ग्रीन कॉफी के फायदे, उपयोग और नुकसान – Green Coffee Benefits and Side Effects in Hindi

Medically reviewed byShivani Aswal Sharma, Nutritionist, Diabetes Educator, and Yoga Trainer
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चाय और कॉफी हमारी दिनचर्या का अहम हिस्सा बन गए हैं। जहां पहले लोग इन्हें सिर्फ स्वाद के लिए पीते थे, वहीं आज स्वास्थ्य के लिहाज से इनका सेवन किया जा रहा है। आज हर्बल और ग्रीन-टी के रूप में कई विकल्प बाजार में उपलब्ध हैं। इसके साथ ही ग्रीन कॉफी (Green Coffee) का नाम भी इसी क्रम में जुड़ गया है। बात हो वजन घटने की या फिर अन्य स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं की, तो ग्रीन कॉफी एक बेहतर विकल्प हो सकती है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में आप पढ़ेंगे ग्रीन कॉफी के फायदे किस प्रकार शरीर पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। साथ ही इस लेख में आप ग्रीन कॉफी के उपयोग और ग्रीन कॉफी के नुकसान के विषय में भी जानेंगे। पाठक इस बात पर जरूर गौर करें कि ग्रीन कॉफी लेख में शामिल किसी भी स्वास्थ्य समस्या का इलाज नहीं है। यह केवल इनके प्रभाव को कुछ हद तक कम करने में मददगार हो सकती है।

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आर्टिकल में सबसे पहले हम बता रहे हैं कि ग्रीन काॅफी क्या है।

ग्रीन कॉफी क्या है? – What is Green Coffee in Hindi

कॉफी के पौधे से हरे रंग के बीजों को लेकर पहले उन्हें भूना जाता है और फिर पीसकर सामान्य कॉफी बनाई जाती है। इस प्रक्रिया से कॉफी का रंग हरे से बदलकर हल्का या गहरा भूरा हो जाता है और स्वाद भी बढ़ जाता है, लेकिन कॉफी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट जैसे गुणकारी तत्व की मात्रा कम हो जाती है। वहीं, जब कॉफी के बीजों को बिना भुने पीसकर पाउडर बनाया जाता है, तो इसे ग्रीन कॉफी कहते हैं। इसमें कई गुणकारी तत्व मौजूद होते हैं, जो सेहत के लिए अच्छे हो सकते हैं। प्रतिदिन 200 से 480 एमजी तक ग्रीन कॉफी का सेवन किया जा सकता हैं (1)।

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यहां हम ग्रीन काॅफी के फायदे के बारे में बता रहे हैं।

ग्रीन कॉफी के फायदे – Benefits of Green Coffee in Hindi

1. वजन कम करने के लिए ग्रीन कॉफी के फायदे

बढ़ता हुआ वजन कई समस्याओं का कारण बन सकता है और लोग इस समस्या को दूर करने के लिए कई प्रकार के उपाय भी करते रहते हैं। कई शोधों में बढ़ते वजन को कम करने के लिए ग्रीन कॉफी के फायदे देखे गए हैं। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफार्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित चूहों पर किए गई एक रिसर्च के अनुसार, ग्रीन कॉफी में एंटीओबेसिटी गुण पाया जाता है। ग्रीन काॅफी के अर्क में पाया जाने वाला एंटीओबेसिटी गुण शरीर में वसा के संचय को कम कर मोटापे और बढ़ते वजन को कम करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, यह एडिपोजेनेसिस (वसा कोशिकाएं) और लिपिड चयापचय को भी नियंत्रित कर सकता है (2)।

2. मधुमेह की समस्या में फायदेमंद

ग्रीन कॉफी का उपयोग मधुमेह की समस्या को कम करने के लिए भी किया जा सकता है। इस विषय पर किए गए शोध में पाया गया कि ग्रीन काॅफी में क्लोरोजेनिक एसिड (Chlorogenic Acid) पाया जाता है। इसमें हाइपोग्लाइसेमिक और एंटीडायबिटिक प्रभाव पाए जाते हैं, जो मधुमेह की समस्या पर सकारात्मक प्रभाव दिखा सकते हैं। शोध में पाया गया कि कॉफी के 3 से 4 कप की दैनिक खपत लगभग 30 प्रतिशत तक टाइप 2 मधुमेह को कम करने में फायदेमंद हो सकती है (3)। बेशक, डायबिटीज में ग्रीन कॉफी फायदेमंद हो सकती है, लेकिन मरीज को डॉक्टर की ओर से दी गई दवा का सेवन जरूर करना चाहिए। साथ ही अपने खान-पान पर खासतौर पर ध्यान देना चाहिए।

3. सिर दर्द की समस्या में ग्रीन कॉफी के फायदे

ग्रीन कॉफी सिर दर्द की समस्या को दूर करने में भी फायदेमंद हो सकती है। दरअसल, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार ग्रीन कॉफी में 1.2 प्रतिशत तक कैफीन की मात्रा पाई जाती है। कैफीन सिर दर्द को कुछ हद तक कम करने में फायदेमंद हो सकता है (4) (5)। वहीं, एक अन्य शोध में पाया गया कि कैफीन का उपयोग सिर दर्द, खासकर माइग्रेन की स्थिति में कुछ हद तक लाभदायक हो सकता है (6)। साथ ही इस बात का ध्यान रखें कि कैफीन का अधिक मात्रा में सेवन शरीर पर नकारात्मक प्रभाव भी डाल सकता है।

4. हृदय के लिए ग्रीन कॉफी बेनिफिट्स

हृदय स्वास्थ्य के लिए ग्रीन कॉफी का सेवन भी फायदेमंद हो सकता है। इस विषय से जुड़े एनसीबीआई की वेबसाइट पर एक शोध उपलब्ध है। शोध में पाया गया कि ग्रीन कॉफी में कई घटक पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए विभिन्न प्रकार से फायदेमंद हो सकते हैं। इन्हीं में से एक है क्लोरोजेनिक एसिड। क्लोरोजेनिक एसिड में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं और एंटीऑक्सीडेंट हृदय रोगों से बचाव में कुछ हद तक मददगार हो सकते हैं (7)। हालांकि, हम हृदय रोगों से बचाव के लिए ग्रीन कॉफी की सिफारिश नहीं करते हैं। ऐसी कोई भी गंभीर समस्या होने पर डॉक्टर से परामर्श लेना ही बेहतर होता है।

5. कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने के लिए ग्रीन कॉफी के फायदे

बढ़ते हुए कोलेस्ट्रॉल की समस्या आज एक आम समस्या हो गई है। ग्रीन कॉफी एक्सट्रेक्ट का उपयोग कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में फायदेमंद हो सकता है। इस शोध को एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया है। शोध के अनुसार, ग्रीन कॉफी बीन एक्सट्रैक्ट कुल कोलेस्ट्रॉल और एलडीएल-सी के स्तर को कम कर सकता है (8)। हालांकि, ग्रीन कॉफी का कौन-सा गुण कोलेस्ट्रॉल पर प्रभावी रूप से कार्य करता है, इस पर और शोध की आवश्यकता है।

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6. एकाग्रता और मूड में सुधार

याददाश्त और मानसिक सुधार में भी ग्रीन काॅफी फायदेमंद हो सकती है। एक शोध के अनुसार, ग्रीन कॉफी बीन्स में कुछ मात्रा कैफीन की होती है। शोध में पाया गया कि कैफीन, सामान्य तौर पर मूड, ध्यान, स्मृति और सतर्कता को बढ़ाकर मानसिक स्वास्थ्य में सुधार कर सकता है (9)। इसके अलावा, एक अन्य शोध में पाया गया कि अल्जाइमर के रोगियों पर ग्रीन कॉफी बीन्स का उपयोग फायदेमंद हो सकता है। शोध के अनुसार, इसमें न्यूरोप्रोटेक्टिव गुण पाए जाते हैं, जो अल्जाइमर की समस्या में फायदेमंद हो सकते हैं (10)।

7. एंटीऑक्सीडेंट

ग्रीन कॉफी के बीजों में क्लोरोजेनिक एसिड पाया जाता है, जिसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं (11)। एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर को फ्री रेडिकल्स और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाए रखने में मददगार हो सकता है। वहीं, एक शोध में जिक्र मिलता है कि एंटीऑक्सीडेंट गुण फ्री रेडिकल्स को जन्म देने वाले रोग जैसे कि उच्च रक्तचाप, मधुमेह, पार्किंसंस (केंद्रीय तंत्रिका तंत्र से जुड़ा विकार) और अल्जाइमर (भूलने की बीमारी) से बचाव में मदद कर सकते हैं (12)। फिलहाल, इस विषय पर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

8. भूख पर नियंत्रण

लगातार भूख लगने की समस्या को ग्रीन कॉफी के जरिए ठीक किया जा सकता है। दरअसल, इसमें भूख को कम करने की क्षमता होती है। यह खाने की इच्छा को नियंत्रित कर सकती है, जिससे वजन को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है (13)। हालांकि, ग्रीन कॉफी का कौन-सा गुण भूख को कम करता है, यह अभी शोध का विषय है।

9. कैंसर के लिए ग्रीन कॉफी बेनिफिट्स

कैंसर जैसी बीमारी को पनपने से रोकने के लिए भी ग्रीन कॉफी फायदेमंद हो सकती है। शोध के अनुसार, इसमें एंटीप्रोलिफेरेटिव (Antiproliferative) यानी ट्यूमर कोशिकाओं के विस्तार को कम करने वाला गुण पाया जाता है, जो कैंसर के जोखिम से बचाने में कुछ हद तक मददगार हो सकता है (14)। वहीं, पाठक इस बात का जरूर ध्यान रखें कि अगर किसी को कैंसर है, तो सिर्फ ग्रीन कॉफी प्रभावी नहीं हो सकती। इस स्थिति में डॉक्टरी इलाज करवाना सबसे जरूरी है।

10. रक्तचाप में ग्रीन कॉफी पीने के फायदे

कई समस्याओं को दूर करने के साथ ही ग्रीन काॅफी रक्तचाप की समस्या को कम करने में भी फायदेमंद हो सकती है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, ग्रीन कॉफी में पाए जाने वाले उच्च पॉलीफोनिक पदार्थाें में क्लोरोजेनिक एसिड का महत्वपूर्ण स्थान है। यह माना जाता है कि एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर क्लोरोजेनिक एसिड रक्तचाप की समस्या को कुछ हद तक कम करने में कारगर हो सकता है (7)।

11. हड्डियाें की मजबूती के लिए ग्रीन कॉफी बेनिफिट्स

सेहत के साथ ही ग्रीन काॅफी का उपयोग हड्डियाें को मजबूती प्रदान करने के लिए भी किया जा सकता है। दरअसल, 100 ग्राम ग्रीन कॉफी में 108 मिलीग्राम कैल्शियम की मात्रा पाई जाती है (15)। वहीं, हड्डियों की मजबूती और विकास के लिए कैल्शियम जरूरी पोषक तत्व है (16)। इससे हम अनुमान लगा सकते हैं कि कैल्शियम की कमी के कारण होने वाली हड्डियों के नुकसान को रोकने के लिए ग्रीन कॉफी का सेवन फायदेमंद हो सकता है। फिलहाल, सीधे तौर पर ग्रीन टी हड्डियों के लिए किस प्रकार फायदेमंद हो सकती है, यह शोध का विषय है।

12. एंटी एजिंग गुणों से भरपूर

एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में जिक्र मिलता है कि कॉस्मेटिक में ग्रीन कॉफी ऑयल का उपयोग इसके एंटी-एजिंग गुणों के कारण किया जाता है। यह गुण त्वचा के लिए फायदेमंद हो सकता है और उम्र के साथ होने वाली त्वचा संबंधी समस्याओं को दूर करने में मददगार हो सकता है। हालांकि, ग्रीन कॉफी सीधे रूप से एंटी-एजिंग प्रक्रिया में किस प्रकार मददगार हो सकती है, इस पर और रिसर्च किए जाने की जरूरत है (17)।

13. बालों के लिए ग्रीन कॉफी पीने के फायदे

लम्बे बाल किसे पसंद नहीं होते। हर किसी को लम्बे और मजबूत बालों की चाह होती है। ऐसे में बालों को स्वस्थ रखने से लिए ग्रीन कॉफी एक अच्छा विकल्प हो सकती है। ग्रीन कॉफी में आयरन और विटामिन-सी जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं (15)। शोध में पाया गया कि ये पोषक तत्व बालों की समस्या को दूर करने के साथ ही उन्हें मजबूती प्रदान करने में फायदेमंद हो सकते हैं (18)। वहीं, ग्रीन कॉफी सीधे तौर पर बालों के लिए किस प्रकार लाभदायक हो सकती है, इस पर अभी और शोध किए जाने की जरूरत है।

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अब हम जान लेते हैं ग्रीन कॉफी बनाने का तरीका।

ग्रीन कॉफी बनाने की विधि – How to Prepare Green Coffee in Hindi

सेहत के लिए ग्रीन कॉफी के लाभ जानने के बाद, आइए जानते हैं ग्रीन कॉफी कैसे बनाएं। इसे हरे रंग के कच्चे बीजों से बनाया जाता है। इन बीजों को भूना नहीं जाता है। यहां हम बता रहे हैं ग्रीन कॉफी बनाने की विधि।

सामग्री :

  • ग्रीन कॉफी के करीब 10 ग्राम बीज
  • तीन चौथाई कप गर्म पानी

ग्रीन कॉफी कैसे बनाएं :

  • ग्रीन कॉफी बनाने के लिए सबसे पहले ग्रीन कॉफी बीन्स को रातभर के लिए पानी में डालकर रख दें।
  • अगली सुबह बीजों सहित पानी को करीब 15 मिनट तक धीमी आंच पर उबालें। इससे बीजों का हरा रंग पानी में आ जाएगा। अब पानी को उतार लें और छान लें।
  • जब पानी सामान्य हो जाए, तो उसे पिएं।
  • यह सबसे अच्छा ग्रीन कॉफी पीने का तरीका हो सकता है।
  • चाहें तो एक पाउच ग्रीन कॉफी के पाउडर को एक कप गर्म पानी में घोलकर भी ग्रीन कॉफी बना सकते हैं।

सावधानी : ग्रीन कॉफी में चीनी या शहद का प्रयोग न ही करें, तो ग्रीन कॉफी पीने का तरीका बेहतर हो सकता है। साथ ही इसमें दूध भी न मिलाएं। इसे ऐसे ही पिएं और दिनभर में अधिक से अधिक दो कप का ही सेवन करें। इससे अधिक पीने पर कई प्रकार की समस्याएं हो सकती हैं, जिसके बारे में हम इस लेख में आगे बताएंगे। साथ ही गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाओं और बच्चों को ग्रीन कॉफी का सेवन नहीं करना चाहिए (1)।

जानकारी और भी है

ग्रीन कॉफी बनाने का तरीका जानने के बाद यहां बता रहे हैं ग्रीन कॉफी कब पीनी चाहिए।

ग्रीन कॉफी पीने का सही समय – When to Drink Green Coffee in Hindi

कोई भी चीज तभी फायदा करती है, जब उसे नियमानुसार और तय समय पर किया जाए। इसी प्रकार ग्रीन कॉफी पीने का समय भी जानना जरूरी है। कई लोग जब मन किया तभी उसे पी लेते हैं, जो सही नहीं है। यहां हम बता रहे हैं ग्रीन कॉफी पीने का सही समय।

  • ग्रीन कॉफी को सुबह खाली पेट पी सकते हैं।
  • इसे दोपहर को खाने से आधा घंटा पहले या फिर खाने के एक घंटे बाद पी सकते हैं।

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यहां पर हम बता रहे हैं कि ग्रीन काॅफी को कैसे प्राप्त किया जा सकता है।

ग्रीन कॉफी कहां से खरीदें?

ग्रीन कॉफी बीज का पैकेट बाजार में व ऑनलाइन आसानी से उपलब्ध है। किसी भी आयुर्वेदिक सामग्री की दुकान से ग्रीन कॉफी खरीद सकते हैं। वहां, अच्छी गुणवत्ता की ग्रीन कॉफी मिल सकती है।

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यहां जानते हैं ग्रीन काॅफी कैप्सूल और ग्रीन कॉफी कैप्सूल खाने का तरीका क्या है।

ग्रीन कॉफी कैप्सूल क्या है और इसे खाने का तरीका क्या है?

इस कैप्सूल को ग्रीन कॉफी एक्सट्रेक्ट से तैयार किया जाता है (19)। यह मेडिकल स्टोर पर कई ब्रांड्स में उपलब्ध है। इसके विषय में अधिक जानकारी और सेवन से जुड़ी सलाह के लिए डॉक्टर से संपर्क जरूर करें।

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यहां हम बता रहे हैं ग्रीन कॉफी के नुकसान के बारे में।

ग्रीन कॉफी के नुकसान – Side Effects of Green Coffee in Hindi

जहां एक ओर ग्रीन काॅफी के फायदे देखे गए हैं, तो कुछ मामलों में इसका अधिक सेवन नुकसानदायक भी पाया गया है। यहां पर हम ग्रीन कॉफी के नुकसान के बारे में बता रहे हैं, जो इस प्रकार हैं (1):

  • ग्रीन काॅफी में कैफीन की मात्रा पाई जाती है और इसका अधिक सेवन अनिद्रा, बेचैनी, पेट खराब, मतली, उल्टी, हृदय व श्वास दर में वृद्धि और अन्य दुष्प्रभावों का कारण बन सकता है।
  • ग्रीन काॅफी बींस में क्लोरोजेनिक एसिड की मात्रा भी पाई जाती है और क्लोरोजेनिक एसिड की उच्च खुराक का सेवन हृदय रोग का कारण बन सकता है।
  • ग्रीन कॉफी में मौजूद कैफीन की मात्रा तनाव, रक्तस्राव विकार, दस्त की समस्या और उच्च रक्तचाप की समस्या को बदतर बना सकता है।
  • ग्रीन कॉफी बींस और अन्य स्रोतों में मौजूद कैफीन कैल्शियम की मात्रा को बढ़ा सकता है, जो कि मूत्र में बह जाता है। इससे हड्डियां कमजोर हो सकती हैं।
  • एक अन्य शोध में पाया गया कि अनियमित तौर पर इसका सेवन यूरिनरी ट्रैक इंफेक्शन का कारण भी बन सकता है (19)।

अब आप जान गए होंगे कि ग्रीन कॉफी के फायदे किस प्रकार शारीरिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। सही ग्रीन कॉफी बनाने की विधि अपनाकर और इसके नियमित सेवन से स्वस्थ जीवन का आनंद लिया जा सकता है। इसे बनाने के लिए लेख में ग्रीन कॉफी बनाने का तरीका भी दिया गया है। वहीं, इसके साथ ही यह बात भी ध्यान देने योग्य है कि ग्रीन काॅफी का अधिक सेवन कई समस्याओं का कारण बन सकता है। इसलिए, औषधि के रूप में इसका उपयोग करने से पहले अपने आहार विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

19 संदर्भ (Sources):

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Saral Jain

सरल जैन ने श्री रामानन्दाचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, राजस्थान से संस्कृत और जैन दर्शन में बीए और डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ से पत्रकारिता में बीए किया है। सरल को इलेक्ट्रानिक मीडिया का लगभग 8 वर्षों का एवं प्रिंट मीडिया का एक साल का अनुभव है। इन्होंने 3 साल तक टीवी चैनल के कई कार्यक्रमों में एंकर की भूमिका भी निभाई है। इन्हें फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, एडवंचर व वाइल्ड लाइफ शूट, कैंपिंग व घूमना पसंद है। सरल जैन संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी व कन्नड़ भाषाओं के जानकार हैं।

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