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उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) के लिए आहार – क्या खाएं और क्या न खाएं – High Blood Pressure (Hypertension) Diet Chart in Hindi

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उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) के लिए आहार – क्या खाएं और क्या न खाएं – High Blood Pressure (Hypertension) Diet Chart in Hindi Hyderabd040-395603080 January 3, 2019

आपको जानकर हैरानी होगी, लेकिन यह सच है कि करीब 5.7 करोड़ लोग उच्च रक्तचाप से पीड़ित हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का मानना है कि उच्च रक्तचाप के कारण दिल का दौरा पड़ने, आंखों की रोशनी प्रभावित होने और यहां तक कि मौत की आशंका कई गुना बढ़ जाती है (1)। इसके लिए काफी हद तक हमारी जीवनशैली जिम्मेदार है। असंतुलित भोजन, घंटों बैठकर काम करना, शारीरिक गतिविधियों में कमी लाना व मानसिक तनाव के कारण हर उम्र का व्यक्ति इसकी चपेट में आ रहा है। ऐसा नहीं है कि इस बीमारी से लड़ा या बचा नहीं जा सकता, बस जरूरत है संतुलित दिनचर्या को हासिल करने की। साथ ही उच्च रक्तचाप के लिए आहार (high blood pressure diet) का सेवन करने की जरूर है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम उन खाद्य पदार्थों के बारे में बात करेंगे, जिनके सेवन से उच्च रक्तचाप से बचा जा सकता है।

विषय सूची


सबसे पहले हम यह जान लेते हैं कि उच्च रक्तचाप होता क्या है।

क्या है उच्च रक्तचाप – What is High Blood Pressure (Hypertension)?

जब शरीर की धमनियों में रक्त का दबाव सामान्य से अधिक हो जाता है, तो उस स्थिति को उच्च रक्तचाप कहते हैं (2)। ऐसा होने पर रक्त नलिकाओं के फटने का अंदेशा रहता है। साथ ही दिल से जुड़ी विभिन्न प्रकार की बीमारियां और किडनी तक में समस्या हो सकती है (3)। इतना ही नहीं, अगर इसे समय रहते गंभीरता से न लिया जाए, तो यह साइलंट किलर की तरह काम कर सकता है। सामान्य परिस्थितियों में रक्तचाप 120/80 एमएम एचजी होता है। अगर रक्त का दबाव 130/85 या उससे अधिक पहुंच जाए, तो उसे उच्च रक्तचाप कहा जाता है। रक्तचाप को दो तरीके से मापा जाता है :

  • सिस्टोलिक : इसे उच्चतम रीडिंग कहा जाता है। जैसा कि ऊपर हमने बताया कि सामान्य रक्तचाप 120/80 एमएम एचजी होता है, तो इसमें 120 सिस्टोलिक होगा। इसे तब मापा जाता है, जब दिल धड़क रहा होता है।
  • डायस्टोलिक : इसे निचली रीडिंग कहा जाता है। 120/80 एमएम एचजी में से 80 को डायस्टोलिक कहा जाता है। इसे तब मापा जाता है, जब दिल की धड़क कुछ पल के लिए शांत होती है। जब रक्तचाप 90/60 होता है, तो इसे निम्न रक्तचाप कहा जाता है (4) (5)।

अगर आप अपने रक्चताप को नियंत्रित रखना चाहते हैं, तो संतुलित आहार खाएं और दिनभर में 1500 से 2 हजार कैलोरी का सेवन करें (6)। इस लेख में हम उच्च रक्तचाप के मरीजों लिए संपूर्ण डाइट चार्ट (diet chart for high blood pressure patient) लेकर आए हैं। उच्च रक्तचाप के लिए आहार (high blood pressure diet) का पालन करने से निश्चित रूप से आपका रक्तचाप संतुलित होगा ।

आइए, जानते हैं कि उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों का संतुलित आहार चार्ट (high blood pressure diet chart) कैसा होना चाहिए।

उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) के लिए आहार चार्ट – Diet Chart for High Blood Pressure in Hindi

Diet Chart for High Blood Pressure in Hindi Pinit

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उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए डैश डाइट (DASH Diet) को सबसे बेहतर माना गया है (7)। नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ ने भी अपने शोध में इस बात की पुष्टि की है कि उच्च रक्तचाप के लिए डैश डाइट फायदेमंद है। इसमें फल, सब्जियों, कम वसा वाले डेयरी उत्पादों व निम्न सैचुरेटेड फैट वाले खाद्य पदार्थों को शामिल किया जाता है। यह डाइट चार्ट शरीर में सोडियम की मात्रा को कम करने में मदद करता है। हम इस के आधार पर आपके साथ डैश डाइट चार्ट शेयर कर रहे हैं। बेशक, यह उच्च रक्तचाप में फायदेमंद है, लेकिन हर व्यक्ति की शरीरिक संरचना और समस्याएं अलग-अलग होती हैं, इसलिए इस चार्ट का पालन करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर ले लें।

समयक्या खाएंकैलोरी
सुबह उठते हीरात को पानी में एक चम्मच मैथी के दाने डालकर रख दें और सुबह उठकर खाली पेट एक कप यह पानी पिएं।36
नाश्ताआटा ब्रेड की एक स्लाइस पर दो चम्मच पीनट बटर लगाकर खाएं। साथ में एक अंडा और एक कप ताजा जूस (बिना शुगर) लें।

या फिर

वेजिटेबल क्विनोआ के साथ आधा कप कम फैट वाला दूध और दो बादाम ले सकते हैं।

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ब्रंचएक कप ब्लूबेरी व 15 भुने हुए बिना नमक वाले बादाम200
दोपहर का खानामध्य आकार के बाउल में विभिन्न सब्जियों को मिक्स करके सलाद बना लें और खाएं।

या फिर

मध्म आकार के बाउल में हरी पत्तेदार सब्जियां व मशरूम को मिक्स करके सलाद बना लें और उस पर हल्का-सा जैतून का तेल डाल दें।

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शाम का नाश्ताएक संतरा62
रात का खानालहसुन के साथ भुनी हुई एक सर्विंग जितनी सैमन मछली और अंकुरित दाल।

या फिर

आधा कप मसूर की दाल, जिस पर आप एक चम्मच जैतून का तेल, स्वादानुसार नमक व मिर्च डाल सकते हैं।

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अब हम बात करेंगे कि उच्च रक्तचाप में क्या खाना चाहिए।

उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) में क्या खाएं – Food for High Blood Pressure in Hindi

1. हरी पत्तेदार सब्जियां

Green leafy vegetables for High BP in Hindi Pinit

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अगर आप दिनभर के तनाव को कम करना चाहते हैं, तो हरी पत्तेदार सब्जियां इसमें आपकी मदद कर सकती हैं। इन सब्जियों में पोटेशियम पाया जाता है, जो शरीर से सोडियम (यह उच्च रक्तचाप का एक मुख्य कारण है) को बाहर निकालने का काम करता है। उच्च रक्तचाप के लिए आहार (high blood pressure diet) में इसे शामिल करने से रक्तचाप सामान्य स्तर पर आ जाता है।

आप इन हरी पत्तेदार सब्जियों को अपने भोजन में जरूर शामिल करें।

  • गोभी
  • पालक
  • आर्गुला
  • मूली के पत्ते
  • शलजम के पत्ते
  • चुकंदर के पत्ते

2. दलिया

दलिये में भरपूर मात्रा में फाइबर, विटामिन व मिनरल्स पाए जाते हैं। दलिया का सेवन करने से खून में लिपिट (एक प्रकार का वसा) का स्तर कम होता है, जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है। साथ ही यह उच्च रक्तचाप को भी नियंत्रित कर पाता है। विभिन्न शोध के बाद वैज्ञानिकों ने इस बात की पुष्टि की है कि जो प्रतिदिन पांच ग्राम दलिये का सेवन करता है, उनके सिस्टोलिक रक्तचाप स्तर में 7.7 एमएम एचजी की कमी आती है, जबकि डायस्टोलिक रक्तचाप के स्तर में 5.5 एमएम एचजी की कमी पाई गई है (8)। इसलिए, प्रतिदिन नाश्ते या दोपहर के खाने में दलिये को जरूर शामिल करें।

3. चुकंदर

Beetroots for High BP in Hindi Pinit

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इसमें नाइट्रिक ऑक्साइड पाया जाता है, जो रक्त नलिकाओं को फैलने में मदद करता है। इसलिए, चुकंदर का सेवन करने से उच्च रक्तचाप कम होने लगता है। चुकंदर किस तरह उच्च रक्तचाप में लाभदायक है, यह जानने के लिए ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने एक परीक्षण किया। उन्होंने 15-15 पुरुषों व महिलाओं को दो अलग-अलग ग्रुप में बांट दिया। एक ग्रुप को वैज्ञानिकों ने 500 ग्राम चुकंदर का जूस, जबकि अन्य ग्रुप को सेब का जूस सेवन करने के लिए दिया। जिस ग्रुप को चुकंदर का जूस दिया गया था, करीब दो हफ्ते बाद उनका सिस्टोलिक रक्तचाप स्तर चार-पांच एमएम एचजी कम पाया गया (9)।

4. डार्क चॉकलेट

यह पढ़कर आपको कुछ अटपटा लगे, लेकिन सच्चाई यही है कि 70-80 प्रतिशत डार्क चॉकलेट खाने से उच्च रक्तचाप में कमी आ सकती है। डार्क चॉकलेट में फ्लैवनॉल्स पाया जाता है, जिसका असर उच्च रक्तचाप पर पड़ता है। यूनिवर्सिटी ऑफ एडिलेड के वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रतिदिन 30-1000 एमजी डार्क चॉकलेट खाने से सिस्टोलिक और डायस्टोलिक रक्तचाप में कमी आती है (10)। इसलिए, हर कुछ दिनों के अंतराल में दोपहर या फिर रात के खाने के बाद थोड़ी-सी चॉकलेट खा सकते हैं।

5. लहसुन

लहसुन में एलिसिन नामक मुख्य तत्व पाया जाता है। यह शरीर में हाइड्रोजन सल्फाइड के उत्पादन को संतुलित करता है और नाइट्रिक ऑक्साइड को नियंत्रित करता है। इससे रक्त वाहिकाओं को तनाव मुक्त होने व फैलने में मदद मिलती है (11)। उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए आप प्रतिदिन लहसुन की एक-दो कलियों का सेवन कर सकते हैं।

6. अनार

Pomegranate for High BP in Hindi Pinit

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अनार को एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन्स, मिनरल्स और फाइबर का अच्छा स्रोत माना गया है। अगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो अनार आपके लिए सबसे बेहतर फल है। साथ ही इसे खाने से शरीर में रक्त की पूर्ति होती है और चेहरे का निखार बढ़ने लगता है। विभिन्न शोधों में पाया गया है कि अगर आप नियमित रूप से अनार जूस का सेवन करते हैं, तो सिस्टोलिक रक्तचाप में कमी आती है (12)। डॉक्टरों के अनुसार, जिन्हें उच्च रक्तचाप की समस्या है, उन्हें हर कुछ दिनों के अंतराल में एक-दो गिलास अनार जूस पीना चाहिए।

7. पिस्ता

अच्छे स्वास्थ्य के लिए पिस्ता को उत्तम माना गया है। खासकर, उच्च रक्तचाप से पीड़ित मरीजों को इसका करना सेवन करना चाहिए। अगर इसे सीमित मात्रा में लिया जाए, तो वजन कम करने में मदद मिल सकती है। यह रक्त में लिपिड के स्तर को कम करने में सक्षम है। एक अमेरिकन रिसर्च में इस बात की पुष्टि की गई है कि जिन्हें डिसलिपिडेमिया (रक्त में कोलेस्ट्रोल या लिपिड की अत्यधिक मात्रा) है, अगर वो कम वसा युक्त भोजन के साथ पिस्ता खाते हैं, तो उनके सिस्टोलिक रक्तचाप में दो-चार एमएम एचजी की कमी आ सकती है (13)। रक्तचाप को संतुलित करने के लिए प्रतिदिन बिना नमक वाले 25 पिस्ता खाए जा सकते हैं। उच्च रक्तचाप के लिए आहार (high blood pressure diet) में इसे जरूर शामिल करें।

8. फैटी फिश

सेलमन, मैकेरल, हिलसा और टूना मछली में ओमेगा-3-फैटी एसिड पाया जाता है। इनका सेवन करने से शरीर में आई सूजन को कम किया जा सकता है। इन मछलियों में भरपूर मात्रा में विटामिन-डी पाया जाता है। वैज्ञानिकों का दावा है कि ओमेगा-3 में DHA पाया जाता है, जो शरीर की कोशिकाओं में वोल्टेज-गेटेड चैनल को सक्रिय करता है, जो सोडियम को जड़ से खत्म कर देता है (14)। साथ ही शोध में यह भी पाया गया है कि फैटी फिश का सेवन करने से न सिर्फ वजन कम होता है, बल्कि सिस्टोलिक व डायस्टोलिक रक्तचाप में भी कमी आती है (15)। आप डॉक्टर से सलाह लेने के बाद हफ्ते भर में फैटी फिश के तीन-चार सर्विंग बाउल का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा, आप फिश ऑयल को भी सप्लीमेंट के तौर पर अपने भोजन में शामिल कर सकते हैं।

9. योगर्ट

Yogurt for High BP in Hindi Pinit

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यह एक प्रकार की दही होती है। इसमें वसा की मात्रा कम होती है और कैल्शियम व पोटेशियम पर्याप्त मात्रा में होता है। डॉक्टरों का कहना है कि कैल्शियम और पोटिशयम शरीर से सोडियम को बाहर निकालने में मदद करते हैं। न्यूट्रिएंट्स नामक जरनल में प्रकाशित हुई एक स्टडी के अनुसार, योगर्ट खाने से उच्च रक्तचाप को कम करने में मदद मिलती है (16)। इसलिए, आप प्रतिदिन एक-दो कटोरी योगर्ट का सेवन कर सकते हैं।

10. जैतून का तेल

इस तेल में पॉलीफेनोल पाया जाता है, जो उच्च रक्तचाप को कम करने में सक्षम है। वैज्ञानिक शोध में पाया गया है कि अगर नियमित रूप से सीमित मात्रा में जैतून का तेल अपने भोजन में शामिल किया जाए, तो बैड कोलेस्ट्रोल और सिस्टोलिक रक्तचाप कम हो सकता है। इसका असर न सिर्फ युवा महिलाओें, बल्कि अधिक उम्र की महिलाओं पर भी हो सकता है (17) (18)।

11. बीज

अन्य खाद्य पदार्थों की तरह प्राकृतिक बीजों में भी कई पोषक व गुणकारी तत्व होते हैं। इनमें कद्दू, सूरजमुखी, खरबूजे व चिया (तुलसी प्रजाति) के बीज प्रमुख हैं। ये बीज फाइबर, स्वस्थ वसा, विटामिन्स और मिनरल्स के प्रमुख स्रोत हैं। ये बीज वजन कम करने के साथ-साथ रक्तचाप को संतुलित करने का काम भी बखूबी करते हैं। आप प्रतिदिन अपनी स्मूदी में या फिर नाश्ते और सलाद में इन बीजों के एक-दो चम्मच शामिल कर सकते हैं।

12. विटामिन-सी युक्त फल

अंगूर, संतरा, किवी, नींबू व मौसमी सिट्रस फलों की श्रेणी में आते हैं। इन्हें विटामिन-सी का सबसे अच्छा स्रोत माना गया है। ये उच्च रक्तचाप को कम करने में सक्षम हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर प्रतिदिन 500 ग्राम विटामिन-सी का सेवन किया जाए, तो ये सिस्टोलिक व डायस्टोलिक रक्तचाप को क्रमश: 3.84 एमएच एचजी व 1.48 एमएच एचजी तक कम कर सकता है (19)। अगर विटामिन-सी युक्त दो तरह के फल का प्रतिदिन सेवन किया जाए, तो सेहत में जल्द ही सकारात्मक असर नजर आ सकता है।

यह तो बात रही कि उच्च रक्तचाप में किन खाद्य पदार्थों का सेवन किया जाए। आगे हम जानते हैं कि क्या न खाएं।

उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) में क्या नहीं खाना चाहिए – Foods to Avoid in High BP in Hindi

  • चिप्स
  • कैंडी
  • नमकीन ड्राइ फ्रूट
  • शराब व धूम्रपान
  • पैस्ट्री
  • पिज्जा
  • पैक्ड जूस
  • एनर्जी ड्रिंक्स
  • कैन्ड फूड
  • वाइट ब्रेड
  • पैक्ड सूप
  • प्रोसेस्ट मांस
  • पैक्ड फूड
  • प्रीपैक्ड पास्ता
  • केचअप व साॅस
  • अधिक वसा वाला सलाद
  • सोडा
  • चाय व कॉफी
  • अधिक चीनी
  • कुकीज

उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) के लिए कुछ और डायट टिप्स – Other Tips for High BP Diet in Hindi

  • जितना हो सके खाने में नमक को कम रखें। साथ ही उन पेय पदार्थों से दूरी बनाए रखें, जिनमें सोडियम का स्तर ज्यादा होता है।
  • अचार का सेवन बंद कर देना चाहिए, क्योंकि इसमें भी अधिक मात्रा में नमक होता है।
  • तले हुए व मिर्च-मसाले वाले खाने से परहेज करें। ऐसा भोजन करने से रक्त का दबाव बढ़ जाता है।
  • अधिक से अधिक ताजे व पौष्टिक खाद्य पदार्थों का सेवन करें। इससे न सिर्फ शरीर का वजन संतुलित रहेगा, बल्कि रक्त में लिपिट के स्तर में भी सुधार होगा, जिससे उच्च रक्तचाप में कमी आएगी।
  • जितना हो सके पानी पिएं। अधिक पानी पीने से मूत्र के जरिए विषैले जीवाणु शरीर से बाहर निकल जाते हैं और पाचन तंत्र भी अच्छी तरह काम करता है।
  • नकारात्मक विचारों को अपने दिल-दिमाग में बिल्कुल भी न आने दें। इससे स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है।
  • अगर संभव हो तो आप मेडिटेशन कर सकते हैं। इसके अलावा, अपने पसंद के काम में खुद को व्यस्त रखें। इसके लिए आप किताब पढ़ सकते हैं, पेंटिंग कर सकते हैं या फिर अगर आपको खाना बनाना पसंद है, तो अपनी पसंदीदा कोई हेल्दी डिश बना सकते हैं।
  • नियमित रूप से व्यायाम करना भी जरूरी है। ऐसा करने से आप शारीरिक व मानसिक तौर पर नई ऊर्जा को महसूस करेंगे।
  • अगर आपका वजन ज्यादा है या फिर मोटापे का शिकार हैं, तो वजन कम करें। अधिक वजन होने के कारण उच्च रक्तचाप होने की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। इसके लिए आप जिम ट्रेनर या फिर योग प्रशिक्षक की देखरेख में अपना वजन कम कर सकते हैं।
  • उच्च रक्तचाप में लाल मांस का सेवन करना हानिकारिक होता है। इसकी जगह सेल्मन व टूना जैसी ओमेगा-3-फैटी एसिड से भरपूर मछली का सेवन कर सकते हैं। इसे भी फ्राई की जगह उबालकर खाएं।
  • अगर आपके परिवार में किसी को उच्च रक्तचाप की समस्या रही है या फिर आपको लगता है कि आप इसके शिकंजे में आ रहे हैं, तो अपने रक्तचाप को नियमित रूप से चेक करते रहें। इससे आपको समय रहते किसी गंभीर स्थिति से निपटने में मदद मिलेगी और संतुलित आहार का सेवन करें।

इस लेख के अंतिम भाग में हम उच्च रक्तचाप को कम करने वाले व्यायाम व योग की बात करेंगे।

[पढ़े: उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) के लक्षण, इलाज और घरेलू उपचार]

उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) के लिए कुछ व्यायाम और योगासन – Some Exercise and Yoga for High Blood Pressure in Hindi

इन योगासनों से नियंत्रित होगा उच्च रक्तचाप।

Yoga for High BP in Hindi Pinit

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  • अनुलोम-विलोम : सुखासन में बैठकर आंखें बंद कर लें। इसके बाद दाएं हाथ के अंगुठे से दाईं नासिका को बंद कर लें और बाईं नासिका से बिना आवाज किए सांस लें। फिर अंगुली से बाईं नासिका को बंंद कर दें और दाईं नासिका से सांस छोड़ें। इसी तरह दाईं नासिका से सांस लेकर, बाईं नासिका से छोड़ें।
  • भ्रामरी प्राणायाम : सुखासन में बैठ जाएं और आंखें बंद करके गहरी सांस खींचें। फिर दोनों हाथों की मध्यम अंगुलियों को नासिकाओं के मूल में आंखों के पास रखकर हल्का दबाएं और दोनों अंगुठों से कान बंद कर दें। इसके बाद मुंह को बंद रखकर ओम का उच्चारण करें और मधुमक्खी के गुनगुनाने की ध्वनी के साथ सांस छोड़ें। ऐसा करने से पूरे शरीर में कंपन महसूस होगा।
  • बालासन : आप वज्रासन में बैठ जाएं और सांस लेते हुए हाथों को ऊपर उठाएं। कमर को सीधा रखें। अब सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें। जब तक आपकी हथेलियां जमीन से न लग जाएं, तब तक झुकते रहें। ध्यान रहे कि आपको कमर से झुकना है, कूल्हों को ऊपर नहीं उठाना। सिर को जमीन से लगाने का प्रयास करें। कुछ देर इसी मुद्रा में रहने के बाद सांस लेते हुए सामान्य मुद्रा में आ जाएं।
  • वज्रासन : इसमें घुटनों को मोड़कर कूल्हों को एड़ियों से सटा दें। इसे आप किसी भी समय कर सकते हैं। यहां तक कि भोजन करने के बाद भी इसे किया जा सकता है।
  • सेतुबंधासन : पीठ के बल सीधा लेट जाएं और हाथों को शरीर से सटाकर रखें। हथेलियां जमीन से सटी होनी चाहिए। अब घुटनों को मोड़ लें और तलवों को जमीन से सटा कर रखें। इसके बाद सांस लेते हुए हाथों के बल कूल्हों, पीठ और शरीर के ऊपरी हिस्से को ऊपर उठाएं। बिना ठोड़ी को हिलाए छाती को उससे छूने का प्रयास करें। इस दौरान शरीर का पूरा भार हाथों, कंधों व पैरों पर रहेगा। करीब एक-दो मिनट इस मुद्रा में रहने के बाद मूल स्थिति में लौट आएं।

उच्च रक्तचाप में ये व्यायाम भी किए जा सकते हैं।

Swimming for High BP in Hindi Pinit

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  • कार्डियो या एरोबिक्स व्यायाम : इससे उच्च रक्तचाप कम होता है और ह्रदय मजबूत होता है। इसमें आप कुछ देर पैदल चल सकते हैं, जॉगिंग कर सकते हैं, साइकल चला सकते हैं या फिर वॉटर एरोबिक्स कर सकते हैं। इस तरह के व्यायाम में स्विमिंग को सबसे बेहतर माना गया है। स्विमिंग करने से शरीर के सभी अंग सक्रिय हो जाते हैं।
  • स्ट्रैंथ ट्रेनिंग : इसे करने से मांसपेशियां मजबूत होती हैं, जिससे अधिक कैलोरी बर्न करने में मदद मिलती है। यह शरीर के सभी जोड़ों व हड्डियों के लिए अच्छा है।
  • स्ट्रेचिंग : इससे शरीर में लचीलापन आता है। आप दिनभर के काम आसानी से कर पाते हैं।

उच्च रक्तचाप को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर आपके परिवार में भी किसी को यह बीमारी रही है, तो ऐसे में आपके लिए और जागरूक रहना जरूरी है। इसलिए, जितना हो सके अपने खानपान पर ध्यान दें और संतुलित जीवन का आनंद लें। अगर आपके मन में उच्च रक्तचाप को लेकर कोई अन्य शंका है, तो आप हमारे साथ शेयर कर सकते हैं। हम उसे दूर करने का हर संभव प्रयास करेंगे। आप नीचे दिए कमेंट बॉक्स में अपने अनुभव हमारे साथ साझा कर सकते हैं।

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