गोटू कोला (मण्डूकपर्णी) के फायदे और नुकसान – Gotu Kola (Mandukaparni) Benefits and Side Effects in Hindi

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भारत में सदियों से जड़ी बूटियों का उपयोग होता आ रहा है। शरीर से जुड़ी हर छोटी-बड़ी परेशानियों से बचाव व इनके प्रभाव को कम करने में ये प्राकृतिक औषधियां सक्षम मानी जाती हैं। इन्हीं जड़ी-बूटियों में एक नाम गोलू कोला का भी है। हो सकता है कि यह नाम आपके लिए नया हो। इसलिए, इस लेख में गोटू कोला के बारे में जरूरी जानकारी साझा की गई है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में आप जान पाएंगे कि गोटू कोला के फायदे किस प्रकार विभिन्न बीमारियों पर सकारात्मक प्रभाव छोड़ सकते हैं। इसके अलावा, लेख में इसके कुछ नुकसानों के विषय में भी जानकारी दी गई है। इस बात का जरूर ध्यान रखें कि गोटू कोला बताई गईं बीमारियों के उपचार में एक सहायक भूमिका निभा सकता है, लेकिन यह इनका सटीक उपचार नहीं है।

गोटू कोला के फायदे जानने से पहले आइए जान लेते हैं कि गोटू कोला क्या है ?

गोटू कोला क्या है – What is Gotu Kola in Hindi

एक औषधि के रूप में गोटू कोला का इस्तेमाल प्राचीन समय से किया जा रहा है। यह अम्बेलीफेरी’ परिवार से संबंध रखता है और इसका वैज्ञानिक नाम सेंटेला आस्टीटिका (Centella Asiatica) है। इसके कुछ अन्य नाम भी हैं, जैसे ‘मण्डूकपर्णी’ और ‘जल ब्राह्मी’। भारत में यह ज्यादातर नमी वाले स्थानों (वेट लैंड्स) में पाया जाता है। इसकी पत्तियां हरे रंग की होती हैं और इसके फूल सफेद या हल्के बैंगनी-गुलाबी रंग के होते हैं (1)। इस पौधे का परिचय तो आपको मिल गया, लेकिन क्या आप जानते हैं कि मण्डूकपर्णी के फायदे कितने सारे हैं? नीचे इस बारे में विस्तारपूर्वक बताया गया है।
आइए, अब आपको बताते हैं गोटू कोला के फायदे क्या-क्या हो सकते हैं।

गोटू कोला (मण्डूकपर्णी) के फायदे – Benefits of Gotu Kola in Hindi

1. मस्तिष्क की कार्यप्रणाली के लिए

गोटू कोला दिमाग और तंत्रिका तंत्र को मजबूत बनाने में और उनकी कार्यप्रणाली को बेहतर करने में मदद कर सकता है। इसके साथ ही यह ध्यान और एकाग्रता को भी बढ़ा सकता है। इसके अलावा, मण्डूकपर्णी के फायदे एक प्रभावी एंटीऑक्सीडेंट के रूप में भी देखे जा सकते हैं, जो फ्री-रेडिकल्स का प्रभाव कम करने में मदद कर सकते हैं। ये फ्री-रेडिकल्स सोचने समझने की शक्ति के कमजोर होने (Cognitive Deficits) का कारण बन सकते हैं (1)। इस प्रकार गोटू कोला का उपयोग मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को बढ़ाने में किया जा सकता है।

2. चिंता और अवसाद के लक्षणों को कम करे

कोलकाता के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों द्वारा की गई एक रिसर्च से पता चला है कि गोटू कोला चिंता (Anxiety) के लक्षणों और उनसे जुड़ी समस्याओं को कम करने में मदद कर सकता है। इन लक्षणों में पैनिक अटैक (अचानक डर जाना या घबरा जाना) इटिंग डिसऑर्डर (एक बार में अत्यधिक भोजन करना, कम या बिलकुल न खाना) और व्यक्तित्व में असामान्य बदलाव शामिल हैं। इसके अलावा, गोटू कोला एडाप्टोजेन (तनाव प्रतिरोधक) की तरह शरीर को तनाव झेलने में मदद भी कर सकता है (2)। हालांकि, यह अवसाद पर किस तरह सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है, इसपर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

3. रक्तचाप नियंत्रण में गोटू कोला के फायदे

गोटू कोला के लाभ उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं (1)। एक वैज्ञानिक शोध के अनुसार, इसमें उच्च मात्रा में टोटल फेनोलिक कटेंट पाया जाता है। फेनोलिक का यह उच्च स्तर इसमें मौजूद कई तरह के फ्लावोनोइड (कुएरसेटिन , केमफोरोल, कैटेचिन, रुटिन, एपिगेनिन और नारिंगिन) की वजह से है। ये फ्लावोनोइड उच्च रक्त को नियंत्रित करने का काम कर सकते हैं। शोध में खासकर कुएरसेटिन (Quercetin) नामक फ्लावोनोइड में एंटी हाइपरटेंसिव (उच्च रक्तचाप को कम करने वाला) प्रभाव का जिक्र किया गया है (3)।

4. पेट के अल्सर से आराम

पेट के अल्सर से पीड़ित लोगों को गोटू कोला का उपयोग करने से फायदे मिल सकता है। गोटू कोला का अर्क गैस्ट्रिक म्यूकोसा बैरियर को मजबूत बनाए रखने और फ्री रेडिकल्स के नुकसान से बचाने में मदद कर सकता है। बता दें कि गैस्ट्रिक म्यूकोसा बैरियर, पेट का वो गुण है, जो इसे पाचन के लिए आवश्यक गैस्ट्रिक एसिड को सुरक्षित रखने की अनुमति देता है। इसके साथ ही गोटू कोला में एंटीअल्सर गुण भी मौजूद होते हैं, जो पेट के अल्सर के जोखिम को कम कर सकते हैं।

शोध में इस बात का भी जिक्र है कि यह रीस्ट्रेंट स्ट्रेस की वजह से होने वाले अल्सर को भी कम करने में मदद कर सकता है (1)। बता दें कि रीस्ट्रेंट स्ट्रेस वह स्थिति है, जिसमें शरीर का तापमान, रक्तचाप और दिल की धड़कन बढ़ जाती है और व्यक्ति के व्यवहार में बदलाव आने लगता है (4)।

5. स्ट्रेच मार्क्स को कम करे

जर्नल ऑफ द यूरोपियन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी एंड वेनेरोलॉजी (Journal of the European Academy of Dermatology and Venereology) द्वारा किए गए एक शोध में पाया गया है कि गोटू कोला का उपयोग स्ट्रेच मार्क्स को कम करने में किया जा सकता है। शोध में बताया गया है कि त्वचा पर गोटू कोला का अर्क लगाने से यह स्ट्रेच मार्क्स को बढ़ने से रोक सकता है और उनके निशान को हल्का कर सकता है। इसके साथ, यह सेल उत्पादन और फाइब्रोब्लास्ट (कनेक्टिव टिश्यू की सबसे आम सेल) को बढ़ाने में भी मदद कर सकता है, जिससे स्ट्रेच मार्क्स को कम करने में मदद मिल सकती है (5)।

6. घाव भरने में गोटू कोला के फायदे

प्राचीन काल से घाव भरने के लिए गोटू कोला का उपयोग किया जा रहा है। इंडियन जर्नल ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज द्वारा चूहों पर किए एक शोध के अनुसार, इसका अर्क घाव को जल्दी भरने में मदद कर सकता है। माना जाता है कि गोटू कोला का मरहम, जेल या क्रीम घाव पर लगाने से, प्रभावित क्षेत्र पर सेल्स का उत्पादन (Cell Proliferation) और कोलेजन को बढ़ने (Collagen Synthesis) में मदद मिल सकती है। इसके अलावा, इसमें मौजूद एशियाटिकोसाइड (Asiaticoside) नामक तत्व कोलेजन को बढ़ाकर और नई रक्त वाहिकाओं के निर्माण (Angiogenesis) में मदद कर घाव भरने का काम कर सकता है (1)। इस तरह मण्डूकपर्णी के फायदे घाव भरने में भी मिल सकते हैं।

7. लिवर के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक

ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस लिवर डैमेज का कारण बन सकता है। ऐसे में गोटू कोला के फायदे लिवर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए उठाए जा सकते हैं। दरअसल, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में कहा गया है कि गोटू कोला एंटीऑक्सीडेंट एंजाइम को बढ़ाकर और इन्फ्लेमेशन को कम करके हेपाटोप्रोटेक्टिव (लिवर डैमेज से बचाव) प्रभाव को प्रदर्शित कर सकता है। हालांकि, यह शोध चूहों पर किया गया है और मनुष्यों पर इसके प्रभाव जानने के लिए और शोध की आवश्यकता है (6)।

8. अल्जाइमर रोग में आराम

अल्जाइमर रोग दिमाग से जुड़ा एक विकार है। इसमें व्यक्ति की याददाश्त शक्ति कमजोर हो जाती है और वह चीजों को भूलने लगता है (7)। इस बीमारी का कोई इलाज तो नहीं है, लेकिन ऐसे में, मण्डूकपर्णी के फायदे इसके लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ कैंसर रिसर्च के एक अनुसार, गोटू कोला सीखने और याद रखने की क्षमता को बढ़ाने में मदद कर सकता है (9)। यह शोध लैब में चूहों पर किया गया है और इस विषय को लेकर मनुष्यों पर अभी शोध की आवश्यकता है।

गोटू कोला के लाभ जानने के बाद, आइए जान लें इसमें मौजूद पोषक तत्वों के बारे में।

गोटू कोला के पौष्टिक तत्व – Gotu Kola Nutritional Value in Hindi

गोटू कोला में कई प्रकार के मिनरल, प्रोटीन और विटामिन (विटामिन बी और सी) पाए जाते हैं। इनके साथ गोटू कोला में फ्लावोनोइड और पॉलीफेनॉल भी पाए जाते हैं (10)। गोटू कोला में पाए जाने वाले पोषक तत्वों पर ज्यादा शोध उपलब्ध नहीं है, इसलिए यह कहना मुश्किल होगा कि ये पोषक तत्व इसमें कितनी मात्रा में पाए जाते हैं।
आगे जानिए कि गोटू कोला का उपयोग किस तरह किया जा सकता है।

गोटू कोला का उपयोग – How to Use Gotu Kola in Hindi

गोटू कोला एक जड़ी बूटी है, जिसे सीधे उपयोग नहीं किया जाता। गोटू कोला के लाभ उठाने के लिए इसका उपयोग सप्लीमेंट या लिक्विड गोटा कोला अर्क के रूप में किया जा सकता है। इसके साथ, त्वचा पर गोटू कोला युक्त क्रीम का उपयोग भी किया जा सकता है।

हम यही सलाह देंगे कि इसका उपयोग करने से पहले डॉक्टर से परामर्श कर लें कि गोटू कोला सप्लीमेंट का उपयोग कितनी मात्रा में और किस प्रकार करना चाहिए। किसी भी बीमारी या समस्या के लिए गोटू कोला का उपयोग बिना डॉक्टरी परामर्श के करना हानिकारक हो सकता है।

मण्डूकपर्णी के फायदे, उपयोग और पोषक तत्वों के बारे में जानने के बाद आगे पढ़िए मण्डूकपर्णी के नुकसान।

गोटू कोला (मण्डूकपर्णी) के नुकसान – Side Effects of Gotu Kola (Mandukaparni) in Hindi

इंडियन जर्नल ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज के अनुसार, गोटू कोला में किसी प्रकार की विषाक्ता नही पाई जाती है। हालांकि, अगर इसका सेवन अनियत्रित मात्रा में या डॉक्टरी परामर्श के बिना किया जाए तो उपयोग करने वाले को मण्डूकपर्णी के नुकसान का सामना करना पड़ सकता है, जो इस प्रकार हो सकते हैं (1):

  • त्वचा पर एलर्जी
  • त्वचा पर जलन
  • सिरदर्द
  • पेट खराब
  • मलती
  • चक्कर आना (Dizziness)
  • अधिक नींद आना (Extreme Drowsiness)

नोट – गर्भावस्था के दौरान इसका सेवन गर्भपात का कारण बन सकता है। साथ ही, गोटू कोला के नुकसान से बचने के लिए स्तनपान करवाने वाली महिलाओं को इसका उपयोग न करने की सलाह दी जाती है।
दोस्तों, अब आप इस अद्भुत औषधि के बारे में अच्छी तरह समझ गए होंगे। हम आशा करते हैं कि इस लेख के जरिए आपको गोटू कोला के लाभ, उपयोग और इसमें मौजूद पोषक तत्वों के बारे में दी गई जानकारी समझ आ गई होगी। साथ ही इस लेख के माध्यम से आप गोटू कोला के नुकसान भी अच्छी तरह समझ गए होंगे। इन सभी फायदों और नुकसान के साथ, यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि इसे इस्तेमाल में लाने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर लें। अगर आपके मन में अब भी गोटू कोला से जुड़ा कोई सवाल है तो आप नीचे कमेंट बॉक्स में लिख कर हमसे पूछ सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या यह एक स्टिम्युलेंट है?

जी नहीं। गोटू कोला को एक अलग प्रकार का नट समझ लिया जाता है, जिसे कोला नट कहते हैं। लेकिन असल में गोटू कोला में किसी प्रकार के उत्तेजक गुण (Stimulant Properties) नहीं होते हैं (1)।

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Soumya Vyas

सौम्या व्यास ने माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में बीएससी किया है और इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ जर्नलिज्म एंड न्यू मीडिया, बेंगलुरु से टेलीविजन मीडिया में पीजी किया है। सौम्या एक प्रशिक्षित डांसर हैं। साथ ही इन्हें कविताएं लिखने का भी शौक है। इनके सबसे पसंदीदा कवि फैज़ अहमद फैज़, गुलज़ार और रूमी हैं। साथ ही ये हैरी पॉटर की भी बड़ी प्रशंसक हैं। अपने खाली समय में सौम्या पढ़ना और फिल्मे देखना पसंद करती हैं।

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