट का एक मुख्य कारण हो सकती है (1)।

इस स्थिति से बचे रहने के लिए घर की ह्यूमिडिटी के स्तर को 35-50% के बीच रखें। यह एयर कंडिशनर के जरिए मुमकिन है। इसके अलावा, घर की दीवार आदि के पीछे पानी की लीकेज को रोकें, क्योंकि उसके कारण ये मोल्ड उत्पन्न हो सकते हैं (10)।

4. अधिक फल और सब्जियां खाएं

अधिक फल और सब्जियों के सेवन से घरघराहट का कारण बनने वाले अस्थमा और सीओपीडी को ठीक करने में मदद मिल सकती है। इससे घरघराहट के जोखिम को कई गुना तक कम किया जा सकता है (11)। हालांकि, किन सब्जियों और फलों का सेवन करना उचित रहेगा, इस बारे में आहार विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

5. ठंड और शुष्क मौसम में व्यायाम न करें

ठंडे और शुष्क मौसम में व्यायाम न करने से भी घरघराहट से बचा जा सकता है। दरअसल, सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के द्वारा जारी की गई एक रिपोर्ट के मुताबिक, ठंड और शुष्क हवा में सांस लेने से अस्थमा का खतरा बढ़ सकता है, जिससे घरघराहट हो सकती है (12) (1)। व्यायाम करने के दौरान सांस लेने की गति वैसे भी बढ़ जाती है, इसलिए ऐसे स्थान में व्यायाम करने से बचें।
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आइए, अब घरघराहट की जटिलताएं क्या हैं, इसकी चर्चा करते हैं।

घरघराहट की जटिलताएं – Wheezing Complications in Hindi

घरघराहट का इलाज और इससे बचने के उपाय जानने के बाद अब घरघराहट से होने वाली जटिलताओं को जानने की बारी है। घरघराहट भले ही आम समस्या लगे, लेकिन कारणों के आधार पर कई मामलों में इसके जोखिम भी हो सकते हैं। घरघराहट की जटिलताएं कुछ इस प्रकार हैं (13) (14) (15):

  • दमा
  • ज्यादा सांस फूलना
  • सीने में दर्द
  • सांस लेने तकलीफ
  • खांसते समय खून का आना
  • ऑक्सीजन लेवल में कमी
  • बार-बार निमोनिया होने का खतरा
  • मानसिक स्थिति का खराब होना
  • कॉर पल्मोनेल (हृदय के दाएं हिस्से का कमजोर हो जाना)

घरघराहट के कारण, लक्षण और बचाव जानने के बाद इस समस्या से बचने और इसके इलाज समझने में ज्यादा परेशानी नहीं होगा। समय रहते इस समस्या के लिए डॉक्टर से संपर्क करें। ऐसा न करने पर परेशानी ज्यादा बढ़ सकती है और स्थिति धीरे-धीरे गंभीर होती जाएगी। साथ ही लेख में बताए गए घरघराहट से बचाव के टिप्स भी अपनाएं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या घरघराहट गंभीर है?

नहीं, घरघराहट एक आम समस्या है, लेकिन अगर यह परेशानी लंबे समय तक रहती है, तो ये गंभीर हो सकती है।

कैसे जान सकते हैं कि घरघराहट फेफड़ों या गले से है?

घरघराहट फेफड़ों से है या गले से है इसकी जांच डॉक्टर स्टेथोस्कोप से पता कर सकते हैं।

क्या शहद घरघराहट बंद कर सकता है?

नहीं, शहद घरघराहट बंद नहीं कर सकता है, लेकिन इसको काफी हद तक कम या इसमें सुधार कर सकता है (16)।

घरघराहट के लिए डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?

घरघराहट पहली बार होते ही डॉक्टर की सलाह ले लेनी चाहिए। इसके अलावा, सांस फूलने और त्वचा का रंग नीला पड़ने लगे, तो फौरन डॉक्टर की सलाह लें (1)।

संदर्भ (Sources)

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  1. Wheezing
    https://medlineplus.gov/ency/article/003070.htm
  2. Wheezing
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK482454/
  3. Signs and Symptoms that Precede Wheezing in Children with a Pattern of Moderate-to-Severe Intermittent Wheezing
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3086348/
  4. Risk factors and prognosis of recurrent wheezing in Chinese young children: a prospective cohort study
    https://aacijournal.biomedcentral.com/articles/10.1186/s13223-019-0351-4
  5. Prospective study of risk factors for early and persistent wheezing in childhood
    http://citeseerx.ist.psu.edu/viewdoc/download?doi=10.1.1.527.2897&rep=rep1&type=pdf
  6. MEDICATION GUIDE
    https://www.fda.gov/media/73035/download
  7. Asthma
    https://medlineplus.gov/ency/article/000141.htm
  8. The effects of a hot drink on nasal airflow and symptoms of common cold and flu
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/19145994/
  9. Health Effects
    https://www.cdc.gov/tobacco/basic_information/health_effects/index.htm
  10. asthma_brochurePRINT_v2.qxd
    https://www.cdc.gov/asthma/pdfs/asthma_brochure.pdf
  11. Nutrition and Respiratory Health—Feature Review
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4377870/
  12. Common Asthma Triggers
    https://www.cdc.gov/asthma/triggers.html
  13. Bronchiectasis
    https://medlineplus.gov/ency/article/000144.htm
  14. Cor pulmonale
    https://medlineplus.gov/ency/article/000129.htm
  15. Gastroesophageal reflux disease
    https://medlineplus.gov/ency/article/000265.htm
  16. Inhalation of honey reduces airway inflammation and histopathological changes in a rabbit model of ovalbumin-induced chronic asthma
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4048365/

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