रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले फल – Immunity Boosting Fruits In Hindi

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प्रतिरक्षा प्रणाली कोशिकाओं, ऊतकों और अंगों से मिलकर बना सिस्टम होता है। यह शरीर को विभिन्न संक्रमणों और बीमारियों से लड़ने में मदद कर सकता है (1)। इस लिहाज से कह सकते हैं कि स्वस्थ शरीर के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता का मजबूत होना जरूरी है। यही वजह है कि स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम इम्यूनिटी बढ़ाने वाले फल के बारे में बता रहे हैं। यहां बताए गए रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले फल को आप अपने आहार में शामिल कर सकते हैं और अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत कर सकते हैं। तो इम्यूनिटी बढ़ाने वाले फल के बारे में जानने के लिए लेख को अंत तक पढ़ें।

लेख विस्तार से पढ़ें

नीचे स्क्रॉल करें और जानें रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले फल और उनके खाने की मात्रा के बारे में।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले फल – Fruits For Immunity Boost In Hindi

प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर तरीके से कार्य करने व स्वस्थ रखने में विटामिन्स और मिनरल्स जैसे कई पोषक तत्वों का योगदान होता है (2)। इसके साथ ही फायटोन्यूट्रिएंट्स जैसे – एमिनो एसिड, फैटी एसिड भी शरीर के इम्यून पावर के लिए आवश्यक हैं (3)। तो हम ऐसे ही पोषक तत्वों से युक्त सिट्रस फ्रूट्स के साथ ही कुछ अन्य खास फलों के बारे में विस्तार से बता रहे हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ के साथ इन फलों को शामिल करना शरीर के लिए उपयोगी हो सकता है। तो इम्यूनिटी बढ़ाने वाले फल कुछ इस प्रकार हैं :

1. संतरा

संतरा और संतरे का जूस विटामिन सी से समृद्ध होता है, जो सीधे तौर पर इम्यून सिस्टम को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है (4)। विटामिन सी के अलावा संतरे में कई महत्वपूर्ण एंटीऑक्सीडेंट जैसे – फ्लेवोनोइड्स (Flavonoids) और कैरोटेनॉइड (Carotenoids) मौजूद होते हैं। इसके साथ ही इसमें फोलेट भी पाया जाता है। ये सभी पोषक तत्व शरीर को कैंसर और हृदय रोग से बचाने में सहायक हो सकते हैं (5)

बता दें कि फ्री रेडिकल्स हमारे शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस का कारण बनता है, जिस वजह से शरीर में कई तरह की बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है। ऐसे में इससे बचाव के लिए एंटीऑक्सीडेंट युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन लाभकारी हो सकता है (6)। वहीं, संतरे का एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव इन समस्याओं को कम करके प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मदद कर सकता है।

खाने की मात्रा :

  • स्वस्थ व्यक्ति प्रतिदिन मध्यम आकार का एक संतरा खा सकता है (7)। वहीं, अगर संतरे के जूस का सेवन कर रहे हैं, तो प्रतिदिन एक से दो गिलास संतरे का जूस पी सकते हैं (4)

2. करौंदा

करौंदे के औषधीय गुणों की वजह से इसे भी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले फल में शामिल कर सकते हैं। एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) पर मौजूद एक शोध से इसकी पुष्टि होती है कि क्रैनबेरी (करौंदा) में पाए जाने वाले फाइटोकेमिकल्स में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं। साथ ही इसमें विटामिन सी भी पाया जाता है। करौंदा में इम्यूनिटी बढ़ाने वाले गुण मौजूद होते हैं, जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ संक्रमण से बचाव करने में भी मदद कर सकते हैं। इस कारण करौंदे का सेवन हेल्दी एजिंग को भी बढ़ावा दे सकता है (8)करौंदे के फायदे के लिए आहार में इसे चटनी, जूस, सलाद के रूप में भी शामिल कर सकते हैं।

खाने की मात्रा :

  • अन्य फलों के साथ प्रतिदिन एक से डेढ़ चम्मच तक करौंदे का सेवन किया जा सकता है (9)

3. मौसंबी

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले फल में मौसंबी का सेवन भी लाभकारी हो सकता है। इसे स्वीट लाइम (Sweet Lime) भी कहा जाता है। इम्यूनिटी के लिए मौसंबी के फायदे की बात करें, तो इसमें डी-लिमोनेन (D-Limonene) नामक तत्व होता है, जो इम्यून पावर में सुधार कर सकता है। साथ ही, नियमित रूप से मौसंबी का जूस पीने से शरीर का ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर हो सकता है, जो हृदय के कार्यों को बेहतर बना सकता है (10)। इस आधार पर इम्यूनिटी बढ़ाने वाले फल में मौसंबी को शामिल करना अच्छा विकल्प हो सकता है।

खाने की मात्रा :

  • प्रतिदिन एक मध्यम आकार का मौसंबी खाया जा सकता है। वहीं, स्वस्थ व्यक्ति एक गिलास मौसंबी का जूस पी सकते हैं।

4. अनार

लाल दाने वाला अनार एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल गुणों से समृद्ध होता है, जो शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं। अनार के ये गुण विभिन्न तरह के बैक्टीरिया व वायरस से लड़ने में शरीर की मदद कर सकते हैं (11)। इतना ही नहीं, अनार का सेवन कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं जैसे – उच्च रक्तचाप की परेशानी, हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड शुगर (Hyperglycemia) और सूजन से बचाव कर सकता है। वहीं, अनार के जूस का सेवन फ्री रेडिकल और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को भी कम कर सकता है (12)। ऐसे में इस आधार पर इम्यूनिटी बढ़ाने वाले फल में अनार को शामिल करना प्रभावकारी हो सकता है।

खाने की मात्रा :

  • सामान्य रूप से प्रतिदिन मध्यम आकार का एक अनार का सेवन लाभकारी हो सकता है।

5. चकोतरा

संतरे की ही तरह चकोतरा को भी सिट्रस फ्रूट्स की श्रेणी में रखा गया है। चकोतरा विटामिन-ए के साथ ही विटामिन-सी और फोलेट का अच्छा स्त्रोत है (13)। वहीं, लेख की शुरुआत में ही हमने जानकारी दी है कि ये सभी पोषक तत्व स्वस्थ इम्यून सिस्टम के लिए आवश्यक हैं। तो इस आधार पर रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए चकोतरा का सेवन एक स्वादिष्ट और पौष्टिक विकल्प हो सकता है।

खाने की मात्रा :

  • प्रतिदिन आधा चकोतरा आहार में शामिल कर सकते हैं (13)

6. नीलबदरी या ब्लूबेरीज

नीलबदरी में मौजूद फाइटोकेमिकल्स (Phytochemicals) शरीर के प्रतिरोधक कोशिकाओं की क्षमता को बेहतर करने में मदद कर सकते हैं। साथ ही, इसका यह प्रभाव शरीर को ट्यूमर और कैंसर के जोखिम से बचाव करने में भी मदद कर सकता है (14)। इसके अलावा, नीलबदरी में मौजूद बायोएक्टिव यौगिक में एंटीऑक्सीडेंट गुण मौजूद होते हैं, जो शरीर को कई गंभीर बीमारियों जैसे – डायबिटीज, हृदय रोग, बढ़ता वजन और यहां तक की उच्च रक्तचाप की समस्या से भी बचाव कर सकते हैं। साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार कर सकता है (15)

यही वजह है कि रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले फल के तौर पर नीलबदरी का सेवन किया जा सकता है। डॉक्टरी सलाह पर इसे हाई ब्लड प्रेशर डाइट में भी शामिल करना अच्छा ऑप्शन हो सकता है।

खाने की मात्रा :

  • प्रतिदिन 75 से 150 ग्राम यानी आधा से एक कप की मात्रा में ब्लूबेरीज का सेवन किया जा सकता है (16)

7. सेब

सेब के फायदे भी इसे इम्यूनिटी बढ़ाने वाले फल की श्रेणी में शामिल करते हैं। दरअसल, सेब में मौजूद विटामिन सी और अन्य एंटीऑक्सीडेंट शरीर को ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस के दुष्प्रभावों से बचा सकते हैं। इसके अलावा, इसमें एंटीप्रोलीफेरेटिव (Antiproliferative – कैंसर की कोशिकाओं को बढ़ने से रोकना) गुण भी मौजूद है, जो शरीर की कोशिकाओं को सुरक्षित रखने में मदद कर सकते हैं। ऐसे में इसका सेवन प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक हो सकता है। साथ ही सेब में फाइटोकेमिकल्स भी होते हैं, जो इम्यून प्रतिक्रिया (Immune Response) को नियंत्रित करने में प्रभावकारी हो सकते हैं (17)

खाने की मात्रा :

  • प्रतिदिन कम से कम एक सेब खा सकते हैं (17)

8. नाशपाती

नाशपाती विटामिन सी, क्वेरसेटिन और कॉपर जैसे पोषक तत्वों से युक्त है, जो एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि कर फ्री रेडिकल से कोशिकाओं की क्षति से बचाव कर सकता है। इसके साथ ही इसे इम्यून बूस्टर फलों की श्रेणी में रखा गया है। यह शरीर को ऊर्जा प्रदान कर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक हो सकता है (18)। तो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले फल में नाशपाती के जूस या नाशपाती का सेवन प्रभावकारी हो सकता है।

खाने की मात्रा :

  • इम्यूनिटी बढ़ाने वाले अन्य फलों के साथ प्रतिदिन नाशपाती का एक टुकड़ा खा सकते हैं। हालांकि, अगर सिर्फ नाशपाती खाना चाहते हैं, तो एक मध्यम आकार के नाशपाती का सेवन किया जा सकता है (19)

9. अंगूर

एंटीऑक्सीडेंट किस तरह से इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद कर सकता है, यह लेख में हम पहले ही बता चुके हैं। वहीं, अंगूर में कई प्रकार के फाइटोकेमिकल्स होते हैं, जैसे :- फेनोलिक एसिड (Phenolic Acids), स्टिलबेन (Stilbenes), एंथोसायनिन (Anthocyanins) और प्रोएंथोसायडीन (Proanthocyanidins) जो प्रभावशाली एंटीऑक्सीडेंट होते हैं (20)

साथ ही, अध्ययनों से यह भी पता चलता है कि अंगूर और अंगूर से बने उत्पाद इम्यूनिटी बढ़ाने वाली कोशिकाओं को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं (21)अंगूर के फायदे यहीं तक सीमित नहीं है, इसमें एंटी इन्फ्लेमेटरी, एंटी एलर्जिक, एंटी कैंसर गुण भी मौजूद हैं। अंगूर का सेवन अपच और कब्ज की परेशानी में भी लाभकारी हो सकता है। साथ ही यह त्वचा के लिए भी फायदेमंद हो सकता है (22)।  यही वजह है कि इम्यूनिटी बढ़ाने वाले फल में अंगूर को भी शामिल किया जा सकता है।

खाने की मात्रा :

  • अंगूर खाने की मात्रा व्यक्ति के उम्र पर निर्भर कर सकती हैं। हालांकि, प्रतिदिन एक कप अंगूर खाया जा सकता है (23)

10. पपीता

पपीते के फायदे भी प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। अध्ययनों के अनुसार पपीते में कैरोटीन, विटामिन सी, विटामिन बी, फ्लेवोनोइड्स और फोलेट जैसे इम्यूनिटी बढ़ाने वाले पोषक तत्व मौजूद होते हैं। साथ ही पपीते के अर्क में इम्यूनोस्टिमुलेंट (Immunostimulant) गुण भी होता है, जो प्रतिरक्षा प्रणाली के कार्य को बेहतर करने में मदद कर सकता है (24)। इसके अलावा, पपीता में एंटी ट्यूमर, एंटी ह्यपरटेंसिव, एंटीबैक्टीरियल, एंटी फंगल जैसे कई गुण है, जो शरीर को बीमारियों से बचाने में सहायक हो सकते हैं (25)। शायद, यही वजह है कि पपीते को इम्यून बूस्टिंग फलों की श्रेणी में रखा गया है (3)। तो स्वस्थ रहने के लिए पपीता को आहार में शामिल करना लाभकारी हो सकता है।

खाने की मात्रा :

दिनभर में आधा से एक कप पपीते का सेवन किया जा सकता है। वहीं, पूरे दिन में एक कप पपीता का जूस भी पी सकते हैं (19)

11. स्ट्रॉबेरी

स्ट्रॉबेरी में विटामिन सी होता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार कर सकता है। एक रिसर्च के अनुसार, स्ट्रॉबेरी में पॉलीफेनोल (Polyphenol) जैसे एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो कोशिकाओं की क्षति को कम करके प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार करने में मदद कर सकते हैं (26)। इस लिहाज से स्ट्रॉबेरी के फायदे इम्यूनिटी बढ़ाने में प्रभावकारी माने जा सकते हैं।

खाने की मात्रा :

  • उम्र के अनुसार, एक व्यक्ति प्रतिदिन डेढ़ कप से दो कप फलों का सेवन कर सकता है (27)। इस लिहाज से प्रतिदिन आहार में 1 से 2 कप स्ट्रॉबेरी शामिल कर सकते हैं।

12. अमरूद

अध्ययनों से इसकी पुष्टि होती है कि अमरूद में संतरे के मुकाबले 6 गुना ज्यादा विटामिन सी (Ascorbic Acid) की मात्रा होती है (28)। वहीं, शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और रोग पैदा करने वाले रोगजनकों से लड़ने में विटामिन सी मददगार हो सकता है (29)। इस वजह से कहा जा सकता है कि अमरूद का सेवन  रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में उपयोगी साबित हो सकता है।

खाने की मात्रा :

स्वस्थ व्यक्ति के लिए दिनभर में एक अमरूद का सेवन लाभकारी हो सकता है। वहीं, ऐसे लोग जो ब्लड शुगर को कम करना चाहते हैं, उनके लिए बिना छिलके वाला अमरूद खाना बेहतर हो सकता है (30)

13. कीवी

कीवी के फायदे में इम्यूनिटी बढ़ाना भी शामिल है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध के अनुसार, कीवी फल में विटामिन सी, कैरोटिनॉइड, पॉलीफेनोल और फाइबर मौजूद होता है। ये पोषक तत्व प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं (31)। कीवी के फायदे यहीं तक सीमित नहीं है, कीवी का उपयोग अवसाद, खून की कमी, हृदय रोग, कैंसर, ब्लड प्रेशर और डायबिटीज के जोखिम को भी कम कर सकता है (32)। इस कारण इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए और बीमारियों के जोखिम को कम करने के लिए डाइट में कीवी फल को भी शामिल किया जा सकता है।

खाने की मात्रा :

  • प्रतिदिन एक मध्यम आकार के कीवी फल का सेवन किया जा सकता है (33)

14. आंवला

आंवले के फायदे में इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत बनाना शामिल है। दरअसल, आंवले में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, इम्यूनोमॉड्यूलेटरी (Immunomodulatory) और एंटी एपोप्टोटिक (Anti-Apoptotic-कोशिकाओं के क्षति से बचाव) गुण फ्री रेडिकल और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से होने वाली कोशिकाओं की क्षति से बचाव करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार करने में सहायक हो सकता है (34)

इतना ही नहीं, संतरे के जूस के मुकाबले आंवले में 20 गुना अधिक विटामिन सी की मात्रा होती है। आंवला शरीर को ऊर्जा प्रदान कर सकता है और साथ ही इसका उपयोग इम्यून बूस्टिंग टॉनिक के रूप में भी किया जाता है (35)। जिस वजह से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आंवला एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

खाने की मात्रा :

  • प्रतिदिन छोटे आकार का एक या दो आंवले का सेवन किया जा सकता है।

15. असाई बेरी

असाई बेरी (Acai Berry) भी एक तरह का फल है, जो ताड़ के पेड़ से मिलता है। यह मुख्य तौर पर अमेजन के जंगलों में ही पाए जाते हैं। असाई बेरी में फाइटोकेमिकल्स के गुण होते हैं (36)। साथ ही इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण के कारण यह शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता को सुधारने में सहायक हो सकता है (37)

एक अन्य अध्ययन से यह भी पता चलता है कि असाई के गूदे और जूस का सेवन करने से शरीर में एंटीऑक्सीडेंट क्षमता को बढ़ाने में मदद मिल सकती है (38)। इस आधार पर यह इम्यूनिटी बढ़ाने में भी मददगार माना जा सकता है। वहीं, एंटीऑक्सीडेंट युक्त फलों को सुपर फ्रूट की श्रेणी में रखा जाता है, जो इम्यून सिस्टम में सुधार करने के लिए उपयोगी माना जाता है (39)

खाने की मात्रा :

  • जैसा कि पता चलता है कि असाई बेरी अमेजन जंगलों में ही होता है, तो ऐसे में इसका फल मिलना मुश्किल हो सकता है। इस लिहाज से डॉक्टरी सलाह से प्रतिदिन 3 बार असाई बेरी कैप्सूल का सेवन किया जा सकता है (40)। इसके अलावा, 100 मिली यानी लगभग आधा कप की मात्रा में असाई बेरी का जूस भी डाइट में शामिल कर सकते हैं (41)

16. तरबूज

शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखने में तरबूज के फायदे भी देखे जा सकते हैं। तरबूज से जुड़े एक अध्ययन के अनुसार, इसमें लाइकोपेन (Lycopene) नामक एक खास तत्व होता है, जो शरीर को बीमारियों से बचाने में मदद कर सकता है। साथ ही यह एचआईवी (HIV) और मस्तिष्क संबंधी समस्या से भी बचाव कर सकता है (42)

इसके अलावा, लाइकोपेन श्वसन मार्ग के सूजन (Respiratory Inflammation) को कम करके संक्रमण से बचाने में भी प्रभावकारी हो सकता है। इसके साथ, तरबूज में विटामिन सी, ए और बी6 की भी मात्रा होती है, जो सीधे तौर पर प्रतिरक्षा बढ़ाने के लिए आवश्यक माने जाते हैं (26)। इस आधार पर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले फल में तरबूज को भी शामिल किया जा सकता है।

खाने की मात्रा :

  • प्रतिदिन में 36 ग्राम यानी लगभग दो कप की मात्रा में तरबूज खाया जा सकता है (43)

17. सीताफल

अध्ययनों के अनुसार, सीताफल में अमीनो एसिड लाइसिन, कैरोटीन और एस्कॉर्बिक एसिड (विटामिन सी) की मात्रा होती है। साथ ही इसमें एंटीट्यूमर, एंटीडायबिटिक, एंटी ऑक्सीडेंट, एंटी लिपिडेमिक और एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं (44)। जिस वजह से यह स्वास्थ्य को कई गंभीर बीमारियों से बचाए रखने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, सीताफल में एंटीवायरल प्रभाव होता है, जो विभिन्न वायरस के खिलाफ शरीर को सुरक्षा प्रदान कर सकता है और प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ा सकता है (45)

खाने की मात्रा :

  • प्रतिदिन एक मध्यम आकार के सीताफल का सेवन किया जा सकता है (46)

नोट : ध्यान रहे कि लेख में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले फल के सेवन की मात्रा मध्यम उम्र के स्वस्थ व्यक्ति को ध्यान में रखकर बताई गई है। ऐसे में फलों की सेवन की मात्रा व्यक्ति के उम्र और स्वास्थ्य के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। तो बेहतर है मात्रा से जुड़ी जानकारी के लिए डॉक्टर या विशेषज्ञ की राय भी ली जाए।

यह भी पढ़ें

अभी हमने इम्यूनिटी बढ़ाने वाले फल के बारे में जानकारी दी है, लेकिन अब हम उन फलों के बारे में जानकारी देंगे जो इम्यूनिटी को कमजोर कर सकते हैं।

रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर करने वाले फल – Fruits not good for Immunity in Hindi

देखा जाए तो सीधे तौर पर रोग-प्रतिरोधक क्षमता को कम करने के वाले फलों की कोई विशेष सूची नहीं है। जैसे किसी भी चीज का अधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है, वैसे ही किसी भी फल का अधिक सेवन नुकसानदायक हो सकता है। दरअसल, स्वस्थ शरीर के लिए रक्त में शुगर की संतुलित मात्रा होनी जरूरी होती है। शुगर से शरीर को ऊर्जा और वसा दोनों ही मिलता है। वहीं, अधिक शुगर युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन वजन बढ़ने व मोटापे की समस्या हो सकती है (47)। इसलिए खून में शुगर की मात्रा को नियंत्रित रखना जरूरी है।

वहीं, मोटापे की समस्या मधुमेह, हृदय रोग, स्ट्रोक, गठिया और कुछ प्रकार के कैंसर जैसी बीमारियों के जोखिम बढ़ा सकते हैं (48)। जिन्हें रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर करने का कारक भी माना जा सकता है (49)। ऐसे में अधिक मात्रा में कुछ शुगर युक्त फलों के अतिरिक्त सेवन से परहेज करना चाहिए, इन फलों के नाम कुछ इस प्रकार हैं (50):

  • केला।
  • खरबूजा।
  • फ्रोजेन फल या पैक्ड फलों के रस।

इसके अलावा, प्रोसेस्ड फलों में शुगर की अधिक मात्रा होने के साथ ही, उनमें कम फाइबर या कम पानी की मात्रा हो सकती है, जो मोटापे का जोखिम पैदा कर सकता है (51)। बता दें कि प्रोसेस्ड फल व फूड वह खाद्य होते हैं, जिन्हें लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए उसके प्राकृतिक स्वरूप को बदल दिया जाता है। इसके लिए उन्हें कई तरह के केमिकल प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है (52)। जिस कारण इन्हें स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जा सकता है। इस लिहाज से बाजार में मिलने वाले पैक्ड फ्रूट्स जूस के सेवन से भी बचना चाहिए।

उम्मीद है कि इस लेख में बताए गए सिट्रस फ्रूट्स व अन्य फलों की मदद से आपको अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही, इन फलों के अलावा, आपको विटामिन सी युक्त अन्य खाद्य पदार्थों, जैसे :- सब्जियों को भी अपने आहार में  शामिल करना चाहिए। अच्छी डाइट के साथ ही हमेशा भरपूर नींद लें और दिन भर में कम से कम आठ गिलास पानी पिएं। साथ ही नियमित रूप से व्यायाम या योग करने जैसी अच्छी आदतों को अपनाकर भी इम्यून पावर को बेहतर किया जा सकता है। उम्मीद है कि यह लेख आपके लिए उपयोगी हो, ऐसे ही अन्य विषयों पर लेख पढ़ने के लिए विजिट करते रहें स्टाइलक्रेज की वेबसाइट।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कौन सा फल इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए अच्छा होता है?

लेख में बताए गए रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले फल विटामिन सी से समृद्ध हैं। वहीं, विटामिन सी संक्रमण से लड़ने में मदद कर सकता है (53)। इस आधार पर लेख में बताए गए विटामिन सी युक्त विभिन्न फल जैसे :- संतरा, चकोतरा, कीवी, अमरूद, आंवला, करौंदा व मौसंबी का सेवन करना लाभकारी हो सकता है।

मैं अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली को तेजी से कैसे बढ़ा सकता हूं?

इम्यूनिटी को तेजी से मजबूत बनाने के लिए लेख में बताए गए विभिन्न फलों के साथ ही, आपको विटामिन सी युक्त सब्जियां और अन्य खाद्य पदार्थ भी अपने आहार में शामिल करना चाहिए, जैसे :- ब्रोकली, अंकुरित अनाज, फूलगोभी, गाजर, टमाटर, लहसुन, अदरक, हल्दी व चुकंदर आदि (26)

मैं अपनी प्रतिरक्षा को स्वाभाविक या प्राकृतिक रूप से कैसे बढ़ा सकता हूं?

प्राकृतिक रूप से अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए आप आप लेख में बताए गए विभिन्न फलों का सेवन कर सकते हैं। साथ ही नियमित योग, व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली का पालन कर सकते हैं।

क्या केला इम्युनिटी के लिए अच्छा है?

जैसे कि लेख में हम बता चुके हैं कि अतिरिक्त शुगर युक्त फलों का सेवन करने से मोटापे की समस्या हो सकती है, जो प्रतिरोधक क्षमता को घटाने का एक कारण हो सकता है (47), (49)। वहीं, केले के प्रति 100 ग्राम की मात्रा में 57.14 ग्राम शुगर की मात्रा होती है (54)। इस आधार पर केले को अतिरिक्त शुगर वाला फल माना जा सकता है। जिस वजह से केले का अधिक सेवन प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए हानिकारक माना जा सकता है। तो बेहतर है, संतुलित मात्रा में केले को आहार में शामिल करें।

क्या नींबू का रस प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा दे सकता है?

नींबू भी खट्टे फलों यानी सिट्रस फ्रूट्स में शामिल है। सिट्रस फ्रूट्स में फाइटोकेमिकल्स होते हैं, जो स्वास्थ्य की रक्षा करने में मदद कर सकते हैं। इस तरह के फलों से शरीर में विटामिन सी, फोलिक एसिड, पोटेशियम और पेक्टिन (घुलनशील कार्बोहाइड्रेट) की पूर्ति की जा सकती है, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं (26)। जिसे देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि नींबू का सेवन रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकता है।

क्या आम रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए अच्छा आहार हो सकता है?

यह हम लेख में बता ही चुके हैं कि अतिरिक्त शुगर प्रतिरोधक क्षमता को घटा सकती है (47), (49)। वहीं आम की बात करें, तो प्रति 100 ग्राम आम की मात्रा में 13.66 ग्राम शुगर की मात्रा होती है (55)। इस आधार पर अतिरिक्त मात्रा में आम का सेवन करना इम्यूनिटी के लिए लाभकारी नहीं माना जा सकता है। तो बेहतर है आम का सीमित मात्रा में सेवन करें। वहीं, अगर किसी तरह की स्वास्थ्य समस्या है तो आम के सेवन से पहले डॉक्टरी सलाह लें।

55 Sources

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