हर्निया के कारण, लक्षण और इलाज – Hernia Causes, Symptoms and Treatment in Hindi

by

शरीर का सबसे अहम हिस्सा पेट है। अगर पेट में कोई भी समस्या उत्पन्न होती है, तो इसका असर पूरे शरीर पर हो सकता है। ऐसे ही एक समस्या हर्निया है, जो पेट से जुड़ी होती है। यह समस्या उन लोगों को ज्यादा होती है, जिन्हें खाने को पचाने में मुश्किल हो सकती है। इस कारण कब्ज और आंतों से संबंधित समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं, जिससे हर्निया हो सकता है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम हर्निया के कारण और हर्निया के इलाज पर विशेष जानकारी देंगे।

हर्निया क्या है? – What is Hernia in Hindi

साधारण शब्दों में हर्निया एक चिकित्सकीय स्थिति है, जिसमें शरीर की कोई मांसपेशी या टिश्यू किसी छेद के जरिए अपनी झिल्ली या खोल से बाहर आ जाते हैं। इस बाहर निकले अंग को ही हर्निया कहा जाता है। हर्निया की समस्या ज्यादातर आंत और पेट के आसपास के क्षेत्र में देखी जाती है।

हर्निया कई प्रकार के हो सकते हैं, जिसकी जानकारी आगे दी जा रही है।

हर्निया के प्रकार – Types of Hernia in Hindi

यहां हम हर्निया के विभिन्न प्रकारों के बारे में बता रहे हैं (1)।

  • इनगुइनल हर्निया– इस तरह का हर्निया पेट और जांघ के मध्य वाले भाग (Groin) के कमजोर वाले हिस्से में होता है। यह हर्निया का सबसे आम प्रकार है, जो अधिकतर पुरुषों को प्रभावित करता है।
  • फेमोरल हर्निया– इस प्रकार का हर्निया ग्रोइन (Groin) के पास जांघ के ऊपर वाले हिस्से में होता है। यह हर्निया महिलाओं को ज्यादा प्रभावित करता है।
  • इनसीजनल हर्निया– अगर आपके पेट की पहले कभी सर्जरी हई है, तो इनसीजनल हर्निया होने का जोखिम बढ़ सकता है। सर्जरी के कारण पेट की मांसपेशी कमजोर हो जाती है, जो इस प्रकार के हर्निया का कारण बन सकती है।
  • अम्बिलिकल हर्निया– इस प्रकार का हर्निया नाभि के पास एब्डॉमिनल वॉल के कमजोर वाले भाग में होता है। यह शिशु और अधिक वजन वाले लोगों में आम है।
  • एपीगैस्ट्रिक हर्निया– इस प्रकार का हर्निया ब्रेस्ट बोन और नाभि के मध्य एब्डॉमिनल वॉल को प्रभावित करता है।
  • डायाफ्रामिक हर्निया– यह हर्निया तब होता है, जब डायाफ्राम (फेफड़ों और हृदय के ठीक नीचे स्थित गुंबद आकार की मांसपेशी) का कोई छिद्र (Opening) फैल जाता है।

हर्निया होने के कारण को जानने के लिए लेख के अगले भाग को पढ़ें।

हर्निया के कारण – Causes of Hernia in Hindi

हर्निया के कारण और इसके जोखिम कारक में काफी समानता है। लेख के इस भाग में हम हर्निया के कुछ कारण बताने जा रहे हैं और इससे जोखिम कारक की चर्चा हम लेख में आगे करेंगे (1)। नीचे जानिए हर्निया के कारण-

  • ऊतक (Tissue) और मांसपेशियों का कमजोर होना।
  • वजन बढ़ने पर अम्बिलिकल हर्निया हो सकता है।
  • खांसी और तनाव के कारण हर्निया का आकार बढ़ सकता है।
  • गर्भधारण करने पर भी हर्निया की समस्या हो सकती है।

आगे हम हर्निया होने के लक्षणों की जानकारी दे रहे हैं।

हर्निया के लक्षण – Symptoms of Hernia in Hindi

हर्निया के लक्षणों की जानकारी इससे बचने और इसके इलाज में आपकी मदद करेंगे। नीचे जानिए हर्नियों की पहचान कैसे करें (1) :

  • पेट दर्द
  • सीने में जलन
  • पेट में दबाव या खींचाव
  • पाचन की समस्या
  • मतली
  • उल्टी
  • निगलने में परेशानी
  • सांस लेने में परेशानी

हर्निया को घरेलू तरीके से दूर करने में यह लेख आपकी सहायता कर सकता है। नीचे जानिए हर्निया को दूर करने से कुछ सटीक घरेलू नुस्खे।

हर्निया के लिए घरेलू उपाय – Home Remedies for Hernia in Hindi

1. एलोवेरा

Shutterstock

सामग्री:
  • एलोवेरा जूस
उपयोग की विधि:
  • भोजन करने से लगभग 15 से 20 मिनट पहले आधा कप एलोवेरा जूस पी लें।
कितनी बार करें:
  • दिन में एक से दो बार इसका सेवन करें।
कैसे है लाभदायक:

हर्निया ( इनगुइनल हर्निया) होने के कारणों में कब्ज भी शामिल है। ऐसे में एलोवेरा जूस का उपयोग कर कब्ज की समस्या को दूर किया जा सकता है। कब्ज को ठीक करने में एलोवेरा में मौजूद फाइबर लाभदायक हो सकता है। इसलिए, ऐसा कहा जा सकता है कि कब्ज जैसी समस्या को दूर कर हर्निया होने के जोखिम से बचा सकता है। हालांकि, हर्निया के इलाज में एलोवेरा सीधे तौर पर कितना कारगर होगा या शोध का विषय है (2) (3)।

2. बेकिंग सोडा

सामग्री:
  • आधा चम्मच बेकिंग सोडा
  • एक गिलास पानी
उपयोग की विधि:
  • एक गिलास पानी में आधा चम्मच बेकिंग सोडा को घोल लें।
  • फिर उसे पी लीजिए।
  • उच्च रक्तचाप की स्थिति में इसका सेवन करने से परहेज करना चाहिए।
कितनी बार करें:
  • दिन में एक बार उपयोग कर सकते हैं।
कैसे है लाभदायक:

हर्निया की समस्या में बेकिंग सोडा का उपयोग किया जा सकता है। ऐसा माना जाता है कि बेकिंग सोडा के साथ हाइड्रोजन पेरोक्साइड हर्निया के उपचार में मदद कर सकता है। फिलहाल, इस तथ्य की पुष्टि के लिए कोई सटीक वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है (4)।

3. दालचीनी

सामग्री:
  • आधा चम्मच दालचीनी पाउडर
  • एक कप पानी
उपयोग की विधि:
  • पानी में दालचीनी पाउडर को मिलाकर पानी गर्म करें।
  • बर्तन को ढककर कुछ मिनट के लिए उबलने दें।
  • फिर इसे चाय की तरह सेवन करें।
  • दालचीनी को आप दैनिक भोजन में जगह दे सकते हैं।
कितनी बार करें:
  • दिन में दो बार यह उपाय किया जा सकता है।
कैसे है लाभदायक:

दालचीनी के उपयोग से हर्निया की समस्या से राहत पाई जा सकती है। दरअसल, उच्च फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ कब्ज की समस्या को दूर रखने का काम कर सकते हैं और कब्ज हर्निया का कारण बन सकता है (2)। दालचीनी में फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है (5)। इसलिए, दालचीनी के द्वारा हर्निया का इलाज किया जा सकता है। हालांकि, इस पर और शोध की आवश्यकता है।

4. सेब का सिरका

सामग्री:
  • एक चम्मच सेब का सिरका
  • एक गिलास पानी
उपयोग की विधि:
  • पानी में सेब का सिरका मिलाकर पानी को हल्का गर्म कर लें।
  • फिर इसे खाने से लगभग 5 मिनट पहले पी लें।
कितनी बार करें:
  • दिन में एक बार लिया जा सकता है।
कैसे है लाभदायक:

सेब का सिरका पेट की समस्या को राहत पहुंचाने में मदद करता है। सेब के सिरके का सेवन पाचन तंत्र में सुधार करता है (6), जिससे हर्निया के पेट संबंधी लक्षणों को दूर करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, सीधे तौर पर सेब का सिरका हर्निया के लिए कितना कारगर होगा, इस पर सटीक वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।

5. गरम पानी

सामग्री:
  • एक गिलास पानी
उपयोग की विधि:
  • पानी को गुनगुना कर लें और पिएं।
कितनी बार करें:
  • प्रतिदिन सुबह इस उपाय का पालन करें।
कैसे है लाभदायक:

सुबह उठकर गर्म पानी पीने से पेट को साफ रखने में मदद मिलती है। हर्निया की समस्या पेट में समस्या उत्पन्न होने के कारण ही होती है। इसलिए, सुबह गर्म पानी पीने को हर्निया में फायदेमंद माना जा सकता है। फिलहाल, इस पर किसी भी तरह का वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।

6. कैमोमाइल चाय

सामग्री:
  • एक चम्मच कैमोमाइल पाउडर
  • एक कप पानी
  • शहद वैकल्पिक
उपयोग की विधि:
  • पानी में कैमोमाइल पाउडर मिलाकर तीन से चार मिनट तक गर्म करें।
  • फिर इसे छान कर इसमें शहद मिलाकर पिएं।
कितनी बार करें:
  • दिन में दो बार यह उपाय किया जा सकता है।
कैसे है लाभदायक:

एक अध्ययन के अनुसार, कैमोमाइल चाय का उपयोग गैस्ट्रिक समस्या के लिए किया जा सकता है, क्योंकि इसमें फ्लेवोनोइड्स पाए जाते हैं। फ्लेवोनोइड्स गैस्ट्रिक सुरक्षात्मक प्रभाव को दर्शाता है (7), जिससे हर्निया की समस्या से निपटने में मदद मिल सकती है। हालांकि, यह सीधे तौर हर्निया पर कैसे काम करता है, इस पर और शोध की आवश्यकता है।

7. अदरक की जड़

सामग्री:
  • आवश्यकतानुसार अदरक
  • एक कप पानी
  • शहद (वैकल्पिक)
उपयोग की विधि:
  • अदरक कूटकर पानी में डालें।
  • अब पानी को तीन से चार मिनट उबालें।
  • समय पूरा होने पर इसे छानें और शहद मिलाकर पिएं।
कितनी बार करें:
  • दिन में दो बार तक पी सकते हैं।
कैसे है लाभदायक:

अदरक का उपयोग हर्निया के इलाज में मददगार हो सकता है। अदरक की जड़ में जिंजिबर ऑफिसिनेल होते हैं, जो एसिडिटी और अपच की समस्या में लाभकारी माने जाते हैं (8)। इसलिए, ऐसा माना जा सकता है कि अदरक हर्निया के लक्षणों को ठीक करने में प्रभावी असर दिखा सकता है। हालांकि, सीधे तौर पर अदरक हर्निया पर कैसे काम करता है, इस पर सटीक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।

आर्टिकल के इस हिस्से में हम हर्निया के जोखिम कारकों के बारे में जानेंगे।

हर्निया के जोखिम कारक – Risk Factors of Hernia in Hindi

कई ऐसे कारक है, जो हर्निया को पनपने में मदद कर सकते हैं, जो इस प्रकार हैं (1):

  • भारी वजन उठाना
  • गर्भावस्था
  • कब्ज
  • मोटापा
  • सर्जरी या चोट प्रभावित क्षेत्र
  • वंशागत
  • धूम्रपान

लेख के आगे भाग में हर्निया के लिए कुछ और इलाज के बारे में जानेंगे।

हर्निया का इलाज – Treatment of Hernia in Hindi

अगर घरेलू उपचार का उपयोग कर हर्निया की समस्या दूर नहीं हो रही है, तो आप कुछ डॉक्टरी इलाज का सहारा भी ले सकते हैं। इन्हें हम नीचे बिंदुओं के माध्यम से बता रहे हैं:

सर्जरी : हर्निया का अंतिम उपचार सर्जरी से किया जाता है। सर्जरी में हर्निया को शरीर से अलग कर दिया जाता है। साथ ही पेट की मांसपेशियों को मजबूत करने और हर्निया को वापस आने से रोकने के लिए सिंथेटिक जाल भी लगाया जा सकता है (1)।

दवाई का उपयोग : हर्निया के लक्षणों से आराम पाने के लिए दवाओं का भी उपयोग किया जा सकता है। दवाई पेट में एसिड और एसिड रिफ्लक्स के लक्षणों को कम करने का काम कर सकती है। इन दवाइयों में एंटासिड, एच-2 रिसेप्टर ब्लॉकर्स एंटाजोनिस्ट और प्रोटॉन पंप इन्हिबिटर दवाएं शामिल हैं (9)।

चलिए, अब जानते हैं कि हर्निया में किन खाद्य पदार्थों का परहेज करना चाहिए।

हर्निया में परहेज – What to Avoid During Hernia in Hindi

हर्निया की स्थिति में कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे हैं, जिनका परहेज करना आपके लिए बेहतर होगा। इनमें ये खाद्य पदार्थ शामिल हो सकते हैं:

  • मसालेदार या तले हुए खाद्य पदार्थ
  • सोडियम में उच्च खाद्य पदार्थ
  • अल्कोहल
  • कैफीन युक्त पेय
  • कोल्ड ड्रिंक
  • फास्ट फूड
  • मांस
  • उच्च वसा वाले आहार
  • लहसून और प्याज

हर्निया के समय उचित आहार के बारे में आगे जानेंगे।

हर्निया में क्या खाना चाहिए – What to eat during Hernia in Hindi

हर्निया के दौरान कुछ ऐसे खाद्य हैं, जिनका सेवन करने से इस समस्या से निजात पाने में मदद मिल सकती है। हर्निया होने पर लो-एसिड और फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन करना लाभदायक हो सकता है (10) (11)।

  • सलाद पत्ते (Lettuce)
  • गाजर
  • पालक
  • शतावरी
  • मशरूम
  • कद्दू
  • आलू
  • ब्रोकली
  • सेब और केले
  • नाशपाती
  • अंजीर
  • ब्राउन राइस
  • पॉपकॉर्न

आइए, अब हर्निया से बचने के उपाय के बारे में जानते हैं।

हर्निया से बचने के उपाय – Prevention Tips for Hernia in Hindi

कुछ उपाय का सहारा लेकर हर्निया की समस्या को दूर रखा जा सकता है, जो इस प्रकार है (1):

  • अपने वजन का खास ध्यान रखें।
  • धूम्रपान से बचें।
  • भारी वजन उठाने से बचें।
  • मसालेदार और अम्लीय खाद्य पदार्थ खाने से बचें।

अब तो आप समझ गए ही गए होंगे कि हर्निया किस तरह की बीमारी है। इससे छुटकारा पाने के लिए कौन-कौन से घरेलू उपचार का सहारा लिया जा सकता है। हर्निया की समस्या में किस तरह के आहार फायदेमंद हैं, इसकी भी जानकारी आपको हो गई होगी। बेशक, हर्निया गंभीर बीमारी है, लेकिन जरूरी सावधानी और खान-पान पर नियंत्रण रखकर इस समस्या से बचा जा सकता है। आशा करते हैं कि यह लेख आपके लिए उपयोगी साबित होगा। अगर आप कुछ अन्य जानकारी जानना चाहते हैं, तो नीचे दिए कमेंट बॉक्स के जरिए हम तक अपने सवाल पहुंचाएं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

हर्निया की सर्जरी में कितना समय लगता है?

हर्निया की सर्जरी में लगभग 1 घंटे का वक्त लग सकता है। अगर समस्या गंभीर है, तो समय बढ़ भी सकता है।

हर्निया के साथ कब तक रहा जा सकता है?

यह हर्निया के प्रकार और उसकी स्थिति पर निर्भर करता है कि वो कब तक आपको क्षति नहीं पहुंचाता है। एक वैज्ञानिक रिपोर्ट का कहना है कि बहुत से लोगों को हर्निया लंबे समय तक था, लेकिन हर्निया ने उन पर नकारात्मक प्रभाव नहीं डाला (12)। ध्यान रहे कि हर्निया स्वयं से ठीक नहीं होता है और उपचार के अभाव में हर्निया जानलेवा भी हो सकता है। इसलिए, अगर आपको हर्निया है, तो उसका उपचार जरूर करवाएं।

क्या आप व्यायाम कर हर्निया को ठीक कर सकते हैं?

हर्निया का उपचार व्यायाम और योगासनों के जरिए किया जा सकता है। योग आसन हर्निया और इसके लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं (13)। हालांकि, हर्निया के लिए कौन-सा व्यायाम और योगासन आपके लिए सही होगा, इसके लिए डॉक्टर या योग विशेषज्ञ ही बेहतर बता सकते हैं।

स्पोर्ट्स हर्निया क्या है?

स्पोर्ट्स हर्निया खेल के दौरान ग्रोइन (पेट और जांघ के मध्य वाला भाग) के सॉफ्ट टिश्यू में दर्दनाक चोट को कहते हैं।

हर्निया कितना गंभीर हो सकता है?

अगर हर्निया का समय रहते उपचार नहीं किया गया, तो यह कई तरह की गंभीर समस्याओं और यहां तक कि मौत का कारण भी बन सकता है (14)।

इनगुइनल हर्निया में किन खाद्य पदार्थों का परहेज करना चाहिए?

इनगुइनल हर्निया के दौरान आप मसालेदार, अम्लीय, फ्राइड फूड्स और कैफीनयुक्त खाद्य पदार्थों से परहेज करें। ये सभी खाद्य पदार्थ इनगुइनल हर्निया को गंभीर बना सकते हैं।

और पढ़े:

Was this article helpful?
The following two tabs change content below.

Bhupendra Verma

भूपेंद्र वर्मा ने सेंट थॉमस कॉलेज से बीजेएमसी और एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी से एमजेएमसी किया है। भूपेंद्र को लेखक के तौर पर फ्रीलांसिंग में काम करते 2 साल हो गए हैं। इनकी लिखी हुई कविताएं, गाने और रैप हर किसी को पसंद आते हैं। यह अपने लेखन और रैप करने के अनोखे स्टाइल की वजह से जाने जाते हैं। इन्होंने कुछ डॉक्यूमेंट्री फिल्म की स्टोरी और डायलॉग्स भी लिखे हैं। इन्हें संगीत सुनना, फिल्में देखना और घूमना पसंद है।

ताज़े आलेख

scorecardresearch