हर्निया के लिए डाइट चार्ट – Hernia Diet chart in Hindi

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यूं तो छोटी-मोटी बीमारियों का आना आम है। वहीं, कुछ बीमारियां ऐसी भी हैं, जो काफी कष्टप्रद होती हैं। इन्हीं बीमारियों में हर्निया का नाम भी शामिल है। शरीर के बाहरी हिस्से की मांसपेशियों के कमजोर होने की स्थिति में जब भीतरी अंग उन मांसपेशियों पर दबाव डालते हुए बाहर की ओर उभर आते हैं, तो इसे ही हर्निया कहा जाता है। यह समस्या मुख्य रूप से व्यक्ति के पेट से जुड़ी होती है और इसका इलाज सर्जरी के माध्यम से ही संभव है (1)। फिर भी खान-पान में बदलाव कर इस समस्या के जोखिम से बचा जा सकता है (2)। यही वजह है कि स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम हर्निया के लिए आहार चार्ट के साथ हर्निया में क्या खाएं और हर्निया में क्या नहीं खाना चाहिए, समझाने का प्रयास करेंगे।

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तो आइये, सबसे पहले हम हर्निया के लिए आहार चार्ट से जुड़ी जानकारी हासिल कर लेते हैं।

हर्निया डाइट चार्ट – Sample Diet Plan for Hernia in Hindi

सामान्य रूप से हर्निया के रोगी जानना चाहते हैं कि हर्निया में क्या खाएं और हर्निया में क्या नहीं खाना चाहिए। ऐसे में लेख में शामिल नीचे दिया गया हर्निया के लिए आहार चार्ट कुछ हद तक मददगार साबित हो सकता है। तो आइये, नीचे दिए गए हर्निया के लिए डाइट चार्ट पर एक नजर डाल लेते हैं।

भोजनक्या खाएं
सुबह उठते ही (6 से 7 बजे)एक गिलास गुनगुना पानी या एक कप ग्रीन टी या एक कप हर्बल टी।
नाश्ता (8 से 9:30 बजे)एक कटोरी दलिया या ओट्स या उपमा या पोहा या सेवई।
ब्रंच (10:30 से 12 बजे)एक कटोरी फ्रूट सलाद या वेज सलाद के साथ एक गिलास नारियल पानी या मेथी और सौंफ का पानी।
दोपहर का खाना (1 से 2 बजे)आधी कटोरी दाल, एक कटोरी चावल, एक रोटी के साथ एक कटोरी पनीर या सोयाबीन या ग्रीन वेजिटेबल।
शाम का नाश्ता (4:30 से 6 बजे)एक कप ग्रीन या हर्बल टी के साथ अंकुरित चने या भुने चने या भुना चूरा (राइस फ्लेक्स)।
रात का खाना (7 से 9 बजे)एक रोटी, आधी कटोरी चावल और आधी कटोरी दाल के साथ एक कटोरी सब्जी (गोभी, ब्रोकली, आलू, कद्दू, मशरूम, पालक, गाजर या मटर में से कोई एक)।

नोट :- ऊपर दिया गया हर्निया के लिए डाइट चार्ट एक नमूना मात्र है, इसलिए हर्निया की समस्या से ग्रस्त व्यक्ति की स्थिति के हिसाब से इसमें परिवर्तन हो सकता है। इसलिए, लेख दिए गए इस हर्निया के लिए डाइट चार्ट को अमल में लाने से पहले एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर ले लेनी चाहिए। इसके अलावा, इस दौरान नॉन वेज खाने से पहले डॉक्टरी परामर्श जरूर लें।

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हर्निया के लिए आहार चार्ट के अलावा हर्निया में क्या खा सकते हैं, आगे हम यह जानेंगे।

हर्निया की बीमारी में क्या खाएं – Foods for Hernia In Hindi

हर्निया की स्थिति में फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ लेने की सलाह दी जाती है। दरअसल, एक शोध में जिक्र मिलता है कि फाइबर युक्त आहार की कमी हियाटल हर्निया (पेट का हर्निया) के जोखिम को बढ़ाने का काम कर सकती है (3)। ऐसे में हाई फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों को हर्निया में उपयोगी माना जा सकता है, जो कुछ इस प्रकार हैं :

1. सब्जियां

जैसा कि हमने ऊपर बताया कि फाइबर की कमी हर्निया के जोखिम को बढ़ा सकती है। ऐसे में फाइबर युक्त सब्जियों का सेवन लाभकारी हो सकता है। दरअसल, फाइबर वजन को नियंत्रित करने और कब्ज जैसी समस्या से बचाव का काम कर सकता है, जो हर्निया के जोखिम कारक माने जाते हैं (4)। ऐसे में, फाइबर से भरपूर पालक, गाजर, मशरूम, चुकंदर, शलजम, कद्दू, आलू, ब्रोकली, आर्टिचोक और बीन्स का उपयोग किया जा सकता है (5)।

2. नट्स और ड्राई फ्रूट्स

बादाम, पिस्ता और पेकान (अखरोट का एक प्रकार) भी फाइबर से समृद्ध माने जाते हैं। वहीं, लेख में पहले ही बताया जा चुका है कि फाइबर हर्निया के जोखिम को कम कर सकता है। इस आधार पर फाइबर से समृद्ध इन ड्राई फ्रूट्स के फायदे हर्निया में लाभदायक परिणाम प्रदर्शित कर सकते हैं (3) (5)।

3. फल

फलों की बात करें, तो सेब, केला, आड़ू और नाशपाती जैसे फलों को हर्निया में खाने के लिए इस्तेमाल में लाया जा सकता है, क्योंकि ये सभी फल फाइबर से समृद्ध होते हैं (5)। इसलिए, इन फलों को हर्निया में लाभदायक माना जा सकता है।

4. अनाज

हर्निया की समस्या में लिए जाने वाले उपयुक्त अनाज में जई या गेहूं का दलिया, साबुत अनाज से तैयार ब्रेड या ब्राउन राइस का सेवन किया जा सकता है। ये सभी खाद्य पदार्थ फाइबर से समृद्ध होते हैं और वजन को नियंत्रित करके और कब्ज में आराम दिलाकर हर्निया के जोखिम को कम कर सकते हैं (4) (5)।

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हर्निया में क्या खाएं, समझने के बाद हम जानेंगे कि हर्निया में क्या नहीं खाना चाहिए।

हर्निया में परहेज – Foods to Avoid in Hernia in Hindi

हर्निया में क्या खाएं, यह जानने के बाद यह समझना भी बेहद जरूरी है कि किन चीजों का हर्निया में परहेज किया जाना चाहिए। तो आइए, नीचे दिए गए कुछ बिंदुओं के माध्यम से हम हर्निया में परहेज के बारे में भी थोड़ा समझ लेते हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं (6) :

  • सोने से दो से तीन घंटे पहले तक कुछ भी खाने से बचें।
  • चॉकलेट का सेवन न करें।
  • शराब के सेवन से बिल्कुल दूर रहें।
  • कैफीन युक्त पदार्थों के उपयोग से बचने की सलाह दी जाती है।
  • मसालेदार खाने का उपयोग नहीं करना चाहिए।
  • सिट्रस फ्रूट्स (नींबू और संतरा) का सेवन न करें।
  • कार्बोनेटेड ड्रिंक्स (जैसे :- कोला) का प्रयोग न करें।

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हर्निया में परहेज के बाद अब हम हर्निया से बचाव संबंधी कुछ उपाय जानने का प्रयास करेंगे।

हर्निया के इलाज लिए आपकी जीवनशैली – Lifestyle changes in Hernia Treatment In Hindi

यहां हम हर्निया से बचाव के कुछ उपायों को समझ सकते हैं, जिन्हें अपनाकर हर्निया के इलाज को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। हर्निया से बचाव संबंधी उपाय कुछ इस प्रकार हैं (4) :

  • भारी सामान उठाने से बचें और किसी भी सामान को उठाने के सही तरीके को समझें।
  • अगर वजन अधिक है, तो उसे कम करने का प्रयास करें।
  • कब्ज की शिकायत है, तो बिना देर किए उसका इलाज करें।
  • पुरुषों को यूरिनेशन के दौरान अगर तनाव महसूस हो, तो इस संबंध में डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।

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जीवनशैली में बदलाव के बाद हम हर्निया डाइट के लाभ जानने का प्रयास करेंगे।

हर्निया डाइट के लाभ – Benefits Of The Hernia Diet in Hindi

हर्निया के इलाज में हर्निया डाइट के लाभ कुछ इस प्रकार हासिल हो सकते हैं :

  • लेख में आपको पहले ही बताया जा चुका है कि हर्निया डाइट में फाइबर युक्त भोजन का इस्तेमाल करना चाहिए। वजह यह है कि फाइबर युक्त आहार वजन को कम करने में मदद कर सकता है और बढ़ता वजन, हर्निया का एक जोखिम कारक है (4) (5)।
  • हर्निया डाइट में कब्ज से निजात दिलाने वाले खाद्य-पदार्थों के सेवन की सलाह दी जाती है, क्योंकि कब्ज भी हर्निया का एक जोखिम कारक है। यहां फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों की अहम भूमिका देखी जाती है, क्योंकि ये कब्ज में राहत दिला सकते हैं और पाचन क्रिया को सुचारू बनाए रखने में मदद कर सकते हैं
  • (4) (5)।
  • फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ हृदय रोग के जोखिम को भी कम कर सकते हैं (7)।
  • इसके अलावा, हर्निया डाइट में शामिल सब्जियां और फल शरीर को जरूरी विटामिन्स और मिनरल्स देने का काम भी कर सकते हैं (7)।
  • इसके अलावा, फाइबर शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद कर सकता है (8)। इससे हर्निया जैसे समस्या से लड़ने में शरीर को मदद मिल सकती है।

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यहां अब हम हर्निया डाइट के नुकसान के विषय में बात करेंगे।

हर्निया डाइट के नुकसान – Side Effects Of The Hernia Diet in Hindi

फिलहाल, सीधे तौर पर हर्निया डाइट के दुष्परिणाम से जुड़ा वैज्ञानिक शोध उपलब्ध नहीं है। हां, यह जरूर है कि व्यक्ति विशेष की स्थिति के आधार पर कुछ हर्निया डाइट के नुकसान देखने को मिल सकते हैं, जो कुछ इस प्रकार हो सकते हैं :

  • हर्निया डाइट में नट्स शामिल करने की सलाह दी जाती है। ऐसे में नट्स से एलर्जी की शिकायत वाले लोग अगर इसका सेवन करते हैं, तो इसके विपरीत परिणाम देखने को मिल सकते हैं (9)।
  • जैसा कि हमने ऊपर बताया कि हर्निया डाइट में फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों को लेने की सलाह दी जाती है (3)। वहीं, जरूरत से अधिक डायट्री फाइबर का इस्तेमाल गैस, पेट फूलना और ऐंठन का जोखिम खड़ा कर सकता है (10)।

हर्निया में क्या खाएं और हर्निया में क्या नहीं खाना चाहिए, यह लेख पढ़ने के बात यह तो समझ आ ही गया होगा। वहीं, इस बात में भी शायद ही कोई संदेह रहा हो कि किन-किन खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल कर हर्निया के इलाज को प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है। फिर देर किस बात की, अगर आप या आपका कोई करीबी या पारिवारिक सदस्य हर्निया से पीड़ित है, तो लेख से हासिल हुई जानकारी से उसे अवगत कराएं, ताकि इस गंभीर समस्या से पार पाने में उसे मदद मिल सके। उम्मीद है, हर्निया से जूझ रहे व्यक्तियों की तकलीफ को कुछ हद तक कम कर पाने में यह लेख कारगर साबित होगा। स्वास्थ्य संबंधी ऐसी ही अन्य जानकारी हासिल करते रहने के लिए पढ़ते रहें स्टाइलक्रेज।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल :

क्या भोजन हर्निया को बढ़ा सकता है?
हां, अधिक तेल मसाले वाला भोजन हर्निया को बढ़ा सकता है।

कौन सा फल हर्निया के लिए अच्छा है?
जैसा कि आपको पहले ही बताया जा चुका है कि फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन हर्निया में लाभकारी माना जाता है (3)। ऐसे में फाइबर युक्त फल (जैसे:- सेब, केला या नाशपाती) हर्निया के लिए अच्छे कहे जा सकते हैं (5)।

क्या हियाटल हर्निया में पानी पीना फायदेमंद है?
पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन पाचन क्रिया को सुचारू रखने में मदद करता और कब्ज जैसी समस्या के जोखिम को कम कर सकता है। वहीं, कब्ज को हर्निया का एक जोखिम कारक माना गया है। ऐसे में हियाटल हर्निया में पानी पीना फायदेमंद हो सकता है।

क्या अदरक हर्निया के लिए अच्छा है?
अदरक के अर्क से तैयार कैप्सूल पर किए गए एक अध्ययन में माना गया है कि अदरक में मौजूद दर्द निवारक प्रभाव हर्निया सर्जरी के बाद होने वाले दर्द से राहत दिलाने में सहायक हो सकता है (11)। इस आधार पर हर्निया के दर्द से राहत पाने में अदरक को उपयोगी माना जा सकता है।

11 संदर्भ (Sources) :

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Ankit Rastogi

अंकित रस्तोगी ने साल 2013 में हिसार यूनिवर्सिटी, हरियाणा से एमए मास कॉम की डिग्री हासिल की है। वहीं, इन्होंने अपने स्नातक के पहले वर्ष में कदम रखते ही टीवी और प्रिंट मीडिया का अनुभव लेना शुरू कर दिया था। वहीं, प्रोफेसनल तौर पर इन्हें इस फील्ड में करीब 6 सालों का अनुभव है। प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में इन्होंने संपादन का काम किया है। कई डिजिटल वेबसाइट पर इनके राजनीतिक, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल से संबंधित कई लेख प्रकाशित हुए हैं। इनकी मुख्य रुचि फीचर लेखन में है। इन्हें गीत सुनने और गाने के साथ-साथ कई तरह के म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाने का शौक भी हैं।

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