हल्दी दूध के फायदे, उपयोग और नुकसान – Turmeric Milk (Haldi Doodh) Benefits in hindi

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स्वास्थ्य संबंधी कई परेशानियों को दूर करने के लिए हमेशा दादी-नानी के नुस्खों में सबसे पहला नाम हल्दी दूध का आता है। शायद यही वजह है कि जब भी कोई शारीरिक समस्या होती है, तो हल्दी दूध का नाम लिया जाता है। बेशक, हल्दी दूध का स्वाद हर किसी को पसंद नहीं होता, लेकिन हल्दी दूध के फायदे इतने सारे हैं कि इसे आप अनदेखा भी नहीं कर सकते। इसलिए, कई बार न चाहते हुए भी स्वास्थ्य लाभ के लिए इसका सेवन करना पड़ता है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम आपको हल्दी दूध पीने के फायदे के बारे में बताएंगे। कुछ फायदों से तो आप परिचित होंगे, लेकिन हल्दी दूध के फायदे कई ऐसे भी हैं, जिनसे आप अब तक अनजान हो सकते हैं।

हल्दी दूध के फायदे जानने से पहले बात करते हैं कि आखिर हल्दी डालकर दूध बनाने से यह आपके शरीर के लिए कैसे लाभदायक होता है।

हल्दी वाला दूध आपके के लिए क्यों अच्छा है?

यह तो आपने कई बार सुना होगा कि हल्दी का दूध शरीर के लिए अच्छा होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह आपके लाभदायक कैसे है? चलिए, हम बताते हैं। दरअसल, हल्दी में प्राकृतिक एंटीबायोटिक गुण होते हैं (1) और दूध कैल्शियम से भरपूर होता है (2)। जब आप दूध और हल्दी दोनों को एक साथ मिला देते हैं, तो दोनों में मौजूद पोषक तत्व आपके शरीर को बीमारियों और संक्रमण से बचाने के साथ ही भरपूर ऊर्जा भी देते हैं।

हल्दी में करक्यूमिन (curcumin) कंपाउंड यानी पॉलीफेनोल भी होता है, जो आपके शरीर को कई रोगों से बचाने में मदद करता है (3)। करक्यूमिन बीमारियों की रोकथाम के लिए फायदेमंद तो होता है, लेकिन इसे अवशोषित (Absorb) करना शरीर के लिए मुश्किल होता है। इसलिए, इसे काली मिर्च और वसायुक्त खाद्य पदार्थों जैसे दूध और घी के साथ मिलाने की सलाह दी जाती है (4)।

हल्दी दूध के फायदे – Benefits of Turmeric Milk in Hindi

1. पाचन

पेट और पाचन शक्ति के ठीक से काम न करने पर इसका असर आपके शरीर पर तेजी से पड़ता है। ऐसे में हल्दी का दूध आपकी आंतों को स्वस्थ रखने और पाचन तंत्र को बेहतर करने में मदद कर सकता है (5)। दरअसल, हल्दी में मौजूद करक्यूमिन एंटी इंफ्लेमेटरी गुण की तरह काम करता है, जो आंत संबंधी बीमारियों को दूर करने में शरीर की सहायता करता है (6)।

2. जोड़ों का दर्द

हर्बल चाय और गोल्डन मिल्क कहलाने वाले हल्दी दूध में मौजूद करक्यूमिन में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो जोड़ों और गठिया के दर्द को कम कर सकते हैं। साथ ही हल्दी दूध में एंटी-अर्थराइटिस गुण भी पाए जाते हैं, जो जोड़ों की सूजन को कम करने में मदद करते हैं (5) (7)।

3. अनिद्रा

अनिद्रा की परेशानी लोगों में काफी बढ़ती जा रही है। इस परेशानी को दूर करने के लिए आप हल्दी दूध का सेवन कर सकते हैं। विभिन्न अध्ययनों से यह स्पष्ट भी हुआ है कि करक्यूमिन अनिद्रा से पीड़ित व्यक्ति में याददाश्त को भी ठीक करता है (8)। ऐसे में जब भी आपको नींद न आए, तो आप हल्दी-दूध पिएं या हर रोज रात को सोने से पहले इसका सेवन करें।

4. कैंसर

कैंसर सबसे खतरनाक बीमारी मानी जाती है, जिससे बचाव करना बेहद जरूरी है। ऐसे में आप हल्दी-दूध का सेवन कर सकते हैं। हल्दी-दूध में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। हल्दी वाला दूध प्रोस्टेट और पेट के कैंसर के खतरे को कम कर सकता है या उन्हें बढ़ने से रोक सकता है (9)। यह डीएनए को नुकसान पहुंचाने वाले कैंसर कोशिकाओं के प्रभाव को कम करता है और कीमोथेरेपी के दुष्प्रभावों को कम करता है।

5. हड्डी स्वास्थ्य

हड्डियों की मजबूती के लिए कैल्शियम जरूरी होता है। दूध में कैल्शियम होता है, जो आपकी हड्डियों को स्वस्थ और मजबूत रखने में अहम भूमिका निभाता है (10)। हल्दी वाला दूध हड्डियों के नुकसान और ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डी संबंधी रोग) की आशंका को कम कर सकता है।

6. डायबिटीज

हल्दी में मौजूद करक्यूमिन रक्त शर्करा के स्तर को कम करने में मदद करता है, इसलिए इसे डायबिटीज के रोकथाम में उपयोगी माना जाता है। इसके अलावा, यह डायबिटीज संबंधी लीवर विकारों को भी रोकने में अहम भूमिका निभाता है (11)। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन डायबिटीज से संबंधित आम समस्या इंफ्लेमेशन और ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस को भी कम करता है। एक अध्ययन के मुताबिक डायबिटीज-1 के मरीजों को 3 माह तक प्रतिदिन 5 ग्राम हल्दी देने से उनका रक्त शर्करा काफी हद तक कम हुआ है (12)।

7. वजन घटाने के लिए

व्यस्त दिनचर्या, बाहर का खाना, लंबे वक्त तक कुर्सी पर बैठे रहना, व्यायाम न करना, तनाव और ऐसे ही कई कारणों की वजह से लोग मोटापे की समस्या से ग्रसित हो रहे हैं। जैसे-जैसे वजन बढ़ता है, वैसे-वैसे शरीर बीमारियों से घिरता चला जाता है। ऐसे में हल्दी दूध आपकी मदद कर सकता है।

हल्दी का दूध फैट को कम कर सकता है, जिससे आपके वजन को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। कुछ अध्ययनों के अनुसार, हल्दी दूध में मौजूद करक्यूमिन (Curcumin) अधिक वजन वाले लोगों में वजन नियंत्रण का काम कर सकता है (13)।

8. सर्दी और खांसी

बदलते मौसम और कमजोर इम्यूनिटी की वजह से सर्दी-जुकाम होना आम बात है। ऐसे में कई बार घरेलू नुस्खे जादू की तरह काम करते हैं और हल्दी-दूध भी उन्हीं में से एक है। हल्दी युक्त दूध अपने एंटीवायरल और एंटी-बैक्टीरियल गुणों के कारण सर्दी और खांसी को ठीक करने के लिए उपयोगी माना जाता है (14)। यह गले की खराश, खांसी और जुकाम से तुरंत राहत देता है। अगर आप हर रोज हल्दी-दूध का सेवन करेंगे, तो जल्द ही ठंड से शरीर को बचा सकते हैं।

9. हृदय स्वास्थ्य

हल्दी में मौजूद करक्यूमिन हमारे शरीर में साइटोकिन्स (एक तरह के प्रोटीन) को हमारे शरीर में निकलने से रोकता है, जिनकी वजह से हृदय संबंधी (कार्डियोवस्कुलर) रोग उत्पन्न होते हैं (3)। वहीं, अदरक के इस्तेमाल से भी हृदय संबंधी बीमारी बढ़ाने वाले जोखिम कारकों को कम किया जा सकता है। अदरक में मौजूद बायोएक्टिव कंपाउंड हानिकारक कोलेस्ट्रोल को कम करके अच्छे कोलेस्ट्रोल को बढ़ाता है (15)।

10. इंफ्लेमेशन

हल्दी दूध में एंटीइन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो शरीर को इंफ्लेमेशन से लड़ने में मदद देते हैं। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन कंपाउंड इंफ्लेमेशन की वजह से होने वाले गठिया और अन्य बीमारी जैसे चर्म रोग से बचाव करते हैं (3)। इसे आयुर्वेदिक चिकित्सा में ‘प्राकृतिक एस्पिरिन’ के रूप में भी जाना जाता है, जो सूजन और दर्द को ठीक कर सकता है (16)।

11. मस्तिष्क स्वास्थ्य

हल्दी वाले दूध में मौजूद करक्यूमिन आपके मस्तिष्क स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है। यह दिमाग से संबंधित अवसाद और अल्जाइमर (याददाश्त का जाना) के खतरे को कम करने में सहायक साबित हो सकता है। यह पार्किंसंस रोग (दिमागी विकार) को दूर करने में भी मदद कर सकता है (3)।

12. इम्यूनिटी

हल्दी दूध में मौजूद करक्यूमिन बतौर इम्यूनोमॉड्यूलेटरी एजेंट काम करता है। यह टी कोशिकाओं व बी कोशिकाओं समेत शरीर में मौजूद सभी स्वस्थ कोशिकाओं को बढ़ावा देने में मदद करता है। इन सभी कोशिकाओं की मदद से शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होने में मदद मिलती है। करक्यूमिन शरीर में एंटीबॉडी प्रतिक्रिया को भी बढ़ावा देता है, जिसकी मदद से हमारा शरीर कई बीमारियों जैसे गठिया, कैंसर, हृदय रोग, मधुमेह और अल्जाइमर से बचा रहता है (17)। इसके अलावा, हल्दी वाले दूध के फायदे में आपको ठंड और गले की खराश से भी बचाना शामिल है (5)।

13. डिटॉक्स

ज्यादातर लोगों को तला-भूना, मसालेदार या फिर जंक फूड खाना बहुत पसंद है, जिसका सीधा असर लिवर पर पड़ता है। इसलिए, बॉडी को डिटॉक्सीफाई यानी शरीर में मौजूद विषाक्तता को हटाना जरूरी हो जाता है। ऐसे में हल्दी-दूध एक प्राकृतिक लिवर डिटॉक्सीफाई की तरह काम करता है, जिससे लिवर की कार्यप्रणाली तेज होती है (18)।

14. त्वचा स्वास्थ्य

धूल-मिट्टी व प्रदूषण की वजह से त्वचा की चमक लगातार फीकी पड़ने लगती है। साथ ही स्किन संक्रमण का भी खतरा बना रहता है। ऐसे में हल्दी-दूध आपकी त्वचा के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। दमकती त्वचा के लिए आप हल्दी दूध का सेवन कर सकते हैं या फिर आप हल्दी दूध में रूई भिगोकर चेहरे पर लगा सकते हैं, जिससे आपका चेहरा दमकता रहेगा। इसके अलावा, इसमें मौजूद करक्यूमिन (curcumin) आपको स्किन कैंसर और अन्य संक्रमण से बचाता है। साथ ही त्वचा पर बुरा प्रभाव डालने वाले बैक्टीरिया से भी लड़ने में मदद करता है (5) (19)।

हल्दी दूध के फायदे के बाद चलिए, अब बात करते हैं हल्दी दूध में मौजूद पोषक तत्वों की।

हल्दी दूध के पौष्टिक तत्व – Turmeric Milk Nutritional Value in Hindi

हल्दी दूध पीने के फायदे जानने के बाद आपको पता तो चल ही गया होगा कि यह पोषक तत्वों का खजाना है। नीचे पढ़िए कि प्रति 100ml हल्दी दूध में कितनी मात्रा में पोषक तत्व मौजूद होते हैं (20)।

पोषक तत्वमात्रा प्रति 100ml
ऊर्जा33kcal
प्रोटीन0.28g
कुल फैट1.94g
कार्बोहाइड्रेट3.89g
फाइबर0.8g
शुगर3.06g
मिनरल्स
कैल्शियम6mg
आयरन100000IU
सोडियम19mg
लिपिड
फैटी एसिड, कुल सैचुरेटेड1.670g

हल्दी दूध के फायदे और पौष्टिक तत्व के बाद लेख के अगले हिस्से में पढ़ें हल्दी दूध बनाने का तरीका।

हल्दी वाला दूध बनाने का तरीका

हल्दी वाला दूध पीने के फायदे तो आप जान ही चुके हैं। चलिए, अब आपको बताते हैं कि कैसे आसानी से घर में ही हल्दी दूध बनाया जा सकता है। वहीं, अगर आपको इसका स्वाद कुछ खास पसंद नहीं आता, तो आप इसमें शहद भी मिला सकती है। नीचे पढ़ें हल्दी दूध बनाने का तरीका :

सामग्री :

  • एक चम्मच हल्दी पाउडर
  • एक गिलास दूध
  • चुटकी भर दालचीनी पाउडर
  • चुटकी भर अदरक पाउडर
  • 1 चुटकी पिसी हुई काली मिर्च
  • स्वादानुसार शहद (वैकल्पिक)

बनाने का तरीका :

  • हल्दी पाउडर और अन्य पदार्थ मिलाकर दूध को करीब 5 मिनट तक उबालें।
  • अब इस हल्दी दूध को छानकर एक गिलास में डाल लें।
  • अधिक लाभ के लिए हल्दी-दूध को गरमा-गर्म पिएं।
  • स्वाद के लिए आप गुनगुने दूध में शहद भी मिला सकते हैं।

हल्दी वाले दूध के फायदे और हल्दी दूध बनाने का तरीका जानने के बाद अब जानते हैं कि कैसे हल्दी दूध को उपयोग में लाया जा सकता है।

हल्दी दूध का उपयोग – How to Drink Turmeric Milk in Hindi

हल्दी दूध का उपयोग सीधे-सीधे करना ही फायदेमंद होता है। वैसे आप इसे सुबह नाश्ते के समय भी ले सकते हैं और रात को सोने से पहले भी इसका सेवन किया जा सकता है। हालांकि, हल्दी दूध पीने का सबसे सही समय रात में सोने से पहले ही माना जाता है।

कितना पिएं:

आप रोजाना 6 ग्राम हल्दी (इसमें मौजूद करक्यूमिन) का सेवन कर सकते हैं। चार से सात हफ्ते तक इस मात्रा में हल्दी का सेवन करना सुरक्षित माना गया है (21)। इस मात्रा में हल्दी का सेवन करने से आपके शरीर को हल्दी की वजह से किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचता है। जी हां, हल्दी दूध का भी नुकसान शरीर को हो सकता है, जिसके बारे में हम आर्टिकल के अगले हिस्से में बात करेंगे। वैसे दिनभर में कितनी हल्दी का सेवन करना चाहिए इसके लिए एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

वहीं, प्रतिदिन डेयरी उत्पादों की 3 सर्विंग्स ली जाने की सलाह दी जाती है। उदाहरण के तौर पर एक गिलास दूध, एक टुकड़ा पनीर और एक कटोरी दही। इसके सेवन से आपको पर्याप्त पोषक तत्व मिल जाएंगे (22)। वहीं, एक दिन में महज दूध की सीमित मात्रा की बात करें, तो यह 500 ml है (23)।

हल्दी दूध के नुकसान – Side Effects of Turmeric Milk in Hindi

आपके लिए हल्दी दूध के नुकसान के बारे में जानना भी जरूरी है। जी हां, हल्दी वाला दूध पीने के फायदे के साथ इसके कुछ दुष्प्रभाव भी हैं, जिनके बारे में हम नीचे बताने जा रहे हैं- (3) (24) (25)।

  • हल्दी और दूध का एक साथ सेवन से आपको एलर्जी भी हो सकती है।
  • कई बार लोग हल्दी दूध का अधिक सेवन करने लगते हैं, जिसका उल्टा प्रभाव भी पड़ सकता है। इसके अधिक सेवन से सीने में जलन, अपच और दस्त हो सकते हैं।
  • गर्भावस्था के दौरान आप हल्दी दूध का सेवन डॉक्टर से परामर्श लेने पर ही करें। माना जाता है कि गर्भवतियों के हल्दी के सेवन से गर्भाशय में संकुचन हो सकता है। फिलहाल, इस पर अभी और शोध की आवश्यकता है।
  • हल्दी के सेवन से गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्या हो सकती है। यानी पेट में गैस बनना, पेट फूलना और पेट से संबंधित अन्य परेशानी।
  • कुछ दवाओं के साथ हल्दी का सेवन करने से दुष्परिणाम हो सकते हैं। अगर आप एंटीकोगुलेंट्स जैसी एस्पिरिन दवा का सेवन कर रहे हैं, तो इसे न लें। नॉन-स्टेरॉयडल एंटी इंफ्लेमेटरी दवा को भी हल्दी के साथ नहीं लेना चाहिए। इसलिए, जब भी आप हल्दी दूध का सेवन करें, तो पहले अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

हल्दी वाला दूध पीने के फायदे अनेक हैं, यह तो आप जान ही चुके हैं। बस अब जरूरत है तो संयमित मात्रा में दादी-नानी के इस अचूक नुस्खे का सेवन करने की। आपको हल्दी दूध से संबंधित यह लेख कैसा लगा हमें जरूर बताएं। इसके अलावा, अगर आपके जहन में हल्दी दूध से संबंधित कोई सवाल हैं, तो उसे भी आप कमेंट बॉक्स के माध्यम से पूछ सकते हैं। साथ ही अगर आपके दादी-नानी के कुछ ऐसे नुस्खें हैं, जिनसे लोग अनजान हैं, तो उन्हें भी आप हमारे साथ साझा कर सकते हैं, ताकि अन्य पाठकों को भी उसका लाभ मिल सके।

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vinita pangeni

विनिता पंगेनी ने एनएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में बीए ऑनर्स और एमए किया है। टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में काम करते हुए इन्हें करीब चार साल हो गए हैं। इन्हें उत्तराखंड के कई पॉलिटिकल लीडर और लोकल कलाकारों के इंटरव्यू लेना और लेखन का अनुभव है। विशेष कर इन्हें आम लोगों से जुड़ी रिपोर्ट्स करना और उस पर लेख लिखना पसंद है। इसके अलावा, इन्हें बाइक चलाना, नई जगह घूमना और नए लोगों से मिलकर उनके जीवन के अनुभव जानना अच्छा लगता है।

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