गुड़ के फायदे और नुकसान – Jaggery Benefits and Side Effects in Hindi

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घर के बड़े-बुजुर्ग हों या फिर डॉक्टर, सभी स्वस्थ रहने के लिए चीनी से दूर रहने की सलाह देते हैं। कायदे से देखा जाए, तो यह बात सही भी है। चीनी कई बीमारियों की जड़ हैं, लेकिन अगर हम कहें कि खाने के बाद थोड़ा मीठा खाना बनता है, तो आपका हैरान होना जायज है। यहां हम मीठे के रूप में चीनी की नहीं, बल्कि गुड़ की बात कर रहे हैं। चीनी के मुकाबले गुड़ को सेहत के लिए फायदेमंद माना गया है। ऐसा माना जाता है कि खाने के बाद गुड़ का सेवन करने से भोजन जल्दी हजम हो जाता है और पाचन तंत्र भी ठीक रहता है। अब इन सभी बातों में कितनी सच्चाई है, स्टाइलक्रेज के इस आर्टिकल में इसी का पता लगाएंगे। यहां हम कुछ शारीरिक समस्याओं की चर्चा भी करेंगे और जानेंगे कि इन समस्याओं में गुड़ कितना फायदेमंद है। इस आर्टिकल में हम गुड़ के औषधीय गुण व गुड़ खाने के फायदे के साथ-साथ गुड़ खाने के नुकसान पर भी चर्चा करेंगे।

इस लेख में सबसे पहले गुड़ के फायदे जानेंगे और आखिर में इसके नुकसान के बारे में।

गुड़ के फायदे – Benefits of Jaggery in Hindi

गुड़ कई औषधीय गुणों से भरपूर होता है। गुड़ को गन्ने की रस से बनाया जाता है। इसके लिए गन्ने की रस को किसी बड़े बर्तन में रखकर आग से गर्म किया जाता है, जो कुछ समय बाद गुड़ का रूप ले लेता है। वहीं, चीनी को भी गन्ने के रस से प्राप्त किया जाता है, लेकिन चीनी गन्ने के रस का रिफाइंड रूप है, जबकि गुड़ अनरिफाइंड प्रकार है। इस कारण से गुड़ में अधिक पोषक तत्व पाए जाते हैं। इस प्रकार ब्राउन शुगर व साधारण चीनी के मुकाबले गुड़ बेहतर विकल्प हो सकता है। आइए, अब गुड़ के फायदों पर विस्तार से चर्चा करते हैं (1) :

1. पाचन में सुधार

लोग अक्सर भोजन के बाद मीठा खाना पसंद करते हैं। ऐसे में चीनी से बनी कोई चीज खाने की जगह गुड़ का सेवन करना उनके पाचन क्रिया के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। गुड़ शरीर के लिए डाइजेस्टिव एजेंट की तरह काम करता है। इससे पाचन क्रिया में सुधार हो सकता है (2)। इसलिए, ऐसा माना जा सकता है कि गुड़ के फायदे पाचन में सुधार करने के लिए हो सकते हैं।

2. एनीमिया

एनीमिया वह स्थिति होती है, जब शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं की कमी हो जाती है। इससे थकान और कमजोरी होने लगती है। अगर किसी को एनीमिया की समस्या है, तो आयरन युक्त आहार के सेवन से इस समस्या को कम किया जा सकता है। इस बात की पुष्टि एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) में प्रकाशित एक वैज्ञानिक शोध में किया गया है। इस शोध से पता चलता है कि जिन गर्भवती महिलाओं में आयरन की कमी होती है, उन्हें एनीमिया की शिकायत होती है। वहीं, गुड़ को आयरन के मुख्य स्रोत में से एक माना गया है। इसलिए, गुड़ का सेवन करने से शरीर में आयरन की पूर्ति की जा सकती है। साथ ही एनीमिया की समस्या से राहत मिल सकती है (3)।

3. लीवर डिटॉक्सिफिकेशन के लिए

गुड़ खाने के फायदे में लीवर को डिटॉक्सिफाई यानी विषैले पदार्थों को साफ करना भी शामिल है। दरअसल, गुड़ में एंटीटॉक्सिक गुण पाए जाते हैं, जो शरीर से विषैले पदार्थ को बहार निकालने में मदद कर सकता है (4)। इसके अलावा, गुड़ के सेवन से लीवर को रेगुलेट करने में मदद मिल सकती है (5)। गुड़ लीवर को कैसे डिटॉक्सिफाई करता है, इस संबंध में सीधे तौर पर कोई वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं है।

4. इम्यून फंक्शन में सुधार

गुड़ का सेवन कर शरीर के इम्यून सिस्टम (प्रतिरक्षा प्रणाली) को मजबूत करने में मदद मिल सकती है। दरअसल, गुड़ में कुछ मात्रा विटामिन-सी की पाई जाती है, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को स्वस्थ रखने का काम कर सकता है। अगर प्रतिरक्षा प्रणाली ठीक रहेगी, तो कई शारीरिक समस्या को दूर रखने में मदद मिल सकती है। इनमें कैंसर और हृदय रोग जैसी घातक बीमारियां भी शामिल हैं (6)।

5. वजन घटाने के लिए

गुड़ खाने के फायदे वजन को कम करने के लिए भी हो सकते हैं। दरअसल, गुड़ में फाइबर पाए जाते है, जो चीनी की तुलना में धीरे धीरे पचता है और शरीर में ऊर्जा को बनाए रखता है (7)। इससे भूख को लंबे समय तक शांत रखा जा सकता है। इसके अलावा, फाइबर मोटापे को कम करने का भी काम कर सकता है (8)। इसलिए, ऐसा माना जा सकता है कि गुड़ वजन को कम करने का काम कर सकता है, लेकिन इस संबंध में अभी और शोध की आवश्यकता है।

6. एंटीऑक्सीडेंट की तरह

गुड़ में सेलेनियम व विटामिन-सी जैसे कई मिनरल व विटामिन पाए जाते हैं, जिनमें एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव होता है। यह एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव शरीर में फ्री रेडिकल्स के असर को कम करता है। साथ ही जुकाम और कैंसर जैसी समस्या से बचाए रखने में भी मदद कर सकता है। इसके अलावा, एंटीऑक्सीडेंट गुण दांतों को स्वस्थ और मसूड़ों को मजबूत के साथ ही हृदय रोग और मोतियाबिंद से निजात दिलाने में मदद कर सकता है (6)।

7. त्वचा के लिए

गुड़ के फायदे त्वचा के लिए भी हो सकते हैं। गुड़ और शहद को मिलाकर बनाए गए लेप को त्वचा पर लगाने से बैक्टीरिया व फंगस की समस्या से राहत मिल सकती है, क्योंकि इसमें एंटीमाइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं (9)। बैक्टीरिया त्वचा संबंधी विभिन्न समस्याओं का कारण बन सकते हैं। इनमें इम्पेटिगो (त्वचा में लाल निशान), एडिमा और सूजन आदि शामिल है (10)। इसलिए, बैक्टीरिया और फंगस के दूर होने से त्वचा स्वस्थ व खिली-खिली नजर आती है। फिलहाल, इस संबंध में और शोध किए जाने की जरूरत है। अभी वैज्ञानिक स्तर पर यह स्पष्ट नहीं है कि गुड़ किस प्रकार त्वचा के लिए फायदेमंद है।

चलिए अब जानते हैं कि गुड़ में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं।

गुड़ के पौष्टिक तत्व – Jaggery Nutritional Value in Hindi

किसी भी खाद्य पदार्थ के महत्व को उसमें मौजूद पोषक तत्वों से समझा जा सकता है। यहां हम टेबल के जरिए बता रहे हैं कि गुड़ में कौन-कौन पोषक तत्व और कितनी मात्रा में होते हैं (11)।

पोषक तत्वमूल्य प्रति 100 g
ऊर्जा375 Kcal
कार्बोहाइड्रेट100 g
शुगर100 g
सोडियम Na250 mg

अब आगे जानेंगे कि गुड़ को किस-किस तरह से उपयोग किया जा सकता है।

गुड़ का उपयोग – How to Use Jaggery in Hindi

गुड़ को कई तरह से खाने के लिए इस्तेमाल में लाया जा सकता है, जो इस प्रकार है :

कैसे खाएं :

  • गुड़ को सीधे खाया जा सकता है।
  • गुड़ को रोटी के साथ खाया जा सकता है।
  • इसे चाय में चीनी की जगह मिलाया जा सकता है।
  • गुड़ और तिल को मिलाकर लड्डू बनाया जा सकता है।
  • इसे हलवा बनाने में उपयोग किया जा सकता है।
  • गुड़ से स्वादिष्ट गुलगुले भी बनाए जा सकते हैं।
  • कई लाेग गुड़ की बनी चिक्की भी स्वाद से खाते हैं।

कब खाएं :

  • सुबह और शाम गुड़ की चाय पी जा सकती है।
  • दोपहर और रात को खाना खाने के बाद थोड़ा-सा गुड़ खाया जा सकता है।

कितना खाएं : फिलहाल ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि प्रतिदिन कितना गुड़ खाना चाहिए। इसलिए, गुड़ की उचित मात्रा जानने के लिए आहार विशेषज्ञ की सलाह ली जा सकती है।

आइए, अब जानते हैं कि गुड़ खाने के नुकसान क्या-क्या हैं।

गुड़ के नुकसान – Side Effects of Jaggery in Hindi

कई बार गुड़ खाने के नुकसान भी हो सकते हैं, जो इस प्रकार हैं:

  • अधिक मात्रा में गुड़ खाने से इसमें मौजूद शुगर के कारण टाइप 2 मधुमेह और हृदय रोग की जोखिम बढ़ सकती है (12)।
  •  अधिक मात्रा में गुड़ खाने से आंत में कीड़े होने की समस्या हो सकती है।

अब तो स्पष्ट हो गया कि चीनी का बेहतरीन विकल्प गुड़ है। इसलिए, मीठा खाने के शौकीन लोगों को मीठे से परहेज करने की जरूरत नहीं है। बस वो चीनी की जगह सीमित मात्रा में गुड़ का सेवन करें। इससे न सिर्फ मीठे की तलब पूरी होगी, बल्कि गुड़ के औषधीय गुण भी मिलेंगे। हां, अगर कोई मधुमेह या ह्रदय रोग से पीड़ित है, तो वह डॉक्टर की सलाह पर ही गुड़ का इस्तेमाल करे। हम उम्मीद करते हैं कि इस लेख में दी गई जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित होगी। अगर आप गुड़ के संबंध में और कुछ जानना चाहते हैं, तो नीचे दिए कमेंट बॉक्स के जरिए हमें संपर्क कर सकते हैं।

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Bhupendra Verma

भूपेंद्र वर्मा ने सेंट थॉमस कॉलेज से बीजेएमसी और एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी से एमजेएमसी किया है। भूपेंद्र को लेखक के तौर पर फ्रीलांसिंग में काम करते 2 साल हो गए हैं। इनकी लिखी हुई कविताएं, गाने और रैप हर किसी को पसंद आते हैं। यह अपने लेखन और रैप करने के अनोखे स्टाइल की वजह से जाने जाते हैं। इन्होंने कुछ डॉक्यूमेंट्री फिल्म की स्टोरी और डायलॉग्स भी लिखे हैं। इन्हें संगीत सुनना, फिल्में देखना और घूमना पसंद है।

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