उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) के लक्षण, इलाज और घरेलू उपचार – High Blood Pressure (Hypertension) Remedies in Hindi

Medically reviewed byMadhu Sharma, Registered Dietitian
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उच्च रक्तचाप अनियंत्रित जीवनशैली का एक घातक परिणाम है। इसे हाइपरटेंशन या हाई ब्लड प्रेशर के नाम से भी जाना जाता है। यह एक चिकित्सकीय स्थिति है, जिसमें धमनियों में रक्त दबाव सामान्य से तेज हो जाता है। सामान्य स्थित में रक्तचाप 120/80 mmHg से कम रहता है। जब रक्तचाप 120/80 mmHg से 139/89 mmHg के बीच रहता है, तो इसे प्री-हाइपरटेंशन कहते हैं। वहीं, रक्तचाप के 140/90 mmHg से अधिक होने पर उच्च रक्तचाप की समस्या हो जाती है। यह गंभीर इसलिए है, क्योंकि इसके कारण गुर्दे, धमनियों और हृदय पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है (1)। इसलिए, हाई बीपी के लक्षण और हाई ब्लड प्रेशर का उपचार संबंधी जानकारी होना जरूरी है। इस लेख में हम हाई ब्लड प्रेशर के ट्रीटमेंट से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियां आपके साथ शेयर कर रहे हैं। ये घरेलू उपचार उच्च रक्तचाप की समस्या से बचा सकते हैं। साथ ही अगर किसी को उच्च रक्तचाप है, तो उसके कुछ लक्षणों को कम कर सकते हैं।

उच्च रक्तचाप (हाई बीपी) के प्रकार – Types of High BP in Hindi

प्राइमरी : यह उच्च रक्तचाप का शुरुआती प्रकार है। यह उम्र बढ़ने के साथ-साथ होता है। इसलिए, अधिकतर लोग इसका शिकार होते हैं।

सेकंडरी : किसी अन्य बीमारी या दवा के सेवन से होने वाले उच्च रक्तचाप को इस श्रेणी में रखा जाता है। इलाज या दवा लेना बंद कर देने से यह स्थिति गंभीर हो सकती है (2)।

उच्च रक्तचाप के कारण – Causes of High BP in Hindi

  • धूम्रपान
  • मोटापा
  • शारीरिक गतिविधियों में कमी
  • भोजन में अधिक नमक
  • बढ़ती उम्र
  • आनुवंशिकता
  • शराब
  • तनाव और थायराइड
  • गुर्दे से जुड़ा पुराना रोग
  • एड्रिनल संबंधी परेशानी (गुर्दे के ऊपर स्थित ग्रंथियां)
  • स्लीप एप्निया (गंभीर नींद विकार)

हाई ब्लड प्रेशर के कारण जानने के बाद आगे जानिए इसके विभिन्न लक्षणों के बारे में।

उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) के लक्षण – Symptoms of High Blood Pressure in Hindi

उच्च रक्तचाप को अक्सर ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है, क्योंकि यह कई बार बिना दस्तक के ही शरीर में दाखिल हो जाता है। यहां हम कुछ लक्षण बता रहे हैं, जिससे हाई ब्लड प्रेशर की पहचान की जा सकती है।

  • लगातार सिरदर्द
  • छाती में दर्द
  • नजर कमजोर होना
  • सांस लेने में दिक्कत
  • नाक से खून निकलना

नोट : कुछ मामलों में इसके लक्षण भी नजर नहीं आ सकते हैं, जब तक कि मेडिकल चेकअप न कराया जाए।

हाई बीपी के लक्षण जानने के बाद आगे जानिए हाई ब्लड प्रेशर के घरेलू इलाज के बारे में।

हाई ब्लड प्रेशर के घरेलू इलाज – Home Remedies for High BP in Hindi

हाइपरटेंशन एक गंभीर समस्या है, जिसे जड़ से खत्म नहीं किया जा सकता, लेकिन नियंत्रित जरूर किया जा सकता है। हालांकि, हाई ब्लड प्रेशर के उपचार के लिए बाजार में कई दवाइयां मिल जाएंगी, लेकिन इस समस्या को कुछ हद तक घर बैठे ही नियंत्रित किया जा सकता है। नीचे हम हाई ब्लड प्रेशर से बचने या फिर उसके लक्षणों को कुछ कम करने के लिए कारगर घरेलू इलाज बता रहे हैं। यहां हम स्पष्ट कर दें कि ये घरेलू नुस्खे मेडिकल ट्रीटमेंट का विकल्प नहीं हो सकते।

1. लहसुन

सामग्री:

  • लहसुन की 1 कली
  • एक चम्मच

कैसे करें इस्तेमाल:

  • सुबह-शाम एक चम्मच शहद के साथ 1 लहसुन की कली ले सकते हैं।
  • भोजन बनाने में भी लहसुन का इस्तेमाल करें।

कैसे है लाभदायक:

लहसुन एक गुणकारी खाध पदार्थ है, जिसका इस्तेमाल शरीर से जुड़ी कई बीमारियों के लिए किया जाता है। लहसुन का इस्तेमाल कर अनियंत्रित रक्तचाप को नियंत्रित किया जा सकता है। यह 10 mmHg सिस्टोलिक और 8 mmHg डायस्टोलिक रक्तचाप को कम करता है। लहसुन में बायोएक्टिव सल्फर यौगिक के रूप में एस-एल सिस्टीन पाया जाता है, जो हाई ब्लड प्रेशर के लिए काफी लाभदायक है (3)। सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर रक्त वाहिकाओं में दबाव को उस वक्त मापता है, जब ह्रदय धड़क रहा होता है। वहीं, डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर रक्त वाहिकाओं में दबाव को उस वक्त मापता है, जब धड़कनों के बीच ह्रदय कुछ पल के आराम करता है (2)।

2. आंवला

सामग्री:

  • दो चम्मच आंवले का रस

कैसे करें इस्तेमाल:

  • एक गिलास साफ पानी में दो चम्मच आंवले का रस मिलाएं।
  • रोज सुबह खाली पेट लें।

कैसे है लाभदायक:

सिट्रस फलों में आंवला एक गुणकारी फल है। इसे ‘इंडियन गूजबेरी’ भी कहा जाता है। इसका स्वाद खट्टा या कड़वा होता है। इसमें, उच्च विटामिन-सी पाया जाता है, जिसका इस्तेमाल कर उच्च रक्तचाप को कुछ हद तक नियंत्रित किया जा सकता है (4)।

3. मेथी

सामग्री:

  • आधा चम्मच मेथी के बीज
  • एक गिलास गर्म पानी

कैसे करें इस्तेमाल:

  • एक गिलास गर्म पानी में आधा चम्मच मेथी के बीज डाल दें।
  • फिर इसे रातभर के लिए छोड़ दें।
  • सुबह उठते ही खाली पेट इस पानी का सेवन करें।

कैसे है लाभदायक:

मेथी विटामिन, खनिज, लौह, कैल्शियम और प्रोटीन से समृद्ध एक गुणकारी घरेलू औषधि है, जिसका सेवन हाइपरटेंशन पर नियंत्रण पाने के लिए किया जा सकता है। मैथी शरीर में ग्लूकोज की मात्रा को नियंत्रित करने के साथ-साथ मेटाबॉलिज्म के स्तर में भी सुधार करती है और एंटीऑक्सीडेंट का काम करती है (5)।

4. शहद

सामग्री:

  • करीब 226 ग्राम अजवाइन के पत्तों का रस
  • इतना ही शहद

कैसे करें इस्तेमाल:

  • अजवाइन के पत्तों का रस शहद में मिलाकर लें (6)।

कैसे है लाभदायक:

शहद में एंटीबायोटिक, माइक्रो न्यूट्रिएंट, एंटीऑक्सीडेंट के साथ-साथ विटामिन ए, बी और सी भी पाया जाता है। शहद और अजवाइन के पत्तों का रस हाई ब्लड प्रेशर का घरेलू उपचार साबित हो सकता है। फिलहाल, इस संबंध में कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। इसलिए, यह घरेलू नुस्खे को इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। साथ ही कुछ रिसर्च का मानना है कि शहद के प्रयोग से रक्तचाप के जरूरत से ज्यादा कम होने या फिर खून के थक्के बनने में कमी आ सकती है (7)। इसलिए, यह घरेलू उपाय डॉक्टर की सलाह पर ही करें।

5. प्याज का रस

सामग्री:

  • आधा चम्मच प्याज का रस
  • आधा चम्मच शहद

कैसे करें इस्तेमाल:

  • प्याज के रस को शहद के साथ अच्छी तरह मिला लें।
  • दिन में दो वक्त (सुबह और शाम) बराबर मात्रा में लें।

कैसे है लाभदायक:

प्याज की परतों में कुएरसेटीं नामक तत्व पाया जाता है, जो उच्च रक्त चाप को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है (8)। हाई ब्लड प्रेशर का उपचार करने लिए डॉक्टर की सलाह पर प्याज के रस का इस प्रकार सेवन कर सकते हैं।

6. नारियल पानी

सामग्री:

  • करीब 250-300 एमएल नारियल पानी

कैसे करें इस्तेमाल:

  • रोज सुबह नारियल पानी का सेवन करें।

कैसे है लाभदायक:

नारियल पानी में खनिज और लवण पर्याप्त मात्रा में मौजूद होते हैं, जो धमनियों में रक्त प्रवाह के असंतुलन को शांत करने में मदद करते हैं। शोधकर्ताओं का मानना है कि नारियल पानी में मौजूद पोटैशियम रक्तचाप को कम करने में अहम भूमिका निभा सकता है (9)। पोटैशियम रक्त में सोडियम के स्तर को संतुलित करता है। हाई ब्लड प्रेशर की दवा के रूप में नारियल पानी का सेवन किया जा सकता है।

7. तरबूज

सामग्री:

  • तरबूज (आवश्यकतानुसार)

कैसे करें इस्तेमाल:

  • ताजे तरबूज को साफ चाकू की मदद से छोटा-छोटा काट लें।
  • फिर करीब एक बाउल प्रतिदिन खाएं।

कैसे है लाभदायक:

तरबूज एक गुणकारी फल है, जिसका सेवन उच्च रक्तचाप से बचने के लिए किया जा सकता है। तरबूज में मौजूद एमिनो एसिड एल-साइट्रूलाइन और एल-आर्जिनिन तत्व हाई ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करते हैं (10)। तरबूज को हाई ग्लिसेमिक इंडेक्स फूड की श्रेणी में रखा गया है (11)। हाई ग्लिसेमिक इंडेक्स में आने वाले खाद्य पदार्थ डायबिटीज से ग्रस्त मरीजों के लिए हानिकारक हो सकते हैं (12)। इसलिए, डॉक्टर की सलाह पर ही इसका सेवन करें।

8. दालचीनी

सामग्री:

  • दालचीनी पाउडर
  • एक गिलास गर्म पानी

कैसे करें इस्तेमाल:

  • चुटकी भरी दालचीनी पाउडर को खाना बनाते वक्त इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • इसे सप्लीमेंट्री के रूप में भी ले सकते हैं, लेकिन इसके लिए पहले डॉक्टर से पूछना जरूरी है।
  • इसके अलावा, चम्मच का एक चौथाई दालचीनी पाउडर एक गिलास गर्म पानी में मिक्स करके रोज सुबह ले सकते हैं।

कैसे है लाभदायक:

दालचीनी में कई यौगिक तत्व पाए जाते हैं, जो स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं। इसमें पॉलीफेनॉल, एंटीऑक्सीडेंट और सिनामाल्डेहाइड व सिनेमिक एसिड शामिल है। ये सभी तत्व रक्तचाप को नियंत्रित करने के काम आ सकते हैं (13)।

9. नींबू

सामग्री:

  • आधे नींबू का रस
  • एक कप पानी

कैसे करें इस्तेमाल:

  • पानी में नींबू का रस मिलाकर गर्म करे लें और रोज सुबह खाली पेट पिएं।

कैसे है लाभदायक:

नींबू रक्त वाहिकाओं को नरम और लचीला बनाने में मदद करता है। नींबू एंटी-ऑक्सीडेंट से समृद्ध होता है, जिससे कोशिकाएं स्वस्थ रहती हैं। हाई ब्लड प्रेशर से बचने या उसके लक्षणों को कम करने के लिए नींबू का इस्तेमाल किया जा सकता है (14)।

10. आलू

सामग्री:

  • उबले हुए आलू ( 2 मध्यम आकार)
  • चुटकी भर काली मिर्च
  • नींबू के रस की 6-7 बूंदें

कैसे करें इस्तेमाल:

  • आलू को उबाल लें और चुटकी भर काली मिर्च का पाउडर व 6-7 बूंदें नींबू की मिलाकर सलाद के रूप में खाएं।
  • आप हफ्ते में दो बार इस प्रकार आलू का सेवन कर सकते हैं।

कैसे है लाभदायक:

सब्जियों में आलू का सेवन कर उच्च रक्तचाप के खतरे को कम किया जा सकता है। आलू में पर्याप्त मात्रा में पोटैशियम होता है (15), जबकि पोटैशियम हाई ब्लड प्रेशर को कुछ हद तक कम करने में कारगर माना गया है (9)। इस प्रकार आलू का सेवन कर हाई ब्लड प्रेशर का इलाज घर बैठे-बैठे किया जा सकता है।

11. अजवाइन

सामग्री:

  • अजवाइन की चार मध्यम आकार की डंठल

कैसे करें इस्तेमाल:

  • सबसे पहले साफ पानी से अजवाइन की डंठलों को धो लें।
  • अब जूसर की मदद से डंठलों का जूस निकला लें।
  • उच्च रक्तचाप की स्थिति में रोज सुबह खाली पेट जूस को पिएं।

कैसे है लाभदायक:

अजवाइन के पत्तों के रस में 3-एन-ब्यूटिल फाथालाइड और एपिगेनिन जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो उच्च रक्तचाप की स्थिति में फायदा पहुंचाते हैं। फाथालाइड रक्त वाहिकाओं की चिकनी मांसपेशियों को आराम पहुंचाने में मदद करता है। उच्च रक्तचाप को कम करने के लिए अजवाइन का यह घरेलू उपाय किया जा सकता है (6)।

12. गाजर

सामग्री:

  • मध्यम आकार की 4 गाजर

कैसे करें इस्तेमाल:

  • गाजर को पहले साफ पानी से धो लें।
  • जूसर की मदद से इन गाजरों का जूस निकाल लें।
  • रोज सुबह खाली पेट जूस का सेवन करें।

कैसे है लाभदायक:

उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए गाजर का सेवन भी किया जा सकता है। गाजर में पोटैशियम और बीटा कैरोटीन जैसे तत्व मौजूद होते हैं। गाजर का जूस सिस्टोलिक उच्च रक्तचाप को कम करने में मदद कर सकता है। गाजर का जूस ह्रदय और गुर्दों के लिए भी फायदेमंद है (16)। हाई ब्लड प्रेशर की दवा के रूप में डॉक्टर की सलाह पर गाजर का सेवन किया जा सकता है।

13. लाल मिर्च

सामग्री:

  • एक चौथाई चम्मच लाल मिर्च का पाउडर

कैसे करें इस्तेमाल:

  • आधे गिलास पानी में लाल मिर्च का पाउडर अच्छी तरह मिलाकर सुबह पिएं।

या फिर

  • सब्जियों की सलाद (गाजर, मूली, बंदगोभी व चुकंदर आदि) पर चुटकी भर लाल मिर्च का पाउडर छिड़कर सेवन कर सकते हैं।
  • इसके अलावा, भोजन पकाने में आवश्यकतानुसार लाल मिर्च का इस्तेमाल कर सकते हैं।

कैसे है लाभदायक:

लाल मिर्च तीखी होती है, लेकिन उच्च रक्तचाप को कुछ हद तक नियंत्रित करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। लाल मिर्च प्राकृतिक रूप से रक्तचाप को कम करने में मदद करती है। लाल मिर्च में कैप्साइसिन नामक तत्व पाया जाता है, जो रक्तचाप को संतुलित करने में मदद कर सकता है (17)।

14. केला

सामग्री:

  • 2-3 केले
  • संतरे का जूस (वैकल्पिक)

कैसे करें इस्तेमाल:

  • रोजाना 2-3 केलों का सेवन करें।
  • आप चाहें तो सुबह नाश्ते में एक गिलास संतरे के जूस के साथ एक केला खा भी सकते हैं।

कैसे है लाभदायक:

केले में सोडियम कम होता है और कोलेस्ट्रॉल की मात्रा शून्य होती है। केले में पोटैशियम की मात्रा भी पाई जाती है, जो रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है (18), (19)। हाई ब्लड प्रेशर की दवा के रूप में केले का सेवन किया जा सकता है।

15. मूली

सामग्री:

  • मध्यम आकार की ताजी मूली

कैसे करें इस्तेमाल:

  • आप भोजन के समय मूली का सेवन सलाद के रूप में कर सकते हैं।
  • अगर आप चाहें तो मूली की सब्जी बनाकर भी खा सकते हैं।

कैसे है लाभदायक:

एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक मेडिकल रिसर्च के अनुसार, मूली के पत्तों में एंटीहाइपरटेंसिव प्रभाव पाया जाता है। एंटीहाइपरटेंसिव गुण उच्च रक्तचाप को कम करने में मदद कर सकता है। इसलिए, अगर मूली के पत्तों का इस्तेमाल किया जाए, तो उच्च रक्तचाप के प्रभाव को कुछ कम किया जा सकता है (20)। फिलहाल, उच्च रक्तचाप के संबंध में मूली पर और वैज्ञानिक अध्ययन की जरूरत है। इसलिए, मूली का सेवन डॉक्टर की सलाह पर ही किया जाए।

नोट : अगर कोई किसी गंभीर शारीरिक समस्या से ग्रसित हैं, तो उपरोक्त घरेलू उपायों को अपनाने से पहले डॉक्टर से एक बार जरूर पूछ लें।

आर्टिकल में आगे हम कुछ और काम की बातें बता रहे हैं।

उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) के लिए कुछ और टिप्स – Other Tips for High Blood Pressure Treatment in Hindi

  1. शरीर का वजन : उच्च रक्तचाप के कारण शरीर का वजन प्रभावित हो सकता है। इसलिए, शरीर के वजन को बनाए रखने के लिए डॉक्टर से बॉडी मास इंडेक्स को मापने और गणना के लिए जरूर कहें।
  1. धूम्रपान : उच्च रक्तचाप का एक कारण धूम्रपान भी है (21)। इसलिए, हाई ब्लड प्रेशर की पहचान होने पर धूम्रपान बिल्कुल न करें।
  1. भोजन: उच्च रक्तचाप को कम करने के लिए DASH (Dietary Approaches to Stop Hypertension) Diet का पालन करें। DASH फल, सब्जी व दूध आधारित खाध पदार्थ और बिना चर्बी वाले मांस का सेवन करने के लिए प्रोत्साहित करता है (22)। इस डाइट के माध्यम से हाई बीपी को कुछ हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
  1. योग : योग एक आध्यात्मिक मार्ग है, जो तनाव को कम करके उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करता है। शरीर को रोगमुक्त और स्वस्थ रखने के लिए विभिन्न प्रकार के योगासन किए जाते हैं। रक्तचाप के लिए शुरुआत में किसी योग्य योग विशेषज्ञ से योग सीख सकते हैं (23)।
  1. अल्कोहल: अधिक शराब का सेवन करने से भी उच्च रक्तचाप का खतरा बढ़ जाता है। अगर कोई हाई ब्लड प्रेशर का मरीज हैं, तो भूलकर भी मदिरापान न करें (24)।
  1. तनाव पर नियंत्रण: अधिक तनाव कई शारीरिक बीमारियों की जड़ है, जिसमें हाइपरटेंशन भी शामिल है। इसलिए, हाई ब्लड प्रेशर से निजात पाने के लिए तनाव पर नियंत्रण रखना जरूरी है। अधिक तनाव के कारण शरीर में वाहिकासंकीर्णन (vasoconstriction) हार्मोन की वृद्धि होती है। यह हार्मोन रक्त वाहिकाओं को संकीर्ण कर और ह्रदय गति को बढ़ाकर उच्च रक्तचाप का कारण बनता हैं (25)। तनाव को नियंत्रित कर हाई बीपी का इलाज किया जा सकता है।

उच्च रक्तचाप एक ऐसी शारीरिक समस्या है, जिसे पूरी तरह खत्म कर पाना मुश्किल है, लेकिन इसे नियंत्रित किया जा सकता है। इस लेख में बताए गए घरेलू नुस्खों को जीवनशैली का हिस्सा बनाकर हाई ब्लड प्रेशर को कुछ हद तक काबू किया जा सकता है। अगर आप इस विषय के संबंध में कुछ और जानना चाहते हैं, तो अपने सवाल नीचे दिए कमेंट बॉक्स के जरिए हम तक पहुंचा सकते हैं। हम वैज्ञानिक प्रमाण सहित जवाब देने का प्रयास करेंगे।

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Nripendra Balmiki

नृपेंद्र बाल्मीकि एक युवा लेखक और पत्रकार हैं, जिन्होंने उत्तराखंड से पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर (एमए) की डिग्री प्राप्त की है। नृपेंद्र विभिन्न विषयों पर लिखना पसंद करते हैं, खासकर स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर इनकी पकड़ अच्छी है। नृपेंद्र एक कवि भी हैं और कई बड़े मंचों पर कविता पाठ कर चुके हैं। कविताओं के लिए इन्हें हैदराबाद के एक प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है।

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