हल्दी और शहद के फायदे – Amazing Benefits of Turmeric and Honey in Hindi

Written by , (शिक्षा- एमए इन जर्नलिज्म मीडिया कम्युनिकेशन)

सेहत से जुड़ी हल्की-फुल्की समस्याओं के लिए भारत में अक्सर लोग दादी-नानी के घरेलू नुस्खों का विकल्प चुनते हैं। इन नुस्खों में ‘हल्दी’ को प्रायः प्राथमिकता दी जाती है। अब स्वास्थ्य के लिए हल्दी है ही इतनी लाभकारी (1)। वहीं, इसमें अगर एक और सामान्य सामग्री मिलाई जाए, तो हल्दी और प्रभावकारी हो सकती है। वह साधारण सी सामग्री है शहद। इसमें कोई शक नहीं है कि हल्दी और शहद के अपने-अपने फायदे हैं, लेकिन इनको मिलाकर इस्तेमाल करने से, ये सेहत के लिए और प्रभावकारी हो सकते हैं। ऐसे में स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम न सिर्फ हल्दी और शहद के फायदे की जानकारी देंगे, बल्कि अगर हल्दी और शहद के नुकसान हैं, तो उसे भी उजागर करेंगे। तो हल्दी शहद के फायदे और अन्य जानकारियों के लिए लेख को अंत तक पढ़ें।

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लेख की शुरुआत करते हैं हल्दी शहद के फायदे से।

हल्दी और शहद के फायदे – Benefits of Turmeric and Honey in Hindi

हल्दी शहद के फायदे बताने से पहले हम यह स्पष्ट कर दें कि हल्दी और शहद किसी भी बीमारी का इलाज नहीं है, यह केवल समस्या से बचाव और उनके प्रभाव को कुछ हद तक कम करने में उपयोगी हो सकता है। इसलिए हल्दी-शहद के मिश्रण को बीमारी का इलाज समझने की भूल न करें। आइए, अब जान लेते हैं हल्दी शहद के फायदे, जो कुछ इस प्रकार हैं:

1. एंटीबैक्टीरियल गुण

लंबे समय से हल्दी का उपयोग औषधि के रूप में किया जाता रहा है (1)। दरअसल, हल्दी में मौजूद करक्यूमिन नामक घटक में एंटीबैक्टीरियल गुण की पुष्टि हुई है (2)। वहीं, अगर हल्दी के साथ शहद को मिलाया जाए, तो यह मिश्रण और प्रभावकारी हो सकता है। शहद में भी एंटीबैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं, जो संक्रमण या घाव से राहत दिलाने में सहायक हो सकते हैं (3)। ऐसे में बैक्टीरियल संक्रमण से बचाव या हल्के-फुल्के घाव का ठीक होना हल्दी और शहद के फायदे में गिने जा सकते हैं।

2. खांसी में हल्दी और शहद का उपयोग

बदलते मौसम में खांसी या सर्दी-जुकाम की समस्या किसी को भी हो सकती है। ऐसे में घरेलू उपाय के तौर पर दूध-हल्दी के सेवन की सलाह अक्सर दी जाती है (4)। इतना ही नहीं, शोध में हल्दी में मौजूद एंटीइंफ्लेमेटरी गुण को ब्रोंकियल अस्थमा जैसी सांस की समस्या के लिए भी उपयोगी पाया गया है (5)। वहीं, अगर शहद की बात की जाए, तो एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, खांसी की समस्या से पीड़ित एक साल से ऊपर के बच्चों को जब शहद का सेवन कराया गया, तो उनकी खांसी में सुधार देखा गया (6)। ऐसे में माना जा सकता है कि खांसी से राहत के लिए अगर हल्दी और शहद को मिलाकर सेवन किया जाए, तो इसकी गुणवत्ता खांसी पर ज्यादा असरदार हो सकती है। हालांकि, एक साल या उससे कम उम्र के बच्चों को शहद का सेवन न कराएं। वहीं, एक साल से ऊपर के बच्चों को हल्दी और शहद का मिश्रण देने से पहले डॉक्टरी सलाह जरूर लें।

3. हार्ट की समस्या में शहद और हल्दी का उपयोग

हल्दी और शहद के फायदे में हृदय रोग से बचाव को भी शामिल किया जा सकता है। हार्ट की बीमारी से बचाव के लिए हल्दी उपयोगी हो सकती है। दरअसल, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक स्टडी में, हल्दी के मुख्य घटक करक्यूमिन में कार्डियो प्रोटेक्टिव गुण का जिक्र किया गया है। हल्दी का यह गुण हृदय रोग के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकता है। वहीं, इसका एंटी-थ्रोम्बोटिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करके एथेरोस्क्लेरोसिस (धमनियों से संबंधित समस्या) के जोखिम को भी कम कर सकता है। इसके साथ इसका एंटीऑक्सीडेंट गुण मधुमेह में होने वाली ह्रदय रोग की जटिलताओं का जोखिम भी कम कर सकता है (7)।

वहीं शहद में मौजूद फेनोलिक कंपाउंड जैसे – क्वरसेटिन (quercetin), कैफिक एसिड फेनेथिल एस्टर (caffeic acid phenethyl ester), केम्पफेरोल (kaempferol), गैलान्गिन (galangin), हृदय रोग के जोखिम को कम करने में उपयोगी हो सकता है (8)। ऐसे में हृदय रोग से बचाव के लिए हल्दी-शहद के मिश्रण को जीवनशैली में शामिल करना अच्छा विकल्प हो सकता है।

4. ब्रेन हेल्थ के लिए शहद और हल्दी

हल्दी शहद का मिश्रण सिर्फ शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी हो सकता है। शोध के अनुसार हल्दी दिमाग के लिए काफी लाभकारी पाया गया है। हल्दी में एंटीअल्जाइमर गुण की पुष्टि हुई है। दरअसल, हल्दी अल्जाइमर रोग (भूलने की बीमारी) का जोखिम पैदा करने वाले बीटा एम्लोयड प्लाक (beta amyloid plaques- एक प्रकार का प्रोटीन) को नष्ट करने में सहायक हो सकता है। ऐसे में अल्जाइमर जैसी स्थिति से बचाव के लिए हल्दी को उपयोगी माना जा सकता है।

वहीं, दूसरी ओर हल्दी में एंटी डिप्रेसेंट यानी अवसाद से बचाव का गुण भी मौजूद है (9)। ऐसे में हल्दी को मानसिक स्वास्थ्य के लिए उपयोगी कहा जा सकता है। अब अगर शहद की बात की जाए, तो शहद न सिर्फ याददाश्त को तेज करने में सहायक हो सकता है, बल्कि इसमें एंटी डिप्रेसेंट गुण होने के साथ-साथ दौरे की समस्या (anticonvulsant) से बचाव के गुण भी मौजूद हैं (10)। ऐसे में हल्दी और शहद को मिलाकर खाने से फायदे में अगर स्वस्थ मानसिक स्वास्थ्य को शामिल किया जाए, तो गलत नहीं होगा।

5. सूजन के लिए शहद और हल्दी का उपयोग

शरीर में होने वाले हल्दी और शहद के फायदे को लेकर कई शोध हो चुके हैं और इनसे साफ है कि इन दोनों सामग्री में एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण होते हैं (11)। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में, हल्दी के उपयोग से रूमेटाइड आर्थराइटिस के मरीजों में जोड़ों की अकड़न और सूजन से राहत पाने की पुष्टि हुई है। साथ ही इसमें मौजूद एंटी-आर्थराइटिक गुण गठिया के जोखिम को भी कम कर सकता है (12)। वहीं, शहद में भी एंटी- एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होता है, जो शरीर में सूजन की समस्या से बचाव कर सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर शहद के गुणों के विषय में प्रकाशित एक शोध में, संक्रमण के कारण हुए कंजक्टिवाइटिस (आंखों में सूजन की समस्या) में शहद का उपयोग सूजन को कम करने में असरदार पाया गया (13)। ऐसे में किसी प्रकार की हल्की-फुल्की सूजन या सूजन के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव के लिए हल्दी और शहद का उपयोग लाभकारी हो सकता है।

6. गले में खराश के लिए हल्दी शहद

बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम या गले में खराश की समस्या सामान्य है। ऐसे में शहद और हल्दी के फायदे में गले की खराश को ठीक करना भी शामिल है। दरअसल, शहद में मौजूद एंटी इंफ्लेमेटरी गुण, एंटी-इंफेक्टिव और एंटीऑक्सिडेंट गुण गले की खराश की समस्या के लिए प्रभावकारी पाया गया है (14)।

वहीं, हल्दी बलगम को कम कर गले में खराश से राहत दिलाने में सहायक हो सकती है। साथ ही इसका ऐंटिसेप्टिक गुण न सिर्फ गले की परेशानी से राहत दिला सकता है, बल्कि सर्दी-जुकाम के लिए भी उपयोगी हो सकता है (15)। ऐसे में इस आधार पर मान सकते हैं कि शहद और हल्दी को मिलाकर खाने से फायदे में गले की समस्याओं से राहत मिलना शामिल है। आप चाहें तो हल्दी शहद का पेस्ट भी गले में लगा सकते हैं। वहीं, हल्दी शहद के सेवन से पहले विशेषज्ञ की सलाह भी जरूर लें, क्योंकि कुछ लोगों को हल्दी से एलर्जी की परेशानी भी हो सकती है।

7. एंटी एजिंग के तौर पर शहद और हल्दी का उपयोग

शहद और हल्दी दोनों में ही एंटीएजिंग गुण होते हैं। जहां हल्दी का मुख्य घटक करक्यूमिन बढ़ती उम्र के प्रभाव या बढ़ती उम्र में होने वाली बीमारियों के जोखिमों या उनके लक्षणों को कम कर सकता है (16)। वहीं, शहद त्वचा को न सिर्फ जवां बना सकता है, बल्कि रिंकल्स पर भी उपयोगी हो सकता है (17)। ऐसे में अगर शहद और हल्दी के कई फायदे की बात की जाए, तो इनके एंटी एजिंग गुण न सिर्फ स्वास्थ्य पर, बल्कि त्वचा के लिए भी लाभकारी हो सकते हैं।

8. त्वचा के लिए उपयोगी है शहद और हल्दी

शहद और हल्दी के फायदे में स्वस्थ त्वचा भी शामिल है। कई सारे शोध में हल्दी को त्वचा के लिए उपयोगी पाया गया है। हल्दी का उपयोग कई तरह की त्वचा संबंधी समस्याएं जैसे – कील-मुंहासे (एक्ने), फोटोऐजिंग (सूरज की हानिकारक किरणों से होने वाली क्षति), सोराइसिस, विटिलिगो (सफेद दाग), एक्जिमा (atopic dermatitis) उपयोगी पाया गया है (18)। वहीं, शहद में मौजूद त्वचा को कोमल बनाने वाला (emollient), नमी को बरकरार (humectant) रखने वाला गुण न सिर्फ त्वचा को जवां बनाए रख सकता है, बल्कि त्वचा को आराम और स्वस्थ भी बना सकता है (17)। ऐसे में त्वचा के लिए शहद और हल्दी के फायदे के लिए आप हल्दी शहद के मिश्रण का पेस्ट बनाकर उपयोग कर सकते हैं।

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लेख के इस भाग में हम हल्दी और शहद में मौजूद पोषक तत्वों की जानकारी देंगे।

हल्दी और शहद के पोषक तत्‍व – Turmeric and Honey Nutritional Value in Hindi

हल्दी और शहद से होने वाले फायदों के पीछे इनमें मौजूद पोषक तत्वों का सबसे अहम योगदान होता है। इन दोनों खाद्य सामग्रियों में मौजूद पोषक तत्वों की जानकारी हम नीचे टेबल के माध्यम से दे रहे हैं (19) (20)।

पोषक तत्व (प्रति 100 ग्राम)हल्दीशहद
पानी12.85 g17.1 g
एनर्जी312 Kcal304 kcal
प्रोटीन9.68 g0.3 g
टोटल लिपिड (फैट)3.25 g
ऐश7.08 g0.2 g
कार्बोहाइड्रेट67.14 g82.4 g
फाइबर, टोटल डायटरी22.7 g0.2 g
शुगर, टोटल इंक्लूडिंग एनआईए (NLEA)3.21g82.12g
कैल्शियम168 mg6 mg
आयरन55 mg0.42 mg
मैग्नीशियम208 mg2 mg
फास्फोरस299 mg4 mg
पोटेशियम2080 mg52 mg
सोडियम27 mg4 mg
कॉपर1.3 mg0.036 mg
जिंक4.5 mg0.22 mg
मैंगनीज19.8 mg0.08 mg
सेलेनियम6.2  µg0.8 µg
विटामिन सी, टोटल एस्कॉर्बिक एसिड0.7 mg0.5 mg
राइबोफ्लेविन0.15mg0.038 mg
थियामिन0.058mg
नियासिन1.35 mg0.121 mg
पैंटोथैनिक एसिड0.542 mg0.068 mg
विटामिन बी-60.107 mg0.024 mg
फोलेट, कुल20 µg2 µg
कोलीन, कुल49.2 mg2.2 mg
बीटेन  9.7 mg1.7 mg
विटामिन ई (अल्फा-टोकोफेरॉल)4.43 mg
विटामिन के (फिलोक्विनोन)13.4 µg
फैटी एसिड, टोटल सैचुरेटेड1.838 g
फैटी एसिड, टोटल मोनोअनसैचुरेटेड0.449 g
फैटी एसिड, टोटल पॉलीअनसैचुरेटेड0.756 g
फैटी एसिड, टोटल ट्रांस मोनोएनोइक0.056 g

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अब हम आपको बताते हैं कि अपनी रोज की जिंदगी में आप हल्दी और शहद को किस तरह शामिल कर सकते हैं।

हल्दी और शहद का उपयोग – How to Use Turmeric and Honey in Hindi

हल्दी और शहद मिलाकर खाने से फायदे होते हैं, यह तो आप जान ही चुके हैं। अब लेख के इस भाग में हम हल्दी शहद के उपयोग के तरीके से जुड़ी जानकारी साझा कर रहे हैं। आप नीचे बताए गए तरीकों से हल्दी शहद को अपने जीवनशैली में शामिल कर सकते हैं।

  • सुबह नाश्ता करने से पहले या नाश्ते के दौरान गर्म पानी में हल्दी और शहद के साथ नींबू डालकर इसका चाय के तौर पर सेवन कर सकते हैं।
  • हल्दी और शहद के मिश्रण को नारियल के दूध में भी मिलाकर भी पी सकते हैं।
  • हल्दी और शहद का पेस्ट बनाकर भी रख सकते हैं। सर्दी जुकाम की परेशानी में इसे दिनभर में आधा से एक चम्मच ले सकते हैं या इस पेस्ट को गले में लगा सकते हैं।
  • स्वस्थ त्वचा के लिए शहद हल्दी का पेस्ट चेहरे पर लगा सकते हैं।
  • दूध, हल्दी के फायदे तो है ही, इसमें शहद मिलाकार इसके गुणों को और बढ़ाया जा सकता है। ऐसे में रात में सोने से पहले गुनगुने दूध में हल्दी के साथ शहद डालकर पी सकते हैं।
  • इसके अलावा शहद और हल्दी के फायदे के लिए इन्हें खाने में अलग-अलग भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • सब्जी बनाते समय खाने में रंग लाने के हल्दी का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • शहद बच्चों को खिलाने से खांसी की समस्या में राहत मिल सकती है। हालांकि, ध्यान रहे कि नवजात या एक साल के उम्र तक के बच्चों को शहद न दे (21)।
  • वहीं टैनिंग के लिए एक चम्मच शहद में कुछ बूंद नींबू का रस डालकर उपयोग कर सकते हैं।

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हल्दी और शहद के फायदे और नुकसान दोनों हैं, इसलिए इस आर्टिकल के अंतिम हिस्से में हम आपको हल्दी और शहद के नुकसान के बारे में जानकारी दे रहे हैं।

हल्दी और शहद के नुकसान – Side Effects of Turmeric and Honey in Hindi

जिस तरह हल्दी और शहद के अलग-अलग फायदे हैं, उसी तरह हल्दी और शहद के नुकसान भी हो सकते हैं। यहां हम बारी-बारी से हल्दी और शहद के नुकसान की जानकारी दे रहे हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं :

हल्दी के नुकसान :

  • शहद और हल्दी का पेस्ट बनाते समय हल्दी की मात्रा का ध्यान रखना चाहिए। ज्यादा हल्दी साइड इफेक्ट का कारण बन सकती है (22)।
  • अगर चेहरे पर हल्दी शहद का पेस्ट इस्तेमाल कर रहे हैं, तो पैच टेस्ट जरूर करें। हल्दी के अधिक उपयोग से त्वचा पर रैशेज हो सकते है (23)।
  • हल्दी का ज्यादा सेवन करने से पेट की समस्या हो सकती है। जिससे उल्टी, दस्त, मतली, किडनी स्टोन या रक्तस्त्राव की परेशानी हो सकती है (24)।
  • गर्भवती हल्दी का अधिक सेवन करने से पहले डॉक्टरी सलाह लें। खाने में जितनी हल्दी उपयोग होती है, उतनी मात्रा गर्भवती के लिए पर्याप्त है, लेकिन उससे ज्यादा मात्रा गर्भवती के लिए जोखिम पैदा कर सकता है (22)।
  • हल्दी के नुकसान में सिरदर्द की समस्या भी शामिल है (23)।

शहद के नुकसान :

  • वहीं, अगर किसी को फूड एलर्जी की परेशानी है, तो शहद के सेवन से बचना चाहिए, क्योंकि इससे एलर्जी हो सकती है। साथ ही सेवन से डॉक्टरी सलाह जरूर लेनी चाहिए (25)।
  • बच्चों को शहद का सेवन कराने से पहले डॉक्टरी सलाह लें। एक साल या उससे कम उम्र के बच्चों को शहद न दें। शहद से फूड पोईजनिंग का जोखिम हो सकता है (26)।

इसमें कोई शक नहीं है कि हल्दी और शहद खाने के फायदे कई सारे हैं, हालांकि हल्दी और शहद के नुकसान भी हैं। ऐसे में लेख में बताए गए तरीके से इसका उपयोग करने से इसके नुकसान से बचा सकता है। शहद और हल्दी के स्वास्थ्य लाभ के लिए संतुलित मात्रा में सेवन उपयोगी हो सकता है। वहीं, अब भी अगर मन में हल्दी शहद के सेवन से जुड़ी कोई भी शंका हो, तो अपने डॉक्टर से जरूर बात करें। ऐसे ही अन्य महत्वपूर्ण विषयों के बारे में पढ़ने के लिए जुड़े रहिए स्टाइलक्रेज से।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या हल्दी और शहद में एंटीबैक्टीरियल गुण हैं?

शहद और हल्दी दोनों में ही एंटीबैक्टीरियल गुण मौजूद हैं (11)।

क्या शहद और हल्दी का मिश्रण बनाया जा सकता है?

शहद और हल्दी में एक जैसे गुण होते हैं। इसलिए इसका मिश्रण बनाया जा सकता है (11)।

शहद और हल्दी चेहरे के लिए किस तरह फायदेमंद है?

शहद और हल्दी चेहरे को निखारने के लिए कारगर उपाय साबित हो सकते हैं। जहां हल्दी के उपयोग से त्वचा स्वस्थ हो सकती है (18)। वहीं, शहद त्वचा को जवां बनाए रखने में और त्वचा की नमी को बरकरार रखने में सहायक हो सकता है (17)। चेहरे की चमक बढ़ाने के लिए हल्दी-शहद के फेस पैक का उपयोग किया जा सकता है।

Sources

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  2. Antibacterial Action of Curcumin against Staphylococcus aureus: A Brief Review
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  3. Honey: its medicinal property and antibacterial activity
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  4. Curcumin: From ancient medicine to current clinical trials
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  5. Evaluation of Efficacy of Curcumin as an Add-on therapy in Patients of Bronchial Asthma
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  6. Honey for treatment of cough in children
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  11. Paring Manuka Honey 10+ with Tumeric Powder and IV Antibiotic May Treat Complicated Infective Endocarditis Naturally
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  13. Traditional and Modern Uses of Natural Honey in Human Diseases: A Review
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  15. Turmeric: A Herbal and Traditional Medicine
    https://www.researchgate.net/publication/268268687_Turmeric_A_Herbal_and_Traditional_Medicine
  16. The Role of Curcumin in the Modulation of Ageing
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  17. Honey in dermatology and skin care: a review
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  18. Effects of Turmeric (Curcuma longa) on Skin Health: A Systematic Review of the Clinical Evidence
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    https://fdc.nal.usda.gov/fdc-app.html#/food-details/172231/nutrients
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    https://fdc.nal.usda.gov/fdc-app.html#/food-details/169640/nutrients
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    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6513626/
  22. Turmeric
    https://www.nccih.nih.gov/health/turmeric
  23. Curcumin: A Review of Its’ Effects on Human Health
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5664031/
  24. Turmeric
    https://www.sciencedirect.com/topics/neuroscience/turmeric
  25. Food intolerance to honey
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/6696211/
  26. Prevention
    https://www.cdc.gov/botulism/prevention.html

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पुजा कुमारी ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। इन्होंने वर्ष 2015 में अपने... more

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