हरी मिर्च के 17 फायदे, उपयोग और नुकसान – Green Chili Benefits, Uses and Side Effects in Hindi

by

हरी मिर्च व लाल मिर्च के बिना व्यंजनों की दुनिया अधूरी है। यह अपने तीखेपन के लिए जानी जाती है और इसे खाने का जायका बढ़ाने के लिए प्रयोग में लाया जाता है। कई व्यंजनों के साथ ही हरी मिर्च का अचार भी बहुत चाव से खाया जाता है। हरी मिर्च की खासियत सिर्फ तीखेपन तक सीमित नहीं है, बल्कि कई वैज्ञानिकों शोध में इसके औषधीय गुणों की पुष्टि हुई है। हरी मिर्च के इन तमाम गुणों की चर्चा हम इस लेख में करने जा रहे हैं। हमारे साथ जानिए हरी मिर्च के फायदे और इसे इस्तेमाल करने के विभिन्न तरीकों के बारे में। साथ ही हम हरी मिर्च खाने के नुकसान के बारे में भी विस्तार से बताएंगे। हरी मिर्च स्वस्थ रखने के साथ-साथ बीमारी की अवस्था में कुछ लक्षणों को कम भी कर सकती है, लेकिन इसे किसी बीमारी का इलाज नहीं समझा जा सकता। इसलिए, अगर कोई गंभीर रूप से बीमारी है, तो उसे डॉक्टर से इलाज करवाना चाहिए।

स्क्रॉल करें

आर्टिकल में सबसे पहले हम बता रहे हैं हरी मिर्च खाने के फायदे के बारे में।

हरी मिर्च के फायदे – Benefits of Green Chili in Hindi

हरी मिर्च में पाए जाने वाले औषधीय गुण और पौष्टिक तत्वों के कारण यह सेहत के लिए कई प्रकार से फायदेमंद हो सकती है। यहां हम आपको हरी मिर्च के फायदे के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

1. इम्यूनिटी बूस्ट करने के लिए हरी मिर्च खाने के फायदे

कमजोर प्रतिरक्षा यानी इम्यूनिटी के कारण सर्दी-जुकाम, एलर्जी या शारीरिक कमजोरी की समस्या हाे सकती है। ऐसे में हरी मिर्च का उपयोग प्रतिरक्षा प्रणाली को सुधारने में फायदेमंद हो सकता है। शोध में पाया गया कि हरी मिर्च में विटामिन-ए, विटामिन-सी, आयरन, पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। हरी मिर्च में पाए जाने वाले ये पोषक तत्व प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाने में फायदेमंद हो सकते हैं। इस तथ्य की पुष्टि एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की साइट पर उपलब्ध रिसर्च पेपर से होती है (1)।

2. हृदय के स्वास्थ्य के लिए हरी मिर्च के फायदे

हृदय को स्वस्थ रखने के लिए भी हरी मिर्च का उपयोग किया जा सकता है। एनसीबीआई की ओर से उपलब्ध शोध में पाया गया है कि हरी मिर्च में कैप्साइसिन नामक कंपाउंड पाया जाता है। यह कंपाउंड हृदय रोगों की समस्या को दूर करने और हृदय को सुरक्षा देने में फायदेमंद हो सकता है (2)।

3. मधुमेह की समस्या में

रक्त में ग्लूकोज का स्तर बढ़ने पर मधुमेह की समस्या हो सकती है। इस समस्या को दूर करने के लिए हरी मिर्च फायदेमंद हो सकती है। हरी मिर्च में कैप्साइसिन नामक कंपाउंड पाया जाता है, जैसा कि ऊपर भी बताया जा चुका है। एक वैज्ञानिक शोध में पाया गया है कि कैप्साइसिन नामक कंपाउंड में एंटीडायबिटिक गुण पाया जाता है। यह गुण मधुमेह को कम करने में मददगार हो सकता है। यह शोध पेपर एनसीबीआई की साइट पर उपलब्ध है (2)। अगर कोई मरीज मधुमेह की दवा ले रहा है, तो वो हरी मिर्च का सेवन डॉक्टर से पूछकर ही करे।

4. एंटीऑक्सीडेंट से है भरपूर

हरी मिर्च एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होती है। एंटीऑक्सीडेंट का प्रभाव ऑक्सीकरण को रोक सकता है। ऑक्सीकरण एक रासायनिक प्रतिक्रिया है, जो फ्री रेडिकल्स का उत्पादन कर सकती है, जिससे कोशिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है। इसके अलावा, यह गुण ऑक्सीडेटिव स्ट्रैस को भी दूर करने में मददगार हो सकता है, जो पुरानी बीमारियों जैसे – अस्थमा, मधुमेह और अल्जाइमर के बढ़ने का कारण बनते हैं (3) (4)।

5. पाचन क्षमता को करे दुरुस्त

पाचन क्रिया को सुचारू रूप से चलाने में भी हरी मिर्च अहम भूमिका निभा सकती है। शोध के अनुसार, हरी मिर्च गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल विकार पर सकारात्मक प्रभाव दिखा सकती है। दरअसल, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल विकारों में अपच के लक्षण, दस्त और कब्ज जैसी समस्याएं शामिल हैं, जो बिगड़े हुए पाचन तंंत्र का परिणाम होती हैं। शोध में पाया गया है कि मिर्च में कैप्साइसिन नामक कंपाउंड पाया जाता है। कैप्साइसिन गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल की समस्या को दूर करने में मददगार हो सकता है (5)। एक अन्य शोध में पाया गया है कि हरी मिर्च में कैप्सिकम नामक पदार्थ पाया जाता है, जो पाचन क्षमता को सुधारने में मदद कर सकता है (6)।

6. वजन कम करने में हरी मिर्च के फायदे

माेटापे के कारण स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। हरी मिर्च का उपयोग मोटापे की समस्या से छुटकारा दिलाने में फायदेमंद हो सकता है। एनसीबीआई की ओर से उपलब्ध शोध के अनुसार, हरी मिर्च में पाया जाने वाला कंपाउंड कैप्साइसिन इस समस्या से छुटकारा दिलाने में मददगार हो सकता है। दरअसल, कैप्साइसिन में एंटीओबेसिटी गुण होता है। यह गुण मोटापे को दूर करने के साथ ही वजन को नियंत्रित करने में भी फायदेमंद हो सकता है (2)।

7. रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए हरी मिर्च खाने के फायदे

बढ़ता हुआ रक्तचाप हृदय की समस्या के साथ ही कई समस्याओं का कारण बन सकता है। हरी मिर्च में पाया जाने वाला कैप्साइसिन इस समस्या को दूर करने में फायदेमंद हो सकता है। इसमें एंटीहाइपरटेंसिव गुण पाया जाता है। यह गुण रक्तचाप को नियंत्रित करने में फायदेमंद हो सकता है (2) (7)।

8. आंखें के लिए हरी मिर्च के फायदे

आंखों को स्वस्थ रखने के लिए हरी मिर्च फायदेमंद हो सकती है। शोध में पाया गया है कि हरी मिर्च में ल्यूटिन और जेक्सैंथिन जैसे पोषक तत्वों के साथ ही एंटीऑक्सीडेंट गुण पाया जाता है। हरी मिर्च में पाए जाने वाले ये गुण और पोषक तत्व आंखों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। यह उम्र से संबंधित मैक्यूलर डिजनरेशन (एक आंख की बीमारी) की समस्या को कुछ हद तक कम करने में मददगार हो सकते हैं (8)।

9. तनाव को दूर करने के लिए

हरी मिर्च मूड ठीक करने और तनाव को दूर करने में भी फायदेमंद हो सकती है। जानवरों पर हुए शोध से इस बात का पता चलता है। शोध में पाया गया कि मिर्च में पाया जाने वाला कैप्साइसिन नामक कंपाउंड तनाव कम करने और मूड़ को ठीक करने में फायदेमंद हो सकता है (9)। हालांकि, इस विषय पर अधिक शोध उपलब्ध नहीं है।

10. बैक्टीरियल संक्रमण

हरी मिर्च बैक्टीरिया के कारण होने वाले संक्रमण को दूर करने में भी मददगार हो सकती है। शोध के अनुसार, इसके कैप्साइसिन नामक घटक में एंटी बैक्टीरियल, एंटीवायरल और एंटी माइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं। इसमें पाए जाने वाले ये गुण बैक्टीरिया की समस्या और इससे होने वाले संक्रमण को दूर करने में मदद कर सकते हैं (10)।

11. हड्डियों और दांतों के लिए

हरी मिर्च खाने के फायदे में हड्डियों और दांतों को स्वस्थ रखना भी शामिल है। माना जाता है कि हरी मिर्च में विटामिन-सी की अच्छी मात्रा पाई जाती है। विटामिन-सी हड्डियों और दांतो के रखरखाव में फायदेमंद होता है। साथ ही यह इनको मेंटेन करने में मददगार हो सकता है (11)। एक अन्य शोध से भी पता चला है कि हरी मिर्च के मुख्य कंपाउंड कैप्साइसिन का इस्तेमाल कुछ क्रीम में भी किया जाता है, जिसे लगाने से ऑस्टियोपोरोसिस का दर्द कुछ कम हो सकता है (12)।

12. कैंसर

कैंसर एक घातक बीमारी है। हरी मिर्च कैंसर जैसी घातक बीमारी से बचाने में फायदेमंद हो सकती है। यहां भी हरी मिर्च में मौजूद कैप्साइसिन की भूमिका देखी जा सकती है। रिपोर्ट के अनुसार कैप्साइसिन एक कारगर एंटी कैंसर के रूप में काम कर सकता है (2)। इस गुण के बावजूद हरी मिर्च को कैंसर का उपचार नहीं माना जा सकता है। यह सिर्फ कैंसर से बचाने में कुछ हद तक मदद कर सकता है। कैंसर की रोकथाम के लिए डॉक्टर द्वारा दिया गया ट्रीटमेंट ही फायदेमंद हो सकता है।

13. गठिया में लाभ

गठिया की समस्या के कारण जोड़ों में दर्द और सूजन की समस्या हो सकती है। इस समस्या की रोकथाम करने के लिए हरी मिर्च का उपयोग फायदेमंद हो सकता है। हरी मिर्च में एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटी-अर्थराइटिस (anti-arthritic) गुण पाया जाता है। हरी मिर्च में पाया जाने वाला एंटीइंफ्लेमेटरी गुण सूजन की समस्या को दूर करने में मददगार हो सकता है। वहीं, एंटी-अर्थराइटिस गुण गठिया की समस्या को कुछ हद तक दूर करने में मददगार हो सकता है (13)।

14. मस्तिष्क स्वास्थ्य

मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए भी हरी मिर्च का उपयोग किया जा सकता है। शाेध में पाया गया कि हरी मिर्च में कैप्साइसिन पाया जाता है। यह मस्तिष्क की कार्यप्रणाली और अल्जाइमर की समस्या में फायदेमंद हो सकता है (14)। फिलहाल, इस विषय पर और शोध की आवश्यकता है।

15. सर्दी और साइनस

आम सर्दी और साइनस से लड़ने में हरी मिर्च आपकी मदद कर सकती है। यहां हरी मिर्च में मौजूद कैप्साइसिन का महत्वपूर्ण योगदान देखा जा सकता। एक रिपोर्ट के अनुसार, लगातार दो हफ्ते तक कैप्साइसिन नोज स्प्रे का इस्तेमाल राइनाइटिस (बंद नाक) पर प्रभावी असर छोड़ सकता है (15)।

16. त्वचा के लिए

त्वचा के लिए भी हरी मिर्च के फायदे कई हैं। हरी मिर्च विटामिन-सी जैसे एंटीऑक्सीडेंट से समृद्ध होती है, जिसे त्वचा के स्वास्थ्य के लिए खास पोषक तत्व माना जाता है। विटामिन-सी त्वचा में कोलेजन को बढ़ाने का काम करता है। विटामिन-सी का प्रयोग त्वचा को चमकाने, एंटी-एजिंग और सूरज की हानिकारक किरणों से बचाव वाले कॉस्मेटिक उत्पादों में भी किया जाता है (16) (6)।

17. बालों के लिए फायदेमंद

सेहत और त्वचा के साथ ही हरी मिर्च का उपयोग बालों के विकास में भी फायदेमंद हो सकता है। इसमें पाया जाने वाला कैप्साइसिन कंपाउंड गंजेपनी की समस्या को दूर करने और बालों की ग्रोथ को बढ़ाने में फायदेमंद हो सकता है (17)।

पढ़ते रहें यह आर्टिकल

आर्टिकल के इस हिस्से में हम बता रहे हैं हरी मिर्च में पाए जाने वाले पोषक तत्वों के बारे में।

हरी मिर्च के पौष्टिक तत्व – Green Chili Nutritional Value in Hindi

हरी मिर्च में पाए जाने वाले पोषक तत्वों के कारण ही यह सेहत के लिए कई प्रकार से फायदेमंद हो सकती है, जिसकी जानकारी हम आपको ऊपर दे चुके हैं। यहां आगे हम हरी मिर्च में पाए जाने वाले पोषक तत्वों के बारे में बता रहे हैं (18)।

पोषक तत्वमात्रा प्रति 100 ग्राम
पानी87.74 ग्राम
कैलोरी40 kcal
ऊर्जा167 किलोजूल
प्रोटीन2 ग्राम
फैट0.2 ग्राम
कार्बोहाइड्रेट9.46 ग्राम
फाइबर1.5 ग्राम
शुगर5.1 ग्राम
कैल्शियम18 मिलीग्राम
आयरन1.2 मिलीग्राम
मैग्नीशियम25 मिलीग्राम
फास्फोरस46 मिलीग्राम
पोटैशियम340 मिलीग्राम
सोडियम7 मिलीग्राम
जिंक0.3 मिलीग्राम
कॉपर0.174 मिलीग्राम
मैंगनीज0.237 मिलीग्राम
सेलेनियम0.5 माइक्रोग्राम
विटामिन-सी242.5 मिलीग्राम
थियामिन0.09 मिलीग्राम
राइबोफ्लेविन0.09 मिलीग्राम
नियासिन0.95 मिलीग्राम
फोटोथेनिक एसिड0.061 मिलीग्राम
विटामिन-बी60.278 मिलीग्राम
फोलेट23 माइक्रोग्राम
कोलिन11.1 माइक्रोग्राम
विटामिन-ए, RAE59 माइक्रोग्राम
बीटा कैरोटिन671 माइक्रोग्राम
विटामिन-ए IU1179 IU
ल्यूटिन + जेक्सैंथिन725 माइक्रोग्राम
विटामिन ई0.69 मिलीग्राम
फैटी एसिड टोटल सैचुरेटेड0.021 ग्राम
फैटी एसिड टोटल मोनोअनसैचुरेटेड0.011 ग्राम
फैटी एसिड टोटल पोलीअनसैचुरेटेड0.109 ग्राम

आगे जाने कुछ खास

हरी मिर्च के फायदे और इसमें मौजदू पौष्टिक तत्वों के बाद नीचे जानिए इसके इस्तेमाल के बारे में।

हरी मिर्च का उपयोग – How to Use Green Chili in Hindi

खाने के लिए हरी मिर्च का उपयोग विभिन्न तरीके से किया जा सकता है। नीचे जानिए, आप किस प्रकार हरी मिर्च को अपने आहार में शामिल कर सकते हैं :

  • हरी मिर्च का अधिकतर इस्तेमाल सब्जी व दाल बनाने के लिए किया जाता है, जहां हल्के और ज्यादा तीखेपन की जरूरत होती है। आप जरूरत के हिसाब से मिर्च की संख्या बढ़ा सकते हैं।
  • खाने के साथ कच्ची मिर्च का प्रयोग सलाद में किया जाता है। जिन्हें ज्यादा तीखा खाना पसंद है, वो कच्ची मिर्च दोपहर या रात के भोजन के साथ ले सकते हैं।
  • आप तली हुई मिर्च का सेवन भी भोजन के साथ कर सकते हैं। इसके लिए आप मिर्च को बीच में से हल्का लंबा काट लें और हल्का नमक छिड़कर तेल में अच्छी तरह फ्राई कर लें।
  • इसके अलावा, आप हरी मिर्च का अचार भी बना सकते हैं, जिसकी विधि हम आपको नीचे बता रहे हैं।

हरी मिर्च का अचार रेसिपी (Hari mirch ka achaar)

सामग्री :

  • 1 कप हरी मिर्च, 1 टुकड़ों में कटी हुई
  • 1 बड़ा चम्मच सौंफ के बीज
  • 2 चम्मच मेथी के बीज
  • 1 छोटा चम्मच जीरा
  • 1 बड़ा चम्मच सरसों के दाने या राई के दाने
  • 1 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
  • 1/4 चम्मच हींग
  • 1/4 कप सरसों का तेल
  • डेढ़ चम्मच सिरका
  • 2 चम्मच नमक

विधि :

  • हरी मिर्च का अचार बनाने के लिए एक छोटे चौड़े नॉन-स्टिक पैन में सौंफ के बीज, मेथी के बीज, जीरा व सरसों के बीज को मिलाएं और मध्यम आंच पर 1 मिनट तक भूनें।
  • फिर इस मिश्रण को ठंडा करें और मिक्सी में बारीक पीस लें।
  • मिश्रण को एक गहरी कटोरी में निकाल लें और उसमें बाकी सभी सामग्रियां अच्छी तरह मिला दें।
  • आपका हरी मिर्च का आचार तैयार है। इसे एक एयर-टाइट कंटेनर में स्टोर करके रखें।

बने रहें हमारे साथ

हरी मिर्च के अचार की विधि के बाद जानते हैं हरी मिर्च और लाल मिर्च के बीच के अंतर के बारे में।

हरी मिर्च और लाल मिर्च में से कौन सी मिर्च बेहतर है?

लाल मिर्च के मुकाबले हरी मिर्च फायदेमंद हो सकती है। जहां एक ओर हरी मिर्च अल्सर और कैंसर की समस्या में लाभदायक मानी गई है वहीं लाल मिर्च इन दोनों समस्याओं का कारण बन सकती है (19)।

आइए, अब जान लेते हैं कि अधिक सेवन से हरी मिर्च के नुकसान क्या-क्या हो सकते हैं।

हरी मिर्च के नुकसान – Side Effects of Green Chili in Hindi

हरी मिर्च एक गुणकारी खाद्य पदार्थ है, जो कई तरह से आपको लाभ पहुंचा सकती है, लेकिन इसका अधिक सेवन कई समस्याओं का कारण बन सकता है। यहां हम बता रहे हैं हरी मिर्च के नुकसान के बारे में (19)।

  • जिन्हें ज्यादा तीखा पसंद नहीं और जो ज्यादा संवेदनशील होते हैं, उनके लिए हरी मिर्च का अधिक सेवन नुकसानदायक हो सकता है।
  • हरी मिर्च की अधिक मात्रा के कारण टॉक्सिक की समस्या हो सकती है।
  • कुछ हरी मिर्च बहुत ज्यादा तीखी होती हैं, जो मुंह में अधिक जलन पैदा कर सकती हैं। 

ये थे हरी मिर्च से होने वाले सबसे कारगर स्वास्थ्य लाभ। अगर किसी को लेख में बताई गई कोई भी समस्या है, तो वो डॉक्टर की सलाह पर नियमित रूप से हरी मिर्च का सेवन शुरू कर सकता है। साथ ही इस बात का ध्यान रखें कि अगर इसके इस्तेमाल के दौरान कुछ शारीरिक समस्याएं नजर आती हैं, तो इसके सेवन पर रोक लगाएं और डॉक्टर से संपर्क करें। आशा है कि यह लेख आपको पसंद आया होगा। सेहत से जुड़ी और अधिक जानकारी के लिए स्टाइलक्रेज के साथ बने रहिए।

यहां हम हरी मिर्च से जुड़े कुछ पाठकों के सवाल भी लेकर आए हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या हरी मिर्च स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है?

सीमित मात्रा में हरी मिर्च सेहत के लिए फायदेमंद हो सकती है, लेकिन इसका अधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इसके नुकसान हमने ऊपर लेख में बताए हैं।

क्या हरी मिर्च पिंपल्स का कारण बनती है?

नहीं, इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो पिंपल्स का कारण बनने वाले बैक्टीरिया के प्रभाव को कम करने में मदद कर सकते हैं।

हरी मिर्च एसिडिक है या क्षारीय है?

हरी मिर्च तीखी होती है इसलिए यह क्षारीय है।

क्या हरी मिर्च से अल्सर होता है?

नहीं, हरी मिर्च में एंटी अल्सर गुण पाए जाते हैं, जो अल्सर की समस्या से बचाने में मददगार हाे सकते हैं (19)।

बहुत ज्यादा हरी मिर्च खाने से क्या हो सकता है?

बहुत ज्यादा हरी मिर्च खाना मुंह में जलन और टॉक्सिक का कारण बन सकता है (19)।

कितनी हरी मिर्च ज्यादा हो सकती है?

एक या दो हरी मिर्च खाना ही पर्याप्त होता है। इससे ज्यादा यह हानिकारक हो सकती है।

क्या हरी मिर्च लीवर के लिए अच्छी है?

हां, सीमित मात्रा में खाई गई हरी मिर्च लीवर के लिए फायदेमंद हो सकती है (19), लेकिन अधिक मात्रा हानिकारक हो सकती है।

19 संदर्भ (Sources):

Stylecraze has strict sourcing guidelines and relies on peer-reviewed studies, academic research institutions, and medical associations. We avoid using tertiary references. You can learn more about how we ensure our content is accurate and current by reading our editorial policy.

और पढ़े:

Was this article helpful?
The following two tabs change content below.

Saral Jain

सरल जैन ने श्री रामानन्दाचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, राजस्थान से संस्कृत और जैन दर्शन में बीए और डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ से पत्रकारिता में बीए किया है। सरल को इलेक्ट्रानिक मीडिया का लगभग 8 वर्षों का एवं प्रिंट मीडिया का एक साल का अनुभव है। इन्होंने 3 साल तक टीवी चैनल के कई कार्यक्रमों में एंकर की भूमिका भी निभाई है। इन्हें फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, एडवंचर व वाइल्ड लाइफ शूट, कैंपिंग व घूमना पसंद है। सरल जैन संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी व कन्नड़ भाषाओं के जानकार हैं।

ताज़े आलेख

scorecardresearch