कान में दर्द के कारण और घरेलू उपचार – Earache (Ear Pain) Home Remedies in Hindi

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कान में होने वाला दर्द सामान्य से लेकर कई गंभीर कारणों की वजह से हो सकता है। अगर समय रहते कान के दर्द का उपचार नहीं किया गया, तो यह कई शारीरिक समस्याएं पैदा कर सकता है। कई बार कान का दर्द असहनीय हो जाता है और ऐसी स्थिति में अगर घर में दवा न हो, तो ज्यादा मुश्किल हो जाती है। इसलिए, व्यक्ति को कान में दर्द का घरेलू उपाय पता होना चाहिए, ताकि कान दर्द की स्थिति में कान दर्द का घरेलू उपचार किया जा सके। इसी बात को ध्यान में रखते हुए स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम कान दर्द का घरेलू उपचार बता रहे हैं। इसके अलावा, इससे जुड़ी कई अन्य जरूरी जानकारी को भी यहां साझा किया गया है।

लेख विस्तार से पढ़ें

आगे जानते हैं कान में दर्द के लक्षण क्या-क्या हो सकते हैं। 

कान में दर्द के लक्षण – Symptoms of Earache in Hindi

कान दर्द के लक्षण की बात की जाए, तो यह अपने आप में ही एक लक्षण है। हो सकता है, कान दर्द किसी अन्य बीमारी या कान के संक्रमण की ओर इशारा हो। वहीं, कान दर्द के साथ अन्य कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती है, जो कुछ इस प्रकार हैं (1) :

  • बुखार आना
  • चिड़चिड़ापन
  • कान में भारीपन महसूस होना
  • सिरदर्द
  • चक्कर आना
  • सुनने में परेशानी होना

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अब जानते हैं कान में दर्द के कारण क्या-क्या हो सकते हैं। 

कान में दर्द के कारण – Causes of Earache Hindi

कान का दर्द कई कारणों से हो सकता है। निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से जानिए कान में दर्द होने के कुछ सामान्य कारण (1)

  • जबड़े में गठिया
  • कान से जुड़ा संक्रमण
  • कान में चोट लगने से
  • कान के परदे में छेद होने पर
  • साइनस
  • गले में दर्द
  • दांत से जुड़ा रोग
  • कान में साबुन या शैम्पू चले जाने पर
  • कान में वैक्स जमने पर

कान दर्द के उपाय जानें

लेख में आगे हम कान दर्द के घरेलू उपचार की जानकारी देंगे। 

कान दर्द के घरेलू उपचार – 16 Effective Home Remedies for Ear Pain in Hindi

यहां हम कान में दर्द का घरेलू उपाय के बारे में जानकारी दे रहे हैं। वहीं, इस बात का ध्यान रखा जाए कि कान दर्द का घरेलू उपचार हल्के-फुल्के कान दर्द में उपयोगी हो सकता है। किसी को अगर असहनीय दर्द हो या इन उपायों के बाद भी दर्द में सुधार न हो, तो डॉक्टरी परामर्श लेना अनिवार्य है।

1. कान दर्द के लिए लहसुन

सामग्री :

  • दो से तीन लहसुन की कलियां
  • एक चौथाई कप जैतून का तेल
  • 10 बूंद नीलगिरी तेल
  • एक छोटी ड्रॉपर शीशी
  • रूई

उपयोग का तरीका :

  • लहसुन की कलियों को कुचलें।
  • फिर उन्हें जैतून और नीलगिरी तेल के साथ गर्म करें।
  • मिश्रण को ठंडा होने दें।
  • फिर इसे छानकर शीशी में भर लें।
  • फिर ड्रॉपर की मदद से एक या दो बूंद कान में डालें।
  • चाहें, तो रूई की मदद से भी इस मिश्रण को कान में लगाया जा सकता है।
  • हल्के कान दर्द की समस्या में इसका उपयोग दिनभर में दो बार करें।

कैसे फायदेमंद है :

लहसुन का उपयोग कान दर्द के लिए उपयोगी हो सकता है। दरअसल, एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक स्टडी में लहसुन युक्त ईयर ड्रॉप को कान के संक्रमण से होने वाले कान दर्द के लिए प्रभावकारी पाया गया है (2)। इसके अलावा, लहसुन के तेल का उपयोग भी कान दर्द के लिए लाभकारी हो सकता है। दरअसल, यह कान के संक्रमण (Otitis Media) के लिए उपयोगी पाया गया है (3)। वहीं, इस मिश्रण में नीलगिरी के तेल का उपयोग भी किया गया है, जो अपने दर्द निवारक और सूजन को कम करने के गुणों के लिए जाना जाता है (4)। अगर कान में वैक्स (गंदगी) जमा हो, तो जैतून का तेल इसे निकालने में लाभकारी हो सकता है (5)

2. कान दर्द के लिए तुलसी

सामग्री :

  • 10 से 15 तुलसी की पत्तियां
  • रूई

उपयोग का तरीका :

  • तुलसी की पत्तियां को अच्छे से धो लें।
  • अब इन्हें अच्छे से पीसकर या इन्हें निचोड़कर रस निकाल लें।
  • फिर रूई की मदद से इस रस को दर्द वाले कान में लगाएं।

कैसे फायदेमंद है :

तुलसी का उपयोग मिरिंजाइटिस (myringitis – कानों में सूजन) नामक कान की समस्या में लाभकारी हो सकता है। इसके अलावा, ऊपर हमने बताया कि गले में दर्द की वजह से भी कान दर्द की शिकायत हो सकती है। ऐसे में गले में दर्द के लिए तुलसी का काढ़ा भी पी सकते हैं, जिससे गले और कान के दर्द से आराम मिल सकता है (6)। वहीं, तुलसी के तेल की भाप कान के संक्रमण (otitis media) में लाभकारी हो सकती है। तुलसी का एंटीमाइक्रोबायल गुण बैक्टीरिया की वजह से होने वाले संक्रमण में उपयोगी हो सकता है (7)

3. गर्म सेंक

सामग्री :

  • हीटिंग पैड
  • आवश्यकतानुसार पानी

उपयोग का तरीका :

  • पानी गर्म करें।
  • फिर उसे हीटिंग पैड में डालें।
  • ध्यान रहे पानी उतना ही गर्म करें जितना त्वचा सह सके।
  • अब इससे दर्द प्रभावित कान के आस-पास सेंक लें।
  • चाहें, तो गर्म पानी में साफ कपड़ा भिगोकर भी सेंक सकते हैं।

कैसे फायदेमंद है :

कान दर्द में गर्म पानी से सेंक लाभकारी हो सकती है। कान के संक्रमण में भी कुछ देर की राहत के लिए यह एक उपयोगी तरीका हो सकता है (8)। इसके अलावा, नमक को गर्म करके और उसे सूती कपड़े में लपेटकर भी दर्द प्रभावित कान को बाहर से सेंका जा सकता है। इससे दर्द में थोड़ी राहत मिल सकती है।

4. कोल्ड पैड 

सामग्री :

  • कोल्ड पैड
  • कुछ बर्फ के टुकड़े

उपयोग का तरीका :

  • कोल्ड पैड में बर्फ के टुकड़े डाल दें।
  • फिर उसे बंद करके, उससे कान के आस-पास सेंक लें।
  • अगर कोल्ड पैड और बर्फ न हो, तो ठंडे पानी के बोतल से भी कान को सेंक सकते हैं।

कैसे फायदेमंद है :

कान के दर्द को कम करने के लिए ठंडा सेंक भी उपयोगी हो सकता है। चाहें, तो साफ कपड़े को ठंडे पानी में डुबोकर भी दर्द प्रभावित कान को बाहर से सेंक सकते हैं। ध्यान रहे कि पानी कान के अंदर न जाए। इससे दर्द से थोड़ी देर की राहत मिल सकती है (1)

5. कान दर्द के लिए जैतून का तेल

सामग्री :

  • जैतून का तेल (आवश्यकतानुसार)
  • रूई

उपयोग का तरीका :

  • जैतून के तेल को गर्म करें और ठंडा होने के लिए अलग रख दें।
  • अब रूई को तेल में भिगोकर कान के छेद पर रखें।
  • इससे तेल की कुछ बूंद कान में चली जाएगी।

कैसे फायदेमंद है :

जैतून का तेल कान दर्द का घरेलू उपचार के तौर पर उपयोग में लाया जा सकता है। दरअसल, इस विषय में किए गए शोध में, बच्चों के कान के संक्रमण के लिए हर्बल उपचार का सहारा लिया गया, जिसमें विटामिन ई युक्त ऑलिव ऑयल भी शामिल था। इसके उपयोग से बच्चों को कान दर्द से काफी आराम मिला (9)। इसके साथ ही गुनगुने जैतून तेल का उपयोग कान में जमे ईयर वैक्स को निकालने में भी उपयोगी हो सकता है (5)

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6. सरसों का तेल

सामग्री :

  • सरसों का तेल (आवश्यकतानुसार)
  • रूई

उपयोग का तरीका :

  • सरसों के तेल को गर्म कर लें और थोड़ी देर के लिए ठंडा होने दें।
  • रात में सोने से पहले 2 से 3 बूंदें सरसों तेल रूई पर डालें और रूई को कान के बाहरी हिस्से में रखें।

कैसे फायदेमंद है :

कान में दर्द के लिए सरसों तेल का उपयोग करना काफी पुराना चलन है। ऐसा माना जाता है कि सहने योग्य गर्म सरसों का तेल कान दर्द से निजात दिलाने का काम कर सकता है। इस बात की वैज्ञानिक पुष्टि के लिए अभी और शोध की आवश्यकता है (10)

7. नीलगिरी का तेल

सामग्री :

  • नीलगिरी का तेल (आवश्यकतानुसार)
  • रूई

उपयोग का तरीका :

  • नीलगिरी के तेल में रूई भिगोकर उसे दर्द प्रभावित कान के बाहरी क्षेत्र में रखें।

कैसे फायदेमंद है :

कान दर्द के लिए नीलगिरी तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है। नीलगिरी के तेल में दर्द निवारक गुण होते हैं, जो कान दर्द पर प्रभावी असर दिखा सकते हैं (4)। इसके अलावा, यह कान के संक्रमण में भी उपयोगी हो सकता है (11)। चाहें, तो रूई की जगह ड्रॉपर की मदद से भी नीलगिरी के तेल को कान में डाल सकते हैं।

8. कान दर्द में प्याज 

सामग्री :

  • एक आधा प्याज
  • एक साफ सूती का कपड़ा

उपयोग का तरीका :

  • सबसे पहले आधे प्याज को तवे पर थोड़ा गर्म कर ले।
  • फिर उसे सूती कपड़े में बांध लें।
  • अब इस कपड़े में बंधे प्याज से बच्चे के दर्द प्रभावित कान को सेकें।

कैसे फायदेमंद है :

एक अध्ययन से पता चलता है कि कई माता-पिता अपने बच्चे के कान दर्द के दौरान प्याज का उपयोग करते हैं। हालांकि, कुछ बच्चों में इसके उपयोग के बाद कान दर्द से राहत की बात सामने आई है। वहीं, यह कितना कारगर होगा, इससे जुड़े सटीक वैज्ञानिक प्रमाण का अभाव है (12)

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9. अरंडी का तेल

सामग्री :

  • अरंडी का तेल (आवश्यकतानुसार)
  • इयर ड्रॉपर या रूई

उपयोग का तरीका :

  • अरंडी के तेल को गुनगुना कर लें।
  • अब इयर ड्रॉपर से एक बूंद कान में डालें।
  • चाहें, तो रूई की मदद से भी इसे कान के छेद में रख सकते हैं।

कैसे फायदेमंद है :

अरंडी के तेल का उपयोग कान दर्द के लिए लाभकारी हो सकता है। दरअसल, यह एनाल्जेसिक (दर्द निवारक) और एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से समृद्ध होता है, जो कान दर्द को ठीक करने के साथ-साथ कान में किसी प्रकार की सूजन को कम करने में भी सहायक हो सकता है (13)। इसे बिल्कुल कम मात्रा में ही उपयोग करें और अगर किसी को एलर्जी की समस्या है, तो बेहतर है कि इसके उपयोग से पहले डॉक्टरी सलाह लें।

10. लैवेंडर का तेल

सामग्री :

  • लैवेंडर तेल की कुछ बूंदें
  • जैतून तेल की कुछ बूंदें

उपयोग का तरीका :

  • सबसे पहले जैतून के तेल को हल्का गर्म कर लें।
  • फिर इसमें लैवेंडर का तेल मिलाएं।
  • अब कॉटन बॉल की मदद से कान के द्वार और कान के आसपास तेल लगाएं।

कैसे फायदेमंद है :

लैवेंडर के तेल को कान दर्द का इलाज करने में उपयोग किया जा सकता है। इस खास तेल का इस्तेमाल प्राकृतिक चिकित्सा में किया जाता है और एक अध्ययन के अनुसार, लैंवेंडर तेल युक्त इयर ड्रॉप का उपयोग कान दर्द में लाभकारी पाया गया है (9)। जैतून तेल के साथ लैवेंडर तेल का मिश्रण प्रभावकारी हो सकता है।

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11. पुदीने का तेल

सामग्री :

  • एक मुट्ठी पुदीने के पत्ते
  • आधा कप जैतून का तेल
  • एक छोटी शीशी
  • रूई

उपयोग का तरीका :

  • पुदीना के पत्ते को कुचलें और जैतून के तेल में गर्म करें।
  • एक-दो मिनट के लिए तेल में डुबोकर रखें।
  • अब इसे छानकर एक शीशी में स्टोर कर लें।
  • फिर तेल में रूई को भिगोकर कान के द्वार में रखें।
  • चाहें, तो बाजार में मिलने वाले शुद्ध पुदीने के तेल का उपयोग भी कर सकते हैं।

कैसे फायदेमंद है :

पुदीने के तेल का उपयोग स्वास्थ्य के लिए कई मायनों में लाभकारी हो सकता है। ऐसे में कान दर्द का घरेलू उपचार करना हो, तो भी पुदीने का तेल उपयोगी हो सकता है। दरअसल, ओटाइटिस एक्सटर्ना (Otitis externa, कान के बाहरी ओर होने वाली सूजन) के लिए यह उपयोगी हो सकता है। यह बैक्टीरिया और फंगस के कारण होने वाला संक्रमण होता है। वहीं, पुदीने के तेल में मौजूद एंटीमायकोटिक (antimycotic activity) यानी एंटी फंगल गुण, फंगल संक्रमण की वजह से होने वाली ओटाइटिस एक्सटर्ना की समस्या के जोखिम को कम कर सकते हैं (14)। इसके साथ ही इसमें मौजूद दर्द निवारक गुण कान दर्द को कम करने में सहायक हो सकता है (15)

12. आम की पत्तियां

सामग्री :

  • आम की कुछ पत्तियां
  • रूई

उपयोग का तरीका :

  • आम की पत्तियों को पीसकर उसका रस निकाल लें।
  • अब रूई की मदद से इस रस को दर्द प्रभावित कान में लगाएं।

कैसे फायदेमंद है :

आम जितना स्वादिष्ट फल है, आम की पत्तियां भी उतनी ही उपयोगी है। दरअसल, आम की पत्तियों का अर्क कान की सूजन को कम करने में फायदेमंद पाया गया है (16)। दरअसल, कई बार कान में सूजन के कारण भी व्यक्ति को कान में दर्द की समस्या हो सकती है (17)। ऐसे में कान दर्द के इलाज के तौर पर यह एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

13. मां का दूध

सामग्री :

  • मां का दूध (आवश्यकतानुसार)
  • रूई

उपयोग का तरीका :

  • रूई की मदद से दूध की कुछ बूंदें कान के द्वार पर डालें।

कैसे फायदेमंद है:

अगर किसी शिशु के कान में दर्द हो या कान के संक्रमण से बचाना हो, तो ब्रेस्ट मिल्क एक उत्तम विकल्प हो सकता है। दरअसल, ब्रेस्ट मिल्क में एंटीबॉडी गुण पाया जाता है, जो संक्रमण को दूर करने काम कर सकता है (18)। कान से संक्रमण को दूर करने के लिए एंटीबॉडी एक प्रभावी विकल्प हो सकता है, लेकिन अभी इस पर और शोध की आवश्यकता है।

14. बादाम तेल

सामग्री :

  • बादाम तेल की कुछ बूंदे
  • रूई

उपयोग का तरीका :

  • बादाम तेल में रूई भिगोकर उसे कान के द्वार में रख दें।

कैसे फायदेमंद है :

बादाम तेल के फायदे स्वास्थ्य और त्वचा के साथ-साथ कान दर्द में भी देखने को मिल सकते हैं। जैसा कि हमने पहले ही जानकारी दी है कि कान में गंदगी (इयर वैक्स) जमने से भी कान दर्द हो सकता है। ऐसे में कान दर्द के घरेलू उपचार के तौर पर बादाम तेल का उपयोग वैक्स को नर्म बनाकर निकालने में सहायक हो सकता है (5)। जिससे दर्द से आराम मिल सकता है।

15. विटामिन-सी

कान दर्द की समस्या में विटामिन-सी युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन भी किया जा सकता है। दरअसल, विटामिन-सी में दर्द निवारक गुण पाए जाते हैं, जो कान के दर्द में प्रभावी असर दिखा सकते हैं (19)। इसके अलावा, चबाने से भी कान दर्द में कुछ हद तक राहत मिल सकती है (1)। ऐसे में विटामिन सी युक्त फल जैसे – संतरा या चकोतरे का सेवन किया जा सकता है।

16. हाइड्रोजन पेरोक्साइड

सामग्री :

  • डाइल्यूटेड हाइड्रोजन पेरोक्साइड
  • गुनगना पानी
  • इयर ड्रॉपर
  • दो-तीन इयरबड्स

उपयोग का तरीका :

  • सबसे पहले बराबर मात्रा में हाइड्रोजन पेरोक्साइड और गुनगुने पानी को मिलाएं।
  • अब डॉपर की मदद से इस मिश्रण की कुछ बूंदें कान में डालें।
  • कुछ मिनट के लिए मिश्रण को कान में रहने दें।
  • बाद में इयरबड्स से कान साफ कर लें।

कैसे फायदेमंद है :

जैसा कि हम पहले बता चुके हैं कि कान में जमा मैल (ear wax) कान दर्द का कारण बन सकता है (20)। कान में जमा मैल साफ करने के लिए हाइड्रोजन पेरोक्साइड एक प्रभावी विकल्प हो सकता है (21)। लेकिन, स्टाइलक्रेज सलाह देता है कि इस उपाय को करने से पहले एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर कर लें।

नोट : किसी भी तेल का उपयोग करते वक्त यह ध्यान रखें कि वह तेल शुद्ध हो और उसमें किसी तरह की मिलावट न हो।

अंत तक पढ़ें

अब जानते हैं कि कान दर्द में डॉक्टरी सलाह कब लेनी चाहिए। 

कान में दर्द के लिए डॉक्टर की सलाह कब लेनी चाहिए?

कान में दर्द का घरेलू उपाय कुछ हद तक ठीक हैं, लेकिन, कभी-कभी कान दर्द के लिए डॉक्टरी सलाह लेना भी आवश्यक हो जाता है। लेख के इस भाग में हम इसी बारे में जानकारी दे रहे हैं (1) :

  • अगर कान दर्द का घरेलू उपचार करने के बाद भी दर्द ठीक नहीं हो रहा है।
  • लगातार एक से दो दिनों तक दर्द हो रहा हो।
  • कान दर्द के साथ बुखार हो।
  • कान दर्द के साथ तेज सिरदर्द हो।
  • कान के आसपास सूजन।
  • गले और कान में दर्द एक साथ हो।
  • कमजोरी हो।
  • कान का दर्द तेज हो।

उपचार जानें

अब जानते हैं कि कान दर्द का उपचार कैसे किया जा सकता है। 

कान दर्द का उपचार – Medical treatment for Ear-Pain in Hindi

कान दर्द के उपचार कई तरीकों से किए जा सकते हैं। यह कान दर्द के कारण पर भी निर्भर करता है। यहां हम कुछ उपचारों के बारे में जानकारी दे रहे हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं :

  1. दर्द निवारक दवाइयां – कान में दर्द के लिए डॉक्टर दर्द निवारक दवाइयां दे सकता है। इसके अलावा, इयर ड्रॉप भी दे सकता है। यह कान दर्द से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं (8)
  1. एंटीबायोटिक दवाइयां – अगर किसी को कान में फुंसी या कान का संक्रमण है, तो डॉक्टर एंटीबायोटिक दवाइयां लेने की सलाह दे सकते हैं। इससे बैक्टीरियल संक्रमण ठीक होने में मदद मिल सकती है। कान के संक्रमण की गंभीरता के अनुसार डॉक्टर इसके डोज का निर्णय ले सकते हैं (8)
  1. ईयर वैक्स की सफाई जैसा कि पहले ही बताया जा चुका है कि ईयर वैक्स के कारण भी कान में दर्द हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर ईयर वैक्स की सफाई कर सकते हैं।
  1. कान दर्द के अन्य कारणों के अनुसार उपचार – जैसा कि हमने पहले ही बताया है कि कई बार कान दर्द किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या के कारण भी हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर कान दर्द का कारण के अनुसार इलाज प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकते हैं।
  1. सर्जरी – डॉक्टर यह विकल्प दुर्लभ मामलों में चुनते हैं। अगर दवा लेने के बाद भी कान का संक्रमण (कान दर्द का एक कारण) ठीक नहीं हो रहा है, तो संक्रमण की गंभीरता के अनुसार डॉक्टर कान की सर्जरी कर सकते हैं (17)

बचाव भी है

अब जानते हैं कि कान दर्द से बचाव कैसे किया जा सकता है। 

कान दर्द से बचाव – Preventing Ear-Pain

हम यहां कान दर्द से बचाव के लिए कुछ टिप्स साझा कर रहे हैं – (1)

  • बच्चे के आस-पास धूम्रपान न करें।
  • कान में किसी प्रकार की नुकीली चीज न डालें। ऐसा करने से कान का पर्दा प्रभावित हो सकता है।
  • नहाने और तैराकी के बाद अपने कान को अच्छे से साफ करें।
  • ऐसी चीजों का सेवन या उपयोग न करें, जिससे एलर्जी का जोखिम हो।

दोस्तों, कान दर्द को नजरअंदाज न करें। इसके बढ़ने से पहले इसका उपचार करना एक सही निर्णय है। इस लेख में आपको कान दर्द के घरेलू उपचार बताए गए हैं, जिन्हें हल्के-फुल्के कान दर्द के लिए प्रयोग में लाया जा सकता है। वहीं, कान में दर्द का घरेलू उपाय करने के बाद भी कान का दर्द कम नहीं हो रहा है, तो ऐसी स्थिति में आप डॉक्टर से जरूर संपर्क करें। उम्मीद करते हैं कि यह लेख आपके लिए मददगार साबित होगा। आप चाहें, तो इसे अन्य लोगों के साथ भी साझा कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल :

कैसे पता चलेगा कि कान का दर्द गंभीर है?

अगर कान का दर्द लगातार हो या तेज हो। इसके अलावा, कान में दर्द का घरेलू उपाय करने से भी वो ठीक न हो रहा हो, तो समझ जाएं कि कान का दर्द गंभीर है।

कान दर्द रात में तीव्र क्यों हो जाता है?

अगर कान में संक्रमण हो, तो कान दर्द किसी भी वक्त तीव्र हो सकता है। वहीं, रात को सोते वक्त अगर कान दर्द ज्यादा हो, तो इसका कारण सोते वक्त कान में दवाब पड़ना हो सकता है।

कान दर्द किस समस्या का संकेत है?

कान दर्द कान में संक्रमण का संकेत हो सकता है।

कान के दर्द को तुरंत कैसे दूर कर सकते हैं?

कान दर्द को दूर करने के लिए आप लेख में बताए गए कान दर्द का घरेलू उपचार आजमा सकते हैं।

क्या अदरक के सेवन से कान दर्द ठीक हो सकता है?

अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी और दर्द निवारक गुण होते हैं, जो दर्द से आराम पहुंचा सकता है (22)। हालांकि, कान दर्द में अदरक का उपयोग कितना प्रभावकारी हो सकता है, इसे लेकर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

क्या अजवाइन का तेल कान दर्द में उपयोगी हो सकता है?

कान दर्द में अजवाइन के तेल का उपयोग लाभकारी हो सकता है या नहीं, यह बता पाना मुश्किल है, क्योंकि इससे संबंधित वैज्ञानिक स्टडी की कमी है। हालांकि, अजवाइन के तेल में एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं (23)। इस कारण हो सकता है कि यह कान के संक्रमण पर असरदार हो। बेहतर है कि इसके उपयोग से पहले डॉक्टरी सलाह ली जाए।

कान दर्द के दौरान कैसे सोना चाहिए?

कान दर्द के दौरान सीधा सोएं। हो सके, तो पीठ और कमर के पीछे तकिया रख लें ताकि सहारे के साथ सोने में आराम मिले। जिस कान में दर्द है, उधर करवट लेकर बिल्कुल न सोएं।

क्या कान का संक्रमण अपने आप ठीक हो सकता है?

संक्रमण हल्का हो या गंभीर, इसका उपचार जरूरी है। वहीं, संक्रमण की गंभीरता के अनुसार दवाइयों के डोज और दवा लेने की अवधि में बदलाव हो सकता है।

क्या संक्रमण के बिना कान का दर्द हो सकता है?

हां, अगर कान में पानी चला जाए या कान में गंदगी हो, तो कान दर्द हो सकता है (1)

कान में फुंसी का इलाज कैसे हो सकता है?

कान में फुंसी का इलाज उसकी गंभीरता पर निर्भर करता है। सामान्य तौर पर ऑइन्टमेंट से कान में फुंसी का इलाज किया जा सकता है। हालांकि, अगर समस्या गंभीर है, तो कान में फुंसी के इलाज के लिए डॉक्टरी परामर्श लें।

23 संदर्भ (Sources) :

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Arpita Biswas

अर्पिता ने पटना विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में स्नातक किया है। इन्होंने 2014 से अपने लेखन करियर की शुरुआत की थी। इनके अभी तक 1000 से भी ज्यादा आर्टिकल पब्लिश हो चुके हैं। अर्पिता को विभिन्न विषयों पर लिखना पसंद है, लेकिन उनकी विशेष रूचि हेल्थ और घरेलू उपचारों पर लिखना है। उन्हें अपने काम के साथ एक्सपेरिमेंट करना और मल्टी-टास्किंग काम करना पसंद है। इन्हें लेखन के अलावा डांसिंग का भी शौक है। इन्हें खाली समय में मूवी व कार्टून देखना और गाने सुनना पसंद है।

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