जिमीकंद (सूरन) के 12 फायदे, उपयोग और नुकसान – All About Yam (Jimikand) in Hindi

Medically reviewed by Neha Srivastava (Nutritionist), Nutritionist
by

बाजार में आम सब्जियों के साथ कुछ ऐसी भी सब्जियां मौजूद होती हैं, जिनके विषय में ज्यादा लोगों को पता नहीं होता। जिमीकंद भी ऐसी ही एक सब्जी है, जिसके बारे में कम ही लोग जानते हैं। जिमीकंद एक प्रकार का कंद-मूल है, जिसमें कई खास पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसपर हुए अध्ययनों से पता चलता है कि यह खाद्य पदार्थ शरीर को स्वस्थ बनाए रखने और स्वास्थ्य समस्याओं से बचाने में मदद कर सकता है। इन्हीं पोषक तत्वों, जिमीकंद के फायदे, जिमीकंद बनाने के तरीके और इससे होने वाले नुकसान के बारे में हम स्टाइलक्रेज के इस लेख में बता रहे हैं।

पढ़ें विस्तार से

आइए, सबसे पहले जान लेते हैं कि जिमीकंद क्या है।

जिमीकंद (सूरन) क्या है – What is Yam (Jimikand) in Hindi

जिमीकंद क्या है, अक्सर यह सवाल लोगों के मन में उठता है। जिमीकंद यानी सूरन एक जड़ है, जिसे सब्जी के रूप में खाया जाता है। स्वास्थ्य के लिहाज से इसे प्राकृतिक जड़ी-बूटी भी माना जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम अमोर्फोफ्लस पेओनिफोलियस (Amorphophallus Paeoniifolius) है। इसे अंग्रेजी में याम (Yam) के नाम से भी जाना जाता है। यह दिखने में हाथी के पैर जैसा लगता है, इसलिए इसे एलिफेंट फुट याम भी कहा जाता है। जिमीकंद एक कंद के रूप में होता है और यह अपने आप ही उगता है, लेकिन इसके गुणों को देखते हुए पिछले कुछ सालों से इसकी खेती भी की जाने लगी है। ये कई प्रकार के होते हैं, जिनकी चर्चा हम नीचे करेंगे।

पढ़ते रहें

जिमीकंद क्या होता है यह जानने के बाद लेख के अगले भाग में हम जिमीकंद के प्रकार बता रहे हैं।

जिमीकंद के प्रकार – Types of Yam in Hindi

जिमीकंद क्या है, इसका जवाब देने के बाद आगे हम जिमीकंद के प्रकार के बारे में बता रहे हैं। वैसे, तो जिमीकंद के कई प्रकार के होते हैं। हम यहां कुछ सामान्य और बाजार में मिलने में वाले जिमीकंद के बारे में बता रहे हैं।

  • वाइल्ड याम इसे जंगली याम के नाम से भी जाना जाता है। यह दिखने में पतला होता है।
  • पर्पल याम यह बाहर से दिखने में अन्य जिमीकंद की तरह ही भूरा होता है। अंदर से इसका रंग पर्पल होता है। इसी में एक और प्रकार आता है, जो बाहर से दिखने में भी हल्का बैगनी रंग का होता है।
  • चाइनीज याम जिमीकंद का यह प्रकार भी काफी प्रचलित है। खाने में यह बहुत स्वादिष्ट होता है।
  • व्हाइट यामइसे सबसे आम जिमीकंद में से एक है। इसका रंग अंदर से सफेद होता है, जिस वजह से इसे व्हाइट याम कहा जाता है।
  • यल्लो याम यल्लो याम अंदर से पीले रंग का होता है, जो कैरोटीनॉयड की वजह से होता है। यह बाहर से व्हाइट याम जैसा ही दिखता है। यल्लो याम ठोस और हल्का उभरा हुआ होता है।

स्क्रॉल करें

जिमीकंद के प्रकार के बाद लेख के अगले भाग में हम सूरन के फायदे के बारे में बता रहे हैं।

जिमीकंद (सूरन) के फायदे – Benefits of Yam (Jimikand) in Hindi

जिमीकंद खाने के फायदे कई हो सकते हैं, जिनके बारे में नीचे पूरी जानकारी दी जा रही है। बस ध्यान दें कि जिमीकंद किसी गंभीर बीमारी का इलाज नहीं है, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने और शारीरिक समस्याओं से बचाव करने में मदद कर सकता है। गंभीर बीमारी होने पर डॉक्टर से संपर्क करके उपयुक्त इलाज करवाना चाहिए। इलाज के साथ डॉक्टर की सलाह पर जिमीकंद का सेवन किया जा सकता है।

1. डायबिटीज में सहायक

सूरन के फायदे डायबिटिक लोगों को भी हो सकते हैं। दरअसल, जिमीकंद में प्राकृतिक रूप से एलेंटॉइन (Allantoin) नामक केमिकल कंपाउंड पाया जाता है। एक वैज्ञानिक शोध में बताया गया है कि एलेंटॉइन में एंटी डायबिटिक प्रभाव होता है, जो मधुमेह से ग्रस्त लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है (1)

यह लिपिड प्रोफाइल को सुधारने के साथ ही ब्लड शुगर को नियंत्रित करके मधुमेह से बचाव में फायदेमंद हो सकता है (1)। इसके अलावा, जिमीकंद में फाइबर की भी अच्छी मात्रा होती है और यह लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स की श्रेणी में आता है। इस वजह से डायबिटीज के मरीज इसे अपने आहार में शामिल कर सकते हैं।

2. कैंसर से बचाव में सूरन खाने के फायदे

कैंसर से बचाव के लिए याम का उपयोग किया जा सकता है। एक शोध के मुताबिक, जिमीकंद में मौजूद एलेंटॉइन कंपाउंड कैंसर से बचाव में मददगार हो सकता है। इसके अलावा, जिमीकंद (ओल) में एल-अर्जिनिन (L-arginine) यौगिक होता है, जो प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर कैंसर की रोकथाम में अहम योगदान निभा सकता है (1)। ध्यान दें कि जिमीकंद कैंसर का इलाज नहीं है। यह गंभीर स्थिति है, जिसके इलाज के लिए डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

3. वजन कम करने के लिए

जिमीकंद का उपयोग वजन घटाने के लिए भी किया जा सकता है। एक अध्ययन के अनुसार, जिमीकंद में  एंटी-ओबेसिटी प्रभाव होता है। जिमीकंद में मौजूद फ्लेवोनॉयड कंपाउंड की वजह से इसमें यह एंटी-ओबेसिटी प्रभाव पाया जाता है, जो मोटापा व चर्बी कम करने में सहायक हो सकता है (2)

इसके अलावा, जिमीकंद में फाइबर और कार्बोहाइड्रेट की भरपूर मात्रा होती है। इस वजह से जिमीकंद को खाने के बाद लंबे समय तक भूख नहीं लगती है। साथ ही यह भूख को कम करके वजन घटाने में मददगार हो सकता है।

4. एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव

सूरन में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव भी होते हैं, जो शरीर को कई रोगों से बचाने में मदद कर सकते हैं। विशेषज्ञों द्वारा किए गए एक शोध में कहा गया है जिमीकंद एंटीऑक्सीडेंट रक्षा प्रणाली में वृद्धि करके और  इंफ्लेमेशन प्रक्रिया को कम कर कोलन कैंसर से बचाव कर सकता है (3)

5. रजोनिवृत्ति के लक्षणों से राहत

महिलाओं को अचानक गर्मी लगना, नींद न आना और अजीब सा व्यवहार करना रजोनिवृत्ति के लक्षण हो सकते हैं (4)। एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार ओल के अर्क (Yam Extract) के इस्तेमाल से रजोनिवृत्ति के लक्षण में कुछ हद तक राहत मिल सकती है (5)। इस अध्ययन में यह भी कहा गया है कि इस विषय को लेकर भविष्य में अधिक शोध किए जाने जरूरत है।

6. विटामिन-बी6

सूरन के फायदे में विटामिन-बी6 की कमी को पूरा करना भी शामिल हो सकता है। यह एक जरूरी पोषक तत्व है, जिसके सप्लीमेंट चिड़चिड़ेपन और चिंता जैसी समस्या को कम कर सकते हैं (6)। इसलिए, कहा जा सकता है कि शरीर में विटामिन- बी6 की पूर्ति के लिए अन्य खाद्य पदार्थों के साथ जिमीकंद का सेवन फायदेमंद हो सकता है (7)

 पढ़ना जारी रखें

7. खून की कमी

शरीर में आयरन और फोलेट की कमी एनीमिया (खून की कमी) का कारण बनती है (8) (9)। यहां जिमीकंद की अहम भूमिका देखी जा सकती है। जिमीकंद आयरन के साथ-साथ फोलेट से भी समृद्ध होता है और शरीर में इन दो खास पोषक तत्वों की पूर्ति इस खाद्य पदार्थ के सेवन से की जा सकती है (7)

8. मस्तिष्क के लिए

जिमीकंद के फायदे मस्तिष्क को भी हो सकते हैं। दरअसल, इसमें डाइओसजेनिन (Diosgenin) नामक फाइटोस्टेरॉइड होता है। एक वैज्ञानिक अध्ययन के मुताबिक, यह  अल्जाइमर रोग (याददाश्त कमजोर होना) में सुधार कर सकता है। शोध में कहा गया है कि सामान्य अवस्था में भी यह न्यूरोनल उत्तेजना (Neuronal excitation) और याददाश्त क्रिया को बढ़ावा दे सकता है (10)

9. पाचन के लिए

सूरन खाने के फायदे में पाचन भी शामिल है। एक शोध में कहा गया है कि जिमीकंद में फाइबर की भरपूर मात्रा होती है, जो पाचन संबंधी विकार से बचाव में मदद कर सकता है। इसमें मौजूद फाइबर पाचन को बेहतर करने के साथ ही मल को मुलायम बना सकता है, जिसकी मदद से कब्ज जैसी समस्या से भी निजात मिल सकता है (11)। साथ ही जिमीकंद डाइजेस्टिव एंजाइम्स को बढ़ाने और मेटाबॉल्जिम को बेहतर करने में मदद कर सकता है।

10. बेबी फूड के लिए अच्छा

जिमीकंद बेबीफूड का भी एक अच्छा विकल्प है। कहा जाता है कि बच्चे के छह महीने के होने के बाद जिमीकंद उसे खिलाया जा सकता है। इसे पाउडर फॉर्म में या पेस्ट की तरह बच्चे को खिलाया जा सकता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और अन्य माइक्रोन्यूट्रिएंट की वजह से बेबी फूड फॉर्मूलेशन में भी जिमीकंद के आटे का उपयोग किया जाता है (12)। बच्चे को इसका सेवन कराने से पहले एक बार डॉक्टरी परामर्श भी जरूर लें।

11. स्किन हेल्थ

सूरन के फायदे में त्वचा स्वास्थ्य भी शामिल है। दरअसल, जिमीकंद में विटामिन-ए और नियासिन (विटामिन-बी का एक रूप) होते हैं (8)। ये दोनों पोषक तत्व त्वचा को स्वस्थ रखने में सहायक माने जाते हैं (13)। इसी आधार पर कहा जा सकता है कि त्वचा को स्वस्थ बनाने में भी सूरन फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, यह सीधे तौर पर त्वचा के लिए कितना फायदेमंद होगा, इसे लेकर सटीक वैज्ञानिक शोध उपलब्ध नहीं है।

12. बालों के लिए जिमीकंद खाने के फायदे

जिमीकंद का सेवन बालों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि इसमें विटामिन-बी6 पाया जाता है (8)। एक अध्ययन के मुताबिक, विटामिन-बी6 के सेवन से बालों की स्थिति में सुधार हो सकता है। साथ ही यह एलोपेशिया ग्रस्त लोगों के बाल झड़ने की समस्या को भी कम कर सकता है (14)। फिलहाल, बालों पर जिमीकंद के सीधे प्रभाव जानने के लिए सटीक शोध की आवश्यकता है।

पढ़ना जारी रखें

जिमीकंद खाने के फायदे बताने के बाद आगे हम जिमीकंद के पौष्टिक तत्व के बारे में जानकारी दे रहे हैं।

जिमीकंद के पौष्टिक तत्व – Yam Nutritional Value in Hindi

अब आगे हम जिमीकंद के पौष्टिक तत्वों के बारे में बता रहे हैं। नीचे तालिका में सभी पौष्टिक तत्व की जानकारी मौजूद है (8)

पोषक तत्वमात्रा प्रति 100 ग्राम
जल69.6g
ऊर्जा118kcal
प्रोटीन1.53g
टोटल लिपिड (वसा)0.17g
कार्बोहाइड्रेट27.88g
फाइबर, कुल डाइटरी4.1g
शुगर, कुल0.5g
कैल्शियम17mg
आयरन0.54mg
मैग्नीशियम21mg
फास्फोरस55mg
पोटेशियम816mg
सोडियम9mg
जिंक0.24mg
विटामिन-सी17.1mg
थियामिन0.112mg
राइबोफ्लेविन0.032mg
नियासिन0.552mg
विटामिन बी-60.293mg
फोलेट, डीएफई23μg
विटामिन ए, आरएई7μg
विटामिन ए, आईयू138IU
विटामिन ई (अल्फा-टोकोफेरॉल)0.35mg
विटामिन के (फिलोक्विनोन)2.3μg
फैटी एसिड, टोटल सैचुरेटेड0.037g
फैटी एसिड, टोटल मोनोअनसैचुरेटेड0.006g
फैटी एसिड, टोटल पॉलीअनसैचुरेटेड0.076g

आगे है और जानकारी

पोषक तत्वों के बाद लेख के अगले भाग में जिमीकंद के उपयोग के बारे में जान लेते हैं।

जिमीकंद (सूरन) का उपयोग – How to Use Yam in Hindi

जिमीकंद का उपयोग कई तरीकों से हो सकता है। चलिए, अब कुछ आसान और स्वादिष्ट जिमीकंद बनाने के तरीके के बारे में नीचे पढ़ते हैं।

  • जिमीकंद की सब्जी बनाकर सेवन किया जा सकता है।
  • जिमीकंद को उबालने के बाद उसे कद्दूकस करके पकौड़े बनाकर खा सकते हैं।
  • जिमीकंद को चटनी के रूप में भी उपयोग कर सकते हैं।
  • जिमीकंद का अचार बनाकर भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

कब खाएं :

जिमीकंद को सुबह, दोपहर या रात में सब्जी और चटनी के रूप में खा सकते हैं। इसे टुकड़े में काटकर फ्राई करके क्रंची स्नैक्स के रूप में शाम को चाय के साथ भी खा सकते हैं।

खाने की मात्रा :

आधा चम्मच जिमीकंद का अचार खाने के साथ ले सकते हैं। इसके अलावा, सीमित मात्रा में जिमीकंद की सब्जी का सेवन किया जा सकता है। अगर इसका पाउडर को बतौर सप्लीमेंट ले रहे हैं, तो 50g को सुरक्षित बताया गया है (15)। वहीं, शिशुओं के फूड फॉर्मूलेशन में ऊर्जा के लिए 50 से 75 ग्राम तक जिमीकंद का पाउडर मिलाया जा सकता है। इसके अलावा, 12 से 23 वर्ष तक के लोग इसका सेवन 136 ग्राम तक कर सकते हैं (12)। हालांकि, इसके रोजाना सेवन की सटीक मात्रा स्पष्ट नहीं है।

बने रहें हमारे साथ

अब हम जिमीकंद के चयन और सुरक्षित रखने का तरीका बता रहे हैं।

जिमीकंद का चयन कैसे करें और लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रखें?

जिमीकंद हमेशा बेदाग ही खरीदें। वैसे यह भूरे रंग के होते हैं, इसलिए काले रंग के दाग दिखना मुश्किल हो जाता है। इसी वजह से जिमीकंद खरीदते वक्त ध्यान से उसे देख लें। यह ठोस भी होना चाहिए। इससे पता चलता है कि यह जल्दी खराब नहीं होने वाला है। इसे सुरक्षित रखने के लिए कोई खास जतन की जरूरत नहीं पड़ती है। बस ध्यान दें कि यह गिला न हो। इसे किसी सूखी और अंधेरे वाली जगह में रख दें, जहां सूरज की सीधी रोशनी न पड़े। यह करीब 10 दिन इस तरह सुरक्षित रह सकता है।
पढ़ते रहें

चलिए, आगे जानते हैं कि जिमीकंद कहां से खरीद सकते हैं। इसके बाद सूरन के नुकसान के बारे में बताएंगे।

जिमीकंद कहां से खरीदें?

जिमीकंद को सब्जी मंडी से खरीद सकते हैं। यह बाजार में सबसे ज्यादा सितंबर से नवंबर माह तक मिलता है। इसके अलावा, कई ऑनलाइन वेबसाइट से भी जिमीकंद को खरीदा जा सकता है।

अंत तक पढ़ें

लेख के इस भाग में हम सूरन के नुकसान के बारे में बता रहे हैं।

जिमीकंद के नुकसान – Side Effects of Yam (Jimikand) in Hindi

जिमीकंद के फायदे और नुकसान दोनों ही हो सकते हैं। एक ओर संयमित मात्रा में जिमीकंद खाने के फायदे होते हैं, तो दूसरी ओर अधिक मात्रा में खाने से जिमीकंद के नुकसान भी हो सकते हैं (16) (17)

  • जिमीकंद शरीर में एलर्जी का कारण भी बन सकता है।
  • अधिक मात्रा में इसके सेवन से उल्टी हो सकती है।
  • प्रेगनेंसी में इसका सेवन करना सुरक्षित है या नहीं यह स्पष्ट नहीं है। इसी वजह से इसे प्रेगनेंसी में खाने से बचना चाहिए।
  • जिमीकंद, एस्ट्रोजन (यौन विकास के लिए एक हार्मोन) की तरह कार्य कर सकता है। अगर एस्ट्रोजन से प्रभावित होने वाली कोई समस्या हो, तो इसका सेवन करने से बचें।
  • शरीर में रक्त के थक्के बना सकता है।
  • प्रोटीन की कमी वालों को इसके इस्तेमाल से बचने की सलाह दी जाती है।

इस लेख को पढ़ने के बाद आप यह समझ गए होंगे कि जिमीकंद जिसे अब तक आप सामान्य खाद्य पदार्थ समझ रहे थे, वह कितना सेहतमंद है। बस इसे स्वस्थ समझकर इसका अधिक सेवन न करें, अन्यथा जिमीकंद के नुकसान भी हो सकते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि जिमीकंद के फायदे और नुकसान पर आधारित यह लेख आपको जरूर पसंद आया होगा। आगे हम रिडर्स द्वारा अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब दे रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल:

क्या आप कच्चे याम खा सकते हैं? आप याम कैसे बना सकते हैं?

कच्चे जिमीकंद को खाया नहीं जाता है। याम को उबालकर, भूनकर या तलकर बनाया जा सकता है। इसके चिप्स भी बनाते हैं। इसके अलावा, डेसर्ट और चटनी बनाने के लिए भी जिमीकंद का इस्तेमाल होता है।

याम और शकरकंद में क्या अंतर है?

याम स्टार्चयुक्त होते हैं। शकरकंद की तुलना में थोड़े ड्राई भी होते हैं। जिमीकंद छूने में थोड़े खुरदरे भी होते हैं। शकरकंद का स्वाद मीठा होता है। यह खाने में नमी युक्त और छूने में कोमल लगते हैं।

याम कितने दिन तक चलते हैं?

ठीक से रखा जाए, तो कच्चे जिमीकंद को लगभग 5 से 10 दिन तक सुरक्षित रखा जा सकता है। शेल्फ लाइफ को बढ़ाने के लिए अंधेरे और सामान्य तापमान में रखा जाना चाहिए।

क्या याम फेटनिंग हैं?

सीमित मात्रा में इसका सेवन मोटापे की वजह नहीं बनता है। वहीं, हम ऊपर बता चुके हैं कि इसमें एंटी-ओबेसिटी प्रभाव होता है।

क्या जिमीकंद को फ्रीज किया जा सकता है?

नहीं, जिमीकंद को फ्रीज नहीं किया जा सकता है। ऐसा करने पर यह खराब होने लग जाता है।

क्या मैं हर दिन याम खा सकता हूं?

हां, अगर आपको पसंद हो, तो इसे संतुलित मात्रा में रोजाना खाया जा सकता है।

क्या जिमीकंद शकरकंद से ज्यादा मीठे होते हैं?

नहीं, याम स्वाद में सामान्य होते हैं। हां, शकरकंद मीठा होता है।

क्या पर्पल जिमीकंद की वजह से मोटापा बढ़ता सकता है?

संयमित मात्रा में सेवन करने पर पर्पल याम भी मोटापे का कारण नहीं बनते हैं।

क्या जिमीकंद सुपरफूड है?

हां, इसमें मौजूद पोषक तत्वों की वजह से इसे सुपरफूड भी कहा जा सकता है।

जिमीकंद और शकरकंद में से कौन-सा बेहतर है?

दोनों ही अपनी-अपनी जगह अच्छे हैं। दोनों के बीच तुलना करना भी ठीक नहीं है, क्योंकि दोनों का स्वाद और खाने का तरीका एक दूसरे से अलग है। जिमीकंद को अधिकतर सब्जी के रूप में खाया जाता है, जबकि शकरकंद को उबाल कर खाना लोग पसंद करते हैं।

कौन-सा जिमीकंद सबसे स्वास्थ्यप्रद है?

सभी जिमीकंद हेल्दी होते हैं। ऐसा कोई शोध उपलब्ध नहीं है, जो किसी एक जिमीकंद को सबसे पौष्टिक बताए।

क्या रात के समय जिमीकंद को खा सकते हैं?

हां, सूरन को रात के समय भी खाया जा सकता है।

जिमीकंद और शकरकंद में से कौन-सा हेल्दी है?

दोनों अपने पोषक तत्व और गुण की वजह से काफी पौष्टिक हैं। सेहत के लिए इनमें से कोई भी या दोनों को चुना जा सकता है।

कौन-सा जिमीकंद प्रजनन क्षमता बढ़ाने के लिए अच्छा है?

जिमीकंद फर्टिलिटी के लिए अच्छा होता है या नहीं, इस संबंध में कोई सटीक शोध उपलब्ध नहीं है। इसी वजह से यह कह पाना मुश्किल है कि कौन-सा जिमीकंद फर्टिलिटी के लिए बेहतर है।

जिमीकंद कैसा होता है?

हम ऊपर बता ही चुके हैं कि जिमीकंद हाथी के पैर जैसा दिखता है, जिस वजह से इसे एलिफेंट फुट याम कहा जाता है। खाने में भी यह स्वादिष्ट होता है। अब तो आप जान ही चुके हैं कि जिमीकंद कैसा होता है।

क्या प्रेगनेंसी में सूरन खाना चाहिए?

नहीं, प्रेगनेंसी में सूरन के सेवन से बचने की सलाह दी जाती है।

17 संदर्भ:

Stylecraze has strict sourcing guidelines and relies on peer-reviewed studies, academic research institutions, and medical associations. We avoid using tertiary references. You can learn more about how we ensure our content is accurate and current by reading our editorial policy.

और पढ़े:

Was this article helpful?
The following two tabs change content below.

vinita pangeni

विनिता पंगेनी ने एनएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में बीए ऑनर्स और एमए किया है। टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में काम करते हुए इन्हें करीब चार साल हो गए हैं। इन्हें उत्तराखंड के कई पॉलिटिकल लीडर और लोकल कलाकारों के इंटरव्यू लेना और लेखन का अनुभव है। विशेष कर इन्हें आम लोगों से जुड़ी रिपोर्ट्स करना और उस पर लेख लिखना पसंद है। इसके अलावा, इन्हें बाइक चलाना, नई जगह घूमना और नए लोगों से मिलकर उनके जीवन के अनुभव जानना अच्छा लगता है।

ताज़े आलेख

scorecardresearch