गिंको बाइलोबा (जिन्‍कगो) के फायदे, उपयोग और नुकसान – All About Ginkgo Biloba in Hindi

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विश्वभर में कई प्रकार की जड़ी-बूटियां पाई जाती हैं, जो मानव स्वास्थ के लिए फायदेमंद होती हैं। इन्हीं जड़ी-बूटियों में से एक है गिंको बाइलोबा या जिंको बाइलोवा, जिसे मैडेनहायर भी कहा जाता है। संभव है कि आप इस जड़ी-बूटी के बारे में पहली पढ़ रहे होंगे, क्योंकि यह दुर्लभ जड़ी-बूटी है और बमुश्किल दिखाई देती है। साथ ही आपको यह जानकर भी हैरानी होगी कि प्राचीन चिकित्सा पद्धती से लेकर अभी तक गिंको बाइलोबा का उपयोग व्यापक रूप से किया जा रहा है। गिंको बाइलोबा का लाभ विभिन्न बीमारियों से बचने में किया जाता है। साथ ही अगर कोई बीमार है, तो उसके लक्षणों को कम करने में भी यह जड़ी-बूटी फायदा पहुंचा सकती है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम गिंको बाइलोबा के फायदे और गिंको बाइलोबा के नुकसान के साथ ही इसके उपयोग बारे में जानेंगे। इन फायदों को जानने के बाद पाठक भी इसका उपयोग किए बिना नहीं रह सकेंगे।

अंत तक जरूर पढ़ें

आइए, सबसे पहले हम जानते हैं कि गिंको बाइलोबा किसे कहा जाता है।

गिंको बाइलोबा क्या है?- What is Ginkgo Biloba in Hindi

गिंको बाइलोबा एक तरह का आयुर्वेदिक पौधा है, जिसका आकार काफी बड़ा होता है। इसका पेड़ 60 से 100 फीट तक ऊंचा हो सकता है। साथ ही यह सीधा, लंबा और शाखाओं वाला होता है। इसके पत्ते लंबे और डंठल वाले होते हैं। गिंको बाइलोबा के पत्ते, जड़ और छाल में कई आयुर्वेदिक गुण होते हैं, जिसके उपयोग से कई रोगों से मुक्ति पाने में मदद मिल सकती है।

लेख को जारी रखते हुए आगे गिंको बाइलोबा के औषधीय गुण के बारे में बताएंगे।

गिंको बाइलोबा के औषधीय गुण

गिंको बाइलोबा में मौजूद औषधीय गुण के कारण ही लोग इसे इस्तेमाल करते हैं। इसमें मुख्य रूप से मल्टीविटामिन और मिनरल्स की समृद्ध मात्रा पाई जाती है, जो शरीर को जरूरी पोषण प्रदान करता है। इसके अलावा, इसमें एंटीडिप्रेसेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-प्लेटलेट जैसी गतिविधि भी होती है, जो इनसे जुड़ी समस्या को दूर रखने में मदद कर सकता है (1)।

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इस लेख के अगले भाग में गिंको बाइलोबा के फायदे के बारे में जानकारी देंगे।

गिंको बाइलोबा के फायदे – Benefits of Ginkgo Biloba in Hindi

गिंको बाइलोवा की न सिर्फ पत्तियां, बल्कि इसकी शाखा से लेकर जड़ तक हर चीज उपयोग में आती है। इसकी पत्तियों से निकले अर्क से आंखों व हृदय से संबंधित कई बीमारियों का इलाज संभव है। अस्थमा, चक्कर, थकान व टिनिटस आदि बीमारियों के इलाज के लिए जिंको बाइलोबा का उपयोग सैकड़ों वर्षों से किया जा रहा है। वहीं, इसके कुछ नुकसान भी हैं, जिनके बारे में आगे लेख में विस्तार से बताया गया है (2)। आइए, जानते हैं कि किन-किन बीमारियों में इसका उपयोग किया जा सकता है।

1. आंखों के लिए

ग्लूकोमा ऐसी स्थिति है, जिसमें देखने की क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है। इससे बचने में गिंको बाइलोबा मदद कर सकता है। इस संबंध में एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर एक वैज्ञानिक शोध प्रकाशित है। जिंको बाइलोवा में फ्लेवोनोइड्स, विटामिन-ई और विटामिन-सी जैसे एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो आंखों को प्रभावित करने वाले फ्री रेडिकल्स को खत्म करने में मदद करते हैं। इससे ग्लूकोमा के जोखिम और उसके स्तर को कम करने में मदद कर सकते हैं (3)। लिहाजा, कहा जा सकता है कि गिंको बाइलोबा के लाभ आंखों के लिए हो सकते हैं।

2. रक्त संचार में सुधार के लिए

जिंको बाइलोबा के पत्तों के अर्क में एंटीऑक्सीडेंट के रूप में क्वेरसेटिन, टेरेपिन लैक्टोन, ग्लूकोज, कार्बनिक एसिड, डी-ग्लूकेरिक और जिन्कगोलिक एसिड जैसे गुण होते हैं। ये सभी रक्तचाप को नियंत्रित करके रक्त के प्रवाह में सुधार करने का काम कर सकते हैं। साथ ही ये प्लेटलेट को इकट्ठा होने से भी रोक सकते हैं (4)। ऐसे में कहा जा सकता है कि गिंको बाइलोबा के बेनिफिट रक्त संचार में सुधार के लिए हो सकता है।

3. चिंता व तनाव को कम कर एकाग्रता बढ़ाने के लिए

चिंता और अवसाद से निजात पाने के लिए लोग गिंको बाइलोबा का उपयोग दवाओं के रूप में करते हैं। इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट गुण मानसिक बीमारियों से ग्रस्त लोगों को जल्द ही आराम दिलाने में मदद कर सकते हैं (5)। वहीं, इसके आयुर्वेदिक गुण अल्जाइमर का इलाज करने में सक्षम है। साथ ही याददाश्त को बेहतर करने में मदद कर सकते हैं, जिससे एकाग्रता बढ़ सकती है (6)। इस विषय पर सटीक जानकारी के लिए अभी और वैज्ञानिक शोध किया जा रहा है।

4. हृदय के लिए

जिन्को बाइलोबा के अर्क में एंटीहाइपरट्रॉफिक गुण होता है, जिस कारण हृदय को बेहतर तरीके से काम करने में सहायता मिल सकती है। यहां बता दें कि हाइपरट्रॉफिक में हृदय की मांसपेशियां जरूरत से ज्यादा मोटी हो जाती हैं। इससे हृदय की खून को पंप करने की क्षमता प्रभावित होती है। इस प्रकार जिन्को बाइलोबा हृदय को स्वस्थ रखकर शरीर में रक्त संचार प्रणाली को संतुलित करने का काम कर सकता है (7)।

5. दर्द को कम करने के लिए

गिंको बाइलोबा का उपयोग कई परिस्थितियों में दर्द निवारक के रूप में किया जाता है। यह नसों के सिकुड़ने से पैर में होने वाले दर्द से भी राहत दिला सकता है । इसके अलावा, गिंको बाइलोबा का अर्क टिशू के क्षतिग्रस्त होने पर न्यूरोपैथिक जैसे पुराने दर्द से भी आराम दिला सकता है (8)। लिहाजा, कहा जा सकता है कि गिंको बाइलोबा के फायदे दर्द से राहत दिलाने के लिए हो सकते हैं।

6. स्वस्थ मस्तिष्क के लिए

एनसीबीआई की वेबसाइट पर मौजूद एक रिसर्च पेपर से पता चलता है कि जिंकगो स्वस्थ लोगों की मानसिक क्षमता में सुधार कर सकता है, लेकिन इस विषय में अभी और शोध की आवश्यकता है (9)। वहीं, एक अन्य शोध के अनुसार जिन्को बाइलोबा के अर्क में मौजूद पॉलीफेनोल्स में न्यूरोट्रॉफिक फैक्टर होता है, जो मस्तिष्क के विकास के लिए सहायक हो सकता है (10)। इसलिए, ऐसा माना जा सकता है कि गिंको बाइलोबा के लाभ मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए हो सकते हैं।

7. ऊर्जा बढ़ाने के लिए

जिंको बाइलोबा के फायदे शरीर में ऊर्जा बढ़ाने के लिए हो सकते हैं। इस संबंध में प्रकाशित एक वैज्ञानिक अध्ययन में दिया हुआ है कि जिन्को बाइलोबा के अर्क में फ्लेवोनोइड्स और टेरपेनेस होते हैं, जो एंडोथेलियम-ड्राइवड रिलैक्सिंग फैक्टर (ईडीआरएफ) की रिलीज को उत्तेजित कर सकते हैं। इससे मांसपेशियों में ऊर्जा का प्रवाह होता है (10)।

8. श्वसन तंत्र के लिए

एनसीबीआई के वेबसाइट पर प्रकाशित मेडिकल रिसर्च की माने, तो गिंको बाइलोबा के अर्क के उपयोग से कई श्वास संबंधी विकारों को दूर किया जा सकता है। इसके एंटीऑक्सीडेंट गुणों की वजह से चीन और जापान में गिंको बाइलोबा का उपयोग अस्थमा, कफ व खांसी जैसे रोगों के इलाज के लिए किया जाता है (11)। इसके अलावा, गिंको बाइलोबा फेफड़ों से जुड़ी समस्या को कम कर लंग्स इंजरी को भी ठीक कर सकता है (12)।

9. एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट की तरह

गिंको बाइलोबा के गुण में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गतिविधि भी शामिल है। इसमें पाया जाने वाला एंटीऑक्सीडेंट गुण ऑक्सीडेंटिव स्ट्रेस की समस्या को कम करने का काम कर सकता है। ऑक्सीडेंटिव स्ट्रेस मस्तिष्क और हृदय के लिए जोखिम पूर्ण होता है (13)। वहीं, एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण कोलाइटिस की समस्या से छुटकारा दिला सकता है। यह समस्या इंफ्लेमेशन (सूजन) के कारण होती है (14)।

10. सिरदर्द कम करने के लिए

गिंको बाइलोबा के लाभ सिरदर्द से राहत दिलाने के लिए भी हो सकते हैं। दरअसल, गिंको बाइलोवा के पत्तियों से निकलने वाले अर्क में जिंकगोलाइड बी नामक हर्बल तत्व पाया जाता है। इस तत्व के कारण ही गिंको बाइलोवा माइग्रेन जैसे रोगों के उपचार में सहायक साबित हो सकता है (15)।

11. प्रीमेंसट्रूअल सिंड्रोम के लक्षण को कम करने के लिए

महावारी से पहले नजर आने वाले लक्षणों को प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम कहा जाता है। इस दौरान सूजन, सिरदर्द और मूड स्विंग का सामना करना पड़ सकता है (16)। वैज्ञानिक शोध के अनुसार, गिंको बाइलोबा के औषधीय गुण प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम के कारण होने वाले शारीरिक और मानसिक लक्षणों को कम कर सकते हैं (17)।

12. एडीएचडी के लिए

गिंको बाइलोबा का उपयोग एडीएचडी (अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर) जैसी समस्या से निपटने के लिए किया जा सकता है। एडीएचडी से ग्रस्त व्यक्ति के लिए किसी भी काम पर ध्यान केंद्रित करना और अपने व्यवहार को नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है (18)। शोध के अनुसार, जिन्को बाइलोबा के उपयोग से मानसिक रोगों की समस्या को दूर किया जा सकता है। साथ ही शोध के अनुसार, जिन्कगो बाइलोबा कुछ ही साइड इफेक्ट के साथ एडीएचडी के उपचार में लाभदायक हो सकता है (19)।

13. वजन कम करने के लिए

जिंको बाइलोबा के फायदे शरीर के वजन को कम करने के लिए भी हो सकते हैं। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में दिया हुआ है कि इसमें एंटी-ओबेसोजेनिक प्रभाव पाया जाता है, जो वजन को संतुलित रखने में मदद कर सकता है। साथ ही यह फैट को भी कम कर सकता हैं, जिससे वजन कम हो सकता है (20)।

14. यौन स्वास्थ्य के लिए

एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, गिंको बाइलोबा के अर्क की खुराक कामेच्छा में सुधार कर सकती है (21)। साथ ही गिंको बाइलोबा में मौजूद नाइट्रिक ऑक्साइड रक्त के प्रवाह को सुगम बना सकता है, जिससे महिलाओं की मांसपेशियों के टिश्यू पर भी असर हो सकता है। गिंको बाइलोबा महिलाओं के जननांग की संवेदनशीलता को बेहतर कर सकता है (22)। इससे यह साबित होता है कि गिंको बाइलोबा के गुण यौन स्वास्थ्य में सुधार कर सकते हैं।

15. बवासीर के लिए

बवासीर की समस्या से राहत दिलाने में भी गिंको बाइलोबा के गुण असर दिख सकते हैं। एक मेडिकल रिसर्च के मुताबिक, गिंको बाइलोवा का अर्क दर्दनाक बवासीर से पीड़ित लोगों का इलाज कर सकता है। गुदा और मलाशय पर जिन्कगो बाइलोबा के अर्क का प्रयोग सूजन, रक्तस्राव और संक्रमित क्षेत्र में दर्द से राहत देने में मदद कर सकता है (23)।

16. फाइब्रोमायल्जिया के लिए

मांसपेशियों में दर्द और थकावट को मेडिकल भाषा में फाइब्रोमायल्जिया कहा जाता है (24)। इस समस्या में जिंको बाइलोबा अर्क का सेवन करने से मांसपेशियों में दर्द और थकावट को दूर करने में मदद मिल सकती है। इससे फाइब्रोमायल्जिया विकार को कम किया जा सकता है (25)। इसलिए, कहा सकते हैं कि गिंको बाइलोबा के बेनिफिट फाइब्रोमायल्जिया से छुटकारा दिलाने का काम कर सकते हैं।

17. त्वचा के लिए

गिंको बाइलोबा त्वचा को कई तरह के लाभ पहुंचा सकते हैं। इसमें पाए जाने वाले एंटी-रिंकल गुण त्वचा की झुर्रियों को रोक सकते हैं, जिससे चेहरे पर बढ़ती उम्र का असर जल्द नहीं दिखाई देता (26)। वहीं गिंको बाइलोबा को फेस पैक के रूप में उपयोग कर सकते हैं। गिंको बाइलोबा एक प्राकृतिक सनस्क्रीन है। यह त्वचा को नुकसान पहुंचाने वाली सूर्य की हानिकारक किरणों से बचा सकता है। यही कारण है कि इसके अर्क का उपयोग कई सनस्क्रीन क्रीम में भी किया जाता है (27)।

18. बालों के लिए

जिन्को बाइलोबा लीफ एक्सट्रैक्ट बालों के फॉलिकल्स में कोशिकाओं के प्रसार और अपोप्टोसिस यानी मृत कोशिकाओं पर प्रभाव डालकर बालों के पुनः विकास यानी रिग्रोथ को बढ़ावा देने का काम कर सकता है। इसलिए, इसे हेयर टॉनिक के रूप में इस्तेमाल करने की सलाह दी जा सकती हैं (28)। इसलिए, गिंको बाइलोबा की पत्तियों के अर्क से बालों के फिर से विकसित होने की प्रक्रिया तेज हो सकती है (29)।

पढ़ते रहें यह आर्टिकल

लेख के अगले भाग में हम बताएंगे कि जिन्कगो बिलोबा का इस्तेमाल कैसे करना चाहिए।

जिन्कगो बिलोबा किन-किन रूपों में उपलब्ध है और इसे कैसे उपयोग किया जा सकता है – How to Use Ginkgo Biloba in Hindi

जिन्कगो बिलोबा कई रूपों में उपलब्ध होता है और गिंको बाइलोबा का सेवन कैसे करें, तो नीचे हम इसके उपयोग के कुछ तरीके बता रहे हैं।

  • गिंको बाइलोबा पत्तियों के रूप में उपलब्ध है, जिससे चाय बनाकर सेवन किया जा सकता है।
  • यह कैप्सूल के रूप में भी मिलता है, जिसे डॉक्टर की सलाह पर ही लेना चाहिए।
  • जिन्कगो बिलोबा की गोलियां भी आती है, जिसे सही परामर्श के बाद लिया जा सकता है।
  • गिंको बाइलोबा पत्तियों का पेस्ट बनाकर त्वचा पर लगाया जा सकता है।
  • इसके अर्क को तेल में मिलाकर बालों में लगा सकते हैं।

आगे है और जानकारी

गिंको बाइलोबा का सेवन कैसे करें, यह जानने के बाद अब हम जिंको बाइलोबा के नुकसान पर चर्चा करेंगे।

गिंको बाइलोबा के नुकसान – Side Effects of Ginkgo Biloba in Hindi

अगर गिंको बाइलोबा का उपयाेग फायदेमंद हो सकता है, तो वहीं इसका अधिक सेवन उतना ही नुकसानदेह भी हो सकता है। इसका सेवन करने से पहले इसकी सही जानकारी का होना जरूरी है। आइए, जानते हैं कि गिंको बाइलोबा के साइड इफेक्ट के बारे में (1)।

  • कई बीमारियों का खतरा: गिंको बाइलोबा के साइड इफेक्ट में सिरदर्द, पेट खराब और त्वचा की एलर्जी शामिल है।
  • रक्तस्राव: अगर किसी को रक्तस्राव की समस्या है, तो इसके सेवन से जोखिम बढ़ सकता है।
  • थायराइड कैंसर: जिन्को बाइलोबा के अधिक सेवन से लिवर और थायराइड का कैंसर होने का खतरा बढ़ सकता है।
  • गिंको बाइलोबा का बीज: ताजा (कच्चा) या भुना हुआ जिन्को बाइलोबा का बीज जहरीला हो सकता है और इसे खाने से गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं।

गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान: गर्भावस्था में जिन्कगो का सेवन असुरक्षित हो सकता है। इससे प्रसव के दौरान अधिक प्रसव पीड़ा या अतिरिक्त रक्तस्राव हो सकता है। वहीं, स्तनपान करने वाली महिलाओं के लिए यह सुरक्षित है या नहीं, इसका कोई सटीक प्रमाण नहीं हैं।

इस लेख में हमने जिन्को बाइलोबा के फायदों के बारे में विस्तार से जाना। अगर कोई इस जड़ी-बूटी को इस्तेमाल करने के बारे में सोच रहा है, तो पहले इस लेख को अच्छी तरह से पढ़ ले। गिंको बायलोबा के फायदे और नुकसान के बारे में अच्छी तरह जानने के बाद ही इसका सेवन शुरू करें। वहीं, अगर कोई गंभीर रूप से बीमार है, तो इसके इस्तेमाल से पहले डॉक्टर से सलाह करना भी जरूरी है। इस तरह की अन्य जडी-बूटियों से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारे वेबसाइट के दूसरे लेख को भी पढ़ सकते हैं।

अब हम गिंको बाइलोबा से जुड़े पाठकों के विभिन्न सवालों के जवाब देने का प्रयास कर रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या रात में गिंको बाइलोबा लेना सुरक्षित है?

हां, रात में सोने से आधे या एक घंटे पहले गिंको बाइलोबा ले सकते हैं।

क्या गिंको बाइलोबा को प्रतिदिन लेना सुरक्षित है?

हां, प्रतिदिन गिंको बाइलोबा लेना सुरक्षित है। वहीं, अगर किसी को शारीरिक समस्या है, तो डॉक्टर से पूछकर ही इसका सेवन करना चाहिए।

क्या गिंको बाइलोबा लीवर डैमेज का कारण बनता है?

नहीं, गिंको बाइलोबा से लीवर डैमेज की समस्या नहीं होती है, लेकिन यह लिवर कैंसर की समस्या जरूर उत्पन्न हो सकती है (1)।

क्या गिंको बाइलोबा रक्तचाप बढ़ाता है?

नहीं, गिंको बाइलोबा का उपयोग रक्तचाप को बढ़ावा नहीं देता है और न ही यह बढ़े हुए रक्तचाप को कम करने में मदद कर पाता है (30)।

क्या गर्भावस्था में गिंको बाइलोबा की चाय पी सकते हैं?

यह पूरी तरह से गर्भवती महिला के स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। इसलिए, डॉक्टर से पूछकर ही इसका सेवन करना चाहिए (31)।

गिंको बाइलोबा कहां से खरीदें?

इसे हमेशा विश्वसनीय आयुर्वेदिक दुकान या वेबसाइट से ही खरीदें।

क्या गिंको बाइलोबा स्ट्रोक का कारण बन सकता है?

जी नहीं, गिंको बाइलोबा के कारण स्ट्रोक जैसी समस्या नहीं होती है। यह स्ट्रोक की समस्या को कम करने में मदद कर सकता है (32)।

32 संदर्भ (Source):

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Bhupendra Verma

भूपेंद्र वर्मा ने सेंट थॉमस कॉलेज से बीजेएमसी और एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी से एमजेएमसी किया है। भूपेंद्र को लेखक के तौर पर फ्रीलांसिंग में काम करते 2 साल हो गए हैं। इनकी लिखी हुई कविताएं, गाने और रैप हर किसी को पसंद आते हैं। यह अपने लेखन और रैप करने के अनोखे स्टाइल की वजह से जाने जाते हैं। इन्होंने कुछ डॉक्यूमेंट्री फिल्म की स्टोरी और डायलॉग्स भी लिखे हैं। इन्हें संगीत सुनना, फिल्में देखना और घूमना पसंद है।

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