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हाइड्रोसील के कारण, लक्षण और इलाज – Hydrocele Causes, Symptoms and Treatment in Hindi

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हाइड्रोसील के कारण, लक्षण और इलाज – Hydrocele Causes, Symptoms and Treatment in Hindi Hyderabd040-395603080 October 14, 2019

पुरुष हो या महिला, अपने शरीर लेकर सजग रहना सभी की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए। शरीर को लेकर बरती गई कोई भी लापरवाही बड़े जोखिम का कारण बन सकती है। इसी क्रम में हम आपको हाइड्रोसील के विषय में जागरूक करने जा रहे हैं। पुरुषों में हाइड्रोसील की समस्या एक बड़ा चिंता का विषय है। हाइड्रोसील होने पर युवा लड़के इस बारे में खुलकर बात करने की जगह इसे छुपाने की कोशिश करते हैं, जिससे यह समस्या गंभीर रूप ले लेती है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम आपको हाइड्रोसील के कारण और हाइड्रोसील के लक्षण के अलावा, हाइड्रोसील के उपचार की भी जानकारी देंगे।
आइए, सबसे पहले हाइड्रोसील से आपका परिचय करा देते हैं।

हाइड्रोसील क्या है? – What is Hydrocele in Hindi

हाइड्रोसील एक तरह की बीमारी है, जिसे प्रोसेसस वजायनेलिस भी कहा जाता है। इसके दो प्रकार होते हैं, कम्युनिकेटिंग हाइड्रोसील और नॉन कम्युनिकेटिंग हाइड्रोसील। इस बीमारी के कारण अंडकोष में तरल पदार्थ जमा हो जाता है, जिस कारण अंडकोष फुला हुआ दिखाई देने लगता है। इससे असहनीय दर्द हो सकती है और सूजन भी आ सकती है। यह समस्या किसी भी उम्र के पुरुषों में हो सकती है। ऐसा कई बच्चों में जन्मजात भी हो सकता है। इसलिए, हाइड्रोसील का समय रहते उपचार करा लेना चाहिए, ताकि बड़े जोखिम से बचा जा सके।

लेख के अगले भाग को पढ़कर आप समझ जाएंगे कि किन कारणों से हाइड्रोसील की समस्या होती है।

हाइड्रोसील के कारण – Causes of Hydrocele in Hindi

हाइड्रोसील होने के कारणों के बारे में पता चलने पर आप भी सावधानी बरत कर इस समस्या से बच सकते हैं। यहां हम आपको हाइड्रोसील होने के मुख्य कारणों के बारे में बता रहे हैं (1):

  • जन्मजात दोष के चलते।
  • इनगुइनल हर्निया के कारण।
  • अंडकोष के आसपास अधिक तरल का निर्माण होने पर।
  • अंडकोष या एपिडीडिमिस में सूजन या चोट लगने पर।
  • ऐसा संक्रमण के कारण भी हो सकता है।
  • अधिक वजन उठाने से शरीर पर पड़ने वाले दबाव के कारण भी ऐसा हो सकता है, लेकिन इस पर अभी और शोध की आवश्यकता है।

ऊपर आपने हाइड्रोसील के कारण तो जान लिए। अब आगे हम हाइड्रोसील के लक्षणों के बारे में बता रहे हैं।

हाइड्रोसील के लक्षण – Symptoms of Hydrocele in Hindi

हाइड्रोसील होने से पहले ही आपको इसके बारे में अनुभव होने लगता है, लेकिन कई लोग इसे समझ नहीं पाते हैं। वहीं, जब यह बढ़ जाता है, तब इसके इलाज का ख्याल दिमाग में आता है। अगर आपको नीचे बताए गए किसी भी तरह का लक्षण महसूस होता है, तो विशेषज्ञ से इसके बारे में बात जरूर करें (1)।

  • अंडकोष में दर्दरहित सूजन।
  • एक अंडकोष का बढ़ा दिखना।
  • अंडकोष में भारीपन महसूस होना।

ऊपर आपने हाइड्रोसील के लक्षण जाने, आगे हम हाइड्रोसील के जोखिम कारक के बारे में जानेंगे।

हाइड्रोसील के जोखिम कारक – Risk Factors of Hydrocele in Hindi

हाइड्रोसील होने के कई जोखिम कारक हो सकते हैं, जो इस प्रकार हैं (2) :

  • टेस्टिकुलर वेनस (Testicular venous) और लसीका वाहिका (Lymphatic Vessels) में रुकावट के कारण हाइड्रोसील की समस्या हो सकती है।
  •  उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में लसीका फाइलेरियासिस (परजीवी से होने वाला रोग) के कारण नॉन-कम्युनिकेटिंग हाइड्रोसील (हाइड्रोसील का एक प्रकार, जो बच्चों को जन्म से हो सकता है) का जोखिम उत्पन्न हो सकता है।
  • अगर आप साइकिलिंग कर रहे हैं और ठीक तरह से नहीं बैठे हैं, तो अंडकोष में समस्या आ सकती है।

हाइड्रोसील के जोखिम कारक के बारे में तो आप जान गए, लेकिन इसके इलाज के बारे में भी जानना जरूरी है। नीचे जानिए हाइड्रोसील का इलाज।

हाइड्रोसील का इलाज – Treatment of Hydrocele in Hindi

किसी भी बीमारी का समय रहते इलाज कराना जरूरी होता है। आगे जानिए कि हाइड्रोसील के इलाज को आप किस प्रकार करा सकते हैं (1)-

  1. सर्जरी द्वारा– कई मामलों में अंडकोष ज्यादा बड़ा हो जाता है कि सर्जरी का सहारा लेना पड़ता है। इसके लिए किसी अच्छे डॉक्टर के पास जाना उचित होगा।
  2. दवाई का उपयोग– दवाई की सहायता से भी अंडकोष को बढ़ने से रोका जा सकता है। ध्यान रहे कि आप खुद से कोई दवा न लें। डॉक्टर की सलाह पर ही दवा का सेवन करें।

हाइड्रोसील के इलाज के बारे में तो आप जान गए, आगे इससे बचने के उपाय के बारे में जानेंगे।

हाइड्रोसील से बचने के उपाय – Prevention Tips for Hydrocele in Hindi

अगर अपने स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी सावधानी बरती जाए, तो किसी भी तरह के रोग से बचा जा सकता है। ऐसे में हाइड्रोसील बचने के लिए आप इन उपायों को अपना सकते हैं –

  • ज्यादा शारीरिक क्रिया वाले गेम को खेलने के दौरान सपोर्टर का इस्तेमाल करें।
  • अंडकोष वाले भाग को संक्रमण से दूर रखें, क्योंकि कई बार संक्रमण के कारण सूजन हो सकती है, जिससे हाइड्रोसील उत्पन्न हो सकता है।
  • जल्दी न पचने वाले आहार से परहेज करें।
  • एसडीटी नामक यौन रोग के कारण भी यह समस्या हो सकती है। यह इंफेक्शन है, जो वायरस, बैक्टीरिया या फिर पैरासाइट (परजीवी) के कारण होता है। आप इससे बचने का प्रयास करें। हमेशा सुरक्षित यौन संबंध बनाएं।

अब आप हाइड्रोसील के बारे में पूरी तरह समझ गए होंगे। साथ ही आप यह भी समझ गए होंगे कि हाइड्रोसील किस कारण से होता है और इसके लक्षण किस तरह के होते हैं। इसके अलावा, इस लेख में हाइड्रोसील के इलाज और इससे बचने के उपाय भी बताए गए हैं, जो आपके लिए सहायक हो सकते हैं। यकीनन यह लेख आपको हाइड्रोसील की समस्या से राहत दिलाने में मदद कर सकता है। अगर अभी भी आपको इस विषय से जुड़ी कोई उलझन है, तो आप नीचे दिए गए कॉमेंट बॉक्स के माध्यम से अपने सवाल हम तक पहुंचाएं।

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Bhupendra Verma

भूपेंद्र वर्मा ने सेंट थॉमस कॉलेज से बीजेएमसी और एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी से एमजेएमसी किया है। भूपेंद्र को लेखक के तौर पर फ्रीलांसिंग में काम करते 2 साल हो गए हैं। इनकी लिखी हुई कविताएं, गाने और रैप हर किसी को पसंद आते हैं। यह अपने लेखन और रैप करने के अनोखे स्टाइल की वजह से जाने जाते हैं। इन्होंने कुछ डॉक्यूमेंट्री फिल्म की स्टोरी और डायलॉग्स भी लिखे हैं। इन्हें संगीत सुनना, फिल्में देखना और घूमना पसंद है।

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