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ग्रीन-टी के 20 फायदे, उपयोग और नुकसान – Green Tea Benefits, Uses and Side Effects in Hindi

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ग्रीन-टी के 20 फायदे, उपयोग और नुकसान – Green Tea Benefits, Uses and Side Effects in Hindi December 18, 2018

जब बात आए फिटनेस और स्वास्थ्य की, तो ग्रीन-टी का नाम लगभग हर किसी की ज़ुबान पर आता है। पूरी दुनिया ग्रीन-टी को अपना रही है, क्योंकि इससे होने वाले फ़ायदे कुछ कम नहीं हैं। आज इस लेख के ज़रिए हम आपको ग्रीन-टी क्या है, ग्रीन-टी के फायदे और ग्रीन-टी बनाने की विधि और पीने के सही समय के बारे में पूरी जानकारी दे रहे हैं। अब देर किस बात की, ग्रीन-टी पीने के फायदे जानने के लिए तैयार हो जाएं।

ग्रीन-टी क्या है?

इससे पहले की आप ग्रीन-टी के फायदे जानें, उससे पहले यह जानना ज़रूरी है कि ग्रीन-टी क्या है? ग्रीन-टी को कैमेलिया साइनेन्सिस नामक पौधे से बनाया जाता है। इस पौधे की पत्तियों का उपयोग न सिर्फ ग्रीन-टी, बल्कि अन्य प्रकार की चाय बनाने में भी किया जाता है।

ग्रीन-टी के पौष्टिक तत्व – Nutritional Value of Green Tea in Hindi

ग्रीन-टी पौष्टिक तत्वों का ख़ज़ाना है। इसमें कई ऐसे पौष्टिक तत्व हैं, जिनके बारे में आपको शायद ही पता होगा। बिना चीनी के ग्रीन-टी में बिल्कुल कैलोरी नहीं होती है। ग्रीन-टी में फ्लेवेनॉल और कैटेकिन मौजूद होता है, जो एक तरह का पॉलीफेनोल (पोषक तत्व) होता है, इसके कई फायदे हैं।

इनके अलावा, ग्रीन-टी में सबसे शक्तिशाली यौगिक ईजीसीजी (EGCG) मौजूद है, जिसे एपीगैलोकैटेकिन-3-गैलेट (epigallocatechin-3-gallate) के नाम से भी जाना जाता है। इसके कई लाभ है और उनमें से एक है शरीर में मेटाबॉलिक दर का बढ़ना और वज़न नियंत्रित रहना।

अन्य महत्वपूर्ण यौगिक जो ग्रीन-टी में शामिल हैं, वो कुछ इस प्रकार हैं:

  • एमिनो एसिड व एंजाइम
  • कार्बोहाइड्रेट
  • मैग्नीशियम, कैल्शियम, मैंगनीज, लौह, क्रोमियम, तांबा व जिंक जैसे खनिजों की मात्रा
  • विटामिन-बी 6
  • विटामिन-सी
  • प्रोटीन
  • थियनाइन
  • एमिनो एसिड

ग्रीन-टी के बारे में इतनी जानकारी के बाद अब समय है ग्रीन-टी के फायदे जानने का।

ग्रीन-टी के फायदे – Benefits of Green Tea in Hindi

यहां हम सेहत, बालों व त्वचा से जुड़े ग्रीन-टी के ऐसे फायदे आपको बता रहे हैं, जिनके बारे में आपको शायद ही पता हो।

सेहत के लिए ग्रीन-टी के फायदे – Health Benefits of Green Tea in Hindi

जब भी ग्रीन-टी का नाम लिया जाता है, तो सबसे पहले फिटनेस की बात आती है, लेकिन ग्रीन-टी के इसके अलावा भी कई फायदे हैं। ग्रीन-टी में मौजूद पोषक तत्व स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं। सेहत से जुड़े ग्रीन-टी के फायदों की लिस्ट हम आपको नीचे बता रहे हैं।

1. वज़न कम करने के लिए ग्रीन-टी मददगार है

Green-T for weight loss in Hindi Pinit

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ग्रीन-टी वज़न कम करने के लिए फायदेमंद होती है। इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट, मेटाबॉलिज़्म को बढाकर वज़न कम करने में मदद करता है। इसमें मौजूद सक्रिय यौगिक, फैट बर्निंग हॉर्मोन को प्रभावित करते हैं। यहां तक कि व्यायाम के दौरान भी ग्रीन-टी फैट को कम करता है। यूके में हुए एक अध्ययन में पाया गया है कि ग्रीन-टी पीने से मध्यम तीव्रता के व्यायाम से फैट ऑक्सीडेशन बढ़ता है और मोटापे से बचाता है। वहीं, इंसुलिन संवेदनशीलता में भी सुधार लाता है (1)। ग्रीन-टी में मौजूद ईजीसीजी (EGCG) जादू का काम करता है। ग्रीन-टी से आपका मेटाबॉलिक रेट दर बढ़ सकता है और हर समय आपकी थोड़ी न थोड़ी कैलोरी कम होती है। यहां तक कि जब आप सो रहे होते हैं तब भी (2)।

2. मुंह के लिए ग्रीन-टी

अध्ययनों के अनुसार, जो लोग हरी चाय यानी ग्रीन-टी का सेवन करते हैं, उनके मुंह में किसी प्रकार का संक्रमण नहीं होता। एक भारतीय अध्ययन में बताया गया है कि किस प्रकार ग्रीन-टी, पेरियोडोंटल (एक प्रकार की मंसूड़ों की बीमारी) में वरदान है (3)। ग्रीन-टी, बैक्टीरियल प्लाक (दांतों की मैल) को नियंत्रित कर दांतों को खराब होने से बचाती है। ग्रीन-टी में मौजूद पॉलीफेनोल्स, ग्लोक्सीलट्रांसफरेस (एक तरह का बैक्टीरिया, जो चीनी खाने से मुंह में पैदा होता है) का अंत करके प्लाक से लड़ता है (4)।

हरी चाय में फ्लोराइड भी होता है, जो दांतों को खराब होने से बचाता है। यह चाय स्ट्रेप्टोकोकस म्यूटन्स (Streptococcus mutans) नामक बैक्टीरिया से भी लड़ती है, जो आमतौर पर दांतों में पाए जाते हैं।

3. डायबिटीज़ के लिए ग्रीन-टी

ग्रीन-टी शरीर की कोशिकाओं को संवेदनशील कर सकती है, ताकि वो चीनी को अच्छे से हजम कर सकें और मधुमेह के प्रभाव को कम कर सकें। इस तरह से कह सकते हैं कि ग्रीन-टी से डायबिटीज़ का खतरा कम हो सकता है, क्योंकि इसमें मौजूद पॉलीफेनोल्स (polyphenols) शरीर में ग्लूकोज के स्तर को संतुलित करते हैं।

एक अध्ययन के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति पूरे दिन में छह या उससे अधिक कप ग्रीन-टी का सेवन करे, तो टाइप-2 डायबिटीज़ का ख़तरा कुछ प्रतिशत तक कम हो सकता है (5)। हालांकि, इस बारे में अपने डॉक्टर से सलाह लेना भी ज़रूरी है, क्योंकि एक दिन में 6 कप ग्रीन-टी पीना स्वास्थ्य के लिए सही नहीं है।

ग्रीन-टी, एंजाइम गतिविधि को रोकता है, जिससे रक्त प्रवाह में अवशोषित चीनी की मात्रा कम हो जाती है (6)। ग्रीन-टी खासकर के टाइप-2 डायबिटीज़ में ज़्यादा फायदेमंद है, क्योंकि इसमें एंटी-डायबिटिक गुण मौजूद हैं (7) (8)।

4. कोलेस्ट्रॉल के लिए ग्रीन-टी

हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्रीन-टी दिल की बीमारी से रक्षा कर सकता है। ग्रीन-टी हानिकारक कोलेस्ट्रॉल, जिससे ह्रदय रोग होने की आशंका बढ़ती है, उसके स्तर को कम कर सकती है। अधिकांश अध्ययन ग्रीन-टी कैप्सूल के उपयोग पर किए गए हैं, लेकिन चाय भी यह काम बखूबी कर सकती है (9)।

5. रोगप्रतिरोधक क्षमता में बढ़ावा

rog pratirodhak kshamata badhaye green tea Pinit

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ग्रीन-टी में मौजूद कैटेकिन (catechins) रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभाता है (10)। चाय इम्युनिटी को बढ़ाकर ऑक्सीडेंट्स के खिलाफ सुरक्षा करती है। ग्रीन-टी में ईजीसीजी रेगुलेटरी मौजूद होता है, जो टी सेल्स को बढ़ाता है और आपके इम्यून फंक्शन को नियंत्रित कर ऑटोम्यून्यून रोगों को बढ़ने से रोकता है (11)।

6. पाचन के लिए ग्रीन-टी

ग्रीन-टी में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट (12) पाचन क्रिया को सुधरता है। ग्रीन-टी में मौजूद कैटेकिन पाचन एंजाइम की क्रिया को धीमा करता है। इसका मतलब है कि आंत सारे कैलोरी को अवशोषित नहीं करती, जिससे वज़न कम करने में मदद मिलती है। ग्रीन-टी में ईजीसीजी (EGCG) होता है, जो कोलाइटिस के लक्षणों में सुधार करता है। कोलाइटिस एक प्रकार की सूजन होती है, जिससे पाचन क्रिया प्रभावित होती है। ग्रीन-टी में विटामिन-बी, सी और ई भी होता है, जो पाचन के लिए महत्वपूर्ण हैं। ग्रीन-टी गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर (gastrointestinal cancers) दर को भी कम करता है (13)।

7. कैंसर से बचाती है ग्रीन-टी

नेशनल कैंसर इंस्टिट्यूट के मुताबिक, पॉलीफेनोल (विशेष रूप से कैटेकिन) चाय के एंटी-कैंसर गुणों के लिए ज़िम्मेदार हैं। इनमें से सबसे भरोसेमंद ईजीसीजी (epigallocatechin-3-gallate) है। यह, अन्य पॉलीफेनोल के साथ मिलकर मुक्त कणों से लड़ता है और कोशिकाओं को डीएनए क्षति से बचाता है। ग्रीन-टी में मौजूद पॉलीफेनोल (polyphenols) इम्यून सिस्टम की प्रक्रिया को भी ठीक करता है (14)।

एक और अध्ययन के अनुसार, ग्रीन-टी कुछ ख़ास प्रकार के कैंसर (फेफड़े, त्वचा, स्तन, लिवर, पेट और आंत) से हमारी रक्षा करती है। ग्रीन-टी के घटक कैंसर कोशिका के प्रसार को रोकते हैं (15) (16)। ईजीसीजी स्वस्थ कोशिकाओं को प्रभावित किए बगैर कैंसर कोशिकाओं को मारता है (17)। यह कैंसर के इलाज में मददगार साबित हो सकता है, क्योंकि स्वस्थ कोशिकाओं का ख़त्म होना कैंसर के इलाज में रूकावट साबित हो सकता है। कुछ शोध के अनुसार कैंसर के इलाज के समय एक दिन में चार कप ग्रीन-टी पीना लाभकारी साबित हो सकता है, लेकिन ऐसा करने से पहले डॉक्टर से परामर्श लेना ज़रूरी है।

8. ब्लड प्रेशर के लिए ग्रीन-टी

ऑक्सीडेटिव तनाव से खून में फैट बढ़ता है, जिससे धमनियों में सूजन आ जाती है और यह उच्च रक्तचाप का कारण बनता है (18)। वहीं, ग्रीन-टी पीने से इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट सूजन को कम करके रक्तचाप को कम करने में मदद कर सकते हैं (19) (20)। यहां तक कि ग्रीन-टी हानिकारक कोलेस्ट्रॉल को भी कम करता है, जिससे ह्रदय संबंधी परेशानियां कम हो सकती हैं (21)। ग्रीन-टी के लगातार सेवन से ब्लड प्रेशर स्तर में सुधार होता है । 3 से 4 कप ग्रीन-टी के सेवन से ब्लड प्रेशर नियंत्रित हो सकता है। इसके अलावा, कम रक्तचाप के मरीज़ों में कोरोनरी हृदय रोग और दिल के दौरे का ख़तरा कुछ प्रतिशत तक कम हो सकता है।

रक्तचाप आमतौर पर एंजियोटेनसिन-कंवर्टिंग एंजाइम (ACE – यह किडनी से निकलता है) के कारण होता है। ज़्यादातर ब्लड प्रेशर की दवाइयां एसीई अवरोधक के रूप में काम करती हैं, लेकिन ग्रीन-टी प्राकृतिक एसीई अवरोधक है। यह एंजाइम की क्रिया को रोकता है और रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है (22)।

9. गठिया के लिए ग्रीन-टी

 Green Tea for Arthritis in Hindi Pinit

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ग्रीन-टी में ईजीसीजी के एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव प्रमुख भूमिका निभाते हैं। ये शरीर में छोटे-छोटे मॉलिक्यूल (molecules) के उत्पादन को सीमित करता हैं, जो सूजन और गठिया दर्द का कारण बनते हैं। ग्रीन-टी हड्डियों के स्वास्थ्य में सुधार लाता है और ऑस्टिओआर्थइराइटिस (Osteoarthritis) में गुणकारी हो सकता है (23)। ग्रीन टी में मौजूद ईजीसीजी आर्थराइटिस पर काफ़ी प्रभावी होता है। ग्रीन-टी में मौजूद ईजीसीजी, रूमेटोइड गठिया (rheumatoid arthritis) में सूजन को कम करके आराम पहुंचाता है (24)।

10. दिल के लिए ग्रीन-टी

हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की एक रिपोर्ट के अनुसार ग्रीन-टी आपके दिल के लिए काफ़ी फायदेमंद है और इसका सेवन आपको दिल की बीमारियों से भी बचा सकता है (25)। इसके अनुसार, ग्रीन-टी हानिकारक कोलेस्ट्रॉल, जिससे ह्रदय रोग का खतरा रहता है, उसके स्तर को कम कर सकती है। ग्रीन-टी, कार्डियोवैस्कुलर बीमारी (cardiovascular disease) का एक प्रमुख कारण एथरोस्क्लेरोसिस को रोकने में मदद कर सकता हैं (26)। आगे के अध्ययनों से पता चला है कि ग्रीन-टी खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करती है, लेकिन यह अच्छे कोलेस्ट्रॉल को प्रभावित नहीं करती है।

11. तनाव में ग्रीन-टी

चूहों पर किए गए एक अध्ययन में ग्रीन-टी में मौजूद पॉलीफेनोल्स तत्व एंटीडिप्रेसंट का प्रभाव उत्पन्न करता है (27)। ग्रीन-टी में मौजूद कैफीन (caffeine) भी तनाव के इलाज में अहम भूमिका निभा सकता है। एक दिन में तीन से चार कप ग्रीन-टी का सेवन तनाव को कम कर सकता है।

12. मानसिक स्वास्थ्य के लिए ग्रीन-टी

आपको जानकर हैरानी होगी, लेकिन यह सच है कि ग्रीन-टी आपके मानसिक स्वास्थ के लिए बहुत लाभकारी है। ग्रीन-टी में कैफीन होता है, लेकिन कॉफी से कम होता है। कैफीन मस्तिष्क के लिए अवरोधक न्यूरोट्रांसमीटर की गतिविधि को रोकता है। नतीजन, यह न्यूरॉन्स में सुधार कर मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ाता है (28)। इससे याददाश्त तेज़ होती है, ज्ञान बढ़ता है और ब्रेन फंक्शन भी अच्छा होता है (29)। ग्रीन-टी का एमिनो एसिड, गाबा (एक अन्य अवरोधक न्यूरोट्रांसमीटर, जो हानिकारक नहीं है) की गतिविधि को बढ़ाता है जो तनाव या चिंता को कम कर सकता है। कैफीन और एल-थेनाइन इन दोनों का मेल मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए बहुत ही प्रभावशाली है (30)।

13. लंबी उम्र के लिए ग्रीन-टी

जैसा कि आप जान चुके हैं कि ग्रीन-टी के फायदे अनेक हैं, लंबी उम्र भी उन्हीं फायदों में से एक है। जैसा कि आप जानतें हैं कि ग्रीन-टी आपकी इम्युनिटी को बढ़ाकर कई बीमारियोंं से बचाता है। इससे आपकी उम्र लंबी होती है। वहीं, इस विषय पर अभी कई उलझन हैं, क्योंकि एक अन्य अमेरिकी अध्ययन के मुताबिक, ग्रीन-टी उम्र को बढ़ा तो सकती है, लेकिन इस मामले में कैल्शियम पूरक भी महत्वपूर्ण है, जबकि ग्रीन-टी में कैफीन होता है और कैफीन का सेवन कैल्शियम को हानि पहुंचा सकता है (31)। वहीं, एक अन्य अध्ययन के मुताबिक ग्रीन-टी पीने वालों में ग्रीन-टी नहीं पीने वालों के मुकाबले कम निर्बलता दिखाई दी है। जो लोग ग्रीन-टी पीते हैं, उनमें फंक्शनल डिसेबिलिटी कम होती है (32)। यहां कहना होगा कि ग्रीन-टी उम्र बढ़ाने में सहायक है या नहीं, अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुआ है, क्योंकि इस मुद्दे पर पक्ष और विपक्ष दोनों तरह की बातें मौजूद हैं।

14. अल्ज़ाइमर के जोख़िम को कम करती है ग्रीन-टी

ग्रीन-टी के सेवन से कई मानसिक बीमारियों का जोखिम भी कम होता है। अल्ज़ाइमर और पार्किंसंस उन्हीं कुछ बीमारियों में से एक है। उम्र के साथ होने वाली मानसिक बीमारी अल्ज़ाइमर बहुत ही आम होती जा रही है। इसमें दिन-प्रतिदिन व्यक्ति की याददाश्त कमज़ोर होने लगती है और निर्णय लेने की क्षमता कम होने लगती है। वहीं, पार्किसन में मनुष्य के हाथ-पांव कांपने लगते हैं। ये दोनों बीमारियां उम्र होने पर होती हैं, लेकिन कभी-कभी यह छोटी उम्र में भी होती हैं और उम्र के साथ-साथ बढ़ती चली जाती है। ऐसे में ग्रीन-टी का सेवन इन दोनों बीमारी के खतरे को कम करता है। कई अध्ययनों से पता चलता है कि ग्रीन-टी में मौजूद कैटेकिन इन दोनों बीमारियों के जोख़िम कम करता है (33) (34) (35)।

त्वचा के लिए ग्रीन-टी के फायदे – Skin Benefits of Green Tea in Hindi

Skin Benefits of Green Tea in Hindi Pinit

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स्वास्थ्य के लिए ग्रीन-टी के फायदे, तो आप जान ही गए हैं, अब हम बता रहे हैं कि किस तरह से त्वचा के लिए ग्रीन-टी लाभप्रद है। खूबसूरत और बेदाग़ त्वचा के लिए इन घरेलु उपचारों पर ध्यान दें।

1. त्वचा को मॉइश्चराइज़ करने के लिए ग्रीन-टी

बदलते मौसम के साथ त्वचा रूखी और बेजान होने लगती है। कई महिलाओं को बार-बार मॉइश्चराइज़र का इस्तेमाल करना पड़ता है, फिर भी रूखेपन से छुटकारा नहीं मिलता। ऐसे में ग्रीन-टी का इस्तेमाल करने से आपको काफ़ी फर्क नज़र आ सकता है। आप ग्रीन-टी को फेस पैक की तरह लगा सकते हैं। हम नीचे ग्रीन-टी के इस्तेमाल की विधि आपके साथ शेयर कर रहे हैं।

सामग्री

  • एक चम्मच ग्रीन-टी या एक ग्रीन-टी का बैग
  • दो चम्मच शहद

बनाने और लगाने की विधि

  • सारे सामग्रियों को मिलाकर एक पेस्ट तैयार कर लें।
  • अब इस मिश्रण को अपने चेहरे पर लगाएं और ध्यान रहे कि यह आपके आंखों और मुंह के संपर्क में न आए।
  • फिर इसे 15 से 20 मिनट तक अपने चेहरे पर लगा रहने दें।
  • उसके बाद अपने चेहरे को ठंडे पानी से धो लें और साफ़ तौलिये से पोंछकर सामान्य क्रीम, जिसका आप इस्तेमाल करती हैं लगा लें।
  • आप चाहें तो इसे हफ़्ते में एक बार लगा सकते हैं।

कैसे फायदेमंद है ?

शहद में हल्की ब्लीचिंग के गुण होते हैं, जो आपकी त्वचा के दाग़ को कम कर सकते हैं। वहीं, ग्रीन-टी आपकी त्वचा के एंटीऑक्सीडेंट बचाव को बढ़ाती है। यह रूखी व बेजान त्वचा को नष्ट करती है।

2. मुहांसों के लिए ग्रीन-टी

मुहांसों की समस्या कभी भी और किसी को भी हो सकती है। मुहांसों के लिए लोग कई तरह की क्रीम का भी उपयोग करते हैं, लेकिन कुछ ख़ास फर्क नहीं पड़ता है। ऐसे में ग्रीन-टी का उपयोग कुछ हद तक मुहांसों की समस्या को कम कर सकता है।

सामग्री

  • फेशिअल क्लीन्ज़र
  • ग्रीन-टी
  • स्प्रे बोतल
  • मॉइश्चराइज़र
  • तौलिया

बनाने और लगाने की विधि

  • आप ग्रीन-टी बना लें।
  • फिर इसे ठंडा करके स्प्रे बोतल में भर दें।
  • अब अपना चेहरा फेशिअल क्लीन्ज़र से धोकर तौलिये से सूखा लें।
  • अब अपने चेहरे पर स्प्रे बोतल की मदद से ग्रीन-टी छिड़ककर सूखने दें।
  • फ़िर चेहरा ठंडे पानी से धोकर तौलिये से सूखा लें और मॉइश्चराइज़र लगा लें।
  • आप इस स्प्रे को हर रोज़ दो बार इस्तेमाल कर सकते हैं।

कैसे फायदेमंद है ?

ग्रीन-टी में कैटेकिन होता है, जो एंटी-माइक्रोबियल होते हैं और मुहांसे पैदा करने वाले बैक्टीरिया को ख़त्म करते हैं। इसमें एंटी-इन्फ्लेमेटरी भी होता है, जो मुहांसों के जलन को कम कर सकता है। इसके अलावा, ग्रीन-टी पीने से मुहांसों का कारण बनने वाले असंतुलित हार्मोन में भी सुधार आता है। यहां तक कि ग्रीन-टी में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट मुहांसों के दाग़ को भी कम करते हैं।

3. झुर्रियों के लिए ग्रीन-टी

आजकल ज़्यादा मेकअप या तरह-तरह के क्रीम के इस्तेमाल से समय से पहले त्वचा पर झुर्रियां आने लगती है। इन झुर्रियों को कम करने के लिए भी लोग तरह-तरह की क्रीम का इस्तेमाल करने लगते हैं और नतीजा त्वचा चमक खोने लगती है। ऐसे में आप झुर्रियों को कम करने के लिए ग्रीन-टी पी सकते हैं या फिर यहां बताए गए ग्रीन-टी के फेसपैक का इस्तेमाल कर सकते हैं।

सामग्री

  • ग्रीन-टी बैग या ग्रीन-टी के पत्ते
  • शहद

बनाने की विधि

  • आप ग्रीन-टी बैग या पत्तों को भिगोएं।
  • फिर इन पत्तों को शहद में मिलाकर एक पैक तैयार कर लें।
  • अब इस पैक को अपने चेहरे पर लगाकर थोड़ी देर सूखने दें।
  • सूखने के बाद इस पैक को ठंडे पानी से धो लें।
  • आप इस पैक को हफ्ते में एक बार लगा सकते हैं।

कैसे फायदेमंद है ?

ग्रीन-टी में मौजूद एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण और शहद में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण झुर्रियों को कुछ हद तक कम करते हैं। इसके अलावा शहद में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण चेहरे को साफ़ करता है और चेहरे के टेक्सचर को सुधारता है।

4. सनबर्न या टैन निकालने के लिए ग्रीन-टी

चाहे कोई भी मौसम हो धूप आपकी त्वचा को कभी भी जला सकती है। कई बार सनबर्न या टैन के वजह से आपका लुक तक खराब लगने लगता है। ऐसे में ग्रीन-टी से आप सनबर्न और टैन को दूर कर सकते हैं। इसके लिए आप यहां बताए गए नुस्खे को आजमा सकते हैं।

सामग्री

  • एक ग्रीन-टी बैग
  • एक कप गरम पानी
  • कॉटन बॉल या रूई

बनाने और लगाने की विधि

  • थोड़ी ग्रीन-टी बनाएं।
  • अब इसे ठंडा करके रूई से अपने चेहरे पर लगाएं।
  • इसे 10 मिनट तक लगा रहने दें और फिर पानी से धो लें।
  • आप इसे दिन में दो बार लगा सकते हैं।

कैसे फायदेमंद है ?

ग्रीन-टी त्वचा को ठंडक और आराम पहुंचाती है। इसके एंटीऑक्सीडेंट तत्व टैन और दाग-धब्बों को मिटाते हैं (36)।

5. डार्क सर्कल के लिए ग्रीन-टी

रात को देर से सोना या नींद पूरी न होना या काम का तनाव वजह चाहे कुछ भी हो, लेकिन डार्क सर्कल की परेशानी किसी को भी हो सकती है। डार्क सर्कल एक ऐसी चीज़ है, जो पूरे चेहरे का लुक खराब कर देते हैं। इन्हें आप मेकअप से बस कुछ पलों के लिए ही छुपा सकते हैं। अगर आप डार्क सर्कल को कम करना चाहते हैं, तो आप ग्रीन-टी का सहारा ले सकते हैं।

ग्रीन-टी बैग डार्क सर्कल्स के लिए

सामग्री

  • दो ग्रीन-टी बैग

बनाने और लगाने की विधि

  • ग्रीन-टी के बैग को पानी में डुबाकर फ्रिज में थोड़े देर के लिए रख दें।
  • अब इस ठंडे ग्रीन-टी बैग को अपनी आंखों के नीचे 10 से 15 मिनट तक रखें
  • फिर अपना चेहरा पानी से धो लें।

कैसे फायदेमंद है ?

डार्क सर्कल तब होते हैं, जब आंखों के नीचे रक्त वाहिकाएं फ़ैल जाती है। ग्रीन-टी इसे कम करने में मदद करती है, क्योंकि इसमें टैनिन होते हैं, जो एस्ट्रिंजेंट (टिश्यू में कसाव लाने वाला गुण) प्रॉपर्टी होता है। वह फैले हुए रक्त वाहिकाओं और कोशिकाओं में कसाव लाता है, जिससे डार्क सर्कल्स कम होते हैं (37)। इस नुस्खे को आज़माने के बाद आपकी आंखों में ताज़गी आएगी। इतना ही नहीं इसके प्रयोग से सूजी हुई आंखों की परेशानी भी कम होती है। ग्रीन-टी में मौजूद कैफीन रक्त वाहिकाओं को सिकोड़कर आंखों की सूजन को कम करता है।

आप चाहें, तो डार्क सर्कल्स कम करने के लिए जूसी केमिस्ट्री कॉफ़ी एंड ग्रीन-टी आई क्रीम (Juicy Chemistry Coffee And Green Tea Eye Cream) का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

बालों के लिए ग्रीन-टी के फायदे – Hair Benefits of Green Tea in Hindi

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जब बात आए स्वास्थ्य और त्वचा की, तो बाल कैसे पीछे रह सकते हैं। ऊपर हमने स्वास्थ्य और त्वचा के लिए ग्रीन-टी के फ़ायदे बताएं। अब हम बालों के लिए ग्रीन-टी के फायदे बताएंगे (बेनिफिट्स ऑफ ग्रीन-टी फॉर हेयर)। आप घर पर आसानी से ग्रीन-टी से अपने बाल धो सकते हैं।

ग्रीन-टी की मदद से बालों को धोने के उपाय

तीन से चार ग्रीन-टी बैग को आधा लीटर पानी में भिगोएं। फिर जब आप शैम्पू और कंडीशनर कर लें, उसके बाद ग्रीन-टी के पानी से अपने बालों को धो लें।

ग्रीन-टी डीएचटी (डायहाइड्रोटेस्टेरोन) की वृद्धि को रोकती है, जो बालों के विकास में बाधा डालती है और बाल गिरने का कारण बनती है। ग्रीन-टी के एंटीसेप्टिक गुणों के कारण, डैंड्रफ और सोरायसिस जैसी समस्याएं ठीक हो सकती हैं। ग्रीन-टी की वजह से बाल अच्छे से बढ़ते हैं और मुलायम बनते हैं। इसमें पॉलीफेनोल और विटामिन-ई व सी होता है, जिससे बालों में चमक बढ़ती है। इसके अलावा, ग्रीन-टी में कई और महत्वपूर्ण यौगिक जैसे – कैरोटेनोइड, टैकोफेरोल, जिंक, क्रोमियम, एस्कॉर्बिक एसिड, सेलेनियम और मैंगनीज मौजूद होते हैं (38)। क्रोमियम और मैंगनीज को छोड़कर, अन्य सभी यौगिक बालों के झड़ने से रोकने और बाल को फिर से उगने में प्रोत्साहित करने में मदद करते हैं।

अब जब आप ग्रीन-टी पीने के फायदे जान ही गए हैं, तो यह समय है ग्रीन-टी के प्रकार जानने का।

ग्रीन-टी के प्रकार – Types of Green Tea in Hindi

ग्रीन-टी का सेवन लगभग हर जगह के लोग करते हैं, इसलिए बाज़ार में कई तरह के ग्रीन-टी मिलती हैं। नीचे हम ग्रीन-टी के कुछ प्रकार आपको बता रहे हैं।

  1. जैस्मीन ग्रीन-टी
  2. मोरक्को मिंट ग्रीन-टी
  3. गेन माचा ग्रीन-टी
  4. ड्रैगन वेल ग्रीन-टी
  5. हौजीचा ग्रीन-टी
  6. कुकीचा ग्रीन-टी
  7. सेन्चा ग्रीन-टी
  8. ग्योकुरो ग्रीन-टी
  9. बिलौचन ग्रीन-टी
  10. माचा ग्रीन-टी

अगर इन ग्रीन-टी के नाम पढ़कर दुविधा में हैं कि ये ग्रीन-टी कहां मिलेंगी, तो आप बिलकुल भी चिंता न करें। ये आपके नज़दीकी सुपर मार्केट या फिर ऑनलाइन आसानी से मिल जाएंगी।

ग्रीन-टी बनाने की विधि – How to Prepare Green Tea in Hindi

How to Prepare Green Tea in Hindi Pinit

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अगर आपके मन में यह सवाल आ रहा है कि ग्रीन-टी कैसे बनाएं, तो इसका जवाब भी आपको इसी लेख में मिलेगा। यहां हम ग्रीन-टी बनाने की रेसिपी आपके साथ शेयर कर रहे हैं। ग्रीन-टी बनाना बहुत आसान है।

1. पत्ते वाली ग्रीन-टी रेसिपी

सामग्री

  • एक चम्मच ग्रीन-टी के पत्ते
  • चाय की छन्नी
  • एक कप पानी

बनाने की विधि

  • आप एक कप पर चाय की छन्नी रखें।
  • अब इस छन्नी में ग्रीन-टी के पत्ते डालें और उस पर गर्म पानी डालें।
  • फिर ग्रीन-टी के पत्तों को चम्मच की मदद से थोड़ा दबा दें।
  • ध्यान रहे कि पत्तों को ज़्यादा न दबाएं नहीं तो आपकी चाय कड़वी हो सकती है।
  • आप ग्रीन-टी में थोड़ा शहद भी मिला सकते हैं।

2. टी बैग वाली ग्रीन-टी रेसिपी

सामग्री

  • एक ग्रीन-टी बैग
  • एक कप गर्म पानी

बनाने की विधि

  • एक कप गर्म पानी में एक ग्रीन-टी के बैग को थोड़ी देर भिगोएं।
  • इस दौरान आप कप को किसी चीज़ से ढक दें।
  • फिर थोड़ी देर बाद आप इसे निकाल लें।
  • स्वाद के लिए शहद मिलाना हो, तो मिला लें और इसका सेवन करें।

3. पाउडर वाली ग्रीन-टी रेसिपी

सामग्री

  • आधा या एक चम्मच ग्रीन-टी पाउडर
  • एक कप पानी
  • एक चम्मच शहद

बनाने की विधि

  • एक बर्तन में पानी उबाल लें और कुछ सेकंड के लिए ठंडा होने के लिए छोड़ दें।
  • अब इसमें आधा या एक चम्मच ग्रीन-टी पाउडर डालें।
  • थोड़ी देर इसे पानी में घुलने के लिए छोड़ दें।
  • जब पानी का रंग हल्का भूरा हो जाए, तो इसे चाय की छन्नी से छान लें।
  • आप स्वाद के लिए इसमें शहद मिला लें।

अब जब आपको पता चल गया है कि ग्रीन-टी कैसे बनाते हैं, तो हर रोज़ इसे अपने दिनचर्या में ज़रूर शामिल करें, लेकिन उससे पहले नीचे दिए गए ग्रीन-टी पीने का समय ज़रूर जान लें।

ग्रीन-टी पीने का सही समय – When to Drink Green Tea in Hindi

सिर्फ ग्रीन-टी पीने से फायदा नहीं होता है। अगर आप इसे सही वक़्त पर नहीं पिएंगे, तो आपको कुछ ख़ास लाभ नहीं होंगा। अगर आपको ग्रीन-टी के फायदे चाहिएं, तो ग्रीन-टी पीने का समय निर्धारित कर लें और नीचे लिखी बातों का ध्यान रखें।

  1. ग्रीन-टी सुबह या नाश्ते के पहले न पिएं।
  2. हमेशा ग्रीन-टी नाश्ते या दोपहर के खाने के बाद ही पिएं।
  3. ध्यान रहे कि ग्रीन-टी कुछ भी खाने के तुरंत बाद न पिएं।
  4. ग्रीन-टी कभी खाली पेट न पिएं।
  5. देर रात को ग्रीन-टी पीने से बचें, क्योंकि इससे अनिद्रा की समस्या हो सकती है।
  6. ग्रीन-टी में दूध या चीनी न मिलाएं।

ग्रीन-टी के नुकसान – Side Effects of Green Tea in Hindi

हर चीज़ के फायदे और नुकसान दोनों होते हैं। वैसे ही अगर ग्रीन-टी के फायदे हैं, तो उसके नुकसान भी हैं। नीचे हम ग्रीन-टी के साइड इफेक्ट्स आपको बता रहे हैं।

  1. पेट से संबंधित परेशानी जैसे – पेट दर्द की समस्या हो सकती है।
  2. अनिंद्रा की परेशानी हो सकती है।
  3. जी-मिचलाने की परेशानी हो सकती है।
  4. शरीर में आयरन की कमी या एनीमिया जैसी बीमारी हो सकती है।
  5. उल्टी या डायरिया जैसी समस्या हो सकती है।
  6. सिरदर्द की परेशानी हो सकती है।

ग्रीन-टी के लाभ जानने के बाद इसे पीने का मज़ा ही कुछ और होगा। अगर आपने अभी तक ग्रीन-टी पीना नहीं शुरू किया है, तो कोई बात नहीं, अब भी देर नहीं हुई, आज से ही इसका सेवन शुरू करें। इसके अलावा, हमें अपने ग्रीन-टी से होने वाले फायदों के बारे में कमेंट में लिखकर ज़रूर बताएं। सही समय पर साफ आहार का सेवन करें और स्वस्थ रहें।

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