ग्रीन टी के 16 फायदे, बनाने की विधि और नुकसान – All About Green Tea in Hindi

Medically reviewed byMadhu Sharma, Registered Dietitian
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जब बात आए फिटनेस और स्वास्थ्य की, तो ग्रीन टी के बेनिफिट्स को नकारा नहीं जा सकता। ग्रीन टी के स्वास्थ्य फायदों की वजह से विश्व भर में इसका चलन बढ़ रहा है। इस पर किए गए कई अध्ययनों ने भी इसके औषधीय गुणों को उजागर किया है, जिनकी चर्चा हम स्टाइलक्रेज के इस लेख में करेंगे। इस आर्टिकल में न सिर्फ ग्रीन टी के फायदे बताए गए हैं, बल्कि ग्रीन टी का उपयोग और इससे जुड़ी जरूरी जानकारी को भी साझा किया गया है। साथ ही लेख के अंत में ग्रीन टी के नुकसान भी बताए गए हैं।

पाठक ध्यान दें कि भले ही बेनिफिट्स ऑफ ग्रीन टी कई हैं, लेकिन इसे लेख में शामिल किसी भी बीमारी का मेडिकल ट्रीटमेंट नहीं समझा जा सकता। ग्रीन टी के फायदे सिर्फ शारीरिक समस्या से बचाव व इनके प्रभाव को कुछ हद तक कम करने में एक सहायक भूमिका निभा सकते हैं।

सबसे पहले जानते हैं कि ग्रीन टी क्या है और इसका निर्माण कैसे होता है?

ग्रीन टी क्या है?

इससे पहले कि हम ग्रीन-टी के फायदों के बारे में जानकारी दें। हम अपने पाठकों को ‘ग्रीन टी क्या है’ उस बारे में बता देते हैं। ग्रीन टी को कैमेलिया साइनेन्सिस पौधे से बनाया जाता है। इस पौधे की पत्तियों का उपयोग न सिर्फ ग्रीन टी बल्कि अन्य प्रकार की चाय जैसे – ब्लैक टी बनाने में भी किया जाता है, लेकिन मानव स्वास्थ्य पर सबसे ज्यादा प्रभाव ग्रीन टी का देखा गया है। अगर बात करें ग्रीन टी और ब्लैक टी की, तो भले ही ये एक ही पौधे से मिलते हों, लेकिन, दोनों को बनाने का तरीका अलग है। ग्रीन टी का उत्पादन करने के लिए ताजे पत्तों को तोड़ने के बाद तुरंत भाप दी जाती है, ताकि ग्रीन टी का अच्छे से निर्माण हो। यह प्रक्रिया स्वास्थ्य को बढ़ावा देने वाले प्राकृतिक पॉलीफेनोल्स को संरक्षित रखती हैं (1) । वहीं, इसमें ब्लैक और ओलोंग टी की तुलना में अधिक कैटेचिन पाया जाता है, जो एक प्रकार का एंटीऑक्सीडेंट होता है (2)। लेख में आगे विस्तार से इसके औषधीय गुण और इससे होने वाले स्वास्थ्य फायदों को बताया जाएगा।

ग्रीन टी क्या है, जानने के बाद आगे जानिए ग्रीन टी के प्रकार।

ग्रीन टी के प्रकार – Types of Green Tea in Hindi

ऐसे तो बाजार में कई तरह की ग्रीन-टी उपलब्ध हैं, लेकिन सबके बारे में बताना संभव नहीं है। इसलिए, नीचे हम ग्रीन-टी के कुछ प्रकारों के बारे में जानकारी दे रहे हैं।

  • जैस्मीन ग्रीन-टी
  • मोरक्को मिंट ग्रीन-टी
  • गेन माचा ग्रीन-टी
  • ड्रैगन वेल ग्रीन-टी
  • हौजीचा ग्रीन-टी
  • कुकीचा ग्रीन-टी
  • सेन्चा ग्रीन-टी
  • ग्योकुरो ग्रीन-टी
  • बिलोचन ग्रीन-टी
  • माचा ग्रीन-टी

अगर इन ग्रीन-टी के नाम पढ़कर दुविधा हो तो जानकारी के लिए हम बता दें कि ये नजदीकी सुपर मार्केट या फिर ऑनलाइन आसानी से मिल जाएंगी।

अब बारी आती है ग्रीन टी के फायदों के बारे में जानने की।

ग्रीन टी के फायदे – Benefits of Green Tea in Hindi

बेनिफिट्स ऑफ ग्रीन टी कई सारे हैं। यह मोटापा और मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है और साथ ही कैंसर जैसी घातक बीमारी के जोखिम से बचाव में भी कुछ हद तक सहायक हो सकती है (2)। ग्रीन टी के फायदे आतंरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ त्वचा और बालों के लिए भी कारगर हो सकते हैं। नीचे ग्रीन टी से होने वाले शारीरिक फायदों के बारे में विस्तार से बताया गया है।

नीचे पढ़ें स्वास्थ्य के लिए बेनिफिट्स ऑफ ग्रीन टी क्या-क्या हो सकते हैं।

1. वजन कम करने के लिए ग्रीन टी के फायदे

ग्रीन-टी वजन कम करने में फायदेमंद हो सकती है। इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट, मेटाबॉलिज्म को बढ़ाकर वजन कम करने में मदद कर सकता है। एनसीबीआई (The National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, ग्रीन-टी पीने के साथ मध्यम तीव्रता के व्यायाम फैट ऑक्सीडेशन (फैट बर्निंग) को बढ़ावा देने का काम कर सकते हैं, जिससे मोटापे को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है (3)। इसके अलावा, एक अन्य अध्ययन में ग्रीन टी में मौजूद कैटेचिन और कैफीन के मिश्रण का सेवन वजन कम करने और वजन को संतुलित रखने में कुछ हद तक सकारात्मक प्रभाव दिखा सकता है (4)। इस बारे में और ज्यादा जानकारी के लिए पाठक हमारा वजन घटाने के लिए ग्रीन टी का लेख भी पढ़ सकते हैं।

वहीं, एक अन्य शोध के अनुसार, मोटापे से ग्रस्त व्यक्तियों में ग्रीन टी का वेटलॉस प्रभाव काफी कम पाया गया है (5)। ऐसे में वजन कम करने के लिए ग्रीन टी पर पूरी तरह निर्भर रहना उचित नहीं है, बल्कि इसके साथ सही डाइट, नियमित व्यायाम और योग भी जरूरी है।

2. मस्तिष्क के लिए ग्रीन टी पीने के फायदे

ग्रीन टी का सेवन मस्तिष्क के लिए भी लाभकारी हो सकता है। दरअसल, इस विषय पर किए गए एक शोध में यह बात सामने आयी है कि ग्रीन टी चिंता को कम करने के साथ-साथ मस्तिष्क की कार्यप्रणाली में सुधार कर सकती है। इसके अलावा, यह एकाग्रता बढ़ाने में भी सकारात्मक प्रभाव प्रदर्शित कर सकती है। शोध में बताया गया है कि इन सभी लाभ के पीछे ग्रीन में मौजूद कैफीन और एल-थीनाइन (l-theanine – एक प्रकार का केमिकल) का संयुक्त प्रभाव हो सकता है (5)। ऐसे में संतुलित मात्रा में इसका सेवन किया जा सकता है।

3. मुंह के स्वास्थ्य के लिए ग्रीन टी के लाभ

ग्रीन टी का सेवन मुंह के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी हो सकता है। इसके सेवन से मुंह के संक्रमण से बचाव हो सकता है। एक भारतीय अध्ययन के अनुसार ग्रीन टी कैटेचिन, पी. जिंजिवलिस (P. gingivalis) और ऐसे ही अन्य बैक्टीरिया जैसे – प्रीवोटेला इंटरमीडिया (Prevotella Intermedia) और प्रीवोटेला निग्रेसेंस (Prevotella Nigrescens) को बढ़ने से रोक सकता है (6)। ये सभी बैक्टीरिया मुंह के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं।

इसके साथ ही एक और अन्य शोध में यह पाया गया कि ग्रीन-टी, बैक्टीरियल प्लाक को नियंत्रित कर दांतों को खराब होने से बचा सकता है। ग्रीन-टी में मौजूद पॉलीफेनोल्स एंटी-प्लाक एजेंट की तरह काम कर मुंह में प्लाक को जमने से रोक सकते हैं (7)। ग्रीन-टी से मुंह धोना काफी लाभकारी हो सकता है, लेकिन बेहतर है इस बारे में एक बार डॉक्टर परामर्श भी लिया जाए।

4. मधुमेह के लिए ग्रीन टी के फायदे

ग्रीन टी पीने के फायदे में मधुमेह से बचाव भी शामिल है। दरअसल, जापान में किए गए एक अध्ययन में यह पाया गया कि रोजाना एक कप से भी कम ग्रीन टी पीने वाले लोगों की तुलना में प्रतिदिन छः या उससे अधिक कप ग्रीन टी का सेवन करने वाले व्यक्तियों में 33% टाइप 2 डायबिटीज का खतरा कम हुआ (8)।

इसके अलावा, चूहों पर किए गए अध्ययनों में यह बात सामने आयी कि ग्रीन टी का सेवन इंसुलिन सेंसिटिविटी (जब इन्सुलिन प्रभावी ढंग से ब्लड ग्लूकोज को ऊर्जा में परिवर्तित करता है) में सुधार कर सकता है। वहीं, यह इंसुलिन रेजिस्टेंस (Insulin Resitence – कोशिकाएं जब इंसुलिन को प्रतिक्रिया नहीं देती, जिससे ब्लड शुगर का स्तर बढ़ता है) और हाइपरग्लाइसीमिया (Hyperglycemia – खून में ग्लूकोज का बढ़ना) से बचाव कर सकता है। आसान शब्दों में समझा जाए तो ग्रीन टी में एंटी-डायबिटिक गुण होते हैं, जो खून में ग्लूकोज के स्तर को कम कर मधुमेह का जोखिम कम कर सकते हैं (2)।

5. कोलेस्ट्रॉल के लिए ग्रीन-टी के फायदे

हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की एक रिपोर्ट के अनुसार ग्रीन-टी हानिकारक कोलेस्ट्रॉल, जिससे ह्रदय रोग होने की आशंका बढ़ती है, उसके स्तर को कम कर सकती है (9)। फिलहाल, अधिकांश अध्ययन कैटेचिन (ग्रीन टी में मौजूद पॉलीफेनोल) युक्त कैप्सूल पर किए गए हैं। सीधे तौर पर यह कितनी फायदेमंद होगी, इसपर और शोध की आवश्यकता है।

6. रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार के लिए ग्रीन टी के लाभ

ग्रीन टी का सेवन रोगप्रतिरोधक क्षमता में सुधार करने में भी मदद कर सकता है। यह शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाने में भी मदद कर सकती है (10)।

7. अल्जाइमर के लिए ग्रीन टी के फायदे

ग्रीन-टी के सेवन से कई मानसिक बीमारियों का जोखिम भी कम हो सकता है। अल्जाइमर उन्हीं बीमारियों में से एक है। इस बीमारी में दिन-प्रतिदिन व्यक्ति की याददाश्त कमजोर होने लगती है और निर्णय लेने की क्षमता भी कम हो जाती है। ऐसे में इस बीमारी से बचाव के लिए ग्रीन टी का सेवन किया जा सकता है (11)। इसमें मौजूद पॉलीफेनोल, एपिग्लोकैटेचिन-3-गैलेट (epigallocatechin-3-gallate) इस काम में लाभ पहुंचा सकता है। फिलहाल, इसपर अभी शोध की आवश्यकता है (12)।

8. कैंसर के लिए ग्रीन टी के फायदे

नेशनल कैंसर इंस्टिट्यूट के मुताबिक, पॉलीफेनोल (कैटेचिन) चाय के एंटी-कैंसर गुणों के लिए जिम्मेदार है। इनमें से सबसे भरोसेमंद ईजीसीजी (epigallocatechin-3-gallate) है। यह, मुक्त कणों से लड़ सकता है और कोशिकाओं को डीएनए क्षति से बचा सकता है। ग्रीन-टी में मौजूद पॉलीफेनोल (polyphenols) इम्यून सिस्टम की प्रक्रिया को भी ठीक कर सकता है (13)।

वहीं, जानवरों पर किये गए एक और अध्ययन के अनुसार, ग्रीन-टी कुछ खास प्रकार के कैंसर (फेफड़े, त्वचा, स्तन, लिवर, पेट और आंत) के जोखिम से बचाव में मदद कर सकती है। साथ ही ग्रीन-टी कैंसर कोशिकाओं के प्रसार को रोकने में भी सहायक हो सकती है (2) (14) (15)। साथ ही हम इस बात को नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं कि कैंसर एक गंभीर बीमारी है। इसके इलाज के लिए सिर्फ घरेलू उपचार पर निर्भर रहना सही नहीं है। इसके लिए उचित मेडिकल ट्रीटमेंट ही पहली प्राथमिकता होनी चाहिए है, घरेलू उपाय सिर्फ कैंसर के लक्षणों से कुछ हद तक आराम दिला सकता है।

9. रक्तचाप के लिए ग्रीन टी पीने के फायदे

ग्रीन टी ब्लड प्रेशर के लिए भी लाभकारी हो सकती है। दरअसल, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध के अनुसार ग्रीन टी का सेवन ब्लड प्रेशर को कम कर सकता है (16)। वहीं, एक अन्य शोध के अनुसार, अधिक वजन वाले और मोटापे से ग्रस्त वयस्कों में, ग्रीन टी या जीटीई (GTE – ग्रीन टी एक्सट्रैक्ट) सप्लिमेंटेशन बीपी में एक छोटी, लेकिन महत्वपूर्ण कमी का कारण बनता पाया गया है (17)। फिलहाल, इस विषय पर अभी और अध्ययन की आवश्यकता है। अगर कोई पहली बार इसका सेवन कर रहा है, तो एक बार डॉक्टरी सलाह जरूर लें। साथ ही अगर किसी को निम्न रक्तचाप की समस्या है तो ग्रीन टी के सेवन से परहेज करना ही अच्छा है।

10. गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल विकारों के लिए ग्रीन टी

ग्रीन टी का सेवन गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल विकारों (पेट या पाचन संबंधी समस्याएं) के लिए भी लाभकारी हो सकता है। एक अध्ययन में यह बात सामने आयी है कि ग्रीन टी में मौजूद कैटेचिन गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट में अच्छी तरह से अवशोषित हो जाता है और रोगों से लड़ने की क्रिया में सहायता कर सकता है। ऐसे में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल विकारों से बचाव के लिए दैनिक जीवन में ग्रीन टी को शामिल किया जा सकता है (18)।

11. हड्डियों के लिए ग्रीन टी पीने के फायदे

ग्रीन टी का सेवन हड्डियों के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। इसके पीछे ग्रीन टी में मौजूद बायोएक्टिव कंपाउंड हो सकते हैं। दरअसल, इसका सेवन बोन मिनरल डेंसिटी में सुधार कर फ्रैक्चर के खतरे को कम कर सकता है। वहीं, दूसरी तरफ यह ऑस्टियोक्लास्टिक (Osteoclastic Activities – हड्डी टूटने की प्रक्रिया) गतिविधियों को कम कर ओस्टियोब्लास्टिक गतिविधियों (Osteoblastic Activities – हड्डियों के बनने की प्रक्रिया) में सुधार कर सकता है (19)। वहीं चूहों पर किये गए शोध में यह पता चला कि ग्रीन टी पॉलीफेनोल सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस के कारण हड्डियों की हानि के खतरे को कम कर सकता है। फिलहाल, ज्यादातर परिणाम जानवरों पर किए गए अध्ययनों पर आधारित हैं, मानव पर इसके बेहतर प्रभाव जानने के लिए अभी और शोध की आवश्यकता है (20)।

12. लंबी उम्र के लिए ग्रीन टी के लाभ

ग्रीन-टी के फायदे अनेक हैं, लंबी उम्र भी उन्हीं फायदों में से एक है। ग्रीन-टी इम्युनिटी को बढ़ाकर कई बीमारियोंं से बचा सकती है। जैसा कि हमने ऊपर बताया कि ग्रीन टी हड्डियों की समस्या, कैंसर और मधुमेह जैसी बीमारियों के बचाव में सहायक हो सकती है। वहीं, दूसरी ओर एक अमेरिकी अध्ययन के अनुसार कैफीन का सेवन कई शारीरिक समस्याओं का कारण भी बन सकता है। शोध के अनुसार कैफिन का अत्यधिक सेवन नींद की समस्या, बेचैनी, शरीर में कैल्शियम की कमी और फ्रैक्चर के जोखिम को भी बढ़ा सकता है (21) (22)। इस आधार पर फिलहाल स्पष्ट तौर पर यह कहना मुश्किल है कि ग्रीन-टी उम्र बढ़ाने में सहायक है या नहीं। ऐसे में यह बस अनुमान लगाया जा सकता है कि इसका सीमित मात्रा में सेवन बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है, जिससे की उम्र बढ़ने में मदद मिल सकती है।

13. हृदय के लिए ग्रीन टी के फायदे

हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की एक रिपोर्ट के अनुसार, ग्रीन-टी हृदय के लिए फायदेमंद हो सकती है। इसका सेवन करने से हृदय रोग से भी बचा जा सकता है। 40,530 जापानी वयस्कों पर किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि रोजाना एक कप ग्रीन टी का सेवन करने वाले व्यक्तियों की तुलना में प्रतिदिन पांच कप से अधिक ग्रीन टी पीने वाले व्यक्तियों में दिल का दौरा पड़ने या स्ट्रोक से मृत्यु का जोखिम 26 प्रतिशत और अन्य सभी कारणों से मृत्यु का जोखिम 16 प्रतिशत कम था (23)। वहीं, दूसरी ओर एक अध्ययन में पाया गया कि चाय में मौजूद कैटेचिन, एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis – धमनियों में प्लाक का जमना) जैसी बीमारी के जोखिम को कम कर सकता है। फिलहाल, इस विषय पर अभी और शोध की आवश्यकता है (24)।

14. तनाव में ग्रीन-टी पीने के फायदे

चूहों पर किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि ग्रीन-टी में मौजूद पॉलीफेनोल्स तत्व एंटीडिप्रेसंट प्रभाव पैदा करते हैं (25)। इसके एंटीडिप्रेसंट गुण तनाव की स्थिति में लाभदायक साबित हो सकते हैं। वहीं, दूसरी ओर ग्रीन-टी में मौजूद कैफीन (Caffeine) भी तनाव के इलाज में अहम भूमिका निभा सकता है। कम कैफीन युक्त ग्रीन टी के सेवन से तनाव की समस्या से कुछ हद तक राहत मिल सकती है (26) (27)। फिलहाल, इस संबंध में और वैज्ञानिक अध्ययन की जरूरत है।

15. त्वचा के लिए ग्रीन टी के फायदे

स्वास्थ्य के साथ-साथ ग्रीन टी के फायदे त्वचा के लिए भी है। जानवरों पर किए गए अध्ययनों से यह बात सामने आयी है कि ग्रीन टी के अर्क के सेवन या उसके उपयोग से हानिकारक पराबैंगनी किरणों के कारण स्किन ट्यूमर का जोखिम कम हो सकता है। इसमें एंटीइन्फ्लेमेटरी गुण भी मौजूद होते हैं, जो एंटीकैंसर की तरह ही काम कर सकते हैं। इसमें मौजूद पॉलीफिनॉल एपिग्लोकैटेचिन-3-गैलेट (EGCG, epigallocatechin-3-gallate) इसके लिए जिम्मेदार हो सकता है।

शोध में जब चूहों की त्वचा पर इसका उपयोग किया गया तो यूवीबी (Ultraviolet Radiation) के कारण उत्पन्न होने वाले ऑक्सीडेटिव तनाव पर ईजीसीजी (EGCG) के सुरक्षात्मक प्रभाव देखे गए। बता दें ऑक्सीडेटिव तनाव त्वचा को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। हालांकि, मनुष्यों पर इसके बेहतर प्रभाव जानने के लिए बहुत कम ह्यूमन स्टडी की गयी है, इसलिए इस विषय पर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है (2)।

कैसे करें इस्तेमाल

  • एक चौथाई कप ठंडे पानी में एक ग्रीन टी बैग को लगभग पांच मिनट तक डाल कर रखें।
  • समय पूरा होने पर टी बैग को बाहर निकालें और ग्रीन टी के पानी में दो चम्मच गुलाब जल मिलाएं।
  • अब रुई की मदद से इस मिश्रित पानी को सोने से पहले चेहरे को साफ करने के लिए इस्तेमाल करें।
  • बाकी बचे पानी को अगले उपयोग के लिए फ्रिज में स्टोर किया जा सकता है।

16. बालों के लिए ग्रीन-टी के फायदे

बालों के लिए भी ग्रीन टी लाभदायक साबित हो सकती है। यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल एंड साइंस (लॉस एंजेलिस) के एक शोध में जब चूहों को पानी में ग्रीन टी पॉलीफेनॉल एक्सट्रैक्ट दिया गया, तो उनमें हेयर रिग्रोथ देखा गया। वहीं, जिन चूहों को सिर्फ पानी दिया गया, उनमें बालों के ग्रोथ में कोई सुधार नहीं देखा गया (28)। हालांकि, यह परीक्षण जानवरों पर किया गया है और मनुष्य पर इसका कितना प्रभाव हो सकता है, यह जानने के लिए अभी और अध्ययन की जरूरत है। बालों के लिए ग्रीन टी का उपयोग नीचे बताए गए तरीके से किया जा सकता है।

कैसे करें इस्तेमाल

  • तीन से चार ग्रीन-टी बैग्स को आधा लीटर पानी में डाले दें।
  • पांच से दस मिनट बाद ग्रीन टी-बैग्स को बाहर निकाल दें।
  • शैम्पू और कंडीशनर के बाद ग्रीन-टी के पानी से बालों को धो लें।
  • हफ्ते में दो से तीन बार यह प्रक्रिया दोहराई जा सकती है।

अब जानते हैं ग्रीन टी में मौजूद पोषक तत्वों के बारे में।

ग्रीन टी के पौष्टिक तत्व – Nutritional Value of Green Tea in Hindi

नीचे हम पाठकों की जानकारी के लिए ग्रीन टी में मौजूद पोषक तत्वों की सूची साझा कर रहे हैं (29)।

पोषक तत्वप्रति
पानी99.93 ग्राम
एनर्जी1 केसीएल
प्रोटीन0.22 ग्राम
आयरन0.02 मिलीग्राम
मैग्नीशियम1 मिलीग्राम
पोटेशियम8 मिलीग्राम
सोडियम1 मिलीग्राम
जिंक0.01मिलीग्राम
कॉपर0.004 मिलीग्राम
मैंगनीज0.184 मिलीग्राम
थियामिन0.007 मिलीग्राम
राइबोफ्लेविन0.058 मिलीग्राम
नियासिन0.03 मिलीग्राम
विटामिन बी -60.005 मिलीग्राम
कैफीन12 मिलीग्राम

ग्रीन टी के फायदे और पौष्टिक तत्वों के बारे में जानने के बाद अब बारी आती है ग्रीन टी बनाने की विधि के बारे में जानने की। ग्रीन टी बनाने का तरीका बहुत आसान है और लेख के इस भाग में हम इसी के बारे में जानकारी देने की कोशिश कर रहे हैं।

ग्रीन टी बनाने की विधि – How to Prepare Green Tea in Hindi

ग्रीन टी बनाने की विधि बहुत ही आसान है, नीचे जानिए आसानी से ग्रीन टी कैसे बनाते हैं।

1. पत्ते वाली ग्रीन-टी रेसिपी

सामग्री:

  • एक चम्मच ग्रीन-टी के पत्ते
  • चाय की छन्नी
  • एक कप पानी

बनाने की विधि:

  • सबसे पहले कप पर चाय की छन्नी रखें।
  • अब इस छन्नी में ग्रीन-टी के पत्ते डालें और ऊपर से गर्म पानी डालें।
  • फिर ग्रीन-टी के पत्तों को चम्मच की मदद से थोड़ा दबा दें।
  • ध्यान रहे कि पत्तों को ज्यादा न दबाएं, नहीं तो चाय कड़वी हो सकती है।
  • ग्रीन-टी में थोड़ा शहद भी मिला सकते हैं।

2. टी बैग वाली ग्रीन-टी रेसिपी

सामग्री:

  • एक ग्रीन-टी बैग
  • एक कप गर्म पानी

बनाने की विधि:

  • एक कप गर्म पानी में ग्रीन-टी के बैग को एक से दो मिनट के लिए भिगोएं।
  • समय पूरा होने पर टी बैग को निकाल दें।
  • स्वाद के लिए शहद मिलाना हो, तो मिला लें और इसका सेवन करें।

3. पाउडर वाली ग्रीन-टी रेसिपी

सामग्री:

  • आधा या एक चम्मच ग्रीन-टी पाउडर
  • एक कप पानी
  • एक चम्मच शहद

बनाने की विधि:

  • एक बर्तन में पानी उबाल लें और कुछ सेकंड के लिए ठंडा होने के लिए छोड़ दें।
  • अब इसमें आधा या एक चम्मच ग्रीन-टी पाउडर डालें।
  • तीन से पांच मिनट के लिए इसे पानी में घुलने के लिए छोड़ दें।
  • समय पूरा होने के बाद इसे चाय की छन्नी से छान लें।
  • स्वाद के लिए इसमें शहद मिलाकर सेवन करें।

ग्रीन टी कैसे बनाए यह जानने के बाद, आगे जानिए इसे अपनी दिनचर्या में कैसे शामिल करें।

ग्रीन टी पीने का सही समय – When to Drink Green Tea in Hindi

ग्रीन टी पीने के सही वक्त की बात करें तो इस बारे में कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। ऐसे में अनुमान के तौर पर कहा जा सकता है कि ग्रीन टी पीने का समय नाश्ते या दोपहर के खाने के बाद अच्छा हो सकता है। खाली पेट ग्रीन टी पीने से बचें, क्योंकि ऐसा करने से पेट संबंधी समस्या हो सकती है। रात को ग्रीन टी पीने का समय सही नहीं हो सकता है, क्योंकि इसमें कैफीन होता है, जो अनिद्रा को बढ़ावा दे सकता है (30)। इसके अलावा, हर व्यक्ति का शरीर एक जैसा नहीं होता है, ऐसे में सेवन का वक्त और मात्रा अलग-अलग हो सकती है। इसलिए, बेहतर है इस बारे में डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह ली जाए।

आगे जानिए कुछ चर्चित ग्रीन टी ब्रांड के बारे में।

सबसे अच्छा ग्रीन टी ब्रांड – Top Green Tea Brands in Hindi

नीचे हम कुछ अच्छे ग्रीन टी ब्रांड के बारे में जानकारी दे रहे हैं।

1.लिप्टन ग्रीन टी

ग्रीन टी की बात करें तो लिप्टन एक जाना-माना ब्रांड है। यह छोटे-बड़े हर पैक में उपलब्ध है। अगर कोई पहली बार ग्रीन टी का सेवन करना चाहता है तो इसका छोटा पैक ले सकता है, जो बजट में है। कंपनी का दावा है कि यह चाय हृदय स्वास्थ्य और त्वचा के लिए फायदेमंद हो सकती है।

गुण

  • यह बजट में है।
  • जीरो कैलोरी।
  • यह वेजीटेरियन है।

अवगुण

  • टी बैग्स में ग्रीन टी की पत्तियों की मात्रा कम होती है।
  • इसका स्वाद कुछ लोगों को आर्टिफिशियल लग सकता है।

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2.ऑर्गेनिक इंडिया

ऑर्गेनिक इंडिया ब्रांड तुलसी, नींबू और अदरक के मिश्रण का ग्रीन टी लाता है। यह लगभग हर किसी को पता है कि तुलसी बहुत ही लाभकारी जड़ी-बूटियों में से एक है। कंपनी का दावा है कि इस ग्रीन टी में भरपूर मात्रा में शक्तिशाली फाइटोन्यूट्रिएंट्स और एंटीऑक्सीडेंट शामिल हैं, जो शरीर को मुक्त कणों के नुकसान से बचाव में सहायक हो सकते हैं। साथ ही इसका सेवन दिल की बीमारियों से बचाव और प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार के साथ-साथ शरीर को डिटॉक्सीफाई करने में भी सहायक हो सकता है। दोपहर को खाना खाने के बाद इसका सेवन किया जा सकता है।

गुण

  • इसका स्वाद अच्छा है।
  • इससे गर्म या आइस टी बनाई जा सकती है।
  • दोपहर के भोजन के बाद इसका सेवन पाचन के लिए लाभकारी हो सकता है।

अवगुण

  • इससे एसिडिटी हो सकती है।

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3. गिरनार डिटॉक्स ग्रीन टी देसी काहवा

कई लोगों के लिए यह ब्रांड नया हो सकता है। इस ग्रीन टी में मिक्स्ड मसाले और जड़ी-बूटियां हैं। यह ग्रीन टी रेसिपी भी बहुत आसान है। बस एक कप गर्म पानी लें और इसमें एक टी बैग को एक से दो मिनट के लिए डालें। बाद में टी बैग बाहर निकालें और चाय का आनंद लें।

गुण

  • इसका पैक अलग-अलग साइज में उपलब्ध है।
  • मसालेदार और स्ट्रॉन्ग सुगंध है।

अवगुण

  • इसमें सोडियम की मात्रा अधिक है।
  • उच्च रक्तचाप वाले लोगों के लिए उपयुक्त न हो।

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4. टाइफू ग्रीन टी

यह ग्रीन टी ब्रांड 100 साल पुराना प्रतिष्ठित ब्रिटिश ब्रांड है। कंपनी का दावा है कि इसमें चीनी, प्रिजर्वेटिव और कोई आर्टिफिशियल फ्लेवर नहीं है। यह अनूठे प्रकार कैटेचिन से समृद्ध है और इसमें शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट भी मौजूद हैं।

गुण

  • इसमें किसी भी प्रकार का प्रिजर्वेटिव नहीं है।
  • इसमें चीनी नहीं है।
  • इसमें किसी भी प्रकार का कृत्रिम फ्लेवर नहीं।
  • मेटाबॉलिज्म को बनाए रखने में मददगार हो सकती है।

अवगुण

  •  इसका स्वाद काफी हल्का है।

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5. टेटली ग्रीन टी लेमन एंड हनी

टेटली भी एक जाना-माना ब्रांड है। इसके फ्लेवर में नींबू और शहद, अदरक, मिंट और नींबू और ऐसे ही कई अन्य मिश्रण मौजूद हैं। इसका शहद और नींबू के मिश्रण का फ्लेवर काफी पसंद किया जाने वाला फ्लेवर है। यह ग्रीन टी छोटे पैक में भी उपलब्ध है, इसलिए यह बजट में है। साथ ही यह आसानी से उपलब्ध है और इसे बनाना भी काफी आसान है।

गुण

  • मेटाबॉलिज्म और इम्यूनिटी को बनाए रखने में मददगार हो सकती है।
  • आसानी से बाजार और ऑनलाइन उपलब्ध है।
  • इसका स्वाद भी काफी अच्छा है।
  • यह ग्रीन टी वेजीटेरियन है।

अवगुण

  • ज्यादा सेवन से एसिडिटी की समस्या हो सकती है।

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बेनिफिट्स ऑफ ग्रीन टी के साथ-साथ ग्रीन टी साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं। आगे हम उसी के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

ग्रीन टी के नुकसान – Side Effects of Green Tea in Hindi

ग्रीन टी पीने के फायदे तो हैं, लेकिन इसके अधिक से सेवन से कुछ नुकसान भी हैं। नीचे जानिए ग्रीन टी साइड इफेक्ट्स के बारे में (31) (32) (33)।

  •  ग्रीन टी के सेवन से पेट दर्द, मतली और लिवर संबंधी समस्या हो सकती है।
  • ग्रीन टी में कैफीन मौजूद होता है, ऐसे में इसके अधिक सेवन से अनिद्रा, सिरदर्द, कंपकंपी और चिंता जैसी परेशानियां हो सकती हैं।
  • ग्रीन टी में टैनिक एसिड (Tannic Acid) नामक तत्व होता है, जो दांतों में दाग का कारण बन सकता है।
  • गर्भावस्था के दौरान ग्रीन टी के सेवन से पहले डॉक्टरी सलाह जरूर लें। इसमें कैफीन होता है और गर्भावस्था के दौरान 300 मिलीग्राम से ज्यादा कैफीन का सेवन गर्भावस्था की अवधि को बढ़ा सकता है।

ये तो थे कुछ नुकसान, ग्रीन टी के नुकसान से संबंधित अधिक जानकारी के लिए आप हमारा ‘जरूरत से ज्यादा ग्रीन टी पीने के नुकसान‘ का लेख पढ़ सकते हैं।

ग्रीन-टी के लाभ जानने के बाद इसे पीने का मजा ही कुछ और है। जिन्होंने अभी तक इसे अपनी डाइट में शामिल नहीं किया है, वे इसे कभी भी पीना शुरू कर सकते हैं। हालांकि, ज्यादा सेवन से ग्रीन टी के नुकसान भी हैं, इसलिए व्यक्ति अपने स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करें। इसके अलावा, पाठक इस बात पर भी ध्यान दें कि ग्रीन टी पीने के फायदे उपरोक्त बताई गईं समस्याओं के प्रभाव को कुछ हद तक कम करने में मदद कर सकते हैं, लेकिन ग्रीन टी किसी भी बीमारी का डॉक्टरी इलाज नहीं है। उम्मीद है कि यह लेख आपके लिए लाभकारी साबित होगा।

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Arpita Biswas

अर्पिता ने पटना विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में स्नातक किया है। इन्होंने 2014 से अपने लेखन करियर की शुरुआत की थी। इनके अभी तक 1000 से भी ज्यादा आर्टिकल पब्लिश हो चुके हैं। अर्पिता को विभिन्न विषयों पर लिखना पसंद है, लेकिन उनकी विशेष रूचि हेल्थ और घरेलू उपचारों पर लिखना है। उन्हें अपने काम के साथ एक्सपेरिमेंट करना और मल्टी-टास्किंग काम करना पसंद है। इन्हें लेखन के अलावा डांसिंग का भी शौक है। इन्हें खाली समय में मूवी व कार्टून देखना और गाने सुनना पसंद है।

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