हेजलनट्स के फायदे और नुकसान – Hazelnuts Benefits and Side Effects in Hindi

Medically Reviewed By Neha Srivastava (Nutritionist), Nutritionist
Written by

आपने कई तरह के नट्स का सेवन किया होगा, लेकिन हेजलनट्स के बारे में शायद ही कभी पढ़ा या सुना होगा। यह भी एक प्रकार का नट होता है। हेजलनट्स का स्वाद हल्का मीठा होता है और यह रंग में पीला व भूरा दिखाई देता है। इसका सेवन कई तरह के बीमारियों को दूर रखने में मदद कर सकता है, लेकिन यह किसी बीमारी का सटीक इलाज नहीं हो सकता। गंभीर बीमारी की अवस्था में मेडिकल ट्रीटमेंट लेना ही उचित उपाय है। स्टाइलक्रेज के इस लेख के माध्यम से जाने हेजलनट्स का उपयोग करने का तरीका और हेजलनट्स के फायदे के साथ ही हेजलनट्स के नुकसान।

आइए, जानते हैं कि हेजल नट्स के फायदे क्या-क्या हैं।

हेजलनट्स के फायदे – Benefits of Hazelnuts in Hindi

हेजलनट्स कई तरह के लाभकारी पोषक तत्वों से समृद्ध होते हैं, जिसे खाने से शरीर को विभिन्न प्रकार से लाभ होता है।

1. एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर

एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक वैज्ञानिक शोध में बताया गया है कि हेजलनट्स के अर्क में फैनोलिक कंपाउंड पाए जाते हैं। ये कंपाउंड एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करते हैं। इसलिए, हेजलनट्स को एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर कहा जा सकता है, जो कई समस्याओं से निजात दिलाने में मदद कर सकते हैं (1)। एंटीऑक्सीडेंट शरीर के सेल्स को नुकसान होने से बचाने का काम करते हैं। इसके अलावा, एंटीऑक्सीडेंट हृदय संबंधी और कैंसर से जुड़ी समस्या को दूर रखने में भी मदद कर सकते हैं (2)।

2. स्वस्थ हृदय के लिए

हेजलनट्स को एक स्वस्थ आहार माना जा सकता है। इसमें कई जरूरी पोषक तत्वों, हेल्दी फट्स और ओमेगा 3 फैटी एसिड पाए जाते हैं, जो हृदय रोग के जोखिम से बचाने में मदद कर सकते हैं। नट्स में मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैट पाया जाता है, जो हृदय को स्वस्थ रखने का काम करता है। इसके अलावा, नट्स में फेनोलिक यौगिक भी होते हैं, जो ब्लड कोलेस्ट्रॉल को कम कर हृदय रोग के जोखिम को दूर रखने में मदद कर सकता है। यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनस्ट्रेशन ने भी हृदय के लिहाज से हेजलनट्स को सही माना है (3)।

3. कैंसर से बचाव के लिए

हेजलनट्स का उपयोग करके कैंसर की समस्या से भी बचा जा सकता है। उत्तरांचल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंस, देहरादून द्वारा किए गए एक वैज्ञानिक शोध में माना गया है कि हेजलनट्स में एंटी-कैंसर प्रभाव पाए जाते हैं। इस प्रभाव के कारण हेजलनट्स का सेवन करने से कैंसर की समस्या को दूर रखने में मदद मिल सकती है (4)। इसलिए, कैंसर जैसी घातक समस्या को दूर रखने के लिए हेजलनट्स का सेवन कर सकते हैं। साथ ही ध्यान रहे कि अगर कोई कैंसर से पीड़ित है, तो उसे डॉक्टर से इलाज जरूर करवाना चाहिए।

4. सूजन (Inflammation) को कम करने के लिए

जो लोग सूजन संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं, उनके लिए भी हेजलनट्स के फायदे हो सकते हैं। एक क्लिनिकल स्टडी के अनुसार, हेजल नट्स में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो सूजन को कम करने का काम कर सकते हैं (5)। इसलिए, ऐसा माना जा सकता है कि हेजलनट्स में मौजूद हेल्दी फट्स और एंटी इंफ्लेमेटरी के कारण सूजन से जुड़ी कई समस्याओं से निजात मिल सकता है।

5. ब्लड शुगर को कम करने में मददगार

क्या हेजलनट्स के सेवन से शुगर को नियंत्रित किया जाता सकता है? इसका का पता लगाने के लिए कुछ लोगों को 8 सप्ताह तक हेजलनट्स दिए गए। 8 हफ्ते बाद पाया गया कि टाइप 2 मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति में हाई डेंसिटी लिपिड कोलेस्ट्रॉल यानी एचडीएल का स्तर सामान्य रहा, लेकिन फास्टिंग ब्लड शुगर व अन्य किसी प्रकार के लिपिड प्रोफाइल पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। यह रिसर्च एनसीबीआई की साइट पर उपलब्ध है (6)। वहीं, एक अन्य रिसर्च के मुताबिक ये नट्स फास्टिंग ब्लड शुगर को कम करने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा, ये टाइप 2 मधुमेह से पीड़ित व्यक्तियों के ग्लाइसेमिक कंट्रोल में भी सुधार कर सकते हैं। इसलिए, अगर कोई मधुमेह की समस्या से बचना चाहता है या कोई मधुमेह से पीड़ित है, तो उसके लिए हेजलनट्स का सेवन फायदेमंद हो सकता है (7) ।

6. उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए

उच्च रक्तचाप की समस्या से बचे रहने के लिए हेजलनट्स का सेवन फायदेमंद साबित हो सकता है। दरअसल, उच्च रक्तचाप की समस्या के लिए सोडियम की अधिकता जिम्मेदार होती है। सोडियम को कम करने और उच्च रक्तचाप से छुटकारा दिलाने में पोटैशियम युक्त आहार मददगार हो सकता है (8)। वहीं, हेजलनट्स में पोटैशियम की अच्छी मात्रा पाई जाती है (9)। इसलिए, हेजलनट्स के सेवन से रक्तचाप को संतुलित रखा जा सकता है।

अब लेख में आगे हम हेजलनट्स के पोषक तत्व की जानकारी दे रहे हैं।

हेजलनट्स के पौष्टिक तत्व – Hazelnuts Nutritional Value in Hindi

हेजलनट्स के फायदे उसमें पाए जाने वाले पोषक तत्वों के कारण ही संभव हैं। आइए, इन पोषक तत्वों को नीचे दिए चार्ट के माध्यम से समझते हैं (10)

पोषक तत्वपोषक मूल्य प्रति 100 g
ऊर्जा600 kcal
प्रोटीन16.67 g
टोटल लिपिड (फैट)53.33 g
कार्बोहाइड्रेट16.67 g
फाइबर13.3 g
शुगर3.33 g
कैल्शियम, Ca133 mg
आयरन, Fe4.8 mg
फैटी एसिड, टोटल सैचुरेटेड3.33 g

अब आप हेजलनट्स का उपयोग कैसे करना है, इसके बारे में पढ़ेंगे।

हेजलनट्स का उपयोग – How to Use Hazelnuts in Hindi

हेजलनट्स को कई तरह से खाया जा सकता है। जिनमें से कुछ इस प्रकार है:

कैसे खाएं:

  • हेजलनट्स के छिलके को निकाल कर सामान्य नट्स की तरह सेवन कर सकते हैं।
  • इसे भुनकर (रोस्ट) खाया जा सकता है।
  • हेजलनट्स को अन्य नट्स के साथ मिलाकर मिक्स ड्राई फ्रूट की तरह खा सकते हैं।
  • इसे केक में इस्तेमाल कर सेवन किया जा सकता है।
  • हेजलनट्स को कुछ मिठाई में भी उपयोग किया जा सकता है।
  • इसे मिल्कशेक में मिलाया जा सकता है।
  • इसे चॉकलेट बनाने में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

कब खाएं :

  • हेजलनट्स को सुबह छिलकर सामान्य रूप में खा सकते हैं। इसमें अन्य ड्राई फ्रूट्स भी मिला सकते हैं।
  • दोपहर या रात के खाने के बाद हेजलनट्स युक्त मिठाई या चॉकलेट को डिजर्ट के रूप में ले सकते हैं।
  • शाम को हेजलनट्स मिल्कशेक पी सकते हैं।
  • दिन में कभी भी थोड़ी मात्रा में भुने हुई हेजलनट्स का सेवन कर सकते हैं।

कितना खाएं : हेजलनट्स को प्रतिदिन करीब 30 ग्राम तक लिया जा सकता है (11), लेकिन सभी के खान-पान की आदत अलग-अलग होती है। ऐसे में किसे कितनी मात्रा में इसका सेवन करना चाहिए, इस बारे में आहार विशेषज्ञ से पूछ सकते हैं।

ऊपर हमने हेजलनट्स का उपयोग कैसे करना चाहिए बताया, आगे हम हेजलनट्स के नुकसान के बारे में बता रहे हैं।

हेजलनट्स के नुकसान – Side Effects of Hazelnuts in Hindi

हेजलनट्स के फायदे कई हैं, लेकिन इसे गलत तरीके से खाने पर कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। इस बारे में हम नीचे लेख में बता रहे हैं।

  • जिन लोगों को सामान्य खाद्य पदार्थों से हटकर कुछ अलग खाने से एलर्जी होती है, उन्हें हेजलनट्स का सेवन नहीं करना चाहिए (11)।
  • हेजलनट्स फाइबर का अच्छा स्रोत होता है (10)। कम समय में अधिक मात्रा में फाइबर का सेवन करने पर पेट फूलने, सूजन और पेट में ऐंठन की समस्या हो सकती है (12)। इसलिए, हेजलनट्स को कम मात्रा में ही लेना चाहिए।

अब आप समझ गए होंगे कि शरीर को पोषण देने के लिए नट्स के सेवन की सलाह क्यों दी जाती है। हेजलनट्स ऐसे खाद्य पदार्थ हैं, जिनके सेवन से शरीर को तुरंत ऊर्जा मिल सकती है। यह शरीर के संपूर्ण पोषण के लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं, जो कई शारीरिक समस्याओं को दूर रखने में सहायक भी हो सकते हैं। हां, अगर किसी को कोई गंभीर समस्या है, तो वो डॉक्टर की सलाह पर ही हेजलनट्स का सेवन करें। हम आशा करते हैं कि यह जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित होगी।

Sources

Articles on StyleCraze are backed by verified information from peer-reviewed and academic research papers, reputed organizations, research institutions, and medical associations to ensure accuracy and relevance. Read our editorial policy to learn more.

  1. Antioxidant phytochemicals in hazelnut kernel (Corylus avellana L.) and hazelnut byproducts
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/17249682/
  2. Antioxidants: In Depth
    https://www.nccih.nih.gov/health/antioxidants-in-depth
  3. Go Nuts
    https://www.ars.usda.gov/plains-area/gfnd/gfhnrc/docs/news-2013/go-nuts/
  4. A BRIEF REVIEW ON: HAZELNUTS
    https://recentscientific.com/sites/default/files/9672-A-2018.pdf
  5. A Hazelnut-Enriched Diet Modulates Oxidative Stress and Inflammation Gene Expression without Weight Gain
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6637671/
  6. Effects of hazelnuts consumption on fasting blood sugar and lipoproteins in patients with type 2 diabetes
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/24124429/
  7. Eating Tree Nuts Helps Fight Diabetes
    https://www.nutritionletter.tufts.edu/diabetes/eating-tree-nuts-helps-fight-diabetes/
  8. Effect of potassium intake on blood pressure
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/2104250/
  9. Potassium Intake for Adults and Children
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK132468/
  10. HAZELNUTS
    https://fdc.nal.usda.gov/fdc-app.html#/food-details/635682/nutrients
  11. Hazelnut Allergens: Molecular Characterization Detection and Clinical Relevance
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/25751378/
  12. Fiber
    https://medlineplus.gov/ency/article/002470.htm
Was this article helpful?
The following two tabs change content below.
भूपेंद्र वर्मा ने सेंट थॉमस कॉलेज से बीजेएमसी और एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी से एमजेएमसी किया है। भूपेंद्र को लेखक के तौर पर फ्रीलांसिंग में काम करते 2 साल हो गए हैं। इनकी लिखी हुई कविताएं, गाने और रैप हर किसी को पसंद आते हैं। यह अपने लेखन और रैप करने के अनोखे स्टाइल की वजह से जाने जाते हैं। इन्होंने कुछ डॉक्यूमेंट्री फिल्म की स्टोरी और डायलॉग्स भी लिखे हैं। इन्हें संगीत सुनना, फिल्में देखना और घूमना पसंद है।

ताज़े आलेख