उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) के लिए आहार – क्या खाएं और क्या न खाएं – High Blood Pressure (Hypertension) Diet Chart in Hindi

Reviewed By Registered Dietitian Dt. Arpita Jain, Clinical Dietitian, Certified Sports Nutritionist
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आपको जानकर हैरानी होगी, लेकिन यह सच है कि करीब 5.7 करोड़ लोग उच्च रक्तचाप से पीड़ित हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का मानना है कि उच्च रक्तचाप के कारण दिल का दौरा पड़ने, आंखों की रोशनी प्रभावित होने और यहां तक कि मौत की आशंका कई गुना बढ़ जाती है (1)। असंतुलित भोजन, घंटों बैठकर काम करना, शारीरिक गतिविधियों में कमी लाना व मानसिक तनाव के कारण हर उम्र का व्यक्ति इसकी चपेट में आ रहा है। ऐसा नहीं है कि इस बीमारी से लड़ा या बचा नहीं जा सकता, बस जरूरत है, संतुलित दिनचर्या को हासिल करने की। साथ ही उच्च रक्तचाप के लिए आहार का सेवन भी बहुत जरूरी है, जिसमें प्रतिदिन 2000 कैलोरी से अधिक ऊर्जा शामिल न हो (2)। यही वजह है कि स्टाइलक्रेज के इस लेख में हाई ब्लड प्रेशर में क्या खाना चाहिए क्या नहीं खाना चाहिए इस बारे में हम विस्तार से बताने जा रहे हैं।

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तो आइए, सबसे पहले हम हाई ब्लड प्रेशर डाइट चार्ट पर एक नजर डाल लेते हैं।

उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) के लिए आहार चार्ट – Diet Chart for High Blood Pressure in Hindi

उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए हाई ब्लड प्रेशर डाइट के तौर पर डैश डाइट (DASH Diet) को सबसे बेहतर माना गया है (3)। नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ ने भी माना है कि उच्च रक्तचाप के लिए डैश डाइट फायदेमंद है। इसमें फल, सब्जियों, कम वसा वाले डेयरी उत्पादों व निम्न सैचुरेटेड फैट वाले खाद्य पदार्थों को शामिल किया जाता है। यह हाई ब्लड प्रेशर डाइट चार्ट शरीर में सोडियम की मात्रा को कम करने में मदद करता है। हम इस के आधार पर आपके साथ डैश डाइट चार्ट का एक नमूना शेयर कर रहे हैं (2)। बेशक, इस हाई ब्लड प्रेशर डाइट चार्ट के नमूने में शामिल आहार शैली उच्च रक्तचाप में फायदेमंद है, लेकिन हर व्यक्ति की शारीरिक संरचना और समस्याएं अलग-अलग होती हैं, इसलिए इस चार्ट का पालन करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर ले लें।          

समयक्या खाएंकैलोरी
  सुबह उठते ही (6 से 7 बजे)रात को पानी में एक चम्मच मेथी के दाने डालकर रख दें और सुबह उठकर खाली पेट एक कप यह पानी पिएं।36
        नाश्ता (8 से 9:30 बजे) व्हीट ब्रेड की एक स्लाइस पर दो चम्मच पीनट बटर लगाकर खाएं। साथ में एक अंडा और एक कप ताजा जूस (बिना शुगर) लें।

या फिर

वेजिटेबल क्विनोआ के साथ आधा कप कम फैट वाला दूध और दो बादाम ले सकते हैं।

 

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        ब्रंच (10:30 से 12 बजे)एक कप ब्लूबेरी व 15 भुने हुए बिना नमक वाले बादाम200
दोपहर का खाना (1 से 2 बजे)मध्य आकार के बाउल में विभिन्न सब्जियों को मिक्स करके सलाद बना लें और खाएं।

या फिर

मध्य आकार के बाउल में हरी पत्तेदार सब्जियां व मशरूम को मिक्स करके सलाद बना लें और उस पर हल्का-सा जैतून का तेल डाल दें।

 

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शाम का नाश्ता (4:30 से 6 बजे)एक संतरा62
रात का खाना (7 से 9 बजे)लहसुन के साथ भुनी हुई एक सर्विंग जितनी सैल्मन मछली और अंकुरित दाल।

या फिर

आधा कप मसूर की दाल, जिस पर आप एक चम्मच जैतून का तेल, स्वादानुसार नमक व मिर्च डाल सकते हैं।

 

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हाई ब्लड प्रेशर डाइट चार्ट के बाद अब हम हाई ब्लड प्रेशर में क्या खाना चाहिए? इस बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।

उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) में क्या खाएं – Food for High Blood Pressure in Hindi

 लेख के इस भाग में हम हाई ब्लड प्रेशर में क्या खाना चाहिए, इस बारे में विस्तार से बताने का प्रयास कर रहे हैं। हाई बीपी आहार में शामिल की जाने वाली चीजें कुछ इस प्रकार हैं :

1. हरी पत्तेदार सब्जियां

दिनभर के तनाव को कम करने के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां काफी हद तक मददगार साबित हो सकती हैं। एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) के एक शोध के मुताबिक  इन सब्जियों में एंटीऑक्सीडेंट (मुक्त कणों को नष्ट करने वाला) और एंटीइन्फ्लामेट्री (सूजन को कम करने वाला) प्रभाव पाया जाता है। यह दोनों प्रभाव संयुक्त रूप से हृदय स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हैं। साथ ही बढ़े हुए ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद कर सकते हैं (4)

हरी पत्तेदार सब्जियों में शामिल कुछ खाद्य पदार्थ इस प्रकार हैं :

  • गोभी
  • पालक
  • आर्गुला
  • मूली के पत्ते
  • शलजम के पत्ते
  • चुकंदर के पत्ते 

2. ओटमील (जई की दलिया)

जई की दलिया में भरपूर मात्रा में फाइबर, विटामिन व मिनरल्स पाए जाते हैं। दलिया का सेवन करने से खून में लिपिड (एक प्रकार का वसा) का स्तर कम हो सकता है, जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है। साथ ही यह उच्च रक्तचाप को भी नियंत्रित कर पाता है। विभिन्न शोध के बाद वैज्ञानिकों ने इस बात की पुष्टि की है कि जो प्रतिदिन पांच ग्राम जई की दलिया का सेवन करते हैं, उनके सिस्टोलिक रक्तचाप स्तर में 7.7 एमएम एचजी की कमी आ सकती है, जबकि डायस्टोलिक रक्तचाप के स्तर में 5.5 एमएम एचजी की कमी पाई गई है (5)। इसलिए, प्रतिदिन नाश्ते या दोपहर के खाने में जई की दलिया शामिल करना फायदेमंद माना जा सकता है।

3. चुकंदर

इसमें नाइट्रिक ऑक्साइड पाया जाता है, जो रक्त नलिकाओं को फैलने में मदद करता है। इसलिए, चुकंदर का सेवन करने से उच्च रक्तचाप कम हो सकता है। चुकंदर किस तरह उच्च रक्तचाप में लाभदायक है, यह जानने के लिए ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने एक परीक्षण किया। उन्होंने 15-15 पुरुषों व महिलाओं को दो अलग-अलग ग्रुप में बांट दिया। एक ग्रुप को वैज्ञानिकों ने 500 ग्राम चुकंदर का जूस, जबकि अन्य ग्रुप को सेब का जूस सेवन करने के लिए दिया। जिस ग्रुप को चुकंदर का जूस दिया गया था, करीब दो हफ्ते बाद उनका सिस्टोलिक रक्तचाप स्तर चार-पांच एमएम एचजी कम पाया गया (6)। इस आधार पर उच्च रक्तचाप के लिए आहार के तौर पर चुकंदर को उपयोगी माना जा सकता है।

4. डार्क चॉकलेट

यह पढ़कर कुछ अटपटा लगे, लेकिन सच्चाई यही है कि 70-80 प्रतिशत डार्क चॉकलेट खाने से उच्च रक्तचाप में कमी आ सकती है। डार्क चॉकलेट में फ्लैवनॉल्स पाया जाता है, जिसका असर उच्च रक्तचाप पर पड़ता है। यूनिवर्सिटी ऑफ एडिलेड के वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रतिदिन 30-1000 एमजी डार्क चॉकलेट खाने से सिस्टोलिक और डायस्टोलिक रक्तचाप में कमी आ सकती है (7)। इसलिए, हर कुछ दिनों के अंतराल में दोपहर या फिर रात के खाने के बाद थोड़ी-सी चॉकलेट खा सकते हैं।

5. लहसुन

उच्च रक्तचाप के लिए आहार में लहसुन को भी शामिल किया जा सकता है। लहसुन में एलिसिन नामक मुख्य तत्व पाया जाता है। यह शरीर में हाइड्रोजन सल्फाइड के उत्पादन को संतुलित करता है और नाइट्रिक ऑक्साइड को नियंत्रित करता है। इससे रक्त वाहिकाओं को तनाव मुक्त होने व फैलने में मदद मिल सकती है (8)। उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए प्रतिदिन लहसुन की एक-दो कलियों खाई जा सकती हैं।

6. अनार

अगर कोई बढ़े हुए ब्लड प्रकार को कम करना चाहता है, तो अनार बेहतर फल हो सकता है। अनार से संबंधित एनसीबीआई के एक शोध से इस बात की पुष्टि होती है। शोध में जिक्र मिलता है कि अनार में कई औषधीय गुणों के साथ एंटीहाइपरटेंसिव (बीपी कम करने वाला) गुण पाया जाता है। इस गुण के कारण अनार का सेवन करने से सिस्टोलिक और डायसटोलिक दोनों ही प्रकार के रक्तचाप में कमी आती है (9)। डॉक्टरों के अनुसार, जिन्हें उच्च रक्तचाप की समस्या है, उन्हें हर कुछ दिनों के अंतराल में एक-दो गिलास अनार का जूस पीना चाहिए।

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7. पिस्ता

अच्छे स्वास्थ्य के लिए पिस्ता को उत्तम माना गया है। खासकर, उच्च रक्तचाप से पीड़ित मरीजों के लिए इसका सेवन फायदेमंद हो सकता है। अगर इसे सीमित मात्रा में लिया जाए, तो सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर कम करने में मदद मिल सकती है। यह रक्त में लिपिड के स्तर को कम करने में भी सक्षम है (10)। रक्तचाप को संतुलित करने के लिए प्रतिदिन बिना नमक वाले 25 पिस्ता खाए जा सकते हैं। उच्च रक्तचाप के लिए आहार (high blood pressure diet) में इसे जरूर शामिल करना चाहिए।

8. फैटी फिश

सैल्मन, मैकेरल, एनकोवी और हेरिंग मछली में ओमेगा-3-फैटी एसिड पाया जाता है। इनका सेवन करने से शरीर में आई सूजन को कम किया जा सकता है। इन मछलियों में भरपूर मात्रा में विटामिन-डी पाया जाता है। वैज्ञानिकों का दावा है कि ओमेगा-3 में DHA पाया जाता है, जो शरीर की कोशिकाओं में वोल्टेज-गेटेड चैनल को सक्रिय करता है, जो सोडियम को जड़ से खत्म कर देता है (11)। साथ ही शोध में यह भी पाया गया है कि फैटी फिश का सेवन करने से न सिर्फ वजन कम होता है, बल्कि सिस्टोलिक व डायस्टोलिक रक्तचाप में भी कमी आती है (12)। ऐसे में डॉक्टर से सलाह लेने के बाद हफ्ते भर में फैटी फिश की तीन-चार सर्विंग बाउल का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा, फिश ऑयल को भी सप्लीमेंट के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।

9. दही

हाई बीपी की समस्या में दही का उपयोग भी लाभदायक साबित हो सकता है। इस बात की पुष्टि न्यूट्रिएंट्स नामक जरनल में प्रकाशित हुई एक स्टडी से होती है। इसमें माना गया है कि दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो सकता है। इन सभी तत्वों की मौजूदगी के कारण दही मोटापे को कम कर हृदय स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद कर सकता है। साथ ही यह बढ़े हुए ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में सहायक है (13)

10. जैतून का तेल 

इस तेल में पॉलीफेनोल पाया जाता है, जो उच्च रक्तचाप को कम करने में सक्षम है। वैज्ञानिक शोध में पाया गया है कि अगर नियमित रूप से सीमित मात्रा में जैतून का तेल भोजन में शामिल किया जाए, तो खराब कोलेस्ट्रॉल और सिस्टोलिक रक्तचाप कम हो सकता है। इसका असर न सिर्फ युवा महिलाओं, बल्कि अधिक उम्र की महिलाओं पर भी हो सकता है (14) (15)

11. बीज

खाद्य विशेषज्ञ हाई बीपी की समस्या में लिए जाने वाले आहार में बीजों को भी शामिल करने की सलाह देते हैं। ये बीज फाइबर, स्वस्थ वसा, विटामिन्स और मिनरल्स के प्रमुख स्रोत हैं (16)। वहीं एक अन्य शोध में माना गया है कि बीज की श्रेणी में शामिल साबुत अनाज, नट, फलियां और कॉफी बढ़े हुए ब्लड प्रेशर को कम कर सकते हैं (17)। ऐसे में प्रतिदिन अपनी स्मूदी में या फिर नाश्ते और सलाद में इन बीजों के एक-दो चम्मच शामिल करना लाभदायक साबित हो सकता है।

12. विटामिन-सी युक्त फल

संतरा, ग्रेपफ्रूट, टैंगोलेज, मंडारिन और नींबू सिट्रस फलों की श्रेणी में आते हैं। इन्हें विटामिन-सी का सबसे अच्छा स्रोत माना गया है (18)। ये उच्च रक्तचाप को कम करने में सक्षम हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर प्रतिदिन 500 ग्राम विटामिन-सी का सेवन किया जाए, तो ये सिस्टोलिक व डायस्टोलिक रक्तचाप को क्रमश: 3.84 एमएच एचजी व 1.48 एमएच एचजी तक कम कर सकता है (19)। ऐसे में अगर विटामिन-सी युक्त दो तरह के फल का प्रतिदिन सेवन किया जाए, तो सेहत में जल्द ही सकारात्मक असर नजर आ सकता है।

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हाई ब्लड प्रेशर में क्या खाना चाहिए? जानने के बाद अब हम हाई ब्लड प्रेशर में क्या नहीं खाना चाहिए, यह जानने का प्रयास करेंगे। 

उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) में क्या नहीं खाना चाहिए – Foods to Avoid in High BP in Hindi

हाई ब्लड प्रेशर में क्या नहीं खाना चाहिए? यह सवाल सभी के मन में आना सामान्य है। इसलिए, हम इस भाग में ऐसी कुछ चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें खाद्य विशेषज्ञ हाई बीपी में न लेने की सलाह देते हैं। हाई बीपी में न खाई जाने वाली चीजें कुछ इस प्रकार हैं –

  • चिप्स
  • कैंडी
  • नमकीन ड्राइ फ्रूट
  • शराब व धूम्रपान
  • पेस्ट्री
  • पिज्जा
  • पैक्ड जूस
  • एनर्जी ड्रिंक्स
  • कैन्ड फूड
  • पैक्ड सूप
  • प्रोसेस्ट मांस
  • पैक्ड फूड
  • प्रीपैक्ड पास्ता
  • केचअप व साॅस
  • अधिक वसा वाला सलाद
  • सोडा
  • चाय व कॉफी
  • अधिक चीनी
  • कुकीज
  • आचार व पापड़

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हाई ब्लड प्रेशर में क्या नहीं खाना चाहिए? जानने के बाद अब हम उच्च रक्तचाप के लिए उपयोगी व्यायाम और योगासन के बारे में बताएंगे।

उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) के लिए कुछ व्यायाम और योगासन – Some Exercise and Yoga for High Blood Pressure in Hindi

हाई बीपी की समस्या से राहत पाने में योग और व्यायाम भी लाभकारी माने जाते हैं। तो आइए, लेख के इस भाग के माध्यम से हम कुछ आसान से योग और व्यायाम के बारे में जानने का प्रयास करते हैं, जो हाई बीपी में सहायक साबित हो सकते हैं।

1. हाई बीपी के लिए योग

हाई बीपी से संबंधित एनसीबीआई के शोध में स्पष्ट रूप से स्वीकार किया गया है कि योग के माध्यम से बढ़े हुए ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। इसके लिए योग में शामिल विभिन्न क्रियाएं और आसन लाभकारी माने गए हैं, जिनमे योग आसन, ध्यान और प्राणायाम शामिल हैं (20)। ऐसे में हम कुछ ऐसे योग आसन और योग क्रियाओं के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें आसानी से अभ्यास में लाया जा सकता है।

  • अनुलोम-विलोम : सुखासन में बैठकर आंखें बंद कर लें। इसके बाद दाएं हाथ के अंगुठे से दाईं नासिका को बंद कर लें और बाईं नासिका से बिना आवाज किए सांस लें। फिर अंगुली से बाईं नासिका को बंंद कर दें और दाईं नासिका से सांस छोड़ें। इसी तरह दाईं नासिका से सांस लेकर, बाईं नासिका से छोड़ें।
  • भ्रामरी प्राणायाम : सुखासन में बैठ जाएं और आंखें बंद करके गहरी सांस खींचें। फिर दोनों हाथों की मध्यम अंगुलियों को नासिकाओं के मूल में आंखों के पास रखकर हल्का दबाएं और दोनों अंगुठों से कान बंद कर दें। इसके बाद मुंह को बंद रखकर ओम का उच्चारण करें और मधुमक्खी के गुनगुनाने की ध्वनी के साथ सांस छोड़ें। ऐसा करने से पूरे शरीर में कंपन महसूस होगा।
  • बालासन : वज्रासन में बैठ जाएं और सांस लेते हुए हाथों को ऊपर उठाएं। कमर को सीधा रखें। अब सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें। जब तक आपकी हथेलियां जमीन से न लग जाएं, तब तक झुकते रहें। ध्यान रहे कि आपको कमर से झुकना है, कूल्हों को ऊपर नहीं उठाना। सिर को जमीन से लगाने का प्रयास करें। कुछ देर इसी मुद्रा में रहने के बाद सांस लेते हुए सामान्य मुद्रा में आ जाएं।
  • वज्रासन : इसमें घुटनों को मोड़कर कूल्हों को एड़ियों से सटा दें। इसे किसी भी समय कर सकते हैं। यहां तक कि भोजन करने के बाद भी इसे किया जा सकता है।
  • सेतुबंधासन : पीठ के बल सीधा लेट जाएं और हाथों को शरीर से सटाकर रखें। हथेलियां जमीन से सटी होनी चाहिए। अब घुटनों को मोड़ लें और तलवों को जमीन से सटा कर रखें। इसके बाद सांस लेते हुए हाथों के बल कूल्हों, पीठ और शरीर के ऊपरी हिस्से को ऊपर उठाएं। बिना ठोड़ी को हिलाए छाती को उससे छूने का प्रयास करें। इस दौरान शरीर का पूरा भार हाथों, कंधों व पैरों पर रहेगा। करीब एक-दो मिनट इस मुद्रा में रहने के बाद मूल स्थिति में लौट आएं।

2. हाई बीपी के लिए व्यायाम 

यहां हम उन व्यायाम के बारे में जानने का प्रयास करेंगे, जो हाई बीपी की समस्या में लाभकारी साबित हो सकते हैं।

  • कार्डियो या एरोबिक्स व्यायाम : इससे उच्च रक्तचाप कम हो सकता है और हृदय मजबूत हो सकता है। इसमें कुछ देर पैदल चल सकते हैं, जॉगिंग कर सकते हैं, साइकिल चला सकते हैं या फिर वॉटर एरोबिक्स कर सकते हैं (21)। इस तरह के व्यायाम में स्विमिंग को सबसे बेहतर माना गया है। स्विमिंग करने से शरीर के सभी अंग सक्रिय हो जाते हैं।
  • स्ट्रैंथ ट्रेनिंग : इसे करने से मांसपेशियां मजबूत होती हैं, जिससे अधिक कैलोरी बर्न करने में मदद मिल सकती है। साथ ही यह शरीर के सभी जोड़ों व हड्डियों के लिए भी अच्छी मानी जाती है (22)
  • स्ट्रेचिंग : गर्भवती महिलाओं पर किए गए एक शोध में माना गया की यह व्यायाम हाई बीपी को नियंत्रित करने में मददगार साबित हो सकता है (23)। इससे शरीर में लचीलापन आता है, जिससे व्यक्ति फुर्ती के साथ दिनभर के काम आसानी से कर पाते हैं। गर्भवति महिलाएं, बिना डाक्टरी परामर्श और ट्रेनर के कोई भी एक्सरसाइज न करें।

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लेख के अगले भाग में अब हम आपको उच्च रक्तचाप से जुड़े कुछ और डाइट टिप्स देने जा रहे हैं। 

उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर)के लिए कुछ और डाइट टिप्स – Other Tips for High BP Diet in Hindi 

निम्न बिन्दुओं के माध्यम से हम हाई बीपी से जुड़ी कुछ अन्य डाइट टिप्स के बारे में जान पाएंगे, जो कुछ इस प्रकार हैं (16) (24) (25):

  • जितना हो सके उच्च रक्तचाप में परहेज के तौर पर खाने में नमक को कम रखें। साथ ही उन पेय पदार्थों से दूरी बनाए रखें, जिनमें सोडियम का स्तर ज्यादा होता है।
  • अचार का उच्च रक्तचाप में परहेज किया जाना चाहिए, क्योंकि इसमें भी अधिक मात्रा में नमक होता है।
  • तले हुए व मिर्च-मसाले वाले खाने से उच्च रक्तचाप में परहेज जरूर करें। ऐसा भोजन करने से रक्त का दबाव बढ़ जाता है।
  • अधिक से अधिक ताजे व पौष्टिक खाद्य पदार्थों का सेवन करें। इससे न सिर्फ शरीर का वजन संतुलित रहेगा, बल्कि रक्त में लिपिट के स्तर में भी सुधार होगा, जिससे उच्च रक्तचाप में कमी आएगी।
  • जितना हो सके पानी पिएं। अधिक पानी पीने से मूत्र के जरिए विषैले जीवाणु शरीर से बाहर निकल जाते हैं और पाचन तंत्र भी अच्छी तरह काम करता है।
  • नकारात्मक विचारों को अपने दिल-दिमाग में बिल्कुल भी न आने दें। इससे स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है।
  • अगर संभव हो, तो मेडिटेशन कर सकते हैं। इसके अलावा, अपने पसंद के काम में खुद को व्यस्त रखें। इसके लिए किताब पढ़ सकते हैं, पेंटिंग कर सकते हैं या फिर अगर आपको खाना बनाना पसंद है, तो अपनी पसंदीदा कोई हेल्दी डिश बना सकते हैं।
  • नियमित रूप से व्यायाम करना भी जरूरी है। ऐसा करने से आप शारीरिक व मानसिक तौर पर नई ऊर्जा को महसूस करेंगे।
  • अगर वजन ज्यादा है या फिर मोटापे का शिकार हैं, तो वजन कम करें। अधिक वजन होने के कारण उच्च रक्तचाप होने की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। इसके लिए जिम ट्रेनर या फिर योग प्रशिक्षक की देखरेख में अपना वजन कम कर सकते हैं।
  • लाल मांस का भी उच्च रक्तचाप में परहेज करना आवश्यक है। इसकी जगह सेल्मन व टूना जैसी ओमेगा-3-फैटी एसिड से भरपूर मछली का सेवन कर सकते हैं। इसे भी फ्राई की जगह उबालकर खाएं।
  • अगर परिवार में किसी को उच्च रक्तचाप की समस्या रही है या फिर लगता है कि इसके शिकंजे में आ रहे हैं, तो अपने रक्तचाप को नियमित रूप से चेक करते रहें। इससे समय रहते किसी गंभीर स्थिति से निपटने में मदद मिलेगी और संतुलित आहार का सेवन करें।

हाई ब्लड प्रेशर को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर आपके परिवार में भी किसी को यह बीमारी रही है, तो ऐसे में आपके लिए और जागरूक रहना जरूरी है। इसलिए, जितना हो सके अपने खान-पान पर ध्यान दें और संतुलित जीवन का आनंद लें। मुमकिन है इस लेख को पढ़ने के बाद बीपी हाई होने पर क्या खाना चाहिए? और हाई ब्लड प्रेशर में क्या नहीं खाना चाहिए? जैसे सवालों की धुंध हट चुकी होगी। तो बेहतर होगा कि लेख में शामिल बातों और सुझावों को पढ़ें, समझें और फिर अमल में लाएं। स्वास्थ्य संबंधी ऐसे ही अन्य विषयों के बारे में जानना चाहता हैं तो पढ़ते रहें स्टाइलक्रेज।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

हाई ब्लड प्रेशर में सबसे अच्छा पेय कौन सा है?

लेख में पहले ही बताया जा चुका है कि हाई बीपी में सिट्रस फल लाभकारी माने जाते हैं, क्योंकि इसमें अधिक मात्रा में विटामिन-सी पाया जाता है। ऐसे में सिट्रस फलों (नींबू, संतरा या ग्रेपफ्रूट) के रस को सबसे बेहतर पेय माना जा सकता है।

हाई ब्लड प्रेशर में अंडा खाना चाहिए या नहीं?

हाई ब्लड प्रेशर में अंडा खाना चाहिए या नहीं, इस बारे में बात करें, तो गर्भावधि उच्च रक्तचाप में आहार के तौर पर अंडे का सेवन कर सकती हैं। दरअसल, गर्भवती महिलाओं से संबंधित एक शोध में जिक्र मिलता है कि अंडा हाई ब्लड प्रेशर को कुछ हद तक कम कर सकता है (26)। हालांकि, सामान्य तौर पर यह कितना प्रभावी है, इस संबंध में अभी और शोध की आवश्यकता है।

क्या चावल हाई ब्लड प्रेशर में अच्छा है?

 गामा एमिनोब्यूटेरिक एसिड (Gamma-aminobutyric acid) से युक्त सफेद चावल हाई ब्लड प्रेशर में अच्छा माना जाता है (27)

क्या केला ब्लड प्रेशर को कम करता है?

विशेषज्ञों के मुताबिक पोटेशियम से भरपूर होने के कारण केला ब्लड प्रेशर को कम कर सकता है (28)

क्या अधिक पानी पीने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है?

हालांकि, पानी पीना ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद कर सकता है, जिस बारे में लेख में आपको पहले ही बताया जा चुका है। मगर, जरूरत से अधिक पानी पीने के कारण दिन में ब्लड प्रेशर बढ़ने की शिकायत भी हो सकती है। इस बात का जिक्र हाई बीपी से संबंधित एक शोध में साफ किया गया है (29)

29 संदर्भ (Sources):

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Ankit Rastogi

अंकित रस्तोगी ने साल 2013 में हिसार यूनिवर्सिटी, हरियाणा से एमए मास कॉम की डिग्री हासिल की है। वहीं, इन्होंने अपने स्नातक के पहले वर्ष में कदम रखते ही टीवी और प्रिंट मीडिया का अनुभव लेना शुरू कर दिया था। वहीं, प्रोफेसनल तौर पर इन्हें इस फील्ड में करीब 6 सालों का अनुभव है। प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में इन्होंने संपादन का काम किया है। कई डिजिटल वेबसाइट पर इनके राजनीतिक, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल से संबंधित कई लेख प्रकाशित हुए हैं। इनकी मुख्य रुचि फीचर लेखन में है। इन्हें गीत सुनने और गाने के साथ-साथ कई तरह के म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाने का शौक भी हैं।

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