हनुमानासन करने का तरीका और फायदे – Hanumanasana (Monkey Pose) Steps And Benefits in Hindi

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योगकोसम्पूर्णस्वास्थ्यकेलिएफायदेमंदमानागयाहै।चाहेदिमागीसेहतकीबातहोयाफिरशारीरिकमजबूतीकी, योगतनऔरमनदोनोंकेलिएलाभदायकबताया जाताहै।यही वजह है कि आज योग के कई आसनों को लोग बेहतर स्वास्थ्य के लिए अपनी दिनचर्या में शामिल करना पसंद करते हैं।इन्हींमेंसेएकहैहनुमानासन।यही वजह है कि स्टाइलक्रेजकेइसआर्टिकलमेंहमहनुमानासनकेफायदे के साथ ही हनुमानासन की विधि भीविस्तार से बता रहे हैं।

शुरू करते हैं लेख

तो आइए सबसेपहलेहम हनुमानासनक्याहै, इस बारे में जान लेते हैं।

हनुमानासन क्या है – What is Hanumanasana in Hindi

हनुमानासनमेंदोशब्दमिलेहुएहैं।पहलाहैहनुमानऔरदूसराहैआसन।मानाजाताहैकिजबहनुमानजीमातासीताकीखोजमेंछलांगलगाकरसमुद्रकोलांघरहेथे, तबउनकाएकपैरआगेकीओरऔरदूसरापैरपीछेकीओरथा।इसीस्थिति पर यह आसन आधारित है।इसआसनकोकरनेवालेव्यक्तिकीस्थितिभीऐसीहीहोतीहै, जिसमें उसकाएकपैरपूराआगेकीओरफैलाहोताहैऔरदूसरापीछेकीओर फैला रहता है।इसअवस्थामेंव्यक्ति की आकृति अंग्रेजीवर्णमालाके उलटेटी(T) जैसीदिखाईदेती है।

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आर्टिकलकेइसहिस्सेमेंहमविस्तार से हनुमानासनकेफायदेसमझने का प्रयास करेंगे।

हनुमानासन के फायदे – Benefits of Hanumanasana in Hindi

सेहतकेलिएहनुमानासन योगकेफायदे कईहैं, जिनकेबारेमेंहमयहांबतारहेहैं। उससे पहले यह समझ लेना जरूरी है कि यह योग केवल नीचे दी गई समस्याओं में राहत पहुंचा सकता है, पूर्ण इलाज डॉक्टरी परामर्श पर ही निर्भर करता है।

1. मांशपेशियों को मजबूत करे

कमजोरमांसपेशियोंकोमजबूतकरनेकेलिएहनुमानासनयोगफायदेमंदहोसकताहै।यह बात योग से संबंधित एक शोध से स्पष्ट होती हैं।इस शोध में मांसपेशियों की मजबूती पर योग के प्रभाव को जानने के लिए कई योगासनों को शामिल किया गया, जिसमेंसे हनुमानासनभी एक है।शोध में माना गया कि इन सभी आसनों को करने से मांसपेशियों में खिंचाव पैदा होता है, जिस कारण उन्हें मजबूती मिलती है (1)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि हनुमानासन का अभ्यास मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद कर सकता है।

2. शरीर को फ्लेक्सिबल बनाए

मांसपेशियोंकीमजबूतीकेसाथहीहनुमानासनयोगकरनेकाएकफायदायहभीहैकियहशरीरकोफ्लेक्सिबलयानीलचीलाबनानेमेंभीमददगारहोसकताहै।योग से जुड़े एक रिसर्चकेअनुसारनियमितरूपसेहनुमानासनकरनेसेशरीरकोलचीलायानीफ्लेक्सीबलबनायाजासकताहै (1)

3. एकाग्रता बढ़ाए

हनुमानासनका अभ्यास करनेपरव्यक्ति की एकाग्रताभी बढ़ती है।इस बात का इशारा योग के कुछ आसनों पर किए गए एक शोध से मिलता है। शोध में माना गया कि हनुमानासन का नियमित अभ्यास करने से शारीरिक फुर्ती और संतुलन को बनाए रखने के साथ ही व्यक्ति की एकाग्रता (किसी चीज पर ध्यान लगाने की क्षमता) भी बढ़ती है (2)

4. रक्तसंचार में सुधार करे

हनुमानासनकरनेसेरक्तसंचारमेंसुधारलाकरउसेबेहतरबनायाजासकताहै।एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध से यह बात स्पष्ट होती है। शोध में जिक्र मिलता है कि हनुमानासन का अभ्यास शरीर के तापमान को कम कर ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद कर सकता है(3)।इसरिसर्चकेअनुसारहमकहसकतेहैंकिहनुमानासनका अभ्यास रक्त संचारमेंसुधार कर हाई बीपी की समस्या से राहत दिलाने में मदद कर सकता है।

5. तनाव को दूर करने में मददगार

लेख में आपको पहले ही बताया जा चुका है कि हनुमानासन का अभ्यास रक्त संचार में सुधार कर हाई बीपी की समस्या से राहत दिला सकता है। वहीं एक अन्य शोध में जिक्र मिलता है कि हाई बीपी का मुख्य कारण मानसिक दबाव और तनाव होता है, जिसे कम करने में कई योगासन लाभदायक साबित हो सकते हैं। इन योगासनों में हनुमानासन भी शामिल है (4)।इसआधारयह माना जा सकता है कि हनुमानासनतनावकोकम करने में भी काफी सहायक हो सकता है।

6. वजन को कम करे

बढ़ते वजन की समस्या को ठीक करने में भी कुछ हद तक हनुमानासन का अभ्यास लाभकारी हो सकता है।यह बात दो अलग-अलग शोध से स्पष्ट होती है। दरअसल, एक शोध में माना गया है कि स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने से बढ़ते हुए वजन को कम करने में मदद मिल सकती है (5)। वहीं हनुमानासन एक तरह की स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज ही है (6)

इसके अलावा एक अन्य शोध में सीधे तौर पर इस बात को माना गया है कि हाई बीपी के कारण मोटापे का जोखिम अधिक हो सकता है। वहीं शोध में यह भी माना गया है कि हनुमानासन हाई बीपी को नियंत्रित कर इसके कारण होने वाले मोटापे के जोखिम को कम कर सकता है (4)। इन सभी तथ्यों को देखते हुए यह माना जा सकता है कि हनुमानासनकुछ हद तक मोटापे से राहत दिलाने में मदद कर सकता है।

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आर्टिकलकेइसहिस्सेमेंहमहनुमानासनकीविधिकेबारेमें बताएंगे।

हनुमानासन योग मुद्रा करने का तरीका – Steps to do Hanumanasana in Hindi

हनुमानासनयोगकेफायदेतोआपनेजानहीलिएहैं, यहांहमआपकोबतारहेहैंहनुमानासनकीविधि।

  • सबसेपहलेयोगमैटकोफर्शपरबिछाकरउसपरघुटनेकेबलबैठजाएं।
  • ध्यानरहेकिघुटनोंकेमध्यथोड़ी दूरी रखें।
  • अबधीरेधीरेसांसलेंऔरदाएंपैरकेनिचलेहिस्सेकोउठाएं औरआगेकीओरबढ़ाकररखें।
  • ध्यानरहें कि इस दौरान दाएं पैर की एड़ीफर्शकोछू रही हो।
  • अबसांसछोड़तेहुएअपनेधड़कोआगेकीओरझुकाएंऔरउंगलियोंसेफर्शकोछुएं।
  • इसकेबादआरामआरामसेबायांघुटनापीछेकीओरलेजाएं।
  • इसअवस्थामेंबाएंपैरके पंजे का अगला हिस्सा और घुटनाफर्शको छूनेलगेगा।
  • फिर अपनीउंगलियोंकासहारालेकरदायांपैरआगेकीतरफथोड़ाऔरखींचनेकीकोशिशकरें।
  • साथहीबायांपैरपीछेकीतरफखींचनेकाप्रयासकरें।
  • अबदोनोंहाथोंकोप्रणामकीमुद्रामेंलाएं और सिरकेऊपरउठाएं।
  • इसके बाद अपनेदोनोंहाथोंकोसांसलेतेहुएऊपरकीओरखींचें।
  • ध्यानरहेकिइस स्थिति में कमर, गर्दनऔरहाथबिल्कुल सीधे होने चाहिए।
  • इसअवस्थामेंएकमिनटयाफिरजितनीसहूलियाहोबनेरहें।
  • आसनसेबाहरआनेकेलिएहाथोंसे फर्शको मजबूतीसेदबाएं।
  • फिरएक-एकपैरकोबारी-बारीवापसखींचतेहुएपहलेकीअवस्थालाएं, यानीघुटनेकेबलआजाएं।
  • अबयही प्रक्रिया बाएंपैरकोआगेरखते हुए दोहराएं।
  • इसप्रकारप्रत्येकपैरकोआगेरखकरइसेकमसेकम5 बार इस आसन का अभ्यास करें।

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हनुमानासनकीविधिकेबादजानतेहैंशुरुआतमेंकरनेवालोंकेलिएहनुमानासनयोगकीटिप्स।

शुरुआती लोगों के लिए हनुमानासन करने की टिप – Beginner’s Tip to do Hanumanasana in Hindi

शुरुआतमेंकिसीभीआसनकोकरनेकेपहलेउससेजुड़ीकुछबातोंकोध्यानमेंरखनाजरूरीहोताहै।यहांहमबतारहेहैं, शुरुआतमेंहनुमानासनयोगकरनेवालोंकेलिएकुछटिप्स, जो कुछ इस प्रकार हैं :

  • सबसेपहलीबाततोयहहैकिइसआसनकोपहलीबारकिसीयोगगुरुयाफिरएक्सपर्टकेसामनेउनकेमार्गदर्शनमेंही करें।
  • यदियहआसनकरतेसमयबैलेंसबनानेमेंकठिनाईहोरहीहै, तोदोनोंओरकुर्सीरखकरहाथों से उनकासहारालियाजासकताहै।
  • इसकाअभ्यासआराम-आरामसेकरनाचाहिए।
  • इसेकरनेकेपहलेथोड़ावर्मअपकरनाजरूरीहै।
  • इसआसनकोबहुतजल्दीजल्दीनकरें।
  • यदिखुदसेशरीरकासंतुलनबनरहाहै, तोकुर्सीकासहारालेनेसेबचना चाहिए।

आगेपढ़ेंकुछखास

हनुमानासनयोगकरनेकीटिप्सकेबादहनुमानासन से पूर्व की सावधानियोंके बारे में जान लेते हैं।

हनुमानासन योग के लिए कुछ सावधानियाँ – Precautions for Hanumanasana in Hindi

हनुमानासनयोगकरनेकेपहलेकुछसावधानियोंके बारे में भी जाननाजरूरीहै, जिन्हेंअपनाकरइसकेकारणहोनेवालेनुकसानसेबचाजासकता है।

  • जिन्हेंरीढ़कीहड्डी, गर्दन, कंधे, घुटनेऔर कमरमेंदर्द होवेइसआसनकोनकरें।
  • गंभीररूप से बीमार होनेपरभीइसआसनकरनेसेबचनाचाहिए।
  • स्लिपडिस्ककीसमस्यावालोंकोइसआसनकोन करने की सलाह दी जाती है।
  • आर्थराइटिसयानीगठिया होनेपरइसकाअभ्यासदीवारकासहारालेकरहीकरें।
  • हाईब्लडप्रेशर केमरीजोंकोइस आसन का अभ्यास डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए।
  • शुरुआतमेंइसआसनकोयोगगुरुयाट्रेनरकेदेखरेखमेंकरें।
  • साइटिकाकीसमस्या मेंभीइसेनहींकरनाचाहिए।
  • हनुमानासनयोगकरनेकेदौरानकिसीभीप्रकारकीसमस्याहोनेपरडॉक्टरकोजरूरदिखाएं। 

लेख के माध्यम से आप यह तो समझ ही गए होंगे कि शरीरकेसाथहीदिमागकोसंतुलितरखनेकेलिएभी हनुमानासनयोगलाभकारी है।इसआसनकोएडवांसआसनतकनीकोंमेंशामिलकियाजाताहै।इसलिएशुरुआतमेंइसेकरनेमेंकठिनाईका अनुभवहोसकता है, लेकिनथोड़े अभ्यास के बाद इस आसन को आसानी से किया जा सकता है।मगर, इसे करने से पूर्व इस आसन से जुड़ी इस लेख में दी गई सावधानियोंऔरटिप्सकोजरूर ध्यान में रखें।उम्मीद है, यह लेख बेहतर स्वास्थ्य को बनाए रखने में काफी उपयोगी साबित होगा। ऐसे ही अन्य विषयों के बारे में जानने के लिए पढ़ते रहें स्टाइलक्रेज।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

हनुमानासन किन्हें नहीं करना चाहिए?

गंभीररूपसेबीमारहोने या गर्दन, रीढ़ और कमर में दर्द की स्थिति में यहआसननहींकरनाचाहिए।वहीं गठिया और साइटिका की समस्या से ग्रस्त व्यक्ति को इस आसन को न करने की सलाह दी जाती है।

क्या हनुमानासन पेट की चर्बी को कम कर सकता है?

हनुमानासनपेटकीचर्बी कोकमकरसकताहै, इसविषयपरफिलहालशोधकीकमीहै।मगर, दो अलग-अलग रिसर्चसेइसबातका इशारा मिलता हैकियह आसनवजनकमकरनेकेसाथहीपेटकीचर्बीकोकमकरने में भी मदद कर सकताहै (5) (6)

हनुमानासन योग कितनी बार कर सकते हैं?

एक बार में हनुमानासनयोगके करीब 5 चक्र किए जा सकते हैं।इस बारें में लेख में पहले ही बताया जा चुका है।

6 संदर्भ (Sources):

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सरल जैन ने श्री रामानन्दाचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, राजस्थान से संस्कृत और जैन दर्शन में बीए और डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ से पत्रकारिता में बीए किया है। सरल को इलेक्ट्रानिक मीडिया का लगभग 8 वर्षों का एवं प्रिंट मीडिया का एक साल का अनुभव है। इन्होंने 3 साल तक टीवी चैनल के कई कार्यक्रमों में एंकर की भूमिका भी निभाई है। इन्हें फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, एडवंचर व वाइल्ड लाइफ शूट, कैंपिंग व घूमना पसंद है। सरल जैन संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी व कन्नड़ भाषाओं के जानकार हैं।

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