जलने पर तुरंत राहत पाने के लिए घरेलू उपाय – Home Remedies For Burns in Hindi

Medically Reviewed By Suvina Attavar (Dermatologist & Hair transplant surgeon)
Written by , (शिक्षा- बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मीडिया कम्युनिकेशन)

जीवन में छोटी-छोटी गलतियां बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं, फिर चाहे आप घर में ही क्यों न हो। कुछ हादसों में शरीर पर कट लगने या खून निकलने की जगह त्वचा जल जाती है, जो कष्टदायक अवस्था है। अकेले भारत में लगभग छह से सात लाख लोग हर वर्ष इस हादसे का शिकार होते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि लगभग 90 प्रतिशत ऐसे मामले हैं, जो जलने से बचने के उपाय की मदद से रोके जा सकते हैं (1)। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम जलने के बारे में ही बात करेंगे। इस लेख के जरिए आप जानेंगे कि जलने से बचने के उपाय क्या हैं और अगर किसी वजह से यह हादसा हो जाता है, तो घर पर जलने पर उपचार किस तरह किया जा सकता है। ध्यान रहे कि सावधानी हर जगह और समय जरूरी है।

आइए, अब आपको बताते हैं कि जलने के प्रकार कितने होते हैं।

जलने के प्रकार – Types of Burns in Hindi

जलने के प्रकार को तीन भागों में बांटा जा सकता है। जलन के प्रकार इस बात पर निर्भर करते हैं कि जलने का घाव कितना गंभीर है (2):

  1. फर्स्ट डिग्री बर्न (First Degree Burn) : इस प्रकार में सिर्फ त्वचा की बाहरी परत जलती है, जिससे त्वचा लाल हो जाती है और सूजन के साथ दर्द होता है।
  2. सेकंड डिग्री बर्न (Second Degree Burn) : इस प्रकार में त्वचा की बाहरी और उसके ठीक नीचे की परत जल जाती है। साथ में त्वचा लाल हो जाती है, फफोले पड़ जाते हैं और सूजन के साथ दर्द भी होता है।
  3. थर्ड डिग्री बर्न (Third Degree Burn) : जलने के इस प्रकार में त्वचा की अंदरूनी परत तक जल जाती है। इससे फफोले पड़ जाते हैं, जिससे त्वचा सफेद या काली हो जाती है। इस वजह से त्वचा सुन्न भी पड़ सकती है, जिस वजह से शायद दर्द का अहसास न हो पाए।

इन तीनों के अलावा जलने के दो प्रकार और हो सकती हैं। ये जलन के प्रकार इस बात पर निर्भर करते हैं कि शरीर का कितना भाग जला है (2):

1. माइनर बर्न

  • शरीर के किसी भी भाग पर फर्स्ट डिग्री बर्न।
  • शरीर के किसी भी भाग पर लगभग दो-तीन इंच से कम सेकंड डिग्री बर्न।

2. मेजर बर्न

  • थर्ड डिग्री बर्न।
  • शरीर के किसी भी भाग पर लगभग दो से तीन इंच से ज्यादा सेकंड डिग्री बर्न।
  • हाथ, चेहरा, पैर, जांघ, नितंब या किसी जोड़ पर सेकंड डिग्री बर्न।

जलन के प्रकार बताने के बाद, लेख के अगले भाग में जानिए जलने पर घरेलू उपाय का आप किस प्रकार इस्तेमाल कर सकते हैं।

जलने पर राहत पाने के लिए घरेलू उपाय – Home Remedies for Burns in Hindi

क्या आप जानते हैं कि जलने पर घरेलू उपचार का उपयोग किया जा सकता है। ये घरेलू उपचार जलने की वजह से पड़ने वाले फफोलों और सूजन से आराम दिला सकते हैं।

  • एसेंशियल ऑयल
  • एलोवेरा
  • शहद
  • टी बैग
  • बेकिंग सोडा
  • नारियल का तेल
  • दूध, शहद और एलोवेरा का मलहम
  • विनेगर
  • ओटमील
  • शुद्ध घी और शहद

नीचे जलने पर घरेलू उपाय के बारे में विस्तार से जानिए।

1. एसेंशियल ऑयल

क) लैवेंडर ऑयल

सामग्री :

  • लैवेंडर ऑयल की दो से तीन बूंदें
  • रूई

विधि :

  • रूई की मदद से लैवेंडर ऑयल को जले हुए प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं।
  • पूरी तरह से आराम न मिल जाने तक इसे आप दिन में दो से तीन बार लगा सकते हैं।

कैसे काम करता है :

लैवेंडर ऑयल को जलने के उपचार के लिए प्रभावी माना गया है (3)। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो सूजन को कम करते हैं और घाव भरने का काम करते हैं (4) (5)।

ख) टी ट्री ऑयल

सामग्री :

  • दो से तीन बूंद टी ट्री ऑयल
  • रूई

विधि :

  • रूई की मदद से पेपरमिंट ऑयल को जले हुए प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं।
  • पूरी तरह से आराम न मिल जाने तक इसे आप दिन में दो बार लगा सकते हैं।

कैसे काम करता है :

जलने पर घरेलू उपचार के लिए आप टी ट्री ऑयल का उपयोग कर सकते हैं। इसमें एंटीसेप्टिक गुण होते हैं, जो घाव को जल्दी भरने में मदद करते हैं। साथ ही इसमें एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो सूजन को कम करने में भी आपकी मदद कर सकते हैं (6)।

ग) यूकेलिप्टस ऑयल

सामग्री :

  • दो से तीन बूंद यूकेलिप्टस ऑयल
  • रूई

विधि :

  • रूई की मदद से यूकेलिप्टस ऑयल को जले हुए प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं।
  • पूरी तरह से आराम न मिल जाने तक इसे आप दिन में दो बार लगा सकते हैं।

कैसे काम करता है :

यूकेलिप्टस ऑयल के गुण जलने का उपचार करने में लाभदायक साबित हो सकते हैं। इसमें एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो सूजन से आराम दिलाते हैं। इसके अलावा, इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण भी होते हैं, जो जले हुए घाव को कीटाणुओं से बचाएंगे और घाव को जल्द भरने का काम करेंगे (7)।

2. एलोवेरा

सामग्री :

  • एक बड़ा चम्मच एलोवेरा जेल

विधि :

  • एलोवेरा जेल को अच्छी तरह जले हुए प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं।
  • इस प्रक्रिया को आप दिन में दो से तीन बार दोहरा सकते हैं।

कैसे काम करता है :

जलने पर घरेलू उपचार करने के लिए आप एलोवेरा का उपयोग कर सकते हैं। जली हुई त्वचा को ठीक करने में एलोवेरा सीधे तौर पर काम कर सकता है (8)। साथ ही एलोवेरा में मौजूद एंटी इंफ्लेमेटरी गुण सूजन और एंटीसेप्टिक गुण घाव को जल्दी भरने में मदद कर सकते हैं (9)।

3. शहद

सामग्री :

  • दो छोटे चम्मच ऑर्गेनिक शहद

विधि :

  • शहद को जली हुई प्रभावित त्वचा पर लगाएं।
  • इस उपाय को दिन में कम से कम तीन बार करें।

कैसे काम करता है :

त्वचा का जलना एक प्रकार की ऑक्सीडेटिव इंजरी होती है और वहां फ्री रेडिकल्स का प्रभाव बढ़ जाता है, जो घाव के दाग का कारण बनते हैं। शहद में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करते हैं। साथ ही, जली हुई त्वचा पर शहद लगाने से दर्द और जलन में आराम मिलता है और घाव को जल्दी भरने में मदद मिलती है (10)।

[ पढ़े: शहद के 23 फायदे, उपयोग और नुकसान ]

4. टी बैग

सामग्री :

  • दो से तीन टी बैग

विधि :

  • चाय बनाने के बाद टी बैग को न फेकें।
  • इन्हें ठंडा कर लें और फिर जले हुए संक्रमित क्षेत्र पर लगाएं।
  • आप चाहें तो एक सफेद बैंडेज की मदद से टी बैग को जली हुई त्वचा पर बांध भी सकते हैं।
  • ध्यान रखें कि आप बैंडेज को बहुत टाइट न बांधें।

कैसे काम करता है :

चाय में टैनिन एसिड नाम का एक तत्व पाया जाता है, जो जलने पर घरेलू उपाय की तरह उपयोग किया जा सकता है। यह घाव को जल्दी भरने में मदद करता है और घाव के निशान को पड़ने से भी रोकता है। साथ ही यह दर्द को कम करता है और आपको संक्रमण से बचाता है (11)।

5. नारियल का तेल

सामग्री :

  • एक से दो चम्मच वर्जिन कोकोनट ऑयल

विधि :

  • अपनी उंगलियों की मदद से नारियल तेल को जली हुई त्वचा पर लगाएं।
  • तेल को अपने आप घाव में अवशोषित (Absorbed) होने दें।

कैसे काम करता है :

जलने पर घरेलू उपचार करने के लिए नारियल तेल एक कारगर हीलिंग एजेंट के रूप में काम कर सकता है। नारियल का तेल घाव को संक्रमण से बचाएगा और उसे जल्द भरने में मदद करेगा। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीसेप्टिक गुण होते हैं, जो घाव को जल्दी भरने में मदद कर सकते हैं (12)

6. दूध, शहद और एलोवेरा का मलहम

सामग्री :

  • एक चौथाई कप ठंडा दूध
  • एक बड़ा चम्मच शहद
  • एक बड़ा चम्मच एलोवेरा जेल

विधि :

  • एक ब्लेंडर में सारी सामग्री को डालकर अच्छी तरह मिला लें।
  • अच्छी तरह मिलाने के बाद इस पेस्ट को प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं।
  • लगभग 15 मिनट लगे रहने के बाद धो लें।

कैसे काम करता है :

जलने का घरेलू उपाय करने के लिए यह मलहम बहुत लाभकारी साबित हो सकता है। यह कोशिकाओं को बढ़ने में और घाव को जल्द भरने में मदद करता है। साथ ही यह इन्फ्लेमेशन को कम करता है और जलने के दाग को कम कर सकता है। इस वजह से यह कहा जा सकता है कि इसके गुण जलने के घाव, खासकर सेकंड डिग्री बर्न के घाव को ठीक करने में बहुत प्रभावशाली तरीके से काम कर सकते हैं (13)।

7. ओटमील

सामग्री :

  • एक बड़ा चम्मच ओटमील
  • एक बाउल पानी
  • रूई

विधि :

  • एक बाउल पानी में कुछ देर के लिए एक बड़ा चम्मच ओटमील भिगो कर रख दें।
  • कुछ देर बाद पानी को छान लें।
  • इस पानी को रूई की मदद से प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं।
  • जब तक घोल अपने आप रूई से सूख न जाए, तब तक रूई को घाव पर लगे रहने दें। अंत में गुनगुने पानी में एंटीसेप्टिक लिक्विड की कुछ बूंदें मिलाकर उसकी मदद से घाव से रूई को निकाल लें।

कैसे काम करता है :

जलने पर उपचार के रूप में आप ओटमील का भी उपयोग कर सकते हैं। ओटमील के एंटी इंफ्लेमेटरी गुण और एंटीइच गुण होते हैं, जो घाव पर हुई सूजन और खुजली को कम करने में मदद करते हैं (14)। जलने की वजह से अक्सर त्वचा रूखी पड़ जाती है। इसके लिए ओटमील के एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण आपके लिए फायदेमंद हो सकते हैं, जो जली हुई त्वचा का रूखापन और खुजली को दूर करने में मदद कर सकते हैं (15)।

8. शुद्ध घी और शहद

सामग्री :

  • एक चम्मच घी
  • एक चम्मच शहद

विधि :

  • एक बाउल में दोनों सामग्रियों को अच्छी तरह मिला लें।
  • अपनी उंगली की मदद से घी को जली हुई त्वचा पर लगाएं।
  • 15 मिनट के बाद धो लें।
  • पूरी तरह आराम न मिल जाने तक इस प्रक्रिया को दिन में दो से तीन बार दोहराएं।

कैसे काम करता है :

इस घरेलू उपाय को सेकंड डिग्री बर्न के लिए उपयोग किया जा सकता है। शहद के बारे में तो आप जान चुके हैं कि इसमें एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो घाव पर संक्रमण को होने से रोकते हैं और उसे जल्द भरने में मदद करते हैं। शहद के साथ घी का उपयोग करने से उसके फायदे दोगुने हो जाते हैं। घी में वूंड हीलिंग गुण होते हैं, जो घाव को जल्दी ठीक करने में मदद करते हैं और त्वचा की चमक को बढ़ाते हैं (16)।

नोट : जलने पर घरेलू उपाय करने से पहले जले हुए भाग को लगभग 20 मिनट के लिए ठंडे पानी (बर्फ वाला या बहुत ठंडा पानी नहीं) के नीचे रखें। ध्यान रहे कि जलने के कारण हुए फफोलों पर कभी बर्फ न लगाएं (17)। इसके बाद, घाव को अच्छी तरह पोंछ लें और एंटीसेप्टिक लिक्विड (Betadine) की मदद से घाव को अच्छी तरह साफ कर लें। साथ ही इन उपायाें को करने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

लेख के अगले भाग में जानिए कि जलने का इलाज कैसे किया जा सकता है।

जलने का इलाज – Treatment of Burns in Hindi

चिकित्सीय रूप से जलने का इलाज कुछ इस प्रकार किया जा सकता है (18) :

  • जलने का इलाज में फर्स्ट डिग्री बर्न के लिए डॉक्टर कुछ एंटीबायोटिक दे सकते हैं। ये एंटीबायोटिक क्रीम या मलहम के रूप में दिए जा सकते हैं। अक्सर मलहम लगाने के बाद डॉक्टर घाव को बैंडेज की मदद से ढक देंगे, ताकि संक्रमण न फैले।
  • थर्ड डिग्री और कुछ सेकंड डिग्री के मामलों में जली हुई त्वचा के टिश्यू को निकालने की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में डॉक्टर सर्जरी करने की सलाह दे सकते हैं। ऐसे में जलने का इलाज करने के लिए जली हुई त्वचा को निकाल कर उसकी जगह स्वस्थ त्वचा लगाई जा सकती है।
  • इसके अलावा, अगर शरीर बहुत ज्यादा जल गया है और जलने का इलाज साधारण अस्पताल में नहीं किया जा सकता हो, तो मरीज को खास अस्पताल के बर्न यूनिट में भर्ती किया जा सकता है।

नोट : ध्यान रहे ऊपर बताए गए घरेलू उपाय हल्के-फुल्के जलने (First degree burn) के लिए ही फायदेमंद हो सकते हैं। अगर किसी का जलने का जख्म गंभीर है तो बेहतर है कि डॉक्टरी इलाज को प्राथमिकता दी जाए।

यह जानने के बाद कि जलने का इलाज और घर पर जलने का उपचार कैसे किया जा सकता है, आइये आपको बता दें जलने से बचने के उपाय।

जलने से बचने के उपाय – Prevention Tips for Burns in Hindi

जलने से बचने के उपाय के लिए आप नीचे बताए गए तरीकों का उपयोग कर सकते हैं (19) :

  • अगर घर में बच्चे हैं, तो आप खाना बनाते समय गैस के पास से न हटें और उन्हें गैस के पास न जाने दें।
  • गर्म पेय और अन्य गर्म खाने की चीजों को बच्चों की पहुंच से दूर रखें।
  • टेबल क्लॉथ की जगह ऐसे कपड़े का उपयोग करें, जो न फिसलें।
  • किचन स्टोव गार्ड और ओवन गार्ड लगाएं।
  • गर्म सॉस पैन का हैंडल बच्चों की पहुंच से दूर रखें और स्वयं हमेशा कपड़े या चिमटे की मदद से गर्म बर्तन उठाएं।
  • किसी भी गर्म चीज को टेबल या किचन के कोनों पर न रखें। इससे वह बच्चों की पहुंच में आ सकते हैं।
  • खाना सर्व करते समय गर्म बर्तनों को किसी बड़ी प्लेट के ऊपर रख कर लाएं।
  • कुकर की सीटी आते समय हमेशा उससे दूर रहें।

अब तो आप समझ ही गए होंगे कि छोटी-सी लापरवाही कितनी खतरनाक साबित हो सकती है। इसलिए, आग या किसी भी गर्म वस्तु के आसपास काम करते समय पूरी सावधानी रखें। अगर किसी कारण से आप या आपकी पहचान का कोई जलने का शिकार हो जाए, तो इस लेख में बताए गए जलने पर घरेलू उपाय का उपयोग करने से फायदा मिल सकता है। अगर व्यक्ति सेकंड डिग्री या थर्ड डिग्री बर्न से पीड़ित है, तो तुरंत डॉक्टर के पास ले जाएं और जलने पर घरेलू उपचार का उपयोग डॉक्टरी परामर्श पर ही करें। उम्मीद है कि आपको हमारा लेख पसंद आया होगा, ऐसे ही अन्य आर्टिकल पढ़ने के लिए विजिट करते रहें स्टाइलक्रेज की वेबसाइट।

और पढ़े:

Sources

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  1. National programme for prevention of burn injuries
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3038407/
  2. Burns
    https://medlineplus.gov/ency/article/000030.htm
  3. Biological activities of lavender essential oil
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/12112282/
  4. Antioxidant, analgesic and anti-inflammatory effects of lavender essential oil
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/26247152/
  5. Healing advantages of lavender essential oil during episiotomy recovery: A clinical trial
    https://www.sciencedirect.com/science/article/abs/pii/S1744388110000381
  6. Antimicrobial properties of tea tree oil
    https://www.semanticscholar.org/paper/Antimicrobial-properties-of-tea-tree-oil-Kumari/f1cdf39bd6fcde84cf72533856124e2b79c724e4?p2df
  7. Essential oils used in aromatherapy: A systemic review
    https://www.sciencedirect.com/science/article/pii/S2221169115001033#bib54
  8. Effect of aloe vera gel to healing of burn wound a clinical and histologic study
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/7561562/
  9. ALOE VERA: A SHORT REVIEW
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC2763764/
  10. Topical Application of Honey for Burn Wound Treatment – an Overview
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3188068/
  11. The use of tannins in the local treatment of burn wounds – a pilot study
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3346037/
  12. Burn wound healing property of Cocos nucifera: An appraisal
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC2792613/
  13. Anti-inflammatory and Wound Healing Activities of Aloe vera, Honey and Milk Ointment on Second-Degree Burns in Rats
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/27217089/
  14. Avenanthramides, polyphenols from oats, exhibit anti-inflammatory and anti-itch activity
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/18461339/
  15. Anti-inflammatory activities of colloidal oatmeal (Avena sativa) contribute to the effectiveness of oats in treatment of itch associated with dry, irritated skin
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/25607907/
  16. TREATMENT OF BURN WOUND BY GHRUTA (GHEE) AND MADHU (HONEY) – A CASE REPORT
    http://www.iamj.in/posts/images/upload/43_47.pdf
  17. Burns and scalds
    https://www.betterhealth.vic.gov.au/health/conditionsandtreatments/burns-and-scalds
  18. Burns
    https://www.nigms.nih.gov/education/fact-sheets/Pages/burns.aspx
  19. Burns and scalds – children
    https://www.betterhealth.vic.gov.au/health/conditionsandtreatments/burns-and-scalds-children
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Suvina Attavar (Dermatologist & Hair transplant surgeon)

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Dr. Suvina Attavar - I have a thirst for learning and a passion for Dermatology, Cosmetology and hair transplantation. I... more

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