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ग्रीन कॉफी के 15 फायदे, उपयोग और नुकसान – Green Coffee Benefits, Uses and Side Effects in Hindi

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ग्रीन कॉफी के 15 फायदे, उपयोग और नुकसान – Green Coffee Benefits, Uses and Side Effects in Hindi January 7, 2019

चाय और कॉफी हमारी दिनचर्या का अहम हिस्सा बन गए हैं। जहां पहले हम इन्हें सिर्फ स्वाद भर के लिए पीते थे, वहीं आज स्वास्थ्य के लिहाज से इनका सेवन किया जा रहा है। चाय में तो पहले ही हर्बल और ग्रीन-टी के रूप में कई विकल्प बाजार में उपलब्ध हैं। अब इसी क्रम में ग्रीन कॉफी (Green coffee) का नाम भी जुड़ गया है। जी हां, ग्रीन कॉफी, जो सामान्य रूप से मिलने वाली कॉफी से हट कर है और बेहद गुणकारी भी है। अगर आप वजन घटना चाहते हैं, तो ग्रीन कॉफी आपके लिए सबसे बेहतर है। ग्रीन कॉफी के अन्य फायदे भी हैं, जिनके बारे में आप स्टाइलक्रेज के इस लेख में पढ़ेंगे। साथ ही आपको यह भी बताएंगे कि कुछ मामलों में ग्रीन कॉफी नुकसानदायक भी है।

विषय सूची


लेख के शुरुआत में हम आपको यह बता रहे हैं कि आखिर ग्रीन कॉफी है क्या।

क्या है ग्रीन कॉफी – What is Green Coffee?

कॉफी के पौधे से हरे रंग के बीजों को लेकर पहले उन्हें भुना जाता है और फिर पीसकर कॉफी बनाई जाती है। इस प्रक्रिया से कॉफी का रंग हरे से बदलकर हल्का या गहरा भूरा हो जाता है और स्वाद भी बढ़ जाता है, लेकिन कॉफी में मौजूद एंटीआक्सीडेंट जैसे गुणकारी तत्व खत्म हो जाते हैं। वहीं, जब कॉफी को बिना भुने पीसकर पाउडर बनाया जाता है, तो इसे ग्रीन कॉफी कहते हैं। इसमें कई गुणकारी तत्व मौजूद होते हैं, जो सेहत के लिए अच्छे होते हैं। वैज्ञानिक शोध के अनुसार प्रतिदिन 200 से 480 एमजी तक ग्रीन कॉफी का सेवन किया जाना चाहिए (1)।

आइए, अब ग्रीन कॉफी के फायदों (green coffee benefits) के बारे में विस्तार से जानते हैं।

ग्रीन कॉफी के फायदे – Benefits of Green Coffee in Hindi

ग्रीन कॉफी (green coffee) सेहत के लिए फायदेमंद है। यहां हम सेहत, त्वचा और बालों के लिए ग्रीन कॉफी के फायदे बता रहे हैं।

सेहत के लिए ग्रीन कॉफी के फायदे – Health Benefits of Green Coffee in Hindi

Skin Benefits of Green Coffee in Hindi Pinit

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  1. वजन नियंत्रण : अगर आप बढ़ते वजन से परेशान हैं और किसी भी तरह की डाइट का अच्छी तरह पालन नहीं कर पा रहे हैं, तो ग्रीन कॉफी का सेवन शुरू कर दीजिए। ग्रीन कॉफी में अत्यधिक मात्रा में केल्प (एक प्रकार का समुद्री खरपतवार) होता है, जिसमें भरपूर मात्रा में खनिज और विटामिन पाए जाते हैं। यह शरीर में जरूरी पोषक तत्वों को संतुलित बनाए रखता है। साथ ही यह मेटाबॉलिज्म के स्तर को नियंत्रित करता है, जिससे शरीर में मौजूद जरूरत से ज्यादा चर्बी और कैलरी को कम किया जा सकता है (2)। इसलिए, ग्रीन कॉफी वजन कम (green coffee weight loss) करने के लिए अच्छा विकल्प साबित हो सकती है
  1. डायबिटीज : टाइप-2 डायबिटीज से ग्रस्त मरीज ग्रीन कॉफी का सेवन कर सकते हैं। इसे पीने से रक्त में बढ़ा हुआ शुगर का स्तर कम हो सकता है। साथ ही वजन भी कम होने लगता है और ये दोनों चीजें ही टाइप-2 डायबिटजी को ठीक करने के लिए जरूरी हैं (4)।
  1. सिरदर्द : अगर ग्रीन कॉफी को सीमित मात्रा में पिया जाए, तो यह सिरदर्द से भी राहत दे सकती है। यह न सिर्फ सिरदर्द को कम कर सकती है, बल्कि उसे दूर भी कर सकती है। ग्रीन कॉफी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट इस काम में मदद करते हैं (5)।
Green Coffee Benefits for Headache in Hindi Pinit

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  1.  ह्रदय रोग : ग्रीन कॉफी में क्लोरोजेनिक एसिड होता है, जो एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करता है। इसके सेवन से रक्त नलिकाओं पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और ह्रदय रोगों से लड़ने में मदद मिलती है। साथ ही ग्रीन कॉफी पीने से ग्लूकोज मेटाबॉलिज्म में सुधार होता है और रक्तचाप नियंत्रित होता है। इससे उन लोगों को फायदा हो सकता है, जो डायबिटीज व ह्रदय रोग से ग्रस्त हैं (6)।
  1. कोलेस्ट्रोल : इसे नियंत्रित करने के लिए प्रतिदिन सीमित मात्रा में ग्रीन कॉफी का सेवन किया जा सकता है। यह खराब कोलेस्ट्रोल को खत्म करने का अच्छा स्रोत है। अगर शरीर में कोलेस्ट्रोल की मात्रा बढ़ जाए, तो मोटापा व ह्रदय रोग जैसी कई बीमारियां हो सकती हैं (7)।
Green Coffee Benefits for Cholesterol in Hindi Pinit

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  1. रोगप्रतिरोधक क्षमता : ग्रीन कॉफी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण रोगप्रतिरोधक सिस्टम को किसी भी तरह के वायरल और बैक्टीरियल के हमले से बचता है। इसलिए, अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रतिदिन ग्रीन कॉफी का सेवन किया जा सकता है।
  1. एंटीऑक्सीडेंट : ग्रीन कॉफी में एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाया जाता है। यह शरीर में फ्री रेडिकल्स के प्रभाव को कम करता है और पूरी तरह से हमारे स्वास्थ्य को बेहतर करता है। कई शोधों में इस बात की पुष्टि की गई है कि ग्रीन कॉफी के बीजों में 100 प्रतिशत क्लोरोजेनिक एसिड होता है, जो मुख्य रूप से कैफीन एसिड होता है और इसमें एंटीऑक्सीडेंट के गुण होते हैं। यह रक्त में ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित कर त्वचा कोशिकाओं को हर तरह के नुकसान से बचाता है (8)।
  1. भूख में कमी : अगर आप लगातार भूख लगने की समस्या से जूझ रहे हैं, तो ग्रीन कॉफी आपकी मदद कर सकती है। इसमें भूख को कम करने की क्षमता होती है। यह हर समय कुछ न कुछ खाने की लालसा को नियंत्रित कर सकती है, जिससे हम जरूरत से ज्यादा भोजन करने से बच सकते हैं। इससे हमारे शरीर में अतिरिक्त वसा का निर्माण नहीं हो पाता और हम जरूरत से ज्यादा वजन से छुटकारा प्राप्त कर सकते हैं (9)।
  1. कैंसर : कैंसर जैसी बीमारी के लिए भी ग्रीन कॉफी कारगर है। इसमें मौजूद फेनोलिक यौगिक ट्यूमर को पनपने से रोकने में सक्षम हैं। साथ ही यह कैंसर को नियंत्रित कर उसे बढ़ने से रोकने में भी सक्षम है। यह विभिन्न तरह के कैंसर को पनपने से रोक सकता है। इसलिए, ग्रीन कॉफी को अपनी दिनचर्या में शामिल करना फायदे का सौदा हो सकता है (10)।
Green Coffee Benefits for Cancer in Hindi Pinit

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  1. रक्त संचार : शरीर में रक्तचाप अधिक होने पर स्ट्रोक, ह्रदयाघात, गुर्दे का रोग आदि बीमारियां हो सकती हैं। वहीं, शोधकर्ताओं का दावा है कि ग्रीन कॉफी के बीजों में एस्प्रिन नामक प्रभावशाली तत्व होता है, जो रक्ता नलिकाओं पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। यह रक्त में प्लेटलेट्स के स्तर में सुधार लेकर आता है। इससे रक्त धमनियां स्वस्थ रहती हैं और रक्त संचार बेहतर रहता है।
  1. डिटॉक्सीफिकेशन : ग्रीन कॉफी के बीजों को प्राकृतिक डिटॉक्स माना गया है। ग्रीन कॉफी के सेवन से खराब कोलेस्ट्रोल, अतिरिक्त फैट और हमारे लीवर से जीवाणु बाहर निकल जाते हैं। जब लीवर ठीक होगा, तो वो अच्छे से काम करेगा और मेटाबॉलिज्म में सुधार होगा।

आगे हम त्वचा के लिए ग्रीन कॉफी के फायदे बता रहे हैं।

त्वचा के लिए ग्रीन कॉफी के फायदे – Skin Benefits of Green Coffee in Hindi

Skin Benefits of Green Coffee in Hindi Pinit

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  1. स्किन मॉइस्चराइजर : ग्रीन कॉफी में एंटीऑक्सीडेंट के साथ-साथ फैटी एसिड, लिनोलिक एसिड और ओलेक एसिड भी होता है। ये सभी त्वचा को पोषित करते हैं और जरूरी मॉइस्चराइजर प्रदान करते हैं। इससे त्वचा रूखी व बेजान होने से बच जाती है। त्वचा पर बढ़ती उम्र का असर नजर नहीं आता। साथ ही त्वचा पर किसी भी तरह के दाग-धब्बे भी नहीं पड़ते।
  1. झाइयों से बचाव : ग्रीन कॉफी में एमिनोब्यूटिरिक एसिड, थियोफिलाइन व एपिगैलोकैटेचिन गैलेट जैसे कुछ जरूर तत्व होते हैं। ये सभी तत्व मिलकर त्वचों को स्वस्थ रखने का काम करते हैं और झुरियों से बचाते हैं। इसलिए, प्रतिदिन ग्रीन कॉफी पीना सेहत के लिए लाभकारी है।

आगे जानते हैं कि बालों के लिए ग्रीन कॉफी किस प्रकार लाभकारी है।

बालों के लिए ग्रीन कॉफी के फायदे – Hair Benefits of Green Coffee in Hindi

Hair Benefits of Green Coffee in Hindi Pinit

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  1. टूटते बालों के लिए : बालों के कमजोर होकर झड़ने के पीछे एक मुख्य कारण ऑक्सीडेंट होता है। वहीं, अभी तक आप यह तो जान ही चुके हैं कि ग्रीन कॉफी का सबसे प्रमुख स्रोत एंटीऑक्सीडेंट है। इस गुण के कारण ही टूटते बालों के लिए यह वरदान की तरह है। यह विषैले जीवाणुओं के खिलाफ लड़ने में सक्षम है। साथ ही बालों को मजबूत बनाकर उन्हें टूटकर गिरने से बचाता है और उनकी खूबसूरती लौटाता है।
  1. गंजेपन से राहत : आज के समय में प्रदूषण, धूल-मिट्टी खराब लाफस्टाइल व खान-पान के कारण पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं पर भी गंजेपन का खतरा मंडराने लगा है। ऐसे में ग्रीन कॉफी का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है। ग्रीन कॉफी में मौजूद गुणकारी तत्व बालों को जड़ों से मजबूत कर उन्हें मोटा करते हैं, जिस कारण गंजेपन से बचा जा सकता है।

अब हम जान लेते हैं कि ग्रीन कॉफी को बनाया कैसे जाता है।

ग्रीन कॉफी बनाने की विधि – How to Prepare Green Coffee in Hindi

अभी तक हमने जाना कि ग्रीन कॉफी किस प्रकार से हमारे लिए लाभकारी है। अब हम जानेंगे कि ग्रीन कॉफी को बनाया कैसे जाता है। इसे हरे रंगे के कच्चे बीजों से बनाया जाता है, जो बिना भुने हुए होते हैं। इन बीजों को इनके प्राकृतिक रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

सामग्री :

  • ग्रीन कॉफी के करीब 10 ग्राम बीज
  • तीन चौथाई कप गर्म पानी

बनाने की विधि :

  • ग्रीन कॉफी बीज का पैकेट बाजार में व ऑनलाइन आसानी से उपलब्ध है। संभव हो तो आप किसी आयुर्वेदिक दुकान से ही ग्रीन कॉफी खरीदें। वहां आपको अच्छी गुणवत्ता की ग्रीन कॉफी मिल सकती है।
  • आप रात को पानी में बीजों को डालकर रख दें।
  • अगली सुबह बीजों सहित पानी को करीब 15 मिनट तक धीमी आंच पर उबालें। इससे बीजों का हरा रंग पानी में आ जाएगा। अब आप पानी को आंच से उतार लें और छान लें।
  • जब पानी सामान्य हो जाए, तो उसे पिएं।
  • वहीं, अगर आपके पास ग्रीन कॉफी का पाउडर है, तो आप पानी को उबाल कर उसमें पाउडर का एक पाउच डालकर घोल लें और पिएं।

सावधानी : ग्रीन कॉफी में चीनी या शहद का प्रयोग न ही करें, तो बेहतर होगा। साथ ही इसमें दूध भी न मिलाएं। इसे ऐसे ही पिएं और दिनभर में अधिक से अधिक दो कप का ही सेवन करें। इससे अधिक पीने पर कई प्रकार की समस्याएं हो सकती हैं, जिसके बारे में हम इस लेख में आगे बताएंगे। साथ ही गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाओं और बच्चों को ग्रीन कॉफी का सेवन नहीं करना चाहिए (1)।

ग्रीन कॉफी पीने का सही समय – When to Drink Green Coffee in Hindi

When to Drink Green Coffee in Hindi Pinit

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कोई भी चीज तभी फायदा करती है, जब उसे नियमानुसार और तय समय पर किया जाए। इसी प्रकार ग्रीन कॉफी पीने का समय भी जानना जरूरी है। कई लोग जब मन किया तभी इसे पी लेते हैं, जो सही नहीं है। यहां हम बता रहे हैं ग्रीन कॉफी पीने का सही समय।

  • ग्रीन कॉफी को सुबह खाली पेट पीना चाहिए। इस समय पीने से इसका असर तेजी से होता है।
  • आप इसे दोपहर को खाने से आधा घंटा पहले या फिर खाने के एक घंटे बाद पी सकते हैं।

अब लेख के अंत में हम यह जान लेते हैं कि ग्रीन कॉफी के नुकसान क्या-क्या हो सकते हैं।

ग्रीन कॉफी के नुकसान – Side Effects of Green Coffee in Hindi

हमारे बुजुर्गों ने हमे सिखाया है कि किसी भी चीज की अति अच्छी नहीं होती। अगर कोई भी काम जरूर से ज्यादा किया जाए या फिर किसी खाद्य पदार्थ का अधिक सेवन किया जाए, तो नुकसान होना तय है। यह नियम ग्रीन कॉफी पर भी लागू होता है। अगर आप दिनभर में दो कप से ज्यादा ग्रीन कॉफी का सेवन करते हैं, तो फायदा होने की जगह नुकसान (green coffee side effects) हो सकता है। आइए, जान लेते हैं कि यह किस प्रकार हानिकारक साबित हो सकती है (1)।

  • अधिक ग्रीन कॉफी पीने से शरीर में होमोसिस्टीन का स्तर बढ़ सकता है। यह एक प्रकार का प्रोटीन होता है, जो शरीर में अधिक होने पर कोलेस्ट्रोल का स्तर बढ़ा सकता है। इससे ह्रदयाघात, स्ट्रोक व उच्च रक्तचाप जैसी समस्याएं हो सकती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दिल के दौरे और स्ट्रोक से होने वाली मौतों में 10 प्रतिशत कारण होमोसिस्टीन का होता है (11)।
  • मानसिक रूप से राहत प्रदान करने व सिरदर्द से राहत पाने के लिए ग्रीन कॉफी का सेवन किया जा सकता है, लेकिन अधिक मात्रा लेने पर यह मानसिक विकार व सिरदर्द को बढ़ाने का कारण बन सकती है।
  • इसके अधिक सेवन से रक्त में शर्करा की मात्रा तेजी से कम हो सकती है, जो शुगर के मरीजों के लिए हानिकारक साबित हो सकती है।
  • बेशक, यह मेटाबॉलिज्म के लिए अच्छी है, लेकिन ज्यादा सेवन करने पर दस्त लग सकते हैं। यहां तक कि इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम (पेट से जुड़ी बीमारी) हो सकता है।
  • इसके अधिक सेवन से ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या हो सकती है। ऑस्टियोपोरोसिस में शरीर की हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। यह समस्या ज्यादातर महिलाओं में देखने को मिलती है।

अब आप जान ही गए होंगे कि ग्रीन कॉफी वजन कम करने के साथ-साथ अन्य शारीरिक स्वास्थ्य की पूर्ति में भी सहायक है। इसके नियमित सेवन करने से आपको सकारात्मक प्रभाव नजर आएंगे। आप यहां बताई गई विधि व नियम के अनुसार ग्रीन कॉफी का सेवन करें और अपने अनुभव हमारे साथ नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में शेयर करें।

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