आयरन युक्त खाद्य सामग्री और उनके फायदे – Iron Rich Foods in Hindi

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हमारे शरीर में हर पोषक तत्वों की अपनी अलग भूमिका होती है, चाहे वो विटामिन हो, मिनरल हो या फिर फैट। इन्हीं में से एक पोषक तत्व है आयरन। आयरन शरीर के लिए इसलिए जरूरी माना जाता है, क्योंकि यह विभिन्न तरीकों से स्वास्थ्य लाभ पहुंचाने का काम करता है। इसका महत्व इस प्रकार समझा जा सकता है कि आयरन की कमी से रोग और कई प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए, डॉक्टर अन्य पोषक तत्वों के साथ-साथ आयरन युक्त भोजन लेने की सलाह देते हैं। वहीं, शरीर में आयरन की अधिकता विभिन्न परेशानियों की वजह बन सकती है। आयरन से जुड़ी सभी जानकारियां आपको वैज्ञानिक प्रमाण सहित स्टाइलक्रेज के इस लेख में पढ़ने को मिलेंगी। इसलिए, यह लेख अंत तक जरूर पढ़ें। इस लेख में विभिन्न आयरन के स्रोत के विषय में भी बताया गया है।

सबसे पहले हम आपको यहां आयरन के बारे में बता रहे हैं।

आयरन क्या है? – What is Iron in Hindi

आयरन एक प्रकार का खनिज है। यह कई खाद्य पदार्थों में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है, तो वहीं कई खाद्य उत्पादों में इसे जोड़ा जाता है। डायटरी आयरन के दो रूप हैं, एक हेम आयरन और दूसरा नॉन-हेम आयरन। मीट, चिकन और मछली हेम आयरन के मुख्य स्रोत माने जाते हैं। इन उत्पादों में लगभग 55 से 70 प्रतिशत तक आयरन की आपूर्ति हो सकती है। इसके विपरीत नॉन-हेम आयरन को अनाज, बीन्स, सब्जियों, फल, नट्स और बीज जैसे खाद्य पदार्थों से प्राप्त किया जा सकता है (1) (2)।

यहां हम बता रहे हैं कि आयरन की शरीर में क्या भूमिका होती है।

आपके शरीर में आयरन की भूमिका क्या है?

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (एनआईएच) के अनुसार, शरीर में आयरन की एक अहम भूमिका होती है। हीमोग्लोबिन के स्तर को ठीक करने के लिए आयरन जरूरी घटक माना जाता है। आयरन लाल रक्त कोशिकाओं को बढ़ाने में मदद करता है, जो ऑक्सीजन को पूरे शरीर में ले जाने का काम करता है। आयरन इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि शरीर में इसकी कमी एनीमिया (लाल रक्त कोशिकाओं की कमी) का कारण बन सकती है। मांसपेशियों के चयापचय और स्वस्थ ऊतक यानी टिश्यू के लिए भी आयरन फायदेमंद होता है। आयरन शारीरिक और मानसिक विकास के साथ ही कुछ हार्मोन के लिए भी आवश्यक है (1)। इसलिए, खानपान में आयरन युक्त भोजन का होना बहुत जरूरी है।

यहां हम बता रहे हैं कि हमें राेजाना आयरन की कितनी मात्रा जरूरी होती है।

आपको आयरन की कितनी आवश्यकता है?

रोजाना आयरन की मात्रा लिंग और आयु के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है। नीचे हम टेबल के माध्यम से आयरन की मात्रा बता रहे हैं (1):

आयुआयरन की मात्रा

पुरुष

आयरन की मात्रा

स्त्री

जन्म से लेकर 6 माह तक0.27 मिलीग्राम0.27 मिलीग्राम
7 माह से 12 माह तक11 मिलीग्राम11 मिलीग्राम
1 साल से 3 साल तक7 मिलीग्राम7 मिलीग्राम
4 साल से 8 साल तक10 मिलीग्राम10 मिलीग्राम
9 साल से 13 साल तक8 मिलीग्राम8 मिलीग्राम
14 साल से 18 साल तक11 मिलीग्राम15 मिलीग्राम
19 साल से 50 साल तक8 मिलीग्राम18 मिलीग्राम
50 साल से ऊपर आयु के लिए8 मिलीग्राम8 मिलीग्राम
14 साल से 18 साल तक

गर्भवती

27 मिलीग्राम
19 साल से 50 साल तक

गर्भवती

27 मिलीग्राम

नोट: हर किसी के शरीर को आयरन की अलग-अलग मात्रा की जरूरत होती है। इसलिए, आयरन की सही मात्रा के लिए चिकित्सक से सलाह लेना जरूरी है।

यहां हम आयरन के स्रोत के साथ ही सेहत के लिए उनके फायदों के बारे में बता रहे हैं।

आयरन युक्त खाद्य पदार्थ – Iron Rich Foods in Hindi

शरीर में आयरन की पूर्ती के लिए आयरन के स्रोत के साथ-साथ आयरन रिच फूड को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं, आयरन के कुछ प्रमुख स्रोतों के बारे में।

1. पालक

आयरन की मात्रा: प्रति 100 ग्राम में 2.71 मिलीग्राम (3)।

पालक के फायदे सेहत के लिए कई प्रकार से हो सकते हैं। आयरन के साथ-साथ पालक कई विटामिन और खनिजों से भरपूर होता है। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफार्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध के अनुसार, इसमें एंटी कैंसर, एंटी ओवेसिटि गुणों के साथ ही हाइपोग्लाइसेमिक (रक्त शुगर को कम करने वाला गुण) और हाइपोलिपिडेमिक (वसा को कम करने का गुण) गुण भी पाए जाते हैं। पालक में पाए जाने वाले गुणों के कारण ही ज्यादातर डॉक्टर पालक को डाइट में शामिल करने की सलाह देते हैं (4)। आयरन युक्त भोजन के रूप में पालक का उपयोग सलाद, सूप और सब्जी बनाने के लिए आसानी से कर सकते हैं।

2. फलियां

आयरन की मात्रा: प्रति 100 ग्राम में 2.77 मिलीग्राम (5)।

फलियां कई प्रकार से सेहत के लिए फायदेमंद हो सकती हैं। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध के अनुसार, फलियों के सेवन से हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, स्ट्रोक और टाइप 2 मधुमेह जैसी गंभीर बीमारियों का जोखिम कुछ हद तक कम हो सकता है। फलियों के कुछ सामान्य प्रकारों में किडनी बीन्स, कैनेलिनी बीन्स, नेवी बीन्स, फावा बीन्स, क्रैनबेरी बीन्स, ब्लैक बीन्स, पिंटो बीन्स, सोया बीन्स आदि शामिल हैं। फलियों में फाइबर, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन बी, आयरन, कॉपर, मैग्नीशियम, मैंगनीज, जिंक और फास्फोरस जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। (6)। फलियों का उपयोग सब्जी बनाने के लिए किया जाता है।

3. ब्रोकली

आयरन की मात्रा: प्रति 100 ग्राम में 0.88 (7)।

ब्रोकली को आयरन रिच फूड के श्रेणी में भी रखा जाता है। एनीसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध के अनुसार ब्रोकली में विटामिन-ई, विटामिन-सी, विटामिन-के, आयरन, जिंक, सेलेनियम और पॉलीफेनोल जैसे कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं। इसे अलावा, इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण और फाइटोकेमिकल्स पाए जाते हैं। ब्रोकली में पाए जाने वाले ये पोषक तत्व सेहत के लिए कई प्रकार से फायदेमंद हो सकते हैं (8)। ब्रोकली का उपयोग सब्जी बनाने में, सूप और सलाद के लिए आयरन युक्त भोजन के रूप में किया जा सकता है।

4. लाल मांस (बीफ)

आयरन की मात्रा: प्रति 100 ग्राम में 1.97 मिलीग्राम (9) (10)।

मानव विकास में लाल मांस आहार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है। लाल मांस आयरन और प्रोटीन के साथ ही आवश्यक पोषक तत्वों का एक समृद्ध स्रोत है। एनसीबीआई की साइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार लाल मांस कई प्रकार से स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है। ये कई शारीरिक समस्याओं को दूर करने के साथ ही बढ़ते वजन को नियंत्रित करने में भी कारगर हो सकता है (11)।

5. शेलफिश

आयरन की मात्रा: प्रति 100 ग्राम में 4.05 मिलीग्राम (12)।

शेलफिश में प्रोटीन, कई प्रकार के विटामिन, कॉपर, जिंक, आयरन, सोडियम व पोटैशियम सहित अमीनो एसिड, पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड व कैरोटीनॉयड जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसके अलावा, इसमें एंटीमाइक्रोबियल, एंटीवायरल, एंटीट्यूमर, एंटीऑक्सीडेंट, कार्डियोप्रोटेक्टिव, एंटीडायबिटिक और न्यूरोप्रोटेक्टिव गुण मौजूद होते हैं। शेलफिश में पाए जाने वाले ये गुण संयुक्त रूप से शरीर को स्वस्थ रखने का काम कर सकते हैं (13)।

6. कद्दू के बीज

आयरन की मात्रा: प्रति 100 ग्राम में 3.31 मिलीग्राम (14)।

अगर बात करें कद्दू के बीज के फायदे की, ताे ये भी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है। कद्दू के बीज आयरन के अलावा, प्रोटीन, विटामिन, कैरोटिनॉइड, पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड, फाइटोस्टेरॉल, सेलेनियम और जिंक जैसे पोषक तत्वों और एंटीऑक्सीडेंट जैस गुणों का स्रोत माने जाते हैं। ये हानिकारक कोलेस्ट्रॉल को कम करके अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं, जिससे कोलेस्ट्रॉल संबंधी हृदय रोग का खतरा कम हो सकता है। इसके अलावा, शोध में पाया गया है कि कद्दू के बीज का तेल उच्च रक्तचाप, गठिया और कैंसर के जोखिम से बचाव में मदद कर सकता है (15)। इसका उपयोग कई प्रकार से किया जाता है। कई लोग इन बीजों को सेंक कर ड्राई फ्रूट्स की तरह खाना पसंद करते हैं।

7. क्विनोआ

आयरन की मात्रा: प्रति 100 ग्राम में 4.65 मिलीग्राम (16)।

क्विनोआ का उपयोग कई प्रकार से किया जा सकता है। यह सेहत के लिए कई प्रकार से फायदेमंद हो सकता है। क्विनोआ प्रोटीन, फाइबर, आयरन, कई विटामिन और खनिजों से भरपूर होता है। इसके अलावा, इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण भी पाए जाते हैं। क्विनोआ मधुमेह और हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद तो है ही, साथ ही इसमें पाया जाने वाला प्रोटीन किशोरावस्था और गर्भावस्था के दौरान विकास के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। क्विनोआ को कई तरह से पकाया और खाया जा सकता है। इसको टमाटर के साथ स्टफ करके सेवन किया जा सकता है (17)।

8. टोफू

आयरन की मात्रा: प्रति 100 ग्राम में 5.36 मिलीग्राम (18)।

मैश किए हुए सोयाबीन से बने दही को टोफू कहा जाता है। इसे आयरन रिच फूड भी कहा जा सकता है। एनीसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध के अनुसार, टोफू, प्रोटीन, सभी 9 आवश्यक अमीनो एसिड, कैल्शियम, आयरन, मैंगनीज, सेलेनियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम, कॉपर, जिंक और विटामिन-बी1 का अच्छा स्रोत है। ये सभी पोषक तत्व स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इसके साथ ही ये कैंसर, डायबिटीज और हृदय रोग के जोखिम को कम कर सकता है। इसका उपयोग मांस के स्थान पर कई पकवान और सब्जियां बनाने के लिए किया जा सकता है (19)।

9. टर्की

आयरन की मात्रा: प्रति 100 ग्राम में 5.92 मिलीग्राम (20)।

टर्की मांस प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत है। यह सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है। इसमें प्रोटीन, आयरन, जिंक, पोटैशियम, फास्फोरस, विटामिन-बी6, नियासिन और एमिनो एसिड जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। साथ ही यह एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भी भरपूर होता है। कई पोषक तत्वों और गुणों से भरपूर टर्की शरीर को ऊर्जा प्रदान करने, कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने, प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के साथ ही डायबिटीज की समस्या को रोकने के लिए फायदेमंद माना गया है (21)। फिलहाल, इसके बताए गए लाभ की सटीकता के लिए और गहन वैज्ञानिक शोध की आवश्यकता है।

10. डार्क चॉकलेट

आयरन की मात्रा: प्रति 100 ग्राम में 7.71 मिलीग्राम (22)।

एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध के अनुसार, डार्क चॉकलेट सेहत के लिए फायदेमंद हो सकती है। डार्क चॉकलेट का उपयोग थकान, अपच, और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (आंतों का विकार) की समस्या को दूर करने के लिए किया जा सकता है। इसका उपयोग बलगम और अवसाद को कम करने, मूत्रवर्धक और कामोत्तेजक के लिए भी फायदेमंद माना गया है। ये फ्लेवोनोइड और कैफीन के साथ-साथ मैग्नीशियम, आयरन और जिंक जैसे खनिजों का अच्छा स्रोत भी है (23)।

आयरन के स्रोत के बाद यहां हम आपको बता रहे हैं आयरन के कुछ सप्लीमेंट के बारे में।

कुछ भरोसेमंद आयरन सप्लीमेंट – Iron Supplements in Hindi

आयरन सप्लीमेंट्स को कैप्सूल, टैबलेट व तरल पदार्थ के रूप में लिया जा सकता है। फेरॉस और फेरिक आयरन सॉल्ट (Ferrous and Ferric Iron Salts) ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले आयरन सप्लीमेंट हैं। वैसे आपके लिए कौन-सा आयरन सप्लीमेंट ज्यादा फायदेमंद होगा, इसकी सही जानकारी डॉक्टर ही दे सकते हैं। हमारी सलाह यही है कि आप बिना डॉक्टरी परामर्श के किसी भी आयरन सप्लीमेंट का सेवन शुरू न करें (24) (1)।

आयरन के सप्लीमेंट के बाद यहां पर जानते हैं आयरन की कमी के लक्षण के बारे में।

आयरन की कमी के लक्षण – Iron Deficiency Symptoms in Hindi

लंबे समय तक आयरन युक्त खाद्य पदार्थों और सप्लीमेंट्स का सेवन नहीं करने से शरीर में आयरन की कमी हो सकती है। आयरन की कमी से एनीमिया की समस्या हो सकती है। एनीमिया, जिसमें लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन में कमी हो जाती है। आयरन की कमी के कारण होने वाले एनीमिया में ऊर्जा की कमी, सांस लेने में तकलीफ, सिरदर्द, चिड़चिड़ापन, चक्कर आना और वजन कम होना शामिल हो सकता है (25)।

यहां हम बता रहे हैं कि शरीर में आयरन की मात्रा अधिक होने पर क्या असर हो सकता है।

शरीर में अधिक मात्रा में आयरन होने के दुष्प्रभाव

आयरन की पर्याप्त मात्रा ही सेहत के लिए फायदेमंद हो सकती है, लेकिन शरीर में अगर आयरन की अधिकता हो जाए, तो इसके कई दुष्प्ररिणाम सामने आ सकते है। शरीर में आयरन की अधिकता को हेमोक्रोमैटोसिस के नाम से भी जाना जाता है। इसके अलावा, आयरन की अधिक मात्रा शरीर में जहर का विकास कर सकती है। अधिक आयरन से होने वाली विषाक्तता के लक्षण इस प्रकार हैं (25):

  • थकान
  • एनोरेक्सिया (Anorexia, भूख न लगना)
  • चक्कर आना
  • जी मिचलाना
  • उल्टी
  • सिरदर्द
  • वजन घटना
  • सांस लेने में परेशानी
  • त्वचा का काला रंग होना

दोस्तों, आपने इस लेख में जाना कि शरीर के लिए आयरन के फायदे किस प्रकार काम करते हैं। अब आप समझ गए होंगे कि आयरन की कमी और इसकी अधिकता से कौन-कौन सी शारीरिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए, अपने दैनिक आहार में आयरन युक्त खाद्य पदार्थों को जरूर शामिल करें। साथ ही आयरन सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टरी परामर्श जरूर लें। उम्मीद करते हैं कि यह लेख आपके लिए उपयोगी साबित होगा। अगर आप इस विषय के संबंध में कुछ और जानना चाहते हैं या कोई सुझाव देना चाहते हैं, तो नीचे दिए कमेंट बॉक्स की मदद ले सकते हैं।

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Saral Jain

सरल जैन ने श्री रामानन्दाचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, राजस्थान से संस्कृत और जैन दर्शन में बीए और डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ से पत्रकारिता में बीए किया है। सरल को इलेक्ट्रानिक मीडिया का लगभग 8 वर्षों का एवं प्रिंट मीडिया का एक साल का अनुभव है। इन्होंने 3 साल तक टीवी चैनल के कई कार्यक्रमों में एंकर की भूमिका भी निभाई है। इन्हें फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, एडवंचर व वाइल्ड लाइफ शूट, कैंपिंग व घूमना पसंद है। सरल जैन संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी व कन्नड़ भाषाओं के जानकार हैं।

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