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जिनसेंग के 13 फायदे, उपयोग और नुकसान – Ginseng Benefits, Uses and Side Effects in Hindi

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जिनसेंग के 13 फायदे, उपयोग और नुकसान – Ginseng Benefits, Uses and Side Effects in Hindi Hyderabd040-395603080 September 5, 2019

आयुर्वेद में हजारों सालों से एक नाम बहुत ज्यादा चलन में है, जिनसेंग। यह एक औषधीय पौधा है, जिसे कई गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए उपयोग में लाया जाता है। इस पौधे के गुण ही हैं, जो इसे आयुर्विज्ञान में मौजूद किसी अन्य जड़ी-बूटी से बेहतर और प्रचलित बनाते हैं। बताया जाता है कि यह औषधि इतनी कारगर और अचूक है कि आज इसे करीब छह मिलियन से ज्यादा अमरीकी नियमित रूप से इस्तेमाल करते हैं। माना जाता है कि जिनसेंग के फायदे अनगिनत हैं। इसमें शरीर की उत्तेजना बढ़ाने, प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने, फ्लू जैसे कई संक्रमणों से मुकाबला करने की अद्भुत क्षमता पाई जाती है (1)। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम जिनसेंग के ऐसे ही कई गुणों और चमत्कारी फायदों के बारे में जानेंगे।

विषय सूची


जिनसेंग के फायदे के बारे में जानने से पहले जरूरी होगा कि हम जिनसेंग के बारे में थोड़ा और अच्छे से जान लें।

जिनसेंग क्या हैं – What is Ginseng in Hindi

सबसे पहले हम लेख में जानेंगे कि जिनसेंग क्या है। बता दें जीनस पैनाक्स (genus panax) नामक पौधे की जड़ को जिनसेंग कहा जाता है। इसका स्वाद कड़वा और मसालेदार होता है। यह पौधा अरिलियासी (Araliaceae) परिवार से संबंध रखता है। बताया जाता है कि दुनिया में जिनसेंग की करीब 11 प्रजातियां मौजूद हैं। वहीं प्रकार की बात करें, तो मुख्य रूप से जिनसेंग के पांच प्रकार अधिक चलन में हैं, जिन्हें एशियाई जिनसेंग, अमेरिकी जिनसेंग, साइबेरियाई जिनसेंग, भारतीय जिनसेंग व ब्राजील जिनसेंग के नाम से जाना जाता है।

आगे के लेख में हम जिनसेंग के सभी प्रकारों के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे।

जिनसेंग के प्रकार – Types of Ginseng in Hindi

जिनसेंग के प्रकार - Types of Ginseng in Hindi Pinit

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जैसा कि इस लेख के शुरुआत में बताया कि प्रजातियों के आधार पर जिनसेंग को करीब 11 भागों में विभाजित किया गया है। आइए, उनके बारे में थोड़ा अच्छे से जान लेते हैं (2)

  1. ओरिएंटल जिनसेंग- ओरिएंटल जिनसेंग को पैनेक्स जिनसेंग के नाम से भी जाना जाता है। जिनसेंग का यह प्रकार मूल रूप से चीन और कोरिया से ताल्लुक रखता है। कहा जाता है कि इसे सदियों पहले बड़ी भारी मात्रा में पाया गया था। बताया जाता है कि लोकप्रियता के कारण यह लगभग विलुप्त होने की कगार पर पहुंच गया था। बाद में इसकी पैदावार के तरीके को खोजा गया। आज यह आसानी से उपलब्ध होने वाला जिनसेंग का एक प्रकार है।
  1. वाइल्ड ओरिएंटल जिनसेंग- यह जिनसेंग का एक दुर्लभ प्रकार है, जो आसानी से नहीं मिलता। कहा जाता है कि 221 ईसा पूर्व में सम्राट शोआंगते ने करीब 3,000 से ज्यादा सिपाहियों को इस जड़ी-बूटी की खोज में भेजा था। जिनसेंग का यह प्रकार इतना दुर्लभ है कि करीब 28 ग्राम वाइल्ड ओरिएंटल जिनसेंग की कीमत लगभग 13 लाख रूपये से भी ज्यादा है। 
  1. कल्टीवेटेड ओरिएंटल जिनसेंग- यह जिनसेंग का एक आम प्रकार है, जो आसानी से उपलब्ध हो जाता है। इसे खेती कर उगाया जाता है। इस कारण पूरे अमेरिका में इसकी खरीद-फरोख्त सस्ते दामों पर होती है।
  1. व्हाइट जिनसेंग- पूरी तरह से प्राकृतिक रंग होने के कारण जिनसेंग के इस प्रकार को व्हाइट जिनसेंग के नाम से पुकारा जाता है। कटाई और धुलाई के बाद जब जिनसेंग को सुखाया जाता है, तो यह सुर्ख सफेद रंग ले लेता है और यही इसकी पहचान है। 
  1. रेड जिनसेंग- लाल जिनसेंग, जिनसेंग का वह प्रकार है, जिसे लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए भाप और ताप से गुजारा जाता है। इस कारण यह लाल रंग में परिवर्तित हो जाता है। दावा किया जाता है कि व्हाइट जिनसेंग के मुकाबले रेड जिनसेंग अत्यधिक प्रभावकारी साबित होती है।
  1. अमेरिकन जिनसेंग- जिनसेंग का यह प्रकार खासतौर पर अपालाचियन पर्वतीय क्षेत्र में मौजूद जंगलों में पाया जाता है।
  1. वाइल्ड अमेरिकन जिनसेंग- जिनसेंग का यह प्रकार अपने आप ही पैदा होता है। यह खासकर उन अमेरिकी जंगलों में ज्यादा पाया जाता है, जहां पेड़ों की मजबूत लकड़ियां छाया में रहती हैं।
  1. वुड्स-ग्रोन अमेरिकन जिनसेंग- जिनसेंग के इस प्रकार को उगाने के लिए प्राकृतिक माहौल का सहारा लिया जाता है। इनकी पैदावार जंगलों में ही की जाती है। बेहतर परिणामों के लिए खेती वाली जगह पर अलग से मिट्टी लाकर डाली जाती है।
  1. कल्टीवेटेड अमेरिकन जिनसेंग- जिनसेंग के इस प्रकार की खेती कृत्रिम शेड में की जाती है। इनके बढ़ने के लिए पेड़ों की छाया वाले स्थान का उपयोग किया जाता है। बता दें कि कनाडा में इस प्रकार के जिनसेंग की खेती काफी मशहूर हैं।
  1. साइबेरियन जिनसेंग- जिनसेंग का एक ऐसा प्रकार, जो वाकई में एक जिनसेंग नहीं है। इसे केवल जिनसेंग के नाम से बाजार में उपलब्ध कराया जाता है। यह पौधा जिनसेंग से मिलता-जुलता है। इसमें जिनसेंग जैसे एडाप्टोजेनिक गुण शामिल रहते हैं। साथ ही यह सामान्य जिनसेंग के मुकाबले काफी सस्ता है।
  1. वाइल्ड रेड अमेरिकन (डेसर्ट) जिनसेंग- यह देशी अमेरिकी पौधा है। इसे कैनिग्रे या रुमेक्स कहा जाता है। इसका अनुचित तरीके से उपयोग जहरीला और घातक साबित हो सकता है।

प्रकारों से अच्छी तरह अवगत होने के बाद अब आगे के लेख में हम जिनसेंग के फायदे जानने की कोशिश करेंगे।

जिनसेंग के फायदे – Benefits of Ginseng in Hindi

1. ऊर्जा के स्तर में सुधार

विशेषज्ञों की मानें तो जिनसेंग एक बेहतरीन एनर्जी बूस्टर के तौर पर काम करता है। इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व थकान जैसे विकारों को दूर कर शरीर में ऊर्जा का संचार करते हैं। इसलिए, इसका उपयोग उन लोगों के शारीरिक और मानसिक सुधार के लिए किया जा सकता है, जिनमें एनर्जी की कमी के कारण निर्जीवता का एहसास पैदा हो जाता है (3)। अभी इस संबंध में कम ही वैज्ञानिक अध्ययन हुआ है, इसलिए शारीरिक कमजोरी के मामले में इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

2. कैंसर में लाभकारी 

जिनसेंग और कैंसर से संबंधित शोध के आधार पर विशेषज्ञों का मानना है कि कैंसर बीमारी एक लंबे समय तक रहने वाले तनाव की तरह होता है। ऐसे में अगर जिनसेंग के उपयोग से व्यक्ति के तनाव को दूर कर शारीरिक क्रियाशीलता को बढ़ा दिया जाए, तो इस गंभीर बीमारी पर विजय प्राप्त की जा सकती हैं। इस तरह जिनसेंग के इस्तेमाल से रोगी को कैंसर में काफी हद तक आराम मिल सकता है (4)

3. वजन घटाने में मददगार

वजन घटाने के लिए भी जिनसेंग को इस्तेमाल में लाया जा सकता है। इसमें एंटी-ओबेसिटी गुण होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि जिनसेंग शरीर में पाचन क्रिया को मजबूत बनाने का काम करता है। साथ ही यह शरीर पर अतिरिक्त वसा को चढ़ने नहीं देता और वजन घटाने में लाभकारी सिद्ध होता है (5) (6)

4. डायबिटीज में मिलता है आराम 

खाना खाने से दो घंटे पूर्व 3 ग्राम जिनसेंग का सेवन भोजन के बाद टाइप-2 डायबिटीज के रोगी में बढ़ने वाली रक्त शर्करा की मात्रा को कंट्रोल कर सकता है। वहीं, कुछ मामलों में यह भी पाया गया है कि भोजन के पूर्व जिनसेंग की अधिक मात्रा का कोई बड़ा प्रभाव नहीं दिखाई पड़ता है। वहीं, विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि अलग-अलग जिनसेंग उत्पादों के प्रभाव भिन्न-भिन्न हो सकते हैं। इसका कारण उनमें पाए जाने वाले रसायन हैं, जिन्हें जिनसिनोसाइड्स कहा जाता है (1)

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5. यौन रोग में सुधार 

जिनसेंग को यौन रोगों के उपचार के लिए भी लाभकारी माना गया है। यह यौन शिथिलता में मददगार साबित हो सकता है (7)। इसलिए, इसे हर्बल वियाग्रा भी कहा जाता है। बता दें कि इसमें जिनसिनोसाइड्स मौजूद होता है, जो नाइट्रिक ऑक्साइड के स्तर को बढ़ाकर लिंग में रक्त प्रवाह को बढ़ावा देता है। साथ ही कामइच्छा को भी प्रेरित करता है। वहीं, कुछ शोध से इस बात का भी प्रमाण मिलता है कि जिनसेंग को पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन (पुरुषत्व बढ़ाने वाला हार्मोन) के स्तर को गति देने के लिए भी उपयोग में लाया जा सकता है (8)

6. मानसिक क्षमता का विकास 

शोधकर्ताओं के मुताबिक जिनसेंग का उपयोग इंसान में दिमागी क्षमता को बढ़ावा देता है (9)। वहीं, एक शोध में पाया गया है कि इसकी सहायता से अल्जाइमर (याददाश्त कमजोर होने की बीमारी) के लक्षणों को भी काफी हद तक सुधारा जा सकता है (10)

7. तनाव को करता है मुक्त

वहीं, एक अन्य शोध में शोधकर्ताओं ने पाया कि दिमागी क्षमता के विकास के साथ-साथ जिनसेंग का उपयोग दिमागी तनाव को कम करने और मानसिक भावनाओं को ठीक करने में भी लाभकारी साबित हो सकता है (11)

8. प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मददगार 

जिनसेंग को लेकर किए गए शोध में शोधकर्ताओं ने इस बात का भी पता लगाया है कि इसका उपयोग कई संक्रामक बीमारियों से निजात दिलाने में कारगर साबित हो सकता है। दरअसल, जिनसेंग एक रेजिस्टेंस बूस्टर की तरह काम करता है, जो संक्रामक बीमारियों को फैलाने वाले वायरस के खिलाफ लड़ने के लिए शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा देता है (12)

9. बुढ़ापा जाता है दूर

जिनसेंग के गुण में एक खासियत यह भी है कि इसे बुढ़ापा दूर रखने वाली औषधि के रूप में जाना जाता है। कारण यह है कि इसमें मौजूद जिनसेनोसाइड्स बुढ़ापे में होने वाले कई शारीरिक विकारों को दूर करते हैं। साथ ही मानसिक रूप से भी लाभकारी साबित हो सकते हैं। इसमें तनाव को कम करने की अद्भुत क्षमता पाई जाती है। साथ ही यह जड़ी-बूटी एंटी-एजिंग की तरह भी काम करती है (10) (12) (13) (14)

10. सूजन से लड़ने में सक्षम 

जिनसेंग के फायदे में एक चमत्कारी फायदा यह भी शामिल है कि यह सूजन को घटाने में मदद करता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, रेड जिनसेंग में पाए जाने वाले यौगिकों में इन्फ्लामेट्री गुण पाए जाते हैं, जो सूजन को घटाने में मददगार साबित हो सकते हैं (15)

11. मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं में कारगर 

मासिक धर्म के दौरान महिलाओं में तनाव और पेट में होने वाली पीड़ा के लिए रेड जिनसेंग बेहतर आयुर्वेदिक उपचार साबित हो सकता है। इस संबंध में किए गए वैज्ञानिक शोध के दौरान विशेषज्ञों ने पाया कि जिनसेंग के गुण इतने खास हैं कि इसके सेवन से महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान होने वाली इन तकलीफों में भी काफी राहत महसूस होती है। वहीं, शोध के दौरान इसके सेवन से किसी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव देखने को नहीं मिला (16)

 12. त्वचा संबंधी विकार 

त्वचा संबंधी विकार के संबंध में जिनसेंग पर किए गए शोध से यह निष्कर्ष निकल कर सामने आया कि रेड जिनसेंग का एंटी एजिंग और सूजन प्रतिरोधक गुण त्वचा संबंधी विकार जैसे- झुर्रियां, दाग-धब्बे और बेजान त्वचा पर काफी असरदार साबित हो सकता है। इसका उपयोग निरोगी और चमकदार त्वचा पाने का बेहतर माध्यम साबित हो सकता है (17)

13. बालों का रखे ख्याल

जिनसेंग में पाए जाने वाले खास यौगिक बालों के विकास और स्वस्थ स्कैल्प को बनाए रखने में मददगार साबित हो सकते हैं। जिनसेंग में पाए जाने वाले जिनसेनोसाइड्स बालों को झड़ने से बचाते हैं और उनकी जड़ों को मजबूती प्रदान करने का काम करते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, जिनसेंग के प्रतिरक्षा बढ़ाने वाले गुण बालों के स्वास्थ्य को बरकरार रखने में मददगार साबित हो सकते हैं (18)

आगे लेख में हम जानेंगे जिनसेंग के पोषक तत्वों के बारे में।

जिनसेंग के पौष्टिक तत्व – Ginseng Nutritional Value in Hindi

जिनसेंग में पाए जाने वाले सभी पोषक तत्वों के बारे में हमने नीचे दी गई तालिका में विस्तार से बताया है।

पोषक तत्वमात्रा
कैलोरी25
वसायुक्त कैलोरी0
कुल वसा0.0g
सैचुरेटेड फैट0.0g
कोलेस्ट्रॉल0.0g
सोडियम5mg
कार्बोहाइड्रेट6.0g
डायटरी फाइबर0.0g
शुगर6.0g
प्रोटीन0.0g
विटामिन ए0.0g

आगे लेख में हम जानेंगे कि जिनसेंग के फायदे पाने के लिए इसका सही उपयोग कैसे किया जा सकता है।

जिनसेंग का उपयोग – How to Use Ginseng in Hindi

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जिनसेंग के चमत्कारी फायदों का लाभ पाने के लिए इसे उपयोग करना बेहद ही आसान है। इसका इस्तेमाल आप कई तरीकों से कर सकते हैं। जैसे- चाय के रूप में, जड़ी बूटी के रूप में, पाउडर या कैप्सूल के रूप में। बता दें कि बाजार में इसके पहले से तैयार टी बैग, पाउडर और कैप्सूल आसानी से मिल जाते हैं। अगर घर में खुद इसे पीसकर भी चाय या पाउडर के रूप में इस्तेमाल में ला सकते हैं (19)

नोट- इसे 2 से 3 ग्राम की मात्रा में दिन में 3 से 4 बार लिया जा सकता है। बता दें इसका निरंतर 3 से 4 सप्ताह तक उपयोग किया जा सकता है। वहीं, इसके सेवन की निरंतरता इस बात पर भी निर्भर करती है कि इसे किस उपयोग के लिए लिया जा रहा है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञों की सलाह आवश्यक है (19)

अभी तक आपने जिनसेंग के कई फायदों के बारे में जाना और समझा। बता दें फायदों के साथ-साथ जिनसेंग के नुकसान भी हैं, जिन्हें जान लेना बेहतर होगा।

जिनसेंग के नुकसान – Side Effects of Ginseng in Hindi

आइए नजर डालते हैं उन स्थितियों पर, जिनमें जिनसेंग के नुकसान होने की आशंका सबसे ज्यादा होती है (19)

  • कुछ मामलों में जिनसेंग का उपयोग दुष्परिणामों को प्रदर्शित करता है, जैसे- सिरदर्द, पाचन और नींद से संबंधित समस्याओं का होना। यह जिनसेंग के नुकसान में शामिल है।
  • गर्भवती महिलाएं या जो बच्चों को स्तनपान करा रही हैं, उन्हें इस औषधि को लेने से बचना चाहिए। उन पर जिनसेंग के नुकसान नजर आ सकते हैं।
  • हाई बीपी और हृदय संबंधी बीमारियों से ग्रस्त व्यक्ति बिना चिकित्सक की सलाह के जिनसेंग का सेवन न करें।
  • अगर आप शुगर की दवाइयों का सेवन कर रहे हैं, तो जिनसेंग का इस्तेमाल चिकित्सक की सलाह से ही करें। हो सकता है कि इसके सेवन से ब्लड शुगर काफी कम हो जाए।
  • जिनसेंग के साथ किसी अन्य दवा या खाद्य पदार्थ का सेवन न करें।

अब तो आप जिनसेंग के फायदे, उपयोग और नुकसान के बारे में अच्छी तरह से जान चुके होंगे। इस लेख के माध्यम से आपको जिनसेंग से संबंधित सभी अच्छी-बुरी जानकारियों से अवगत कराया जा चुका है। अगर आप भी जिनसेंग के फायदे जान इसे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल करने का मन बना रहे हैं, तो बेहतर होगा कि पहले लेख में दी गई सभी जानकारियों को अच्छे से पढ़ लें। आशा करते हैं कि इस लेख के माध्यम से आप न केवल जिनसेंग को सही तरीके से उपयोग में ला सकेंगे, बल्कि यह आपको कई गंभीर बीमारियों से निजात दिलाने में मददगार भी साबित होगा। इस विषय में किसी अन्य प्रकार के सुझाव और सवालों के लिए आप हमसे नीचे दिए कमेंट बॉक्स के माध्यम से जुड़ सकते हैं।

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