काली गाजर के फायदे, उपयोग और नुकसान – Benefits of Black Carrots in Hindi

Written by , (शिक्षा- एमए इन जर्नलिज्म मीडिया कम्युनिकेशन)

अधिकतर हम बाजार में लाल और नारंगी रंग के ही गाजर देखते हैं, लेकिन गाजर का एक और प्रकार होता है। जी हां, गाजर काली रंग की भी होती है। इसे काली गाजर कहा जाता है। काली गाजर भी लाल गाजर की तरह ही स्वाद में बेहतर होने के साथ ही सेहत के लिए फायदेमंद भी होती है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम बता रहे हैं काली गाजर के फायदे। यहां इसका उपयोग करने का तरीका और काली गाजर के नुकसान की भी जानकारी मौजूद है।

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सबसे पहले जानते हैं कि काली गाजर सेहत के लिए किस प्रकार से अच्छी है।

काली गाजर आपकी सेहत के लिए क्यों अच्छा है?

सेहत के लिए काली गाजर के फायदे कई सारे हैं। इसके पीछे की वजह है, इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व। गाजर से जुड़े एनसीबीआई के एक शोध में भी इस बात का जिक्र है। रिसर्च में साफतौर से बताया गया है कि काली गाजर विटामिन सी, फेनोलिक यौगिक, कैरोटीनॉयड के साथ ही कई प्रकार के फाइटोकेमिकल्स से भरपूर होती है (1)।

काली गाजर के औषधीय गुण कोलेस्ट्रॉल, कैंसर और कार्डियोवैस्कुलर (हृदय संबंधी) बीमारियों के जोखिम को कम कर सकते हैं। साथ ही ये रक्तचाप को नियंत्रित करने में भी अहम भूमिका निभा सकते हैं (1)। अच्छे स्वास्थ्य के लिए काली गाजर के फायदे और भी हैं, जिनके बारे में हम लेख में आगे विस्तार से बताया गया है।

नोट: काली गाजर किसी गंभीर बीमारी का इलाज नहीं है। यह कई बीमारियों के लक्षणों को कम कर सकता है। अगर कोई गंभीर रूप से बीमार है, तो डॉक्टर से इलाज जरूर करवाएं।

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आर्टिकल के इस हिस्से में हम काली गाजर के फायदों पर चर्चा करेंगे।

काली गाजर के फायदे – Benefits of Black Carrots in Hindi

काली गाजर के फायदे कई हैं, यह हम बार-बार कह रहे हैं। बस तो आगे हम हम स्वास्थ्य के लिए काली गाजर के फायदे क्रमवार रिसर्च के आधार पर बता रहे हैं।

1. वजन कम करने के लिए

मोटापे की समस्या को कम करने के लिए काली गाजर का सेवन कुछ हद तक फायदेमंद हो सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, काली गाजर में पाए जाने वाले पॉलीफेनॉल वजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। ये पॉलीफेनॉल शरीर के बॉडी मास को लगभग 6.7 प्रतिशत तक और फैट मास यानी वसा द्रव्यमान को 7.1 प्रतिशत तक कम कर सकते हैं (2)।

एक अन्य रिसर्च में यह भी सामने आया है कि काली गाजर में पाए जाने वाले एंथोसायनिन फ्लेवोनोइड में एंटी ओबेसिटी प्रभाव होता है, जो मोटापे की समस्या को कम कर सकता है (3)। हालांकि, वजन कम करने के लिए काली गाजर के सेवन के साथ ही रोजाना व्यायाम और संतुलित डाइट पर भी ध्यान देना जरूरी है।

2. हृदय को स्वस्थ रखे

हृदय संबंधी समस्या में काली गाजर के फायदे देखे गए हैं। एक रिसर्च के मुताबिक काली गाजर में मौजूद एंटीइंफ्लामेटरी प्रभाव और बायोएक्टिव कंपाउंड ब्लड कोलेस्ट्रॉल और ग्लूकोज के स्तर को कम कर सकते हैं। इस प्रकार रक्त में मौजूद कोलेस्ट्रॉल और ग्लूकोज के स्तर को कम करने से कार्डियोवैस्कुलर यानी हृदय तथा रक्त वाहिकाओं संबंधी बीमारियों को कम किया जा सकता है (1)। ध्यान रखें कि गंभीर हृदय रोग होने पर डॉक्टर के द्वारा बताए गए उपचार को ही प्राथमिकता दें।

3. गठिया की समस्या में

गठिया की समस्या में भी काली गाजर लाभदायक हो सकती है। एक रिसर्च के अनुसार, रूमेटाइड गठिया का एक कारण ऑक्सीडेटिव क्षति भी है। रिसर्च में इस बात की पुष्टि भी की गई है कि एंटीऑक्सीडेंट्स से ऑक्सीकरण की प्रक्रिया को रोका जा सकता है, जो ऑक्सीडेटिव क्षति का कारण बनते हैं। इस प्रकार एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव ऑक्सीडेटिव डैमेज को कम कर रूमेटाइड गठिया से बचाव कर सकता है (4)।

इसके अलावा, काली गाजर में एंथोसाइनिडिन्स नामक पॉलीफेनॉल भी होता है। यह पॉलीफेनॉल कोलेजन-प्रेरित गठिया और एंटीजन-प्रेरित गठिया की समस्या में मददगार साबित हो सकता है (5)। इसी वजह से गठिया की शिकायत होने पर काली गाजर या इसका जूस पीना फायदेमंद साबित हो सकता है।

4. कैंसर से बचाव

काली गाजर का उपयोग कैंसर से बचाव में मददगार हो सकता है। शोध के अनुसार, काली गाजर में पाया जाने वाला एंथोसायनिन विभिन्न प्रकार के कैंसर के जोखिम को कम कर सकता है। एंथोसायनिन कैंसर की कोशिकाओं की वृद्धि को लगभग 80 प्रतिशत तक रोकने में लाभदायक माना जाता है। एंथोसायनिन से कोलन (पेट), स्तन और प्रोस्टेट कैंसर की रोकथाम हो सकती है (1)।

नोट: कैंसर की समस्या होने पर काली गाजर का उपयोग इलाज के रूप में नहीं किया जा सकता है। कैंसर की बीमारी में डॉक्टर द्वारा बताया गया उपचार ही लाभदायक साबित हो सकता है।

5. मानसिक स्वास्थ्य के लिए

काली गाजर का सेवन न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक रूप से भी फायदेमंद हो सकता है। गाजर के कई प्रकार पर हुए एक रिसर्च के अनुसार, गाजर में थियामिन पोषक तत्व होता है, जिसे विटामिन बी 1 के रूप में भी जाना जाता है। थियामिन न सिर्फ नर्वस सिस्टम यानी तंत्रिका तंत्र के लिए, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक हो सकता है (6)। हालांकि, मानसिक स्वास्थ्य को लेकर काली गाजर के विषय में बहुत कम शोध किए गए हैं।

6. रक्तचाप की समस्या में

रक्तचाप को कम करने और उसे नियंत्रित करने के लिए भी काली गाजर महत्वपूर्ण हो सकती है। इस विषय पर चूहों पर किए गए एक रिसर्च के अनुसार, काली गाजर में एंथोसायनिन फ्लेवोनोइड पाया जाता है। यह फ्लेवोनोइड अन्य शारीरिक समस्या के साथ ही सिस्टोलिक रक्तचाप के जोखिम को कम करने में मददगार हो सकता है (7)। गौर हो कि सिस्टोलिक रक्तचाप को मापने वाली ऊपर की संख्या होती है।

7. कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण

बढ़ते हुए रक्तचाप को नियंत्रित करने के साथ ही कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में भी काली गाजर फायदेमंद हो सकती है। दअरसल, शोध के मुताबिक काली गाजर में एंथोसायनिन फ्लेवोनोइड होता है। यह खराब कोलेस्ट्रॉल को रोकने में मददगार साबित हो सकता है (4)। एक अन्य रिसर्च के अनुसार, काली गाजर में मौजूद बायोएक्टिव कंपाउंड से ब्लड कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम करने में सहायता मिल सकती है (1)।

8. आंखों को स्वस्थ रखे

आंखों के स्वास्थ्य के लिए भी काली गाजर का सेवन फायदेमंद हो सकता है। दअरसल, आंखों को स्वस्थ रखने के लिए भी गाजर में मौजूद एंथोसायनिन फ्लेवोनोइड की ही भूमिका है। रिसर्च के अनुसार, एंथोसायनिन से रात को दिखाई देने की परेशानी कम हो सकती है। साथ ही काली गाजर से रेटिना में होने वाले सूजन के दौरान फोटोरिसेप्टर सेल्स फंक्शन की हानि को रोक सकता है (3)।

काली गाजर से जुड़े रिसर्च में ग्लूकोमा (काला मोतिया) पर एंथोसायनिन कैप्सूल का सकारात्मक प्रभाव और विजुअल फंक्शन में सुधार देखा गया है। साथ ही काली गाजर विटामिन ए की कमी को भी दूर किया जा सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, वैश्विक स्तर पर लोगों में विटामिन ए की कमी की समस्या देखी जा सकती है, जो आंखों की कमजोर रोशनी का एक मुख्य कारण है (8)।

9. त्वचा के लिए

सेहत के साथ ही त्वचा के लिए भी काली गाजर का उपयोग लाभदायक हो सकता है। शोध में पाया गया है कि काली गाजर में विटामिन सी होता है। वहीं, विटामिन सी त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में मदद कर सकता है (1)। साथ ही विटामिन सी त्वचा को ग्लोइंग बनाने और शरीर में कोलेजन उत्पादन में सहायता करता है। कोलेजन एक प्रकार का प्रोटीन है, जो स्किन इलास्टिसिटी को बनाए रखने और झुर्रियों को रोकने के साथ ही उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा कर सकता है (6)।

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काली गाजर के फायदे जानने के बाद यहां हम इसके उपयोग के बारे में बता रहे हैं।

काली गाजर का उपयोग – How to Use Black Carrots in Hindi

काली गाजर का उपयोग स्वाद और सेहत के नजरिए को ध्यान में रखते हुए कई प्रकार से किया जा सकता है।

  • काली गाजर का सेवन सब्जी के रूप किया जा सकता है।
  • इसका उपयोग अचार के रूप में भी कर सकते हैं।
  • मुरब्बा बनाने में भी काली गाजर फायदेमंद हो सकती है।
  • इसे साफ करके कच्चा भी खाया जा सकता है।
  • काली गाजर को सुखाकर पाउडर बनाकर भी उपयोग में लिया जा सकता है।
  • इसे सलाद बनाने के लिए उपयोग में ले सकते हैं।
  • काली गाजर और खीरे का फेस पैक भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • कांजी यानी खट्टा पेय बनाने में भी काली गाजर उपयोगी होती है।
  • काली गाजर का जूस बनाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है।
  • काली गाजर से हलवा जैसे मीठे स्वादिष्ट व्यंजन भी बनाए जा सकते हैं।

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उपयोग के बाद यहां हम बता रहे हैं काली गाजर को कैसे सुरक्षित रख सकते हैं।

काली गाजर को लम्बे समय तक सुरक्षित कैसे रखें?

काली गाजर को सुरक्षित रखने के लिए नीचे दिए गए तरीकों को अपनाया जा सकता है।

  • कमरे के सामान्य तापमान पर काली गाजर को रख कर दो दिन तक उपयोग किया जा सकता है।
  • काली गाजर को सुरक्षित रखने के लिए इसे सीधे फ्रिज में रख दें।
  • इसे काटकर छोटे-छोटे टुकड़ों में भी फ्रिज में स्टोर कर सकते हैं।
  • रिसर्च के अनुसार, अधिक दिनों तक स्टोर की हुई काली गाजर के पौष्टिक तत्व में परिवर्तन हो सकता है (1)। ऐसे में एक हफ्ते से अधिक समय तक इसे स्टोर न करें।

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लेख के इस भाग में हम बता गाजर के नुकसान बता रहे हैं।

काली गाजर के नुकसान – Side Effects of Black Carrots in Hindi

काली गाजर के फायदे पाने के लिए इसका उपयोग पूरी जानकारी के साथ ही करना चाहिए। बिना जानकारी और सफाई के इसका उपयोग करने पर सेहत के लिए काली गाजर के नुकसान हो सकते हैं। हालांकि, काली गाजर के नुकसान को लेकर बहुत ही कम शोध मौजूद हैं।

  • मधुमेह की दवा लेने वालों को इसके उपयोग से बचना चाहिए, क्योंकि इसमें मौजूद एंथोसायनिन में एंटीडायबिटिक प्रभाव होता है, जो रक्त में मौजूद ग्लूकोज के स्तर को और कम कर सकता है (3)।
  • काली गाजर को सीधे तौर पर खाने से पहले साफ कर लेना चाहिए, नहीं तो इसके भंडारण के समय उपयोग किए गए हानिकारक केमिकल पेट में जाकर नुकसान पहुंचा सकते हैं।
  • इसका अधिक मात्रा में सेवन करने से पाचन से जुड़ी समस्या हो सकती है।
  • गाजर और इससे जुड़े उत्पादों से एलर्जी है, तो काली गाजर के सेवन से भी एलर्जी की आशंका हो सकती है।

हर सब्जी और फल को प्रकृति ने कई गुणों और पोषक तत्वों से नवाजा है। ऐसा ही कुछ काली गाजर के साथ भी है। यहां हमने काली गाजर के फायदे और इससे जुड़ी तमाम जानकारी विस्तार से दी है। यदि आप भी इसे अपनी डाइट में शामिल करना चाहते हैं, तो इसे अचार या सब्जी के रूप में उपयोग में ला सकते है। फायदे के साथ ही हमने काली गाजर के नुकसान भी बताए हैं। बस तो सावधानी से इसका सेवन करें और काली गाजर के फायदे उठाएं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या काली गाजर का सेवन सुरक्षित है?

हां, काली गाजर का सेवन सामान्य गाजर की तरह ही सुरक्षित और फायदेमंद है।

काली गाजर स्वाद में कैसी होती है?

काली गाजर स्वाद में सामान्य गाजर के जैसी ही होती है। सिर्फ इसका रंग गहरा होता है, जिसके कारण इसको काली गाजर कहते हैं।

क्या काली गाजर में आयरन की मात्रा पाई जाती है?

हां, काली गाजर में अन्य पोषक तत्वों के साथ ही आयरन की मात्रा भी होती है (9)।

काली गाजर में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं?

काली गाजर में विटामिन बी, विटामिन सी, कैल्शियम, पोटेशियम, आयरन, बीटा कैरोटीन और कैलोरी जैसे पोषक तत्व होते हैं (9)।

संदर्भ (Sources)

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  1. Phytochemicals in Daucus carota and Their Health Benefits—Review Article
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6770766/
  2. Plant-Based Diets in the Reduction of Body Fat: Physiological Effects and Biochemical Insights
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6893503/
  3. Anthocyanidins and anthocyanins: colored pigments as food pharmaceutical ingredients and the potential health benefits
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5613902/
  4. Phytochemical and antioxidative potential of orange, red, yellow, rainbow and black coloured tropical carrots (Daucus carota subsp. sativus Schubl. & Martens)
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6103943/
  5. Micronutrients: Essential Treatment for Inflammatory Arthritis?
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC8078476/
  6. A Review on different types of carrot and its chemical compositions.
    http://iosrphr.org/papers/vol10-issue5/E1005013239.pdf
  7. Characterization of black carrot (Daucus carota L.) polyphenols; role in health promotion and disease prevention: An overview
    https://www.researchgate.net/publication/345994606_Characterization_of_black_carrot_Daucus_carota_L_polyphenols_role_in_health_promotion_and_disease_prevention_An_overview
  8. Carrots of Many Colors Provide Basic Nutrition and Bioavailable Phytochemicals Acting as a Functional Food
    https://www.researchgate.net/publication/229551242_Carrots_of_Many_Colors_Provide_Basic_Nutrition_and_Bioavailable_Phytochemicals_Acting_as_a_Functional_Food
  9. Black and yellow carrot: Health booster
    http://researchjournal.co.in/upload/assignments/12_113-114-99999.pdf
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पुजा कुमारी ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। इन्होंने वर्ष 2015 में अपने... more

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