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स्वास्थ्य और त्वचा के लिए हल्दी-दूध के फायदे – 21 Amazing Benefits Of Turmeric Milk (Haldi Doodh) For Beauty And Health in hindi

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स्वास्थ्य और त्वचा के लिए हल्दी-दूध के फायदे – 21 Amazing Benefits Of Turmeric Milk (Haldi Doodh) For Beauty And Health in hindi Hyderabd040-395603080 June 4, 2019

जब बात आती है दादी मां के नुस्खों की, तो इसमें हल्दी और दूध का नाम सबसे पहले आता है। ठंड लग जाए, बुखार हो, चोट लग जाए या स्वास्थ्य संबंधी कोई अन्य परेशानी हो, तो हल्दी और दूध रामबाण की तरह काम करते हैं। हालांकि, इसे देखते ही कई लोगों के मुंह बन जाते हैं, क्योंकि उन्हें इसका स्वाद अच्छा नहीं लगता। भले ही इसका स्वाद कैसा भी हो, लेकिन हल्दी-दूध के फायदे (haldi milk benefits in hindi) अनेक हैं। हल्दी न सिर्फ आपके खाने में स्वाद और रंग भरती है, बल्कि यह दूध के साथ मिलकर कई गुणों का खजाना बन जाती है। इस लेख में हम हल्दी वाला दूध पीने के फायदे आपको बता रहे हैं, जिनमें से कुछ आपको पता हो सकते हैं और शायद कुछ फायदों के बारे में आप अब भी अनजान हों। अब बिना देर करते हुए जानिए हल्दी-दूध के फायदे (turmeric milk benefits in hindi)।

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हल्दी-दूध के फायदे – Benefits Of Turmeric Milk in hindi

हल्दी में प्राकृतिक एंटीबायोटिक गुण होते हैं (1)। वहीं, दूध में प्रचुर मात्रा में कैल्शियम होता है। अपने रोजमर्रा के आहार में इन दो प्राकृतिक सामग्रियों को शामिल करने से बीमारियों और संक्रमण को रोका जा सकता है। हानिकारक सूक्ष्मजीवों से लड़ने के लिए यह एक प्रभावी उपाय है। इसके अलावा, हल्दी में करक्यूमिन (curcumi) होता है, जो इसमें पाया जाने वाला प्रमुख पॉलीफेनोल है। यह इसके गुणों को बढ़ाता है और सेहत संबंधी लाभों में योगदान देता है (2)। हल्दी और दूध न सिर्फ आपकी सेहत के लिए, बल्कि आपकी त्वचा के लिए भी फायदेमंद है।

हल्दी-दूध के कुछ अन्य फायदे हम आपको नीचे बता रहे हैं।

1. श्वासप्रणाली में संक्रमण के लिए हल्दी और दूध

बदलते मौसम, धूल-मिट्टी और प्रदूषण के कारण सांस से संबंधित कई बीमारियां लोगों को परेशान करने लगी है। श्वासप्रणाली में संक्रमण आजकल एक आम, लेकिन गंभीर बात हो चुकी है। ऐसे में हल्दी और दूध का सेवन काफी लाभकारी साबित हो सकता है। हल्दी-दूध एंटीमाइक्रोबियल गुणों से भरपूर होता है और यह बैक्टीरियल संक्रमण या वायरल संक्रमण से लड़ने में मदद करता है। यह श्वसन प्रणाली से संबंधित बीमारियों के इलाज में उपयोगी है। यह आपके शरीर को गर्म करने में मदद करता है और आपको फेफड़ों व साइनस की परेशानी से जल्द राहत दिलाता है (3)। अस्थमा और ब्रोंकाइटिस को ठीक करने के लिए भी हल्दी-दूध एक प्रभावी उपाय है।

2. कैंसर के लिए हल्दी और दूध

कैंसर के बारे में सुनते ही आंखों के सामने मानो अंधेरा छा जाता है और सब कुछ खत्म होता नजर आता है। इस बीमारी से लड़ना न सिर्फ मरीज के लिए, बल्कि उनके घरवालों के लिए भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि इस बीमारी का खतरा कम हो, तो हल्दी-दूध का सेवन करें। हल्दी-दूध में एंटीइन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं। कच्ची हल्दी से बना यह दूध, स्तन, त्वचा, फेफड़े, प्रोस्टेट और पेट के कैंसर के खतरे को कम कर सकता है या उन्हें बढ़ने से रोक सकता है (3)। यह कैंसर कोशिकाओं को डीएनए को नुकसान पहुंचाने से रोकता है और कीमोथेरेपी के दुष्प्रभावों को कम करता है।

3. हल्दी और दूध में है एंटीइंफ्लेमेटरी गुण

हल्दी-दूध में एंटीइन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो गठिया और पेट के अल्सर से बचाव कर सकते हैं। इसे आयुर्वेदिक चिकित्सा में ‘प्राकृतिक एस्पिरिन’ के रूप में भी जाना जाता है, जो सिरदर्द, सूजन और दर्द को ठीक कर सकता है।

4. सर्दी-जुकाम के लिए हल्दी-दूध

बदलते मौसम के साथ सर्दी-जुकाम की परेशानी होना आम बात है। इसके अलावा, कभी-कभी ठंडा-गर्म खाने से भी यह समस्या हो सकती है, लेकिन हर बार जरूरी नहीं कि हल्का सर्दी-जुकाम होने पर दवा का सेवन किया जाए। हालांकि, दवाइयां जल्द असर तो करती हैं, लेकिन कभी-कभी इनके साइड इफेक्ट भी होते हैं। ऐसे में कई बार घरेलू नुस्खे जादू की तरह काम करते हैं और हल्दी-दूध उन्हीं में से एक है। हल्दी युक्त दूध अपने एंटीवायरल और एंटी-बैक्टीरियल गुणों के कारण सर्दी और खांसी को ठीक करने के लिए अच्छा उपाय माना जाता है (4)। यह गले की खराश, खांसी और जुकाम से तुरंत राहत देता है। अगर आप हर रोज हल्दी-दूध का सेवन करेंगे, तो जल्द ही ठंड को हरा सकते हैं।

5. गठिया के लिए हल्दी और दूध

एक उम्र के बाद हड्डियां कमजोर होने लगती है और तरह-तरह की हड्डियों की बीमारियां इंसान को परेशान करने लगती है, गठिया की समस्या उन्हीं में से एक है। जोड़ों में दर्द की यह परेशानी ठंड के मौसम में ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसे में हल्दी वाले दूध का उपयोग गठिया को ठीक करने और रयूमेटायड अर्थराइटिस में सूजन को कम करने या उसके इलाज के लिए किया जाता है (5)। यह दर्द को कम करके जोड़ों और मांसपेशियों को लचीला बनाने में मदद करता है।

6. दर्द से राहत दिलाने के लिए हल्दी और दूध

आजकल घंटों ऑफिस में बैठकर काम करने से लोगों को पीठ और कमर दर्द की शिकायत होने लगती है। ऐसे में हल्दी-दूध का सेवन आसान और असरदार उपाय है। हल्दी-दूध किसी भी तरह के दर्द विशेष रूप से पीठ दर्द से राहत देता है। यह शरीर में रीढ़ की हड्डी और जोड़ों को मजबूत बनाता है। कभी-कभी ठंड या बदलते मौसम के कारण भी पीठ या कमर दर्द की शिकायत हो सकती है। ऐसे में यह एक दर्द निवारक की तरह काम करता है और शरीर को गर्म भी रखता है। इसलिए, जब भी आप पीठ या कमर दर्द से परेशान हों, तो तुरंत हल्दी-दूध का सेवन करें।

7. एंटीऑक्सीडेंट

गर्म दूध और हल्दी पाउडर का मिश्रण एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करता है, जो मुक्त कणों से लड़ता है। यह कई बीमारियों को ठीक कर सकता है (6)।

8. रक्त को शुद्ध करने के लिए हल्दी और दूध

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए खून का स्वस्थ और साफ होना भी जरूरी है। हल्दी-दूध को आयुर्वेदिक परंपरा में एक उत्कृष्ट रक्त शोधक यानी खून को साफ करने वाला माना गया है। साथ ही यह शरीर में रक्त संचार को बढ़ाता है। यह खून को पतला भी करता है, जिससे लसिका तंत्र (lymphatic system) और रक्त वाहिकाओं में जमा गंदगी साफ हो जाती है।

9. लिवर डिटॉक्स करने के लिए हल्दी और दूध

आजकल की इस जीवनशैली में लोग इतने व्यस्त हो चुके हैं कि उन्हें अपने खाने-पीने तक का होश नहीं रहता। ऐसे में कुछ भी तला-भूना, मसालेदार या फिर जंक फूड खा लेते हैं, जिसका असर लिवर पर पड़ता है। अगर लिवर स्वस्थ न रहे, तो शरीर भी ठीक तरह से काम नहीं कर पाता। इसलिए, कई बार लिवर को डिटॉक्सीफाई करना जरूरी हो जाता है। ऐसे में हल्दी-दूध एक प्राकृतिक लिवर डिटॉक्सीफाई की तरह काम करता है, जिससे लिवर की कार्यप्रणाली तेज हो जाती है (7)। यह लिवर की रक्षा करता है और लसीका प्रणाली को साफ करता है।

10. हड्डियों को स्वस्थ रखे हल्दी और दूध

हड्डियों की मजबूती के लिए कैल्शियम जरूरी होता है। दूध में कैल्शियम होता है, जो आपकी हड्डियों को स्वस्थ और मजबूत रखने में अहम भूमिका निभाता है (8)। हल्दी वाला दूध हड्डियों के नुकसान और ऑस्टियोपोरोसिस की आशंका को कम कर सकता है। आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि भारत के महान क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर हड्डी की मजबूती के लिए रोजना हल्दी-दूध का सेवन करते हैं।

11. पाचन शक्ति के लिए हल्दी और दूध

अगर पेट और पाचन शक्ति ठीक से काम न करे, तो इसका असर आपके शरीर पर तेजी से पड़ता है। ऐसे में हल्दी-दूध के फायदे अनेक हैं। यह प्रभावशाली एंटीसेप्टिक है, जो आंतों को स्वस्थ रखता है और पेट के अल्सर व कोलाइटिस का इलाज करता है (9)। यह पाचन तंत्र को बेहतर करने में मदद करता है और अल्सर, दस्त व अपच को रोकता है। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन (curcumin) एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण की तरह काम करता है और पेट दर्द का इलाज कर सकता है।

12. मासिक धर्म के दर्द के लिए हल्दी और दूध

किसी भी महिला के लिए मासिक धर्म के वो चार से पांच दिन काफी कष्टकारी होते हैं। पेट, कमर और शरीर के अन्य हिस्सों में होने वाला दर्द व ऐंठन किसी भी महिला के लिए असहनीय होती है। पोषक तत्वों की कमी के कारण यह परेशानी ज्यादा हो जाती है। ऐसे में अगर हल्दी-दूध का सेवन किया जाए, तो कुछ हद तक इससे छुटकारा पाया जा सकता है। हल्दी-दूध में मौजूद करक्यूमिन (curcumin) एक प्रकार का एंटीस्पास्मोडिक एजेंट होता है, जो जादू की तरह काम कर मासिक धर्म में ऐंठन और दर्द को कम करता है (10)। वहीं, गर्भवती महिलाओं को भी हल्दी-दूध का सेवन करना चाहिए, क्योंकि इससे प्रसव में आसानी होती है, प्रसव के बाद जल्दी ठीक होने में मदद मिलती है और स्तनों में दूध की आपूर्ति बढ़ाने में मदद मिलती है। ध्यान रहे कि हर गर्भवती महिला हल्दी-दूध का सेवन करने से पहले एक बार अपन डॉक्टर से जरूर पूछ ले।

13. त्वचा के रैशेज के लिए हल्दी और दूध

सेहत के साथ-साथ त्वचा का ध्यान रखना भी जरूरी है। हमारी त्वचा बहुत जल्दी संक्रमण का शिकार हो जाती है। कभी दवाइयों का असर, कभी धूल-मिट्टी व प्रदूषण का असर, तो कभी एलर्जी या रैशेज। ऐसे में कई बार लोग तरह-तरह की दवाइयां, लोशन और क्रीम का उपयोग करने लगते हैं, जिसका प्रभाव कुछ वक्त तक तो रहता है, लेकिन फिर वही हाल हो जाता है। ऐसे में हल्दी-दूध आपकी त्वचा के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। चमकती त्वचा के लिए हल्दी-दूध का सेवन करें या फिर आप हल्दी-दूध में रूई भिगोकर रैशेज पर लगाकर 15 मिनट के लिए छोड़ दें, ताकि आपके रैशेज और दाग-धब्बे कम हो जाएं। साथ ही आपकी त्वचा और ज्यादा चमकदार व निखरी हुई नजर आएगी। हल्दी-दूध में करक्यूमिन (curcumin) होता है, जो त्वचा को किसी भी प्रकार के सूजन और संक्रमण से बचाता है (11)।

14. वजन कम करने के लिए हल्दी-दूध

इन दिनों लगभग हर दूसरा या तीसरा व्यक्ति बढ़ते वजन या फिर मोटापे का शिकार है। व्यस्त दिनचर्या, बाहर का खाना, हर वक्त कुर्सी पर बैठे रहना, व्यायाम न करना, तनाव और ऐसे ही कई कारणों के वजह से लोग मोटापे की समस्या से ग्रसित हो रहे हैं। जैसे-जैसे वजन बढ़ता है, वैसे-वैसे शरीर बीमारी का घर बनता चला जाता है। इसलिए, जरूरी है कि वक्त रहते मोटापे की समस्या पर रोक लगाई जाए। अब आप सोच रहे होंगे कि हल्दी-दूध के इस लेख में हम वजन कम करने की बात क्यों कर रहे हैं? शायद ही आपको पता होगा कि हल्दी-दूध के सेवन से वजन कम करने में भी मदद मिल सकती है। हल्दीदूध फैट को कम कर सकता है। यह आपके शरीर के वजन को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। कुछ अध्ययनों के अनुसार हल्दी में मौजूद करक्यूमिन (Curcumin) के कारण अधिक वजन वाले लोगों में सकारात्मक तरीके से वजन कम हो सकता है (12)।

15. अनिद्रा के लिए हल्दी और दूध

काम का तनाव, घर का तनाव, थकावट और कई अन्य कारणों से आजकल लोगों को अनिद्रा की समस्या से गुजरना पड़ता है। ऐसे में कई बार लोग नींद की दवाइयां भी लेने लगते हैं और आगे चलकर लोगों को इसकी आदत होने लगती है। इसके अलावा, इन दवाइयों के कई साइड इफेक्ट भी देखने को मिलते हैं। अगर अनिद्रा की परेशानी हो, तो दवाई लेने से बेहतर है कुछ घरेलू उपाय करने की। हल्दी-दूध उन्हीं घरेलू उपायों में से एक है। गर्म हल्दी-दूध एक एमिनो एसिड व ट्रिप्टोफैन (tryptophan) का उत्पादन करता है, जिससे अच्छी नींद आती है। विभिन्न अध्ययनों से यह भी स्पष्ट हुआ है कि कैसे करक्यूमिन अनिद्रा से पीड़ित व्यक्ति में याददाश्त को भी ठीक करता है (13)। ऐसे में जब भी आपको नींद न आए, तो आप हल्दी-दूध पिएं या हर रोज रात को सोने से पहले इसका सेवन करें।

16. गोरी त्वचा के लिए हल्दी और दूध

हर कोई गोरी-बेदाग त्वचा की ख्वाहिश रखता है। खासकर, बात करें महिलाओं की, तो वो त्वचा की खूबसूरती पर काफी ध्यान देती हैं। गोरी-बेदाग त्वचा पाने के लिए वो पार्लर जाने के अलावा कई तरह के उपाय करती हैं। साथ ही तरह-तरह की क्रीम और लोशन का भी इस्तेमाल करती हैं, लेकिन इनका असर कुछ ही दिनों तक रहता है। ऐसे कुछ घरेलू नुस्खे फायदेमंद साबित हो सकते हैं। उन्हीं उपायों में से एक हल्दी और दूध, अगर इसका उपयोग नियमित रूप से करेंगे, तो आपकी त्वचा में चमक आ सकती है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि हल्दी-दूध के एंटीऑक्सीडेंट गुण मुक्त कणों से लड़ते हैं, जो हमारी त्वचा को नुकसान पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं।

17. अल्जाइमर के लिए हल्दी और दूध

अल्जाइमर एक मानसिक विकार है, जिसमें मरीज की याददाश्त धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है। मरीज को सोचने, निर्णय लेने यहां तक कि बोलने तक में मुश्किल होती है। वक्त रहते इस बीमारी पर ध्यान न दिया जाए, तो हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल व डायबिटीज का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में दवाइयां तो जरूरी हैं ही, लेकिन हल्दी-दूध का घरेलू उपाय भी काफी लाभकारी हो सकता है। अगर नियमित रूप से हल्दी-दूध का सेवन किया जाए, तो अल्जाइमर के बढ़ने का खतरा कम हो सकता है और मरीज की स्थिति बेहतर हो सकती है। अध्ययन से यह भी पता चलता है कि कैसे करक्यूमिन कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम कर सकता है और अल्जाइमर के रोगियों को एंटीऑक्सीडेंट का लाभ मिल सकता है (14)।

18. बेदाग त्वचा के लिए हल्दी और दूध

अगर आप बिना किसी साइड इफेक्ट के अपनी त्वचा पर निखार लाना चाहते हैं, तो हल्दी-दूध एक अच्छा विकल्प है। इसके सेवन से अपनी त्वचा को चिकना और बेदाग बनाया जा सकता है। महीन रेखाओं, झुर्रियों और मुंहासों को कम किया जा सकता है। आप रोजाना नियमित रूप से इसका सेवन करेंगे, तो कुछ ही दिनों में आपको फर्क पता चलने लगेगा। अगर आपको हल्दी-दूध पीना पसंद नहीं है, तो हल्दी-दूध का फेसपैक भी लगा सकते हैं। हल्दी एंटीसेप्टिक होता है, जो आपकी त्वचा पर कील-मुहांसे होने से बचाता है।

19. ऑटोइम्यून बीमारियों को ठीक करता है हल्दी और दूध

कभी-कभी कुछ अनजान और अस्पष्ट कारणों से हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली, कोशिकाएं और टिशू प्रतिकूल काम करने लगते हैं, जिससे स्क्लेरोडर्मा (scleroderma), रहूमटॉइड (rheumatoid) और सोरायसिस (psoriasis) जैसे ऑटोइम्यून विकार हो सकते हैं। अध्ययन बताते हैं कि करक्यूमिन टी-रेगुलेटरी कोशिकाओं (T-regulatory cells) के कार्य में सुधार करता है, जो सामान्य रूप से ऑटोइम्यून विकारों को रोकने में अहम भूमिका निभाते हैं (15)। हर रोज गर्म हल्दी-दूध पीने से यह समस्या दूर हो सकती है।

20. सिरदर्द के लिए हल्दी और दूध

आजकल सिरदर्द आम सामान्य समस्या बन चुकी है और कई लोग तो माइग्रेन जैसी बीमारी का भी शिकार होने लगे हैं। इसमें सिर के एक हिस्से में दर्द होता है और कभी-कभी यह दर्द पूरे सिर में भी हो सकता है। यह दर्द एक घंटे से पूरे दिन और 72 घंटे तक रह सकता है। ऐसे में लोग दवाइयां लेने के आदी हो जाते हैं, जिनका आगे चलकर बुरा असर भी पड़ता है। इसलिए, जरूरी है कि कभी-कभी घरेलू उपायों पर भी ध्यान दिया जाए। हल्दी और दूध एक बेहतरीन घरेलू उपाय है। गर्म हल्दी-दूध पीने से सिरदर्द से आराम मिलता है। एक अध्ययन के अनुसार करक्यूमिन (curcumin) के साथ ओमेगा-3 फैटी एसिड लेने से माइग्रेन का दर्द भी कम होता है (16)। इसके अलावा, हल्दी साइनस की परेशानी से भी आराम दिलाता है। इसलिए, अब जब भी आप सिरदर्द से परेशान हों, तो दवा लेने से पहले हल्दी-दूध का सेवन करें।

21. प्रजनन स्वास्थ्य में सुधार

मां बनना किसी भी महिला के लिए खुशी की बात होती है, लेकिन कुछ महिलाएं हॉर्मोनल बदलाव या अन्य कारणों से इस अहसास से वंचित रह जाती हैं। हालांकि, इसके लिए महिलाएं डॉक्टर की सलाह पर दवाइयां लेती हैं, लेकिन इसी के साथ कुछ घरेलू उपाय का भी सहारा लिया जाए, तो इस समस्या का और जल्दी समाधान निकाला जा सकता है। हल्दी में फाइटोएस्ट्रोजन होता है, जो महिलाओं में प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में मदद कर सकता है। यह विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए है, जो हार्मोनल असंतुलन के कारण गर्भधारण नहीं कर सकती हैं। करक्यूमिन (Curcumin) में एस्ट्रोजेनिक प्रभाव पाया गया है, जिस कारण हल्दी वाला दूध महिला प्रजनन स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए एक अच्छा पेय पदार्थ माना गया है (17)।

हल्दी-दूध बनाने की विधि – How To Make Turmeric Milk At Home

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हल्दी वाले दूध पीने के फायदे गिनना मुश्किल है, क्योंकि यह गुणों का खजाना है। इसके एंटीसेप्टिक, एंटीबैक्टीरियल और कई ऐसे गुण हैं, जो स्वास्थ्य और त्वचा दोनों के लिए फायदेमंद हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप हल्दी-दूध बनाने की सही विधि भी जान लें। आप सोच रहे होंगे कि एक कप या एक गिलास गर्म दूध में चुटकीभर हल्दी डाल देने से हल्दी-दूध बन जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं है। इसे बनाने का सही तरीका हम आपको इस लेख में बता रहे हैं। हल्दी-दूध बनाना बहुत आसान होता है। नीचे हम हल्दी-दूध बनाने की आसान विधि आपके साथ शेयर कर रहे हैं।

सामग्री

  • एक चम्मच हल्दी पाउडर
  • एक गिलास दूध
  • शहद (स्वादानुसार)

बनाने और सेवन करने का तरीका

  • सबसे पहले एक सॉसपैन में एक हल्दी का पाउडर डालें।
  • अब इसमें दूध डालकर 10 से 15 मिनट के लिए उबालें।
  • दूध के सामान्य होने पर आप इसमें शहद मिला सकते हैं।
  • फिर इस हल्दी-दूध को छानकर एक गिलास में डाल लें।
  • अधिक लाभ के लिए इस हल्दी-दूध को गरमा-गर्म पिएं।

यह थी हल्दी-दूध बनाने की आसान विधि, लेकिन हम आपको बता दें कि इस गुणकारी घरेलू नुस्खे के कुछ दुष्प्रभाव भी हैं, जिसके बारे में हम आपको नीचे विस्तार से बता रहे हैं।

हल्दी-दूध पीने के पहले कुछ जरूरी चेतावनी

हर चीज का फायदा और नुकसान दोनों होता है। अगर किसी भी चीज का बिना सोचे-समझे जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल किया जाए, तो उसका उल्टा असर हो सकता है। इसलिए, बेहतर है कि आप हल्दी-दूध का सेवन करने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें। नीचे हम कुछ सामान्य, लेकिन ध्यान देने वाली बातों के बारे में आपको जानकारी दे रहे हैं। हल्दी-दूध से जुड़े कुछ दुष्प्रभाव और जोखिम कारक हैं, जिन्हें नजरअंदाज करने पर गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

  1. पहली बार हल्दी-दूध के सेवन से पहले आप यह ध्यान में रखें कि कहीं आपका शरीर नई चीजों के लिए संवेदनशील तो नहीं है। आपको किसी चीज से एलर्जी तो नहीं है, क्योंकि हल्दी वाले दूध का सेवन करने से पहले एलर्जी की जांच कर लेना जरूरी है। जिनको एलर्जी की समस्या है, उन्हें हल्दी-दूध के सेवन से गर्दन, चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों पर रैशेज हो सकते हैं।
  1. कई बार लोग ज्यादा जल्दी फायदे के लिए हल्दी-दूध का अत्यधिक सेवन करने लगते हैं, जिसका उल्टा प्रभाव भी पड़ सकता है। इसके अत्यधिक सेवन से सीने में जलन, अपच, दस्त, मतली व लिवर संबंधित परेशानियां, कम रक्तचाप, एलोपेसिया व मासिक धर्म में गड़बड़ी हो सकती है। इसलिए, इसका सेवन जरूरत के अनुसार ही करें।
  1. जब महिला गर्भवती होती है, तो उनको खाने-पीने का खास ध्यान रखना पड़ता है, क्योंकि गर्भवती महिला जो भी खाएगी, उसका असर गर्भ में पल रहे शिशु पर भी पड़ता है। हालांकि, गर्भावस्था में स्वस्थ चीजों का सेवन करना चाहिए, लेकिन अगर कुछ नई चीज का सेवन कर रहे हैं, तो एक बार डॉक्टर से परामर्श जरूर कर लें। गर्भवती महिला को ज्यादा हल्दी का सेवन नहीं करना, चाहिए क्योंकि इससे गर्भाशय में संकुचन हो सकता है। इससे महिला को वक्त से पहले प्रसव होने का अंदेशा रहता है।
  1. कुछ दवाओं के साथ हल्दी का सेवन करने से दुष्परिणाम हो सकते हैं। अगर आप एंटीकोगुलेंट्स जैसी एस्पिरिन दवा का सेवन कर रहे हैं, तो इसे न लें। नॉन-स्टेरॉइडल एंटीइंफ्लेमेटरी दवा को भी हल्दी के साथ नहीं लेना चाहिए। इसलिए, जब भी आप हल्दी-दूध का सेवन करें, तो पहले अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

यहां हम आपको बता रहे हैं कि दिनभर में कितनी हल्दी लेना स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। चार से सात सप्ताह तक 6 ग्राम करक्यूमिन (curcumin) प्रतिदिन लेना सुरक्षित है। हालांकि, कभी-कभी पेट की समस्या (gastrointestinal upsets) हो सकती है। इसके अलावा, 30 दिन के लिए दिन में दो बार 500 मिलीग्राम करक्यूमिन की खुराक लेते हैं, तो यह भी आपके लिए सुरक्षित है (19)। दिनभर में कितनी हल्दी लें, इस बारे में आप अपने डॉक्टर से पूछ सकते हैं, क्योंकि हर व्यक्ति की शरीर की जरूरत अलग-अलग होती है। हो सकता है कि बच्चों की खुराक बड़ों के लिए कम हो और बुजुर्गों की खुराक किशोर से ज्यादा हो। साथ ही गर्भवती महिला के लिए अलग खुराक हो सकती है।

अब आप हल्दी-दूध के फायदे (turmeric milk benefits in hindi) जान गए हैं और आप यह भी जान चुके हैं कि इसका कब और कितना सेवन करना चाहिए, तो अब स्वस्थ रहने के लिए इसका सेवन जरूर करें। इसके अलावा, जब भी आपको शारीरिक समस्या हो, आप दादी मां के हल्दी और दूध के नुस्खे को अपनी दिनचर्या में शामिल करें और इसके प्रभाव का अनुभव करें। सिर्फ शारीरिक समस्याएं ही नहीं, बल्कि त्वचा की परेशानी दूर करनी हो या त्वचा पर निखार लाना हो, तो भी हल्दी और दूध का सेवन कर अपनी त्वचा में एक नई जान ला सकते हैं। इसके साथ ही हल्दी और दूध पीने के बाद उसके प्रभाव का अनुभव हमारे साथ कमेंट में जरूर शेयर करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मेरी सर्जरी होनी है, तो ऐसे में कब मुझे हल्दी-दूध पीना बंद करना चाहिए?

किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए सर्जरी के दो सप्ताह पहले आप हल्दी-दूध का सेवन बंद कर दें।

अगर मैं पित्ताशय की पथरी (gallbladder stones) से पीड़ित हूं, तो क्या मैं हल्दी वाले दूध का सेवन कर सकता हूं?

अगर आप संतुलित मात्रा में इसका सेवन कर रहे हैं, तो ठीक है, लेकिन अगर आप अधिक मात्रा में सेवन करते हैं, तो समस्या गंभीर हो सकती है।

क्या मैं खून पतला होने पर हल्दी ले सकता हूं?

नहीं, आपको इसका सेवन नहीं करना चाहिए। रक्त पतला होने पर हल्दी या हल्दी-दूध लेना उचित नहीं है, क्योंकि इससे स्थिति बिगड़ सकती है।

हल्दी को अन्य भाषाओं में क्या कहा जाता है?

हिंदी में हल्दी (Haldi), अरबी में हलिब अलकरकुम (Halib Alkarakum) और अफ्रीकी में बोर्री मेल्क (Borrie Melk) कहा जाता है।

अच्छा खाएं और स्वस्थ रहें!

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