ग्वार फली के फायदे और नुकसान – Guar Gum (Cluster Beans) Benefits and Side Effects in Hindi

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सब्जियां स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी गुणकारी होती हैं। ऐसी ही एक सब्जी है, ग्वार फली, जो हरे रंग की फली होती है। यह लेगुमिनोसे (Leguminosae) परिवार से संबंध रखती है। इसका वैज्ञानिक नाम सिआमोप्सिस टेट्रागोनोलोबा (Cyamopsis tetragonoloba) है। इसका उपयोग सब्जी बनाने के अलावा औषधीय गुणों के कारण स्वास्थ्य के लिए भी किया जाता है। इसमें कई प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं और ये पोषक तत्व मधुमेह, कोलेस्ट्राॅल व हृदय की बीमारी जैसी कई समस्याओं से बचाने या फिर उनके लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं (1)। यही वजह है कि स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम विस्तार से ग्वार फली और इसके लाभ के बारे में बता रहे हैं। 

चलिए, सबसे पहले बात करते हैं ग्वार फली के फायदे के बारे में।  

ग्वार फली के फायदे – Benefits of Guar Gum (Cluster Beans) in Hindi 

ग्वार फली के गुण के कारण यह सेहत के लिए काफी फायदेमंद है। इससे होने वाले कुछ प्रमुख फायदों के बारे में नीचे विस्तार से बताया जा रहा है।

1. अच्छे पाचन के लिए ग्वार फली खाने के फायदे 

ग्वार फली का सेवन पाचन संबंधी कई समस्याओं को दूर करने में फायदेमंद हो सकता है। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफार्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, ग्वार फली में पाया जाने वाला फाइबर कब्ज और दस्त की समस्या को कम करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, इर्रिटेबल बॉवल सिंड्रोम यानी बड़ी आंत से संबंधित परेशानी के लक्षणों को दूर करने में  लाभदायक हो सकता है। इस प्रकार ग्वार फली अच्छे पाचन के लिए कारगर हो सकती है (2)। इसका सेवन सलाद और सब्जी के रूप में किया जा सकता है।

2. ब्लड शुगर को नियंत्रित करने के लिए ग्वार फली के फायदे

ब्लड शुगर को नियंत्रित करने के लिए भी ग्वार फली फायदेमंद हो सकती है। दरअसल, रक्त में शुगर की मात्रा अधिक होने से मधुमेह यानी डायबिटीज की समस्या भी हो सकती है। ऐसे में ब्लड शुगर को   नियंत्रित करना जरूरी हो जाता है। एनसीबीआई की ओर से प्रकाशित एक शोध के अनुसार, ग्वार फली के सेवन से न सिर्फ रक्त में शुगर का स्तर कम होता है, बल्कि मधुमेह भी नियंत्रित हो सकता है। इस रिसर्च के दौरान मधुमेह रोगियों को 10 ग्राम ग्वार को पानी में घोलकर भोजन से पहले दिया गया। इसके परिणामस्वरूप 3 हफ्ते बाद मधुमेह रोगियों के रक्त में मौजूद शुगर के स्तर में कमी पाई गई। ग्वार फली के पाउडर को पानी में घोलकर या फिर सब्जी बनाकर आहार में शामिल किया जा सकता है (3)

3. कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए ग्वार फली के फायदे 

कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने के लिए ग्वार फली एक अच्छा विकल्प हो सकता है। शोध में पाया गया है कि इसमें मौजूद फाइबर रक्त में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसके अलावा, ग्वार फली में हाइपोलिपिडेमिक गुण भी होते हैं, जो रक्त में लिपिड यानी वसा की मात्रा को कम करके कोलेस्ट्रॉल को बढ़ने से रोक सकते हैं। रिसर्च के अनुसार, प्रतिदिन 15 ग्राम ग्वार फली का सेवन करने से टोटल कोलेस्ट्रॉल के साथ ही हानिकारक कोलेस्ट्रॉल (LDL) और ट्राइग्लिसराइड्स (एक तरह का वसा) के स्तर को कम करने में मदद मिल सकती है (4) (5)। इसका सेवन पानी में उबाल कर काढ़े के रूप में किया जा सकता है।

4. वजन को कम करने के लिए ग्वार फली खाने के फायदे 

अधिक वजन और माेटापा कई समस्याओं का कारण हो सकता है, जिसमें उच्च रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल, मधुमेह और हृदय संबंधी समस्याएं शामिल हैं। ग्वार फली का सेवन वजन को कम करके उससे होने वाली समस्याओं को दूर कर सकता है। इसमें मौजूद फाइबर वजन को नियंत्रित करने के साथ ही मोटापे को कम करने में कारगर को सकता है। शोध में पाया गया है कि ग्वार फली के सेवन के बाद बार-बार कुछ खाने की इच्छा नहीं होती। इसकी वजह से ओवर इटिंग से बचा जा सकता है, जो सीधे तौर पर मोटापे को कम करने में मदद कर सकती है। इसके अलावा, ग्वार फली पचने में भी समय लेती है, जिस कारण लंब समय तक भूख लगने का एहसास नहीं होता। इसकी मदद से वजन नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है और मोटापा कम हो सकता है (6)। भूख कम करने के लिए इसका सेवन सलाद के रूप में कर सकते हैं।

5. स्वस्थ हृदय के लिए ग्वार फली के फायदे 

ग्वार फली का सेवन करने से हृदय को भी स्वस्थ रखा जा सकता है। इसमें पाया जाने वाला फाइबर कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित कर हृदय को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है (1)। यह न सिर्फ हानिकारक कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकता है, बल्कि इससे होने वाली हृदय संबंधी बीमारियों और हृदय रोग के जोखिम कारक जैसे कि डायबिटीज, मोटापे और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को भी कम करने में फायदेमंद हो सकता है (7)। इसका सेवन सब्जी के रूप में किया जा सकता है। 

ग्वार फली के फायदे के बाद इसमें मौजूद पोषक तत्वाें के बारे में जानना भी जरूरी है, जिसके बारे में हम नीचे विस्तार से बता रहे हैं।

ग्वार फली के पोषक तत्व – Cluster Beans (Gawar Phali) Nutritional Value in Hindi 

ग्वार फली में पाए जाने वाले पोषक तत्व व उनकी मात्रा इस प्रकार हैं (8):

पोषक तत्व मात्रा प्रति 100 ग्राम
पानी 15 g
कैलोरी332 kcal
ऊर्जा1390 KJ
प्रोटीन4.6 g
कुल फैट0.5 g
कार्बोहाइड्रेट77.3 g
फाइबर77.3 g
मिनरल्स
कैल्शियम294 mg
सोडियम125 mg
लिपिड्स
फैटी एसिड टोटल सैचुरेटेड0.06 g
फैटी एसिड टोटल मोनोअनसैचुरेटेड0.22 g
फैटी एसिड टोटल पोलीअनसैचुरेटेड0.07 g

ग्वार फली के पोषक तत्वों के बाद हम इसके उपयोग के बारे में बता रहे हैं। 

ग्वार फली का उपयोग – How to Use Guar Gum (Gawar Phali) in Hindi 

ग्वार फली का उपयोग खाद्य पदार्थों में किया जाता है। यहां पर हम इसके कुछ प्रमुख उपयोग के बारे में बता रहे हैं।

  • ग्वार फली का ज्यादातर उपयोग सब्जी बनाने के लिए किया जा सकता है।
  • ग्वार फली को बेसन के साथ मिलाकर बेसनी ग्वार फली बनाई जा सकती है।
  • ग्वार फली की कढ़ी भी बनाई जा सकती है।
  • इसे उबालकर सलाद में मिक्स करके खाया जा सकता है।
  • बच्चों की मनपसंद जैली को भी ग्वार फली का पाउडर इस्तेमाल करके बना सकते हैं।
  • ग्वार फली के पाउडर का उपयोग ग्लुटेन फ्री ब्रेड बनाने के लिए कर सकते हैं।
  • आईसक्रीम बनाने के लिए भी ग्वार फली के पाउडर का उपयोग किया जा सकता है।
  • ग्वार फली को पानी में उबालकर काढ़े के रूप में सेवन किया जा सकता है।

मात्रा: प्रति दिन 30 ग्राम ग्वार फली का सेवन किया जा सकता है (9)। वहीं, अगर किसी को स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी है, तो ग्वार फली को आहार में शामिल करने और इसकी सही मात्रा के संबंध में डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

ग्वार फली खाने के फायदे और उपयोग के बाद हम ग्वार फली के नुकसान के बारे में बता रहे हैं। 

ग्वार फली के नुकसान – Side Effects of Guar Gum (Cluster Beans) in Hindi

ग्वार फली का अधिक मात्रा में सेवन कई प्रकार से नुकसानदायक हो सकता है। ग्वार फली खाने के नुकसान कुछ इस प्रकार हैं:

  • ग्वार फली के अधिक सेवन से गैस्ट्रिक की समस्या हो सकती है (10)
  • जिन्हें दस्त की समस्या हो, उन्हें भी इसके सेवन से बचना चाहिए (10)
  • ग्वार फली में फाइबर की अच्छी मात्रा पाई जाती है (8)। फाइबर का अधिक सेवन गैस, सूजन, और पेट में मरोड़ होने का कारण बन सकता है (11)
  • किसी भी तरह की एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है (12)
  • जी-मिचलाना (12)
  • गैस्ट्रोइंटस्टाइनल संबंधी समस्या (12)

इस लेख में हमने विस्तार से ग्वार फली के गुण के बारे में बताया हैं। साथ ही ग्वार फली के फायदे के साथ-साथ कुछ नुकसान भी हैं। ऐसे में अगर आप इसके सेवन के बारे में सोच रहे हैं, तो इस लेख को पढ़कर इसके फायदे और नुकसान दोनों को समझकर ही इसे अपने आहार में शामिल करें। ग्वार फली खाने के फायदे, उपयोग और ग्वार फली के नुकसान से संबंधित इस लेख को पढ़ने के बाद भी अगर आपके जहन में कुछ सवाल हों, तो उसे कमेंट बॉक्स के माध्यम से हम तक पहुंचा सकते हैं। साथ ही यह आर्टिकल आपके लिए किस प्रकार से फायदेमंद रहा यह बताना न भूलें।

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Saral Jain

सरल जैन ने श्री रामानन्दाचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, राजस्थान से संस्कृत और जैन दर्शन में बीए और डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ से पत्रकारिता में बीए किया है। सरल को इलेक्ट्रानिक मीडिया का लगभग 8 वर्षों का एवं प्रिंट मीडिया का एक साल का अनुभव है। इन्होंने 3 साल तक टीवी चैनल के कई कार्यक्रमों में एंकर की भूमिका भी निभाई है। इन्हें फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, एडवंचर व वाइल्ड लाइफ शूट, कैंपिंग व घूमना पसंद है। सरल जैन संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी व कन्नड़ भाषाओं के जानकार हैं।

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