हाथों और पैरों में झनझनाहट के कारण, लक्षण और घरेलू उपाय – Tingling In The Hands And Feet in Hindi

Medically reviewed by Dr. Zeel Gandhi, Ayurvedic Doctor
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अक्सर आराम करने या बैठने के दौरान हाथों-पैरों से जुड़ी एक समस्या का जिक्र बार-बार मिलता है, जिसे आम बोलचाल की भाषा में ‘पैर सो जाना’ या ‘झुनझुनी चढ़ना’ कहा जाता है। हालांकि, यह कोई गंभीर समस्या नहीं है, लेकिन यह पूरी दिनचर्या को प्रभावित कर सकती है। यही वजह है कि स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम हाथों और पैरों में झनझनाहट के कारण के साथ-साथ हाथों-पैरों में होने वाली झनझनाहट को दूर करने के घरेलू उपाय बताने जा रहे हैं, ताकि आप इस समस्या से राहत पा सकें। तो चलिए जानते हैं हाथ-पैरों में झनझनाहट के कारण और इसके घरेलू उपचारों के बारे में।

लेख विस्तार से पढ़ें

 सबसे पहले जानते हैं कि आखिर झनझनाहट क्या है। 

झनझनाहट क्या है?

हाथों-पैरों में होने वाली झनझनाहट को अक्सर सुई या पिन की चुभन की तरह देखा जाता है। चिकित्सा जगत में इसे पैरेस्थेसिया का नाम दिया गया है। इस समस्या के अंतर्गत हाथ या पैर का कोई भी भाग सुन्न पड़ जाता है और तेज झनझनाहट का एहसास होता है। यह कभी-कभार होने वाली समस्या है। हालांकि, यह झनझनाहट शरीर के किसी भी अंग में हो सकती है, लेकिन यह सबसे ज्यादा उंगलियों, हाथ, बांह, पैर और तलवों को प्रभावित करती है (1)। आगे हम ऐसे ही हाथों-पैरों में होने वाली झनझनाहट के कारण पर ध्यान देंगे।

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अब बारी है हाथों और पैरों में झनझनाहट के कारण जानने की। 

शरीर में झनझनाहट और सुन्नपन होने के कारण – Causes of Tingling All Over The Body in Hindi

पूरे शरीर में झनझनाहट होना या हाथ-पैर में झनझनाहट होने की समस्या किसी के साथ भी हो सकती है,  लेकिन सवाल यह उठता है कि इसका कारण आखिर क्या है? लेख के इस भाग में हम इसी की जानकारी दे रहे हैं (2) :

  • एक ही स्थिति में लंबे वक्त तक बैठना या खड़े रहना।
  • हर्निएटेड डिस्क (नसों पर दबाव पड़ने की समस्या)
  • ऑटोइम्यून विकार जैसे रूमेटोइड – गठिया
  • नसों में किसी प्रकार की चोट जैसे – गर्दन या कमर में चोट।
  • रीढ़ की हड्डी की नस पर दबाव पड़ने से।
  • ट्यूमर या संक्रमण के कारण पेरिफेरल तंत्रिकाओं पर दबाव।
  • शिंगल्स यानी हर्पीस जोस्टर (द्रव्य से भरे हुए फोड़े)।
  • एथेरोस्क्लेरोसिस (धमनियों से संबंधित समस्या) या नसों में सूजन की वजह से अंग में ठीक तरह से खून न पहुंचना।
  • शरीर में कैल्शियम, पोटेशियम और सोडियम की असंतुलित मात्रा।
  • शरीर में बी विटामिन या फोलेट की कमी।
  • किसी खास तरह की दवाई के कारण।
  • शराब का सेवन, धूम्रपान या किमोथेरेपी के कारण नसों को क्षति होना।
  • जानवर या कीड़े-मकोड़ों के काटने से।
  • सी-फूड में मौजूद किसी तरह के विषाक्त तत्व के कारण।
  • किसी प्रकार के जन्म-दोष के कारण।

कुछ मेडिकल कंडीशन के कारण भी हाथ-पैरों में झनझनाहट हो सकती है :

लक्षण जानें

शरीर में झनझनाहट के कारण के बाद अब जानिए इसके लक्षण। 

हाथों-पैरों में होने वाली झनझनाहट के लक्षण – Symptoms Of Tingling Sensation in Hindi

देखा जाए, तो पूरे शरीर में झनझनाहट होना या हाथ-पैरों में झनझनाहट होना अपने में ही एक प्रकार लक्षण है। लेकिन, फिर भी व्यक्ति को ऐसा होने से पहले शरीर में या शरीर के प्रभावित हिस्से में कुछ एहसास हो सकता है। इन्हीं के बारे में हम यहां जानकारी दे रहे हैं (1) :

  • चुभन और झुनझुनी महसूस होना
  • प्रभावित अंग का सुन्न हो जाना।

यहां हैं घरेलू उपचार

अब जानते हैं हाथों-पैरों में होने वाली झनझनाहट को दूर करने के घरेलू उपाय के बारे में। 

हाथों-पैरों में होने वाली झनझनाहट को दूर करने के घरेलू उपाय – Home Remedies To Treat Tingling Sensations in Hindi

आमतौर पर यह समस्या अपने आप ही ठीक हो जाती है, लेकिन अगर यह बार-बार हो, तो हाथों-पैरों में होने वाली झनझनाहट को दूर करने के घरेलू उपाय काम आ सकते हैं। नीचे हम इससे जुड़े कुछ आसान घरेलू उपचारों की जानकारी दे रहे हैं :

1. लैवेंडर एसेंशियल ऑयल

सामग्री :

  • लैवेंडर तेल की 8 से 10 बूंद
  • एक चौथाई कप बादाम तेल

उपयोग का तरीका :

  • लैवेंडर और बादाम तेल को मिला लें।
  • अब इससे हाथ-पैरों की मालिश करें।

कैसे फायदेमंद हो सकता है :

लैवेंडर एसेंशियल ऑयल झुनझुनी से राहत दिलाने में सहायक हो सकता है। दरअसल, एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, रेस्टलेस लेग सिंड्रोम (restless leg syndrome) के मरीजों में लैवेंडर तेल की मसाज फायदेमंद साबित हो सकती है (3)। रेस्टलेस लेग सिंड्रोम तंत्रिका तंत्र से जुड़ी एक समस्या है, जिसमें बार-बार पैर हिलाने की इच्छा होती है। इसके लक्षणों की अगर बात की जाए, तो इसमें झुनझुनी भी शामिल है (4)। ऐसा माना जा सकता है कि लैवेंडर तेल की मसाज इस समस्या को कम कर इससे होने वाली झुनझुनी को कम करने में मदद कर सकती है।

वहीं, हमारे इस नुस्खे में हमने बादाम तेल का उपयोग भी किया है, जिसमें एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होता है (5)। दरअसल, हाथों-पैरों में झुनझुनी का एक कारण रक्त वाहिकाओं में सूजन भी है (2)। ऐसे में बादाम तेल का यह प्रभाव भी उपयोगी हो सकता है। इस आधार पर कहना गलत नहीं होगा कि इन तेलों का मिश्रण पैर और हाथ में झनझनाहट की दवा के रूप में उपयोगी हो सकता है।

2. मालिश

हाथों और पैरों में झनझनाहट में मालिश एक विकल्प हो सकता है। दरअसल, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, शरीर की मालिश करने से नर्वस सिस्टम को आराम मिल सकता है (6)। इससे तंत्रिका तंत्र से जुड़ी किसी समस्या के कारण होने वाली हाथों-पैरों में झनझनाहट से बचा और आराम मिल सकता है।

3. सेब का सिरका

सामग्री :

  • एक से दो चम्मच सेब का सिरका
  • एक पतीले में गुनगुना पानी

उपयोग का तरीका :

  • सेब के सिरके को गुनगुने पानी में डाल दें।
  • अब इस पानी में प्रभावित अंग को डुबोएं।
  • चाहें, तो सेब के सिरके को सीधे प्रभावित अंग पर लगा सकते हैं।

कैसे फायदेमंद हो सकता है :

सेब का सिरका झुनझुनी से राहत दिलाने में मददगार हो सकता है। दरअसल, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार वैरिकोज वेन्स (नसों से जुड़ी एक समस्या) के मरीजों में सेब के सिरके का उपयोग लाभकारी पाया गया गया। इस शोध का मुख्य उद्देश्य था कि मरीजों में इसके लक्षण जैसे – दर्द, सूजन, झुनझुनी, ऐंठन और ऐसे ही अन्य लक्षणों को कम करना। इस स्टडी में यह बात सामने आयी कि वेरिकोसिटी रोगियों पर सेब के सिरके का बाहरी उपयोग सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है (7)। ऐसे में, हम कह सकते हैं कि हाथों-पैरों में होने वाली झनझनाहट को दूर करने के लिए सेब का सिरका एक कारगर उपाय हो सकता है। फिलहाल, इस विषय पर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

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4. गर्म सेंक

सामग्री :

  • एक गर्म पानी का बैग (हीटिंग बैग)
  • आवश्यकता अनुसार गर्म पानी

उपयोग का तरीका :

  • हीटिंग बैग में गर्म पानी डालें और उसका ढक्कन ठीक से बंद कर दें।
  • अब इसे झुनझुनी से प्रभावित जगह पर लगाएं।

कैसे फायदेमंद हो सकता है : 

हाथों-पैरों में होने वाली झनझनाहट को दूर करने के घरेलू उपाय के तौर पर गर्म सेंक उपयोगी हो सकती है। जैसे कि हमने पहले ही जानकारी दी है कि कभी-कभी शरीर के अंग में सही तरीके से ब्लड फ्लो न होने के कारण भी झुनझुनी की समस्या हो सकती है। ऐसे में गर्म वॉर्म कंप्रेस प्रभावित हाथ और पैर में रक्त संचार को बढ़ाने का एक कारगर उपाय हो सकता है (8)। इसके अलावा, कार्पल टनल सिंड्रोम में भी हाथों में झुनझुनी हो सकती है और ठंडा या गर्म सेंक इससे राहत दिलाने में सहायक हो सकता है (9)। ऐसे में गर्म सेंक को हाथ पैरों में झनझनाहट के लिए असरदार इलाज माना जा सकता है।

5. जिन्कगो बिलोबा हर्बल चाय

सामग्री :

  • जिन्कगो बिलोबा चायपत्ती एक-दो चम्मच
  • एक कप पानी
  • शहद

उपयोग का तरीका :

  • एक कप पानी में जिन्कगो बिलोबा चायपत्ती डालें।
  • अब इसे अच्छी तरह पांच मिनट तक उबालें।
  • फिर इसे कप में छान लें और थोड़ा ठंडा होने के लिए रख दें।
  • अब इसमें शहद मिलाकर पिएं।
  • दिन भर में एक या दो बार इस चाय का सेवन कर सकते हैं।

कैसे फायदेमंद हो सकता है :

जैसे कि हमने शरीर में झनझनाहट के कारण में पहले ही यह जानकारी दी है कि रक्त वाहिकाओं में सूजन भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकती है। ऐसे में एंटी-इन्फ्लेमेटरी खाद्य या पेय पदार्थों का सेवन उपयोगी हो सकता है। जिन्कगो बिलोबा में भी एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण मौजूद होता है, जो सूजन को कम करने में सहायक हो सकता है (10)। इसका यही गुण झुनझुनी की समस्या से बचाव कर सकता है।

6. सेंधा नमक

सामग्री :

  • एक कप सेंधा नमक
  • आवश्यकतानुसार पानी

उपयोग का तरीका :

  • पानी से भरे हुए टब में एक कप सेंधा नमक मिलाएं।
  • प्रभावित जगह को करीब 20-30 मिनट तक इस पानी डुबोकर रखें।
  • चाहें, तो पानी को गुनगुना भी कर सकते हैं।

कैसे फायदेमंद हो सकता है :

सेंधा नमक के फायदे कई सारे हैं। मांसपेशियों को आराम देना उन्हीं गुणों में से एक है। साथ ही इसमें एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण मौजूद होता है, जो सूजन को कम करने या उससे बचाव के लिए लाभकारी हो सकता है। ऐसे में कभी-कभी नहाने के पानी में सेंधा नमक का उपयोग शरीर की मांसपेशियों और नसों को आराम पहुंचाने में मददगार हो सकता है (11)

7. दालचीनी का तेल

सामग्री :

  • आवश्यकतानुसार दालचीनी तेल

उपयोग का तरीका :

  • हाथ और पैरों में नियमित तरीके से दालचीनी का तेल लगा सकते हैं।
  • अगर तेल न मिले, तो सरसों तेल में दालचीनी पाउडर डालकर भी उपयोग किया जा सकता है।

कैसे फायदेमंद हो सकता है :

दालचीनी के फायदे की बात करें, तो इसमें शरीर में ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करना भी शामिल है। खासतौर पर, दालचीनी का तेल हाथ और पैरों में ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करने में सहायक हो सकता है (12)। वहीं, हमने पहले ही बताया है कि अंगों में सही तरीके से ब्लड सर्कुलेशन न होना भी झुनझुनी का एक कारण हो सकता है। ऐसे में इस स्थिति से बचाव या निपटने के लिए दालचीनी का उपयोग लाभकारी हो सकता है।

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लेख में अब जानते हैं हाथों-पैरों की झनझनाहट में डॉक्टरी सलाह कब लेनी जरूरी है। 

हाथों-पैरों की झनझनाहट में डॉक्टर की सलाह कब लेनी चाहिए?

हाथों-पैरों में झनझनाहट से जुड़ी निम्नलिखित स्थितियों में डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी हो सकता है – (2)

  • बॉडी में झनझनाहट के साथ कमजोरी का एहसास और हिलने-डुलने में परेशानी।
  • गर्दन, सिर या बैक में चोट लगने के बाद झुनझुनी महसूस होना।
  • हाथ या पैर की मूवमेंट पर नियंत्रण न रख पाना।
  • मूत्र या मल त्याग पर नियंत्रण न रहना।
  • उलझन महसूस होना या बेहोशी की स्थिति।
  • बोलने में असुविधा, देखने में परेशानी या चलने में कठिनाई।
  • अगर हाथ-पैर, उंगलियों या गर्दन में दर्द हो।
  • चलने से झुनझुनी और सुन्नपन और ज्यादा बढ़ने लगे।
  • शरीर पर रैशेज होने लगे।
  • सिर चकराना या मांसपेशियों में ऐंठन महसूस होना।

जानिए निदान

अब जानते हैं हाथों-पैरों में झुनझुनी के निदान के बारे में। 

हाथ पैरों में झुनझुनी का निदान – Tingling in Hands and Feet Diagnosis in hindi

शरीर में झनझनाहट के कारण जानने के साथ-साथ इसके निदान के बारे में भी जानना आवश्यक है। तो, हाथ पैरों में झुनझुनी का निदान कुछ इस प्रकार किया जा सकता है (2) :

  • व्यक्ति का शारीरिक परीक्षण किया जा सकता है और नर्वस सिस्टम की बारीकी से जांच की जा सकती है।
  • व्यक्ति को क्या-क्या परेशानियां हो रही हैं, इस बारे में पूछा जा सकता है।
  • व्यक्ति की दिनचर्या, उसके काम या उसके द्वारा ली जा रही दवाइयों के बारे में पूछ सकते हैं।

कुछ ब्लड टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं :

  • कम्पलीट ब्लड काउंट टेस्ट यानी सीबीसी
  • इलेक्ट्रोलाइट स्तर (शरीर के रसायनों और खनिजों का माप) की जांच के लिए।
  • थायराइड की जांच के लिए।
  • शरीर में विटामिन के स्तर को मापने के लिए टेस्ट, विशेष रूप से विटामिन बी 12।
  • हेवी मेटल या टॉक्सिकोलॉजी टेस्ट
  • सेडीमेंटशन रेट या इएसआर (शरीर में सूजन के बारे में जानने के लिए)
  • सी – रिएक्टिव प्रोटीन (जब शरीर में सूजन होती है, तो इसकी मात्रा बढ़ जाती है)

ब्लड टेस्ट के अलावा, डॉक्टर कुछ खास प्रकार के स्कैन कराने का सुझाव भी दे सकते हैं। इमेजिंग टेस्ट कुछ इस प्रकार हैं :

  • एन्जियोग्राम (रक्त वाहिकाओं, हृदय, मस्तिष्क व धमनियों के लिए किया जाने वाला स्कैन)
  • सीटी स्कैन (सिर और रीढ़ का)
  • एमआरआई (सिर और रीढ़ का)
  • प्रभावित अंग का एक्स-रे
  • गर्दन की रक्त वाहिकाओं का अल्ट्रासाउंड

इन सबके अलावा कुछ अन्य टेस्ट इस प्रकार हैं :

  • इलेक्ट्रोमायोग्राफी (मासंपेशियों के लिए किया जाने वाला टेस्ट)
  • लुम्बर पंक्चर टेस्ट (केंद्रीय तंत्रिका तंत्र से जुड़ा)
  • कोल्ड स्टिमुलेशन टेस्ट (रेनॉड रोग का पता लगाने के लिए किया जाने वाला टेस्ट)

इलाज जानें

अब आगे बढ़ते हैं हाथ पैर में झनझनाहट का इलाज जानने के लिए।

हाथ पैर में झनझनाहट का इलाज – Tingling in Hands and Feet treatment in Hindi

अगर घरेलू उपाय से बात न बने, व्यक्ति को डॉक्टरी इलाज का सहारा लेना पड़ सकता है। तो लेख के इस भाग में हम इसी विषय में जानकारी दे रहे हैं – (1) :

दवाइयांडॉक्टर एंटी-इन्फ्लेमेटरी दवाइयां दे सकते हैं। इसके अलावा, अगर झुनझुनी और सुन्नपन के साथ दर्द की शिकायत है, तो दर्द निवारक दवाइयां भी दी जा सकती हैं।

विटामिन – शरीर में विटामिन-बी की कमी से भी यह समस्या हो सकती है। ऐसे में डॉक्टर जरूरी विटामिन-बी की गोलियां दे सकते हैं।

थेरेपी – कुछ मामलों में डॉक्टर दवाइयों के साथ-साथ थेरेपी लेने की सलाह भी दे सकते हैं। इसमें हल्की-फुल्की एक्सरसाइज, एक्यूपंक्चर  या मालिश कराने का सुझाव दिया जा सकता है। ये विशेषज्ञों की देख-रेख में किए जाने वाले इलाज होते हैं। अगर समस्या गंभीर हो, तो फिजियोथेरेपी की सलाह भी दी जा सकती है।

स्प्लिन्ट अगर किसी को कार्पल टनल सिंड्रोम के कारण ऐसा हो रहा हो, तो उन्हें स्प्लिन्ट लगाने की सलाह दी जा सकती है। स्प्लिन्ट एक प्रकार उपकरण होता है, जिसे शरीर के प्रभावित अंग को सहारा देने के लिए इस्तेमाल में किया जा सकता है (13)

जीवनशैली में बदलाव – अगर समस्या गंभीर न हो, तो डॉक्टर पैर और हाथ में झनझनाहट की दवा के साथ-साथ जीवनशैली और खान-पान में बदलाव करने की सलाह दे सकते हैं। खाने में ज्यादा से ज्यादा पोषक तत्व युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करने की सलाह दे सकते हैं। घर में ही हल्के-फुल्के एक्सरसाइज या योग करने का भी सुझाव दे सकते हैं।

नोट : डॉक्टर इसका इलाज हाथों और पैरों में झनझनाहट के कारण को ध्यान में रखते हुए कर सकते हैं।

अभी लेख बाकी है

आगे जानते हैं कि हाथ-पैर या शरीर की झुनझुनी से बचाव के लिए क्या खाना उत्तम हो सकता है।

 हाथों-पैरों की झनझनाहट दूर करने के लिए उत्तम खाद्य पदार्थ – Foods To Reduce Tingling Sensation in Hindi

जैसे कि हमने पहले ही जानकारी दी है कि कुछ जरूरी पोषक तत्वों की कमी से भी यह समस्या हो सकती है। ऐसे में पौष्टिक आहार को डाइट में शामिल कर इस समस्या से बचाव किया जा सकता है। तो पढ़ें इन पौष्टिक आहारों के बारे में :

विटामिन बी – यह पोषक तत्व तंत्रिका तंत्र के लिए जरूरी है। ऐसे में विटामिन बी युक्त खाद्य पदार्थ जैसे – अंडा, केला, मटर, मीट, एवोकाडो का सेवन कर सकते हैं (14)

विटामिन सी – नर्व में किसी प्रकार के चोट से होने वाली क्षति के उपचार में विटामिन सी सहायक हो सकता है। ऐसे में खाने में विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ जैसे – ब्रोकली, पालक, आलू या स्ट्रॉबेरी  (14) (15)

डेयरी प्रोडक्ट – पोषक तत्वों के लिए डेयरी उत्पाद जैसे – दूध, दही, पनीर का भी सेवन कर सकते हैं। यह शरीर के लिए जरूरी खाद्य पदार्थों में से एक है। दरअसल, ये सब कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों की श्रेणी में आते हैं और कैल्शियम की कमी भी हाथ-पैरों में झुनझुनी का कारण हो सकती है (16)। ऐसे में इनका सेवन लाभकारी हो सकता है।

अंत तक पढ़ें

अब जानते हैं हाथों-पैरों की झनझनाहट से बचाव के उपायों को।

हाथों-पैरों की झनझनाहट से बचने के उपाय – Prevention Tips for Tingling in Hands and Feet in Hindi

अब सवाल यह उठता है कि ऐसे क्या किया जाए, जिससे इस समस्या से बचाव हो सके। तो लेख के इस भाग में हम हाथों-पैरों की झनझनाहट से बचाव के लिए कुछ सामान्य, लेकिन उपयोगी टिप्स बता रहे हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं :

  • ज्यादा देर तक एक ही मुद्रा में न बैठें या खड़े न रहें।
  • काम के बीच-बीच में ब्रेक लेते रहें।
  • डाइट में पौष्टिक आहार को शामिल करें।
  • धूम्रपान या शराब सेवन से दूर रहें।
  • गर्दन और बांह से संबंधित स्ट्रेचिंग व्यायाम करें।
  • दिनचर्या में योग को भी शामिल कर सकते हैं। ऐसे योग करें, जिससे गर्दन, बांह और बैक को आराम मिले।
  • रात को सोते वक्त अपना पोजीशन बदलते रहें।
  • खुद को आराम दें।

तो यह थी हाथों-पैरों में होने वाली झनझनाहट से जुड़ी जरूरी जानकारी। अगर आप हाथों-पैरों में होने वाली झनझनाहट की समस्या से जूझ रहे हैं, तो लेख में बताए गए घरेलू उपाय अपना सकते हैं। साथ ही इस बात का ध्यान रखें कि पूरे शरीर में झनझनाहट होना किसी बीमारी का लक्षण भी हो सकता है, इसलिए अगर हाथों-पैरों में होने वाली झनझनाहट के लक्षण ठीक नहीं हो रहे हैं, तो डॉक्टरी इलाज जरूर करवाएं। उम्मीद है कि यह लेख आपको पसंद आया होगा। चाहें, तो हाथ-पैरों में झुनझुनी पर लिखे इस लेख को अपने दोस्तों के साथ शेयर कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मुझे अपने हाथों में झुनझुनी के बारे में कब चिंता करनी चाहिए?

अगर झुनझुनी के साथ थकावट, दर्द या हाथों-पैरों को हिलाने में असुविधा महसूस हो, तो यह चिंताजनक बात हो सकती है।

क्या हाइपोथायरायडिज्म के कारण हाथों और पैरों में झुनझुनी हो सकती है?

हां, हाइपोथायरायडिज्म के कारण हाथों और पैरों में झुनझुनी हो सकती है (2)

हाथों में झुनझुनी से कैसे छुटकारा पाया जा सकता है?

हाथों-पैरों में होने वाली झनझनाहट को दूर करने के लिए ऊपर बताए गए घरेलू उपाय अपनाए जा सकते हैं।

क्या कम थायराइड के कारण हाथों में झुनझुनी हो सकती है?

हां, हाइपोथायरायडिज्म एक ऐसी स्थिति है, जिसमें थायराइड ग्रंथि हार्मोंस का कम निर्माण करने लगती है (17)। ऐसे में या स्थिति हाथों-पैरों में झुनझुनी का कारण बन सकती है (2)

17 sources

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संदर्भ (Sources) :

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Arpita Biswas

अर्पिता ने पटना विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में स्नातक किया है। इन्होंने 2014 से अपने लेखन करियर की शुरुआत की थी। इनके अभी तक 1000 से भी ज्यादा आर्टिकल पब्लिश हो चुके हैं। अर्पिता को विभिन्न विषयों पर लिखना पसंद है, लेकिन उनकी विशेष रूचि हेल्थ और घरेलू उपचारों पर लिखना है। उन्हें अपने काम के साथ एक्सपेरिमेंट करना और मल्टी-टास्किंग काम करना पसंद है। इन्हें लेखन के अलावा डांसिंग का भी शौक है। इन्हें खाली समय में मूवी व कार्टून देखना और गाने सुनना पसंद है।

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