गिंको बाइलोबा (जिन्‍कगो) के 22 फायदे, उपयोग और नुकसान – Ginkgo Biloba Benefits, Uses and Side Effects in Hindi

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विश्वभर में कई प्रकार की जड़ी-बूटियां पाई जाती हैं, जो मानव स्वास्थ के लिए फायदेमंद हैं। इन्हीं जड़ी-बूटियों में से एक है गिंको बाइलोबा या जिंको बाइलोवा, जिसे मैडेनहायर भी कहा जाता है। शायद आप इस जड़ी-बूटी के बारे में पहली पढ़ रहे होंगे, क्योंकि यह दुर्लभ जड़ी-बूटी है और बमुश्किल दिखाई देती है। आपको जानकर हैरानी होगी कि प्राचीन चिकित्सा पद्धती से लेकर अभी तक गिंको बाइलोबा का व्यापक उपयोग होता रहा है और गिंको बाइलोबा का लाभ विभिन्न बीमारियों से बचने में किया जाता हैं। साथ ही अगर कोई बीमार है, तो उसके लक्षणों को कम करने में यह जड़ी-बूटी फायदा पहुंचा सकती है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम गिंको बाइलोबा के फायदे और नुकसान के साथ ही इसके उपयोग बारे में जानेंगे। इन फायदों को जानकर आप भी इसका उपयोग किए बिना नहीं रह सकेंगे।

आइए, सबसे पहले हम जानते हैं कि गिंको बाइलोबा सेहत के लिए कैसे फायदेमंद है।

सेहत/स्वास्थ्य के लिए गिंको बाइलोबा के फायदे – Health Benefits of Ginkgo Biloba in Hindi

गिंको बाइलोवा की न सिर्फ पत्तियां, बल्कि इसकी शाखा से लेकर जड़ तक हर एक चीज उपयोग में आती हैं। इसकी पत्तियों से निकले अर्क से आंखों व ह्रदय से संबंधित कई बीमारियों का इलाज संभव है। अस्थमा, चक्कर, थकान व टिनिटस आदि बीमारियों के इलाज के लिए जिंको बाइलोबा का उपयोग सैकड़ों वर्षों से किया जा रहा है। (1)। आइए जानते हैं कि स्वास्थ्य से संबंधित और किन-किन बीमारियों में इसका उपयोग किया जा सकता है।

1. आंखों की सुरक्षा के लिए गिंको बाइलोवा के फायदे

ग्लूकोमा एक ऐसी स्थिति है, जिसमें देखने की क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है। वहीं, जिंको बाइलोवा में फ्लेवोनोइड्स, विटामिन-ई और विटामिन-सी जैसे एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो ग्लूकोमा के स्तर को कम करने में मदद करते हैं। साथ ही आंखों को विभिन्न प्रकार की बीमारियों से दूर रख कर, आंखों की रोशनी को बढ़ाते हैं (2)।

2. रक्त संचार में सुधार के लिए

जिंको बाइलोबा के पत्तों के अर्क में एंटीऑक्सीडेंट के रूप में क्वेरसेटिन, टेरेपिन लैक्टोन, ग्लूकोज, कार्बनिक एसिड, डी-ग्लूकेरिक और जिन्कगोलिक एसिड जैसे गुण होते हैं। ये सभी रक्तचाप को नियंत्रित करके रक्त के प्रवाह में सुधार करते हैं। साथ ही ये प्लेटलेट को इकट्ठा होने से रोकते हैं (3)।

3. चिंता को कम करे गिंको बाइलोबा

चिंता और अवसाद से निजात पाने के लिए लोग गिंको बाइलोबा का उपयोग दवाओं के रूप में करते हैं। इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट गुण मानसिक बीमारियों से ग्रस्त लोगों को जल्द ही आराम दिलाते हैं। हालांकि, इस विषय पर सटीक जानकारी के लिए अभी और वैज्ञानिक शोध किया जा रहा है (4)।

[ पढ़े: चिंता (एंग्जायटी) के कारण, लक्षण और घरेलू इलाज ]

4. ह्रदय के लिए फायदेमंद जिन्को बाइलाेबा

जिन्को बाइलोबा के अर्क में एंटीहाइपरट्रॉफिक गुण मौजूद होता है, जिस कारण ह्रदय बेहतर तरीके से काम करता है। आपको बता दें कि हाइपरट्रॉफिक में ह्रदय की मांसपेशियां जरूरत से ज्यादा मोटी हो जाती हैं। इससे ह्रदय की खून को पंप करने की क्षमता प्रभावित होती है। इस प्रकार लौंग ह्रदय को स्वस्थ रखकर शरीर में रक्त संचार प्रणाली को संतुलित करता है (5)।

5. दर्द से छुटकारे के लिए

जिन्कगो की पत्तियों से बने अर्क का उपयोग कई परिस्थितियों में दर्द निवारक के रूप में किया जाता है। यह नसों के सिकुड़ने से पैर में होने वाले दर्द से भी राहत दिला सकता है (1)। इसके अलावा, गिंको बाइलोबा का अर्क टिशू के क्षतिग्रस्त होने पर न्यूरोपैथिक जैसे पुराने दर्द से भी आराम दिला सकता है (6)।

6. मस्तिष्क के विकास के लिए

कुछ वैज्ञानिक शोध से पता चलता है कि जिन्कगो स्वस्थ लोगों में मानसिक क्षमता में सुधार कर सकता है, लेकिन इस विषय में अभी और शोध की आवश्यकता है (7)। वहीं, एक शोध के अनुसार जिन्को बाइलोबा के अर्क में मौजूद पॉलीफेनोल्स न्यूरोट्रॉफिक मस्तिष्क के विकास के लिए सहायक हो सकते हैं (8)।

7. एनर्जी बूस्टर

गिंको बाइलोबा के अर्क में मौजूद फ्लेवोनोइड्स और टेरपेनेस एंडोथेलियम बेहतर रक्त प्रवाह के माध्यम से मांसपेशियों में ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ाने में सुधार कर सकते हैं (8)।

8. श्वास संबंधी रोगों में मददगार

गिंको बाइलोबा के अर्क के उपयोग से कई श्वास संबंधी विकारों को दूर किया जा सकता है। इसके एंटीऑक्सीडेंट गुणों की वजह से चीन और जापान में गिंको बाइलोबा का उपयोग अस्थमा, कफ व खांसी जैसे रोगों के इलाज के लिए किया जाता है (9)।

9. एकाग्रता बढ़ाए

जैसा कि आप जान ही चुके हैं कि गिंको बाइलोबा में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं। इन गुणों के कारण ही यह अल्जाइमर का इलाज करने में सक्षम है। साथ ही याददाश्त को बेहतर करने और एकाग्रता को बढ़ाने में उपयोगी है (10)।

10. सिरदर्द के इलाज में सहायक

गिंको बाइलोवा के पत्तियों से निकलने वाले अर्क में जिन्कगोलाइड बी नामक हर्बल तत्व पाया जाता है। इस तत्व के कारण ही गिंको बाइलोवा माइग्रेन जैसे रोगों के उपचार में सहायक साबित हो सकता है (11)।

11. प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम के लक्षणों को कम करता है

महावारी से पहले नजर आने वाले लक्षणों को प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम कहा जाता है। इस दौरान सूजन, सिरदर्द और मूड स्विंग का सामना करना पड़ सकता है (12)। वैज्ञानिक शोध के अनुसार, गिंको बाइलोवा के पत्तियों के अर्क के सेवन से प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम के कारण होने वाले शारीरिक और मानसिक लक्षणों को कम किया जा सकता है (13)।

12. एडीएचडी को रोकने में मदद करता है

एडीएचडी (अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर) एक प्रकार का विकार है, जिसमें मरीज के लिए किसी भी काम पर ध्यान केंद्रित करना और अपने व्यवहार को नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है (14)। शोध के अनुसार, जिन्को बाइलोबा के उपयोग से मानसिक रोगों की समस्या को दूर किया जा सकता है। साथ ही शोध के अनुसार, जिन्कगो बाइलोबा कुछ ही साइड इफेक्ट के साथ एडीएचडी के उपचार में लाभदायक हो सकता है (15)।

13. कामेच्छा में सुधार

वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, गिंको बाइलोबा के अर्क की खुराक कामेच्छा में सुधार कर सकती है (16)। साथ ही गिंको बाइलोबा में मौजूद नाइट्रिक ऑक्साइड रक्त के प्रवाह को सुगम बनाता है, जिससे महिलाओं की मांसपेशियों के टिशू पर भी असर होता है। गिंको बाइलोबा महिलाओं के जननांग की संवेदनशीलता को बेहतर करता है (17)।

14. बवासीर में गिंको बाइलोबा के लाभ

गिंको बाइलोवा का अर्क दर्दनाक बवासीर से पीड़ित लोगों के लिए भी फायदेमंद है। गुदा और मलाशय पर जिन्कगो बाइलोबा के अर्क का प्रयोग सूजन, रक्तस्राव और संक्रमित क्षेत्र में दर्द से राहत देने में मदद कर सकता है (18)।

15. फाइब्रोमायल्जिया को दूर करे

मांसपेशियों में दर्द और थकावट को मेडिकल भाषा में फाइब्रोमायल्जिया कहा जाता है (19)। इस समस्या में जिंको बाइलोबा अर्क का सेवन करने से मांसपेशियों में दर्द और थकावट को दूर करने में मदद मिल सकती है। इससे फाइब्रोमायल्जिया विकार को कम किया जा सकता है (20)।

सेहत के बाद जानते हैं, त्वचा के लिए गिंको बाइलोबा कैसे फायदेमंद हो सकता है।

त्वचा के लिए गिंको बाइलोबा के फायदे – Skin Benefits of Ginkgo Biloba in Hindi

गिंको बाइलोबा के फायदे न सिर्फ सेहत के लिए हैं, बल्कि यह त्वचा के लिए भी लाभदायक है। आइए जानते हैं कैसे।

1. एंटी-एजिंग गुण

गिंको बाइलोबा में पाए जाने वाले एंटी-रिंकल गुण त्वचा की झुर्रियों को रोकते हैं, जिससे चेहरे पर बढ़ती उम्र का असर जल्द नहीं दिखाई देता (21)। साथ ही गिंको बाइलोबा चिंता और अवसाद को भी कम करता है, जिस कारण चेहरे पर रौनक लौट आती है (4)। आप गिंको बाइलोबा को फेस पैक के रूप में इस प्रकार उपयोग कर सकते हैं।

सामग्री :
  • 1 बड़ा चम्मच गिंको बाइलोबा की पत्तियों का पेस्ट
  • 1/2 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
  • 1 चम्मच शहद
  • 1 चम्मच जिनसेंग का रस
कैसे बनाएं :
  • सभी सामग्रियों को मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट बनाएं।
  • इस पेस्ट को अपने चेहरे और गर्दन पर समान रूप से लगाएं।
  • 15 से 20 मिनट के लिए इस मास्क को छोड़ दें और फिर इसे गुनगुने पानी से धो लें।
  • इसके बाद मॉइस्चराइजर जरूर लगाएं।
कब कर सकते हैं उपयोग :

इस प्रक्रिया को सप्ताह में दो बार दोहराएं।

2. प्राकृतिक सनस्क्रीन

गिंको बाइलोबा एक प्राकृतिक सनस्क्रीन है। यह त्वचा को नुकसान पहुंचाने वाली सूर्य की हानिकारक किरणों से बचाता है। यही कारण है कि इसके अर्क का उपयोग कई सनस्क्रीन क्रीम में किया जाता है (22)। आप गिंको बाइलोबा के अर्क से घर में भी सनस्क्रीन बना सकते हैं। यह लोशन बनाने में बहुत आसान है और सामान्य से सूखी त्वचा वालों के लिए फायदेमंद है।

सामग्री :
  • 1 कप शुद्ध एलोवेरा जेल
  • ½ कप कसा हुआ बीजवैक्स
  • ½ कप जोजोबा का तेल
  • 1 चम्मच विटामिन-ई तेल
  • 1 चम्मच गिंको बाइलोबा का अर्क
  • लैवेंडर या शीशम के तेल की 15 बूंदें
  • एक कांच का जार
  • दो मध्यम आकार के प्लास्टिक के कटोरे
कैसे बनाएं :
  • एक मध्यम आकार के प्लास्टिक के कटोरे में एलोवेरा जेल, विटामिन-ई तेल, गिंको बाइलोबा का अर्क और लैवेंडर के तेल को मिलाएं। फिर कुछ देर के लिए कमरे के सामान्य तापमान में रख दें।
  • अब दूसरे कटोरे में बीजवैक्स और जोजोबा का तेल मिलाएं और बड़े कंटेनर में रखकर इसे तब तक उबालें, जब तक कि यह पूरी तरह से गल न जाए।
  • अब इस दूसरे मिश्रण को ब्लेंडर में डालें और ठंडा होने दें।
  • ब्लेंडर में बीजवैक्स मिश्रण के ऊपर एलोवेरा जेल वाले मिश्रण को डालें।
  • अब इसे सावधानी से 10 से 15 मिनट तक ब्लेंड करें।
  • इसके बाद इसे उपयोग के लिए एक साफ कांच के जार में निकाल लें।
  • आपका सनस्क्रीन लोशन उपयोग करने के लिए तैयार है।

3. त्वचा की सूजन को कम करता है

शोध में पता चला है कि गिंको बाइलोबा में पाए जाने वाले फ्लेवोनोइड्स, एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण से भरपूर होते हैं। इसका एटो फॉर्मूला त्वचा की सूजन के इलाज के लिए फायदेमंद हो सकता है। साथ ही खुजली करने वाली एटॉपिक डर्मेटाइटिस जैसी बीमारी में भी असरकारक हो सकता है (23)।

सामग्री :
  • 1 बड़ा चम्मच गिंको बाइलोबा का अर्क
  • 1/2 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
  • 1 चम्मच अदरक का रस
कैसे बनाएं :
  • पेस्ट बनाने के लिए सभी सामग्रियों को अच्छी तरह से मिलाएं।
  • इस पेस्ट को प्रभावित जगह पर लगाकर 5 से 10 मिनट तक सूखने दें।
  • अब इसे पानी से धो लें।
कब कर सकते हैं उपयोग :

सूजन से तुरंत राहत पाने के लिए दिन में दो बार इस पेस्ट का उपयोग कर सकते हैं।

4. प्राकृतिक क्लीन्जर के रूप में

गिंको बाइलोबा एक प्राकृतिक क्लींजर के रूप में कार्य कर सकता है। यह त्वचा के बंद हो चुके रोम छिद्रों को खोलकर और गंदगी को बाहर निकालकर चेहरे की त्वचा को साफ करने में मदद कर सकता है।

सामग्री :
  • 1 चम्मच गिंको बाइलोबा का अर्क
  • 1 चम्मच नींबू का रस
कैसे बनाएं :
  • दोनों सामग्रियों को अच्छी तरह से मिलाएं।
  • फिर इस मिश्रण से कम से कम 5 मिनट तक हल्के-हल्के हाथों से मालिश करें।
  • इसके बाद साफ पानी से धो लें।

5. त्वचा की समस्याओं को रोकता है

गिंको बाइलोबा का सिनर्जिस्टिक प्रभाव एवं एंटीऑक्सीडेंट त्वचा की समस्याओं जैसे स्किन मार्क्स, स्ट्रेच मार्क्स, मुंहासे, खुजली और फुंसियों को रोकता है। यह त्वचा की रक्षा करता है साथ ही इसे स्वस्थ व तरोताजा रखता है (24)।

सामग्री :
  • 1 बड़ा चम्मच गिंको बाइलोबा का अर्क
  • 1 छोटा चम्मच चंदन पाउडर
  • 1 चम्मच गुलाब जल
कैसे बनाएं :
  • पेस्ट बनाने के लिए सभी सामग्रियों को अच्छी तरह से मिलाएं।
  • इस पेस्ट को स्किन मार्क्स, स्ट्रेच मार्क्स, मुंहासे, खुजली और फुंसियों वाली जगहों पर लगाकर सूखने दें।
  • सूखने के बाद इसे पानी से धो लें।

त्वचा के साथ ही गिंको बाइलोबा बालों के लिए भी फायदेमंद है।

बालों के लिए गिंको बाइलोबा के फायदे – Hair Benefits of Ginkgo Biloba in Hindi

गिंको बाइलोबा का उपयोग लंबे और स्वस्थ बालों के लिए भी किया जा सकता है। जानते हैं कि बालों के लिए गिंको बाइलोबा के क्या-क्या लाभ हैं।

1. झड़ते बालों के लिए गिंको बाइलोबा के लाभ

गिंको बाइलोबा में पाए जाने वाले घटकों जैसे क्वेरसेटिन, बिलोबालाइड व जिन्कगोलाइड ए बालों की कोशिकाओं की क्षतिग्रस्त होने से बचाते हैं। साथ ही बालों को कमजोर होने से भी सुरक्षा प्रदान करते हैं (27)।

कैसे करें उपयोग :
  • गिंको बाइलोबा के अर्क की कुछ बूंदें बालों में लगाने वाले तेल में मिलाएं।
  • फिर आराम-आराम से इस तेल से अपने बालों में मसाज करें।
  • आप आधे या एक घंटे बाद बालों को शैंपू कर सकते हैं।
कब कर सकते हैं उपयोग :

इस विधि को आप हफ्ते में एक बार उपयोग कर सकते हैं।

2. बालों की ग्रोथ के लिए

वैज्ञानिक शोध के अनुसार, गिंको बाइलोबा की पत्तियों के अर्क में पाए जाने वाले तत्वाें के कारण इसका उपयोग बालों को मजबूत करने और उनके विकास के लिए किया जा सकता है (28)।

कैसे करें उपयोग :
  • गिंको बाइलोबा के अर्क की कुछ बूंदें नहाने से पहले बालों के तेल में मिलाएं।
  • फिर हल्के-हल्के हाथों से सिर व बालों में मालिश करें।
  • करीब आधे या एक घंटे बाद शैंपू से बालों को धो लें।
कब कर सकते हैं उपयोग :

इस विधि को आप हफ्ते में एक बार उपयोग कर सकते हैं।

अब बारी है जानने की कि गिंको बाइलोबा का और क्या-क्या उपयोग हो सकता है।

गिंको बाइलोबा का उपयोग – How to Use Ginkgo Biloba in Hindi

गिंको बाइलोबा का उपयोग हम कई प्रकार से कर सकते हैं। गिंको बाइलोबा का उपयोग कैप्सूल, गोलियां, अर्क और सूखे चाय के रूप में किया जा सकता है। यहां हम आपको चाय के रूप में इसके उपयोग के बारे में बता रहे हैं, जो स्वाद के साथ-साथ स्वास्थ्यवर्धक भी है।

गिंको बाइलोबा की चाय

सामग्री :
  • गिंको बाइलोबा की कुछ धुली हुई पत्तियां
  • दो कप पानी
क्या करें?
  • दो कम पानी को एक बर्तन में डालकर कुछ देर के लिए गरम करें।
  • उबलने के बाद इस पानी में पत्तियां डालकर दस मिनट तक और उबालें।
  • इसके बाद चाय को छानकर कप में निकालें और सर्व करें।

गिंको बाइलोबा के फायदे और नुकसान दोनों ही हैं। आइए, अब जानते हैं इसके नुकसान के बारे में।

गिंको बाइलोबा के नुकसान – Side Effects of Ginkgo Biloba in Hindi

अगर गिंको बाइलोबा का उपयाेग फायदेमंद हो सकता है, तो वहीं दूसरी ओर इसका अधिक सेवन उतना ही नुकसानदेह भी हो सकता है। इसका सेवन करने से पहले इसकी सही जानकारी का होना जरूरी है। आइए जानते हैं गिंको बाइलोबा से होने वाले नुकसान के बारे में।

  • एलर्जी: जिन्को बाइलोबा के बीज न्यूरोलॉजिकल समस्या और एलर्जी का कारण बन सकते हैं। इससे मौत भी हो सकती है (29)।
  • कई बीमारियों का खतरा: जिन्को बाइलोबा के साइड इफेक्ट्स में सिरदर्द, पेट खराब और त्वचा की एलर्जी भी शामिल हो सकती है (1)।
  • रक्तस्राव: अगर आप गर्भवती या फिर अधिक उम्र के हैं, तो गिंको बाइलोबा से रक्तस्राव का खतरा हो सकता है (1)।
  • थायराइड कैंसर: जिन्को बाइलोबा के अधिक सेवन से लिवर और थायराइड का कैंसर होने का खतरा बढ़ सकता है (1)।
  • गिंको बाइलोबा का बीज: ताजा (कच्चा) या भुना हुआ जिन्को बाइलोबा का बीज जहरीला हो सकता है और इसे खाने से गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं (1)।

इस लेख में हमने जिन्को बाइलोबा के फायदों के बारे में विस्तार से जाना। अगर आप इस जड़ी-बूटी को इस्तेमाल करने के बारे में सोच रहे हैं, तो पहले इस लेख को अच्छी तरह से पढ़ लें। गिंको बायलोबा के फायदे और नुकसान के बारे में अच्छी तरह जानने के बाद ही इसका सेवन शुरू करें। वहीं, अगर कोई गंभीर रूप से बीमार है, तो डॉक्टर से उचित करवाना भी जरूरी है। अगर आपके मन में जिन्को बाइलोबा से संबंधित कोई सवाल या सुझाव है, तो आप नीचे दिए कमेंट बॉक्स के माध्यम से हमारे साथ शेयर कर सकते हैं। हम ठोस प्रमाण सहित जवाब देने का प्रयास करेंगे।

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Saral Jain

सरल जैन ने श्री रामानन्दाचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, राजस्थान से संस्कृत और जैन दर्शन में बीए और डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ से पत्रकारिता में बीए किया है। सरल को इलेक्ट्रानिक मीडिया का लगभग 8 वर्षों का एवं प्रिंट मीडिया का एक साल का अनुभव है। इन्होंने 3 साल तक टीवी चैनल के कई कार्यक्रमों में एंकर की भूमिका भी निभाई है। इन्हें फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, एडवंचर व वाइल्ड लाइफ शूट, कैंपिंग व घूमना पसंद है। सरल जैन संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी व कन्नड़ भाषाओं के जानकार हैं।

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