आयरन के 11 फायदे, स्रोत और नुकसान – Iron Benefits and Side Effects in Hindi

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व्यक्ति स्वस्थ तभी रहता है जब सभी पोषक तत्व सही मात्रा में उसके शरीर में होते हैं। हर पोषक तत्व की बॉडी में अपनी एक अलग जगह और खासियत होती है। ऐसा ही कुछ आयरन के साथ भी है। शरीर के विभिन्न अंगों को सही तरीके से कार्य करने के लिए आयरन की जरूरत पड़ती है। मनुष्य के शरीर में आयरन का क्या महत्व है और इससे क्या फायदे होते हैं, यह सारी जानकारी स्टाइलक्रेज लेकर आया है। इससे आपको आयरन की महत्ता और अन्य जरूरी बातें समझने को मिलेंगे। यहां हमने आयरन के फायदे के साथ ही अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से होने वाले आयरन के नुकसान की जानकारी भी दी है। 

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चलिए, सबसे पहले यह जानते हैं कि आयरन क्या है।

आयरन क्या है? – What Is Iron & Why Is It Important in Hindi

आयरन एक तरह का खनिज यानी मिनरल है 1। इसे लगभग सभी जीवित जीवों के लिए आवश्यक तत्व माना जाता है, क्योंकि यह चयापचय प्रक्रियाएं (मेटाबॉलिक प्रोसेस) जैसे ऑक्सीजन ट्रांसपोर्ट करने में मदद करता है 2। दरअसल, आयरन भी हीमोग्लोबिन प्रोटीन का ही हिस्सा है, जो फेफड़ों से लेकर पूरे शरीर तक ऑक्सीजन पहुंचाता है 1। 

इसके अलावा भी आयरन कई अन्य प्रोटीन और एंजाइम का भी हिस्सा है, इसलिए यह शरीर के लिए जरूरी तत्व कहलाता है। आयरन, मांसपेशियों को ऑक्सीजन जमा और उपयोग करने में भी मदद करता है। बस इतना ध्यान दें कि आयरन की अधिकता और कमी दोनों ही खतरनाक हैं। ऐसे में शरीर में आयरन की सही मात्रा बनाए रखना जरूरी है 1

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लेख में आगे बढ़ते हुए जानिए आयरन के फायदे क्या-क्या हैं।

आयरन के फायदे – Health Benefits of Iron in Hindi

शरीर के लिए आयरन बेहद जरूरी मिनरल है। इसी वजह से आयरन के फायदे भी कई होते हैं। आगे हम इन्हीं फायदों के बारे में विस्तार से वैज्ञानिक अध्ययनों के आधार पर जानकारी दे रहे हैं।

1. ऊर्जात्मक बनाए रखता है

हर समय थकान और कमजोरी महसूस होती है, तो यह आयरन की कमी का लक्षण हो सकता है 3। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट द्वारा प्रकाशित एक शोध में कहा गया है कि आयरन शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने के साथ ही ऊर्जा बनाने का कार्य भी करता है 4। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि आयरन युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन करके व्यक्ति ऊर्जावान महसूस कर सकता है। 

2. भूख में सुधार

आयरन की मदद से भूख में सुधार हो सकता है। एक रिसर्च के दौरान पाया गया है कि आयरन सप्लीमेंट्स का सेवन करने वाले बच्चों की भूख बढ़ी और उनकी ग्रोथ भी बेहतर हुई। शोध में यह भी कहा गया है कि आयरन से भूख बढ़ने वाला मैकेनिज्म यानी तंत्र स्पष्ट नहीं है, इसलिए इसे जानने के लिए भविष्य में और अध्ययन किए जाने की आवश्यकता है 5। 

3. मांसपेशियों के कार्य में सहायक

आयरन की कमी मासपेशियों के कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकती है। एनसीबीआई द्वारा प्रकाशित एक मेडिकल रिसर्च में दिया है कि मासपेशियों के कार्यप्रणाली के लिए आयरन जरूरी होता है। खासकर, आयरन को हड्डियों से जुड़ी स्केलेटल (Skeletal ) मांसपेशियों द्वारा किए जाने वाले एनर्जी मेटाबॉलिज्म के लिए जरूरी माना जाता है 6। साथ ही आयरन की मदद से मांसपेशियां ऑक्सीजन का उपयोग और उसे स्टोर सही तरीके से कर सकती हैं 1

4. मस्तिष्क विकास के लिए

आयरन की कमी होने से व्यक्ति के दिमाग का विकास और इससे संबंधी कार्य प्रभावित होते हैं। इसी वजह से आयरन को मस्तिष्क के लिए काफी महत्वपूर्ण बताया जाता है। एक रिसर्च पेपर में भी इस बात का जिक्र मिलता है। शोध के अनुसार, जीवन के शुरुआती दौर में आयरन की कमी होने से बौद्धिक विकास में बाधा उत्पन्न हो सकती है। किशोरों पर हुए अध्ययन से भी पता चलता है कि कॉग्निटिव (ज्ञान संबंधी) कार्यप्रणाली में बदलाव का एक कारण आयरन की कमी भी है 7।  

5. स्वस्थ गर्भावस्था के लिए

प्रेगनेंसी में आयरन की कमी होने का खतरा रहता है, क्योंकि इस दौरान शरीर को अधिक मात्रा में आयरन की आवश्यकता होती है। दरअसल, गर्भनाल और भ्रूण के तेजी से विकास के लिए आयरन जरूरी होता है। इसी वजह से गर्भावस्था के दौरान महिला के शरीर को भी आयरन की अतिरिक्त जरूरत पड़ती है 2। हीमोग्लोबिन के स्तर को बनाए रखने और भ्रूण को एनीमिया से बचाने में भी आयरन मददगार होता है 8। इसी वजह से स्वस्थ गर्भावस्था के लिए आयरन को जरूरी मिनरल कहा जाता है। 

6. प्रतिरक्षा को बढ़ाए

शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर करने के लिए भी आयरन आवश्यक है। एनसीबीआई द्वारा प्रकाशित एक शोध में भी इस बात का जिक्र मिलता है। रिसर्च में बताया गया है कि आयरन की कमी से संक्रमण के प्रति संवेदनशीलता बढ़ सकती है। साथ ही आयरन शरीर की रोग प्रतिरोधक कार्य को सकारात्मक रूप से प्रभावित भी करता है। यही नहीं, इसकी अधिकता से इम्यूनिटी घट भी सकती है। ऐसे में इम्यूनिटी के लिए शरीर में आयरन का स्तर सही होना जरूरी है 9

7. रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम

रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम एक सामान्य मेडिकल कंडीशन है, जिसमें व्यक्ति पैरों को हिलाने की तीव्र इच्छा होती है। ऐसा ज्यादातर शाम या रात के समय होता है। एक स्टडी के दौरान पता चला है कि रेस्टलेस लेग सिंड्रोम से जूझ रहे अधिकतर लोगों में आयरन का स्तर कम होता है। शोध में यह भी पाया गया कि आयरन का सेवन करने से इस स्थिति में थोड़ा सुधार हो सकता है। बस आयरन की खुराक और मात्रा की सटीक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क जरूर करें 10

8. मासिक धर्म से पहले (प्रीमेंस्ट्रुअल) के लक्षण से राहत

मासिक धर्म की समस्या होने से पहले महिलाओं को मूड स्विंग, थकान, कुछ अलग खाने की इच्छा, चिड़चिड़ापन जैसे लक्षणों से गुजरना पड़ता है, जिसे प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम (पीएमएस) कहा जाता है 11। इसे कम करने में भी आयरन लाभदायक साबित हो सकता है। इससे संबंधित एक रिसर्च पेपर में कहा गया है कि आयरन का सेवन करने से पीएमएस का जोखिम कम हो सकता है 12। 

9. स्वस्थ त्वचा

आयरन के फायदे में त्वचा स्वास्थ्य भी शामिल है। इससे संबंधित एक रिसर्च पेपर में लिखा है कि आयरन युक्त खाद्य पदार्थ से त्वचा स्वस्थ रहती है। साथ ही आयरन ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने और धूप की वजह से त्वचा को होने वाले नुकसान से बचाव में भी अहम भूमिका निभा सकता है। यही नहीं, आयरन की कमी में त्वचा पर खुजली होना, इंफेक्शन और चेहरा का पीला पड़ना भी शामिल है 13। इसी वजह से त्वचा स्वास्थ्य के लिए आयरन को जरूरी कहा जाता है।

10. घाव भरने में मददगार

घाव भरने की क्षमता को बढ़ाने के लिए शरीर में आयरन की पर्याप्त मात्रा होना जरूरी हैं। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक मेडिकल रिसर्च के अनुसार, आयरन की कमी से घाव भरने की क्षमता कम हो जाती है। ऐसे में आयरन का सेवन करके वुंड हीलिंग यानी घाव भरने की प्रक्रिया को बेहतर किया जा सकता है 13। 

11. बालों का झड़ना कम करे

आयरन की कमी के लक्षणों में से एक बालों का झड़ना भी है। इसी वजह से आयरन को बालों के झड़ने की समस्या को कम करने में मददगार कहा जाता है। एक वैज्ञानिक शोध के अनुसार, आयरन बालों के लिए एक जरूरी पोषक तत्व है, जिसकी कमी होने पर बाल झड़ने की समस्या हो सकती है। ऐसे में आयरन की पूर्ति करके बालों का झड़ना रोका जा सकता है 14। साथ ही बालों को स्वस्थ बनाए रखने और टूटने की समस्या से बचाव में भी आयरन को मददगार माना जाता है 13। 

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अब हम आयरन की पूर्ति करने के लिए आयरन युक्त खाद्य पदार्थ की जानकारी दे रहे हैं।

आयरन युक्त खाद्य पदार्थ – Iron Rich Foods in Hindi

आयरन युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन करके इसकी कमी से बचा जा सकता है। आयरन युक्त खाद्य पदार्थ में ये शामिल हैं 15

  • सफेद बीन्स
  • डार्क चॉकलेट
  • उबाली हुई दाल 
  • उबला हुआ पालक
  • टोफू
  • किडनी बीन्स 
  • उबले हुए छोले
  • टमाटर
  • आलू 
  • काजू
  • हरे मटर उबले हुए
  • चिकन
  • चावल
  • साबुत गेहूं की रोटी
  • ब्रेड
  • किशमिश
  • पिस्ता
  • ब्रोकली
  • अंडा
  • ब्राउन राइस

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आगे चार्ट के माध्यम से आयरन की दैनिक जरूरत को जानिए।

आपको आयरन की कितनी आवश्यकता है – Iron dosage in Hindi

आयरन की मात्रा आयु और लिंग पर आधारित होती है। इसी वजह से हम नीचे एक टेबल के माध्यम से आयरन की किसको कितनी आवश्यकता है, यह बता रहे हैं 15

आयु

आयरन की मात्रा

पुरुष

आयरन की मात्रा

स्त्री

जन्म से लेकर 6 माह तक

0.27 मिलीग्राम

0.27 मिलीग्राम

7 माह से 12 माह तक

11 मिलीग्राम

11 मिलीग्राम

1 साल से 3 साल तक

7 मिलीग्राम

7 मिलीग्राम

4 साल से 8 साल तक

10 मिलीग्राम

10 मिलीग्राम

9 साल से 13 साल तक

8 मिलीग्राम

8 मिलीग्राम

14 साल से 18 साल तक

11 मिलीग्राम

15 मिलीग्राम

19 साल से 50 साल तक

8 मिलीग्राम

18 मिलीग्राम

50 साल से ऊपर आयु के लिए

8 मिलीग्राम

8 मिलीग्राम

14 साल से 18 साल तक की गर्भवती

27 मिलीग्राम

19 साल से 50 साल तक की गर्भवती

27 मिलीग्राम

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यहां हम आयरन के उपयोग से जुड़ी जरूरी जानकारी दे रहे हैं।

आयरन का उपयोग कैसे करें – How to use Iron in Hindi

आयरन का उपयोग किस तरह से किया जा सकता है, यह आगे समझिए  16

  • आयरन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन किया जा सकता है।
  • डॉक्टर की सलाह पर आयन सप्लीमेंट ले सकते हैं।
  • आयरन फॉर्टिफाइड (मिलाया हुआ) सीरियल्स का सेवन कर सकते हैं।
  • त्वचा और बालों के लिए आयरन का टॉपिकल (लगाने के लिए) उपयोग भी किया जा सकता है 13

लक्षण पढ़ें

लेख में आगे बढ़ते हुए आयरन के कमी के लक्षण पर एक नजर डाल लीजिए।

आयरन की कमी के लक्षण – Iron deficiency symptoms in Hindi

आयरन की मात्रा शरीर में हल्की ही कम हुई है, तो किसी तरह के लक्षण नजर नहीं आते हैं। इस कमी के बढ़ने पर कुछ इस तरह के लक्षण दिख सकते हैं 16 17

  • सामान्य से अधिक बार कमजोर या थका हुआ महसूस करना
  • सिर दर्द
  • चक्कर आना
  • धड़कन का तेज या धीरे धड़कने का एहसास (Palpitations)
  • ध्यान केंद्रित करने या सोचने में समस्या

आयरन की कमी जैसे ही काफी ज्यादा हो जाती है, तो निम्न लक्षण नजर आ सकते हैं 18 :

  • नाखूनों का नाजुक होना
  • बाल झड़ना
  • सांस लेने में कठिनाई
  • खड़े होने पर सिर चकराना
  • मुंह में छालें होना (माउथ अल्सर)
  • त्वचा का रंग पीला पड़ना
  • बर्फ या अन्य गैर-खाद्य पदार्थ, जैसे – चॉक, क्ले खाने की इच्छा
  • गले में खराश या जीभ में सूजन 
  • नींद के दौरान पैरों की अनियंत्रित गति
  • आंखों के सफेद हिस्सों का नीला पड़ना

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आयरन के कमी के लक्षण के बाद हम आगे आयरन की कमी से होने वाले रोग के बारे में बता रहे हैं।

आयरन की कमी से रोग – Iron deficiency disease in Hindi

आयरन की कमी से एनीमिया होने का खतरा होता है। इसके अलावा, आयरन की कमी से कुछ इस तरह की समस्याओं का जोखिम उत्पन्न हो सकता है 16 13। 

  • अल्सर
  • रूमेटाइटिस अर्थराइटिस
  • वजन कम होना
  • स्किन इंफेक्शन
  • इम्यूनिटी का कमजोर होना
  • प्रुरिटस (त्वचा पर तेज खुजली)
  • जीभ में सूजन

आगे है जरूरी जानकारी

आयरन की कमी से होने वाले रोग के बाद आगे पढ़िए आयरन के नुकसान।

शरीर में अधिक मात्रा में आयरन से नुकसान : Side Effects of Iron in Hindi

शरीर में आयरन की अधिकता होना दुर्लभ है। हां, एक आनुवंशिक विकार हेमोक्रोमैटोसिस के कारण शरीर में आयरन ज्यादा अवशोषित होने लगता है। इसके अलावा, आयरन के सप्लीमेंट्स ज्यादा लेने पर कुछ इस तरह की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं 16

  • थकान
  • एनोरेक्सिया (खाने की इच्छा कम होना)
  • चक्कर आना
  • मतली
  • उल्टी होना
  • सिरदर्द
  • वजन घटना
  • सांस लेने में कठिनाई
  • त्वचा का रंग भूरा पड़ना

शरीर के लिए आयरन की महत्ता को आप जान ही गए होंगे। इस जरूरी मिनरल के बिना हमारा शरीर सही तरीके से कार्य ही नहीं कर सकता है। इसी वजह से शरीर में आयरन की सही मात्रा को बनाए रखना जरूरी है। वैज्ञानिक रिसर्च भी मानते हैं कि बॉडी में आयरन का स्तर सही हो, तो व्यक्ति ऊर्जावान भी महसूस करता है और कई बीमारियों से बचा रह सकता है। इन सबका जिक्र विस्तार से हम ऊपर लेख में कर ही चुके हैं। बस तो स्वस्थ रहने के लिए आयरन युक्त खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल करें और स्वस्थ रहें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

आयरन का कौन सा स्तर बहुत अधिक है?

पुरुषों में 300 ng/ml से अधिक और मासिक धर्म वाली महिलाओं में 150 से 200 ng/ml से अधिक सीरम फेरिटिन को आयरन ओवरडोज कहा जाता है 19

आयरन अधिक होने पर किन खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए?

शरीर में आयरन की अधिकता होने पर आयरन और विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए 16। 

आयरन की कमी होने के सबसे अधिक जोखिम में कौन है?

आयरन की कमी होने का जोखिम इन लोगों को अधिक होता है 16 15:

  • भारी मासिक धर्म होने वाली महिलाएं
  • गर्भवती या हाल ही में शिशु को जन्म देने वाली महिला 
  • लंबी दौड़ लगाने वाले लोग
  • आंतों में किसी भी प्रकार के रक्तस्राव की समस्या
  • अक्सर रक्तदान करने वाले
  • पेट संबंधी ऐसी समस्या, जिसमें खाने से पोषक तत्वों का अवशोषण मुश्किल हो
  • नवजात और शिशु

क्या आयरन सप्लीमेंट सुरक्षित हैं?

हां, डॉक्टर की सलाह पर आयरन सप्लीमेंट लेना सुरक्षित है 16

शरीर में आयरन की कमी के लक्षण कबतक नजर आते हैं?

जबतक आयरन की कमी पूरी न हो जाए, तबतक शरीर में आयरन की कमी के लक्षण नजर आते हैं।

आयरन की कमी को पूरा करने में कितना समय लगता है?

आयरन की कमी को पूरा करने में करीबन छह महीने का समय लग सकता है 20

क्या कैल्शियम आयरन की कमी के लक्षण एक जैसे होते हैं?

नहीं, कैल्शियम आयरन की कमी के लक्षण एक जैसे नहीं होते।

आयरन की गोली खाने के फायदे क्या होते हैं?

शरीर में आयरन की कमी हो गई है, तो आयरन की गोली से इसकी कमी को पूरा किया जा सकता है। साथ ही आयरन की कमी से होने वाले रोग जैसे एनीमिया, स्किन इंफेक्शन, अल्सर, टूटते झड़ते बाल व नाखून से बचने में मदद मिल सकती है 13

आयरन की कमी से कौन-सा रोग होता है?

आयरन की कमी से एनीमिया यानी खून की कमी हो सकती है। इसके अलावा, आयरन की कमी को अर्थराइटिस और अल्सर के जोखिम से भी जोड़कर देखा जाता है 13

आयरन एंड फोलिक एसिड सिरप के फायदे क्या हैं?

आयरन एंड फोलिक एसिड सिरप के फायदे में इन दोनों पोषक तत्वों की कमी को दूर करना शामिल है।

आयरन की गोली के फायदे और आयरन टेबलेट्स के फायदे में क्या अंतर है?

आयरन की गोली के फायदे और आयरन टेबलेट्स के फायदे में कोई अंतर नहीं है। दोनों का मतलब आयरन सप्लीमेंट (आयरन की कमी पूरी करने वाली दवा) के फायदे से ही है।

Sources

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  1. Iron
    https://medlineplus.gov/iron.html
  2. Review on iron and its importance for human health
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3999603/
  3. Iron deficiency anemia
    https://medlineplus.gov/ency/article/000584.htm
  4. Dietary Iron
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK540969/
  5. Iron supplementation improves appetite and growth in anemic Kenyan primary school children
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/8169656/
  6. Iron deficiency as energetic insult to skeletal muscle in chronic diseases
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6204587/
  7. Iron Deficiency Alters Brain Development and Functioning
    https://academic.oup.com/jn/article/133/5/1468S/4558529
  8. The impact of maternal iron deficiency and iron deficiency anemia on child’s health
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4375689/
  9. Iron and immunity: immunological consequences of iron deficiency and overload
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3173740/
  10. Iron for the treatment of restless legs syndrome
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6353229/
  11. Premenstrual syndrome
    https://medlineplus.gov/ency/article/001505.htm
  12. Intake of Selected Minerals and Risk of Premenstrual Syndrome
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3649635/
  13. The role of iron in the skin and cutaneous wound healing
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4091310/
  14. Iron Plays a Certain Role in Patterned Hair Loss
    https://www.researchgate.net/publication/239525164_Iron_Plays_a_Certain_Role_in_Patterned_Hair_Loss
  15. Iron Fact Sheet for Health Professionals
    https://ods.od.nih.gov/factsheets/Iron-HealthProfessional/
  16. Iron in diet
    https://medlineplus.gov/ency/article/002422.htm
  17. Iron deficiency without anemia – a clinical challenge
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5986027/
  18. Chronic Iron Deficiency
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK560876/
  19. Iron Overload
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK526131/
  20. Iron deficiency – adults
    https://www.betterhealth.vic.gov.au/health/conditionsandtreatments/iron-deficiency-adults
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विनिता पंगेनी ने एनएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में बीए ऑनर्स और एमए किया है। टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में काम करते हुए इन्हें करीब चार साल हो गए हैं। इन्हें उत्तराखंड के कई पॉलिटिकल लीडर और लोकल कलाकारों के इंटरव्यू लेना और लेखन का अनुभव है। विशेष कर इन्हें आम लोगों से जुड़ी रिपोर्ट्स करना और उस पर लेख लिखना पसंद है। इसके अलावा, इन्हें बाइक चलाना, नई जगह घूमना और नए लोगों से मिलकर उनके जीवन के अनुभव जानना अच्छा लगता है।

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