गुस्से (क्रोध) को कम करने के उपाय – How to Control Anger in Hindi

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अधिक क्रोध आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक क्यों है?

गुस्सा आना आम है। यह एक भावनात्मक प्रवृत्ति है। किसी को यह कम आता है तो किसी को ज्यादा। क्या आप जानते हैं कि जल्दी गुस्सा होना या गुस्सा अधिक आना एक समस्या है, जो मानसिक और शारीरिक क्षति का कारण बन सकती है (1)। ऐसे में जरूरी है, गुस्से पर काबू पाना। हालांकि, यह बात सभी जानते हैं कि जब इंसान गुस्से की चपेट में आता है तो वह खुद पर नियंत्रण खो देता है। दिमाग की सोचने समझने की क्षमता कम हो जाती है। यही कारण है कि स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम आपको गुस्सा कम करने के उपाय बताने जा रहे हैं। ये उपाय क्रोध को शांत करने में सहायक भूमिका निभा सकते हैं। इसके अलावा, लेख में आपको गुस्सा क्यों आता है और क्रोध क्या है, इस बारे में भी विस्तार से बताया जाएगा।

लेख में हम गुस्सा कम करने के उपाय तो जानेंगे ही लेकिन उससे पहले आइए क्रोध क्या है? जरा इस सवाल का जवाब हासिल कर लेते हैं।

गुस्सा क्या है – What is Anger in Hindi

गुस्सा एक भावनात्मक स्थिति हैं। इसमें किसी भावनात्मक ठेस या जलन के कारण मन में नकारात्मक भाव जन्म लेते हैं। जब भी मनुष्य पर यह हावी होता है, उसकी शारीरिक अभिव्यक्ति में बदलाव दिखने लगता है। इस स्थिति में मनुष्य शारीरिक हाव-भाव से, बोलकर, चिल्लाकर या शारीरिक हमले के द्वारा अपने गुस्से को प्रकट करने का प्रयास करता है (1)। यही कारण है कि दूसरों के साथ-साथ खुद के लिए भी यह स्थिति नुकसानदायक साबित हो सकती है।

क्रोध क्या है जानने के बाद अब हम लेख के अगले भाग में गुस्से के कारण जानने का प्रयास करेंगे।

गुस्से के कारण – Causes of Anger in Hindi

हम आपको लेख में पहले ही बता चुके हैं कि गुस्सा एक भावनात्मक स्थिति हैं। इसमें व्यक्ति के मन में नकारात्मक भाव पैदा होते हैं, जो कुछ विशेष स्थितियों में प्रबल होकर व्यक्ति को प्रभावित करते हैं। तो आइए, हम उन स्थितियों पर एक नजर डाल लेते हैं, जो गुस्सा आने का कारण बनती हैं (2)।

  • नकारात्मक भाव पैदा करने वाली स्थिति।
  • किसी व्यक्ति के प्रति मन में घृणा।
  • पुरानी यादें जो नकारात्मक भाव पैदा करें।
  • परिवार में झगड़े की स्थिति बनना।
  • जब सहकर्मी खुद को श्रेष्ट व्यक्त करते हुए काम में दखल दे।

गुस्सा आने के कारण जानने के बाद अब हम आपको गुस्सा कम कैसे करें बताने जा रहे हैं।

गुस्से को कम करने के उपाय – Tips to Control Anger in Hindi

1. उल्टी गिनती करें

उल्टा गिनना एक बेहतरीन विकल्प है, जिसे क्रोध कम करने के उपाय के तौर पर इस्तेमाल में लाया जाता है। इसके माध्यम से गुस्से की तीव्रता को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है (3)। इसलिए, गुस्से में कुछ भी बोलने से पहले 10 से 1 तक उल्टी गिनती गिने और अपनी सांस पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश करें। इससे गुस्सा तो नियंत्रित होगा ही साथ ही सोचने का भी समय मिलेगा, जिससे दी जाने वाली प्रतिक्रिया के प्रभावों के बारे में व्यक्ति अच्छे से विचार कर पाएगा।

2. थोड़ा टहल लें

गुस्सा कम करने के उपाय में टहलना भी शामिल है। एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित ‘जर्नल ऑफ एक्सरसाइज रिहैबिलिटेशन’ के शोध में इस बात का जिक्र मिलता है कि टहल कर गुस्से को नियंत्रण में किया जा सकता है। खास यह है कि गुस्से को नियंत्रित करने के लिए आपको अपने दिमाग को शांत रखकर टहलते समय अपने चले गए कदमों को गिनना होगा। इससे स्थान परिवर्तन के साथ परिस्थिति में बदलाव आएगा और गुस्से की तीव्रता को कम करने में मदद मिलेगी (4)। इसलिए, जब कभी भी गुस्सा आए तो बेहतर होगा कि बिना अधिक बात किए उस स्थान से उठकर थोड़ी देर टहलने निकल जाएं।

3. मेडिटेशन करें

विषय विशेषज्ञों के मुताबिक गुस्से पर काबू पाने में माइंडफुलनेस मेडिटेशन मददगार साबित हो सकता है (5)। मेडिटेशन के इस प्रकार में मन मस्तिष्क को शांत कर किसी एक बिंदु या खुशी देने वाले पलों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है (6)। क्रोध कम करने के उपाय में मेडिटेशन को शामिल करने से व्यक्ति धीरे-धीरे गुस्से पर नियंत्रण करना सीख जाता है। वहीं त्वरित रूप से यह गुस्से को कुछ हद तक कम करने में भी मदद कर सकता है।

4. गहरी सांस लें

गुस्सा कम कैसे करें, इस सवाल का जवाब आपकी सांस लेने की प्रक्रिया में छिपा हुआ है। दरअसल, अगर ध्यान केंद्रित करते हुए कुछ मिनट तक धीरे-धीरे गहरी सांस ली जाए तो इससे भी गुस्से को नियंत्रित किया जा सकता है (3)। दरअसल, यह प्रक्रिया मेडिटेशन की ही तरह मन को शांत करने में मदद करती है और गुस्से के कारण दी जाने वाली प्रतिक्रिया के अच्छे व खराब परिणामों के बारे में सोचने की क्षमता विकसित करती है।

5. गाने सुनें

गुस्सा शांत करने का उपाय के तौर पर मधुर संगीत को शामिल किया जा सकता है। दरअसल, मन को सुकून देने वाले गाने सुनने से गुस्से को खुद पर हावी होने से रोका जा सकता है। दरअसल, एनसीबीआई की वेबसाइट पर इस विषय से जुड़ा एक शोध उपलब्ध है। शोध में इस बात का जिक्र मिलता है कि म्यूजिक थेरेपी मन में पनपने वाले नकारात्मक भावों को दूर करने में मदद करती है, जिससे गुस्से को नियंत्रित किया जा सकता है (7)।

6. मांसपेशियों को आराम दें

मांसपेशियों को आराम देकर गुस्से को नियंत्रित किया जा सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक इसके लिए व्यक्ति को सबसे पहले अपने गुस्से को अपनी मांसपेशियों में तनाव पैदा करने के लिए इस्तेमाल करना होगा। ऐसे में भुजा या फिर जांघों की मांसपेशियों को एक हाथ से कुछ देर दबाएं और फिर कुछ समय के बाद छोड़ दें। वहीं आप जमीन पर पैरों से जोर देते हुए भी मांसपेशियों में तनाव पैदा कर सकते हैं। ऐसा करने के बाद, कुछ देर के लिए शरीर को अच्छी तरह आराम देने के लिए थोड़ी देर शांति से लेट जाएं। इस प्रक्रिया को अपनाकर काफी हद तक गुस्से को नियंत्रित करने में सफलता मिल सकती है (8)।

7. कुछ भी न बोलें

गुस्सा शांत करने का उपाय एक यह भी है कि आप कुछ भी न बोलें। यह गुस्से को नियंत्रित करने का सबसे बेहतर और आसान विकल्प माना जाता है। गुस्से की स्थिति पैदा होने पर कुछ समय तक खुद को शांत रखने का प्रयास करें और कुछ भी न बोलें। इससे दूसरे को सुनने और समझने का मौका मिलेगा। वहीं गुस्से को नियंत्रित करने के साथ-साथ बेहतर और स्पष्ट प्रतिक्रिया देने में भी मदद मिलेगी (2)।

8. अच्छी नींद लें

हृदय धमनी से संबंधित रोगियों पर किए गए एक शोध में पाया गया कि पर्याप्त नींद न लेने की स्थिति में रोगियों में त्वरित गुस्सा आने की समस्या देखी जाती है (9)। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि अपर्याप्त नींद की वजह से भी लोग अपने गुस्से पर नियंत्रण नहीं रख पाते। ऐसे में अगर गुस्से को कम करने के उपाय में सोने के नियत समय पर ध्यान दिया जाए और उसमें सुधार किया जाए तो मुमकिन है कि गुस्से की समस्या पर काबू पाया जा सकता है।

गुस्सा कम कैसे करें जानने के बाद अब हम आपको गुस्से से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में बताएंगे।

अधिक क्रोध आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक क्यों है?

अधिक क्रोध कुछ गंभीर समस्याओं के जोखिम को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ाने का काम कर सकता है। इसलिए, इसे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है। आइए निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से जानते हैं कि किन समस्याओं के होने या उन्हें प्रभावित करने में गुस्सा मुख्य भूमिका निभाता है (1)।

  • हृदय धमनी रोग।
  • बुलिमिक बिहेवियर (बिगड़ी मनोदशा के चलते सामान्य से अधिक खाने की प्रवृत्ति)।
  • डायबिटीज।
  • तेज रफ्तार में गाड़ी चलाना। (बिगड़ी मनोदशा के चलते तेज रफ्तार में वाहन चलाने से दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है)
  • शराब और सिगरेट जैसी नशीली वस्तुओं के प्रति आकर्षण।
  • आलस की अधिकता और शारीरिक कार्यक्षमता में कमी।

क्रोध क्या है और गुस्सा क्यों आता है, इन सवालों के जवाब तो अब आपको मिल ही गए होंगे। साथ ही आपको गुस्से पर काबू पाने में सहायक कुछ आसान उपायों के बारे में भी जानकारी हासिल हो गई होगी। वहीं लेख में दिए गए गुस्से के कारणों को पहचान कर गुस्सा पैदा करने वाली स्थितियों से निपटने और उसे नियंत्रित करने में भी मदद मिल सकती है। फिर देर किस बात की, लेख में दिए गए गुस्से को कम करने के उपाय अपना कर अपनी या इस समस्या से ग्रस्त किसी मित्र की मदद करें और एक सुखी और खुशहाल जिंदगी का आनंद उठाएं। इस विषय से जुड़ा कोई अन्य सवाल हो तो नीचे दिए कमेंट बॉक्स के माध्यम से उसे हम तक जरूर पहुंचाएं।

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Ankit Rastogi

अंकित रस्तोगी ने साल 2013 में हिसार यूनिवर्सिटी, हरियाणा से एमए मास कॉम की डिग्री हासिल की है। वहीं, इन्होंने अपने स्नातक के पहले वर्ष में कदम रखते ही टीवी और प्रिंट मीडिया का अनुभव लेना शुरू कर दिया था। वहीं, प्रोफेसनल तौर पर इन्हें इस फील्ड में करीब 6 सालों का अनुभव है। प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में इन्होंने संपादन का काम किया है। कई डिजिटल वेबसाइट पर इनके राजनीतिक, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल से संबंधित कई लेख प्रकाशित हुए हैं। इनकी मुख्य रुचि फीचर लेखन में है। इन्हें गीत सुनने और गाने के साथ-साथ कई तरह के म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाने का शौक भी हैं।

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